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                <title>खंडेवला सरकारी स्कूल में दो कमरों की छत ढही: तीन महीने पुरानी तकनीकी रिपोर्ट पर उठे सवाल, रिवेरिफिकेशन के पत्र के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई।</title>
                                    <description><![CDATA[खंडेवला के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में रात के समय दो पुराने भवनों की छत ढह गई। दिन में हादसा होता तो बच्चों की जान जोखिम में पड़ सकती थी। ग्रामीणों ने समय रहते कमरों को खाली करवाया था। प्रशासन की अनदेखी पर अभिभावकों में नाराजगी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/dausa/ceiling-of-two-rooms-collapsed-in-khandevla-government-school-questions/article-133308"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/khandar.png" alt=""></a><br /><p>खंडार। बहरावंडा खुर्द कस्बे के समीप ग्राम पंचायत खंडेवला स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में देर रात बड़ा हादसा होते-होते टल गया। विद्यालय के दो जर्जर भवनों की छत अचानक भरभराकर गिर गई। घटना रात में होने से कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन यदि यह हादसा दिन में होता तो बच्चों की जान जोखिम में पड़ सकती थी। गिरी हुई छत के साथ दीवार का बड़ा हिस्सा भी ढह गया, जहां पर दीवार में लगे नलों से बच्चे रोजाना पानी पीते थे। घटना से विद्यालय प्रबंधन, ग्रामीणों और अभिभावकों में गहरी नाराजगी व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को समय रहते अवगत कराने के बावजूद रिवेरिफिकेशन टीम क्यों नहीं भेजी गई।</p>
<p><strong>1985 से पहले बने हुए थे भवन, बारिश के बाद बढ़ गई थी दरारें:-</strong></p>
<p>ये दोनों कमरे 1985 से पूर्व निर्मित थे और लंबे समय से जर्जर अवस्था में थे। बरसात के दौरान कमरों में आई नई दरारों को देखते हुए ग्रामीणों ने प्रधानाचार्य को चेताया था कि इन कमरों में बच्चों को बिठाया न जाए। ग्रामीणों की समझाइश व जागरूकता के चलते विद्यालय प्रशासन ने दो महीने पहले ही इन भवनों में कक्षाएं बंद कर दी थीं। यही निर्णय अब बच्चों की सुरक्षा के लिए वरदान साबित हुआ।</p>
<p><strong>3 महीने पहले आई थी तकनीकी टीम, रिपोर्ट पर उठे सवाल:-</strong></p>
<p>प्रधानाचार्य संदीप सिंह के अनुसार, लगभग तीन महीने पहले पीडब्ल्यूडी विभाग की दो-सदस्यीय टीम विद्यालय में जर्जर भवनों का सर्वे करने आई थी। टीम ने दो जुड़वां भवनों में से एक को 'कंडम' और दूसरे को 'मरम्मत योग्य' बताया, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया कि कौन-सा भवन किस श्रेणी में आता है। इस अस्पष्ट रिपोर्ट ने विद्यालय स्टाफ और ग्रामीणों को असमंजस में डाल दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि रिपोर्ट वास्तविकता के अनुरूप नहीं थी और टीम ने भवनों की वास्तविक हालत को ठीक से नहीं समझा। देर रात छत गिरने की घटना से ग्रामीणों के आरोप और भी मजबूत हो गए हैं।</p>
<p><strong>एसएमसी और एसडीएमएसी ने जताई थी असंतुष्टि, 4 अक्टूबर को भेजा गया था रिवेरिफिकेशन का पत्र:-</strong></p>
<p>विद्यालय की एसएमसी समिति के अध्यक्ष रामबलवान मीना और सदस्य मेमराज गुर्जर ने बताया कि टीम की रिपोर्ट अधूरी और अस्पष्ट होने के कारण एसएमसी व एसडीएमएसी सदस्यों ने असंतोष जताया था। ग्रामीणों की मांग पर विद्यालय के प्रधानाचार्य ने 4 अक्टूबर 2025 को सीबीईओ खंडार को पत्र भेजकर भवनों का पुनः निरीक्षण कराने की मांग की थी। पत्र में साफ लिखा गया था कि तकनीकी रिपोर्ट पर एसएमसी और एसडीएमएसी ने असंतोष जताया है और बरसात के बाद भवनों को और अधिक नुकसान हुआ है। इसके बावजूद खंडार प्रशासन ने रिवेरिफिकेशन टीम नहीं भेजी और न ही किसी प्रकार की कार्रवाई की। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की लापरवाही आज किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती थी।</p>
<p><strong>ग्रामीणों ने प्रशासन पर उठाए सवाल “क्या गरीब बच्चों की जान की कोई कीमत नहीं?”</strong></p>
