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                <title>Farmers - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Farmers RSS Feed</description>
                
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                <title>पूरी दुनिया में पीएम मोदी का डंका : 2026 के प्रतिष्ठित एग्रीकोला पदक से हुए सम्मानित, बोले- ये करोड़ों किसानों, वैज्ञानिकों का सम्मान है</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रोम में FAO मुख्यालय में प्रतिष्ठित एग्रीकोला पदक (2026) से सम्मानित किया गया है। वैश्विक खाद्य सुरक्षा, सतत कृषि और ग्रामीण विकास में उनके असाधारण नेतृत्व के लिए यह पुरस्कार मिला। पीएम मोदी ने इस वैश्विक सम्मान को भारतीय किसानों और कृषि वैज्ञानिकों को समर्पित किया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/pm-modis-sting-all-over-the-world-those-honored-with/article-154552"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/modi11.png" alt=""></a><br /><p>रोम। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को बुधवार को संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन द्वारा रोम स्थित एफएओ मुख्यालय में वर्ष 2026 के प्रतिष्ठित एग्रीकोला पदक से सम्मानित किया गया। यह सम्मान भारत तथा वैश्विक स्तर पर खाद्य सुरक्षा, सतत कृषि और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में उनके असाधारण नेतृत्व के सम्मान में प्रदान किया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने यह पुरस्कार एफएओ के महानिदेशक डॉ. क्यू डोंग्यू से प्राप्त किया। उन्होंने यह सम्मान भारतीय किसानों और भारतीय कृषि वैज्ञानिक समुदाय को समर्पित किया, जो भारतीयों तथा विश्वभर के लोगों के लिए खाद्य सुरक्षा और पोषण सुनिश्चित करने हेतु निरंतर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह सम्मान मानव कल्याण, खाद्य सुरक्षा और सतत विकास के प्रति भारत की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। भारत में कृषि जीवन की केंद्रीय भूमिका को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कृषि मातृभूमि और भारतीय जनमानस के बीच एक पवित्र संबंध है।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कृषि के क्षेत्र में भारत का वैज्ञानिक और नवाचार-आधारित दृष्टिकोण एक सतत, जलवायु-सहिष्णु और भविष्य के लिए तैयार पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा दे रहा है। इस दिशा में उन्होंने कहा कि 'पर ड्रॉप मोर क्रॉप' जैसी पहल तथा सूक्ष्म सिंचाई और सटीक कृषि के लिए मिशन-आधारित दृष्टिकोण भारत की कृषि नीतियों का मार्गदर्शन कर रहे हैं। प्रौद्योगिकी-आधारित कृषि समाधानों पर विस्तार से बताते हुए उन्होंने कहा कि डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित परामर्श प्रणाली, ड्रोन, दूरसंवेदी प्रौद्योगिकियाँ तथा सेंसर-आधारित मशीनें भारतीय किसानों को बेहतर उत्पादन और अधिक कृषि आय प्राप्त करने में सहायता कर रही हैं।</p>
<p>उन्होंने बताया कि पिछले 10 वर्षों में भारत ने लगभग 3,000 जलवायु-सहिष्णु फसल किस्मों का विकास किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की विज्ञान-आधारित कृषि वैश्विक खाद्य सुरक्षा को सुदृढ़ कर रही है, विशेषकर वैश्विक दक्षिण के देशों के लिए। प्रधानमंत्री ने याद किया कि एफएओ के संस्थापक सदस्य के रूप में भारत को वैश्विक खाद्य सुरक्षा, सतत कृषि और भूख-मुक्त विश्व को बढ़ावा देने के लिए संगठन के साथ कार्य करने का गौरव प्राप्त है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मोटा अनाज वर्ष के आयोजन के माध्यम से स्वस्थ खाद्य विकल्पों को प्रोत्साहित करने हेतु भारत के साथ कार्य करने के लिए एफएओ का आभार व्यक्त किया। प्रधानमंत्री मोदी की एफएओ मुख्यालय की यह यात्रा पिछले 30 वर्षों में किसी भारतीय शासनाध्यक्ष द्वारा की गई पहली यात्रा थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 21 May 2026 14:54:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>परेशानी : पानी ने बुझाई सौर ऊर्जा की लौ, पानी 200 से 300 मीटर तक नीचे</title>
