<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/territory/tag-22741" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>territory - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/22741/rss</link>
                <description>territory RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>होर्मुज में बढ़ा युद्ध का खतरा: होर्मुज में अमेरिका और ईरान आमने-सामने, मिसाइल और ड्रोन हमलों से टूटा युद्धविराम</title>
                                    <description><![CDATA[होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका और ईरान के बीच भारी गोलाबारी शुरू हो गई है। ईरान ने कुवैत और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलें दागीं, जिन्हें अमेरिकी सेना (CENTCOM) ने इंटरसेप्ट कर नाकाम कर दिया। यह टकराव अमेरिकी विमान द्वारा ईरान की ओर बढ़ रहे एक टैंकर पर हेलफायर मिसाइल दागने के बाद बढ़ा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/danger-of-war-increases-in-hormuz-america-and-iran-face/article-155847"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/iran2.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। हॉर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर सैन्य टकराव शुरू हो गया है। ईरानी की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दावा किया कि केश्म द्वीप पर हुए अमेरिकी हमले के जवाब में उसने कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। ईरान के मुताबिक, अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े के मुख्यालय, सैन्य एयरबेस और हेलीकॉप्टरों पर मिसाइलों और ड्रोन से हमले किये गये। उधर अमेरिका ने कहा है कि उसने कुवैत और बहरीन पर हुए ईरानी मिसाइल एवं ड्रोन हमलों को नाकाम कर दिया है।</p>
<p>अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम )ने बताया कि कुवैत पर दागी गई दो ईरानी मिसाइलें रास्ते में ही गिर गईं या टूट गईं, जबकि बहरीन को निशाना बनाने वाली तीन मिसाइलों को अमेरिका और बहरीन के रक्षा बलों ने इंटरसेप्ट (रोक) कर लिया। इसके अतिरिक्त, कुवैत में अमेरिकी बलों को निशाना बनाने वाले छोडे़ गये असंख्य ड्रोन को बिना किसी नुकसान के निष्क्रिय कर दिया गया। इससे पहले अमेरिकी बलों ने ईरान के केश्म द्वीप पर स्थित सैन्य ठिकानों और एक ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन पर भी हवाई हमले किये। सेंटकॉम ने यह भी जानकारी दी कि उसने क्षेत्रीय जलक्षेत्र से वैध रूप से गुजर रहे नागरिक नाविकों की ओर ईरान द्वारा लॉन्च किए गए तीन 'वन-वे अटैक ड्रोन' को हवा में ही मार गिराया।</p>
<p>दोनों तरफ से हुई इस भारी गोलाबारी ने ईरान-अमेरिका के बीच लागू युद्धविराम समझौते पर संकट गहरा गया है। सेंटकॉम के अनुसार, यह ताजा विवाद तब शुरू हुआ जब मंगलवार को अमेरिकी बलों ने अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में होर्मुज जलडमरूमध्य की अमेरिकी नाकेबंदी को तोड़ने का प्रयास कर रहे एक खाली टैंकर को रोकने की कार्रवाई की। बोत्सवाना के ध्वज वाले इस 'एम/टी लेक्सी' नामक टैंकर को चालक दल ने 24 घंटे की अवधि में बार-बार दी चेतावनियों को नजरअंदाज करने के बाद निशाना बनाया। जब यह टैंकर कुवैत के पास जलडमरूमध्य के उत्तर में स्थित ईरान के खार्ग द्वीप की ओर बढ़ रहा था, तब अमेरिकी विमान ने इसके इंजन को निष्क्रिय करने के लिए एक हेलफायर मिसाइल दागी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/danger-of-war-increases-in-hormuz-america-and-iran-face/article-155847</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/danger-of-war-increases-in-hormuz-america-and-iran-face/article-155847</guid>
                <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 16:21:58 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/iran2.png"                         length="829387"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सीआईके की बड़ी कार्रवाई, आतंकवाद से जुड़े मामले में कश्मीर घाटी में चलाया तलाशी अभियान</title>
                                    <description><![CDATA[जम्मू-कश्मीर पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस विंग (CIK) ने आतंकवाद से जुड़े एक मामले में घाटी में व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया है। अधिकारियों के अनुसार, श्रीनगर, कुलगाम, अनंतनाग, बांदीपोरा, सोपोर और कुपवाड़ा जिलों में कई ठिकानों पर छापेमारी जारी है। एजेंसी जल्द ही मामले से जुड़े साक्ष्य साझा करेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/big-action-by-cik-search-operation-conducted-in-kashmir-valley/article-155816"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/cik-raid.webp" alt=""></a><br /><p>श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस कश्मीर (सीआईके) शाखा ने बुधवार को आतंकवाद से जुड़े एक मामले की जांच के सिलसिले में घाटी में कई जगहों पर तलाशी अभियान शुरू किया। अधिकारियों ने बताया कि यह तलाशी अभियान कुलगाम, अनंतनाग, श्रीनगर, बांदीपोरा, सोपोर और कुपवाड़ा सहित कई जिलों में चलाया गया। अधिकारियों ने बताया कि ये छापेमारी एजेंसी द्वारा जांच किये जा रहे एक आतंकवाद-संबंधी मामले की चल रही जांच के तहत की गयी है। उन्होंने कहा, “तलाशी अभियान फिलहाल जारी है। मामले से संबंधित विस्तृत जानकारी बाद में साझा की जाएगी।” उन्होंने बताया कि ये छापे एजेंसी द्वारा जांच किये जा रहे आतंकवाद से जुड़े एक मामले की चल रही जांच का ही हिस्सा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/big-action-by-cik-search-operation-conducted-in-kashmir-valley/article-155816</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/big-action-by-cik-search-operation-conducted-in-kashmir-valley/article-155816</guid>
