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                <title>fruit - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>असर खबर का - अतिक्रमण पर किया प्रहार, तीन घंटे चली कार्रवाई</title>
                                    <description><![CDATA[अतिक्रमण से आए दिन जाम लग रहा था। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/-impact-of-news---attack-on-encroachment--action-lasted-for-three-hours/article-121560"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/news-(1)46.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर में एरोड्राम के पास स्थित थोक फल सब्जीमंडी में अतिक्रमण के कारण  कारोबार प्रभावित हो रहा था। इस पर मंडी प्रशासन ने गुरुवार को पुलिस और नगर निगम के सहयोग से मंडी परिसर और गेटों पर हो रहे अतिक्रमण के खिलाफ प्रभारी कार्रवाई की। करीब तीन घंटे तक चले अभियान के दौरान मंडी परिसर में जमा अवैध फल और सब्जी विके्रताओं को खदेड़ दिया। इस दौरान मंडी में टीनशेड के नीचे नीलामी स्थल पर पड़े माल को भी हटाया गया। मंडी प्रशासन काफी समय से अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई करना चाहता था, लेकिन पुलिस जाब्ता उपलब्ध नहीं हो पा रहा था। गुरुवार को पुलिस जाब्ता और नगर निगम की टीम उपलब्ध होने के बाद सुबह करीब साढ़े पांच बजे अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई, जो सुबह करीब साढेÞ आठ बजे तक चली। तीन घंटे की कार्रवाई के दौरान मंडी परिसर को अतिक्रमण से मुक्त कर दिया।   </p>
<p><strong>अब मंडी परिसर की लगातार होगी मॉनिटरिंग</strong><br />थोक फलसब्जी मंडी के सचिव विश्वजीत सिंह ने बताया कि मंडी परिसर और गेट के बाहर काफी समय से अतिक्रमण की समस्या हो रही थी। इससे थोक मंडी का कारोबार प्रभावित हो रहा था। पुलिस और नगर निगम का जाप्ता उपलब्ध होने के बाद गुरुवार को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। मंडी परिसर में सीसीटीवी कैमरों का संचालन शुरू हो गया है। ऐसे में अब मंडी परिसर में कैमरों के माध्यम से मॉनिटरिंग की जाएगी। इसके अलावा मंडी के कर्मचारी को मौके पर भेजकर लगातार जायजा लिया जाएगा, ताकि मंडी परिसर में फिर से अतिक्रमण नहीं हो सके। परिसर से पूरी तरह से अतिक्रमण हटा दिया गया है। इससे अब कारोबार में कोई दिक्कत नहीं आएगी। वहीं व्यापारियों और ग्राहकों को अच्छी सुविधा मिल सकेगी।</p>
<p><strong>मंडी गेट पर नहीं लगेगा जाम</strong><br />मंडी समिति के अधिकारियों के अनुसार थोक फल सब्जीमंडी के गेटों पर अवैध रूप से फल और सब्जियों के ठेले खड़े होने के कारण आए दिन जाम की स्थिति उत्पन्न हो रही थी। मंडी में रोजाना काफी संख्या में ट्रकों और अन्य वाहनों में फल और सब्जियां आती है। मंडी के गेटों पर ठेले खड़े होने से आए दिन लग रहा था। इससे थोक व्यापारियों को परेशानी हो रही थी। वहीं ग्राहकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता था। जाप्ता उपलब्ध होने से गुरुवार को मंडी के गेटों पर खड़े होने वाले फल और सब्जियों के ठेले को हटा दिया गया। वहीं अब उन्हें हिदायत दी गई कि वह गेटों के सामने अपने ठेले नहीं लगाएंगे। यदि फिर से यहां ठेले लगाए तो जब्त कर लिए जाएंगे।</p>
<p><strong>नवज्योति ने प्रमुखता से उठाया था मामला</strong><br />शहर की थोक फलसब्जी मंडी में हो रहे अतिक्रमण के सम्बंध में दैनिक नवज्योति में 25 जून को प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया गया था। जिसमें बताया था कि मंडी के सभी गेटों के बाहर सब्जी और फल विक्रेताओं ने दुकानें और ठेले लगाकर अतिक्रमण कर रखा है। इससे मंडी में रोजाना जाम की स्थिति बनने लगी है। फल और सब्जी लेकर आने वाले बड़े वाहन अतिक्रमण के कारण गेट पर फंस जाते हैं। गेट के बाहर मौजूद अतिक्रमी अपने ठेलों को नहीं हटाते हैं। इससे कई बार विवाद की स्थिति तक हो जाती है। ऐसे में मंडी के गार्डो को आकर जाम हटवाने के लिए मशक्कत करनी पड़ती है। इस सम्बंध में मंडी प्रशासन ने कई बार समझाइश कर अतिक्रमियों को हटाने का प्रयास किया, लेकिन सख्ती नहीं होने से वह फिर से डेरा जमा लेते हैं। इससे मंडी के आढतियों और ग्राहकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। </p>