                                    <description><![CDATA[भूजल स्तर में गिरावट से सोलर पंप सब्सिडी पर संकट।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-crisis--water-scarcity-douses-the-flame-of-solar-energy--water-table-drops-to-200%E2%80%93300-meters/article-154337"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)-(4)31.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा जिले सहित हाड़ौती अंचल के कई हिस्सों में भूजल स्तर लगातार गिरता जा रहा है। हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि कई इलाकों में पानी 200 से 300 मीटर तक नीचे पहुंच गया है। पानी पाताल में समाने जैसी स्थिति ने अब खेती और सिंचाई के लिए नई चुनौती खड़ी कर दी है। इसका सबसे बड़ा असर सरकार की सोलर पंप योजना पर देखने को मिल रहा है, जिसके तहत किसानों को दी जाने वाली सब्सिडी अब सीमित दायरे में सिमटती जा रही है। दरअसल वर्तमान नियमों के मुताबिक 100 मीटर तक की गहराई वाले नलकूपों पर ही सोलर पंप लगाने के लिए सब्सिडी का प्रावधान है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। कोटा, बारां, बूंदी और झालावाड़ के कई गांवों में जलस्तर इस सीमा से काफी नीचे जा चुका है। ऐसे में हजारों किसान योजना के लाभ से वंचित हो रहे हैं।</p>
<p><strong>अब महंगी सिंचाई बनी मजबूरी</strong><br />जलस्तर गिरने के कारण किसानों को अब गहरे बोर करवाने पड़ रहे हैं, जिसकी लागत 2 से 5 लाख रुपए तक पहुंच रही है। इसके बावजूद पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा। सोलर पंप की सब्सिडी नहीं मिलने से किसान या तो बिजली कनेक्शन का इंतजार कर रहे हैं या डीजल पंप के सहारे सिंचाई कर रहे हैं, जिससे लागत कई गुना बढ़ गई है। कई किसानों का कहना है कि सोलर पंप योजना उनके लिए उम्मीद की किरण थी, लेकिन 100 मीटर की सीमा ने इस उम्मीद को अधूरा छोड़ दिया। जिन क्षेत्रों में पानी 150 मीटर से नीचे है, वहां यह योजना लगभग अप्रभावी हो चुकी है।</p>
<p><strong>अतिदोहन श्रेणी में पहुंचे कई ब्लॉक</strong><br />जानकारी के अनुसार कोटा संभाग के कई ब्लॉक अतिदोहनह्व (ओवर-एक्सप्लॉइटेड) श्रेणी में आ चुके हैं। इन क्षेत्रों में जितना पानी रिचार्ज होता है, उससे कहीं अधिक दोहन किया जा रहा है। परिणामस्वरूप हर साल जलस्तर औसतन 1 से 3 मीटर तक नीचे खिसक रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार कम वर्षा, पारंपरिक जल स्रोतों की उपेक्षा और बढ़ती सिंचाई जरूरतों के कारण यह संकट और गहराता जा रहा है। यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले वर्षों में पेयजल संकट भी गहरा सकता है।</p>
<p><strong>भौतिक सत्यापन में आवेदन हो रहे रिजेक्ट</strong><br />सरकार की सोलर पंप योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को सस्ती, स्वच्छ और निर्बाध ऊर्जा उपलब्ध कराना था, ताकि वे बिजली कटौती और महंगे डीजल से मुक्त हो सकें। लेकिन जलस्तर गिरने के कारण योजना का लाभ सीमित होता जा रहा है। भूजल स्तर 100 मीटर जाने के कारण अधिकांश किसान आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। और कुछ किसान आवेदन कर भी रहे हैं तो भौतिक सत्यापन में उनके आवेदन रिजेक्ट हो रहे हैं। किसान संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने मांग उठाई है कि सोलर पंप सब्सिडी के लिए निर्धारित 100 मीटर की सीमा को बढ़ाया जाए और इसे क्षेत्रवार जलस्तर के अनुसार तय किया जाए।</p>
<p>सरकार सोलर पंप दे रही है, लेकिन जब पानी ही नहीं है तो इसका फायदा कैसे मिलेगा? जलस्तर के अनुसार नियमों में बदलाव जरूरी है, ताकि अधिक किसान इससे लाभान्वित हो सके।<br /><strong>- महेंद्र सिंह, किसान</strong></p>
<p>वर्तमान नियमों के मुताबिक 100 मीटर तक की गहराई वाले नलकूपों पर ही सोलर पंप लगाने के लिए सब्सिडी का प्रावधान है। इस योजना के नियमों में बदलाव केन्द्र सरकार के स्तर पर ही हो सकता है।<br /><strong>-आर.के. शर्मा, कृषि विशेषज्ञ </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 19 May 2026 14:24:52 +0530</pubDate>