<p>घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन पर तीखे सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जब भवनों में गहरी दरारें थीं तो टीम ने उन्हें मरम्मत योग्य कैसे बताया। प्रधानाचार्य द्वारा पत्र भेजने के बाद भी रिवेरिफिकेशन की कार्रवाई क्यों नहीं हुई क्या सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले गरीब बच्चों की कोई अहमियत नहीं है।ग्रामीणों ने खंडार प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए कहा कि समय रहते कार्रवाई की जाती तो आज इस स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता।</p>
<p><strong>प्रधानाचार्य बोले "समय रहते कमरे खाली करवाए, बड़ा हादसा टल गया:-</strong></p>
<p>प्रधानाचार्य संदीप सिंह ने बताया कि ग्रामीणों की मांग पर उन्होंने 4 अक्टूबर को सीबीईओ को पत्र लिखकर भवनों के पुनः सर्वे की मांग की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।उन्होंने कहा रात को छत गिरने से बड़ी अनहोनी टल गई। हम पहले से ही इन कमरों को बंद करवा चुके थे, वरना दर्जनों बच्चों की जान जोखिम में पड़ सकती थी। फिलहाल जर्जर भवन के आसपास तारबंदी करवा दी गई है ताकि कोई निकट न जाए।</p>
<p><strong>ग्रामीणों की मांग जल्द हो नए भवन मंजूर, दोषी अधिकारियों की जिम्मेदारी तय हो:</strong></p>
<p>छत गिरने की घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जर्जर भवनों का तुरंत पुनः निरीक्षण कराया जाए और नए भवन निर्माण की स्वीकृति जल्द दी जारी हो। तकनीकी रिपोर्ट में लापरवाही करने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए व विद्यालय के बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखी जायें रात में गिरी छत ने प्रशासन की ढीली व्यवस्था और लापरवाही को उजागर कर दिया है। गनीमत है कि यह घटना दिन में नहीं हुई, अन्यथा स्थिति बेहद भयावह हो सकती थी। ग्रामीणों ने साफ कहा है कि अब वे इस मुद्दे को आगे तक उठाएंगे ताकि भविष्य में बच्चों की जान इस तरह की लापरवाही की भेंट ना चढ़े।</p>
<p><strong>इनका कहना...</strong></p>
<p>खंडार सीबीईओ ने बताया कि हमने पत्र आने के तुरंत बाद ही उच्च अधिकारियों को रिवेरिफिकेशन टीम भेजने के लिए अवगत करवा दिया था। उच्च लेवल पर ही टीम गठित नहीं की गई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>दौसा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 22 Nov 2025 17:29:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पश्चिम बंगाल में बारिश का कहर : दार्जिलिंग में पुल ढहा भूस्खलन में 20 की मौत, एनडीआरएफ ने 11 शव बरामद किए; पीएम मोदी ने शोक जताया</title>
                                    <description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल में दार्जिलिंग की पहाड़ियों एवं मैदानी इलाकों में शनिवार रात से जारी भारी बारिश से पुल के ढहने और भूस्खलन की घटनाओं में कम से कम 20 लोगों की मौत होई]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/in-west-bengal-20-killed-in-a-bridge-collapsed-in/article-128866"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/111-(3)4.png" alt=""></a><br /><p>सिलीगुड़ी। पश्चिम बंगाल में दार्जिलिंग की पहाड़ियों एवं मैदानी इलाकों में शनिवार रात से जारी भारी बारिश से पुल के ढहने और भूस्खलन की घटनाओं में कम से कम 20 लोगों की मौत होई। एनडीआरएफ ने 11 शव बरामद किए गए हैं। इस घटना के कारण पहाड़ियों और पड़ोसी सिक्किम का देश के बाकी हिस्सों से संपर्क टूट गया था। </p>
<p><strong>हर संभव सहायता देंगे</strong><br />प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दार्जिलिंग में पुल दुर्घटना में हुई जानमाल की हानि पर शोक व्यक्त किया है। मोदी ने ‘‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि दार्जिलिंग में एक पुल दुर्घटना में हुई जानमाल की हानि से गहरा दुख हुआ है। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति संवेदना। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना। हम प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।</p>
