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                <title>Finance Ministry - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Finance Ministry RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मिडिल ईस्ट में भीषण तनाव के बीच कुवैत में वित्त मंत्रालय और तेल रिफाइनरी पर ड्रोन हमला: कोई हताहत नहीं, सरकार ने जारी किया कर्मचारियों को घर से काम करने का निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान-इजरायल युद्ध की आग अब कुवैत तक पहुँच गई है। रविवार को कुवैत के वित्त मंत्रालय पर ड्रोन हमले से भारी नुकसान हुआ, वहीं शुवैख स्थित तेल रिफाइनरी में भीषण आग लग गई। मंत्रालय के कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम का निर्देश दिया गया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/drone-attack-on-finance-ministry-and-oil-refinery-in-kuwait/article-149181"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/कुवैत-तेल-रिफाइनरी-पर-हमला.png" alt=""></a><br /><p>दोहा। कुवैत में रविवार को वित्त मंत्रालय पर ड्रोन से हमला किया गया जिससे इमारत को काफी नुकसान पहुंचा है जबकि शुवैख जिले में एक तेल रिफाइनरी में आग लग गई। हमलों में किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार, हमले में मंत्रालय की इमारत को हुए भारी नुकसान के बाद कर्मचारियों को घर से काम करने का निर्देश दिया गया है।</p>
<p>इससे पहले, बुधवार को कुवैत अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे को निशाना बनाया था। इस ड्रोन हमले से ईंधन के टैंकों में आग लग गई थी। उल्लेखनीय है कि गत 28 फरवरी को अमेरिका और इज़रायल ने ईरान में विभिन्न ठिकानों पर हमले शुरू किए, जिससे काफी जान माल का नुकसान हुआ। ईरान, इज़रायली क्षेत्र के साथ-साथ पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमले कर रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Apr 2026 18:20:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>सकल जीएसटी संग्रह 2,00,000 करोड़ के पार, 8.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी</title>
                                    <description><![CDATA[भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी उपलब्धि! मार्च 2026 में सकल जीएसटी संग्रह 8.8% की बढ़त के साथ ₹2,00,064 करोड़ के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गया। पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में कुल ₹22.27 लाख करोड़ का कलेक्शन हुआ है। घरेलू राजस्व और आयात में मजबूत वृद्धि ने आर्थिक मजबूती और बेहतर कर अनुपालन का संकेत दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/gross-gst-collection-crosses-rs-2-lakh-crore-increase-by/article-148735"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-11/gst-16535522293x2.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। सकल वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह मार्च 2026 में सालाना 8.8 प्रतिशत बढ़कर 2,00,064 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। पूरे वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान सकल जीएसटी संग्रह में एक साल पहले के मुकाबले 8.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी और यह 22,27,096 करोड़ रुपये हो गया। मार्च के जीएसटी संग्रह में घरेलू राजस्व का योगदान 1,46,202 करोड़ रुपये रहा। इसमें 5.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। आयात पर जीएसटी से प्राप्त राजस्व 17.8 फीसदी बढ़कर 53,861 करोड़ रुपये पर रहा।</p>
<p>जीएसटी के तहत मार्च में 22,074 करोड़ रुपये का रिफंड भी जारी किया गया जिससे शुद्ध राजस्व संग्रह 1,77,990 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। रिफंड में 13.8 प्रतिशत और शुद्ध जीएसटी संग्रह में 8.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी। इसके अलावा मार्च में उपकर संग्रह 177 करोड़ रुपये ऋणात्मक रहा। ऐसा उपकर संग्रह की तुलना में इस मद में जारी रिफंड के अधिक रहने के कारण हुआ है। पूरे वित्त वर्ष के दौरान संकलित 22,27,096 करोड़ रुपये के जीएसटी में घरेलू संग्रह का योगदान 6.4 प्रतिशत बढ़कर 16,31,769 करोड़ रुपये पर और आयात पर जीएसटी संग्रह का योगदान 14.1 प्रतिशत बढ़कर 5,95,327 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।</p>
