<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/farmers/tag-235" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>Farmers - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/235/rss</link>
                <description>Farmers RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>दिल्ली सरकार की बड़ी घोषणा: सीएम रेखा ने कहा-किसानों के साथ पूरी प्रतिबद्धता से खड़ी है सरकार, गेहूं खरीद के गुणवत्ता मानकों में विशेष छूट को मंजूरी</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने खराब मौसम से प्रभावित किसानों के लिए गेहूं खरीद मानकों में बड़ी छूट दी है। अब 70% लस्टर लॉस और 15% तक सिकुड़े दानों वाला गेहूं भी सरकारी केंद्रों पर खरीदा जाएगा। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने और आर्थिक नुकसान से बचाने के लिए यह ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/delhi-governments-big-announcement-cm-rekha-said-that-the-government/article-152079"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/rekha-guptta.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को कहा कि उनकी सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। गुप्ता ने आज कहा कि इस वर्ष प्रतिकूल मौसम के कारण गेहूं की फसल की गुणवत्ता प्रभावित हुई है। ऐसे में किसानों की परेशानी कम करने और उन्हें मजबूरी में कम कीमत पर अपनी उपज बेचने से बचाने के उद्देश्य से दिल्ली सरकार ने ठोस पहल की है। उन्होंने बताया कि 21 अप्रैल से रबी मार्केटिंग सीजन (आरएमएस) 2026-27 के लिए पूरी दिल्ली के सभी जिलों में गेहूं खरीद के गुणवत्ता मानकों में विशेष छूट को मंजूरी दी गई है, जो इस सीजन की शुरुआत से ही लागू होगी।</p>
<p>उन्होंने कहा कि संशोधित व्यवस्था के तहत अब गेहूं में चमक की कमी (लस्टर लॉस) को 70 प्रतिशत तक स्वीकार किया जाएगा। इसके साथ ही सिकुड़े और टूटे दानों की सीमा को पहले के 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत तक कर दिया गया है ताकि मौसम से प्रभावित फसल भी खरीद के दायरे में आ सके, हालांकि गुणवत्ता का संतुलन बनाए रखने के लिए यह स्पष्ट किया गया है कि टूटे और हल्के टूटे दाने मिलाकर 6 प्रतिशत से अधिक नहीं होने चाहिए।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि छूट के तहत खरीदा गया गेहूं अलग तरीके से संभाला जाएगा। इस गेहूं को सामान्य स्टॉक से अलग रखकर उसका अलग भंडारण किया जाएगा और उसका पूरा हिसाब-किताब अलग से रखा जाएगा ताकि पारदर्शिता बनी रहे। उन्होंने बताया कि इस तरह के गेहूं को प्राथमिकता के आधार पर सबसे पहले इस्तेमाल किया जाएगा, यानी इसे देर तक स्टोर नहीं रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि इस प्रकार खरीदे गए गेहूं का उपयोग केवल दिल्ली के भीतर ही किया जाएगा, जिससे स्थानीय खाद्य आवश्यकताओं की पूर्ति सुनिश्चित हो सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर भंडारण के दौरान इस गेहूं की गुणवत्ता में कोई गिरावट आती है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी दिल्ली सरकार की होगी।</p>
<p>मुख्यमंत्री का कहना है कि दिल्ली सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह निर्णय किसानों को राहत देने, उनकी मेहनत का उचित मूल्य सुनिश्चित करने और खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस निर्णय से उत्पन्न होने वाले किसी भी प्रकार के वित्तीय या संचालन संबंधी प्रभाव की पूरी जिम्मेदारी दिल्ली सरकार स्वयं वहन करेगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, जिम्मेदार और समयबद्ध तरीके से लागू किया जाए ताकि इसका लाभ सीधे किसानों और उपभोक्ताओं तक पहुंचे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/delhi-governments-big-announcement-cm-rekha-said-that-the-government/article-152079</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/delhi-governments-big-announcement-cm-rekha-said-that-the-government/article-152079</guid>
                <pubDate>Wed, 29 Apr 2026 15:07:50 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/rekha-guptta.png"                         length="694249"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>टीकाराम पालीवाल की जयंती पर दी श्रद्धांजलि : किसान हित में भूमि सुधारों की थी ऐतिहासिक पहल, उनके विकास के प्रति समर्पण प्रेरणादायक</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री टीकाराम पालीवाल की जयंती पर प्रदेश ने उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया। विपक्षी नेताओं ने उनके भूमि सुधारों और किसान हितैषी कार्यों की सराहना की। पालीवाल जी का सादगीपूर्ण जीवन और सामाजिक न्याय के प्रति उनका समर्पण आज भी नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/tribute-paid-to-tikaram-paliwal-on-his-birth-anniversary-land/article-151575"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/tikaram.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। पूर्व मुख्यमंत्री टीकाराम पालीवाल की जयंती पर प्रदेशभर में उन्हें श्रद्धापूर्वक स्मरण किया गया। इस अवसर पर विधानसभा में विपक्ष के नेता ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके योगदान को स्मरण किया। उन्होंने कहा कि पालीवाल जी ने किसानों के हित में भूमि सुधारों की ऐतिहासिक पहल की, जिससे समाज में समानता और न्याय की नींव मजबूत हुई।</p>
<p>उनका सादगीपूर्ण जीवन और प्रदेश के विकास के प्रति समर्पण आज भी प्रेरणादायक है। नेताओं ने उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लेते हुए उन्हें कोटि-कोटि नमन किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/tribute-paid-to-tikaram-paliwal-on-his-birth-anniversary-land/article-151575</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/tribute-paid-to-tikaram-paliwal-on-his-birth-anniversary-land/article-151575</guid>
