<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/21st-century/tag-23291" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>21st century - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/23291/rss</link>
                <description>21st century RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>दशकों की प्रतीक्षा खत्म : नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर पीएम मोदी ने कहा-विधायिका में महिलाओं को आरक्षण 21वीं सदी का सबसे बड़ा निर्णय</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को महिला सशक्तिकरण के लिए समर्पित ऐतिहासिक कदम बताया है। उन्होंने कहा कि 16 अप्रैल से शुरू हो रहा विशेष सत्र पंचायतों से संसद तक महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करेगा। यह अधिनियम 2029 तक लागू होगा, जिससे स्टार्टअप से लेकर राजनीति तक भारतीय महिलाओं के सपनों को नई उड़ान मिलेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/the-biggest-decision-of-the-21st-century-pm-modi-said/article-150273"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/modi5.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में एक तिहाई आरक्षण देने से संबंधित नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू करने के लिए लाये जाने वाले संशोधन विधेयक को 21 वीं सदी का सबसे बड़ा निर्णय करार देते हुए कहा कि यह पूरी तरह से नारी शक्ति को समर्पित है। प्रधानमंत्री ने इसे ऐतिहासिक बताते हुए कहा है कि देश की संसद एक नया इतिहास रचने के निकट है जो अतीत की परिकल्पना और भविष्य के संकल्पों को पूरा करेगा।</p>
<p>पीएम मोदी ने गुरुवार को संसद में लाये जाने वाले इस संशोधन विधेयक से पहले सोमवार को यहां विज्ञान भवन में नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा, "भारत 21वीं सदी के सबसे बड़े निर्णयों में से एक लेने जा रहा है, एक ऐसा निर्णय जो नारी शक्ति को समर्पित है।" उन्होंने इस क्षण को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि देश की संसद एक नया इतिहास रचने के निकट है जो अतीत की परिकल्पना और भविष्य के संकल्पों को पूरा करेगा। सामाजिक न्याय के महत्व पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि देश एक समतावादी भारत की कल्पना करता है जहां सामाजिक न्याय केवल एक नारा नहीं बल्कि कार्य संस्कृति का अभिन्न अंग है। प्रधानमंत्री ने कहा, "राज्य विधानसभाओं से लेकर देश की संसद तक, दशकों की प्रतीक्षा अब समाप्त होने वाली है।"</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वर्ष 2023 में नए संसद भवन में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को सर्वसम्मति से पारित किया गया था और सभी दलों ने इस बात पर सहमति जताई थी कि इसे हर हाल में 2029 तक क्रियान्वित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम को समय पर लागू किया जाना चाहिए ताकि महिलाओं की भागीदारी से लोकतंत्र सुदृढ़ हो। इसके लिए संसद के बजट सत्र का विशेष सत्र 16 अप्रैल से आरंभ होगा। उन्होंने कहा, "हमारा प्रयास और प्राथमिकता यह है कि यह कार्य संवाद, सहयोग और भागीदारी के माध्यम से पूरा किया जाए, जिससे संसद की गरिमा बढ़ेगी।"</p>
<p>इस मुद्दे पर महिलाओं के बीच व्याप्त राष्ट्रव्यापी उत्साह की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि देश भर की महिलाएं विधानसभाओं और लोकसभा तक पहुंचने की अपनी आकांक्षाओं को व्यक्त कर रही हैं। उनके सपनों को नई उड़ान मिली है और देश में सकारात्मक माहौल का निर्माण हुआ है। प्रधानमंत्री ने सभी महिलाओं से इस पूरी प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी बनाए रखने और अपने सांसदों से मिलकर अपने विचार और अपेक्षाएं साझा करने का आग्रह किया।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने स्वतंत्रता संग्राम से लेकर संविधान सभा तक महिलाओं के योगदान का उल्लेख करते हुए स्वतंत्र भारत की नींव रखने में नारी शक्ति की असीम भूमिका पर प्रकाश डाला। महिलाओं ने राष्ट्र के लिए हर क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य किया है और देश में राष्ट्रपति से लेकर वित्त मंत्री तक, महिलाएं इतने महत्वपूर्ण पदों पर आसीन हैं। उन्होंंने कहा, "राष्ट्रपति से लेकर प्रधानमंत्री तक, जहां भी महिलाएं रही हैं, उन्होंने अपनी एक अलग पहचान बनाई है।"</p>
<p>पीएम मोदी ने पंचायती राज संस्थाओं को महिला नेतृत्व का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए कहा, "राजनीति और सामाजिक जीवन में लाखों महिलाओं की यह सक्रिय भागीदारी विश्व के अग्रणी नेताओं और राजनीतिक विशेषज्ञों को भी आश्चर्यचकित करती है और भारत के गौरव को बढ़ाती है।" प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि स्थानीय निकायों और संस्थानों में वर्षों से कार्यरत लाखों महिलाओं के पास व्यापक अनुभव है और वे बड़ी भूमिकाओं के लिए तैयार और उत्सुक हैं। नारी शक्ति वंदन अधिनियम का कार्यान्वयन इन सभी महिलाओं के जीवन में एक बड़ा अवसर साबित होगा। प्रधानमंत्री ने कहा, "पंचायत से संसद तक की यात्रा सुगम होने वाली है।"</p>