<p>वित्त वर्ष के दौरान 2,92,330 करोड़ रुपये का राजस्व जारी किया गया, जो सालाना आधार पर 17.8 प्रतिशत ज्यादा है। इस प्रकार शुद्ध जीएसटी संग्रह में 7.1 प्रतिशत की वृद्धि रही और यह 19,34,766 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। पूरे वित्त वर्ष को समाप्त सप्ताह में जीएसटी के साथ 99,039 करोड़ रुपये का उपकर भी एकत्र किया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Apr 2026 15:56:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>केंद्र सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर उत्पाद शुल्क में 10-10 रुपये प्रति लीटर की कटौती की, सीतारमण ने कहा-आम लोगों को मूल्य वृद्धि से बचाने के लिए उठाया ये कदम</title>
                                    <description><![CDATA[आम जनता को महंगाई से बचाने के लिए केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर ₹10-10 प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी कम कर दी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के अनुसार, वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बावजूद घरेलू कीमतों को स्थिर रखने के लिए यह ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। इससे तेल कंपनियों और उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/central-government-reduced-excise-duty-on-petrol-and-diesel-by/article-148058"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/petrol-and-desil.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल को देखते हुए सरकार ने शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में 10-10 रुपये प्रति लीटर की कटौती की। वित्त मंत्रालय ने आज जारी अधिसूचना में बताया कि पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क 13 रुपये प्रति लीटर से घटाकर तीन रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 10 रुपये प्रति लीटर से घटाकर शून्य कर दिया गया है।</p>
<p>वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि आम लोगों को मूल्य वृद्धि से बचाने के लिए यह कटौती की गयी है। इसकी जानकारी संसद को भी दे दी गयी है। उल्लेखनीय है कि पश्चिम एशिया संकट के कारण अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में वृद्धि के कारण तेल विपणन कंपनियों पर दोनों जीवाश्म ईंधनों के दाम बढ़ाने का दबाव था। उत्पाद शुल्क में कटौती से उन्हें राहत मिलेगी।</p>
<p>यह कटौती सार्वजनिक तेल विपणन कंपनियों द्वारा नेपाल, भूटान, श्रीलंका और बांग्लादेश को किये जाने वाले निर्यात पर भी लागू होगी। इसके अलावा, सरकार ने डीजल के निर्यात पर 21.5 रुपये और विमान ईंधन के निर्यात पर 29.5 प्रति लीटर का शुल्क लगाया है। वहीं, विशेष उत्पाद शुल्क में कोई बदलाव नहीं किया गया है। पेट्रोल पर विशेष उत्पाद शुल्क शून्य है जबकि डीजल पर 18.5 रुपये प्रति लीटर है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 Mar 2026 11:05:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वित्तमंत्री सीतारमण ने कहा, संकटग्रस्त आवास परियोजनाओं को शर्त पूरा होने पर ही मिलेगी मदद</title>
                                    <description><![CDATA[वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में संकटग्रस्त आवास परियोजनाओं को पूरा करने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वामीह (SWAMIH) योजना का लाभ लेने के लिए निर्धारित 6 शर्तों का पालन अनिवार्य है। अब तक ₹10,000 करोड़ से अधिक खर्च किए जा चुके हैं, जिससे राजस्थान और कर्नाटक सहित कई राज्यों में अटके प्रोजेक्ट्स को गति मिल रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/finance-minister-sitharaman-said-that-distressed-housing-projects-will-get/article-147529"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/nirmal-sitaraman.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि संकटग्रस्त आवास योजनाओं को पूरा करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है लेकिन परियोजना की शर्तों का इसमें पूरा होना आवश्यक है तभी परियोजना के लिए मदद दी जा सकती है। ​वित्त मंत्री सीतारमण ने लोकसभा में सोमवार को एक सवाल के जवाब में कहा कि 'संकटग्रस्त आवास परियोजनाओं के लिए 'स्वामीह' योजना' के तहत पहला चरण 2022 तक चला। इस चरण के लिए 15000 करोड़ रुपये से अधिक आवंटित किए गए थे और इसमें 10000 करोड़ रुपये ही खर्च हुए हैं। वर्ष 2022 के बाद के बाद दूसरी योजना चल रही है।</p>
