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                <title>craving - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>ढाई साल से बजट को तरस रहा अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क</title>
                                    <description><![CDATA[वन्यजीव अधिकारियों के अनुसार वर्ष 2020-21 में जाइका प्रोजेक्ट के तहत बायलॉजिकल पार्क में अधूरे निर्माण कार्यों को पूरा करवाने के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/--abheda-biological-park-yearning-for-budget-for-two-and-a-half-years/article-49363"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-06/dhai-saal-s-bajat-ko-taras-rha-abheda-biological-park...kota-news-19-06-203.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। प्रदेश का सबसे बड़ा अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क ढाई साल से सुविधाओं को तरस रहा है। पर्यटकों न तो कैफेटेरिया की सुविधा मिल रही और न ही ई-रिक्शा। ऐसे में यहां आने वाले पर्यटकों को चाय नाश्ते के लिए भटकना पड़ता है। जबकि, पर्यटकों से पैसा पूरा वसूला जा रहा। वहीं, वैटनरी हॉस्पिटल के अभाव में घायल वन्यजीवों को समय पर इलाज भी नहीं मिल पा रहा। दरअसल, बायोलॉजिकल पार्क में द्वितीय चरण के तहत 20 करोड़ की लागत से कई निर्माण कार्य होने हैं, जो बजट के अभाव में शुरू नहीं हो पाए। वन्यजीव विभाग प्रशासन सरकार को कई बार प्रस्ताव भी भेजे, फिर भी बजट स्वीकृत नहीं हुआ। इसके चलते एक दर्जन से अधिक वन्यजीव चिड़ियाघर से बायोलॉजिक पार्क में शिफ्ट नहीं हो पा रहे। </p>
<p><strong>टिकट पूरा, सुविधा अधूरी</strong><br />बायोलॉजिकल पार्क घूमने आए बोरखेड़ा निवासी अश्वनी कुमार, प्रिति जायसवाल ने बताया कि पार्क का ट्रैक करीब 3 किमी लंबा है और वन्यजीवों के एनक्लोजर एक-दूसरे से काफी दूरी पर हैं। ऐसे में पैदल पूरे पार्क में घूमना मुश्किल है। वन्यजीव विभाग टिकट का पैसा तो पूरा वसूलते हैं, इसके बावजूद ई-रिक्शा तक नहीं चलवाए जाते। तिलक नगर के शाहबाज, मासूम, जावेद व श्याम माहेश्वरी ने बताया कि यहां कैफेटेरिया व बच्चों के लिए झूलों की सुविधा भी नहीं है। ऐसे में यहां चाय-नाश्ते के लिए परेशान होना पड़ता है। वहीं, बैठने के लिए छायादार शेड व वाटरकूलर भी नहीं हैं। पानी के लिए परेशान होना पड़ता है।  </p>
<p><strong>यह काम अटके</strong><br />अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क में द्वितीय चरण के तहत 20 करोड़ की लागत से 31 एनक्लोजर, स्टाफ क्वार्टर, कैफेटेरिया, वेटनरी हॉस्पिटल, इंटरपिटेक्शन सेंटर, पर्यटकों के लिए आॅडिटोरियम हॉल, छांव के लिए शेड, वाटरकूलर, कुछ जगहों पर पथ-वे सहित अन्य कार्य किए जाने हैं, जो बजट नहीं मिलने के कारण अटके पड़े हैं। </p>
<p><strong>30 करोड़ से बना था बायोलॉजिकल पार्क </strong><br />जानकारी के अनुसार वर्ष 2017 में 30 करोड़ की लागत से बायोलॉजिकल पार्क का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। जिसे 2019 में पूरा किया जाना था लेकिन कोविड के 2 साल के कारण काम समय पर पूरा नहीं हो सका। इसके बाद 21 नवम्बर 2021 को काम पूरा हुआ। यहां प्रथम चरण में 18 एनक्लोजर बनाए जाने थे लेकिन बजट के अभाव में 13 ही बन सके।  </p>
<p><strong>समय पर नहीं मिल पाता इलाज</strong><br />नाम न छापने की शर्त पर कर्मचारियों ने बताया कि अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क में वन्यजीवों के इलाज के लिए समूचित व्यवस्था नहीं है। रेस्क्यू में आने वाले घायल वन्यजीवों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता। आधे संसाधन अभेड़ा तो आधे नयापुरा चिड़ियाघर में है। ऐसे में चिकित्सक को करीब साढ़े आठ किमी का चक्कर काटना पड़ता है। यहां वैटनरी हॉस्पिटल बनाया जाना प्रस्तावित है लेकिन बजट नहीं होने के कारण काम शुरू नहीं हो पा रहा। </p>
<p><strong>झेलनी पड़ रही पर्यटकों की नाराजगी</strong><br />पार्क में तैनात कर्मचारियों का कहना है कि यहां एक ही वाटरकूलर है। जबकि, पर्यटकों के लिहाज से हर तीन एक्लोजर के पास एक वाटरकूलर होना चाहिए। वहीं, बैठने के लिए पर्याप्त बैंच भी नहीं है। ऐसे में लोग शाकाहारी वन्यजीवों के एनक्लोजर तक पहुंचने से पहले ही वापस लौट जाते हैं। इस दौरान कर्मचारियों की उनकी नाराजगी झेलनी पड़ती है। </p>
