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                <title>cmho - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>वर्ल्ड डायबिटीज डे: मोबाइल लैपटॉप बना रहा डायबिटीज की रील, हर चौथे आदमी को मधुमेह, युवाओं और महिलाओं में तेजी से बढ़ रहा खतरा</title>
                                    <description><![CDATA[संतुलित और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर इसे पूरी तरह नियंत्रित किया जा सकता है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/world-diabetes-day--mobile-and-laptops-are-becoming-the-cause-of-diabetes--with-one-in-four-people-having-diabetes--the-risk-is-increasing-rapidly-among-youth-and-women/article-132403"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/11-(40).png" alt=""></a><br /><p>कोटा। हर साल 14 नवंबर को वर्ल्ड डायबिटीज डे मनाया जाता है, ताकि लोगों को इस गंभीर बीमारी के प्रति जागरूक किया जा सके।  हमारे शरीर में तनाव डायबिटीज का छिपा हुआ दुश्मन है। जब हम तनाव में रहते हैं, तो शरीर कोर्टिसोल हार्मोन छोड़ता है जो ब्लड शुगर स्तर को बढ़ा देता है। चिकित्सकों का कहना है कि डायबिटीज का कोई स्थायी उपचार नहीं है, लेकिन एक संतुलित और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर इसे पूरी तरह नियंत्रित किया जा सकता है।</p>
<p><strong>महिलाओं में भी डायबिटीज का खतरा</strong><br />प्रेग्नेंट महिलाओं में भी डायबिटीज के मामले बढ़ रहे हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, गर्भवती महिलाओं में 10 से 14 प्रतिशत तक मामले सामने आ रहे हैं। अगर ब्लड शुगर कंट्रोल में न हो, तो गर्भ में पल रहे शिशु पर बुरा असर पड़ता है और प्रीमेच्योर डिलीवरी का खतरा बढ़ जाता है।  डिजिटलाइजेशन के इस दौर में मोटापा और बढ़ता स्क्रीन टाइम भी बड़ी चुनौती बन गए हैं। लंबे समय तक मोबाइल और कंप्यूटर पर रहने से शारीरिक गतिविधियां घट जाती हैं, खानपान बिगड़ता है और वजन बढ़ने लगता है। यही मोटापा आगे चलकर डायबिटीज का बड़ा कारण बनता है।</p>
<p><strong>फैक्ट फाइल</strong><br />   <strong>     टाइप-1                                     टाइप-2</strong><br /><strong>            ओपीडी        आइपीडी     ओपीडी     आइपीडी</strong><br />2024        2458          99                  7701      349<br />2025        1841          33                  5696      188<br />     <strong>   टाइप-1                                     टाइप-2</strong><br /><strong>2025         ओपीडी     आइपीडी     ओपीडी     आइपीडी</strong><br />अगस्त          273          10                   838    37<br />सितम्बर      295           5                   221    19<br />अक्टूबर     257           -                   799    15<br />[स्रोत एमबीएस अस्पताल कोटा]</p>
<p><strong>ब्लड शुगर व बीपी की जांच जरूरी</strong><br />डॉ. नरेंद्र नागर, सीएमएचओ, कोटा के मार्गदर्शन में ओपीडी में आने वाले 30 वर्ष से अधिक आयु के मरीजों का रक्तचाप और शुगर नियंत्रित किया जाता है। मधुमेह एक गैर-संचारी रोग है, जिसे जीवनशैली में बदलाव और चिकित्सक के उचित उपचार से नियंत्रित किया जा सकता है। वजन मापने वाले पैमाने (बीएमआई) पर नजर रखना महत्वपूर्ण है, क्योंकि अधिक वजन से मोटापा बढ़ता है और अंतत: उच्च रक्तचाप और मधुमेह जैसी बीमारियां होती हैं।<br /><strong>- डॉ. यावर खान, प्रभारी, यूपीएचसी, केशवपुरा</strong></p>
<p><strong>हार्ट अटैक व लकवे का भी जोखिम </strong><br />डायबिटीज एक गंभीर गैर-संचारी रोग है, जिसके दो प्रमुख प्रकार होते हैं—टाइप-1 व टाइप-2, टाइप-2 डायबिटीज प्राय: मोटापा, फेमिली हिस्ट्री और अस्वस्थ जीवनशैली के कारण होती है, जबकि टाइप-1 डायबिटीज अधिकतर बच्चों में पाई जाती है, जिसमें इंसुलिन लेना आवश्यक होता है। पारिवारिक हिस्ट्री से रोगी को यह पहचानना जरूरी है कि उसे कौन-सा प्रकार है, ताकि सही प्रबंधन किया जा सके। यदि पांच से दस साल तक डायबिटीज नियंत्रण में नहीं रहे, तो आंखों का परदा, किडनी और पैरों की नसें खराब हो सकती हैं। इसके अलावा हार्ट अटैक और लकवे का जोखिम भी बढ़ जाता है। <br /><strong>- डॉ नितेश कुमार बौद्ध, विभागाध्यक्ष,एंडोक्रिनोलॉजी, एनएमसीएच</strong></p>
<p><strong>अपनाएं स्वस्थ जीवनशैली </strong><br />मधुमेह से बचाव और नियंत्रण के लिए सबसे जरूरी है एक संतुलित जीवनशैली अपनाना। इसके लिए मीठे और तैलीय भोजन से परहेज करते हुए आहार में फल, सब्जियां और साबुत अनाज शामिल करें। रोजाना कम से कम 30 मिनट पैदल चलें या साइकिल चलाएं। तनाव दूर रखने के लिए ध्यान, प्राणायाम और सकारात्मक सोच अपनाएं। नियमित रूप से ब्लड शुगर की जांच करवाते रहें और धूम्रपान व मदिरा से दूरी बनाए रखें। याद रखें-स्वस्थ जीवनशैली ही मधुमेह पर नियंत्रण की सबसे बड़ी दवा है।<br /><strong>- डॉ धर्मराज मीणा, अधीक्षक, एमबीएस अस्पताल</strong></p>