<p>केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं के लिए कुछ शर्ते रखी गई है और उन सबका का पूरा होना आवश्यक है। इसके लिए सीमा तय की गई है और यदि प्रोजेक्ट पूरा नहीं हुआ है तो फिर उसके लिए स्वामी योजना उपलब्ध नहीं होगी। उन्होंने बताया कि स्वामी योजना के लिए छह शर्तें रखी गई है। यदि इस योजना का लाभ लेना है तो हर योजना के लिए इन शर्तों का पूरा होना आवश्यक है।</p>
<p>वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि योजना का पहला चरण पूरा हो चुका है लेकिन उन्हें मालूम है कि अब भी बहुत सारे लोग हैं जिन्हें अभी इसका लाभ नहीं मिल पाया है। उनका कहना था कि इन योजनाओं के लिए जहां जरूरी शर्तें पूरी हैं वहां परियोजनाओं को लागू किया जा रहा है। इसके तहत राजस्थान, कर्नाटक में छह-छह और कई राज्यों में परियोजनाएं चल रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Mar 2026 15:54:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जीएसटी से भरा सरकार का खजाना: फरवरी में 8.1% ग्रोथ के साथ 1.83 लाख करोड़ का रिकॉर्ड संग्रह</title>
                                    <description><![CDATA[फरवरी 2026 में जीएसटी संग्रह 8.1% बढ़कर ₹1,83,609 करोड़ पहुंच गया है। वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, घरेलू संग्रह और सीमा शुल्क में शानदार वृद्धि दर्ज की गई है। चालू वित्त वर्ष के 11 महीनों में कुल संग्रह ₹20 लाख करोड़ के पार निकल गया है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूत कर अनुपालन और विकास को दर्शाता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/government-treasury-filled-with-gst-record-collection-of-rs-183/article-145080"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-08/gst.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के तहत सकल संग्रह फरवरी 2026 में 8.1 प्रतिशत बढ़कर 1,83,609 करोड रुपये पर पहुंच गया। वित्त मंत्रालय द्वारा रविवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, फरवरी में जीएसटी का घरेलू संग्रह 5.3 प्रतिशत बढ़ा जबकि सीमा शुल्क संग्रह में 17.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गयी। सकल घरेलू संग्रह 1,35,772 करोड़ रुपये पर रहा। सीमा शुल्क का कुल संग्रह 47,837 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। </p>
<p>जीएसटी के तहत फरवरी में कुल 22,595 करोड़ रुपये का रिफंड जारी किया गया जो सालाना आधार पर 10.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। इस प्रकार शुद्ध जीएसटी संग्रह फरवरी 2025 के मुकाबले 7.9 प्रतिशत बढ़कर 1,61,014 करोड़ रुपये पर रहा। इसके अलावा सरकार ने उपकर के रूप में 563 करोड़ रुपये प्राप्त किये जबकि एक साल पहले यह राशि 13,481 करोड़ रुपये थी। </p>
<p>चालू वित्त वर्ष के पहले 11 महीनों में फरवरी तक सकल जीएसटी संग्रह 8.3 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 20,27,033 करोड़ रुपये हो गया है। इस दौरान 2,70,261 करोड़ रुपये का रिफंड जारी किया गया जिससे शुद्ध जीएसटी संग्रह 17,56,772 करोड़ रुपये रहा। रिफंड में 18.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी है जबकि शुद्ध जीएसटी संग्रह 6.9 प्रतिशत बढ़ा है। </p>
<p>पूरे वित्त वर्ष में अब तक 99,215 करोड़ रुपये का उपकर प्राप्त हुआ है जबकि पिछले वित्त वर्ष में इसी अवधि के दौरान 1,36,656 करोड रुपये के उपकर की प्राप्ति हुई थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 01 Mar 2026 18:24:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वर्ष 2026- 27 के बजट को दी मंजूरी, वित्त मंत्री सीतारमण लगातार नौवीं बार करेगी बजट पेश</title>
                                    <description><![CDATA[केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बजट 2026-27 को मंजूरी दी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज लोकसभा में लगातार नौवीं बार आम बजट पेश करेंगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/the-union-cabinet-approved-the-budget-for-the-year-2026-27/article-141524"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/500-px)-(1).png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वर्ष 2026- 27 के केंद्रीय बजट को रविवार सुबह मंजूरी दे दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में संसद भवन में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में बजट को मंजूरी दी गई। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज सुबह लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही  वर्ष 2026-27 का आम बजट पेश करेंगी। बता दें कि सीतारमण लगातार नौंवीं बार बजट पेश करेंगी।</p>
