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                <title>government job - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>संघर्ष पथ पर जो मिले यह भी सही वह भी सही</title>
                                    <description><![CDATA[ शिक्षिका की सरकारी नौकरी छोड़ समाज सेवा का उठाया बीड़ा। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/whatever-she-gets-on-the-path-of-struggle-is-also-right--that-is-also-right/article-92287"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-10/4427rtrer8.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। प्रसन्ना भंडारी के विशाल आकाश में सुमन का खिलना कोई आसान काम नहीं था। यहां सास के विशाल आभा मंडल और समाज सेवा के समर्पण में सुमन रूपी फूल की पहचान बनाना किसी चुनौती से कम नहीं है। लोगों को लगता है कि सुमन भंडारी  समाज सेविका प्रसन्ना भंडारी द्वारा तैयार की करणी विकास समिति, शिशु गृह, आश्रय, श्रद्धा वृद्धा आश्रम के  विरासत में मिले सेटअप को ही आगे बढ़ा रही है, ऐसा नहीं है। आकाश की कोई सीमा नहीं है ऐसे ही समाज सेवा के पथ पर चलना कोई आसान काम नहीं है। जो लोगों दिखता है वैसा होता नहीं उसके पीछे एक संघर्ष छिपा होता है जो सुमन को सुमन भंडारी बनाया है। आज से 39 साल पहले 1985 में पहली बार भंडारी परिवार में शादी करके आई तो यहां देखा की सासू मां नवजात बच्चों की देखभाल का एक बाल शिशु गृह स्वयंसेवी संस्था चला रही थी।  जब में इस घर में आई में सरकारी नौकरी में बतौर शिक्षिका थी। मैने देखा पूरा परिवार ही इन नवजात अनाथ बच्चों के लालन पालन में जुटा  है तो पहले तो मुझे अजीब लगा चहुंओर बच्चे ही बच्चे उनकी देखभाल में ससूरजी सासू मां के काम हाथ बंटा रहे है। बच्चों के डाइपर बदल रहे तो कोई पोटी साफ कर रहा है। पहले लगा यह क्या है। मैं जिस परिवेश से आई वहां के और ससुराल के माहौल में जमीन आसमान का अंतर था। मेरे पिता पुलिस में डिप्टी की पोस्ट पर थे। पूरा परिवार अनुशासन और पढ़ाई वाला था जबकि ससुराल में सारा उल्टा पति, सास, ससुर सभी समाज सेवा में लगे हुए थे। जब पहली बार शादी करके ससुराल आई तो वहां देखा की सासू मां के बेड पर पांच छह नन्हें शिशु सो रहे थे। एक बार लगा यह क्या है। फिर इसकी आदत हो गई मुझे यह सब करने में आनंद आने लगा। </p>
<p><strong>मेरी बेटी  भी घर में पल रहे छोटे बच्चों के बीच ही बड़ी हुई</strong><br />छोटे बच्चों की देखभाल और नौकरी करते के दौरान ही हमारे घर बेटी का जन्म हुआ। घर में पहले ही पांच बच्चे थे बेटी और आ गई तो परिवार बढ़ गया। अब एक साथ छह बच्चों को देखना होता तो कई बार बाकी बच्चों के साथ बेटी को सुला देती थी। कई बार बच्चो को गोद लेने के लिए लोग घर पर आते तो बच्चों के बीच सोई मेरी बेटी को ही पंसद करते उस समय मेरी सास कहती यह तो मेरी पौती है। तो लोग कहते तुम्हारी बहू को अनाथ बच्चों और अपनी बेटी कोई फर्क नहीं लगता है क्या? पता नहीं चला इन बच्चों के बीच कब मेरी बेटी बड़ी हो गई। मेरे दो बेटे एक बेटी लेकिन मैने अनाथ बच्चों मेरे बच्चों कोई फर्क नहीं किया। </p>
<p><strong>बीमार बच्ची को छोड़कर काउंसिंग करने गांव पहुंची</strong><br />एक दिन मुझे एक कैंप में जाना था बच्ची को छोटी माता निकली थी। सुबह 4 बजे निकलना था रात परेशान थी सास ने कहा तुम्हे कैंप में जाना जरूरी है। बच्ची को मैं देख लूंगी वो बेटी को अपने साथ सेंटर पर लेकर गई मन नहीं माना लेकिन कैंप में जाना जरूरी था बीमार बच्ची को छोड़कर समाज सेवा के कैंप में जाकर काउंसिंग की और देर रात घर लौटी। लोगों ने कहा जॉब छोड़ दो लेकिन परिवार वालों कभी मुझे नहीं कहा नौकरी छोड़ दो। मैने जॉब और परिवार में संतुलन बिठाना सीख लिया था। </p>