<p>विकसित भारत की यात्रा में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका का उल्लेख करते हुए, प्रधानमंत्री ने संतोष व्यक्त किया कि उनकी सरकार ने 2014 से महिलाओं के जीवन चक्र के हर चरण के लिए योजनाएं बनाई हैं। महिला सशक्तिकरण के लिए उनकी आर्थिक भागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि हर निर्णय और योजना में महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी गई है जिसके परिणामस्वरूप महिलाएं आर्थिक तौर पर ज्यादा मजबूत हुई हैं। प्रधानमंत्री ने स्टार्टअप क्रांति में महिलाओं के नेतृत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि पंजीकृत स्टार्टअप में से 45 प्रतिशत से अधिक में कम से कम एक महिला निदेशक के रूप में कार्यरत है। उन्होंने कहा, "वर्षों पहले शुरू किए गए स्किल इंडिया मिशन के परिणाम अब हजारों ड्रोन दीदियों के माध्यम से दिखाई दे रहे हैं, जो प्रौद्योगिकी के माध्यम से आधुनिक खेती सिखाकर कृषि में क्रांति ला रही हैं।"</p>
<p>पीएम मोदी ने कहा कि महिला-केंद्रित विकास विजन ने पुरानी सोच को चुनौती दी है और महिलाएं आज उन सेक्टरों में भी ऊंचाइयों को छू रही हैं जिन्हें कभी पुरुषों का गढ़ माना जाता था। भारतीय बेटियां लड़ाकू पायलट बन रही हैं और आसमान को छू रही हैं। पीएम मोदी ने कहा, "विश्व के किसी भी देश की तुलना में भारत में महिला पायलटों का प्रतिशत सबसे अधिक है।" पीएम मोदी ने देश की हर मां, बहन और बेटी को आश्वस्त किया कि राष्ट्र उनकी आकांक्षाओं को समझता है और उनके सपनों को साकार करने के लिए हर आवश्यक कदम उठा रहा है। देश की नारी शक्ति ने कड़ी मेहनत, साहस और आत्मविश्वास के बल पर नई ऊंचाइयों को छुआ है। प्रधानमंत्री ने कहा, "हमें सामूहिक रूप से इस शक्ति को नई ऊर्जा प्रदान करनी चाहिए और उनके लिए अवसरों का विस्तार करना चाहिए।"</p>
<p>प्रधानमंत्री ने एक विशेष अपील के माध्यम से महिलाओं से आग्रह किया कि वे नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम की चर्चा को व्यक्तिगत मुलाकातों और सोशल मीडिया के माध्यम से देश के हर गांव तक पहुंचाएं। देश को इस महत्वपूर्ण निर्णय के बारे में हर महिला को जागरूक करना होगा ताकि वे इसकी शक्ति को समझ सकें, अपनी भूमिका को जान सकें और आने वाले समय में राज्यों से लेकर देश की संसद तक अपनी उपस्थिति दर्ज कराने का स्पष्ट रूप से सपना देख सकें। उन्होंने निर्णय लेने की प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी को उज्जवल भविष्य की गारंटी बताते हुए कहा, "आइए हम सब मिलकर यह संकल्प लें कि नारी शक्ति को उनके अधिकार प्राप्त हों और वे निर्णय लेने की प्रक्रिया में पूर्ण भागीदार बनें - यही हमारे उज्ज्वल भविष्य की सबसे बड़ी गारंटी है।"</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/the-biggest-decision-of-the-21st-century-pm-modi-said/article-150273</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/the-biggest-decision-of-the-21st-century-pm-modi-said/article-150273</guid>
                <pubDate>Mon, 13 Apr 2026 18:13:11 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/modi5.png"                         length="609759"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जन केन्द्रित गवर्नेंस की अप्रोच के साथ आगे बढ़ा 21वीं सदी का भारत : मोदी</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कहा कि 21वीं सदी का भारत जन केन्द्रित गवर्नेंस की अप्रोच के साथ आगे बढ़ा है और ये हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है कि हम खुद जनता तक पहुंचे और हर पात्र व्यक्ति को पूरा लाभ पहुंचायें। मोदी ने आजादी के अमृत महोत्सव के तहत वित्त एवं कंपनी मामलों के मंत्रालय द्वारा आयोजित विशेष कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुये कहा ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/new-delhi-news-india--21st-century--progressed--with--approach--people-centred--governance-narendra-modi--political-news/article-11467"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/modi-21.jpg" alt=""></a><br /><p></p>