<p><strong>स्क्रीन टाइम सीमित करें, पर्याप्त नींद जरूरी</strong><br />हर व्यक्ति को 6 से 7 घंटे की नींद जरूर लेनी चाहिए। सोने-जागने का समय नियमित रखें और योग, ध्यान, संगीत, और परिवार के साथ समय बिताना तनाव कम करने के प्राकृतिक उपाय हैं। सकारात्मक सोच और नियमित दिनचर्या डायबिटीज नियंत्रण में मानसिक रूप से भी सहायक होती है। बच्चों में डायबिटीज से बचाव के लिए स्क्रीन टाइम सीमित करें, उन्हें बाहर खेलने के लिए प्रेरित करें और पौष्टिक भोजन दें। सोते समय भगवान का स्मरण जरूर करें। वहीं खाना दिन में चार बार खाएं या उसकी मात्रा कम रखें। ये आदतें न सिर्फ ब्लड शुगर को नियंत्रित रखेंगी बल्कि संपूर्ण स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाएंगी।<br /><strong>- डॉ. सुधीर उपाध्याय, वरिष्ठ फिजिशियन</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 14 Nov 2025 15:56:13 +0530</pubDate>
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                <title>पैकेज्ड फूड में गड़बड़ी दिखे तो करें शिकायत, नहीं बख्शे जाएंगे दोषी विक्रेता, त्योहारी सीजन में हाड़ौती के बाजारों में पैकेज्ड फूड की बढ़ रही मांग</title>
                                    <description><![CDATA[ग्राहकों को खरीदा गया सामान खराब या एक्सपायरी डेट का मिलता है, तो वे इसकी शिकायत कर सकते हैं। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/if-you-notice-any-defects-in-packaged-food--complain--guilty-vendors-will-not-be-spared/article-129936"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/44.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। दीपावली त्योहारों पर कोटा शहर के बाजार चमक रहे हैं  हर गली, हर दुकान पर आकर्षक पैकिंग में बिस्किट, नमकीन, चिप्स, जूस, तेल, आटा, मावा और मिठाई के डिब्बे सजाए गए हैं। बाजारों में हर चमकती पैकिंग के अंदर की हकीकत हमेशा मीठी नहीं होती। हाल के महीनों में खराब या एक्सपायर्ड पैकेज्ड फूड को लेकर कोटा में शिकायतें बढ़ी हैं। सीएमएचओ टीम लगातार बाजारों, दुकानों, मेलों, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड तथा मॉल्स में जांच अभियान चलाकर कार्रवाई करते रहते है। सीएमएचओ डॉ. नरेन्द्र नागर के निर्देशन में खाद्य सुरक्षा टीम में संदीप अग्रवाल, चंद्रवीरसिंह जादौन लगातार शहर के प्रमुख बाजारों में रोजाना कार्रवाई कर रही है। जांच सैम्पल को भी तुरंत प्रयोगशाला में भिजवाकर रिपोर्ट को जल्द से जल्द मंगवाकर आरोपियों को उनके अंजाम तक पहुंचा रही है। इन कार्यवाही में  फूड्स पैकेट्स, स्नैक्स, दूध उत्पाद और तेल शामिल हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने उपभोक्ताओं से भी अपील की है कि पैकेज्ड फूड खरीदते समय उसकी मैन्युफैक्चरिंग व एक्सपायरी डेट अवश्य जांचें और कोई गड़बड़ी दिखे तो तत्काल सीएमएचओ कार्यालय के कंट्रोल नंबर या हेल्प लाइन पर शिकायत करें।</p>
<p><strong>ये है कानून</strong><br />भारत में पैकेज्ड खाद्य पदार्थों को लेकर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 (एफएसएसएआइ एक्ट) और उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 लागू हैं। इन कानूनों में सभी दायरे में आते हैं। इन कानूनों के तहत हर पैक्ड फूड आइटम पर स्पष्ट रूप से यह जानकारी होना जरूरी है।<br />- निर्माण तिथि <br />-  समाप्ति तिथि  ल्ल बैच नंबर<br />- निमार्ता का पता और लाइसेंस नंबर<br />- शाकाहारी या मांसाहारी प्रतीक</p>
<p><strong>ये होंगे जिम्मेदार</strong><br />- निर्माता और विक्रेता दोनों जिम्मेदार माने जाएंगे।  <br />- कंपनी पर 1 लाख से 10 लाख तक जुमार्ना <br />- लाइसेंस रद्द होने के भी प्रावधान</p>
<p><strong>कंपनीज की यह है जिम्मेदारी</strong><br />- पैकेजिंग और स्टोरेज सही रखे जाएं।<br />-  एक्सपायर्ड या क्षतिग्रस्त प्रोडक्ट बाजार में न जाएं।<br />- दोषपूर्ण पैक मिलने पर ग्राहक को रीप्लेसमेंट या रिफंड का विकल्प दे।</p>
<p><strong>यह है ग्राहक के पास विकल्प</strong><br />- राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (एनसीएच)<br />1800-11-4000 या 14404<br />- एनसीएच ऐप पर शिकायत दर्ज करें। आपको एक रजिस्ट्रेशन नंबर मिलेगा, और कंपनी को जवाब देने की बाध्यता होगी।</p>
<p><strong>आॅनलाइन पैक्ड फूड पर भी है नियम </strong><br />- आॅनलाइन प्लेटफॉर्म को केवल लाइसेंस प्राप्त ब्रांड्स का सामान बेचने की अनुमति है।<br />- अगर गलत, एक्सपायर्ड या नकली प्रोडक्ट डिलीवर होता है, तो जिम्मेदारी कंपनी और प्लेटफॉर्म दोनों की मानी जाती है।</p>
<p><strong>इसलिए नहीं कर पाते ग्राहक शिकायत</strong><br />- जानकारी का अभाव: लोग नहीं जानते कि शिकायत कहां करें।<br />- झंझट और देरी का डर: आॅनलाइन फॉर्म भरना या जवाब का इंतजार झंझट लगता है।<br />- छोटी रकम का सोचकर छोड़ देना: कई बार लोग सोचते हैं 50-100 की चीज पर क्या शिकायत करें।<br />- कंपनी की देरी: ग्राहक बार-बार फोन करता है, लेकिन जवाब नहीं मिलता।</p>
