<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/baran-district/tag-23611" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>baran district - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/23611/rss</link>
                <description>baran district RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>दायीं मुख्य नहर किसानों के लिए हो रही वरदान साबित</title>
                                    <description><![CDATA[कोटा बैराज से निकल रही दायीं मुख्य नहर कोटा-बारां जिले से होते हुए मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले में प्रवेश कर किसानों के लिए वरदान साबित हुई है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/right-main-canal-is-proving-to-be-a-boon-for-farmers/article-12527"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/right-main-canal-vardan-farmers.jpg" alt=""></a><br /><p>अंता। कोटा बैराज से निकल रही दायीं मुख्य नहर कोटा-बारां जिले से होते हुए मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले में प्रवेश कर किसानों के लिए वरदान साबित हुई है। दायीं मुख्य नहर खंड द्वितीय सीएडी अंता महेन्द्र कुमार अधिशाषी अभियंता ने बताया कि दायीं मुख्य नहर खंड द्वितीय अंता के अंतर्गत दो मुख्य वितरिकाए है। यह वितरिका पलायथा के निकट अमलसरा गांव से निकलकर सोनवा पापडली  माईनर मांगरोल तहसील क्षेत्र तक लगभग 40 किलोमीटर लंबी दूरी तक  12 जल उपयोक्ता संगम के माध्यम से हजारों हैक्टेयर भूमि को सिंचित कर किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है। वरदान ही नही कामधेनू कहा जाए तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी।<br /><br />पलायथा मुख्य डिस्ट्रीब्यूटरी के अध्यक्ष नरोत्तम दयाल कुशवाहा नागदा की झोपडियां निवासी ने बताया कि इस जल वितरिका कि लंबाई 30 किलो मीटर तक है। इसमें से अधिकतर भोज्याखेड़ी गांव से पापडली सोनवा गांव तक पक्का स्थाई निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। जिससे पानी के रिसाव की समस्या दूर होगी वही टेल क्षेत्र के किसानों को आसानी से सिंचाई के लिए पानी समय पर उपलब्ध हो सकेगा। <br /><br /><strong>धोरों की देखरेख एवं कराए जाते है सुधार कार्य</strong><br />अमलसरा से नेशनल हाइवे 27 तक पलायथा के निकट तक का वितरिका का पक्का करने का निर्माण कार्य चल रहा है। लेकिन बरसात का मौसम शुरू हो जाने के कारण यह कार्य पूरा नही हो सकेगा। पलायथा ब्रांच में 12माईनर जल उपयोक्ता संगम समितिया है। जिनके माध्यम से किसानों को  सिंचाई के लिए जल  उपलब्ध कराया जाता है तथा आवश्यकता के अनुसार माईनर के अंतर्गत आने वाले धोरों की देखरेख एवं सुधार कार्य कराये जाते हैं। समिति द्वारा प्रस्ताव ले कर सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता के पास स्वीकृति के लिए भेजा जाता है। स्वीकृति के बाद कार्य शुरू किया जाता है।<br /><br /><strong>वसूली शत प्रतिशत करने का लक्ष्य</strong><br /> जल उपयोक्ता संगम के अंतर्गत आने वाले गांवों के किसानों से सिंचाई शुल्क वसूली का कार्य भी समिति के माध्यम से ही किया जाता है तथा वसूली का अधिकांश हिस्सा माईनर की देखरेख एवं किसानों के खेतों तक पानी पहुंचा ने के लिए ही किया जाता है। शत प्रतिशत वसूली करने पर सिंचाई विभाग द्वारा प्रोत्साहन स्वरूप पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है।<br /><br /> <strong>15 माईनर से की जाती है सिंचाई</strong><br />पलायथा मुख्य ब्राच की 12 उपयोक्ता संगम समिति के 30  किलोमीटर क्षेत्र में 25 छोटी बडी पुलिया बनी हुई है तथा 15 छोटे माईनर के माध्यम से हजारों हैक्टेयर भूमि में सिंचाई की जाती है।<br /><br /><strong>टेल क्षेत्र पर आसानी से पहुंचेगा पानी</strong><br />अधिशासी अभियंता दायीं मुख्य नहर खंड द्वितीय अंता महेन्द्र कुमार ने बताया कि इस ब्रांच को इसी वित्तिय वर्ष में पक्का कर दिया जायेगा।