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                <title>protesters - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                            <item>
                <title>लोगों ने ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक के साथ की मारपीट ; सिर, गर्दन और शरीर पर वार अंडे और जूते भी फेंके, शर्ट भी फाड़ी</title>
                                    <description><![CDATA[सोनारपुर में चुनाव बाद हुई हिंसा के पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी पर प्रदर्शनकारियों ने हमला कर दिया। मोटरसाइकिल से जा रहे बनर्जी के साथ धक्का-मुक्की की गई, शर्ट फाड़ी गई और 'गो बैक' के नारे लगे। हेलमेट पहनने के कारण उनका बचाव हुआ। उन्होंने पुलिस प्रशासन पर सुरक्षा में लापरवाही का आरोप लगाया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/people-beat-up-mamata-banerjees-nephew-abhishek-hit-him-on/article-155524"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/abhishek.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में शनिवार दोपहर चुनाव बाद हुई हिंसा में मारे गए एक पार्टी कार्यकर्ता के परिवार से मिलने जा रहे तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी पर प्रदर्शनकारियों ने हमला कर दिया। रास्ते में हो रहे प्रदर्शनों के बीच चार पहिया वाहन के बजाय मोटरसाइकिल की सवारी चुनने वाले बनर्जी पर हमला तब हुआ, जब वह तृणमूल कार्यकर्ता संजू कर्माकर के आवास के पास पहुंचे जिनकी विधानसभा चुनाव के बाद हिंसा में मौत हो गई थी।  पार्टी नेताओं के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने बनर्जी के साथ मारपीट की और उनके सिर, गर्दन व शरीर पर वार किए। इस हाथापाई के दौरान उन पर अंडे और जूते भी फेंके गए, जबकि उनकी शर्ट फाड़ दी। इस अराजकता के बीच बनर्जी को अपनी सुरक्षा के लिए क्रिकेट हेलमेट पहने देखा गया। हमले के बावजूद वह पीड़ित के आवास की ओर बढ़ते रहे। जब वह इलाके से गुजर रहे थे, तो प्रदर्शनकारियों ने ‘चोर, चोर’ और ‘गो बैक’ के नारे लगाए। </p>
<p>प्रशासन ने सुरक्षा में लापरवाही बरती। मेरा सिर इसलिए बच गया, क्योंकि मैंने हेलमेट पहन रखा था। मेरा चश्मा टूट गया है। मैं भले ही यहां से चला जाऊं, लेकिन मेरे जाने के बाद ये उपद्रवी संजू कर्माकर के बुजुर्ग माता-पिता को निशाना बना सकते हैं। पीड़ित परिवार को डराने-धमकाने के प्रयास किए जा रहे हैं और दावा किया कि तनावपूर्ण स्थिति के बावजूद वहां कोई पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था।</p>
<p><strong>आने से पहले ही तैयार खड़े थे लोग</strong></p>
<p>बनर्जी के आने से पहले ही प्रदर्शनकारियों के समूह काले झंडे और अंडे लेकर सोनारपुर में विभिन्न स्थानों पर एकत्र हो गए थे। जैसे ही बनर्जी ने मोटरसाइकिल से इलाके में प्रवेश किया, कई लोगों ने उनका पीछा किया और उनके साथ धक्का-मुक्की की। हमले के बावजूद बनर्जी संजू कर्माकर के आवास पर पहुंचे और शोक संतप्त परिवार से मुलाकात की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 31 May 2026 09:29:37 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>ईरान का कत्लेआम पर इकरारनामा, प्रदर्शनों में 2000 लोगों की मौत, सरकार ने ​की पुष्टि</title>