<p><strong>ये है उपभोक्ता के अधिकार</strong><br />- सुरक्षा का अधिकार: मिलावटी या दूषित भोजन से सुरक्षा।<br />- जानकारी का अधिकार: लेबल, तारीख और सामग्री की जानकारी।<br />- चयन का अधिकार: सही उत्पाद चुनने की स्वतंत्रता।<br />- सुनवाई का अधिकार: शिकायत दर्ज करने और सुनवाई पाने का हक।<br />- निवारण का अधिकार: नुकसान का मुआवजा पाने का अधिकार।<br />- शिक्षा का अधिकार: जागरूकता और जानकारी प्राप्त करने का अधिकार।</p>
<p><strong>ग्राहक भी सतर्क रहें</strong><br />यदि ग्राहकों को खरीदा गया सामान खराब या एक्सपायरी डेट का मिलता है, तो वे इसकी शिकायत कर सकते हैं। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की हेल्पलाइन पर संपर्क किया जा सकता है। शिकायत की पुष्टि होने पर संबंधित कंपनी का लाइसेंस तक रद्द किया जा सकता है। ग्राहक अपनी शिकायत सीएमएचओ कार्यालय, कोटा के कंट्रोल रूम नंबर 2329259 पर दर्ज करवा सकते हैं। त्योहारों के समय ग्राहकों को भी अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए।<br /><strong>- डॉ. नरेंद्र नागर, सीएमएचओ, कोटा</strong></p>
<p><strong>एक्सपर्ट व्यू एक्सपायरी डेट प्रोडक्ट्स से दुकानदार भी परेशान: सुखेजा</strong><br />कंपनियों द्वारा एक्सपायरी डेट के प्रोडक्ट बाजार में भेजे जाने से न केवल ग्राहकों को परेशानी होती है बल्कि दुकानदारों को भी नुकसान उठाना पड़ता है। ग्राहक शिकायत लेकर सीधे दुकानदार के पास पहुंचते हैं, जबकि दुकानदार को आगे कंपनी से संपर्क कर समाधान कराना पड़ता है। कोटा के सीएमएचओ तथा खाद्य निरीक्षक को समय-समय पर कंपनियों को पाबंद करना चाहिए ताकि एक्सपायरी डेट का माल बाजार में न पहुंचे। यह जिम्मेदारी सबकी है कंपनी, दुकानदार और प्रशासन तीनों को मिलकर एक्सपायरी माल को रोकना चाहिए। कंपनियों को भी चाहिए कि वे एक्सपायरी डेट का सामान दुकानदार के न पहुंचे। अगर गलती से भेज दिए गए हों तो उन्हें तुरंत वापस लें। उन्होंने कहा कि छोटे दुकानदारों को इस स्थिति में सबसे ज्यादा आर्थिक नुकसान होता है, इसलिए ग्राहकों के साथ-साथ कंपनियों को भी जागरूक रहना चाहिए। -जयदेव सुखेजा, राजस्थान खुदरा किराणा विक्रेता संघ  के प्रदेश मंत्री एवं मीडिया प्रवक्ता</p>
<p><strong>रोजाना कर रहे जांच</strong><br />त्योहारी सीजन में खाद्य पदार्थों में गड़बड़ी की आशंका को देखते हुए रोजाना सीएमएचओ डॉ. नरेन्द्र नागर के निर्देशन रेलवे स्टेशन, दशहरा मेला, बस स्टैंड, सब्जी मंडी तथा शहर की कई प्रमुख जगहों पर रोजाना खाद्य पदार्थों को चेक किया जा रहा है। वहीं एक्सपाइयरी सामान मिलने पर तुरंत नष्ट भी करवा रहे है। वहीं ग्राहकों की शिकायत मिलने पर भी कार्यवाही करते है। वहीं गड़बड़ी की आशंका के चलते जांच के नमूने लेकर प्रयोशाला में भी भिजवा रहे है।<br /><strong>- संदीप अग्रवाल, खाद्य निरीक्षक, सीएमएचओ कार्यालय, कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Oct 2025 14:29:54 +0530</pubDate>
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                <title>मुनाफे के लालच में खुलेआम बिक रहे एक्सपायरी फूड प्रोडक्ट्स, मॉल, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशनों पर ग्राहकों की सेहत से हो रहा खिलवाड़</title>
                                    <description><![CDATA[ग्राहक विश्वास और भरोसे के साथ बिना जांचे इन्हें खरीद  रहे हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/expired-food-products-are-being-sold-openly-in-the-pursuit-of-profit--compromising-the-health-of-customers-in-malls--bus-stands--and-railway-stations/article-129640"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/y-of-news-(22).png" alt=""></a><br /><p>कोटा। तेजी से बदलती जीवनशैली में जहां हर कोई समय बचाने के लिए रेडी-टू-ईट्स पैकेज फूड की ओर रुख कर रहा है, वहीं यही सुविधा अब सेहत के लिए खतरा बनती जा रही है। शहर के कई स्थानों  खासकर बड़े मॉल, रोडवेज बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन के आस-पास  एक्सपायरी डेट निकल चुके फूड पैकेट धड़ल्ले से बिक रहे हैं। उनमें मैगी, ओट्स, बिस्किट और कुरकुरे जैसे पैक्ड फूड, जो हर घर में बच्चों से लेकर बड़ों तक की पसंद हैं, अब मिलावट और एक्सपायरी की मार झेल रहे हैं। बाजार में इनका ट्रेंड बढ़ता जा रहा है, लेकिन इसके साथ ही जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ भी हो रहा है। वहीं दूसरी और सीएमएचओ टीम त्योहारी सीजन को देखते हुए लगातार कार्यवाही कर रही है। टीम ने पिछले चार दिनों में यूज्ड आॅयल, 20 किलो मसाला, 150 किलो पनीर तथा 30 किलो आॅयल नष्ट करवाया है। वहीं सोमवार को खाद्य सुरक्षा टीम ने सुल्तानपुर, ईटावा व खातौली में निरीक्षण किया है। जब नवज्योति रिपोर्टर ने शहर के प्रमुख स्थानों  दशहरा मेला, तलवंडी, गुमानपुरा, रेलवे स्टेशन और रोडवेज बस स्टैंड  पर जाकर देखा तो बिस्किट, नूडल्स के पैकेटों पर एक्सपायरी डेट महीनों पहले की निकल चुकी थी। कुछ पर मार्किंग तक मिटी हुई थी ताकि ग्राहक पहचान न सकें। छोटे दुकानों से लेकर बड़े मॉल तक त्योहारी सीजन पर इस तरह का माल निकालते है। </p>