<p><strong>12 घंटों में 300 मिमी से अधिक बारिश हुई: ममता</strong><br />पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि वह इस बात से बेहद चिंतित हैं कि उत्तर बंगाल में 12 घंटों में अचानक 300 मिमी से अधिक बारिश हुई और साथ ही संकोश नदी में पानी का अत्यधिक प्रवाह हुआ और साथ ही भूटान और सिक्किम से नदी का पानी भी बह गया। इससे आपदाएं हुईं। भारी बारिश और नदियों में आई बाढ़ से उत्पन्न स्थिति में हमने अपने कुछ भाइयों और बहनों को खो दिया है, यह जानकर हमें गहरा सदमा और दुख हुआ है।   </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Oct 2025 13:24:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सरकारी स्कूल में दर्दनाक हादसा : स्कूल की छत गिरने से 6 बच्चों की मौत, 30 घायल</title>
                                    <description><![CDATA[प्रशासन की मौजूदगी में ग्रामीणों व स्टाफ ने मलबे में दबे बच्चों को  बाहर निकाला।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/tragic-accident-in-a-government-school---6-children-died--30-injured-due-to-roof-collapse/article-121598"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/news-(3)35.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। झालावाड़ जिले के मनोहरथाना क्षेत्र के  पीपलोदी गांव के राजकीय विद्यालय में शुक्रवार की सुबह अचानक कक्षा कक्ष की छत गिरने से 5 बच्चों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 30 मासूम घायल हो गए। जिन्हें स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया तथा गंभीर घायलों को जिला अस्पताल में इलाज के लिए रैफर किया। वहां एक बच्चे के और दम तोड़ने की जानकारी मिली । इस घटना पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, शिक्षामंत्री मदन दिलावर ने गहरी संवेदना व्यक्त की है। घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन  मौके पर पहुंचा और प्रशासन की मौजूदगी में ग्रामीणों और स्कूल स्टाफ की सहायता से मलबे में दबे बच्चों को बाहर निकाला । बताया जा रहा है कि कक्षा में 35 बच्चे बैठे थे।</p>
<p>घटना के दौरान गंभीर घायल हुए नौ बच्चों में पायल (14), प्रियंका (14), कार्तिक (8), हरीश (8), कुन्दन (12) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कुंदन (12), मिनी(13), वीरम (8), मिथुन(11), आरती (9), विशाल(9), अनुराधा (7), राजू (10), शाहीना (8) को जिला अस्पताल झालावाड़ रैफर किया है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 25 Jul 2025 14:57:00 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>सचिवालय की कई जगह टपक रही बिल्डिंग, दूसरी मंजिल पर  फॉल सीलिंग गिरी</title>
                                    <description><![CDATA[ लगातार हो रही बारिश के कारण सोमवार को सचिवालय में कई जगह पानी टपकने लगा। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/secretariat-building-leaking-at-many-places-fall-ceiling-on-second/article-87539"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/photo-size-(12)3.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। लगातार हो रही बारिश के कारण सोमवार को सचिवालय में कई जगह पानी टपकने लगा। इस दौरान कई जगह फॉल सीलिंग गिरी। गनीमत रही कि गेट नम्बर 2 के ऊपर दूसरी मंजिल पर फॉल सीलिंग गिरने से कोई हादसा नहीं हुआ, जबकि कर्मचारियों और आगंतुकों की भारी आवाजाही रहती है। इससे पहले भी ऐसी कई घटनाएं हो चुकी है। मुख्य बिल्डिंग का छज्जा भी पहले गिर चुका, जिसका निर्माण जारी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 12 Aug 2024 14:04:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>आए दिन मशीन खराब, थायराइड, विटामिन बी-12 व डी की जांच का टोटा</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री नि:शुल्क जांच के नाम पर चुनिंदा जांचे ही इन दिनों सेंट्रल लैब में हो रही है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/machines-are-breaking-down-every-day--there-is-a-shortage-of-tests-for-thyroid--vitamin-b-12-and-d/article-86860"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/aye-din-machine-khrab,-thyroid,-vitamin-b-12-va-d-ki-janch-ka-tota...kota-news-05-08-2024.