                                    <description><![CDATA[ ईरान में जारी सरकार-विरोधी प्रदर्शनों को लेकर चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। एक ईरानी अधिकारी ने बताया कि बीते दो हफ्तों में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान करीब 2,000 लोगों की मौत हो चुकी है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/government-confirms-2000-deaths-in-protests-against-irans-massacre/article-139497"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/iran.png" alt=""></a><br /><p>ईरान। ईरान में जारी सरकार-विरोधी प्रदर्शनों को लेकर चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। एक ईरानी अधिकारी ने बताया कि बीते दो हफ्तों में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान करीब 2,000 लोगों की मौत हो चुकी है। रॉयटर्स से बातचीत में अधिकारी ने दावा किया कि इन मौतों के पीछे “आतंकवादी तत्व” जिम्मेदार हैं, जिन्होंने हालात को हिंसक बना दिया। मरने वालों में प्रदर्शनकारी और सुरक्षा बलों के जवान दोनों शामिल हैं। यह पहली बार है जब ईरानी अधिकारियों ने इतने बड़े पैमाने पर मौतों को सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि मृतकों में कितने आम नागरिक थे और कितने सुरक्षाकर्मी। आर्थिक बदहाली, महंगाई और बेरोजगारी से त्रस्त जनता के विरोध ने बीते तीन वर्षों में सरकार के सामने सबसे बड़ी आंतरिक चुनौती खड़ी कर दी है।</p>
<p>ईरान की धार्मिक सत्ता ने एक तरफ आर्थिक मुद्दों पर विरोध को जायज बताया है, वहीं दूसरी ओर सख्त सुरक्षा कार्रवाई भी की जा रही है। सरकार ने अमेरिका और इजरायल पर अशांति भड़काने के आरोप लगाए हैं। मानवाधिकार संगठनों के अनुसार सैकड़ों लोगों की मौत पहले ही हो चुकी थी और हजारों गिरफ्तार किए गए हैं।</p>
<p>इंटरनेट बंदी और संचार प्रतिबंधों के चलते सही जानकारी सामने आने में मुश्किलें आ रही हैं। बावजूद इसके, रात के समय हुई झड़पों के वीडियो सामने आए हैं, जिनमें गोलीबारी, आगजनी और हिंसक टकराव साफ दिखाई दे रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 13 Jan 2026 18:50:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>क्या फिर जलने वाला है बांग्लादेश ? हसीना के बाद अब यूनुस के खिलाफ सड़कों पर छात्र</title>
                                    <description><![CDATA[बांग्लादेश में स्कूलों से संगीत और पीटी शिक्षकों की नियुक्ति रद्द होने के खिलाफ छात्रों और शिक्षकों ने आंदोलन छेड़ दिया है। ढाका विश्वविद्यालय समेत कई कैंपस विरोध प्रदर्शनों से गूंज उठे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यूनुस सरकार इस्लामिक समूहों के दबाव में झुक गई है और संस्कृति बचाने की लड़ाई जारी है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/is-bangladesh-going-to-burn-again-after-hasina-now-students/article-132138"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/111-(15).png" alt=""></a><br /><p>ढाका: बांग्लादेश में एक नीतिगत बदलाव अब एक सांस्कृतिक आंदोलन में बदल गया है। बांग्लादेश की प्रमुख यूनिवर्सिटीज में छात्र और शिक्षक सड़कों पर उतर आए हैं। इस बार बेहतर वेतन या राजनीतिक सुधार की मांग के लिए नहीं बल्कि उससे कहीं अधिक बुनियादी चीज के लिए संस्कृति को बचाने के अधिकार के लिए।</p>
<p>शेख हसीना की सरकार के पतन के बाद इस साल की शुरूआत में सत्ता में आई मोहम्मद यूनुस सरकार ने प्राइमरी स्कूलों में संगीत और शारीरिक शिक्षा (पीटी) के शिक्षकों की नियुक्ति की योजना रद्द कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि यह फैसला प्रशासनिक दिक्कतों और बजट की कमी के आधार पर लिया गया है।</p>