<p><strong>बढ़ रहा फास्ट फूड का चलन</strong><br />कोरोना के बाद से हाड़ौती शहरवासियों की दिनचर्या में बड़ा बदलाव आया है। व्यस्तता के बीच तैयार खाना पकाना मुश्किल होता जा रहा है। ऐसे में लोग आसान विकल्प के रूप में पैक्ड फूड की ओर झुक गए हैं। दुकानों से लेकर सुपरमार्केट तक, हर जगह आकर्षक पैकिंग में यह फूड आइटम ग्राहकों को लुभाते हैं। इन आकर्षक पैकिंग के पीछे कई बार खतरे छिपे होते हैं। एक्सपायरी डेट निकलने के बावजूद ये सामान बेचे जा रहे हैं और ग्राहक विश्वास और भरोसे के साथ बिना जांचे इन्हें खरीद भी रहे हैं। </p>
<p><strong>सीएमएचओ की कार्यवाही, फिर भी नहीं थम रही लापरवाही</strong><br />मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) कार्यालय की ओर से समय-समय पर जांच अभियान चलाए जाते हैं। कई बार इन जगहों पर नमूने लेकर कार्रवाई भी की गई है। हाल ही में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शहर के कुछ बड़े मॉल और स्टेशनों व दशहरा मेला में अभियान चलाया था, जहां कई जब्त की तथा कुछ को नष्ट भी करवाया, लेकिन, अफसरों की कार्रवाई के कुछ दिनों बाद ही फिर से पुराने हालात लौट आते हैं। विक्रेता नए नाम से, नए ब्रांड के साथ वही गलती दोहराते हैं।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />- एक स्थानीय रामूलाल ने बताया कि हम रोजाना बच्चों के लिए बिस्किट और नूडल्स लेते हैं, पर कभी एक्सपायरी डेट देखने का ध्यान नहीं देते। पिछले दिनों घर लाए ओट्स पैकेट में अजीब गंध आ रही थी, तब जाकर देखा तो उसकी एक्सपाइरी तारीख तो सालभर पहले ही निकल चुकी थी। <br />- वहीं दुकानदारों का कहना है कि कंपनियों से जो स्टॉक आता है, उसमें कई बार पुराना माल भी शामिल होता है। व्यवस्ता के कारण हमें भी कई बार जानकारी नहीं मिल पाती है। <br />- कुछ विक्रेता तो साफ तौर पर कहते हैं कि हम तो जो सप्लायर देता है, वही बेचते हैं। ग्राहक को भी चाहिए वो इन चीजों का ध्यानपूर्व चेक करने के बाद ही लें। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर जिम्मेदारी किसकी है।</p>
<p><strong>एक्सपायरी फूड से हो सकते हैं गंभीर खतरे</strong><br />एक्सपायरी फूड सिर्फ स्वाद बिगाड़ता नहीं, बल्कि शरीर के लिए नुकसानदेह होता है। एक्सपायरी के बाद पैक्ड फूड में मौजूद तेल और संरक्षक रासायनिक रूप से बदलने लगते हैं। यह शरीर में विषाक्त प्रभाव डालते हैं, जिससे उल्टी, दस्त, एलर्जी, फूड पॉइजनिंग और लिवर तक प्रभावित हो सकता है।<br /><strong>-डॉ. धर्मराज मीणा, अस्पताल अधीक्षक, एमबीएस कोटा</strong></p>
<p><strong>लगातार कार्रवाई से विक्रेताओं में सुधार</strong><br />पिछली दीपावली पर हुई कार्रवाई के बाद अब विक्रेताओं में काफी सुधार देखने को मिल रहा है। विभाग की टीमें रोजाना अभियान चलाकर निरीक्षण कर रही हैं, जिससे लोगों में डर भी बना हुआ है। फूड पैकेट्स में एक्सपायरी डेट मिलते ही उन्हें तुरंत मौके पर ही नष्ट करवाया जा रहा है। अभी भी विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है। रेलवे स्टेशनों के बाहर स्थित दुकानों पर भी नियमित जांच की जा रही है। हाल ही में टीम खातौली, सुल्तानपुर और इटावा क्षेत्र में मावा की सूचना पर पहुंची थी और वहां आवश्यक कार्रवाई की गई।<br /><strong>-डॉ. नरेन्द्र नागर, सीएमएचओ, कोटा</strong></p>
<p><strong>यह करें उपभोक्ता</strong><br />- हर बार खरीदारी से पहले पैक पर तारीख अवश्य देखें।<br />- खुला हुआ या टूटा पैकेट कभी न लें।<br />- ठंडी और सूखी जगह पर रखे प्रोडक्ट को ही चुनें।<br />- एक्सपायरी प्रोडक्ट मिलने पर तुरंत 1915 पर शिकायत दर्ज कराएं।<br />- बच्चों के स्नैक्स में विशेष सावधानी बरतें, क्योंकि वे अधिक संवेदनशील होते हैं।</p>
<p><strong>इनको करवाया नष्ट</strong><br />7 अक्टूबर : 120 किलो यूज्ड आॅयल<br />8 अक्टूबर : 20 किलो मसाला<br />11 अक्टूबर : 150 किलो पनीर<br />12 अक्टूबर : 30 किलो आॅयल</p>
<p><strong>इनको किया सीज</strong><br />6 अक्टूबर : 500 किलो बुरा, 3170 मिश्री, 1450 सोडियम हाइड्रोसल्फाइड<br />8 अक्टूबर : 75 किलो आॅयल<br />9 अक्टूबर : 1275 किलो घी, 320 किलो मावा<br />11 अक्टूबर : 400 किलो मावा, 120 किलो आॅयल, 30 किलो वनस्पति</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Oct 2025 17:02:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आरजीएचएस योजना : जिलों में सीएमएचओ होंगे योजना के जिम्मेदार, मा योजना के नोडल अधिकारी संभालेंगे आरजीएचएस का कार्य</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (आरजीएचएस) को मजबूत बनाने के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने नए दिशा निर्देश जारी किए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p>जयपुर। राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (आरजीएचएस) को मजबूत बनाने के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने नए दिशा निर्देश जारी किए हैं। प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि अब आरजीएचएस की सभी पत्रावलियां राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी (आरएसएचएए) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के माध्यम से विभाग को भेजी जाएंगी। योजना के संचालन और निगरानी का जिम्मा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को सौंपा गया है।आरएसएचएए के सीईओ हरजी लाल अटल ने बताया कि जिला स्तर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) योजना के संचालन और क्रियान्वयन के लिए उत्तरदायी होंगे। मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य (मा) योजना के जिला नोडल अधिकारी अब आरजीएचएस के भी नोडल अधिकारी होंगे और जिले में योजना से जुड़े न्यायिक मामलों की पैरवी भी सुनिश्चित करेंगे।</p>