<p><strong>वन्यजीवों की शिफ्टिंग अटकी </strong><br />बायोलॉजिकल पार्क के निर्माण के दौरान 44 एनक्लोजर बनने थे लेकिन प्रथम चरण में मात्र 13 ही बन पाए। जबकि, 31 एनक्लोजर अभी बनने बाकी हैं। जब तक यह एनक्लोजर नहीं बनेंगे तब तक पुराने चिड़ियाघर में मौजूद अजगर, मगरमच्छ, बंदर व कछुए व विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों सहित एक दर्जन से अधिक वन्यजीवों की  बायलॉजिकल पार्क में शिफ्ट नहीं हो पाएंगे। वहीं पार्क में पक्षियों के 5 एनक्लोजर भी अधूरे पड़े हैं। </p>
<p><strong>4 बार भेजे रिमाइंडर, फिर भी बजट नहीं</strong><br />वन्यजीव अधिकारियों के अनुसार वर्ष 2020-21 में जाइका प्रोजेक्ट के तहत बायलॉजिकल पार्क में अधूरे निर्माण कार्यों को पूरा करवाने के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा था। जिस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई तो फिर से रिव्यू प्रस्ताव भेजे फिर भी कुछ नहीं हुआ। ढाई साल में करीब 4 बार रिमाइंडर भेजे लेकिन बजट नहीं मिला। गत वर्ष 4 जून को वन विभाग के शासन सचिव शिखर अग्रवाल ने बायलॉजिकल पार्क के निरीक्षण के दौरान बजट पास करवाने का भरोसा दिलाया था लेकिन वह भी पूरा नहीं हुआ।  </p>
<p><strong>इसी वर्ष बजट मिलने की उम्मीद</strong><br />द्वितीय चरण में बेहद महत्वपूर्ण काम होने थे, जो बजट के अभाव में नहीं हो सके। सरकार को प्रस्ताव भेज रखे हैं, लेकिन अभी तक इस संबंध में कुछ नहीं हुआ। बजट के अभाव में वेटनरी हॉस्पिटल, स्टाफ  क्वार्टर, आॅडिटोरियम, कैफेटेरिया सहित 31 एनक्लोजर नहीं बन पा रहे। जिसकी वजह से चिड़ियाघर के वन्यजीवों की शिफ्टिंग भी  अटकी हुई है। हालांकि, पार्क में सुविधाएं विकसित करने के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। <br /><strong>- सुनील गुप्ता, डीएफओ, अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 19 Jun 2023 16:14:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
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                <title>पानी की एक-एक बूंद को तरस रही हैं खेतड़ी की जनता</title>
                                    <description><![CDATA[ उपखंड की ग्राम पंचायत गौरीर के श्री श्याम मंदिर परिसर में सरपंच प्रतिनिधि भागीरथ मान की अध्यक्षता में ग्रामीणों की एक आमसभा का आयोजन किया। सभा को संबोधित करते हुए घुमरिया ने कहा कि खेतड़ी में कुम्भाराम पेयजल योजना के माध्यम से 955 करोड़ रुपए खर्च होने के पश्चात भी खेतड़ी की जनता पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रही है। शहर में 7 से 6 दिन में पानी की सप्लाई अपर्याप्त मात्रा में की जा रही है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhunjhunu/people-of-khetri-are-craving-every-drop-of-water/article-11866"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/pic-11.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>खेतड़ी।</strong> उपखंड की ग्राम पंचायत गौरीर के श्री श्याम मंदिर परिसर में सरपंच प्रतिनिधि भागीरथ मान की अध्यक्षता में ग्रामीणों की एक आमसभा का आयोजन किया गया। श्री श्याम मंदिर प्रांगण में ग्रामीणों की आमसभा में समाज सेवी मनोज कुमार घुमरिया मुख्य अतिथि थे। ग्रामीणों ने समाज सेवी मनोज कुमार घुमरिया और साथ ही करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष सुरेन्द्र फौजी का साफा व माला पहनाकर गांव में सम्मान किया। सभा को संबोधित करते हुए घुमरिया ने कहा कि खेतड़ी में कुम्भाराम पेयजल योजना के माध्यम से 955 करोड़ रुपए खर्च होने के पश्चात भी खेतड़ी की जनता पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रही है। शहर में 7 से 6 दिन में पानी की सप्लाई अपर्याप्त मात्रा में की जा रही है। उन्होंने कहा कि गांव में भाईचारे और सामप्रदायिक सौहार्द बनाये रखेंगे तभी गांव का विकास होगा।</p>