                <pubDate>Fri, 24 Apr 2026 16:08:51 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/tikaram.png"                         length="229844"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजधानी दिल्ली में आयोजित हुआ ग्राम-2026 रोड शो: सीएम भजनलाल ने किया निवेशकों को आमंत्रित, कृषि जगत की बड़ी हस्तियां रहीं मौजूद </title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर में 23-25 मई को होने वाले ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट (GRAM) का निमंत्रण दिया। कृषि क्षेत्र में ₹44,000 करोड़ के एमओयू के साथ सरकार निवेश के प्रति गंभीर है। इस अंतर्राष्ट्रीय मंच पर विदेशी प्रतिनिधियों और निवेशकों के साथ आधुनिक खेती व नवाचार पर मंथन होगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/gram-2026-road-show-was-organized-in-the-capital-delhi-cm/article-151523"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-04/bhajanlal-sharmma.pngg.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। आगामी 23 से 25 मई के बीच जयपुर में ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट (ग्राम)-2026 का आयोजन किया जाएगा। जिसमें किसानों, कृषि विशेषज्ञों, नीति निमातार्ओं और निवेशकों को एक मंच पर लाकर कृषि प्रौद्योगिकी के जरिए किसानों की मजबूती पर बल दिया जाएगा। यह बातें मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को यहां आयोजित ग्राम-2026 इन्वेस्टर मीट को संबोधित करते हुई कहीं। इस दौरान उन्होंने सभी निवेशकों एवं उद्यमियों को ग्राम-2026 में भाग लेने के लिए आमंत्रण भी दिया।</p>
<p><strong>निवेश बढ़ाने को सरकार प्रतिबद्ध</strong></p>
<p>सीएम शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार उद्यमियों को निवेश अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।  राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट का आयोजन कर कृषि क्षेत्र में करीब 44 हजार करोड़ रुपए के एमओयू साइन किए गए। जिनमें से नौ हजार करोड़ से अधिक का निवेश धरातल पर उतर भी चुका है।</p>
<p><strong>सीएम ने विदेशी प्रतिनिधियों से की चर्चा</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ग्राम-2026 इन्वेस्टर मीट के तहत विभिन्न देशों के ट्रेड प्रतिनिधियों, विभिन्न उद्यमियों, स्टार्ट-अप्स ने वन-टू-वन चर्चा की। इस दौरान सीएम शर्मा ने कनाडा, रूस, ऑस्ट्रेलिया, इटली, ब्राजील, वियतनाम और अर्जेन्टीना के दूतावासों के वाणिज्यिक एवं कृषि प्रतिनिधियों से राजस्थान में कृषि निवेश बढ़ाने पर बातचीत की।</p>
<p><strong>कृषि जगत की बड़ी हस्तियां रहीं मौजूद</strong></p>
<p>कार्यक्रम के दौरान ग्राम- 2026 पर लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। इस अवसर पर राज्य के जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत, सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम कुमार, राजस्थान किसान आयोग अध्यक्ष सी.आर. चैधरी, महानिदेशक भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद एम.एल. जाट, महासचिव फिक्की अनन्त स्वरूप सहित कृषि क्षेत्र से जुड़े उद्यमीगण, निवेशकगण, विशेषज्ञ एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।</p>
<p><strong>राजस्थान साहस और नवाचार की भूमि: चौधरी</strong></p>
<p>केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चैधरी ने कहा कि राजस्थान साहस और नवाचार की भूमि है। वैज्ञानिक प्रदेश की भौगोलिक आवश्यकतानुसार कृषि के लिए आवश्यक एवं सुलभ तकनीक विकसित करें।</p>
<p><strong>ग्राम- 2026 अंतर्राष्ट्रीय मंच साबित होगा: किरोड़ीलाल मीणा</strong></p>
<p>कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने बताया कि ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट के तहत अहमदाबाद, हैदराबाद एवं पुणे सहित देश के कई स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि देश के कृषकों को नई तकनीक की जानकारी देने के लिए आयोजित ग्राम- 2026 एकीकृत अंतर्राष्ट्रीय मंच साबित होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/gram-2026-road-show-was-organized-in-the-capital-delhi-cm/article-151523</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/gram-2026-road-show-was-organized-in-the-capital-delhi-cm/article-151523</guid>
                <pubDate>Fri, 24 Apr 2026 10:49:32 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-04/bhajanlal-sharmma.pngg.png"                         length="358136"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पीएम-कुसुम योजना में राजस्थान ने छुआ 4 हजार मेगावाट का आंकड़ा, 2.62 लाख किसानों को दिन में बिजली </title>
                                    <description><![CDATA[पीएम-कुसुम योजना के तहत राजस्थान ने 4,000 मेगावाट सौर क्षमता हासिल कर ली है। अब तक 1,808 संयंत्रों से 2.62 लाख किसानों को दिन में सस्ती बिजली मिल रही है। राज्य सरकार ने 2026-27 तक 10.7 गीगावाट का लक्ष्य रखा है, जिससे खेती और सिंचाई के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव आएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rajasthan-touched-the-figure-of-4-thousand-mw-under-pm-kusum/article-151490"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/scaled_1000846705.