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। संभाग के सबसे बड़े अस्पताल में बीमारियों की जांच व्यवस्था पूरी तरहत चरमाई हुई है। लोगों को समय पर जांच रिपोर्ट नहीं मिलने से इलाज में देरी हो रही है। अस्पताल की अधिकांश महंगी जांचे नहीं हो रही जिससे मरीजों को बाहर से जांच कराना पड़ रहा है। थाइराइड, विटामिन, आयरन और विटामिन डी जैसी जांचे नहीं हो रही है। कांउटर पर जाने पर संविधा कर्मी मशीन खराब होकर सैंपल ही नहीं ले रहे है जिनके सैंपल ले रहे उनकी जांच नहीं आ रही है। रिपोर्ट दो भी आठ से दस दिन में मिल रही है। सीटी स्केन मशीन पहले ही बंद पड़ी है। एमआरआई के लिए लोगों को एक एक माह की वेटिंग मिल रही है। मुख्यमंत्री नि:शुल्क जांच के नाम पर चुनिंदा जांचे ही इन दिनों सेंट्रल लैब में हो रही है। जिससे मरीजों को महंगी जांचे बाहर से करानी पड़ रही है। </p>
<p><strong>थाइराइड, विटामिन-12 व डी की जांच नहीं हो रही</strong><br />एमबीएस अस्पताल की सेंटर लेब में कई महंगी जांचे नहीं हो रही है। थाइराइड, विटामिन-12 व डी की जांच के लिए सैंपल लिए जा रहे लेकिन जांच रिपोर्ट नहीं मिल रही है। मेडिकल कॉलेज में महंगी जांच के किट खत्म होने से इनकी जांच नहीं हो पा रही है। मरीज रिपोर्ट के लिए मरीज को 12 से 15 दिन का समय दिया जा रहा है। 15 दिन बाद रिपोर्ट लेने जाने पर बताते अभी तक रिपोर्ट नहीं आई है। कभी सैंपल खराब होने की बात कहते कभी मशीन खराब होने की बात कहकर लोगों को परेशान कर रहे है। पिछले एक माह से जांच व्यवस्था पूरी तरह से बिगड़ी हुई है। <br /><strong>- रामचंद्र मीणा, निवासी नांता</strong></p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />अस्पताल में जांच व्यवस्था में कहां गड़बडी हो रही है इसके बारे में अधीक्षक से बात कर व्यवस्थाओं सुधारा जाएगा। <br /><strong>- डॉ संगीता सक्सेना, प्रधानाचार्य, मेडिकल कॉलेज कोटा</strong></p>
<p><strong>8 दिन पहले दिया था सैंपल रिपोर्ट आज तक नहीं मिली</strong><br />अस्पताल में जांचे गिनी चुनी हो रही है। समय पर रिपोर्ट नहीं मिल रही है। आठ दिन पहले थाइराइड और विटामिन की जांच के लिए सैंपल लिया था आज तक रिपोर्ट नहीं आई है। आज कहा कि जेकेलोन में जांच करा ले। आठ दिन से बिना जांच के इलाज भी शुरू नहीं हो पाया है। अस्पताल में जांच व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। <br /><strong>- आशा शर्मा, निवासी सुभाष नगर</strong></p>
<p><strong>लीवर प्रोफाइल की जांच रिपोर्ट नहीं मिली</strong><br />पांच दिन पहले लीवर प्रोफाइल, लिकविड प्रोफाइल की की जांच कराई थी एक रिपोर्ट मिली दूसरी मिली ही नहीं अस्पताल सेंट्रल लेब में पांच जांच कराए तो रिपोर्ट तीन की ही मिलती है। एक दो रिपोर्ट हमेशा मिस हो जाती है। <br /><strong>- किशल लाल कहार, निवासी बोरखेडा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 05 Aug 2024 16:13:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कोडाई के गेंदबाजों का जलवा, ताश के पत्तों की तरह ढही आरडी एकेडमी</title>
                                    <description><![CDATA[रामपति देवी अकादमी टीम के कप्तान अमन तुरपानी ने शुक्रवार को जयपुर मुहाना मंडी रोड स्थित कोडाई क्रिकेट मैदान में कोडाई क्रिकेट अकादमी के खिलाफ टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला लिया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rd-academy-collapsed-like-a-house-of-cards-in-front/article-85215"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/111u1rer-(1)8.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। रामपति देवी अकादमी टीम के कप्तान अमन तुरपानी ने शुक्रवार को जयपुर मुहाना मंडी रोड स्थित कोडाई क्रिकेट मैदान में कोडाई क्रिकेट अकादमी के खिलाफ टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला लिया। </p>