जिससे टेल क्षेत्र सोनवा पापडली पाटोंदा जैसे गांव के किसानों को सिंचाई के लिए आसानी से पानी समय पर उपलब्ध हो जाएगा।<br /><br /><strong> 60 करोड़ का प्रोजेक्ट</strong><br />पलायथा ब्रांच जल उपयोक्ता संगम समिति के अध्यक्ष नरोत्तम दयाल कुशवाहा ने बताया कि इस ब्रांच को पक्का करने के लिए 2014 में सीएडी द्वारा टेंडर स्वीकृत किया जाकर कार्य आदेश जारी कर दिए गए थे। इसकी लागत 60 करोड़ थी, लेकिन कार्य 2022तक भी पूरा नहीं हुआ है। समिति द्वारा सीएडी अधिकारियों से इस बारे में चर्चा कर शीघ्र काम पूरा करने की मांग की जाएगी।<br /><br /><strong>16 हजार किसानों को पानी हो रहा उपलब्ध</strong><br />इस ब्रांच से अमलसरा, पलायथा, ठीकरिया, नागदा, भोज्याखेड़ी  बिशनखेड़ी रूप पुरा बालदडा पाटोंदा सोनवा पापडली एवं दुगारी गांव के लगभग 16 हजार किसानों को फ सल के लिए पानी उपलब्ध हो रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/right-main-canal-is-proving-to-be-a-boon-for-farmers/article-12527</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/right-main-canal-is-proving-to-be-a-boon-for-farmers/article-12527</guid>
                <pubDate>Sat, 18 Jun 2022 14:41:55 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-06/right-main-canal-vardan-farmers.jpg"                         length="46559"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्राचीन तालाबों की नही ली सुध,प्रशासन कर रहा अनदेखी </title>
                                    <description><![CDATA[उपखंड मुख्यालय शाहाबाद क्षेत्र में कई प्राचीन तालाब हैं, जो जर्जर अवस्था में हैं। प्रशासन द्वारा यदि इस तालाब पर ध्यान दिया जाए तो पानी की समस्या के साथ-साथ क्षेत्र में पानी का लेवल भूमि के अंदर बढ़ जाएगा जो कुएं अभी खाली पड़े हुए हैं वह सब काम करने लगेंगे और सैकड़ों बीघा भूमि सिंचित हो सकती है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/ancient-ponds-were-not-taken-care-of--administration-is-ignoring/article-12252"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/tt5.jpg" alt=""></a><br /><p>शाहाबाद। उपखंड मुख्यालय शाहाबाद क्षेत्र में कई प्राचीन तालाब हैं, जो जर्जर अवस्था में हैं। जिसमें से एक तालाब शुभघरआ ग्राम पंचायत के अंतर्गत आता है। जिसको उदैया तालाब के नाम से जाना जाता है। यह तालाब काफी प्राचीन बताया जाता है। शुभघरा निवासी कुंवरपाल, रामजीलाल दोजिया, रघुवीर आदि ने बताया कि यह तालाब काफी प्राचीन है। आज शुभघरा बस्ती को बसे हुए लगभग 60 वर्षों से अधिक हो गए हैं। यह तालाब उससे भी पुराना है। इसमें काफी पानी रोकने की अपार संभावनाएं हैं। प्रशासन द्वारा यदि इस तालाब पर ध्यान दिया जाए तो पानी की समस्या के साथ-साथ क्षेत्र में पानी का लेवल भूमि के अंदर बढ़ जाएगा जो कुएं अभी खाली पड़े हुए हैं वह सब काम करने लगेंगे और सैकड़ों बीघा भूमि सिंचित हो सकती है। <br /><br /><strong>जल संरक्षण पर नहीं दिया जाता ध्यान</strong><br /> सरकार द्वारा जल संरक्षण के लिए तरह-तरह की योजनाएं चलाई जाती हैं। नरेगा के अंतर्गत तलाई खुदाई आदि कराई जाती हैं परंतु जो तालाब प्राचीन छोटे बड़े हैं। जिनमें जल भंडारण की अपार क्षमता है। ऐसे तालाबों को नरेगा के अंतर्गत गहरीकरण नहीं कराया जाता जबकि इन तालाबों से क्षेत्र की सैकड़ों बीघा भूमि चिंतित हो सकती है परंतु सरकार द्वारा नरेगा में करोड़ों रुपए की धनराशि तलाई खुदाई पर तो लगाई जाती है। प्राचीन तालाब जो छोटे बड़े हैं। उनमें कोई भी नरेगा का काम नहीं कराया जाता और नई योजनाएं लाकर पुरानी योजनाओं को छोड़ दिया जाता है। <br /><br /><strong>हो सकती है सैकड़ों बीघा सिंचित भूमि</strong> <br /> सरकार द्वारा जल संरक्षण के लिए तरह-तरह के प्रयास किए जा रहे हैं। कहीं