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। पीएम-कुसुम योजना के तहत राजस्थान ने सौर ऊर्जा क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए स्थापित क्षमता को 4 हजार मेगावाट तक पहुंचा दिया है। प्रदेश में पहले जहां मात्र 122 मेगावाट क्षमता के 92 संयंत्र स्थापित थे, वहीं अब गांव-ढाणी तक 4 हजार मेगावाट क्षमता के 1808 सौर संयंत्र लगाए जा चुके हैं। इन संयंत्रों से करीब 2.62 लाख किसानों को कृषि कार्य के लिए दिन में बिजली मिल रही है, जिससे सिंचाई कार्य आसान हुआ है और बिजली वितरण निगमों को सस्ती ऊर्जा उपलब्ध हो रही है। केन्द्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा राजस्थान को 10.7 गीगावाट की परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं, जिन्हें वित्तीय वर्ष 2026-27 तक पूरा करने का लक्ष्य है। राज्य सरकार ने अक्टूबर 2026 तक शेष 6,700 मेगावाट क्षमता जोड़ने का लक्ष्य तय किया है, जिससे सौर ऊर्जा उत्पादन में और तेजी आने की उम्मीद है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rajasthan-touched-the-figure-of-4-thousand-mw-under-pm-kusum/article-151490</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rajasthan-touched-the-figure-of-4-thousand-mw-under-pm-kusum/article-151490</guid>
                <pubDate>Thu, 23 Apr 2026 17:29:10 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/scaled_1000846705.jpg"                         length="739075"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सम्मान निधि रुकने से किसान परेशान : पहले से झेल रहे बारिश की मार, जूली ने कहा- भुगतान रुकने से बढ़ रही उनकी परेशानी</title>
                                    <description><![CDATA[विपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने किसानों की परेशानियों पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि महंगाई, कर्ज और बेमौसम बारिश से जूझ रहे किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का भुगतान रुकने से और संकट झेलना पड़ रहा है। सीकर व अलवर समेत कई जिलों में भुगतान रोकना किसानों के साथ अन्याय है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/farmers-are-already-facing-the-brunt-of-rain-due-to/article-150882"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/tikaram-julle.png" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">जयपुर। विधानसभा में विपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने सोशल मीडिया पर लिखा-है कि प्रदेश के किसान पहले से ही महंगाई, कर्ज और बेमौसम बारिश की मार झेल रहे हैं। </span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">ऐसे में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत भुगतान रुकना उनकी परेशानियों को बढ़ा रहा है। उन्होंने लिखा- किसानों के साथ हो रही स्थिति गंभीर चिंता का विषय है। सीकर और अलवर सहित कई जिलों में किसानों का भुगतान रोका जाना उनके साथ अन्याय है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/farmers-are-already-facing-the-brunt-of-rain-due-to/article-150882</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/farmers-are-already-facing-the-brunt-of-rain-due-to/article-150882</guid>
                <pubDate>Sat, 18 Apr 2026 12:41:44 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-12/tikaram-julle.png"                         length="382573"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>असर खबर का : वेयरहाउस में गाड़ियां समय पर खाली करने के दिए निर्देश, जानें पूरा मामला </title>
                                    <description><![CDATA[जिला कलक्टर ने की एमएसपी पर गेहूं खरीद व्यवस्थाओं की समीक्षा।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news---directives-issued-to-ensure-timely-unloading-of-vehicles-at-warehouses/article-149858"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/1200-x-600-px)-(4)5.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। जिला कलक्टर पीयूष समारिया गुरुवार शाम को भामाशाह कृषि उपजमंडी पहुंचे और समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद की व्यवस्थाओं के संबंध में वहां समीक्षा बैठक ली। समारिया ने एफसीआई अधिकारियों से मंडियों में हुई गेहूं की खरीद तथा वेयरहाउस पर गाड़ियां खाली करने की व्यवस्थाओं के बारे में पूछा। उन्होंने वर्तमान में संचालित विभिन्न एजेंसियों के कुल खरीद केन्द्रों के बारे में भी जानकारी ली। उन्होंने पूछा कि गुरुवार को कितने पंजीकृत किसान अपने गेहूं की तुलाई के लिए आए। जिला कलक्टर ने मंडियों से गेहूं का उठाव समय पर करने, पंजीकृत किसानों के गेहूं की तुलाई की गति बढ़ाने और एफसीआई के वेयरहाउस में गाड़ियां समय पर खाली करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एफसीआई के वेयरहाउस के बाहर गाड़ियों की कतारें नहीं लगें यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने एफसीआई अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी वेयरहाउस के बाहर गाड़ियां अधिक हों तो उन्हें दूसरे वेयरहाउस की तरफ डायवर्ट कर वहां खाली करने की व्यवस्था करें।</p>
<p><strong>रसद विभाग करे गाड़ियां खाली करने की मॉनिटरिंग</strong><br />जिला कलक्टर ने मंडियों में गेहूं तुलाई की गति बढ़ाने, मंडियों एवं क्रय केन्द्रों पर आए गेहूं का समय पर उठाव करने और किसानों को बायोमेट्रिक सत्यापन के संबंध में आ रही समस्याओं का समाधान करने के भी निर्देश दिए। जिला कलक्टर ने भामाशाहमंडी प्रशासक एवं अतिरिक्त जिला कलक्टर राजस्व वीरेंद्र सिंह यादव एवं जिला रसद अधिकारी कार्तिकेय मीणा को मंडियों एवं क्रय केन्द्रों पर गेहूं खरीद की व्यवस्था एवं वेयरहाउस में गाड़ियां खाली करने की व्यवस्था की मॉनिटरिंग करने तथा वेयरहाउस का मौके पर जाकर भौतिक निरीक्षण करने के भी निर्देश दिए। बैठक में एफसीआई अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार को भामाशाह कृषि उपज मंडी में 90 हजार कट्टों की तुलाई हुई। जिला कलक्टर ने इस गति को बरकरार रखने और सभी क्रय केन्द्रों पर अधिक से अधिक तुलाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में एफसीआई, राजफैड, तिलम संघ सहित अन्य क्रय एजेंसियों के अधिकारी उपस्थित थे।</p>