<p><strong>संयुक्त परिवार में नौकरी करना नहीं था आसान</strong><br />नौकरी करते हुए समाज सेवा करना आसान ही था। इसके लिए टाइम मैनेजमेंट करना पड़ता है। सुबह 5 बजे उठकर संयुक्त परिवार का नाश्ता खाना बनाना और फिर नौकरी पर जाना आसन नहीं था। जैन परिवार में सूर्य अस्त के बाद खाना नहीं खाते है शाम को स्कूल से आकर भरे पूरे परिवार का खाना बनना आसान नहीं था दिनभर की थकान और आते बिना साड़ी चेज किए किचन में घुसना और समय पर आठ दस लोगों के लिए खाना बनाना चुनौती था। उस पर छोटे बच्चों संभालने में माताजी मदद करना मेरे लिए आसन नहीं था लेकिन सास ने टाइम मैनेमेंट सिखाया तो सब आसान हो गया। </p>
<p><strong>अनाथ बच्चों की देखभाल के लिए शादी के चार साल बाद छोड़ दी नौकरी</strong><br />प्रसन्ना भंडारी के शिशुगृह में बच्चों की संख्या बढ़ने लगी उस समय आया नहीं मिलती थी। माताजी के काम हेल्प कराने के बाद उन पर भार बढ़ रहा था। मेरा जॉब में ट्रांसर्फर होते रहते ऐसे में परिवार, समाज सेवा और छोटे बच्चों को संभालना आसान नहीं था। इसलिए मैंने सास के काम को आगे बढ़ाने की सोची और शादी के चार साल बाद 1989 सरकारी नौकरी छोड़ कर बच्चों की सेवा में जुट गई। उस समय करणी नगर विकास समिति स्थान पर फैमिली काउंसिलिग सेंटर चलता था। मैने एम ए अर्थशास्त्र में किया था। बीएड किया हुआ था। ससुरजी ने कहा इस काउंसिंग सेंटर चलाने के लिए तुम समाज शास्त्र या मनोविज्ञान में एमए कर लो बाल गृह मम्मी संभाल रही है तुम इस सेंटर को चलाना। तब मैने उदयपुर से एमएसडब्ल्यू किया और समाज शास्त्र में एमए किया और काउंसिलिंग का प्रशिक्षण लिया। 1990 में पूरी तरह इस संस्था से जुड़ गई। बच्चों पढ़ना, टूटे घरों को फिर से जोड़ना यही जीवन का लक्ष्य बन गया।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 04 Oct 2024 18:00:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
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                <title>सीकर में वकील के आत्मदाह पर अधिवक्ताओं का हल्ला-बोल: परिजनों को मुआवजा राशि और सरकारी नौकरी की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[टोंक। जिला अभिभाषक संघ टोंक ने सीकर जिले के खंडेला में वकील हंसराज मावलीया के आत्मदाह को लेकर निंदा करते हुए न्यायालय परिसर से रैली निकाल कर विरोध प्रदर्शन किया और अधिवक्ताओं ने संघ अध्यक्ष अक्षय बैरवा के नेतृत्व में जिला कलक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देकर अधिवक्ता की मृत्यु के दोषी व्यक्तियों एसडीएम राकेश कुमार एवं थानाधिकारी खंडेला घासीराम मीना की शीघ्र गिरफ्तारी कर तुरंत प्रभाव से बर्खास्त करने एवं अधिवक्ता के परिजनों को मुआवजा राशि व परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी तुरंत देने की मांग की। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/tonk/advocates-shout-on-self-immolation-of-lawyer-in-sikar-demand-for-compensation-amount-and-government-job-to-family-members/article-11862"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/124.jpg" alt=""></a><br /><p>टोंक। जिला अभिभाषक संघ टोंक ने सीकर जिले के खंडेला में वकील हंसराज मावलीया के आत्मदाह को लेकर निंदा करते हुए न्यायालय परिसर से रैली निकाल कर विरोध प्रदर्शन किया और अधिवक्ताओं ने संघ अध्यक्ष अक्षय बैरवा के नेतृत्व में जिला कलक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देकर अधिवक्ता की मृत्यु के दोषी व्यक्तियों एसडीएम राकेश कुमार एवं थानाधिकारी खंडेला घासीराम मीना की शीघ्र गिरफ्तारी कर तुरंत प्रभाव से बर्खास्त करने एवं अधिवक्ता के परिजनों को मुआवजा राशि व परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी तुरंत देने की मांग की।</p>
