<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/election-department/tag-23421" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>election department - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/23421/rss</link>
                <description>election department RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मतदान के वास्तविक आंकड़े नहीं देना लोकतांत्रिक व्यवस्था का अपमान : बेनीवाल</title>
                                    <description><![CDATA[उम्मीदवार को पूरा हक है कि उसे मतदान के आंकड़े दिए जाएं, लेकिन वास्तविक मतों की संख्या नहीं देना चुनाव प्रक्रिया पर बड़ा सवालिया निशान है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/beniwal-not-giving-actual-voting-figures-is-an-insult-to/article-79018"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-09/hanuman-beniwal.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। आरएलपी अध्यक्ष और नागौर लोकसभा सीट से इंडिया गठबंधन उम्मीदवार हनुमान बेनीवाल ने एक बार फिर मतदान के बढ़े आंकड़ों और निर्वाचन विभाग के उम्मीदवारों को मतदान के वास्तविक आंकड़े नहीं देने से जुड़े मामले में चुनाव आयोग की कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़ा किया है।</p>
<p>बेनीवाल ने कहा है कि उन्होंने खुद नागौर जिला निर्वाचन अधिकारी से लोकसभा मतदान के वास्तविक आंकडे लिखित में मांगे और राज्य निर्वाचन विभाग को भी इससे अवगत कराया, लेकिन आज तक इस संबंध में किसी प्रकार की सूचना नहीं देना दुर्भाग्यपूर्ण है। उम्मीदवार को पूरा हक है कि उसे मतदान के आंकड़े दिए जाएं, लेकिन वास्तविक मतों की संख्या नहीं देना चुनाव प्रक्रिया पर बड़ा सवालिया निशान है। मीडिया रिपोर्ट्स अनुसार इस मामले को लेकर एक एनजीओ ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है, जबकि होना यह चाहिए था आयोग को बिना किसी के मांगे मतदान के वास्तविक आंकड़े जारी कर देने चाहिए थे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/beniwal-not-giving-actual-voting-figures-is-an-insult-to/article-79018</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/beniwal-not-giving-actual-voting-figures-is-an-insult-to/article-79018</guid>
                <pubDate>Thu, 23 May 2024 12:53:37 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-09/hanuman-beniwal.png"                         length="363763"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>फेक न्यूज पर लगाम के लिए निर्वाचन विभाग का क्विक रेस्पॉन्स मैनेजमेंट</title>
                                    <description><![CDATA[ मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रवीण गुप्ता ने बताया कि राज्य में निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव संपन्न कराने के लिए फेक न्यूज एवं हेट स्पीच मॉनिटरिंग के लिए निर्वाचन विभाग 360 डिग्री प्रयास कर रहा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/quick-response-management-of-election-department-to-control-fake-news/article-73748"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-08/fake-news.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रवीण गुप्ता ने बताया कि राज्य में निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव संपन्न कराने के लिए फेक न्यूज एवं हेट स्पीच मॉनिटरिंग के लिए निर्वाचन विभाग 360 डिग्री प्रयास कर रहा है। सोशल मीडिया पर ईवीएम, कानून-व्यवस्था, मतदाता सूची एवं मतदान सहित चुनाव प्रक्रिया और मतदाताओं को प्रभावित करने संबंधी सूचनाओं पर निर्वाचन विभाग की पैनी नजर है। इन सूचनाओं पर निगाह रखने के लिए राज्य और जिला स्तर एवं पुलिस विभाग में गठित कमेटियां लगातार निगाह रख रही है। इन समितियों के नोडल अधिकारी के रूप में सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के अधिकारी सोशल मीडिया गतिविधियों की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं।</p>