<p><strong>नवज्योति ने प्रमुखता से उठाया था मामला</strong><br />कोटा संभाग में गेहूं की खरीद शुरू होने के बाद वेयरहाउस के बाहर ट्रकों की कतारें लगने के सम्बंध में 9 अप्रैल को प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया गया था। इसमें बताया था कि कोटा संभाग में समर्थन मूल्य (एसएसपी) पर गेहूं खरीद ने जोर पकड़ लिया है। खरीदे गए गेहूं को ट्रकों के जरिए विभिन्न वेयरहाउस और गोदामों तक पहुंचाया जा रहा है, लेकिन गोदामों में सीमित संसाधन और अनलोडिंग की धीमी प्रक्रिया के कारण परिवहन व्यवस्था प्रभावित हो रही है। गोदामों में माल खाली करने की प्रक्रिया में देरी के चलते ट्रक चालकों को 3 से 4 दिन तक अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है। डीसीएम रोड स्थित गोदाम के बाहर ट्रकों की लंबी कतारें लगी हुई है। ट्रक चालकों का कहना है कि उन्हें समय पर माल खाली नहीं होने के कारण आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। इस मामले को जिला कलक्टर ने गम्भीरता से लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news---directives-issued-to-ensure-timely-unloading-of-vehicles-at-warehouses/article-149858</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news---directives-issued-to-ensure-timely-unloading-of-vehicles-at-warehouses/article-149858</guid>
                <pubDate>Fri, 10 Apr 2026 15:09:48 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/1200-x-600-px%29-%284%295.png"                         length="1863098"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>असर खबर का : गेहूं खरीद के नियमों में मिली महत्वपूर्ण छूट, प्रभावित किसानों को बड़ी राहत</title>
                                    <description><![CDATA[लोकसभा अध्यक्ष बिरला व ऊर्जा मंत्री की पहल पर केंद्र का निर्णय।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news--significant-relaxation-granted-in-wheat-procurement-norms/article-149856"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/1200-x-600-px)-(6)2.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और प्रतिकूल मौसम से प्रभावित गेहूं की फसल को लेकर कोटा-बूंदी सहित पूरे प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत मिली है। केंद्र सरकार ने राजस्थान में रबी सीजन के लिए गेहूं खरीद के मानकों में शिथिलता के आदेश जारी कर दिए हैं। यह निर्णय लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की पहल और किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाने के परिणामस्वरूप लिया गया है। जारी आदेश के अनुसार गेहूं की गुणवत्ता में आई गिरावट को ध्यान में रखते हुए चमक में कमी की सीमा 50 प्रतिशत तक तथा सिकुड़े और टूटे दानों की सीमा 15 प्रतिशत तक कर दी गई है। वहीं क्षतिग्रस्त और आंशिक क्षतिग्रस्त दानों की कुल सीमा 6 प्रतिशत निर्धारित की गई है। उल्लेखनीय है कि यह राहत ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के विशेष प्रयासों और अधिकारियों के साथ उनकी हालिया उच्च स्तरीय बैठकों के परिणामस्वरूप संभव हो पाई है।</p>
<p><strong>खाद्य मंत्रालय ने जारी किए आदेश</strong><br />ऊर्जा मंत्री नागर ने बताया कि प्रदेश में शुरूआती गर्मी की लहर और असमय बारिश के कारण प्रभावित हुई गेहूं की फसल को देखते हुए केंद्र सरकार ने रबी मार्केटिंग सीजन 2026-27 के लिए खरीद नियमों (यूनिफॉर्म स्पेसिफिकेशन) में महत्वपूर्ण ढील देने का निर्णय लिया है। भारत सरकार के उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय द्वारा इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिए गए हैं। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर और स्पीकर ओम बिरला ने बीते दिनों अधिकारियों के साथ बैठक कर फसल की स्थिति पर चिंता जताई थी। स्पीकर बिरला ने स्वयं खाद्य सचिव से चर्चा कर किसानों के हित में मानदंडों को शिथिल करने के निर्देश दिए थे। उनकी इस पहल से अब प्रदेश के लाखों किसानों का वह गेहूं भी सरकारी समर्थन मूल्य पर खरीदा जा सकेगा, जो मौसम की मार के कारण गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतर पा रहा था।</p>
<p><strong>रियायती मानदंडों के गेहूं का अलग रखेंगे हिसाब</strong><br />केंद्र द्वारा जारी शर्तों के तहत, इस रियायती मानदंडों के आधार पर खरीदे गए गेहूं का अलग से हिसाब रखा जाएगा और इसका उपयोग प्राथमिकता के आधार पर राज्य के भीतर ही किया जाएगा। भंडारण के दौरान गुणवत्ता बनाए रखने और इस छूट से होने वाले किसी भी वित्तीय प्रभाव की जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी। इस आदेश के बाद अब प्रदेश के सभी जिलों में किसानों से सुगम तरीके से गेहूं की खरीद सुनिश्चित हो सकेगी। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने केंद्र सरकार के इस निर्णय का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय खाद्य मंत्रालय के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि "प्राकृतिक आपदा और मौसम की मार झेल रहे राजस्थान के अन्नदाता के लिए यह एक अत्यंत संवेदनशील और राहतकारी निर्णय है। मुख्यमंत्री और हमारी सरकार सदैव किसानों के हितों के लिए प्रतिबद्ध है।"</p>