<p><br />जिला अभिभाषक संघ के अध्यक्ष अक्षय बैरवा के नेतृत्व में सचिव मनोज गुप्ता, पूर्व अध्यक्ष शैलेन्द्र शर्मा, देवी प्रकाश तिवारी, चन्द्रप्रकाश श्रीवास्तव, आनंद गोयल, मेघराज चौधरी, हिम्मतसिंह शक्तावत, महावीर तोगड़ा, तेजमल जैैन, विशाल श्रीवास्तव, राकेश शर्मा, बेणी प्रसाद गुर्जर, अशोक कासलीवाल, कुसूम विजय, अक्षय गोयल, हनुमान प्रसाद जांगिड़, रामदेव बैरवा, कमल साहू, जुगनू शर्मा, रईस अंसारी, कमलेश यादव, कैलाश शर्मा, राजेश गुर्जर, शाहाब अहमद, भजन लाल सैनी, रमा चौधरी, राधेश्याम चांवला, प्रदीप लोढ़ा, प्रेमचंद जैन, दौलतराम चौधरी, कमलेश सोलंकी, बाबूलाल गुनसारिया, रामलक्ष्मण साहू, ओमप्रकाश शर्मा, निखिल गुप्ता सहित कई अधिवक्ता रैली के रुप में प्रदर्शन करते हुए न्यायालय परिसर से रवाना हुए और घंटाघर चौराहे पर पहुंच कर प्रदर्शन करते हुए जिला कलक्टर कार्यालय तक पहुंच कर प्रदर्शन किया। इसके बाद अधिवक्ताओं ने दिए ज्ञापन में बताया कि हमारे अधिवक्ता परिवार के सदस्य हंसराज मावलीया सीकर जिले के खंडेला उपखंड में नियमित प्रेक्टिशनर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे, 9 जून को एसडीएम राकेश कुमार और थानाधिकारी खंडेला घासीराम मीना के विरुद्ध भ्रष्टाचार की लड़ाई लड़ते हुए आत्मदाह कर शहीद हो गए है। <br />सोशल मीडिया, समाचार पत्र एवं खंडेला बार से प्राप्त सूचनाओं से स्पष्ट है कि विगत कुछ समय से उक्त एडीएम व थानाधिकारी ने मिलकर अधिवक्ता हंसराज का जीना दुभर कर दिया था, उन्हे इस हद तक प्रताड़ित किया गया कि आत्मदाह के लिए मजबूर होना पड़ा। वायरल हुए वीडियो में हमारे अधिवक्ता साथी हंसराज चीख चीख कर कह रहे है कि उक्त दोनों ने उनका जीना दुभर कर दिया, उनकी इस समस्त घटना और उनकी मौत के जिम्मेदार यही दोनों व्यक्ति हैं। इस हृदय विदारक घटन से अधिवक्ता परिवार अत्यंत दुखी है और जिला अभिभाषक संघ टोंक इस घटना की घोर निंदा करता है।</p>
<p><br />साथ ही अधिवक्ताओं ने संपूर्ण न्यायिक कार्य को शुक्रवार को स्थगित रखकर अधिवक्ता हंसराज मावलीया को श्रद्धांजलि देते हुए राजस्व न्यायालयों में पनप रही भ्रष्टाचारिता के विरुद्ध विरोध प्रदर्शन किया और शहीद हुए अधिवक्ता की मृत्यु के दोषी व्यक्तियों एसडीएम राकेश कुमार एवं थानाधिकारी खंडेला घासीराम मीना की शीघ्र गिरफ्तारी कर तुरंत प्रभाव से बर्खास्त करने एवं अधिवक्ता के परिजनों को मुआवजा राशि व परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी तुरंत देने की मांग की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>टोंक</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Jun 2022 12:36:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पायलट का घेराव और स्वागत: CHA कर्मियों ने किया घेराव, सरकारी नौकरी बहाल करने की मांग, कार्यकर्ताओं ने किया गर्मजोशी से स्वागत </title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान के श्रीगंगानगर में सोमवार को पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट का कोविड हैल्थ असिस्टेंट (सीएचए) कर्मचारियों ने घेराव करते हुए सरकारी नौकरी में बहाल करवाने की मांग रखी। पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पायलट नई दिल्ली (सराय रोहिल्ला) एक्सप्रेस द्वारा सोमवार श्रीगंगानगर पहुंचे। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/sriganganagar/pilots-gherao-and-welcome-cha-personnel-gheraoed-demanded-restoration-of/article-11454"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/sriganga-nagar.jpg" alt=""></a><br /><p></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">श्रीगंगानगर</span><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">।</span> </span></strong><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">राजस्थान के श्रीगंगानगर में </span><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">सोमवार को </span>पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट का कोविड हैल्थ असिस्टेंट (सीएचए) कर्मचारियों ने घेराव करते हुए सरकारी नौकरी में बहाल करवाने की मांग रखी</span><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">। पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पायलट नई दिल्ली (सराय रोहिल्ला) एक्सप्रेस द्वारा सोमवार श्रीगंगानगर पहुंचे। सीएचए कर्मचारी संघर्ष समिति के प्रदेश संयोजक सुखदीप सुखी की अगुवाई में काफी संख्या में सीएचए कर्मचारियों ने पायलट को ट्रेन से उतरते ही घेर लिया। यह कर्मचारी नारेबाजी करते हुए सरकारी सेवा में वापस लिए जाने की मांग करने लगे।