<p>टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी आरडी अकादमी की शुरुआत बेहद खराब रही। टॉप-3 बल्लेबाजों ने बेहद घटिया प्रदर्शन किया। सलामी बल्लेबाज गौतम मीना-8, गर्वित व्यास-11, अरविन्द शर्मा-12 रन बनाकर आउट हुए, उसके बाद आरडी अकादमी की टीम काफी मशक्कत के बाद भी टिक नहीं सकी और पूरी टीम ताश के पत्तों की तरह ढह गई। 40-40 ओवरों के निर्धारित मैच में आरडी अकादमी के बल्लेबाजों ने 23.3 ओवर में दस विकेट के नुकसान पर 74 रन बनाए। इस मैच में कोडाई के गेंदबाजों का दबदबा दिखा। कोडाई के गेंदबाज मनन-राघव यादव ने अपने शुरूआती ओवर में आरडी के ओपनर बल्लेबाजों आउट कर पवेलियन की राह दिखलाई तो प्रिंस वर्मा-3 और पीयूष ने दो विकेट जल्द लेकर बल्लेबाजी टीम की कमर तोड़ दी। चर्चित-तनाक्ष तक को एक-एक विकेट मिला।</p>
<p>लक्ष्य का पीछा करने उतरी कोडाई ने महज 15 ओवर में दो विकेट के नुकसान पर जीत हासिल की। इस जीत में वशिष्ट 4 चौको की मदद से सर्वाधिक 34 और शिवांजल ने 16 रन बनाए। देवांश-0 सात्विक जैन-2 कुछ खास नहीं कर पाए। आरडी अकादमी के लाव्या गुप्ता और अमन तुरपानी ने 1-1 विकेट लिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>खेल</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Jul 2024 14:44:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अब राजकोट एयरपोर्ट पर हुआ हादसा, बारिश के कारण गिरी छत</title>
                                    <description><![CDATA[ बहोरा ने कहा कि बारिश के एयरपोर्ट के आगे की छत में जलभराव हो गया था। इसके कारण यह हादसा हुआ है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/now-an-accident-happened-at-rajkot-airport-roof-collapsed-due/article-83158"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/6699-copy18.jpg" alt=""></a><br /><p>अहमदाबाद। राजकोट अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर बड़ा हादसा हो गया। यहां बारिश के कारण एयरपोर्ट की कैनोपी गिर गई। बारिश के बाद एयरपोर्ट की कैनोपी का एक बड़ा हिस्सा गिर गया। इस हादसे में जानहानि नहीं हुई है। एयरपोर्ट के के निदेशक दिंगत बहोरा ने हादसे को लेकर जानकारी दी है। बहोरा ने कहा कि बारिश के एयरपोर्ट के आगे की छत में जलभराव हो गया था। इसके कारण यह हादसा हुआ है। हालांकि इस हादसे में किसी को कोई नुकसान नहीं हुआ है। </p>
<p>बहोरा ने कहा कि एयरपोर्ट पर जहां छत गिरी है, वहां पर यात्री पिकअप और ड्रॉप होता है, लेकिन हादसे के समय वहां कोई मौजूद नहीं था। यह एयरपोर्ट 2654 करोड़ रुपये की लागत से बनकर तैयार हुआ था। इससे एक दिन पहले दिल्ली एयरपोर्ट पर भी बारिश के कारण एक हिस्सा ढ़ह गया था। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 29 Jun 2024 15:15:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लापरवाही: सफाई व्यवस्था चरमराई, आमजन परेशान</title>
                                    <description><![CDATA[पॉलिथीन और कचरा भरने से नालियां हो रही जाम। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/negligence--cleaning-system-has-collapsed--common-people-are-troubled/article-80115"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/laparwahi-safai-vyvastha-charmarai-aamjan-pareshan....atru,-baran-news-01-06-2024.jpg" alt=""></a><br /><p>अटरू। नगरपालिका क्षेत्र अटरू में लंबे समय से मेन रोड़ की नालियों की साफ सफाई नहीं होने से नालियों में गन्दगी व पॉलिथिन से भरी हुई है। अब तो नालियों का पानी मेन रोड पर आ रहा है और नालियों भी बन्द हो गई है यही भी मालूम नहीं है कि यहां पहले नालियां भी थी या नहीं पर नगरपालिका प्रशासन का इस समस्या की ओर कोई ध्यान ही नहीं है।  जो मेन बाजार की नालियों से जुड़ी गली मौहल्लों की नालियां बड़े नाले में आकर मिलती है। जब बड़े नाले की ही सफाई समय पर नहीं हो पाए तो जो छोटी छोटी नालियों में पानी का निकास बन्द हो जाता है। जिससे उन नालियों का पानी गलियों में ही भरा रहता है। इनकी सफाई को हुए करीब साल भर हो गया है। इसके कारण आमजन को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। नगरवासी अमित, हेमन्त, चंद्रप्रकाश, वीरेन्द्र ने बताया कि आए दिन गंदगी और कचरे से नालियां जाम हो जाती है। जिससे नालियों की गदंगी रोड पर आ जाती है। जिससे वहां से निकलने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। </p>