                <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 15:39:06 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-06/cik-raid.webp"                         length="1839196"                         type="image/webp"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>म्यांमार के 15 फीसदी इलाके पर विद्रोहियों का कब्जा</title>
                                    <description><![CDATA[आंग सांग सूची को पिछले साल अप्रैल महीने में सत्ता से हटाने के बाद म्यांमार में गृहयुद्ध शुरू हो गया था। यह गृहयुद्ध अब अपने निर्णायक दौर में आता दिख रहा है। देश में सैन्य तख्तापलट का विरोध कर रहे विद्रोही अब म्यांमार में सत्ता पर काबिज सेना को जंग के मैदान में ज्यादा कड़ी चुनौती दे रहे हैं। यही नहीं ये विद्रोही ज्यादा संगठित नजर आ रहे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/-insurgents---occupy---15-percent-----myanmar-s---territory/article-11092"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/myanmar-mb.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>रंगून।</strong> आंग सांग सूची को पिछले साल अप्रैल महीने में सत्ता से हटाने के बाद म्यांमार में गृहयुद्ध शुरू हो गया था। यह गृहयुद्ध अब अपने निर्णायक दौर में आता दिख रहा है। देश में सैन्य तख्तापलट का विरोध कर रहे विद्रोही अब म्यांमार में सत्ता पर काबिज सेना को जंग के मैदान में ज्यादा कड़ी चुनौती दे रहे हैं। यही नहीं ये विद्रोही ज्यादा संगठित नजर आ रहे हैं। म्यांमा र में विद्रोहियों के नेता दुआ लाशी का दावा है कि उनकी सेना पीपुल्स डिफेंस फोर्सेस ने देश के 15 फीसदी इलाके पर कब्जा कर लिया है। राष्ट्रीय एकता सरकार बनाने वाले लाशी ने इरावडी अखबार को दिए इंटरव्यू में कहा कि अब उनकी सेना की 250 बटैलियन हो गई हैं। यही नहीं 36 कस्बों में अब जनता की सरकार हो गई है। विद्रोहियों की इस सेना को जातीय सशस्त्र गुटों ने प्रशिक्षण दिया है। यह सेना न केवल म्यामांर की सेना से सीमाई इलाके में लड़ रही है, बल्कि देश के बीचोबीच वह जोरदार अभियान चला रही है। म्यांमार का अंदरुनी इलाका अब देश के सशस्त्र विद्रोह का केंद्र बन गया है।</p>
<p><strong>यांगून में बम विस्फोट, एक-दूसरे पर लगाए आरोप</strong></p>
<p>म्यांमार की सैन्य सरकार और उसके विरोधियों ने देश के सबसे बड़े शहर यांगून के में मंगलवार को हुए बम विस्फोट के लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराया है। इस जोरदार विस्फोट में एक व्यक्ति की मौत हो गई और नौ अन्य लोग घायल हो गए हैं। सरकारी समाचार पत्र की एक रिपोर्ट में इस विस्फोट का संबंध उस सशस्त्र आंदोलन से जोड़ा गया है, जो लोकतंत्र समर्थक नेता आंग सान सू ची की निर्वाचित सरकार को सेना द्वारा पिछले साल हटाए जाने का विरोधी है। रिपोर्ट में विस्फोट के लिए पीपल्स डिफेंस फोर्सेस को जिम्मेदार ठहराया गया है। उधर, एनयूजी के प्रवक्ता ने इस विस्फोट के लिए सैन्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया है।</p>
<p><strong>सैन्य शासन को भारी नुकसान उठाना पड़ा</strong></p>
<p>म्यांमार में विद्रोह के बाद जब से राष्ट्रीय एकता सरकार का गठन हुआ है, उसने अपना समानांतर प्रशासन बना लिया है। देश के कई हिस्सों में अपनी खुद की अदालतें स्थापित की है। लाशी ने कहा कि राजनयिक मोर्चे पर म्यांमार के सैन्य शासन को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। उसे न केवल पश्चिमी देशों ने बल्कि पड़ोसी देशों ने भी उससे कन्नी काट लिया है। हाल ही में हुए आसियान-अमेरिका सम्मेलन में भी म्यांमार के सैन्य शासन को हिस्सा नहीं लेने दिया गया। लाशी ने कहा कि इसके विपरीत अब हम खुलकर विदेशी नेताओं से मिल सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमारी विदेश मंत्री को अमेरिकी सीनेटरों ने बुलाया था। उन्होंने मलेशिया के विदेश मंत्री से औपचारिक रूप से मुलाकात की थी। यह म्यांमार के लोगों की सफलता है। दरअसल, तख्तापलट के बाद भड़के विद्रोह को म्यांमार की सेना रोकने में नाकाम रही। आलम यह रहा है कि विद्रोही सेना म्यांमार की सेना से ज्यादा अच्छे हथियारों के साथ लड़ रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/-insurgents---occupy---15-percent-----myanmar-s---territory/article-11092</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/-insurgents---occupy---15-percent-----myanmar-s---territory/article-11092</guid>
                <pubDate>Thu, 02 Jun 2022 15:32:34 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-06/myanmar-mb.jpg"                         length="82327"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        