<p></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">नई दिल्ली</span></strong><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi"><strong>।</strong> </span><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi"> प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कहा कि </span>21<span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">वीं सदी का भारत जन केन्द्रित गवर्नेंस की अप्रोच के साथ आगे बढ़ा है और ये हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है कि हम खुद जनता तक पहुंचे और हर पात्र व्यक्ति को पूरा लाभ पहुंचायें। मोदी ने आजादी के अमृत महोत्सव के तहत वित्त एवं कंपनी मामलों के मंत्रालय द्वारा आयोजित एक सप्ताह के विशेष कार्यक्रम का यहां शुभारंभ करते हुये कहा कि पहले के समय सरकार केन्द्रित गवर्नेंस का देश ने बहुत बड़ा खामियाजा उठाया है। लेकिन आज </span>21<span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">वीं सदी का भारत जन केन्द्रित गवर्नेंस की अप्रोच के साथ आगे बढ़ा है। ये जनता ही है</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">जिसने हमें अपनी सेवा के लिए यहां भेजा है। इसलिए हमारी ये सर्वोच्च प्राथमिकता है कि हम खुद जनता तक पहुंचे</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचना</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">उसे पूरा लाभ पहुंचाना</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">ये दायित्व हम पर है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">इस मौके पर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">कंपनी मामलों के राज्य मंत्री राव इंद्रजीत ङ्क्षसह</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी और वित्त राज्य मंत्री भगवत कृष्ण राव कराड भी मौजूद थे। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर सरकार की क्रेडिट<strong> ङ्क्षलक्ड</strong> योजनाओं के पोर्टल जन समर्थ पोर्टल का शुभारंभ भी किया। उन्होंने इसके साथ ही एक रुपया</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">दो रुपये</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">पांच रुपये </span>, 10<span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi"> रुपये और </span>20<span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi"> रुपये के विशेष सीरीज के सिक्के भी जारी किये। श्री मोदी ने कहा कि ये नए सिक्के देश के लोगों को निरंतर अमृतकाल के लक्ष्य याद दिलाएंगे</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">उन्हें राष्ट्र के विकास में योगदान के लिए प्रेरित करेंगे। अगले एक हफ्ते में अनेक कार्यक्रम विभाग के द्वारा होने वाले हैं। इस मौके पर एक डिजिटल प्रदर्शनी भी शुरू हुयी जिसमें रुपये के सफर का भी प्रदर्शन किया गया है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi"><span style="color:#ff0000;"><strong>8 वर्ष के कार्यकाल का उल्लेख करा</strong> </span><br /></span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi"> प्रधानमंत्री ने कहा कि आज़ादी </span><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">का ये अमृत महोत्सव सिर्फ </span>75<span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi"> वर्षों का उत्सव मात्र नहीं है</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">बल्कि आज़ादी</span><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi"> के हमारे नायक-नायिकाओं ने आज़ाद</span><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi"> भारत के लिए जो सपने देखे थे</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">उन सपनों को सेलिब्रेट करना</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">उन सपनों को परिपूर्ण करना</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">उन सपनों में एक नया सामथ्र्य भरना और नए संकल्प को ले करके आगे बढऩे का ये पल है। उन्होंने कहा कि किसी ने सत्याग्रह का रास्ता अपनाया</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">किसी ने अस्त्र-शस्त्र का रास्ता चुना</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">किसी ने आस्था और आध्यात्म का रास्ता चुना</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">तो किसी ने बुद्धिमता से </span><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">आज़ादी</span></span><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi"> की अलख को जगाने में अपनी कलम की ताकत का उपयोग किया। किसी ने कोर्ट-कचहरी में मुकदमे लड़ करके देश की आजादी में एक नई ताकत भरने का प्रयास किया। इसलिए आज जब हम </span><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">आज़ादी</span></span><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi"> के </span>75<span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi"> वर्ष का पर्व मना रहे हैं</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">तो प्रत्येक देशवासी का कर्तव्य है कि वो अपने-अपने स्तर पर</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">अपने-अपने विशिष्ट योगदान राष्ट्र के विकास में जरूर जोड़े। मोदी ने अपने आठ वर्ष के कार्यकाल का उल्लेख करते हुये कहा कि भारत ने बीते आठ वर्षों में अलग-अलग आयामों पर नित्य नूतन कदम उठाए हैं</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">नवीन काम करने का प्रयास किया है। इस दौरान देश में जो जनभागीदारी बढ़ी</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">उन्होंने देश के विकास को गति दी है</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">देश के गरीब से गरीब नागरिक को सशक्त किया है। स्वच्छ भारत अभियान ने गरीब को सम्मान से जीने का अवसर दिया। पक्के घर</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">बिजली</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">गैस</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">पानी</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">मुफ्त इलाज जैसी सुविधाओं ने गरीब की गरिमा बढ़ाई</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">नागरिकों के आत्मविश्वास में एक नई ऊर्जा भर दी और साथ-साथ सुविधा भी बढ़ाई। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में मुफ्त राशन की योजना ने </span>80<span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi"> करोड़ से अधिक देशवासियों को भूख की आशंका से मुक्ति दिलाई। देश की आधे से अधिक आबादी जो देश के विकास के विमर्श से</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">फॉर्मल सिस्टम से वंचित थी</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">उसका समावेशन मिशन मोड पर किया गया। वित्तीय समावेशन का इतना बड़ा काम</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">इतने कम समय में दुनिया में कहीं नहीं हुआ है। और सबसे बड़ी बात</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">देश के लोगों में अभाव से बाहर निकलकर सपने देखने और सपनों को साकार करने का नया हौसला हमें देखने को मिला।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="color:#ff0000;"><strong><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">आज़ादी </span></span><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">के </span>7<span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi"> दशक बाद </span></strong></span><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi"><span style="color:#ff0000;"><strong><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">आया </span>बड़ा परिवर्तन</strong></span><br /></span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">उन्होंने कहा कि </span><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">आज़ादी </span></span><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">के </span>7<span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi"> दशक बाद ये जो इतना बड़ा परिवर्तन आया है</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">उसके केंद्र में जन केन्द्रित गवर्नेस है</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">बेहतर प्रशासन का लगातार प्रयास है। एक समय था</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">जब देश में नीतियां और निर्णय सरकार केन्द्रित होते थे। उस समय किसी योजना के शुरू होने के बाद ये लोगों की जिम्मेदारी थी कि वे सरकार तक पहुंच कर उसका लाभ उठाएं। इस तरह की व्यवस्था में सरकार और प्रशासन</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">दोनों की ही जिम्मेदारी कम हो जाती थी। अब जैसे किसी गरीब छात्र को पढ़ाई के लिए आर्थिक मदद की जरूरत होती थी</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">तो पहले वे अपने परिवार</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">अपने रिश्तेदारों या अपने दोस्तों से मदद लेने के लिए मजबूर था। इसी काम के लिए सरकार की जो भी योजनाएं थीं</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">उसमें इतनी ज्यादा प्रक्रियाएं होती थीं</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">कि वे उस मदद को पाने के लिए आगे ही नहीं बढ़ता था</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">उस प्रक्रिया में ही थकान महसूस करने लगता था।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;color:#ff0000;" xml:lang="hi"><strong>जन समर्थ पोर्टल का शुभारंभ</strong></span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">प्रधानमंत्री ने कहा कि अलग-अलग मंत्रालयों की अलग-अलग वेबसाइटों के चक्कर</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">उसे लगाने से बेहतर है कि वे भारत सरकार के एक पोर्टल तक पहुंचे और उसकी समस्या का समाधान हो। आज जनसमर्थ पोर्टल लॉन्च किया गया है</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">वो इसी लक्ष्य के साथ बनाया गया है। अब भारत सरकार की सभी क्रेडिट ङ्क्षलक्ड योजनाओं</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">अलग-अलग माइक्रोसाइटों पर नहीं बल्कि एक ही जगह पर उपलब्ध होंगी। ये जनसमर्थ पोर्टल छात्रों का</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">उद्यमियों का</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">व्यापारियों-कारोबारियों का</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">किसानों का जीवन तो आसान बनाएगा ही</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">उन्हें