<p><strong>नवज्योति बनी अन्नदाता की आवाज</strong><br />बेमौसम बारिश के कारण गेहूं की फसल प्रभावित होने के सम्बंध में दैनिक नवज्योति में प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किए गए थे। इसमें अन्नदाता की पीड़ा को उजागर करते हुए बताया था कि जिले में गेहूं खरीद का सीजन इस बार किसानों के लिए राहत के बजाय संकट बनता जा रहा है। हाल ही में हुई बारिश के कारण गेहूं की फसल में नमी का स्तर बढ़ गया है, जिसके चलते सरकारी खरीद केंद्रों पर 14 प्रतिशत से अधिक नमी वाले गेहूं को लेने से साफ इनकार किया जा रहा है। परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में किसान अपनी उपज लेकर केंद्रों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। इसके अलावा एफसीआई के टीम के कोटा दौरे के बाद जल्द ही गेहूं की गुणवत्ता में छूट मिलने को लेकर भी समाचार प्रकाशित किया गया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news--significant-relaxation-granted-in-wheat-procurement-norms/article-149856</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news--significant-relaxation-granted-in-wheat-procurement-norms/article-149856</guid>
                <pubDate>Fri, 10 Apr 2026 14:56:50 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/1200-x-600-px%29-%286%292.png"                         length="1774474"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कृषि नीतियों के कारण किसान, व्यापारी और मजदूर परेशान : सैलजा ने सरकार पर लगाया छोटे व्यापारी और आढ़ती के कमजोर होने का आरोप, कहा- किसानों पर बढ़ाया जा रहा नियमों का बोझ</title>
                                    <description><![CDATA[चंडीगढ़ में पूर्व मंत्री कुमारी सैलजा ने घरौंडा अनाज मंडी का दौरा कर किसानों, आढ़तियों और व्यापारियों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने कृषि नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि छोटे व्यापारी कमजोर हो रहे हैं और किसानों पर बोझ बढ़ रहा है। पोर्टल व्यवस्था में सुधार, देरी से खरीद और बढ़ती ईंधन कीमतों पर भी चिंता जताई। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/farmers-traders-and-laborers-are-troubled-due-to-agricultural-policies/article-149122"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/6622-copy10.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">चंडीगढ़। पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं सांसद कुमारी सैलजा ने हरियाणा में करनाल जिले की घरौंडा अनाज मंडी का दौरा कर व्यापारियों एवं किसानों की समस्यायें सुनी और सरकार की कृषि नीतियों की आलोचना की। उन्होंने फसल खरीद व्यवस्था का जायजा लेते हुए किसानों, आढ़तियों और व्यापारियों से बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। कुमारी सैलजा ने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों से छोटे व्यापारी और आढ़ती कमजोर हो रहे हैं, जबकि किसानों पर अनावश्यक नियमों का बोझ बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसान पहले ही प्राकृतिक आपदाओं से जूझ रहा है, ऐसे में सरकारी नीतियां उसकी परेशानियां और बढ़ा रही हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">मंडी में पोर्टल व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि पोर्टल का शुरू होना अच्छी पहल है, लेकिन उसका सुचारु संचालन अधिक जरूरी है। उन्होंने कहा कि फसल तैयार होने के बाद भी किसानों को खरीद के लिए इंतजार करना पड़ता है और बारिश या ओलावृष्टि से फसल खराब होने का खतरा बना रहता है। लंबी कतारों और देरी से बिक्री के कारण किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। सैलजा ने एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों पर भी चिंता जताई और सरकार से आम जनता को राहत देने की मांग की। उन्होंने जनहित में स्पष्ट और प्रभावी नीतियां बनाने की जरूरत पर जोर दिया।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/farmers-traders-and-laborers-are-troubled-due-to-agricultural-policies/article-149122</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/farmers-traders-and-laborers-are-troubled-due-to-agricultural-policies/article-149122</guid>
                <pubDate>Sat, 04 Apr 2026 19:01:15 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/6622-copy10.jpg"                         length="180527"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गांव का नाम बदला तो एमएसपी पोर्टल पर अटका पंजीयन, किसान परेशान</title>
                                    <description><![CDATA[खेड़ारसूलपुर से खेड़ारामपुर होने के बाद आ रही तकनीकी दिक्कत, समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने से वंचित किसान।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/-village-renaming-stalls-registration-on-msp-portal--farmers-distressed/article-148550"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/12200-x-60-px)-(2)6.png" alt=""></a><br /><p>खेड़ारामपुर। खेड़ारामपुर गांव के किसानों को सरकारी समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण में तकनीकी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। गांव का नाम बदलने के बाद रिकॉर्ड और पोर्टल में अंतर होने से सैकड़ों किसान परेशान हैं। खेड़ारामपुर गांव के किसानों को सरकारी समर्थन मूल्य गेहूं खरीद केंद्र पर फसल बेचने के लिए एमएसपी पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण नहीं हो पा रहा है। इसका मुख्य कारण गांव के नाम में बदलाव बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार राज्य सरकार द्वारा कुछ समय पहले ग्राम खेड़ारसूलपुर का नाम बदलकर खेड़ारामपुर कर दिया गया। इसके बाद भू-राजस्व रिकॉर्ड, जमाबंदी और गिरदावरी में नया नाम दर्ज हो गया है, लेकिन सरकारी खरीद केंद्र और एमएसपी पोर्टल पर अभी भी पुराने नाम खेड़ारसूलपुर से ही डाटा संचालित हो रहा है। किसान विष्णु अजमेरा और चंदन गहलोत ने बताया कि इस समस्या को लेकर राजफैड सहित संबंधित विभागों और अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक समाधान नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है।</p>