<p><strong>राज्य स्तरीय समिति</strong><br />भारत निर्वाचन आयोग से प्राप्त निर्देशों के अनुसार, सोशल मीडिया पर फेक न्यूज, गलत और भ्रामक सूचनाओं पर लगाम के लिए राज्य निर्वाचन विभाग ने क्विक रेस्पॉन्स मैनेजमेंट प्लान बनाया है। इसके तहत भ्रामक सूचनाओं को भारत निर्वाचन आयोग तक पहुंचाने के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में तीन सदस्यीय कमेटी कार्य कर रही है। ये कमटी प्रदेश स्तर पर निर्वाचन से संबंधी सूचनाओं पर निगाह रखती है। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की सोशल मीडिया एवं फैक्ट चैक टीम के सहयोग से 24 घंटे सोशल मीडिया, न्यूज चैनल्स, समाचार पत्र, एफएम एवं अन्य स्त्रोतों पर प्रसारित एवं प्रकाशित सूचनाओं को जांचा जाता है एवं आवश्यकतानुसार कार्रवाई की जाती है। राज्य स्तर पर निगरानी रख रही इन टीमों को सोशल मीडिया पर कोई भी संदिग्ध सूचना मिलती है, तो उसका फैक्ट चैक संबंधित जिलों से करवाया जाता है। यदि यह सूचना गलत और भ्रामक पाई जाती है, तो 3-4 घंटे में इसे हटवाने या अग्रिम कार्रवाई हेतु भारत निर्वाचन आयोग को क्लिकेबल लिंक के साथ भिजवायी जाती है। इस प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और त्वरित बनाने के लिए राज्य का एक व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाया गया है। इस ग्रुप में जिला और राज्य स्तर पर फेक्ट चेक के लिए गठित कमेटियों के नोडल अधिकारी और उनकी टीम के सदस्य शामिल हैं जो इस तरह के समाचारों पर त्वरित कार्यवाही करती है। </p>
<p><strong>जिला स्तरीय समिति</strong><br />गुप्ता ने बताया कि सभी जिलो में जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी के समन्वय में सोशल मीडीया एवं फैक्ट चैक टीम जिला स्तर के सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म्स, स्थानीय न्यूज चैनल्स, स्थानीय समाचार पत्र एवं अन्य स्त्रोतों पर प्रसारित एवं प्रकाशित सूचनाओं का सूक्ष्मता से विश्लेषण करती है एवं आवश्यकतानुसार कार्यवाही  के लिए राज्य स्तरीय समिति को प्रस्तुत करते है।</p>
<p><strong>फेक न्यूज पर लगाम, पुलिस कर रही साकार  </strong><br />गुप्ता ने बताया कि सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली फेक न्यूज, गलत और भ्रामक सूचनाओं पर लगाम लगाने के लिए राज्य निर्वाचन विभाग ने नवाचार किया है। लोकसभा आम चुनाव-2024 के मद्देनजर फेक्ट चेक लिए निर्वाचन विभाग और पुलिस द्वारा साझा प्रयास किया जा रहा है। स्थानीय स्तर तक मॉनिटरिंग के लिए प्रदेशभर में करीब 80 पुलिस अधिकारियों को नियुक्त किया गया है। राज्य स्तर पर पुलिस महानिरीक्षक शरत कविराज को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। जिलों में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी नोडल अधिकारी बनाए गए हैं। यह अधिकारी भारतीय दंड संहिता और न्यायालयों के निर्णयों के अनुसार इन प्रकरणों में कार्यवाही करेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/quick-response-management-of-election-department-to-control-fake-news/article-73748</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/quick-response-management-of-election-department-to-control-fake-news/article-73748</guid>
                <pubDate>Tue, 26 Mar 2024 19:42:58 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-08/fake-news.png"                         length="199270"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>खुलासा : कोटा के 3.46 लाख से ज्यादा मतदाताओं ने नहीं डाला वोट</title>