<p>घुमरिया ने कहा कि वे खेतड़ी विधान सभा क्षेत्र में जिस गांव-ढ़ाणी में जा रहे है वहां पर महिलाओं की सबसे बड़ी समस्या पानी की आ रही है। महिलाओं का कहना है कि हमें रात-रात भर जाग कर पानी भरना पड़ रहा है। महिलाओं की परेशानी को देखते हुए समाज सेवी मनोज कुमार घुमरिया ने गांव में टैंकरों के माध्यम से पानी सप्लाई शुरू करने का आश्वासन देते हुए पानी की सप्लाई शुरू भी करवा दी। साथ ही गांव की पाईप लाइन से स्थाई पेयजल समस्या का समाधान करने का भी आश्वासन दिया। इस अवसर पर घीसाराम चौधरी, श्रीराम कुमावत, छोटेलाल मान, जगमाल सोनी, मुकेश जांगिड़, ओमप्रकाश, गुलाबसिंह, दिलसुख मान, धर्मपाल चौधरी, नानक राम पंडित, संजय मीणा, पंकज शर्मा, योगेश शर्मा, अनिल चौधरी, अशोक ओला, बन्नेसिंह, देवेन्द्र ओला, पतासो देवी, मनभरी देवी, संतोष देवी, सरोज देवी, सुनिता देवी सहित गांव के अनेक गण मान्य लोग उपस्थित थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झुंझुनूं</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Jun 2022 13:18:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>पेयजल को तरसते आक्रोशित लोगों ने किया टंकी पर प्रदर्शन</title>
                                    <description><![CDATA[ बीकानेर।  बीकानेर पश्चिमी में स्थित मुरलीधर व्यास कॉलोनी में पिछले तीन दिन से ठप्प जलापूर्ति पर कॉलोनी वासियों में भारी रोष है। मोहल्ला वासियों ने कई बार अपने स्तर जलापूर्ति शुरू करवाने के लिए प्रयास किए, लेकिन काम नहीं बना। इस भीषण गर्मी में तीन दिन तक पूरी कॉलोनी में पानी नहीं आने से परेशान कॉलोनी वासियों ने मंगलवार सुबह मुरलीधर टंकी पर सैकड़ों की तादाद में इकटठा हो कर जमकर प्रदर्शन किया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bikaner/bikaner-news-angry-people--craving-for-drinking-water--demonstrated-on-the-tank/article-11608"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/7bkn-ph-1.jpg" alt=""></a><br /><p> बीकानेर।  बीकानेर पश्चिमी में स्थित मुरलीधर व्यास कॉलोनी में पिछले तीन दिन से ठप्प जलापूर्ति पर कॉलोनी वासियों में भारी रोष है। मोहल्ला वासियों ने कई बार अपने स्तर जलापूर्ति शुरू करवाने के लिए प्रयास किए, लेकिन काम नहीं बना। इस भीषण गर्मी में तीन दिन तक पूरी कॉलोनी में पानी नहीं आने से परेशान कॉलोनी वासियों ने मंगलवार सुबह मुरलीधर टंकी पर सैकड़ों की तादाद में इकटठा हो कर जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन की सूचना मिलने पर कांग्रेस नेता एवं राजस्थान राज्य विप्र कल्याण बोर्ड के सदस्य राजकुमार किराडू तत्काल मौके पर पहुंचे।</p>
<p>साथ ही भाजपा नेता व पूर्व पार्षद गोकुल जोशी, पार्षद प्रतीक स्वामी, जितेन्द्र जोशी, राजबिहारी जोशी, महेश पुरोहित, विजय आचार्य, योगेश बिस्सा, पंकज कल्ला गोपाल पुरोहित, गिरिराज जोशी, अजय पुरोहित, राजेश कुमार, त्रिभुवन रंगा, गिरधारी सुथार, विजय व्यास व नुकरा महाराज सहित बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए। कांग्रेस के नेता किराडू ने संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही बुलाकर जलापूर्ति शुरू करवाने को कहा। एसडीएमए सीओ सिटी, जलदाय विभाग के एस ई बलवीर सिंह, एक्सईएनए एईएन व जेईएन की मौजूदगी में लिखित में आश्वासन लिया तथा कॉलोनी में हाथोंहाथ जलापूर्ति शुरु करवाई ।</p>
<p>कांग्रेस नेता राजकुमार किराडू ने बताया कि मुरलीधर व्यास कॉलोनी में टंकी होते हुए भी कॉलोनी को नया शहर टंकी से आपूर्ति की जा रही थी, लेकिन दो तीन दिन से यहां से भी आपूर्ति नहीं हो रही थी। जब उन्होंने अधिकारियों से जानकारी ली तो पता चला कि एमडीवी टंकी से गंगाशहर, श्रीरामसर, भीनासर व कई निजी कॉलोनियों में जलापूर्ति की जाती है, लेकिन अब से 4 घंटे इस टंकी से मुरलीधर व्यास कॉलोनी को आपूर्ति की जाएगी। जैसा कि पूर्व में भी यही व्यवस्था थी। किराडू ने बताया कि कर्मचारियों की कमी के चलते यह व्यवस्था बंद कर दी थी। अधिकारियों द्वारा 2 कर्मचारी नियुक्त करने का लिखित आदेश दिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बीकानेर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Jun 2022 13:45:04 +0530</pubDate>
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