एनीकट तो कहीं नवीन तलाई निर्माण आदि का कराया जा रहा है परंतु जो प्राचीन जल भंडारण हैं जिनमें पानी रुकने की अपार संभावनाएं हैं उन पर ध्यान बिल्कुल भी नहीं दिया जाता जबकि यह जल स्त्रोत प्राचीन समय से ही लोगों की एवं पशुओं के लिए पानी की व्यवस्था का उत्तम साधन रहे हैं यदि इन तालाबों की मरम्मत कराई जाए तो अपार जल भंडारण हो सकता है। जिससे क्षेत्र के किसानों के साथ पशु पक्षी सभी को पर्याप्त पानी मिल सकता है। <br /><br /><strong>पाल कमजोर होने के कारण नहीं ठहरता पानी</strong><br /> काफी प्राचीन होने के कारण इसकी पाल कमजोर हो चुकी है। इस कारण से बरसात बरसात के समय से ही इस तालाब से पानी का रिसाव होता है। जिसके चलते इस तालाब में पानी नहीं ठहर पाता लगभग दिसंबर तक पानी रुक पाता है। मरम्मत आदि कराई जाए तो क्षेत्र के लोगों को क्षेत्र के किसानों को कृषि एवं जानवरों के लिए पीने के लिए पानी मिल सकेगा। जहां सरकार द्वारा नवीन तालाब निर्माण आदि कराई जा रही है। उनके साथ ही प्राचीन तालाबों पर विशेष ध्यान देकर इनकी मरम्मत आदि कराई जानी चाहिए। <br /><br /><strong> पानी रिसाव होने से गल जाती है फसल</strong><br />गोपाल भील गुलाब भील आदि ने बताया कि हमारे खेत तालाब से निचले की तरफ लगी होने के कारण बरसात की फसल नहीं कर पाते हैं, क्योंकि तालाब से बहने वाला पानी हमारे खेतों में होकर निकलता है और हमारी फसलें गल जाती हैं। हम जिला कलेक्टर से मांग करते हैं कि इस तालाब की मरम्मत कराई जानी चाहिए। जिससे क्षेत्र के लोगों को लाभ मिल सके। <br /><br /><strong>नरेगा योजना के अंतर्गत ठीक कराया जाए तालाब</strong><br /> वही क्षेत्र के लोग उप जिला प्रमुख उर्मिला जैन से मांग की है कि जो भी प्राचीन तालाब पंचायत समिति शाहाबाद के अंतर्गत हैं जिन पर अभी ध्यान नहीं दिया जा है, उन्हें विशेष रुप से नरेगा योजना में शामिल कर इन तालाबों की खुदाई मरम्मत पाल की मरम्मत पानी निकासी की सही व्यवस्था आदि सरकार द्वारा कराई जानी चाहिए। यदि इस तालाब के मरम्मत कराई जाती है तो सैकड़ों बीघा भूमि सिंचित होने के साथ-साथ कई गांव के पशुओं को एवं जंगल के जानवरों को भी पानी पीने को मिलेगा। साथ ही शाहाबाद शुभघरआ कुशालपुरा मंगलपुरा मुंगावली आदि क्षेत्रीय किसानों के कुओं का जलस्तर बढ़ेगा और लाभ मिलेगा। <br /><br />यह तालाब काफी पुराना है इसमें पानी रोकने की अपार संभावना है यदि इसकी की मरम्मत आदि कराई जाए तो सैकड़ों बीघा भूमि सिंचित हो सकेगी साथ ही जानवरों को पानी मिलेगा। -<strong>कुंवरपाल सहरिया, निवासी, कुशालपुरा   </strong> <br /><br />तालाब देखरेख के अभाव में बिल्कुल जर्जर हो चुका है यह तालाब काफी पुराना है। इसकी मरम्मत कि जिला कलक्टर से हम मांग करते हैं क्योंकि इस तालाब से  सहरिया समाज के लोगों की सैकड़ों बीघा भूमि सिंचित हो सकती है। -<strong> रामजीलाल सहरिया, निवासी शुभघरा     </strong><br /><br /> नरेगा योजना के अंतर्गत इस तालाब को लेकर इसकी मरम्मत कराई जानी चाहिए, क्योंकि तलेटी क्षेत्र में जलस्तर बहुत ही कम है। प्राचीन तालाब और की मरम्मत आदि होने से क्षेत्र में जल स्तर बढ़ने की प्रबल संभावना है। -<strong> कल्याण प्रसाद यादव, उपसरपंच, ग्राम पंचायत शुभघरा</strong><br /><br />मैं जिला प्रमुख उर्मिला जैन भाया से मांग करती हूं कि इस तालाब को नरेगा योजना के अंतर्गत लेने के लिए प्रयास किया जा रहा है। इस तालाब का गहरी करण कराना आवश्यक है। क्योंकि यह काफी प्राचीन है और इस तालाब से क्षेत्र के पशुधन को पानी पीने के लिए मिलेगा। -<strong>कलाबाई सरपंच, शुभघरआ, ग्राम पंचायत पंचायत समिति शाहाबाद</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/ancient-ponds-were-not-taken-care-of--administration-is-ignoring/article-12252</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/ancient-ponds-were-not-taken-care-of--administration-is-ignoring/article-12252</guid>