<p><strong>किसानों ने जिला कलेक्टर से लगाई गुहार</strong><br />किसानों ने जिला कलेक्टर से मांग की है कि एमएसपी पोर्टल और खरीद केंद्रों पर गांव के नाम में सुधार कर जल्द से जल्द ऑनलाइन पंजीकरण शुरू कराया जाए, ताकि किसान अपनी फसल समर्थन मूल्य पर बेच सकें।</p>
<p>जब वे पंजीकरण के लिए एमएसपी पोर्टल पर गिरदावरी अपलोड करते हैं, तो गांव के नाम में अंतर के कारण दस्तावेज अपलोड नहीं हो पाते और तकनीकी त्रुटि सामने आ जाती है। इससे खेड़ारामपुर के सैकड़ों किसान पंजीकरण नहीं कर पा रहे हैं और समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने से वंचित हो रहे हैं।<br /><strong>- सुरेश गुर्जर, किसान, खेड़ारामपुर</strong></p>
<p>एमएसपी पोर्टल पर गांव का नाम बदलने से आ रही पंजीकरण की समस्या को लेकर उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा और शीघ्र समाधान किया जाएगा।<br /><strong>- विष्णु शर्मा, राजफैड अधिकारी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/-village-renaming-stalls-registration-on-msp-portal--farmers-distressed/article-148550</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/-village-renaming-stalls-registration-on-msp-portal--farmers-distressed/article-148550</guid>
                <pubDate>Tue, 31 Mar 2026 15:28:36 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/12200-x-60-px%29-%282%296.png"                         length="939761"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भाजपा ने हिमाचल सरकार के बजट को बताया 'बैक गियर बजट': आवंटन में 4,000 करोड़ रुपये की कटौती का लगाया आरोप, जन-विरोधी बजट का जताया कड़ा विरोध </title>
                                    <description><![CDATA[हिमाचल प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राजीव बिंदल ने मुख्यमंत्री सुक्खू के 2026-27 बजट को दिशाहीन करार दिया है। उन्होंने ₹4,000 करोड़ की कटौती और 1500 रुपये महिला सम्मान राशि जैसे चुनावी वादे पूरे न करने पर सरकार को घेरा। भाजपा का आरोप है कि बजट में युवाओं और किसानों के लिए केवल खोखले आंकड़े हैं, जो विकास को पीछे धकेल देंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/bjp-called-himachal-governments-budget-a-back-gear-accused-it/article-147416"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/himachal-pradesh-budget-2026.png" alt=""></a><br /><p>शिमला। हिमाचल प्रदेश में विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शनिवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की ओर से पेश किए गये वित्त वर्ष 2026-2027 के बजट "बैक गियर बजट" करार दिया है और कहा है कि राज्य के विकास को पीछे धकेल देगा। शिमला में मीडिया को संबोधित करते हुए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल ने कहा कि इस बजट में दूरदर्शिता की कमी है और यह लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने में विफल रहा है। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने पिछले वर्ष की तुलना में बजट आवंटन में लगभग 4,000 करोड़ रुपये की कटौती की है, जिसका विभिन्न क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।</p>
<p>बिंदल ने कहा कि राज्य में बजट आवंटन में इतनी बड़ी कटौती शायद ही कभी देखने को मिली है। उन्होंने चेतावनी दी कि इससे बुनियादी ढांचे के विकास और कल्याणकारी कार्यक्रमों की गति धीमी पड़ सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि बजट में जिन कई योजनाओं को प्रमुखता से दिखाया गया है, वे असल में राज्य द्वारा शुरू किए गए नये कार्यक्रमों के बजाय, मत्स्य पालन, कृषि, बागवानी और पशुपालन से संबंधित केंद्र प्रायोजित योजनाओं का ही नया रूप हैं।</p>
<p>उन्होंने कांग्रेस सरकार पर राज्य की आर्थिक चुनौतियों के लिए बार-बार केंद्र सरकार को दोषी ठहराने का भी आरोप लगाया। उनके अनुसार, केंद्र प्रायोजित योजनाओं से राज्य को काफी फायदा होने के बावजूद, बजट दस्तावेज़ की शुरुआत श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की आलोचना से होती है। कांग्रेस पार्टी की 2022 के चुनावों की गारंटियों को निशाना बनाते हुए श्री बिंदल ने उन्हें "जनता के विश्वास के साथ धोखा" बताया। उन्होंने कहा कि पहली कैबिनेट बैठक में एक लाख सरकारी नौकरियाँ देने और पाँच लाख रोज़गार के अवसर पैदा करने जैसे वादे पूरे नहीं किए गये हैं। उन्होंने बताया कि 28 लाख महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये देने का वादा अभी तक लागू नहीं किया गया है।</p>
<p>बिंदल ने आगे आरोप लगाया कि 100 रुपये प्रति लीटर की दर से दूध खरीदने की प्रतिबद्धता को घटाकर 60 रुपये कर दिया गया है, जिसे उन्होंने किसानों और डेयरी उत्पादकों के लिए गुमराह करने वाला कदम बताया। अन्य मोर्चों पर सरकार की आलोचना करते हुए, उन्होंने दावा किया कि बजट में कानून-व्यवस्था, बढ़ती माफिया गतिविधियों, अस्पतालों में दवाओं की कमी और बंद पड़े संस्थानों को फिर से खोलने से संबंधित चिंताओं का ठीक से समाधान नहीं किया गया है। बजट को खोखले आँकड़ों का पुलिंदा बताते हुए, श्री बिंदल ने कहा कि इसमें युवाओं, किसानों और महिलाओं के लिए स्पष्ट दिशा और सार्थक राहत का अभाव है। उन्होंने कहा कि भाजपा इस जन-विरोधी बजट का कड़ा विरोध करेगी और हर मंच पर इस मुद्दे को उठाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/bjp-called-himachal-governments-budget-a-back-gear-accused-it/article-147416</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/bjp-called-himachal-governments-budget-a-back-gear-accused-it/article-147416</guid>