<p>इससे पहले वित्त मंत्री बजट की प्रति के साथ वित्त मंत्रालय के कार्यालय कर्तव्य भवन से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मिलने के लिए राष्ट्रपति भवन गई। राष्ट्रपति मुर्मु ने दही और चीनी खिलाकर उनका पारंपरिक स्वागत किया। </p>
<p>वित्त मंत्री ने राष्ट्रपति के साथ बजट के संबंध में कुछ चर्चा भी की। इस अवसर पर उनके साथ वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी तथा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। राष्ट्रपति ने सीतारमण और उनकी टीम को बजट पेश करने के लिए शुभकामनाएं दी।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 01 Feb 2026 12:02:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जनवरी में जीएसटी संग्रह 6.2 प्रतिशत बढ़कर 1,93,384 करोड़ रुपये पर पहुंचा</title>
                                    <description><![CDATA[जनवरी में जीएसटी संग्रह 6.2 प्रतिशत बढ़कर 1.93 लाख करोड़ रुपये पहुंचा, घरेलू कर आय मजबूत रही, जबकि आयात कर से राजस्व 10.1 प्रतिशत उछला, आर्थिक संकेत सकारात्मक दिखे मजबूत।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/gst-collection-increased-by-62-percent-in-january-to-rs/article-141522"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-03/gst.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के तहत जनवरी में कुल राजस्व संग्रह 6.2 प्रतिशत बढ़कर 1,93,384 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।</p>
<p>पिछ्ले साल जनवरी में यह आंकड़ा 1,82,094  करोड रुपये रहा था।</p>
<p>सूत्रों ने बताया कि  जनवरी में घरेलू जीएसटी राजस्व 4.8 प्रतिशत बढ़कर 1,41,32 करोड़ रुपये पर रहा। वहीं आयात पर कर से प्राप्त राजस्व 10.1 प्रतिशत बढ़कर 52,253  करोड रुपये दर्ज किया गया।</p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 01 Feb 2026 11:58:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ट्रेजरी बिल नीलामी: सरकार ने जारी किया ट्रेजरी बिलों की नीलामी का कैलेंडर, अंतिम तिमाही में 3,84,000 करोड़ जुटाने का है प्लान</title>
                                    <description><![CDATA[केंद्र सरकार ने जनवरी-मार्च 2026 तिमाही के लिए ₹3,84,000 करोड़ के ट्रेजरी बिल (T-Bills) की नीलामी का कैलेंडर जारी किया है। यह राशि 91, 182 और 364 दिनों की अवधि के लिए जुटाई जाएगी। पहली नीलामी 7 जनवरी को होगी। इस माध्यम से सरकार अपनी अल्पकालिक वित्तीय जरूरतों को पूरा करेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/treasury-bill-auction-government-releases-calendar-of-treasury-bills-auction/article-137723"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/treasury-bills.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने चालू वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही (जनवरी-मार्च 2026) के लिए 3,84,000 करोड़ रुपये के ट्रेजरी बिलों की नीलामी का कैलेंडर जारी किया है। ट्रेजरी बिल वह माध्यम है जिससे सरकार अल्पावधि ऋण जुटाती है। ये अंकित मूल्य से कम पर बेचे जाते हैं और मियाद पूरी होने पर टी-बिल खरीदने वाले को अंकित मूल्य के बराबर पैसा मिलता है।</p>
<p>वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को कहा, ये ट्रेजरी बिल 91 दिन, 182 दिन और 364 दिन की मियादों के साथ अलग-अलग मूल्य के लिए जारी किये जायेंगे। पहली नीलामी 07 जनवरी 2026 को और उसके बाद 25 मार्च तक हर सातवें दिन होगी। </p>
<p>कैलेंडर के मुताबिक, पहले पांच सप्ताह तीनों मियादों को मिलाकर कुल 29-29 हजार करोड़ रुपये के टी-बिल की नीलामी होगी। अगले छह सप्ताह कुल 34-34 हजार करोड़ रुपये के और 25 मार्च को 35 हजार करोड़ रुपये के टी-बिल की नीलामी होगी। नीलामी के बाद अगले कार्य-दिवस पर टी-बिल जारी किये जायेंगे।</p>
<p>मंत्रालय ने बताया कि रिजर्व बैंक इस कैलेंडर और टी-बिल की प्रस्तावित नीलामी की राशि में भविष्य में बदलाव भी कर सकता है जिसकी सूचना प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दी जायेगी।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Dec 2025 12:16:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत का बड़ा फैसला: चीन, वियतनाम के एक-एक उत्पादों पर लगाया डंपिंग रोधी शुल्क</title>