<p>लेकिन प्रदर्शनकारियों का कहना है कि असली कारण कहीं और है- सरकार का उन इस्लामिक समूहों के दबाव के आगे झुक जाना जिन्होंने इन विषयों को गैर-इस्लामिक करार दिया है। ढाका विश्वविद्यालय, जो बांग्लादेश के छात्र आंदोलनों का प्रतीक केंद्र है, में सैकड़ों छात्र अपराजेय बंगला प्रतिमा के नीचे राष्ट्रीय गान और 1971 के मुक्ति संग्राम के गीत गाते हुए जमा हुए। उन्होंने बैनर ले रखा था जिनमें से एक पर लिखा था- आप स्कूलों में संगीत को रोक सकते हैं, लेकिन बांग्लादेशियों के दिलों से उसे नहीं निकाल सकते।</p>
<p><strong>स्कूलों में संगीत और पीटी टीचर्स की नियुक्ति </strong></p>
<p>म्यूजिक बैन को लेकर बांग्लादेश में चटगांव से लेकर राजशाही तक, जगन्नाथ से ढाका तक, यूनिवर्सिटीज के कैंपस विरोधी नारों और गीतों से गूंज उठे। आर्ट्स और ह्यूमेनिटीज के छात्रों के नेतृत्व में यह आंदोलन अब पूरे देश में फैल चुका है। उनकी मांग है कि स्कूलों में संगीत और पीटी टीचर्स की नियुक्ति बहाल की जाए। ढाका विश्वविद्यालय के थिएटर प्रोफेसर इसराफिल शाहीन ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा, संस्कृति कभी धर्म के खिलाफ नहीं होती। यही संस्कृति हमारी राष्ट्रीय पहचान बनाती है। इसके बिना शिक्षा खोखली हो जाती है। लेकिन सरकार अभी तक इन विरोध-प्रदर्शनों के आगे झुकी नहीं है। हिफाजत-ए-इस्लाम और इस्लामी आंदोलन बांग्लादेश जैसे समूह, जिन्होंने यूनुस की अंतरिम सरकार को सत्ता मजबूत करने में समर्थन दिया था म्यूजिक और पीटी टीचर्स की जगह धार्मिक शिक्षकों की नियुक्ति की मांग कर रहे हैं।</p>
<p><strong>इस्लामिक कट्टरपंथियों के आगे झुक गई है यूनुस सरकार?</strong></p>
<p>आलोचकों का कहना है कि यह फैसला सरकार के उसी कट्टरपंथी दबाव के आगे झुकने का संकेत है, जिसका विरोध करने का उसने वादा किया था। सिंगर और एक्टिविस्ट शायन ने जगन्नाथ यूनिवर्सिटी में एक छात्र रैली में कहा, यह बजट या व्यवस्था का मुद्दा नहीं है। यह पहचान का सवाल है- हम कौन हैं, बांग्लादेशी होने का क्या मतलब है। धर्म और संस्कृति को आमने-सामने लाने की खतरनाक कोशिश की जा रही है, और हमें इसके झांसे में नहीं आना चाहिए। संगीत के साथ सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वो सिर्फ शिक्षकों के लिए नहीं, बल्कि बांग्लादेश की आत्मा के लिए लड़ रहे हैं। एक छात्र ने कहा, संस्कृति कभी धर्म के खिलाफ नहीं होती, लेकिन संस्कृति के बिना कोई राष्ट्र अपनी पहचान खो देता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 12 Nov 2025 12:14:06 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>ट्रम्प के विरोध में सड़कों पर उतरे हजारों प्रदर्शनकारी, ट्रंप के कई फैसलों को गलत बताया</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के खिलाफ इस महीने विरोध प्रदर्शन करने के लिए हजारों प्रदर्शनकारियों ने पूरे देश में सड़कों पर उतरकर उनके हालिया कार्यों की निंदा की और उन्हें अमेरिका के मौलिक लोकतांत्रिक सिद्धांतों के लिए खतरा बताया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/thousands-of-protesters-who-took-to-the-streets-to-protest/article-111498"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/news-(3)20.png" alt=""></a><br /><p>वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के खिलाफ इस महीने विरोध प्रदर्शन करने के लिए हजारों प्रदर्शनकारियों ने पूरे देश में सड़कों पर उतरकर उनके हालिया कार्यों की निंदा की और उन्हें अमेरिका के मौलिक लोकतांत्रिक सिद्धांतों के लिए खतरा बताया।  बीबीसी के अनुसार, 50501 के नाम से मशहूर ये प्रदर्शन 50 विरोध, 50 राज्य, 1 आंदोलन के लिए हुए, जो अमेरिकी क्रांतिकारी युद्ध की शुरुआत की 250वीं वर्षगांठ के मौके पर हुए। न्यूयॉर्क से लेकर सैन फ्रांसिस्को, वाशिंगटन, शिकागो, रोड आइलैंड, मैरीलैंड, विस्कॉन्सिन, टेनेसी, साउथ कैरोलिना, मैनहट्टन, बोस्टन आदि जैसे कई अन्य क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर राष्ट्रपति के विरोध में प्रदर्शन हुए।</p>