                <pubDate>Sun, 22 Mar 2026 14:03:56 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/himachal-pradesh-budget-2026.png"                         length="825346"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>असर खबर का.... मिली सौगात: भामाशाह मंडी विस्तार का रास्ता हुआ साफ, 96 हैक्टेयर में विस्तार को राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की मंजूरी</title>
                                    <description><![CDATA[एशिया की सबसे बड़ी भामाशाहमंडी का परिसर छोटा पड़ने से किसानों और व्यापारियों को  परेशानियां आ रही थी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-impact-of-reporting----a-welcome-boon--path-cleared-for-bhamashah-mandi-expansion--national-board-for-wildlife-approves-expansion-across-96-hectares/article-147031"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/1200-x-60-px)37.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। देश की सबसे बड़ी कृषि उपज मंडियों में शामिल भामाशाह कृषि उपज मंडी के विस्तार को मंजूरी मिल गई है। वर्षों से लंबित मंडी के विस्तार को राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की 89वीं स्थायी समिति की बैठक में महत्वपूर्ण मंजूरी मिलने के बाद पूरे क्षेत्र में हर्ष की लहर है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के निरन्तर प्रयासों से मिली सफलता से हाड़ौती क्षेत्र के किसानों, व्यापारियों और कृषि अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। भामाशाह मंडी के विस्तार से भंडारण, विपणन और परिवहन सुविधाएं बेहतर होंगी। इससे किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा और व्यापारियों को आधुनिक ढांचा उपलब्ध होगा।</p>
<p><strong>जाम और लम्बे इंतजार से मिलेगी निजात</strong></p>
<p>भामाशाह मंडी में हाड़ौती के साथ मध्यप्रदेश से जुड़े क्षेत्रों से भी किसान उपज बेचने के लिए आते है। सीजन के दौरान मंडी में प्रवेश के लिए वाहनों की लम्बी कतारें लगने से किसानों को इंतजार के साथ परेशानी झेलनी पड़ती है। इसके साथ ही आवक के मुकाबले मंडी में पर्याप्त शेड नहीं होने से बारिश के समय किसानों की उपज खराब होने का खतरा रहता है। विस्तार के साथ ही मंडी में कारोबार में कई गुना की वृद्धि होगी, राष्ट्रीय राजमार्ग 27 से भी मंडी सीधी जुड़ जाएगी, इससे जाम की समस्या से भी निजात मिलेगी और किसानों को उपज बेचने के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा।</p>
<p><strong>अरसे से अटका था मामला</strong></p>
<p>मंडी से जुड़े वन भूमि के कारण विस्तार का मामला वर्षो से लम्बित था। विस्तार की स्वीकृति मिली तो फिर वन क्षेत्र से गुजर रहे राजमार्ग के किनारे एक किमी तक पौधारोपण से जुड़े नियमों के कारण विस्तार फिर से अटक गया। दिल्ली में स्पीकर बिरला और केन्द्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव के बीच हुई बैठकों के बाद नियम में शिथिलता के लिए सेंट्रल एंपावर्ड कमेटी (सीईसी) में आवेदन किया गया था। इसके बाद समिति द्वारा वर्ष 2007 में कोटा बाइपास निर्माण के दौरान निर्धारित ग्रीन बेल्ट से जुड़ी शर्तों में संशोधन कर स्वीकृति दे दी गई है, जिससे लगभग 96 हेक्टेयर क्षेत्र के लिए लैंड डायवर्जन का मार्ग प्रशस्त हो गया है।</p>
<p><strong>नवज्योति ने प्रमुखता से उठाया था मामला</strong></p>
<p>एशिया की सबसे बड़ी भामाशाहमंडी का परिसर छोटा पड़ने से किसानों और व्यापारियों को आ रही परेशानियों के सम्बंध में दैनिक नवज्योति में प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किए गए थे। इसमें बताया था कि सीजन में मंडी अनाज से ठसाठस भर जाती है। मंडी गेट से दो-तीन किलोमीटर लम्बी अनाज से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की कतार लग जाती है। काफी समय से मंडी के विस्तार की दरकार है। भामाशाहमंडी में खरीफ व रबी सीजन के पीक टाइम में रोजाना 2 लाख से 5 लाख बोरी कृषि जिंसों की आवक होती है। मंडी में राजस्थान ही नहीं देश के कई राज्यों से यहां अनाज आ रहा है। ऐसे में मंडी छोटी पड़ने के साथ ही मंडी प्रशासन की व्यवस्थाएं भी अब छोटी हो चुकी हैं। यार्ड फुल होने के बाद अब खुले में व सड़कों पर नीलामी करनी पड़ रही है।</p>
<p>भामाशाह मंडी का विस्तार हाड़ौती क्षेत्र के किसानों के भविष्य को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मंडी के विस्तार से किसानों को सुविधा के साथ व्यापार सुगम होगा साथ ही क्षेत्र की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिलेगी। आने वाले वर्षों में कोटा की भामाशाह मंडी देश की सबसे आधुनिक कृषि मंडियों में शामिल होगी और हाड़ौती के लाखों किसानों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।</p>
<p><strong>- ओम बिरला, अध्यक्ष लोकसभा</strong></p>
<p>भामाशाह मंडी को विस्तार मिलने के बाद अब इसकी सुविधाओं में भी इजाफा होगा। जिसके चलते अब इसके टर्नओवर में करीब दो से तीन गुना वृद्धि होगी। वहीं अब मंडी एयरकनेक्टिीविटी से जुड़ने के साथ ही एटलेन व फोरलेन से सीधे जुड़ेगी। वहीं मंडी परिसर में रेल्वे ट्रैक का निर्माण होगा। जिससे अब माल का लदान यही से होगा। 20 टन के कांटे लगाने की योजना हैं जिससे लेबर लेस तुलाई होगी।</p>
<p><strong>-महेश खंडेलवाल, महामंत्री भामाशाह मंडी कोटा</strong></p>
<p>मंडी का विस्तार होने से जो सीजन के समय पर कतारें लगती थी। वह अब खत्म होगी। किसान दो से तीन दिन तक इंतजार करते थे। अब वह इंतजार खत्म होगा। साथ ही किसानों के माल की तुरंत नीलामी होगी। जिससे अब किसानों को नीलामी के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा। मंडी का विस्तार होने से विभिन्न सुविधाओं का विस्तार होगा।</p>
<p><strong>-मनोज मीणा, सचिव, भामाशाह मंडी कोटा</strong></p>