                                    <description><![CDATA[घरेलू उद्योगों को बचाने हेतु भारत ने वियतनाम के मास्टरबैच और चीन की रेफ्रिजरेंट गैस पर भारी डंपिंग रोधी शुल्क लगाया है। चीन पर $5,251 प्रति टन तक टैक्स लगाया गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/indias-big-decision-anti-dumping-duty-imposed-on-individual-products-of/article-137188"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/india-and-china-dumping.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारत ने चीन और वियतनाम के एक-एक उत्पादों पर डंपिंग रोधी शुल्क लगाया है। वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग ने इस संबंध में बुधवार को अलग-अलग अधिसूचनाएं जारी कीं। पहली अधिसूचना में कहा गया है कि वियतनाम से बड़ी मात्रा में सामान्य से कम मूल्य पर कैल्शियम कार्बोनेट फिलर मास्टरबैच का भारत को निर्यात किया जाता है। इस कारण भारतीय उद्योगों को होने वाले नुकसान से बचाने के लिए डंपिंग रोधी शुल्क लगाने का फैसला किया गया है। </p>
<p>कैल्शियम कार्बोनेट फिलर मास्टरबैच का उपयोग प्लास्टिक उद्योग में किया जाता है। मूल रूप से वियतनाम में उत्पादित या वियतनाम से निर्यात किये गये इस उत्पाद पर 75 डॉलर प्रति टन तक का शुल्क लगाया गया है। वियतनाम की जिन सात कंपनियों के नाम अधिसूचना में हैं उनके लिए 31.58 डॉलर से 39.25 डॉलर तक का डंपिंग प्रतिरोधी शुल्क लगाया गया है। अन्य सभी मामलों में 75 डॉलर प्रति टन का शुल्क देय होगा। </p>
<p>वहीं, रेफ्रीजरेटरों और कारों के कूलिंग सिस्टम में इस्तेमाल होने वाली और चीन से आयातित गैस 1,1,1,2-टेट्राफ्लोरोएथेन या आर-134ए पर भी डंपिंग रोधी शुल्क लगाने की घोषणा की गई है। इस मामले में चीन की छह कंपनियों में बने उत्पादों पर 4,583 डॉलर प्रति टन तक का शुल्क लगाया गया है। चीन की अन्य कंपनियों में बने उत्पादों और चीन के बाहर बने लेकिन चीन से निर्यात किये गये उत्पादों पर 5,251 डॉलर प्रति टन का डंपिंग रोधी शुल्क लगेगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/indias-big-decision-anti-dumping-duty-imposed-on-individual-products-of/article-137188</link>
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                <pubDate>Thu, 25 Dec 2025 15:29:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वित्त मंत्रालय ने जारी किया टॉप-50 विलफुल डिफॉल्टर्स का डाटा, मेहुल चोकसी सबसे बड़ा डिफॉल्टर</title>
                                    <description><![CDATA[ वित्त मंत्रालय ने टॉप-50 विलफुल डिफॉल्टर्स का डाटा पेश किया है। इस डाटा में सभी बैंकों के 87,295 करोड़ रुपए बकाया बताये गये है। इस लिस्ट में सबसे बड़े डिफॉल्टर मेहुल चोकसी को बताया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/finance-ministry-released-data-of-top-50-willful-defaulters-mehul-choksi/article-53605"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-08/bank.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। वित्त मंत्रालय ने टॉप-50 विलफुल डिफॉल्टर्स का डाटा पेश किया है। इस डाटा में सभी बैंकों के 87,295 करोड़ रुपए बकाया बताये गये है। इस लिस्ट में सबसे बड़े डिफॉल्टर मेहुल चोकसी को बताया है। वित्त राज्य मंत्री भागवत सिंह कराड़ ने यह डाटा राज्यसभा में पेश किया है।</p>
<p>राज्यसभा में पूछे गये एक सवाल के जवाब में लिखित में जवाब देते हुए वित्त राज्य मंत्री ने बताया कि जान-बूझकर कर्ज न चुकाने वालों में ये राशि 87,295 करोड़ रूपए है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 03 Aug 2023 17:56:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तो अब चेक बाउंस होने पर दूसरे खाते से कटेंगे पैसे!</title>