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                <title>बीजापुर में भीषण हादसा: आकाशीय बिजली गिरने से 10 मवेशियों की मौत, पशुपालकों ने की मुआवजे की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के पोन्दुम गांव में शनिवार रात आकाशीय बिजली गिरने से 10 मवेशियों की मौत हो गई। तेज गर्जना के साथ हुए इस हादसे में प्रभावित पशुपालकों के मवेशियों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। पीड़ित ग्रामीणों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है, जिसके बाद राजस्व टीम नुकसान के आकलन में जुट गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/horrific-accident-in-bijapur-10-cattle-died-due-to-lightning/article-154135"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/bijapur.png" alt=""></a><br /><p>बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के भैरमगढ़ विकासखंड अंतर्गत पोन्दुम गांव में आकाशीय बिजली गिरने से 10 मवेशियों की मौत हो गई। घटना शनिवार रात की बताई जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव के मवेशी खेत और खुले स्थान में चर रहे थे। इसी दौरान अचानक मौसम बदल गया और तेज गर्जना के साथ बिजली गिरने से मवेशी उसकी चपेट में आ गए। हादसे में सभी 10 मवेशियों की मौके पर ही मौत हो गई।</p>
<p>घटना में लक्ष्मण हपका, बुधराम हपका और दशरथ बघेल के दो-दो मवेशियों की मौत हुई है, जबकि पिंकी बघेल, सुंदरी हपका, आसमती हपका और मन्नू हपका के एक-एक मवेशी की जान गई है। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। प्रभावित पशुपालकों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है। सूचना मिलने पर राजस्व एवं पशु चिकित्सा विभाग की टीम के मौके पर पहुंचकर नुकसान का आंकलन करने की जानकारी मिली है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 17 May 2026 15:13:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ठिकरिया में ग्राम विकास चौपाल में की मुख्यमंत्री भजनलाल ने शिरकत;  महिला, किसान और युवा सशक्त होंगे तो विकसित बनेगा राजस्थान</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बगरू में कहा कि लखपति दीदी योजना से राजस्थान की 17.5 लाख महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत हुई हैं। सरकार पानी के संकट को दूर करने के लिए रामजल सेतु परियोजना पर काम कर रही है। साथ ही, किसानों को दिन में बिजली और पशुपालकों को गोपाल क्रेडिट कार्ड से ब्याजमुक्त ऋण दिया जा रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/chief-minister-bhajan-lal-participated-in-gram-vikas-chaupal-in/article-154107"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/bhajan-lal-sharma041.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में किसान, महिला, मजदूर और युवाओं के सशक्तीकरण के लिए लगातार कार्य हो रहे हैं। महिला आत्मनिर्भरता के लिए चलाई गई लखपति दीदी योजना ने गांवों की महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया है।  बगरू के ठिकरिया गांव में शनिवार को ग्राम विकास चौपाल में मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं से महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव आया है। </p>
<p>बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान से सामाजिक सुधार हुआ, जबकि उज्ज्वला योजना, शौचालय निर्माण और हर घर नल से जल जैसी योजनाओं ने महिलाओं को सम्मान और सुविधा दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में राजीविका के माध्यम से 22 लाख महिलाओं को प्रशिक्षण दिया गया है और 17.5 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं।  सीएम ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश में विकास का रोडमैप बनाया। रामजल सेतु लिंक परियोजना, यमुना जल समझौता, इंदिरा गांधी नहर परियोजना, गंगनहर, विभिन्न बांध एवं नदी सहित महत्वपूर्ण जल परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। 26 जिलों के किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध करवाई जा रही है। पशुपालकों के लिए गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना के तहत 1.50 लाख रुपए तक का ब्याजमुक्त ऋण दिया जा रहा है।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि डेयरी क्षेत्र में दूध संकलन केन्द्रों के साथ ही प्रसंस्करण केन्द्रों की क्षमता में वृद्धि की जा रही है। सहकारिता क्षेत्र को भी मजबूत बनाते हुए 10 लाख नए सदस्य जोड़े गए हैं।मुख्यमंत्री विकसित ग्राम वार्ड अभियान शुरू कर गांवों व शहरों के विकास का रोडमैप बनाया जा रहा है। कार्यक्रम में राजीविका से जुड़ी महिलाओं ने भी अपने अनुभव साझा किए। सांसद मंजू शर्मा, विधायक कैलाश वर्मा, जिला प्रमुख रमादेवी चौपड़ा सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 17 May 2026 12:03:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>योगी सरकार कैबिनेट में बड़ा फेरबदल संभव,  मायावती ने कहा- मंत्रिमंडल का घटाना-बढ़ाना सत्तारूढ़ दल का आंतरिक राजनीतिक विषय</title>