<p>परियोजना अधिकारी शाहीन अली ने कहा कि मा योजना के जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी) भी आरजीएचएस के कार्यों में सीएमएचओ और नोडल अधिकारी का सहयोग करते हुए योजना के क्रियान्वयन, समन्वय और मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी निभाएंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 20 Aug 2025 18:53:40 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डेंगू मलेरिया जैसी बीमारियां बढ़ा रहा खाली भूखंडों में भरा पानी, सीएमएचओ ने जारी किए निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[सूत्रों के अनुसार सीएमएचओ के निर्देश व आयुक्त के आदेश से जन स्वास्थ्य अनुभाग के अधिकारी व कर्मचारी अपने-अपने क्षेत्र में ऐसे खाली भूखंडों का सर्वे करेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/water-filled-in-empty-plots-is-increasing-diseases-like-dengue-and-malaria/article-108709"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/news48.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर के अधिकतर क्षेत्रों और पॉश कालोनियों तक में खाली पड़े भूखंडों में भरा पानी व कचरा डेंगू मलेरिया जैसी बीमारियां बढ़ा  रहे है। ऐसे भूखंड मालिकों को नगर निगम कोटा दक्षिण ने 7 दिन में चार दीवारी निर्माण के निर्देश दिए हैं। शहर के विकास व विस्तार के साथ ही मकानों का निर्माण भी तेजी से हो रहा है। नए - नए क्षेत्र व कॉलोनियां विकसित हो रही है। लेकिन हालत यह है कि लोग भूखंड खरीदकर उसे वैसा ही छोड़ रहे है। न तो उस पर चार दीवारी निर्माण करवा रहे हैं और न ही मकान बनवा रहे है। जिससे खाली भूखंडों में बरसात का पानी और आस-पास का कचरा जमा होने से उनमें मच्छर पनप रहे है। ये मच्छर आस-पास रहने वाले लोगों के लिए बीमारी का कारण बने हुए हैं।</p>
<p><strong>सीएमएचओ ने जारी किए निर्देश</strong><br />शहर में मच्छर जनित बीमारियों के बढ़ने की संभावना को देखते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय की ओर से नगर निगम को निर्देश दिए गए हैं। जिसमें शहर में खाली पड़े भूखंडों में एमएलओ छिड़काव करवाने समेत उन पर निर्माण करवाने के लिए कहा गया है। जिसकी पालना में नगर निगम कोटा दक्षिण के आयुक्त ने खाली भूखंड मालिकों को 7 दिन में निर्माण कार्य करवाने के निर्देश दिए हैं। आयुक्त अनुराग भार्गव  द्वारा जारी आदेश के अनुसार नगर निगम कोटा दक्षिण के क्षेत्राधिकार में आने वाले ऐसे भूखण्ड मालिक जिनके भूखण्ड खाली पडे हुये है और उन पर निर्माण कार्य नहीं किया है। इन खाली भूखण्डों से में बरसात का पानी जमा होने से डेंगू व अन्य मौसमी बीमारियों के संक्रमण की संभावना बनती है। बजरंग नगर, पुलिस लाइन, केसर बाग, साबरमती कॉलोनी, बोरखेड़ा, नदी पार कुन्हाड़ी व कृष्णा नगर और यहां तक कि लैंड मार्क में भी कई जगह पर खाली भूखंड पड़े हुए हैं। </p>
<p><strong>7 दिन  में करें निर्माण, वरना होगी कार्रवाई</strong><br />ऐसे भूखण्ड मालिक आगामी 7 दिन में अपने भूखण्डों पर चारदीवारी कर या मिट्टी भरकर उनको समतलीय करे। ताकि मौसमी बीमारियों का संक्रमण व जहरीले जीव-जन्तु नहीं पनपे। यदि भूखण्ड मालिक के द्वारा 7 दिन में  चारदीवारी कर समतलीय नहीं करेगें तो उन पर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि पूर्व में भी नगर निगम और कोटा विकास प्राधिकरण की ओर से इस तरह की चेतावनी भूखंड मालिकों को दी जा चुकी है। जिसमें से गिनती के ही भूखंडों पर निर्माण हुआ था। निर्माण नहीं करने वालों पर निगम व केडीए ने सख्ती नहीं की और न ही उनके भूखंड निरस्त किए। जिससे बरसों बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। </p>
<p><strong>सफाई महकमे की टीम करेगी सर्वे व नोटिस जारी</strong><br />सूत्रों के अनुसार सीएमएचओ के निर्देश व आयुक्त के आदेश से जन स्वास्थ्य अनुभाग के अधिकारी व कर्मचारी अपने-अपने क्षेत्र में ऐसे खाली भूखंडों का सर्वे करेंगे। उन भूखंड मालिकों को नोटिस जारी किए जाएंगे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 26 Mar 2025 15:36:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूखा दिवस मनाकर मौसमी बीमारियों से रखें बचाव : फौजदार </title>