<p><strong>ट्रंप के कई फैसलों को गलत बताया</strong><br />शनिवार के विरोध प्रदर्शनों में ट्रम्प की कई कार्रवाइयों को संबोधित किया गया, जिनमें सरकारी दक्षता विभाग, अमेरिकी सरकारी नौकरियों और अन्य खर्चों में कटौती करने की पहल और अल साल्वाडोर के नागरिक एब्रेगो गार्सिया की वापसी के लिए प्रशासन की अनिच्छा शामिल है। गौरतलब है कि कुछ प्रदर्शन अमेरिकी क्रांतिकारी युद्ध की भावना से प्रेरित थे, जिसमें नो किंग्स का आह्वान किया गया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 21 Apr 2025 12:57:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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                <title>फ्रांस में हिंसा के दौरान प्रदर्शनकारियों ने एक हजार कारों को जलाया, हिरासत में 400 लोग </title>
                                    <description><![CDATA[फ्रांस में नए साल की रात हिंसा और उपद्रव के दौरान लगभग एक हजार कारों को जला दिया गया और करीब 400 लोगों को हिरासत में लिया गया है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/during-violence-in-france-protesters-burnt-one-thousand-cars-400/article-99381"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-01/5554-(2)1.png" alt=""></a><br /><p>पेरिस। फ्रांस में नए साल की रात हिंसा और उपद्रव के दौरान लगभग एक हजार कारों को जला दिया गया और करीब 400 लोगों को हिरासत में लिया गया है। यह घटना न्यू ईयर सेलिब्रेशन के दौरान हुई जब कुछ इलाकों में प्रदर्शनकारियों ने सार्वजनिक संपत्तियों को निशाना बनाया। उन्होंने बताया कि रात को कुल 984 वाहनों को आग लगा दी गई, जिसमें 420 लोगों को पकड़ा गया और 310 लोगों को हिरासत में लिया गया।<br />फ्रांस के गृह मंत्री ब्रूनो रिटेलेउ ने कहा कि शहर में आतिशबाजी शुरू करने से जुड़ी कई घटनाएं हुईं। इसमें एक अन्य व्यक्ति को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया। पेरिस पुलिस ने कहा कि वह छुट्टियों के दौरान पेरिस महानगरीय क्षेत्र में लगभग दस हजार अधिकारियों को तैनात करेगी। इस अवधि के दौरान फ्रांस में कुल एक लाख पुलिस कर्मी तैनात हैं। </p>
<p>फ़्रांस में कई समुदायों ने 31 दिसंबर को किशोर-किशोरियों के लिए रात 10 बजे तक कफ्र्यू लगा दिया था। कई जिलों में पटाखों और परिवहन कंटेनरों में ईंधन की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसी बीच रिटेलेउ ने 'प्रीफेक्ट' और सुरक्षा अधिकारियों से देश पर बढ़ते आतंकवादी खतरे के उच्च स्तर' के साथ-साथ बढ़ते अंतरराष्ट्रीय तनाव के कारण साल के अंत के समारोहों के दौरान अत्यधिक सतर्क रहने का आग्रह किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Jan 2025 13:29:05 +0530</pubDate>
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                <title>मैनचेस्टर के चीनी वाणिज्य दूतावास में प्रदर्शनकारियों की पिटाई</title>
                                    <description><![CDATA[वाणिज्य दूतावास के एक प्रवक्ता ने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने चीन के राष्ट्रपति की आपत्तिजनक तस्वीर प्रदर्शित की थी। घटना के बाद बॉब नामक प्रदर्शनकारी ने बताया कि चीन के लोग वाणिज्य दूतावास से बाहर आए थे और उनके पोस्टरों को नष्ट कर दिया और जब हमने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो वे मुझे अंदर खींच कर ले गए और मुझे पीटा। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/protesters-beating-up-at-the-chinese-consulate-in-manchester/article-26910"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-10/download.jpg" alt=""></a><br /><p>लंदन। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की अपमानजनक तस्वीर का कथित रूप से प्रदर्शन करने के आरोप में हांगकांग के एक लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनकारी को मैनचेस्टर के चीनी वाणिज्य दूतावास में बेरहमी से पीटा गया। ब्रिटेन के विदेश मंत्रालय ने इस घटना पर तत्काल स्पष्टीकरण की मांग की है। ग्रेटर मैनचेस्टर पुलिस ने इसकी जांच शुरू कर दी है।</p>
<p>वाणिज्य दूतावास के एक प्रवक्ता ने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने चीन के राष्ट्रपति की आपत्तिजनक तस्वीर प्रदर्शित की थी। घटना के बाद बॉब नामक प्रदर्शनकारी ने बताया कि चीन के लोग वाणिज्य दूतावास से बाहर आए थे और उनके पोस्टरों को नष्ट कर दिया और जब हमने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो वे मुझे अंदर खींच कर ले गए और मुझे पीटा। वाणिज्य दूतावास के कर्मचारियों ने प्रदर्शनकारियों को सड़क के विपरीत दिशा में जाने के लिए कहा था।</p>
<p>प्रदर्शन के दौरान दो पुलिस अधिकारी मौजूद थे, लेकिन विवाद शुरू होने के कुछ ही मिनटों बाद कई और पुलिसकर्मी वहां आ गए। वे परिसर के द्वार पर जमा हुए और प्रदर्शन को खत्म करने और प्रदर्शनकारियों को वापस भेजने की कोशिश की। एक पुलिस अधिकारी वाणिज्य दूतावास के अंदर गया और उस व्यक्ति को बाहर निकाला जिसे अंदर खींच लिया गया था।</p>
<p>वाणिज्य दूतावास ब्रिटेन में है लेकिन उसकी मर्जी के बिना कोई प्रवेश नहीं कर सकता है। राजनयिक परिसर में किया गया कोई भी अपराध ब्रिटिश कानून के अधीन है, लेकिन कर्मचारियों को डिप्लोमैटिक इम्यूनिटी मिलती है। कंजर्वेटिव पार्टी के पूर्व नेता इयान डंकन स्मिथ ने ट्विटर पर कहा कि ब्रिटेन सरकार को चीनी राजदूत से माफी मांगनी चाहिए और इसमें शामिल लोगों को चीन वापस भेज देना चाहिए। बीजिंग में कम्युनिस्ट पार्टी कांग्रेस की शुरूआत होते ही प्रदर्शनकारी प्रदर्शन करने लगे थे।</p>
<p>चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि उन्होंने हांगकांग में स्थिति को अराजकता से शासन की तरफ लाने का काम किया है। वाणिज्य दूतावास के एक प्रवक्ता ने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने मुख्य द्वार पर चीनी राष्ट्रपति की अपमानजनक तस्वीर लगा दी थी। यह किसी भी देश के किसी भी राजनयिक और कांसुलर मिशन के लिए असहनीय और अस्वीकार्य है और हम इसकी कड़े शब्दों में निंदा करते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 17 Oct 2022 14:47:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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                <title> चित्तौड़ रहा बंद,प्रदर्शनकारियों-पुलिस के बीच हुई झड़प</title>
                                    <description><![CDATA[ चित्तौड़गढ़। शहरी क्षेत्र में बुधवार रात्रि को पूर्व पार्षद के इकलौते पुत्र की हत्या के विरोध में एवं घटना में शामिल सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर बुधवार को चित्तौड़गढ़ बंद पूरी तरह से सफल रहा। इस दौरान  पुलिस अधिकारियों के बीच एवं प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प होती रही। बंद के दौरान एक दुकान एवं टेंपो को आग के हवाले कर दिया। पुलिस ने इस मामले में दो- तीन लोगों को डिटेन  किया लेकिन अभी भी अन्य आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/chittorgarh/chittor-closed-clashes-between-protesters-and-police/article-11021"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/chittorgarh1.jpg" alt=""></a><br /><p>चित्तौड़गढ़। शहरी क्षेत्र में बुधवार रात्रि को पूर्व पार्षद के इकलौते पुत्र की हत्या के विरोध में एवं घटना में शामिल सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर बुधवार को चित्तौड़गढ़ बंद पूरी तरह से सफल रहा। इस दौरान  पुलिस अधिकारियों के बीच एवं प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प होती रही। बंद के दौरान एक दुकान एवं टेंपो को आग के हवाले कर दिया। पुलिस ने इस मामले में दो- तीन लोगों को डिटेन  किया लेकिन अभी भी अन्य आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।</p>
<p><br />चित्तौड़गढ़ के शहरी क्षेत्र में मंगलवार रात्रि को एक  आयोजन से अपने घर लौट रहे पूर्व पार्षद जगदीश सोनी  के इकलौते पुत्र राकेश उर्फ रतन सोनी पर विशेष समुदाय के कुछ लोगों के हथियारों से लैस होकर किए गए हमले में गंभीर रूप से घायल हो गया ,जिसका प्राथमिक उपचार यहां करवाने के बाद उसे उदयपुर रेफर कर दिया  ,लेकिन बीच रास्ते में उसकी मौत हो गई। उसकी मौत होने की जानकारी मिलने पर हिंदू संगठन के कई पदाधिकारी एवं अन्य लोग मंगलवार रात्रि को शहर में विभिन्न स्थानों पर  एकत्रित हो गए तथा बुधवार को   चित्तौड़गढ़ बंद का आह्लान किया।</p>
<p><br /><strong>सांसद-विधायक ने दिया धरना</strong><br />सांसद सीपी जोशी ,विधायक  चंद्रभान   को इस घटना की जानकारी मिलने पर वह रात्रि में ही सुभाष चौक पहुंचे और बाद में सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर अन्य लोगों के साथ धरने पर बैठ गए। चित्तौड़गढ़ बंद का असर बुधवार सवेरे से ही न केवल शहर में बल्कि उपनगरीय क्षेत्रों में भी देखने को मिला। इस दौरान चाय एवं बीडी-पान की दुकाने ,हाथ ठेले तक नहीं खुले। </p>
<p><br /><strong>बंद के दौरान रही तनावपूर्ण स्थिति</strong><br />बंद के दौरान विधायक चंद्रभान हिंदू  संगठनों के पदाधिकारियों के साथ दुपहिया वाहन पर बैठकर बंद को सफल बनाने में लगे रहे। बंद के दौरान स्थिति तनावपूर्ण बनी रही।</p>
<p><br /><strong>पुलिस छावनी में बदला शहर</strong> <br />इस दौरान भारी पुलिस जाब्ता तैनात किया गया। चित्तौड़गढ़ के  साथ ही जिले के अन्य कई स्थानों से, जिले से बाहर से भी पुलिस   जाब्ता   बुलाया गया। बंद के दौरान अश्रु गैस की पार्टी भी तैनात रही ,लेकिन इस दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए बाहर से ऐसे पुलिस अधिकारियों को भी बुलाया गया  ,जो कि पूर्व में विवादों के घेरे में रहे ,और जिनका यहां से स्थानांतरण करना पड़ा।</p>
<p><br /><strong>टैंपों व दुकान में लगाई आग</strong> <br />बंद के दौरान मोक्ष धाम के समीप एक टेंपो  एवं दुकान को प्रदर्शनकारियों ने आग  के हवाले कर दिया। बंद के दौरान कच्ची बस्ती  की ओर जाने वाले मार्ग पर पुलिस का भारी  जाब्ता  विशेष रूप से तैनात रहा।  कच्ची बस्तियों में कई लोग छतों पर डटे रहे। कुछ स्थानों पर इस दौरान विभिन्न रास्तों को अलग-अलग साधनों से बंद के दृश्य  भी देखने को मिले।</p>
<p><br /><strong>पुलिस के रूट मार्च पर पथराव</strong><br /> बंद के दौरान पुलिस द्वारा किए गए फ्लैग मार्च पर भी पथराव किए जाने की जानकारी है।  जिला पुलिस अधीक्षक ने भी इसे स्वीकार किया।  शहर की तंग गलियों में बंद के दौरान कुछ मकानों से  पथराव होने के वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल होते रहे।  ऐसी कुछ गलियों में पत्थर ही पत्थर देखने को मिले। एक स्थान पर तो पुलिस के सामने ही एक युवक पथराव करने लगा।  पथराव करने वालों में से कुछ की धरपकड़ भी की गई, जिसके बाद उन्हें छुड़ाने के लिए परिवार के सदस्य  पुलिस से  उलझते हुए देखे गए।</p>