                                    <description><![CDATA[विधानसभा चुनावों में वोट न देने वाले मतदाताओं की संख्या के मामले में सांगोद सबसे कम रहा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/disclosure--more-than-3-46-lakh-voters-of-kota-did-not-cast-their-vote/article-62979"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-11/111-(2)4.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। विधानसभा चुनाव में मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए निर्वाचन विभाग की तमाम कोशिशों के बावजूद वोट प्रतिशत मामूली ं बढ़ सका। सरकार चुनने में मतदाता रुचि नहीं दिखा रहे। इस बार चुनाव में कोटा जिले के 3.46 लाख मतदाताओं ने वोट ही नहीं डाला। यह संख्या गत चुनाव के मुकाबले 13 हजार से अधिक है। विशेषज्ञों का मत है, लाखों की संख्या में मतदाताओं का वोट न देना स्वस्थ लोकतंत्र के लिए चिंताजनक है। निर्वाचन विभाग को इसके कारणों पर मंथन करने की जरूरत है। हालांकि, गत विधानसभा चुनाव के मुकाबले इस बार मामूली  प्रतिशत वोट शेयर में बढ़ोतरी हुई है। लेकिन, यह काफी नहीं है, विभाग को अभियान चलाकर इन मतदाताओं को मतदान से जोड़ने की कवायद की जानी चाहिए। </p>
<p><strong>वर्ष 2013 से 2023 तक 9.62 लाख मतदाताओं ने दिया वोट </strong><br />कोटा जिले में हर विधानसभा चुनाव में लाखों की तादात में मतदाता वोट देने नहीं जाते। जिले की सभी 6 विधानसभा सीटों पर बड़ी संख्या में मतदाता सरकार चुनने में रुचि नहीं दिखा रहे।  वर्ष 2013 से वर्ष 2023 तक के तीन विधानसभा चुनावों को मिलाकर कुल 9 लाख 62 हजार 631 मतदाताओं ने वोट नहीं किया। जबकि, वर्ष 2013 में जिले में कुल 11 लाख 73 हजार 635 मतदाता थे। जिसमें से 2 लाख 82 हजार 496 मतदाताओं ने वोट नहीं डाला। वहीं, वर्ष 2018 के चुनाव में कुल 13 लाख 56 हजार 376 मतदाता थे, जिसमें से 3 लाख 33 हजार 511 वोर्ट्स वोट डालने नहीं गए। इसी तरह वर्ष 2023 में कुल 14 लाख 58 हजार 413 मतदाता थे, जिसमें से 3 लाख 46 हजार 624 वोर्ट्स ने मतदान करने में रुचि नहीं दिखाई। </p>
<p><strong>वोट न देने में लाडपुरा रहा अव्वलवोट न देने में लाडपुरा रहा अव्वल</strong><br />जिले की सभी 6 विधानसभा सीटों में से सर्वाधिक वोट न देने वाले मतदाताओं की बात करें तो लाडपुरा विधानसभा के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। यह विधानसभा सीट का आधा हिस्सा ग्रामीण क्षेत्र से तो आधा शहरी क्षेत्र में आता है। इस बार लाडपुरा में 69 हजार से ज्यादा मतदाताओं ने मतदान केंद्र से दूरी बनाए रखी। जबकि, गत 2018 के चुनाव में 62 हजार 120 वोर्ट्स ने वोट नहीं दिया था। ऐसे में गत चुनाव के मुकाबले इस बार वोट न देने वालों की संख्या में 7 हजार 203 की बढ़ोतरी हुई है।  </p>
<p><strong>सांगोद रहा सबसे कम</strong><br />विधानसभा चुनावों में वोट न देने वाले मतदाताओं की संख्या के मामले में सांगोद सबसे कम रहा। यहां 43 हजार 895 वोर्ट्स ने प्रत्याशियों को चुनने में भूमिका नहीं निभाई। जबकि, इस क्षेत्र में कुल 2 लाख 9 हजार 869 मतदाता हैं। इनमें से 1 लाख 65 हजार 974 लोगों ने वोट डाले हैं। हालांकि, गत चुनाव के मुकाबले इस बार वोट न डालने वालों में 246 मतदाताओं की संख्या बढ़ी है। </p>
<p><strong>तमाम कोशिशों के बावजूद मामूली बढ़ा वोट प्रतिशत </strong><br />निर्वाचन विभाग की ओर से विधानसभा चुनाव से पहले स्वीप के तहत मतदाता जागरूकता अभियान चलाता है। प्रत्येक जिले की सभी शैक्षणिक संस्थाओं में अलग-अलग कार्यक्रम निर्धारित कर जागरूकता रैली तो कभी नुक्कड़ नाटक सहित प्रतियोगिताओं के माध्यम से लोगों को मतदान के प्रति जागरूक करने की कवायद की जाती है और शत-प्रतिशत मतदान का संकल्प दिलाया जाता है। लेकिन, इसका असर पहली बार वोटिंग करने वाले मतदाताओं में नजर आता है। जबकि, पुराने मतदाता रुचि नहीं दिखाते। निवार्चन विभाग को सर्वे करवाकर वोट न देने के कारणों पर मंथन करना चाहिए। ताकि, अगले पांच साल बाद होने वाले चुनावों में इन संख्याओं में कमी आ सके।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/disclosure--more-than-3-46-lakh-voters-of-kota-did-not-cast-their-vote/article-62979</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/disclosure--more-than-3-46-lakh-voters-of-kota-did-not-cast-their-vote/article-62979</guid>