                                    <description><![CDATA[बसपा प्रमुख मायावती ने यूपी मंत्रिमंडल विस्तार को सत्तारूढ़ दल का आंतरिक मामला बताया, लेकिन चेताया कि यदि इससे गरीबों और युवाओं का भला नहीं हुआ, तो यह केवल संसाधनों पर बोझ होगा। उन्होंने लखनऊ में भाजपा नेता पर हमले का जिक्र करते हुए कानून-व्यवस्था और ब्राह्मण समाज की असुरक्षा पर गहरी चिंता व्यक्त की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/a-major-reshuffle-is-possible-in-the-yogi-government-cabinet/article-153412"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-08/mayawati-photo.png" alt=""></a><br /><p>लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अध्यक्ष मायावती ने उत्तर प्रदेश में रविवार को हुये मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मंत्रिमंडल का घटाना-बढ़ाना और विस्तार सत्तारूढ़ दल का आंतरिक राजनीतिक विषय होता है, इसलिए इस पर ज्यादा टिप्पणी करना उचित नहीं है लेकिन इसका असर आमजन, खासकर गरीबों, मजदूरों, किसानों, युवाओं और महिलाओं के जीवन पर सकारात्मक रूप से दिखना चाहिए।</p>
<p>बसपा प्रमुख ने सोमवार को एक्स पर लिखा, “सरकार और मंत्रियों के कामकाज में समाज के हर वर्ग, विशेषकर कमजोर तबकों की जान-माल और मजहब की सुरक्षा सुनिश्चित होती दिखाई देनी चाहिए। यदि ऐसा नहीं हुआ तो लोग इसे केवल “राजनीतिक जुगाड़” और सरकारी संसाधनों पर बढ़ा बोझ मानेंगे।” उन्होने कहा, “सरकारों और मंत्रियों की पहली संवैधानिक जिम्मेदारी कानून-व्यवस्था बनाए रखना और सभी वर्गों को न्याय व सुरक्षा का एहसास कराना है। यह व्यवस्था सरकार के कामकाज में स्पष्ट रूप से परिलक्षित होनी चाहिए।”</p>
<p>बसपा सुप्रीमो ने हाल ही में लखनऊ में ब्राह्मण समाज से जुड़े भाजपा के एक युवा नेता पर हुए जानलेवा हमले का भी जिक्र करते हुये कहा कि इस घटना के बाद प्रदेश में कानून-व्यवस्था और ब्राह्मण समाज की सुरक्षा को लेकर फिर चर्चा शुरू हो गई है। प्रदेश में ब्राह्मण समाज खुद को उपेक्षित और असुरक्षित महसूस कर रहा है, जो चिंता का विषय है। उन्होंने अपनी पिछली सरकार के कार्यकाल का हवाला देते हुए कहा कि बसपा की सरकारों में “सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय” की नीति के तहत समाज के हर वर्ग को न्याय और सुरक्षा देने का प्रयास किया गया था। बेहतर कानून-व्यवस्था और सभी वर्गों की सुरक्षा बसपा सरकारों की पहचान रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 11 May 2026 18:48:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>खाद्य तेल की खपत कम करने की पीएम मोदी की अपील का स्वागत, आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री की खाद्य तेल उपभोग कम करने की अपील का व्यापारिक संगठनों ने स्वागत किया है। भारत अपनी खपत का 60% आयात करता है। राजस्थान, जहाँ सरसों उत्पादन 60 लाख टन तक पहुँच चुका है, अब 120 लाख टन का लक्ष्य रखकर देश को आयात मुक्त और खाद्य तेल में आत्मनिर्भर बनाने की ओर अग्रसर है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/pm-modis-appeal-to-reduce-consumption-of-edible-oil-welcomed/article-153459"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/raja.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा खाद्य तेल के उपभोग को कम करने की अपील का व्यापारिक और औद्योगिक संगठनों ने स्वागत किया है। भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबू लाल गुप्ता ने कहा कि वैश्विक संकट और बढ़ती आयात निर्भरता के दौर में देश को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ना होगा। देश में प्रतिवर्ष लगभग 255 लाख टन खाद्य तेल की खपत होती है, जिसमें से करीब 145 लाख टन तेल आयात किया जाता है। भारत में पॉम ऑयल मुख्य रूप से इंडोनेशिया और मलेशिया से, सोयाबीन ऑयल अमेरिका और ब्राजील से तथा सनफ्लावर ऑयल रूस और यूक्रेन से आयात होता है। </p>