                                    <description><![CDATA[सूखा दिवस के अंतर्गत अपने घर और आस पास पानी इकट्ठा नहीं होने दें। गमले, पानी के कंटेनर और कूलर इत्यादि की साफ सफाई करें।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/keep-yourself-safe-from-seasonal-diseases-by-celebrating-dry-day/article-92677"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-10/4427rtrer-(1)14.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। सीएमएचओ जयपुर प्रथम डॉ. विजय सिंह फौजदार ने आमजन से अपील करते हुए सूखा दिवस मनाने की अपील की है। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि बढ़ती मौसमी बीमारियों के मद्देनज़र सतर्क रहते हुए प्रत्येक अपने घरों और आस-पास मच्छरों से बचाव हेतु सूखा दिवस मनाएं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि सूखा दिवस के अंतर्गत अपने घर और आस पास पानी इकट्ठा नहीं होने दें। गमले, पानी के कंटेनर और कूलर इत्यादि की साफ सफाई करें। परिंडों को सुखाकर पानी भरें। साथ ही छत पर पड़े कबाड व डिब्बों इत्यादि का पानी हटाकर सुखा लें। </p>
<p>उन्होंने कहा कि प्रत्येक रविवार इस क्रिया विधि को दोहराएं। इससे मौसमी बीमारियों जैसे डेंगू, मलेरिया इत्यादि पर अंकुश लगाने मे मदद मिलेगी और आप स्वस्थ और निरोग रहेंगे। डेंगू बुखार रोकथाम के लिए सजग और सतर्क रहने की अपील की है।</p>
<p>उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि डेंगू नियंत्रण के लिए अपने घर के आस-पास पानी एकत्रित न होने दें, जिससे मच्छरों की व्यत्पत्ति पर रोक लगाई जा सके। साथ ही घर के दरवाजे खिड़की बंद रखें, जिससे मच्छर अंदर ना आ सके। घर पर रखे कंटेनर, जिसमे पानी एकत्रित होता है उनको नियमित साफ करें। पूरी बांह के कपड़े पहने, जिससे मच्छर आपको न काट सके।</p>
<p>उन्होंने अपील करते हुए कहा कि जागरुक रहकर ही डेंगू जैसी बीमारी से लड़ा जा सकता है। यदि फिर भी तबियत खराब हो और बुखार आ जाए तो तुरंत अपने नजदीकी सरकारी चिकित्सालय में जाएं एवं निशुल्क इलाज प्राप्त करें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 09 Oct 2024 18:03:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ढोल ढमाकों के साथ ज्वाइन किया नए सीएमएचओ डॉ. सोनी ने</title>
                                    <description><![CDATA[ कोटा के नए सीएमएचओ डॉ. जगदीश सोनी ने गुरुवार को पदभार ग्रहण कर लिया। डॉ. सोनी के  सीएमएचओ के रूप में उनकी जॉइनिंग को लेकर कोटा शहर में  खासी चर्चा रही। जहां एक ओर डॉ. बीएस तंवर के नाराज चल रहे चिकित्सकों व कार्मिकों में खुशी का माहौल था वहीं दूसरी और डॉ. तंवर समर्थकों को सीएमएचओं के जॉइन करने का तरीका पंसद नहीं आया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/dr--soni-joined-the-new-cmho-with-the-drum-beats/article-17891"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-08/dr-soni-news-cmho-kota-new.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । कोटा के नए सीएमएचओ डॉ. जगदीश सोनी ने गुरुवार को पदभार ग्रहण कर लिया। सुबह से स्वास्थ्य भवन में  सीएमएचओं को बधाइयां देने वालों का तांता लगना शुरू हुआ जो दिन भर चलता रहा। डॉ. सोनी के  सीएमएचओ के रूप में उनकी जॉइनिंग को लेकर कोटा शहर में  खासी चर्चा रही। जहां एक ओर डॉ. बीएस तंवर के नाराज चल रहे चिकित्सकों व कार्मिकों में खुशी का माहौल था वहीं दूसरी और डॉ. तंवर समर्थकों को सीएमएचओं के जॉइन करने का तरीका पंसद नहीं आया। उनका कहना था कि एक तरफ कोटा शहर में फिर से कोरोना पैर पसारने लगा है और एक मौत भी हो चुकी है। दूसरी तरफ चिकित्सा विभाग का जिम्मेदारी भरा पद संभालने के लिए नए सीएमएचओ डॉ. जगदीश सोनी फूल मालाओं से लदकर ढोल की थाप के बीच रैली के रूप में आॅफिस पहुंच रहे हैं। <br /><br />सीएमएचओ डॉ. जगदीश सोनी मैनरोड से स्वास्थ्य भवन तक ढोल थाप पर आॅफिस पहुंचे। इस दौरान सकतपुरा, कुन्हाड़ी, नांता क्षेत्र के लोग बड़ी संख्या में डॉ. सोनी का स्वागत करते हुए चल रहे। आॅफिस पहुंचने तक लोगों ने डॉ. सोनी को फूलमालाओं से लाद दिया। सीएमएचओ आॅफिस का पूरा स्टाफ उनके स्वागत के लिए आॅफिस के बाहर जमा हो गया। इसके बाद उनके आॅफिस के अंदर भी पूरा स्टाफ फूल माला लेकर उन्हें पहनाने के लिए आ गया। स्टाफ व अन्य लोग नए सीएमएचओ को माला पहनाने के साथ उनके साथ फोटो खिंचवाने की होड़ में नजर आए। आॅफिस में ही नारेबाजी हुई। यहां तक कि स्टाफ ने उन्हें गोद में उठा लिया। हालांकि जॉइनिंग को लेकर किसी तरह की कोई गाइड लाइन नहीं है लेकिन जॉइनिंग के इस तरीके को लेकर विभाग में ही काफी चचार्एं हो रही है। गौरतलब है कि 1 दिन पहले ही कोटा के सीएमएचओ रहे बीएस तंवर का तबादला कर दिया गया और उनकी जगह डॉ. जगदीश सोनी को लगाया गया है। सकतपुरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र  में जगदीश सोनी करीब 20 साल से कार्यरत रहे हैं। उनके कार्यकाल के दौरान ही  डिस्पेंसरी को अवॉर्ड भी मिले हैं। <br /><br /><strong>कोविड रोकथाम पर रहेगा फोकस</strong> <br />डॉ. जगदीश सोनी ने बताया कि उनकी पहली प्राथमिकता जिले में बढ़ते कोविड संक्रमण को रोकने की रहेगी। इसके लिए जांच केंद्रों की संख्या बढ़ाई जाएगी। साथ सर्वे कराकर जिन इलाकों में पॉजीटिव मरीज आ रहे है वहां की सैंपलिंग कराई जाएगी। इसके अलावा रोडवेज, रेलवे स्टेशन जांच केंद्रों फिर से सक्रिय किया जाएगा।  