                <pubDate>Wed, 15 Jun 2022 15:44:54 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-06/tt5.jpg"                         length="80738"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कॉलोनी बनी गंदे पानी की तलैया, आंखे मूंदे बैठे जिम्मेदार </title>
                                    <description><![CDATA[अटरू के वार्ड 12 की कॉलोनी की गलियों में पिछले कई सालों से नालियों का पानी रोड पर फैल जाता है। जिसके कारण आने जाने वालों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/colony-became-a-pool-of-dirty-water--sitting-blindly-responsible/article-12248"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/colony-bani-talaiyaa.jpg" alt=""></a><br /><p>अटरू। अटरू के वार्ड 12 की कॉलोनी की गलियों में पिछले कई सालों से नालियों का पानी रोड पर फैल जाता है। जिसके कारण आने जाने वालों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार तो स्कूल जाते समय छोटे बच्चे इस पानी में गिर जाते हैं। लेकिन जिम्मेदार बेपरवाह बैठे है।<br /><br />वार्डवासी सुरेंद्र सुमन ने बताया कि कई बार हम इसकी सूचना नगरपालिका अटरू को दे चुके हैं। जिसके कारण पिछले साल नगरपालिका के अधिकारी यहां आकर गली में पानी भरा देखा तो अधिकारी यह कहकर चले गए कि बहुत जल्दी इस गली में इंटरलॉकिंग का कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। परंतु पूरा 1 वर्ष बीत जाने के बाद भी यहां पर गलियों की व्यवस्था वैसी की वैसी ही है। इस समस्या पर किसी का भी ध्यान नहीं है। इसकी सूचना राजस्थान सरकार के हेल्पलाइन नंबर 181 पर भी दे चुके हैं, लेकिन अभी तक किसी भी अधिकारी ने इस समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया है। मौहलावासी रामरतन मीणा ने बताया कि यह समस्या पिछले 5 वर्षों से चली आ रही है। पूरे मौहल्ले में पानी भरा रहता है। उसके चलते लोगो को परेशानी का सामना करना पड़ता है और मौहल्ले में नालियों का पूरा पानी रोड पर आ जाता है। समय-समय पर नालियों की सफाई भी नहीं हो पाती है। <br /><br />वार्ड 12 की गलियों में पानी भरा रहता है। इसके बारे में मैंने नगर पालिका अधिकारी व चेयरमैन सुशीलाबाई को अवगत करा चुका हूं पर उनका कहना है कि और वालों का काम हो जाने के बाद वार्ड 12 का कार्य भी प्रारंभ कर दिया जाएगा व अधिकारी से पहुंचने पर व सही तरीके से यह नहीं बता पा रहे कि यह काम होगा भी या नहीं। <br /><strong>-तेजकरण बैरवा, वार्ड पार्षद, अटरू  </strong> <br /><br />यहां से बच्चे स्कूल जाते समय कीचड़ में गिर जाते हैं। जिसके कारण उनकी यूनिफार्म खराब हो जाती है और उनको स्कूल आने जाने में भी बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं महिलाएं भी सही तरीके से यहां से नहीं निकल पाती है। इसके कारण मौहल्ले वासियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। <br /><strong>- आसाराम मीणा, वार्डवासी, अटरू</strong><br /><br />यहां पर वार्ड 12 में पूरी गली पानी से भरी रहती है। जिसके चलते आने जाने वालों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके बारे में पिछले वर्ष भी नगर पालिका को अवगत करा चुके हैं। नगरपालिका टीम ने आकर मौके पर आकर देखा नगर पालिका के अधिकारी मौके पर सांत्वना देकर चले गए कि बहुत जल्दी गली में इंटरलॉकिंग का कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। पूरा 1 वर्ष बीतने के बाद भी यहां पर कोई कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है।<br /><strong>- मदनलाल सुमन, वार्डवासी </strong><br /><br />अटरू नगर पालिका के हर वार्ड में इंटरलॉकिंग का कार्य होगा। 8-10 महीनों में हर वार्ड में इंटरलॉकिंग का कार्य पूरा हो जाएगा। <br /><strong>- सुशीला बाई, चेयरमैन, नगरपालिका अटरू </strong><br /><br />अगर यह जगह एस्टीमेट में आ रही होगी तो जल्दी ही इसका कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। <br /><strong>- सुरेश रेगर, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका अटरू</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/colony-became-a-pool-of-dirty-water--sitting-blindly-responsible/article-12248</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/colony-became-a-pool-of-dirty-water--sitting-blindly-responsible/article-12248</guid>