<p>ऐसे में वैश्विक परिस्थितियों का सीधा असर भारतीय बाजार और उपभोक्ताओं पर पड़ता है। बाबू लाल गुप्ता ने कहा कि राजस्थान ने सरसों उत्पादन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। राज्य में सरसों का उत्पादन पहले 30 लाख टन था, जो बढ़कर 60 लाख टन तक पहुंच चुका है और भविष्य में इसे 120 लाख टन तक ले जाने की क्षमता है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि राजस्थान को “सरसों उत्पादक राज्य” के रूप में विशेष पहचान दी जाए, ताकि किसानों को प्रोत्साहन मिल सके और देश खाद्य तेल के मामले में आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से बढ़ सके। उन्होंने कहा कि यदि देश में घरेलू उत्पादन को बढ़ावा दिया जाए और खाद्य तेल के अनावश्यक उपभोग को नियंत्रित किया जाए तो विदेशी आयात पर निर्भरता कम होगी तथा देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 11 May 2026 18:29:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>किसानों की आत्महत्या मामला: कनार्टक भाजपा ने राज्य सरकार को घेरा, सीएम सिद्दारमैया पर लगाया किसानों के शवों पर गारंटी की राजनीति का आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[एनसीआरबी की रिपोर्ट में कर्नाटक किसान आत्महत्या के मामलों में दूसरे स्थान पर पहुँच गया है। भाजपा नेता आर. अशोक ने कांग्रेस सरकार पर 22.61% की वृद्धि को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार गारंटी योजनाओं के प्रचार में व्यस्त है, जबकि अन्नदाता कर्ज और फसल नुकसान के बोझ तले दब रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/farmers-suicide-case-karnataka-bjp-cornered-the-state-government-accused/article-153146"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/किसानों.png" alt=""></a><br /><p>बेंगलुरु। कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी ने नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (एनसीआरबी) की नवीनतम रिपोर्ट में राज्य में किसानों की आत्महत्या के मामलों में भारी वृद्धि दिखाये जाने पर कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर अशोक ने मुख्यमंत्री सिद्दारमैया पर 'कि्सानों के शवों पर गारंटी की राजनीति' करने का आरोप लगाया। अशोक ने गुरुवार को जारी एनसीआरबी की 'भारत में आकस्मिक मृत्यु और आत्महत्या 2024' रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि कर्नाटक में किसानों और खेतिहर मजदूरों की आत्महत्या के मामलों में 22.61 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी है। यह संख्या साल 2023 के 2,423 से बढ़कर 2024 में 2,971 हो गयी है।</p>
<p>इस वृद्धि को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठाते हुए भाजपा नेता ने पूछा कि क्या यह उछाल सिद्दारमैया प्रशासन की विफलता को दर्शाता है, खासकर ऐसे समय में जब कई अन्य राज्यों में ऐसी मौतों में कमी आयी है। अशोक ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार की 'किसान विरोधी नीतियों' की पोल नवीनतम एनसीआरबी आंकड़ों ने खोल दी है। उन्होंने दावा किया कि किसान आत्महत्या के मामले में कर्नाटक का देश का दूसरा सबसे बड़ा राज्य बनना सरकार के 'मॉडल शासन' का प्रमाण है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, "कर्नाटक किसान आत्महत्याओं के मामले में देश में दूसरे नंबर पर पहुंच गया है। यह कांग्रेस सरकार के प्रशासन का असली चेहरा है।"</p>
<p>भाजपा नेता ने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि वह अपनी गारंटी योजनाओं के विज्ञापनों और प्रचार अभियानों पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, जबकि राज्य भर के किसान फसल के नुकसान, बढ़ते कर्ज, बिजली दरों में वृद्धि और पानी की कमी से जूझ रहे हैं। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य नहीं मिल रहा है और सरकार पर कृषि क्षेत्र की बिगड़ती बदहाली की अनदेखी करने का आरोप लगाया। अशोक ने पूछा, "किसानों को न तो उनकी फसलों का उचित दाम मिल रहा है और न ही उनके जीवन का कोई मोल है। क्या यही वह जन-हितैषी सरकार है, जिसका कांग्रेस ने वादा किया था?"</p>
<p>मुख्यमंत्री को व्यक्तिगत रूप से निशाना बनाते हुए अशोक ने आरोप लगाया कि उनका ध्यान किसानों की दुर्दशा दूर करने के बजाय कांग्रेस पार्टी के भीतर चल रहे राजनीतिक घटनाक्रमों और नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों पर अधिक केंद्रित है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि किसानों के आंसुओं पर खड़ी राजनीति लंबे समय तक नहीं टिकेगी और दावा किया कि कोई भी कल्याणकारी गारंटी योजना कांग्रेस सरकार को इन मौतों पर उपजे जनता के आक्रोश से नहीं बचा पायेगी।</p>