<p><strong>समस्या से जिम्मेदारों को करा चुके है अवगत</strong><br />अटरू क्षेत्र के नगरवासी कीचड़ और गंदगी की समस्या को लेकर कई बार नगर पालिका अधिकारी, कर्मचारियों और जिम्मेदारों को अवगत करा चुके है लेकिन अभी भी इस समस्या की ओर किसी का कोई ध्यान नहीं है। नगरपालिका प्रशासन को जल्दी ही इस समस्या का समाधान करना चाहिए ताकि नगरवासियों को राहत मिल सकें।</p>
<p><strong>कीचड़ में फिसलकर चोटिल हो रहे नगरवासी</strong><br />वहीं नगरवासियों ने बताया कि नालियों में जमा गंदगी और कीचड़ रोड पर आ जाता है। जिससे रास्ते में फिसलन हो जाती है। कई बार वहां से निकलते समय बच्चें, बुजुर्ग, महिलाएं सहित नगरवासी कीचड़ में फिसलकर चोटिल हो जाते है। </p>
<p>नगरपालिका क्षेत्र में मेंन रोड के दोनों तरफ से निकलने वाली नालियों बहुत समय से दुर्दशा का शिकार हो रही हैं। नालियों में गंदगी व पॉलिथिन से नालियां जाम हो रही है।  <br /><strong>- राजेन्द्र प्रजापति, नगरवासी। </strong><br />     <br />नालों की सफाई बहुत समय से नहीं हुई है। जिसके कारण नाले में बहुत कचरा जमा हो गया है। उसमें से पानी <strong>नहीं निकल रहा है। जिसके कारण पानी रोड़ पर आने लगा है। </strong><br /><strong>- नन्दलाल सुमन,  नगरवासी। </strong></p>
<p>नालियों में भरा कीचड़ और गंदगी रोड पर आ जाने से यहां से निकलते समय बच्चें और बुजर्ग गिरकर चोटिल हो जाते है। शीघ्र ही समस्या का समाधान किया जाए। <br /><strong>- सुनीता, नगरवासी। </strong></p>
<p><strong>इनका कहना है </strong><br />पांच दिन बाद नालियों की सफाई के टेंडर निकलवाकर बरसात के पहले नालियों की साफ-सफाई करवा दी जाएगी।<br /><strong>- सुरेश रेगर, अधिशासी अधिकारी, नगरपालिका अटरू।   </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 01 Jun 2024 17:23:38 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>तेलंगाना में तेज हवा से ढहा 8 साल से बन रहा पुल</title>
                                    <description><![CDATA[ तेलंगाना में 8 साल से बन रहा पुल तेज हवा से ढह गया। पुल का निर्माण कार्य 2016 में शुरू हो गया था। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/bridge-being-built-for-8-years-collapsed-due-to-strong/article-75763"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-04/trer-(5)6.png" alt=""></a><br /><p>हैदराबाद। तेलंगाना में 8 साल से बन रहा पुल तेज हवा से ढह गया। पुल का निर्माण कार्य 2016 में शुरू हो गया था। यह पुल तेलंगाना के जयशंकर भूपालपल्ली जिले के ओडेडु को गार्मिलपल्ली गांव से जोड़ने के लिए बनाया जा रहा था। </p>
<p>इस पुल के निर्माण पूरा होने पर मंथनी और परकल तथा भूपालपल्ली और जम्मीकुंटा कस्बों के बीच की दूरी 50 किलोमीटर कम होने की उम्मीद थी। लेकिन 1 किमी लंबा पुल तेज हवा के कारण ही गिर गया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Apr 2024 17:57:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सड़क पर वाहनों की अव्यवस्थित पार्किंग से बिगड़ी यातायात व्यवस्था</title>
                                    <description><![CDATA[ मुख्य सड़क मार्ग के बीचों-बीच कई जगह आवारा मवेशियों का जमावड़ा दिनभर लगा रहता है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/traffic-situation-worsened-due-to-irregular-parking-of-vehicles-on-the-road/article-71781"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-03/sadak-pr-vahano-ki-avyavasthiti-parking-s-bigdi-parking-vyavastha...rawatbhata,-kota-news-04-03-2024.jpg" alt=""></a><br /><p>रावतभाटा। रावतभाटा के वाहन मालिकों के सड़क पर ही अपने वाहनों की अव्यवस्थित रूप से पार्किंग कर मुख्य सड़क पर बेतरतीब ढंग से खड़े करने के कारण नगर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा चुकी है। इतना ही नहीं आवारा मवेशियों का दिन भर इस मुख्य सड़क पर जमावड़ा लगा रहता है। वहीं दिनभर भूसे से भरे ओवरलोड वाहन गुजरने से जाम की हालत बनी रहती है। रावतभाटा शहर की सुंदरता पर बदनुमा दाग लगा रहे यहां के प्रबुद्ध लोग ट्रैफिक रुल्स की पालना नहीं करते। जिससे आमजन