                <pubDate>Mon, 27 Nov 2023 16:52:37 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-11/111-%282%294.png"                         length="529369"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Rajasthan Assembly Election &amp; Genral Election : निर्वाचन विभाग ने वाहन अधिग्रहण की नवीन दरें की जारी</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रवीण गुप्ता ने बताया कि चुनावों के दौरान विभिन्न कार्यों के लिए जिला निर्वाचन अधिकारियों द्वारा वाहन अधिग्रहण की प्रक्रिया की जाती है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rajasthan-assembly-election-general-election-election-department-released-new-rates/article-58094"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-09/election-commision.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। निर्वाचन विभाग ने आगामी विधानसभा चुनाव-2023 और आम चुनाव-2024 के संबंध में वाहन अधिग्रहण की नवीनतम दरों की सूची जारी कर दी है। नवीनतम दरों में पिछले विधानसभा और लोकसभा आम चुनावों के वाहन अधिग्रहण की दरों की तुलना में 20 प्रतिशत तक की वृद्धि की गई है।</p>
<p>मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रवीण गुप्ता ने बताया कि चुनावों के दौरान विभिन्न कार्यों के लिए जिला निर्वाचन अधिकारियों द्वारा वाहन अधिग्रहण की प्रक्रिया की जाती है। उन्होंने बताया कि वाहन अधिग्रहण की नवीनतम दरों के अनुसार अनुबंधित कैरिज बसों की श्रेणी में 25 सीट की बसों के लिए 1750 रूपये प्रतिदिन, 35 सीटों की बसों के लिए 2400 रूपये प्रतिदिन, 36 से अधिक सीट के लिए 3000 रूपये की दर निर्धारित की है। इसी प्रकार स्टेज कैरिज बसों के लिए क्रमशः 1450 रूपये, 1800 रूपये एवं 2225 रूपये प्रतिदिन निर्धारित है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि इसी क्रम में अनुबंधित मिनी बसों के अधिग्रहण के लिए 1750 रूपये प्रतिदिन, ऑटो रिक्शा के लिए 330 रूपये प्रतिदिन, टैक्सी (इण्डिका, एम्बेसडर) के लिए 1100 रूपए, टैक्सी (इनोवा) के लिए 1625 रूपए एवं बोलेरो आदि के लिए 1325 रूपए प्रतिदिन निर्धारित है। </p>
<p>इसी तरह ट्रक श्रेणी के विभिन्न वाहनों के लिए 960 रूपए, 1200 रूपए एवं 1450 रूपए तथा क्रेन-जेसीबी के अधिग्रहण के लिए 4200 रूपये प्रतिदिन निर्धारित है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rajasthan-assembly-election-general-election-election-department-released-new-rates/article-58094</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rajasthan-assembly-election-general-election-election-department-released-new-rates/article-58094</guid>
                <pubDate>Tue, 26 Sep 2023 19:20:53 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-09/election-commision.png"                         length="457845"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महेश जोशी ने हॉर्स ट्रेडिंग की आशंका के चलते निर्वाचन विभाग को दी शिकायत</title>
                                    <description><![CDATA[राज्यसभा चुनाव के रण में विधायकों की खरीद फरोख्त की आशंका के चलते कांग्रेस ने एसीबी के बाद निर्वाचन विभाग को भी शिकायत दे दी है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-mahesh-joshi-give-complain-of-election-department/article-11546"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/6-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राज्यसभा चुनाव के रण में विधायकों की खरीद फरोख्त की आशंका के चलते कांग्रेस ने एसीबी के बाद निर्वाचन विभाग को भी शिकायत दे दी है। मंत्री और मुख्य सचेतक महेश जोशी ने मुख्य निर्वाचन पहुंचकर राज्यसभा चुनाव में धनबल की आशंका के बीच शिकायत दी है।<br /><br />मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रवीण गुप्ता को शिकायत देने के बाद महेश जोशी ने बातचीत में कहा कि राज्यसभा चुनाव में खरीद-फरोख्त की आशंका है। ऐसे में यह शिकायत दी गई है, ताकि निर्वाचन विभाग भी अलर्ट रहे। किसी भी इस तरह की संभावना को समय रहते रोका जा सके।