<p>एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार, साल 2024 में पूरे भारत में कुल 10,546 किसानों और खेतिहर मजदूरों ने आत्महत्या की, जो 2023 में दर्ज किए गए 10,786 मामलों की तुलना में 2.22 प्रतिशत की मामूली गिरावट दर्शाती है। महाराष्ट्र में ऐसी मौतों की संख्या सबसे अधिक 3,824 दर्ज की गयी, इसके बाद कर्नाटक 2,971 मामलों के साथ दूसरे स्थान पर रहा। मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु भी उन राज्यों में शामिल थे, जहां किसानों और खेतिहर मजदूरों के बीच आत्महत्या के मामले अधिक रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 08 May 2026 18:39:35 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>कांग्रेस अध्यक्ष का केंद्र पर हमला: महिला सुरक्षा पर एनसीआरबी आंकड़ों ने खोली सरकार की पोल, आदिवासियों के खिलाफ अपराधों में वृद्धि का लगाया आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने एनसीआरबी आंकड़ों के आधार पर केंद्र पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि पिछले 12 वर्षों में महिलाओं के खिलाफ अपराध 42% और साइबर अपराध 1600% से अधिक बढ़े हैं। खरगे ने किसानों और छात्रों की आत्महत्या पर चिंता जताते हुए सरकार के सुरक्षा दावों को खोखला बताया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/congress-president-attacks-centre-ncrb-data-exposes-government-on-womens/article-153181"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/kharge.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार पर कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा के मोर्चे पर विफल रहने का आरोप लगाते हुए कहा है कि पिछले 12 वर्षों में सरकार के दावों की वास्तविकता देश के सामने आ चुकी है। खड़गे ने शुक्रवार को सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया कि 2013 के बाद से महिलाओं के खिलाफ अपराधों में 42.6 प्रतिशत, बच्चों के खिलाफ अपराधों में 204.6 प्रतिशत, दलितों के खिलाफ अत्याचारों में 41.3 प्रतिशत तथा आदिवासियों के खिलाफ अपराधों में 46.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।</p>
<p>उन्होंने साइबर अपराधों में हुई बढ़ोतरी का भी जिक्र किया और कहा कि इस अवधि में साइबर अपराधों में 1,689 प्रतिशत का भारी इजाफा हुआ है। उनका यह भी कहना था कि 2024 में 10,546 किसानों, 52,931 दिहाड़ी मजदूरों और 14,488 विद्यार्थियों ने आत्महत्या की है। कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे करती रही, लेकिन वास्तविक आंकड़े इन दावों की पोल खोलते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 08 May 2026 17:57:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तेलंगाना में भयावह हादसा : दीवार गिरने से चार किसानों की मौत; कई घायल, राज्य सरकार ने की 25 लाख रूपए की अनुग्रह राशि की घोषणा</title>
                                    <description><![CDATA[मंचरियाल जिले में भारी बारिश और दीवार गिरने से चार किसानों की मौत हो गई। बीआरएस नेता केटीआर ने इसे सरकारी उदासीनता बताते हुए मृतकों के लिए 25 लाख रुपये मुआवजे की मांग की है। उन्होंने कांग्रेस सरकार पर फसलों की खरीद में देरी का आरोप लगाते हुए तत्काल कार्यवाही की अपील की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/horrific-accident-in-telangana-four-farmers-died-due-to-wall/article-152851"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/farmer.png" alt=""></a><br /><p>हैदराबाद। तेलंगाना के मंचरियाल जिले में मंगलवार शाम को भारी बारिश और तेज हवाओं के चलने पर अलग-अलग घटनाओं में खरीद केंद्रों की दीवारें गिरने से चार किसानों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। इन घटनाओं पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, भारत राष्ट्र समिति के कार्यकारी अध्यक्ष के टी रामाराव ने बुधवार को तेलंगाना भर में फसलों की तत्काल खरीद की मांग की। केटीआर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में इन घटनाओं को दुखद बताया और कहा कि प्रतिकूल मौसम की स्थिति के कारण खरीद केंद्रों पर दीवार गिरने से चार किसानों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गये।</p>