<p>भामाशाहमंडी में हाड़ौती के साथ मध्यप्रदेश से जुड़े क्षेत्रों से भी किसान उपज बेचने के लिए आते है। सीजन के दौरान मंडी में प्रवेश के लिए वाहनों की लम्बी कतारें लगने से किसानों को इंतजार के साथ परेशानी झेलनी पड़ती है। अब विस्तार के साथ ही मंडी में कारोबार में कई गुना की वृद्धि होगी।</p>
<p><strong>-जगदीश कुमार, किसान नेता</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-impact-of-reporting----a-welcome-boon--path-cleared-for-bhamashah-mandi-expansion--national-board-for-wildlife-approves-expansion-across-96-hectares/article-147031</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-impact-of-reporting----a-welcome-boon--path-cleared-for-bhamashah-mandi-expansion--national-board-for-wildlife-approves-expansion-across-96-hectares/article-147031</guid>
                <pubDate>Thu, 19 Mar 2026 14:09:12 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/1200-x-60-px%2937.png"                         length="1672361"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>असर खबर का - किसानों को मिला अब बोनस का तोहफा, 16 मार्च से शुरू होगी गेहूं की एमएसपी पर खरीद</title>
                                    <description><![CDATA[ किसानों को गेहूं बेचने के लिए विभागीय पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-news---farmers-now-receive-a-bonus--wheat-procurement-at-msp-will-begin-from-the-16th/article-146172"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/1200-x-60-px)-(3)3.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। राज्य सरकार ने किसानों को राहत देते हुए इस वर्ष एमएसपी के साथ अतिरिक्त बोनस देने की भी घोषणा की है। सरकार की ओर से गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपए प्रति क्विंटल तय किया गया है। इसके अलावा किसानों को 150 रुपए प्रति क्विंटल का बोनस भी दिया जाएगा। इस प्रकार पंजीकृत किसानों को गेहूं बेचने पर कुल 2735 रुपए प्रति क्विंटल का भुगतान उनके जनाधार से जुड़े बैंक खातों में किया जाएगा। हाड़ौती के किसान काफी समय बोनस की घोषणा होने का इंतजार कर रहे थे। इस कारण अधिकांश किसान विभागीय पोर्टल पर पंजीकरण कराने से कतरा रहे थे। अब बोनस की घोषणा होने से ऑनलाइन पंजीकरण के रफ्तार पकड़ने की उम्मीद है।</p>
<p><strong>गेहूं खरीद की तारीख बदली</strong><br />राजस्थान सरकार के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने रबी विपणन सीजन 2026-27 में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं खरीद को लेकर संशोधित दिशा-निर्देश जारी किए हैं। नए आदेश के अनुसार अब एमएसपी पर गेहूं की सरकारी खरीद 16 मार्च 2026 से शुरू होकर 30 जून 2026 तक की जाएगी। पहले यह खरीद 10 मार्च से शुरू करने का कार्यक्रम तय किया गया था, लेकिन प्रशासनिक कारणों से इसमें संशोधन किया गया है। विभाग की ओर से जारी आदेश में बताया गया है कि रबी विपणन सीजन 2026-27 में किसानों से एमएसपी पर गेहूं खरीद का कार्य राज्यभर में निर्धारित खरीद एजेंसियों के माध्यम से किया जाएगा। संशोधित निदेर्शों के अनुसार किसानों को गेहूं बेचने के लिए विभागीय पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा और उसी के आधार पर खरीद केंद्रों पर उनकी उपज की खरीद की जाएगी।</p>
<p><strong>खरीद केंद्रों की तैयारियां शुरू</strong><br />विभाग के अधिकारियों के अनुसार खरीद प्रक्रिया को सुचारु बनाने के लिए प्रदेशभर में खरीद केंद्रों की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण, तौल व्यवस्था और परिवहन की व्यवस्था को भी सुदृढ़ किया जा रहा है। कृषि क्षेत्र से जुड़े जानकारों का कहना है कि बोनस की घोषणा से किसानों को गेहूं बेचने में प्रोत्साहन मिलेगा और सरकारी खरीद केंद्रों पर आवक बढ़ने की संभावना है। वहीं खरीद की तारीख आगे बढ़ने से किसानों को फसल की कटाई और मंडियों में लाने के लिए भी अतिरिक्त समय मिल सकेगा।</p>
<p><strong>नवज्योति ने प्रमुखता से उठाया था मामला</strong><br />दैनिक नवज्योति में किसानों की इस पीड़ा को लेकर 9 फरवरी को प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया गया था, जिसमें बताया था कि सरकारी समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं बेचने के लिए पंजीयन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, लेकिन राज्य सरकार की ओर से अब तक बोनस की घोषणा नहीं होने से किसानों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। इसी कारण जिले में पंजीयन अपेक्षित गति नहीं पकड़ पा रहा है और किसान फिलहाल इंतजार की रणनीति अपनाए हुए हैं। हर साल इस समय तक बड़ी संख्या में किसान पंजीयन करा लेते थे, लेकिन इस बार आंकड़े अपेक्षा से काफी कम हैं।</p>
<p>सरकार की ओर से गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपए प्रति क्विंटल तय किया गया है। इसके अलावा किसानों को 150 रुपए प्रति क्विंटल का बोनस भी दिया जाएगा। पंजीकृत किसानों को गेहूं बेचने पर कुल 2735 रुपए प्रति क्विंटल का भुगतान उनके जनाधार से जुड़े बैंक खातों में किया जाएगा।<br /><strong>- पूनम प्रसाद सागर, अतिरिक्त खाद्य आयुक्त</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-news---farmers-now-receive-a-bonus--wheat-procurement-at-msp-will-begin-from-the-16th/article-146172</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-news---farmers-now-receive-a-bonus--wheat-procurement-at-msp-will-begin-from-the-16th/article-146172</guid>
                <pubDate>Thu, 12 Mar 2026 14:00:36 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/1200-x-60-px%29-%283%293.png"                         length="1531666"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        