को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बप्पा रावल चौराहे से लेकर कोटा बेरियल चौराहे तक सभी जगह मुख्य सड़क मार्ग पर व नई सड़क पर जगह-जगह दुकानदारों ने सामान मुख्य सड़क मार्ग तक लगा दिए हैं। जिससे सड़क मार्ग और संकरा हो गया है। बालाराम चौराहा, नया बाजार चौराहा, मुख्य सड़क मार्ग नीचे बाजार, गणेश मंदिर, कोटा बैरियर सभी जगह अव्यवस्थित रूप से अवैध पार्किंग स्थल बन गए हैं। उस पर नई गुमटियां रखकर कार बाजार के नाम पर कई अवैध पार्किंग स्थल बन गए हैं। जिस पर भी प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा। इसके अलावा प्रशासनिक स्तर पर जारी आदेशों के बाद भी भूसे से भरी हुई गाड़ियां पूरे दिन रावतभाटा शहर के बीचों-बीच से निकलती हैं। ऐसे में प्रशासन, पुलिस, नगर पालिका सभी अपने दायित्व से भाग रहे हैं। मुख्य सड़क मार्ग के बीचों-बीच कई जगह आवारा मवेशियों का जमावड़ा दिनभर लगा रहता है। जिससे बड़ी दुर्घटना होने का शायद प्रशासन इंतजार कर रहा है। तहसीलदार क आदेश की नहीं हुई पालना: पूर्व में यातायात व्यवस्था को लेकर तहसीलदार कमलेश कुमार कुलदीप द्वारा थानाधिकारी रावतभाटा को यातायात व्यवस्था को लेकर निर्देश दिए गए थे। परंतु स्थानांतरण हो जाने के उपरांत उन आदेशों की कहीं भी पालना नहीं हुई और आज भी स्थिति जस की तस ही बनी हुई है।</p>
<p> मुख्य सड़क मार्ग पर आवारा मवेशी सड़क के बीचो-बीच कई जगह बैठे रहते हैं। जिससे दुर्घटना होने का अंदेशा निरंतर बना रहता है। नयी सड़क बनने  के बाद अवैध रूप से कई जगह पार्किंग स्थल बन गए हैं। जिन्हें तुरंत प्रभाव से नगर पालिका और पुलिस प्रशासन हटाए।<br /><strong>- मनीष गिरी, पार्षद</strong></p>
<p>मुख्य सड़क मार्ग पर आवारा मवेशी, बेतरतीब ढंग से खड़े आॅटो रिक्शा, नए अवैध पार्किंग स्थल, नए कार बाजार के नाम पर खोली हुई दुकानों के कारण मुख्य सड़क मार्ग नया बनने के बाद भी छोटा हो गया है। जिसके कारण गुरुद्वारा स्कूल, कन्या विद्यालय बालाराम चौराहा इत्यादि स्थानों पर निरंतर दुर्घटना का भय बना रहता है। एनटीसी मुख्य गेट पर भी आवारा मवेशियों का जमावड़ा दिनभर लगा रहता है।<br /><strong>- डॉक्टर तन्वी शर्मा, पार्षद</strong></p>
<p>दिन के समय भूसे से भरी हुई ओवरलोड गाड़ियां अब नहीं चलेंगी। सभी भूसे की गाड़ियां रात्रि 10 बजे बाद से लेकर सुबह 5 बजे के मध्य ही शहर के बीच से निकलेंगी। यदि चलती हुई पाई गई तो चालान की कार्रवाई की जाएगी। मुख्य सड़क मार्ग पर खड़े हुए अवैध वाहनों के खिलाफ भी पुलिस द्वारा कार्यवाही कानूनी रूप से की जाएगी।<br /><strong>- प्रभुलाल कुमावत, डीएसपी, रावतभाटा </strong></p>
<p>उनका अभी कुछ दिन पूर्व ही स्थानांतरण हुआ है और शिकायत के अनुसार यातायात व्यवस्था को सुचारु करने के लिए तुरंत प्रभाव से कार्रवाई की जाएगी। दिन में भूसे से भरी हुई गाड़ियां पकड़ी गई तो कानूनी रूप से चालान काटे जाएंगे। अवैध रूप से बने हुए नए पार्किंग स्थलों को तुरंत प्रभाव से हटाया जाएगा। जिससे मुख्य सड़क मार्ग अवरुद्ध न हो।<br /><strong>- विवेक गरासिया, तहसीलदार </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 04 Mar 2024 19:51:31 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>वसंत कुंज इलाके में एंबिएंस मॉल की छत का हिस्सा गिरा</title>
                                    <description><![CDATA[मॉल की छत का कचरा एस्केलेटर और रेलिंग के पास गिरा जिससे मॉल को मरम्मत कार्य के लिए बंद करना पड़ा। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/part-of-the-roof-of-ambience-mall-collapsed/article-71811"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-03/transfer-(6)2.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। दक्षिणी दिल्ली में स्थित एंबिएंस मॉल की छत का हिस्सा गिर गया। दक्षिणी दिल्ली के पॉश वसंत कुंज इलाके में एंबिएंस मॉल का हिस्सा गिर गया। </p>
<p>मॉल की छत का कचरा एस्केलेटर और रेलिंग के पास गिरा जिससे मॉल को मरम्मत कार्य के लिए बंद करना पड़ा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 04 Mar 2024 19:43:13 +0530</pubDate>