<p>उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए राज्य सरकार से मृतक किसानों के परिवारों को 25 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने और घायलों को बेहतर चिकित्सा सहायता प्रदान करने का आग्रह किया। बीआरएस नेता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार किसानों द्वारा महीनों की कड़ी मेहनत के बाद उगाई गई फसलों की खरीद में विफल रही है और उदासीनता एवं लापरवाही दिखा रही है। केटीआर ने दावा किया कि पिछले तीन दिनों में राज्य के विभिन्न खरीद केंद्रों पर सात किसानों की मौत हो गई है और उन्होंने इन मौतों के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने यह भी मांग किया कि सरकार तेलंगाना के सभी थ्रेशिंग यार्डों और खरीद केंद्रों पर पड़ी सभी फसलों की तत्काल खरीद करे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 06 May 2026 17:26:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मोदी सरकार ने दी मिशन फॉर कॉटन प्रोडक्टिविटी को मंजूरी: कपास क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने के लिए फैसला, आपात क्रेडिट लाइन गारंटी योजना 5.0 को मंजूरी </title>
                                    <description><![CDATA[पीएम मोदी की अध्यक्षता में मिशन फॉर कॉटन को मंजूरी मिली है, जिसके लिए ₹5,659 करोड़ आवंटित किए गए हैं। साथ ही, गन्ना किसानों के लिए ₹365/क्विंटल FRP तय की गई है। संकटग्रस्त उद्योगों के लिए ECLGS 5.0 और सेमीकंडक्टर मिशन के तहत नए कारखानों को भी हरी झंडी दिखा दी गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/modi-government-approves-mission-for-cotton-productivity-decision-to-make/article-152822"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/modi5.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने कपास क्षेत्र में उत्पादन, गुणवत्ता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के उद्देश्य से मिशन फॉर कॉटन प्रोडक्टिविटी को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री अश्वनी वैष्णव ने मंगलवार को बताया कि पीएम मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इसे मंजूरी दी है। इस मिशन के लिए वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक कुल 5,659.22 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। यह पहल भारत सरकार के ‘5एफ विजन’, फार्म से फाइबर, फाइबर से फैक्ट्री, फैक्ट्री से फैशन और फैशन से विदेशी बाजार के अनुरूप तैयार की गई है।</p>
<p><strong>गन्ना किसानों के लिए 365 रुपये प्रति क्विंटल एफआरपी मंजूर </strong></p>
<p>इसके साथ ही सरकार ने गन्ना किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए 2026-27 के लिए 10.25 प्रतिशत रिकवरी दर पर 365 रुपए प्रति क्विंटल का उचित एवं लाभकारी मूल्य (एफआरपी) मंजूर किया है। इस निर्णय से देश के लगभग पांच करोड़ गन्ना किसानों और उनके आश्रितों के साथ-साथ चीनी मिलों एवं सहायक गतिविधियों में लगे करीब पांच लाख श्रमिकों को लाभ होगा।</p>
<p><strong>आपात क्रेडिट लाइन गारंटी योजना 5.0 को मंजूरी </strong></p>
<p>सरकार ने पश्चिम एशिया संकट से प्रभावित उद्योगों की मदद के लिए आपात क्रेडिट लाइन गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) 5.0 शुरू करने का फैसला किया है। पश्चिम एशिया संकट के कारण सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) और विमान सेवा कंपनियों पर पड़े दबाव से उन्हें राहत दिलाने के लिए यह योजना लाई गई है। इस योजना में बैंकों द्वारा एमएसएमई को दिये जाने वाले ऋण के लिए 100 प्रतिशत और गैर-एमएसएमई तथा विमान सेवा कंपनियों को दिये जाने वाले ऋण के लिए 90 प्रतिशत तक क्रेडिट गारंटी  प्रदान की जाएगी। क्रेडिट गारंटी राष्ट्रीय क्रेडिट गारंटी न्यास कंपनी लिमिटेड (एनसीजीटीसी) के जरिए दी जाएगी। इसके साथ ही मंत्रिमंडल ने सेमीकंडक्टर मिशन के तहत देश में परियोजनाओं को मंजूरी दी है जिनमें एक मिनी और माइक्रो डिस्प्ले विनिर्माण इकाई और एक सेमीकंडक्टर पैकेजिंग कारखाना होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 06 May 2026 13:25:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>दिल्ली सरकार की बड़ी घोषणा: सीएम रेखा ने कहा-किसानों के साथ पूरी प्रतिबद्धता से खड़ी है सरकार, गेहूं खरीद के गुणवत्ता मानकों में विशेष छूट को मंजूरी</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने खराब मौसम से प्रभावित किसानों के लिए गेहूं खरीद मानकों में बड़ी छूट दी है। अब 70% लस्टर लॉस और 15% तक सिकुड़े दानों वाला गेहूं भी सरकारी केंद्रों पर खरीदा जाएगा। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने और आर्थिक नुकसान से बचाने के लिए यह ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/delhi-governments-big-announcement-cm-rekha-said-that-the-government/article-152079"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/rekha-guptta.