अपने सपने पूरे करने में भी मदद करेगा। जनसमर्थ पोर्टल के माध्यम से अब देश के युवाओं को</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">मध्यम वर्ग को पूरी सेवाओं का एक बड़ा प्लेटफॉर्म मिला है। जब लोन लेने में आसानी होगी</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">कम से कम प्रक्रियाएं होंगी तो ये भी स्वभाविक है कि ज्यादा से ज्यादा लोग लोन लेने के लिए आगे आएंगे। ये पोर्टल</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">स्वरोजगार को बढ़ाने में</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">सरकार की योजनाओं को सभी लाभार्थियों तक ले जाने में अहम भूमिका निभाने वाला है। प्रधानमंत्री ने बैंकरों से भी जनसमर्थ पोर्टल को सफल बनाने की अपील करते हुये कहा कि युवाओं को लोन मिलना आसान बनाने के लिए बैंक भी अपनी भागीदारी ज्यादा से ज्यादा बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि कोई भी सुधार हो</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">अगर उसका लक्ष्य स्पष्ट है</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">उसके क्रियान्वयन को लेकर गंभीरता है</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">तो उसके अच्छे नतीजे भी आना तय है। बीते आठ वर्षों में देश ने जो सुधार किए हैं</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">उनमें बड़ी प्राथमिकता इस बात को भी दी गई है कि देश के युवाओं को अपना सामथ्र्य दिखाने का पूरा मौका मिले। युवा अपनी मनचाही कंपनी आसानी से खोल पाएं</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">वे आसानी से उद्यमी बन पाएं</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">उन्हें आसानी से चला पाएं। इसलिए </span>30<span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi"> हजार से ज्यादा अनुपालनों को कम करके</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">डेढ़ हजार से ज्यादा कानूनों को समाप्त करके</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">कंपनी कानून के अनेक प्रावधानों को गैरअपराधीकृत करके ये सुनिश्चित किया गया है कि भारत की कंपनियां न:न सिर्फ आगे बढ़ें बल्कि नई ऊंचाई को प्राप्त करें।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="color:#ff0000;"><strong><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">सरलीकरण </span><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">पर फोकस</span></span></strong></span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">उन्होंने कहा कि सुधार के साथ ही जिस बात पर फोकस किया गया है वे है सरलीकरण। केंद्र और राज्य के अनेक टैक्सों के जाल की जगह अब जीएसटी ने ले ली है। और इस सरलीकरण का नतीजा भी देश देख रहा है। अब हर महीने जीएसटी संग्रह एक लाख करोड़ रुपए के पार जाना सामान्य बात हो गई है। ईपीएफओ पंजीयन की संख्या में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है। सुधार</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">सरलीकरण से आगे बढ़कर अब हम सुगम व्यवस्था का निर्माण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जेम पोर्टल पर भी खरीद का आंकड़ा एक लाख करोड़ रुपए को पार कर रहा है। आज देश में निवेश करने के लिए कहां-कहां संभावनाएं हैं</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">वो जानकारी इंवेस्ट इंडिया पोर्टल के माध्यम से आसानी से उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि आज अनेक तरह की क्लियरेंस के लिए एकल खिड़की पोर्टल है। इसी कड़ी में ये जनसमर्थ पोर्टल भी देश के युवाओं</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">देश के स्टार्ट अप को बहुत मदद करने वाला है। आज हम सुधार</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">सरलीकरण</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">सुगमता की शक्ति के साथ आगे बढ़ते हैं तो सुविधाओं का नया स्तर प्राप्त होता है। सभी देशवासियों को आधुनिक सुविधाएं देना</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">उसके लिए नित नए प्रयास करना</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">नए संकल्प लेकर उन्हें सिद्ध करना हम सभी का दायित्व है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/new-delhi-news-india--21st-century--progressed--with--approach--people-centred--governance-narendra-modi--political-news/article-11467</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/new-delhi-news-india--21st-century--progressed--with--approach--people-centred--governance-narendra-modi--political-news/article-11467</guid>
                <pubDate>Mon, 06 Jun 2022 16:55:32 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-06/modi-21.jpg"                         length="28955"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        