वर्तमान में 400 से 450 जांच हो रही उसको 1 हजार से 1500 तक किया जाएगा। कोटा में एक दिन में पांच हजार जांच करने की क्षमता है। इसलिए जांच का दायरा फिर से बढ़ाया जाएगा। मौसमी बीमारियों संदिग्धों को चिहिंत कर उनकी कोरोना जांच कराई जाएगी जिससे संक्रमण फैलाव रूके। <br /><br /><strong>सीएचसी पीएचसी पर होगा बेहतर प्रबंधन</strong><br />शहर व ग्रामीण क्षेत्र की सीएचसी व पीएचसी पर लोगों को बेहतर इलाज समय पर मिले इस पर फोकस रहेगा। पूरे चिकित्सा विभाग के स्टाफ को साथ लेकर लोगों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए काम किया जाएगा। सीएचसी पीएचसी पर जांच, दवा और स्टाफ जैसी समस्याओं के निराकरण के लिए पूरा प्रयास रहेगा। <br /><br /><strong>मौसमी बीमारियों की करेंगे प्रभावी मॉनिटरिंग</strong><br />डॉ. सोनी ने बताया कि कोटा में मौसमी बीमारियों को लेकर चल डोर टू डोर अभियान की प्रभावी मॉनिटरिंग के साथ बीमारियों की रोकथाम के लिए जांच  और मरीजों को चिंहित करने कार्य तेजी से किया जाएगा। <br /><br /><strong>कोविड वैक्सीनेशन मेगा शिविर लगाएंगे</strong><br />सीएमएचओं ने बताया कि कोविड संक्रमण का बचाव वैक्सीन ही है। जिले में पहली, दूसरी व प्रीकॉशन डोज के लिए मेघा शिविर लगाकर लोगों अधिक से अधिक वैक्सीन लगाई जाएगी। 12 से 14 साल के बच्चों के वैक्सीनेशन कम हुआ इसको बढ़ाया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 05 Aug 2022 16:43:42 +0530</pubDate>
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                <title>सीएमएचओ डॉ बीएल बुनकर ने किया कार्यभार ग्रहण </title>
                                    <description><![CDATA[पहली प्राथमिकता मारवाड़ के कुंभ कहे जाने वाले रामदेवरा मेले को लेकर चिकित्सा व्यवस्था को सुव्यवस्थित सुचारू करना रहेगी। इसी के साथ वहां आने वाले यात्रियों को किसी प्रकार की चिकित्सा व्यवस्था संबंधित समस्या ना हो उसके लिए अथक प्रयास किए जाएंगे ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaisalmer/jaisalmer-cmho-dr-bl-weaver-took-charge/article-17739"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-08/131.jpg" alt=""></a><br /><p> जैसलमेर। जैसलमेर के नवनियुक्त सीएमएचओ डॉ बाबूलाल बुनकर ने आज अपना कार्यभार ग्रहण करते हुए बताया कि उनकी पहली प्राथमिकता मारवाड़ के कुंभ कहे जाने वाले रामदेवरा मेले को लेकर चिकित्सा व्यवस्था को सुव्यवस्थित सुचारू करना रहेगी। इसी के साथ वहां आने वाले यात्रियों को किसी प्रकार की चिकित्सा व्यवस्था संबंधित समस्या ना हो उसके लिए अथक प्रयास किए जाएंगे वही मौसमी बीमारियों के लिए जिला स्तर पर चिकित्सा व्यवस्था में सुधार किए जाएंगे और जिले के चिकित्सा संस्थानों पर रिक्त पड़े पदों को शीघ्रता शीघ्र भरा जाएगा जैसे कि जिले वासियों को स्वास्थ्य संबंधित सेवाएं सुलभ हो सके।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जैसलमेर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 04 Aug 2022 16:11:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[jodhpur]]></dc:creator>
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                <title>बिना चिकित्सक और रजिस्ट्रेशन के चला रहे निजी अस्पताल, प्रतिनिधि के खिलाफ मामला दर्ज</title>
                                    <description><![CDATA[बीदासर। कस्बे मे बुधवार की देर शाम मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज शर्मा के नेतृत्व मे गठित दल ने राजकीय बांठिया माध्यमिक विद्यालय के सामने चल रहे एक निजी हॉस्पीटल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद निजी अस्पताल मे मिली अनियमिताओं के खिलाफ बीदासर पुलिस थाना में सीएमएचओ मनोज शर्मा की ओर से देर रात्रि में अस्पताल के संस्थान प्रतिनिधि के खिलाफ मामला दर्ज करवाया गया। है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/churu/private-hospitals-running-without-doctor-and-registration/article-12416"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/25.jpg" alt=""></a><br /><p>बीदासर। कस्बे मे बुधवार की देर शाम मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज शर्मा के नेतृत्व मे गठित दल ने राजकीय बांठिया माध्यमिक विद्यालय के सामने चल रहे एक निजी हॉस्पीटल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद निजी अस्पताल मे मिली अनियमिताओं के खिलाफ बीदासर पुलिस थाना में सीएमएचओ मनोज शर्मा की ओर से देर रात्रि में अस्पताल के संस्थान प्रतिनिधि के खिलाफ मामला दर्ज करवाया गया। है। सीएमएचओ मनोज शर्मा ने बताया कि निरीक्षण के दौरान लैब संचालित मिली जो क्लिनिकल स्टेबलिस्टमेन्ट एक्ट 2010 के अन्तर्गत पंजीकृत नही मिली जिसके चलते लैब को सीज कर दिया गया साथ ही गर्भवती महिलाओं के प्रसव करवाने के उपकरण व दवाइयां भी सीज किए।</p>
<p>निरीक्षण के दौरान सीएमएचओ के साथ गठित टीम मे औषधी नियंत्रण अधिकारी मनोज कुमार गढ़वाल, बीसीएमएचओ डॉ. ओमप्रकाश धानिया, पीसीपीएनडीटी समन्वयक चूरू राजकुमार, जिला आशा समन्वयक फरजाना साथ थे।संस्थान प्रतिनिधि के विरुद्ध कराया मामला दर्ज पुलिस थाना में बुधवार की देर रात सीएमएचओ मनोज शर्मा ने मामला दर्ज करवाया कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी रतनगढ़ को प्राप्त गुप्त सूचना के आधार पर गठित टीम के सदस्यों द्वारा जीवन रक्षा हॉस्पीटल का निरीक्षण किया। इस दौरान संस्थान प्रतिनिधि ऋषिकेश कडवासरा द्वारा हॉस्पीटल का संचालन करना पाया गया तथा मौके पर फर्द बनाई गई।</p>