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को कहा कि उनकी सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। गुप्ता ने आज कहा कि इस वर्ष प्रतिकूल मौसम के कारण गेहूं की फसल की गुणवत्ता प्रभावित हुई है। ऐसे में किसानों की परेशानी कम करने और उन्हें मजबूरी में कम कीमत पर अपनी उपज बेचने से बचाने के उद्देश्य से दिल्ली सरकार ने ठोस पहल की है। उन्होंने बताया कि 21 अप्रैल से रबी मार्केटिंग सीजन (आरएमएस) 2026-27 के लिए पूरी दिल्ली के सभी जिलों में गेहूं खरीद के गुणवत्ता मानकों में विशेष छूट को मंजूरी दी गई है, जो इस सीजन की शुरुआत से ही लागू होगी।</p>
<p>उन्होंने कहा कि संशोधित व्यवस्था के तहत अब गेहूं में चमक की कमी (लस्टर लॉस) को 70 प्रतिशत तक स्वीकार किया जाएगा। इसके साथ ही सिकुड़े और टूटे दानों की सीमा को पहले के 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत तक कर दिया गया है ताकि मौसम से प्रभावित फसल भी खरीद के दायरे में आ सके, हालांकि गुणवत्ता का संतुलन बनाए रखने के लिए यह स्पष्ट किया गया है कि टूटे और हल्के टूटे दाने मिलाकर 6 प्रतिशत से अधिक नहीं होने चाहिए।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि छूट के तहत खरीदा गया गेहूं अलग तरीके से संभाला जाएगा। इस गेहूं को सामान्य स्टॉक से अलग रखकर उसका अलग भंडारण किया जाएगा और उसका पूरा हिसाब-किताब अलग से रखा जाएगा ताकि पारदर्शिता बनी रहे। उन्होंने बताया कि इस तरह के गेहूं को प्राथमिकता के आधार पर सबसे पहले इस्तेमाल किया जाएगा, यानी इसे देर तक स्टोर नहीं रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि इस प्रकार खरीदे गए गेहूं का उपयोग केवल दिल्ली के भीतर ही किया जाएगा, जिससे स्थानीय खाद्य आवश्यकताओं की पूर्ति सुनिश्चित हो सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर भंडारण के दौरान इस गेहूं की गुणवत्ता में कोई गिरावट आती है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी दिल्ली सरकार की होगी।</p>
<p>मुख्यमंत्री का कहना है कि दिल्ली सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह निर्णय किसानों को राहत देने, उनकी मेहनत का उचित मूल्य सुनिश्चित करने और खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस निर्णय से उत्पन्न होने वाले किसी भी प्रकार के वित्तीय या संचालन संबंधी प्रभाव की पूरी जिम्मेदारी दिल्ली सरकार स्वयं वहन करेगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, जिम्मेदार और समयबद्ध तरीके से लागू किया जाए ताकि इसका लाभ सीधे किसानों और उपभोक्ताओं तक पहुंचे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Apr 2026 15:07:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>टीकाराम पालीवाल की जयंती पर दी श्रद्धांजलि : किसान हित में भूमि सुधारों की थी ऐतिहासिक पहल, उनके विकास के प्रति समर्पण प्रेरणादायक</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री टीकाराम पालीवाल की जयंती पर प्रदेश ने उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया। विपक्षी नेताओं ने उनके भूमि सुधारों और किसान हितैषी कार्यों की सराहना की। पालीवाल जी का सादगीपूर्ण जीवन और सामाजिक न्याय के प्रति उनका समर्पण आज भी नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/tribute-paid-to-tikaram-paliwal-on-his-birth-anniversary-land/article-151575"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/tikaram.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। पूर्व मुख्यमंत्री टीकाराम पालीवाल की जयंती पर प्रदेशभर में उन्हें श्रद्धापूर्वक स्मरण किया गया। इस अवसर पर विधानसभा में विपक्ष के नेता ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके योगदान को स्मरण किया। उन्होंने कहा कि पालीवाल जी ने किसानों के हित में भूमि सुधारों की ऐतिहासिक पहल की, जिससे समाज में समानता और न्याय की नींव मजबूत हुई।</p>
<p>उनका सादगीपूर्ण जीवन और प्रदेश के विकास के प्रति समर्पण आज भी प्रेरणादायक है। नेताओं ने उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लेते हुए उन्हें कोटि-कोटि नमन किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Apr 2026 16:08:51 +0530</pubDate>
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