                                    <description><![CDATA[चेक बाउंस के विषय पर मंत्रालय ने एक मीटिंग बुलाई थी। मीटिंग में मिले कई तरह के सुझावों के बाद मंत्रालय चेक बाउंस होने पर अन्य खातों से पैसे काटने और नया अकाउंट खोलने पर रोक लगाने जैसे नियमों पर विचार कर रहा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/now-money-will-be-deducted-from-other-account-if-check/article-26090"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-10/cheque.jpg" alt=""></a><br /><p>वित्त मंत्रालय चेक बाउंस की समस्या से निपटने पर विचार कर रहा है। चेक बाउंस के विषय पर मंत्रालय ने एक मीटिंग बुलाई थी। मीटिंग में मिले कई तरह के सुझावों के बाद मंत्रालय चेक बाउंस होने पर अन्य खातों से पैसे काटने और नया अकाउंट खोलने पर रोक लगाने जैसे नियमों पर विचार कर रहा है। हालांकि सुझावों को मानने से पहले कानूनी राय ली जाएगी। चेक बाउंस जैसे मामलों से कानूनी प्रक्रिया पर बोझ बढ़ता है, इसलिए नियम लाने पर विचार किया जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार डिफॉल्ट की तरह लेना और इसकी जानकारी क्रेडिट इंफॉर्मेशन कंपनियों को देने के सुझाव भी आए। जिससे व्यक्ति के स्कोर को कम किए जा सके।</p>
<p>अगर ऐसा नियम लागू होता है तो पेमेंट करने वाले व्यक्ति को चेक की पेमेंट करने पर मजबूर होना पड़ेगा और मामले को कोर्ट तक ले जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे कारोबारी सुगमता बढ़ेगी और खाते में पर्याप्त पैसा नहीं होने के बावजूद जान-बूझकर चेक जारी करने के चलन पर भी रोक लगेगी। उद्योग संगठन पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने हाल में वित्त मंत्रालय से चेक जारी करने वालों को जवाबदेह बनाने के लिए चेक बाउंस के मामले पर बैंक से पैसा निकालने पर कुछ दिन तक अनिवार्य रोक लगाने का अनुरोध किया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 10 Oct 2022 16:09:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>संपत्ति जब्त किए जाने की खबरों का वित्त मंत्रालय ने किया खंडन, कहा- फ्रांस की कोर्ट से नहीं मिला कोई नोटिस</title>
                                    <description><![CDATA[केयर्न एनर्जी के साथ जारी कर विवाद में मामले में फ्रांस में भारत सरकार की संपत्ति जब्त किए जाने की खबरों के बीच सरकार ने गुरुवार को कहा कि इस संबंध में वहां की किसी कोर्ट की ओर से कोई नोटिस या सूचना नहीं मिला है। दरअसल मीडिया में ऐसी खबरें आ रही है कि केयर्न एनर्जी ने पेरिस में स्थित भारत सरकार की संपत्तियों को जब्त कर लिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%AA%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BF-%E0%A4%9C%E0%A4%AC%E0%A5%8D%E0%A4%A4-%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%8F-%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%96%E0%A4%AC%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%A4-%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%AF-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%96%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A4%A8--%E0%A4%95%E0%A4%B9%E0%A4%BE--%E0%A4%AB%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%B8-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%9F-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%A8%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%88-%E0%A4%A8%E0%A5%8B%E0%A4%9F%E0%A4%BF%E0%A4%B8/article-1054"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-07/finance_ministry.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। केयर्न एनर्जी के साथ जारी कर विवाद में मामले में फ्रांस में भारत सरकार की संपत्ति जब्त किए जाने की खबरों के बीच सरकार ने गुरुवार को कहा कि इस संबंध में वहां की किसी कोर्ट की ओर से कोई नोटिस या सूचना नहीं मिला है। दरअसल मीडिया में ऐसी खबरें आ रही है कि भारत के साथ टैक्स विवाद में फ्रांस के कोर्ट ने ब्रिटेन की केयर्न एनर्जी के पक्ष में फैसला दिया है। मध्यस्थता आदेश के तहत केयर्न एनर्जी 1.7 अरब अमेरिकी डॉलर का हर्जाना वसूलने के लिए फ्रांस में स्थित 20 भारतीय सरकारी संपत्तियों को जब्त करेगी। <br /> <br /> वित्त मंत्रालय ने जारी बयान में कहा कि पिछले वर्ष दिसंबर में हेग कोर्ट ऑफ अपील में अतंरराष्ट्रीय मध्यस्था के तहत केयर्न एनर्जी के पक्ष में सुनाए गए निर्णय को भारत सरकार ने 22 मार्च 2021 को चुनौती दी है और हेग के निर्णय को पटलने के लिए पुरजोर तरीके से अप पक्ष रखेगी। यह भी कहा गया है कि केयर्न के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रतिनिधियों ने इस मुद्दे के समाधान के लिए सरकार से अपील की है। इस दिशा में सकारात्मक चर्चाएं हुई है और सरकार देश के कानून के दायरे में इस विवाद के समाधान के लिए तैयार है। <br />  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 08 Jul 2021 16:23:17 +0530</pubDate>
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