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                <title>बायोलॉजिकल पार्क में मंडराया पैंथर-भालू का खतरा </title>
                                    <description><![CDATA[सुरक्षा दीवार टूटे हुए 6 माह बीतने के बाद भी पक्की दीवार का निर्माण नहीं करवाया जा सका।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/danger-of-panther-bear-looming-in-biological-park/article-68141"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-01/untitled-design1.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क में शाकाहारी वन्यजीवों पर बाहरी मांसाहारी जानवरों के हमले का खतरा मंडरा रहा है। चीतल के एनक्लोजर के नजदीक सुरक्षा दीवार टूटी हुई है। जिसकी अब तक मरम्मत नहीं करवाई गई। जबकि, पूर्व में पैंथर द्वारा बायोलॉजिकल पार्क में घुसकर ब्लैक बक के बच्चे का शिकार करने की घटना हो चुकी है। इसके बावजूद वन्यजीव विभाग के अधिकारियों की कुंभकरणीय नींद नहीं टूटी। अधिकारियों की लापरवाही से शाकाहारी वन्यजीवों की जान खतरे में पड़ गई।  दरअसल, अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क के पीछे थर्मल परिसर व वन मंडल का घना जंगल है। जहां पैंथर, भालू, जरख, सियार का मूवमेंट रहता है। ऐसे में सुरक्षा दीवार टूटने से इनके पार्क में घुस आने व शाकाहारी वन्यजीवों पर हमले की आशंका बनी हुई है। </p>
<p><strong>गत वर्ष टूटी थी सुरक्षा दीवार</strong><br />बायोलॉजिकल पार्क में गत वर्ष जुलाई माह में बारिश के दौरान पानी का बहाव अधिक होने से 24 मीटर सुरक्षा दीवार ढह गई थी और चीतल के एनक्लोजर में पानी भर गया था। जिससे वन्यजीवों में अफरा तफरी मच गई थी। इसके बावजूद विभाग ने दीवार की मरम्मत नहीं करवाई। हालांकि एक माह बाद अगस्त में 4 फीट ऊंची कच्ची दीवार बनाकर औपचारिकता पूरी कर दी। जबकि, सुरक्षा की दृष्टि से  8 फीट ऊंची पक्की दीवार का निर्माण करवाया जाना बेहद जरूरी है। </p>
<p><strong>6 माह बाद भी नहीं बनी </strong><br />सुरक्षा दीवार टूटे हुए 6 माह बीतने के बाद भी पक्की दीवार का निर्माण नहीं करवाया जा सका। जबकि, पार्क के पीछे जंगल में मांसाहारी जानवरों का मूवमेंट अधिक रहता है। ऐसे में रात के समय पैंथर, जरख व सियार के हमले का खतरा अधिक रहता है। पूर्व में भी घटना हो चुकी है, इसके बावजूद अधिकारियों द्वारा बजट का रोना रोया जा रहा है। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार 24 मीटर लंबी और 8 फीट ऊंची पक्की दीवार निर्माण के लिए दो लाख रुपए की लागत आएगी। लेकिन अधिकारियों द्वारा सरकार से बजट मांगने के लिए सार्थक प्रयास नहीं किए जा रहे। </p>
<p><strong>पैंथर कर चुका हिरण के बच्चे का शिकार</strong><br />बायोलॉजिकल पार्क में गत वर्ष 28 अप्रेल की रात को पैंथर ने बायोलॉजिकल पार्क की 8 फीट ऊंची दीवार फांद परिसर में प्रवेश किया फिर ब्लैक बक के एनक्लोजर में छलांग लगा नाइट शेल्टर तक पहुंच गया। पैंथर को सामने देख ब्लैक बक में भगदड़ मच गई। इस दौरान शेल्टर के गेट से 6 दिन का शावक बाहर निकल गया। जिस पर पैंथर ने हमला कर शिकार कर लिया। विभाग को घटना का पता अगले दिन लगा था। पार्क साढ़े तीन किमी लंबा है और वन्यजीवों की निगरानी के लिए 4 गार्ड तैनात हैं।</p>
<p><strong>सीजेडए ने जताई थी आपत्ति</strong><br />सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण ने पूर्व में अभेड़ा बायोलोजिकल पार्क की सुरक्षा दीवार पर लगी लोहे की एंगलों पर आपत्ति जताई थी। प्राधिकरण का कहना था कि लोहे की एंगल की जगह सौलर वाली पैंथर प्रूफ फैंसिंग लगवाई जाए। इस फैंसिंग से वन्यजीवों को हल्का करंट का झटका लगता है। जिससे पैंथर अंदर नहीं आ सके। </p>
<p>24 मीटर लंबी दीवार है जो टूट गई थी। ऐसे में तत्कालीन व्यवस्था कर 4 फीट ऊंची कच्ची दीवार बना दी है। जू-मेंटिनेंस के लिए सरकार से 20 लाख का बजट मांगा है, जिसमें प्रोटेक्शन वॉल के साथ अन्य काम भी करवाए जाएंगे। जब तक बजट नहीं मिल जाता तब तक हम पक्की दीवार बनवाने की स्थिति में नहीं है। <br /><strong>- सुनील गुप्ता, डीएफओ, वन्यजीव विभाग कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 25 Jan 2024 16:22:37 +0530</pubDate>
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