<br /><br />कांग्रेस अपनी एक सीट पर हार और विधायकों के असंतोष से बौखलाई हुई है: राठौड़<br />राजस्थान विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने बयान जारी कर कहा कि विधानसभा में सरकारी मुख्य सचेतक व जलदाय मंत्री श्री महेश जोशी द्वारा राज्यसभा चुनाव में हॉर्स ट्रेडिंग का हवाला देते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के बाद अब निर्वाचन आयोग, भारत सरकार को पत्र लिखने से स्पष्टतः प्रमाणित हो रहा है कि कांग्रेस सरकार राजस्थान में 10 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव में 1 सीट पर संभावित हार एवं अपने विधायकों के भारी अंसतोष के कारण बौखलाई हुई है।<br /><br />राठौड़ ने कहा कि संविधान के आर्टिकल 164 (2) के अनुसार मंत्रिमंडल सामूहिक उत्तरदायित्व के आधार पर काम करता है यानी किसी मंत्री का कोई बयान पूरे मंत्रिमंडल का माना जाता है। सरकारी मुख्य सचेतक जिन तथ्यों व सबूतों के आधार पर राज्यसभा चुनाव में हॉर्स ट्रेंडिंग की बात कहकर कभी एसीबी तो कभी निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर रहे हैं, अगर उनके पास हॉर्स ट्रेडिंग से जुड़ा हुआ कोई भी तथ्य या प्रमाण है तो वह मीडिया व प्रदेश की जनता के समक्ष सार्वजनिक करने से घबरा क्यों रहे हैं ?<br /><br />राठौड़ ने कहा कि राज्यसभा चुनाव में 1 सीट पर होने वाली संभावित हार के मद्देनजर कांग्रेस सरकार इस कदर भयक्रांत हो चुकी है कि अब लोकतांत्रिक मर्यादाओं की धज्जियां उड़ाते हुए विपक्ष के जनप्रतिनिधियों का फोन भी सर्विलांस पर ले रखा है। कांग्रेस सत्ता का दुरुपयोग कर विपक्ष के जनप्रतिनिधियों पर पुलिस का सख्त पहरा, जासूसी, थाने में दर्ज लंबित प्रकरणों को पुनः खोलना तथा फोन टैपिंग करने जैसे हथकंडे अपना रही है।<br /><br />राठौड़ ने कहा कि वर्ष 2020 में सरकारी मुख्य सचेतक द्वारा अपनी ही पार्टी के करीब डेढ़ दर्जन विधायकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी। तत्पश्चात् बिना किसी जांच के इन मुकदमों को वापिस लेकर एक तरह से उन्हें क्लीन चिट दे डाली। एसीबी व निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर हॉर्स ट्रेडिंग की बात कहने वाले सरकारी मुख्य सचेतक तो पहले यह स्पष्टीकरण देना चाहिये कि उन्होंने पहली वाली एफआईआर पर बिना जांच के उन मुकदमों को रफा-दफा कैसे कर दिया।<br /><br />राठौड़ ने कहा कि राजस्थान के इतिहास में पहली बार है जब कोई सरकार लगभग 50 दिन सात सितारा होटल में रही। वहीं सप्ताहभर से चार्टर्ड प्लेन प्रतिदिन 2 से 3 बार जयपुर से उदयपुर के बीच दौड़ रहे हैं। एसीबी को हॉर्स ट्रेडिंग के निराधार आरोपों की जगह पर सबसे पहले कांग्रेस पार्टी के सात सितारा होटल में होने वाले खर्चों व चार्टर्ड प्लेन की राशि के बारे में जांच करनी चाहिये।<br /><br />राठौड़ ने कहा कि राज्यसभा चुनाव में 1 सीट पर कांग्रेस के वोट बैंक का गणित बिगड़ रहा है, इसलिए ही कांग्रेस सरकार पुलिस व एसीबी के बेजा इस्तेमाल के बाद अब निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर राज्यसभा चुनाव की पवित्रता को नष्ट करने का कुकृत्य कर रही है। अगर कांग्रेस अपनी ओछी हरकतों से बाज नहीं आई तो भारतीय जनता पार्टी भी कांग्रेस सरकार द्वारा किये जा रहे कुकृत्यों के खिलाफ चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज करवायेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-mahesh-joshi-give-complain-of-election-department/article-11546</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-mahesh-joshi-give-complain-of-election-department/article-11546</guid>
                <pubDate>Tue, 07 Jun 2022 14:46:25 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-06/6-copy.jpg"                         length="126513"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        