<p><br /><strong>जिले में इंटरनेट 24 घंटे के लिए बंद</strong><br />जिला प्रशासन ने इस घटना को देखते हुए बुधवार को 24 घंटे के लिए इंटरनेट बंद करने  कि  घोषणा भी की, हालांकि इसके बावजूद कुछ नेटवर्क काम करते रहे ।</p>
<p><br /><strong>घटना दुर्भाग्यपूर्ण-सांसद</strong> <br />सांसद सीपी जोशी ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि राजस्थान में एक के बाद एक लगातार इस तरह की घटनाएं होती जा रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस को बिना किसी दबाव में सभी आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार किया जाना चाहिए।  </p>
<p>  <br /><strong>अपराधियों में पुलिस का खौफ नहीं-चंद्रभान</strong><br />विधायक  चंद्रभान  ने कहा कि ऐसा लगता है कि अपराधियों में पुलिस या कानून  को लेकर किसी तरह का कोई  खौफ नहीं हैऔर अपराधी  बिना किसी डर के इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं।</p>
<p><br /><strong>धर्म स्थल के बाहर हनुमानचालीसा</strong><br />इधर बंद के दौरान कई बार प्रदर्शनकारियों एवं पुलिस के बीच लुका छुपी का खेल भी चलता रहा।  कई बार पुलिस को प्रदर्शनकारियों के पीछे दौड़ लगानी पड़ी।  बंद के दौरान हिंदू संगठन के के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता एक धार्मिक स्थल के बाहर हनुमान चालीसा भी पढ़ते हुए देखे गए। बंद के दौरान जिला पुलिस अधीक्षक  प्रीति जैन भी शहर का जायजा लेने में लगी रही। प्रदर्शनकारी बीच-बीच में  सुभाष चौक   एवं अन्य  स्थानों पर टायर जलाकर विरोध दर्ज कराने में लगे रहे।</p>
<p><br /><strong>राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन</strong> <br />इस बीच अंतरराष्ट्रीय हिन्दू परिषद के पदाधिकारियों द्वारा  इस घटना के विरोध में राज्यपाल  के नाम ज्ञापन  देकर  हत्या में  शामिल सभी  आरोपियों की गिरफ्तारी करने की मांग करते हुए कहा गया कि लगातार हो रही इस तरह की घटनाओं से राज्य में अशांति का वातावरण बनता जा रहा है/ ज्ञापन में रतन सोनी के परिवार जन को 50 लाख मुआवजा व एक सदस्य को  सरकारी नौकरी  देने की मांग की गई। इस दौरान प्रान्त मंत्री विनीत द्विवेदी,राष्ट्रीय बजरंगदल जिलाध्यक्ष अमृत माली,नगर कार्यकारी अध्यक्ष राजेश सुथार, गौ रक्षा प्रमुख शिव लोधा,नगर अध्यक्ष हिमांशु जैन, प्रखंड सहयोजक लोकेश सोनी,कमल राजपुरोहित, गोपाल तेली, राजेन्द्र शर्मा, निलेश सोनी, अर्जुन सोनी, महेश सोनी, रामप्रसाद सोनी आदि मौजूद थे। <br /><br /><strong>पुलिस और परिजनों के बीच  वार्ता</strong> <br />इस बीच चित्तौड़गढ़ पहुंचे संभागीय आयुक्त  राजेंद्र भट्ट ने प्रशासन की ओर से मृतक की पत्नी को प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से     नौकरी ,   25 लाख रुपए मुआवजे और आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार कर न्याय दिलवाने का  भरोसा दिया। तनाव की स्थिति के बीच<br />राज्य धरोहर संरक्षण व प्रोन्नति प्राधिकरण अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह जाड़ावत,  विधायक चंद्रभान सिंह आक्या, सांसद सीपी जोशी, श्री चंद कृपलानी व अन्य जनप्रतिनिधियों , समाज के प्रतिनिधियों, कलेक्टर अरविंद कुमार पोसवाल, एस पी प्रीति जैन की मौजूदगी में   अपराहन बाद इस पूरे घटनाक्रम को लेकर बातचीत हुई। इसके बाद शाम मृतक का अंतिम संस्कार कर दिया गया।   <br /><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>चित्तौड़गढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Jun 2022 13:28:29 +0530</pubDate>
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