                <pubDate>Wed, 15 Jun 2022 15:03:25 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-06/colony-bani-talaiyaa.jpg"                         length="55846"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>देवता के भाव आने के दौरान बावडी में कूदने से युवक की मौत </title>
                                    <description><![CDATA[ बारां जिले के सीसवाली थाना क्षैत्र के पोखरा जिदं बाबा बावडी के स्थान पर मंगलवार रात्रि को जागरण आयोजन के दौरान देवता के भाव आने पर 40 फिट गहरी बावडी में कूदा गया और डूबने से उसकी मौत हो गई। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/death-of-a-young-man-due-to-drowning-in-the-step-well-during-the-arrival-of-the-deity/article-11668"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/6789.jpg" alt=""></a><br /><p>सीसवाली। बारां जिले के सीसवाली थाना क्षैत्र के पोखरा जिदं बाबा बावडी के स्थान पर मंगलवार रात्रि को जागरण आयोजन के दौरान देवता के भाव आने पर 40 फिट गहरी बावडी में कूदा गया और डूबने से उसकी मौत हो गई। जब काफी देर तक बाहर नही निकलने से वहां स्थित लोगों ने तलाश किया गया मगर अंधेरा होने से कोई सफलता नही मिली। बुधवार सुबह बावडी में वाटर पम्प लगा कर पानी की निकालने पर शव दिखा। पुलिस ने जागरण में शामिल लोगों के सहयोग से शव को बावड़ी से बाहर निकाल सीएचसी सीसवाली लाकर मोर्चरी में रखवाया गया। <br /><br />थानाधिकारी राजपाल सिंह ने बताया कि सीसवाली थाना क्षैत्र के पोखरा जिंद बाबा बावड़ी के स्थान पर मंगलवार रात्री को जागरण के दौरान बावड़ी में कूदने से धर्मचंद उर्फ बन्टी उम्र 37 साल पुत्र बाबूलाल  किराड  निवासी प्रेमनगर कोटा की मृत्यु हो गई। मृतक के पिता बाबूलाल ने रिपोर्ट में बताया कि उसका बेटा धर्मचंद को भाव आते थे। जहां बारां निवासी महेन्द्र सुमन के पोखरा बावडी में मंगलवार रात्री में जागरण होने पर बुलाया गया था। जहां कोटा से पोखरा बावड़ी में गया हुआ था। जहां जागरण के दौरान रात्री 12:30 बजे धर्मचंद को जैसे ही देवता के भाव आए और वह 40 फिट ऊंचाई से बावड़ी में कूद गया। जहां काफी देर तक बाहर नही निकलने से जागरण में शामिल लोगों ने रात में अपने स्तर पर तलाश की। अंधेरा होने से कोई सफलता नही मिली। बुधवार सुबह पुलिस को सूचना मिलने पर पुलिस पोखरा बावड़ी पहुंचे। जहां बावडी में वाटर पम्प लगा कर पानी की निकाला गया। जहां पानी कम होने पर शव दिखा। जागरण में शामिल लोगों के सहयोग से शव को बावड़ी से बाहर निकाल कर अपने कब्जे में लेकर सीएससी सीसवाली लाकर मोर्चरी में रखवाया गया। वही मृतक के परिजनों को सूचित किया। वही मृतक के परिजन आने के बाद शव का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सुपुर्द किया। <br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/death-of-a-young-man-due-to-drowning-in-the-step-well-during-the-arrival-of-the-deity/article-11668</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/death-of-a-young-man-due-to-drowning-in-the-step-well-during-the-arrival-of-the-deity/article-11668</guid>
                <pubDate>Wed, 08 Jun 2022 18:44:29 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-06/6789.jpg"                         length="226161"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        