</span><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi"> पायलट के ट्रेन से उतर कर रेलवे स्टेशन के बाहर परिसर में अपनी गाड़ी तक पहुंचने के दौरान सीएचए कर्मचारी लगातार उनके आगे पीछे नारेबाजी करते रहे। वे बार-बार मांग कर रहे थे कि उनको वापिस सरकारी सेवा में लिया जाए।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi"><strong>महिला कर्मी भी काफी संख्या में शामिल</strong> </span></span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">घेराव करने वालों में महिला कर्मी भी काफी संख्या में शामिल रहीं। उन्होंने चिल्ला चिल्ला कर सचिन पायलट का ध्यान अपनी मांग की तरफ और जयपुर में शहीद स्मारक पर चल रहे धरने की तरफ आकृष्ट करवाया। कांग्रेसजनों द्वारा रेलवे स्टेशन पर सचिन पायलट का जोरदार स्वागत किया गया। धक्का-मुक्की और रेलम पेल के बीच सीएचए कर्मचारी सचिन पायलट के समक्ष अपनी बात रखने में सफल रहे। प्रदेश संयोजक सुखदीप सिंह अटवाल ने बताया कि जब तक सभी कर्मचारियों को वापिस सेवा में नहीं लिया जाएगा</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। </span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने वर्ष </span>2020 <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">में कोविड संक्रमण को देखते हुए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में कोविड सहायकों की अस्थाई तौर पर नियुक्तियां की थीं। वर्ष </span>2021 <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">में भी इन सहायकों से इस महामारी से निपटने में सहयोग लिया गया। सी एच ए फ्रंटलाइन वर्कर बनकर काम किया। इस वर्ष संक्रमण कमजोर पडऩे पर राज्य सरकार ने </span>31 <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">मार्च के बाद इनके सेवाकाल को नहीं बढ़ाया। अब यह कर्मचारी वापिस सेवा में लेने की मांग कर रहे हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi"><strong>पायलट के श्रीगंगानगर पहुंचने पर कार्यकर्ताओं ने किया स्वागत</strong><br /><br />वहीं राजस्थान के पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के सोमवार को श्रीगंगानगर आगमन पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। कांग्रेस कार्यकर्ता स्वागत के लिए सूत और फूलों की मालाएं तथा फूल गुलदस्ते लेकर रेलवे स्टेशन पर आए। पायलट प्लेटफार्म पर सराय रोहिल्ला एक्सप्रेस ट्रेन जैसे ही पहुंची और बी-वन बोगी से सचिन पायलट बाहर आए तो कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।<br /></span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">पुलिस सचिन पायलट को रेलवे स्टेशन के बाहर उनकी गाड़ी तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए जूझती रही। उनको गाड़ी तक पहुंचने में करीब 15 मिनट लगे धक्का-मुक्की, रेलम पेल और धकियाते हुए भीड पायलट को स्टेशन से बाहर ले आई। स्वागत के बाद पायलट तुरंत ही मानसा (पंजाब) के लिए रवाना हो गए। पंजाब में पिछले दिनों बदमाशों द्वारा दिनदहाड़े गोली मारकर मौत के घाट उतार दिए गए पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला के यहां पायलट शोक व्यक्त करने के लिए पहुंचे। <br /></span></p>
<p> </p>
<p class="MsoNormal"> </p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>श्रीगंगानगर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Jun 2022 16:19:42 +0530</pubDate>
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