<p>मौके पर ऋषिकेश कड़वासरा द्वारा आधुनिक चिकित्सा पद्धति से चिकित्सा अभ्यास करने के लिए आवश्यक कोई प्रमाण पत्र डिग्री प्रस्तुत नही की गई। उक्त संस्थान मे आधुनिक चिकित्सा पद्धति से चिकित्सा अभ्यास करने के लिये आधुनिक चिकित्सा परिषद अधिनियम के अन्तर्गत पंजीयन नहीं पाए गए। इस प्रकार भोलीभाली ग्रामीण जनता के साथ गुमराह कर आधुनिक चिकित्सा पद्धति से चिकित्सा अभ्यास कर रहा है। जो भारतीय दण्ड संहिता की धारा 419, 420 के तहत दण्डनीय अपराध है। पुलिस ने सीएमएचओ की रिपोर्ट पर संस्थान के प्रतिनिधि के खिलाफ मामला दर्ज किया है।</p>
<p>इस दौरान सीएमएचओ शर्मा ने एक अन्य सूचना पर प्राइवेट क्लिनिक का भी निरीक्षण किया। शर्मा ने बताया कि क्लिनिक की जैसी सूचना मिली थी वो निरीक्षण के दौरान नहीं मिली। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की संस्था हो या झोला छाप नीम हकीम हो उनके खिलाफ भविष्य मे ऐसी कार्यवाही लगातार की जाएगी। किसी भी सुरत में आम लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने का कोई अवसर नहीं दिया जाएगा। इस दौरान उन्होंने रात्रि मे सीएचसी बीदासर तथा मणोत डिस्पेंसरी का भी औचक निरीक्षण किया। इस दौरान ओटी में सफाई व्यवस्था को लेकर असंतोष जाहिर करते हुए कहा कि ठेकेदार को सफाई को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा तथा सुधार नहीं होने पर ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट किया जाएगा। इस मौके पर सीएमएचओ ने सीएचसी प्रभारी डॉ. धर्मवीर स्वामी को निर्देश दिये कि रात्रि मे भी रोगियों की जो सुविधा मिलने चाहिये वो मिलनी चाहिये। इस दौरान बीसीएमएचओ सुजानगढ डॉ. औमप्रकाश धानिया भी उनके साथ थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>चूरू</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Jun 2022 13:00:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>21वीं सदी में 75रुपए प्रतिमाह वेतन.... जानने के लिए पढ़े पूरी ख़बर </title>
                                    <description><![CDATA[टोंक। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य ढाई रुपए रोज के हिसाब से 8 घंटे की ड्यूटी देने वाले दूल्हा मियां की पीड़ा को राजस्थान राज्अधिकारी कार्यालय टोंक में वर्तमान समय में य मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान में लेकर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएम एचओ) से जवाब तलब किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/tonk/75-rupees-per-month-salary-in-21st-century/article-11139"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/tod1.jpg" alt=""></a><br /><p>टोंक। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य ढाई रुपए रोज के हिसाब से 8 घंटे की ड्यूटी देने वाले दूल्हा मियां की पीड़ा को राजस्थान राज्अधिकारी कार्यालय टोंक में वर्तमान समय में य मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान में लेकर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएम एचओ) से जवाब तलब किया। गांधीवादी मुजीब आजाद ने बताया कि ढाई रुपए रोज के हिसाब से 75 रुपए प्रति माह के रूप में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय टोंक पर नियमित रूप से नौकरी करते आ रहे बहीर निवासी श्रमिक दूल्हा मियां की पत्नी गंभीर रूप से बीमार है आर्थिक तंगी के चलते हुए, नियमित होने की आस में दूल्हे मियां प्रतिदिन पैदल या साइकिल से बहीर से सीएमएचओ कार्यालय और यहां से विभागों में सरकारी डाक बांटते नजर आ जाते हैं।</p>
<p>आर्थिक स्थिति को संभाल लेंगे, कोई बनिये कि नहीं सरकार की नौकरी कर रहे हैं और उन्हें सरकार के अदल-इंसाफ पर भरोसा है। लेकिन अभी 30 मई को उन्हें भारी आघात पहुंचा जब उन्हें ब्लॉक सीएमएचओ द्वारा 60 वर्ष की अधिवार्षिक आयु 60 वर्ष पूर्ण करने पर 30 जून को राज्य सेवा से सेवानिवृत्ति का आदेश क्रमांक 763 थमा दिया गया। दुल्हे मियां की परिस्थितियों की जानकारी गत दिनों 24 मार्च को गांधीवादी मुजीब आजाद को मिली, जब उनके आग्रह पर राज्य मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति गोपाल कृष्ण व्यास टोंक दौरे पर आए हुए थे, उन्हें दुल्हे मियां की पीड़ा से अवगत कराया गया, जिस पर मुजीब आजाद ने सूक्ष्मता के साथ अध्ययन कर मानव अधिकार हनन का मामला राज्य मानवाधिकार आयोग में 27 मार्च को दर्ज कराया है । मामले की गंभीरता को देखते हुए  राज्य मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति गोपालकृष्ण व्यास ने संज्ञान लेकर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी टोंक को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>टोंक</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Jun 2022 13:01:21 +0530</pubDate>
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