<p><strong>इनका कहना</strong><br />मंडी प्रशासन ने गुरुवार को पुलिस और नगर निगम के सहयोग से मंडी परिसर और गेटों पर हो रहे अतिक्रमण के खिलाफ प्रभारी कार्रवाई की। करीब तीन घंटे तक चले अभियान के दौरान मंडी परिसर में जमा अवैध फल और सब्जी विके्रताओं को खदेड़ दिया। अब मंडी परिसर की लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी। <br /><strong>- विश्वजीत सिंह, सचिव, थोक फल सब्जीमंडी कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 25 Jul 2025 15:20:19 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का - अब तीसरी आंख से होने लगी निगरानी, खराब पड़े 32 सीसीटीवी कैमरों को अब ठीक कर दिया गया </title>
                                    <description><![CDATA[मंडी परिसर की कैमरों से हो रही मॉनिटरिंग। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-news---now-monitoring-is-being-done-by-the-third-eye/article-116816"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/rtroer-(3)19.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर के धानमंडी क्षेत्र स्थित थोक फल-सब्जी मंडी में फिर तीसरी आंख से निगरानी शुरू हो गई है। मंडी में काफी समय से खराब पड़े 32 सीसीटीवी कैमरों को अब ठीक कर दिया गया है और इनके माध्यम से परिसर की मॉनिटरिंग भी शुरू कर दी गई है। सीसीटीवी कैमरों को ठीक करने के लिए वित्त विभाग ने ढाई लाख का बजट मंजूर किया था। बजट स्वीक़ृत होने के बाद मंडी प्रशासन ने टैंडर प्रक्रिया कर एक फर्म को इसका कार्य सौंपा गया था। ठेकेदार फर्म ने गत दिनों कैमरों के खराब हो रहे पैनल को ठीक कर कैमरों का संचालन शुरू कर दिया गया है। इससे अब मंडी परिसर की आसानी से मॉनिटरिंग होने लगी है। कैमरों के खराब होने से आपराधिक वारदातों की आशंका बनी हुई थी। वहीं मंडी परिसर में होने वाली गतिविधियों की भी निगरानी नहीं हो पा रही थी। अब कैमरों की मरम्मत होने से राहत मिली है।</p>
<p><strong>चूहों ने खराब कर दिया था पैनल</strong><br />जानकारी के अनुसार यह शहर की प्रमुख फल सब्जीमंडी है और इससे हजारों किसान एवं कई राज्यों के व्यापारी जुड़े हुए हैं। ऐसे में थोक फलसब्जी मंडी में सुरक्षा की दृष्टि से 32 सीसीटीवी कैमरे लगा रखे हैं। इसके लिए मंडी के दुकानदारों की ओर राशि उपलब्ध कराई गई थी। कुछ माह पहले सीसीटीवी कैमरे के पैनल को चूहे ने नुकसान पहुंचा दिया था। इसके बाद सभी कैमरे बंद पड़े हुए थे। मंडी प्रशासन ने पैनल को दिखवाया तो उसके ठीक करने के लिए ढाई लाख का खर्चा बताया था। इसके बाद मंडी प्रशासन ने ढाई लाख का एस्टीमेट बनवाकर कृषि निदेशालय जयपुर को भेज दिया था, लेकिन काफी समय तक उक्त बजट को मंजूरी नहीं मिली। बाद में ढाई लाख का बजट मिलने पर खराब कैमरों को ठीक करवा उनका संचालन शुरू कर दिया गया है।</p>
<p><strong>नवज्योति ने प्रमुखता से उठाया था मामला</strong><br />थोक फल मंडी में सभी 32 सीसीटीवी कैमरे खराब होने के सम्बंध में दैनिक नवज्योति के 2 मार्च के अंक में प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया गया था। जिसमें बताया था कि काफी समय से सीसीटीवी कैमरे खराब होने से दुकानदार और ग्राहक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। थोक फल सब्जी मंडी में करीब 150 दुकानें है और हर माह करोड़ों रुपए का कारोबार होता है। इसके बावजूद मंडी में सीसीटीवी कैमरों को अभी तक ठीक नहीं करवाया गया है। मंडी प्रशासन की ओर से कैमरों की मरम्मत के लिए करीब ढाई लाख के बजट की फाइल कृषि निदेशालय को भेज रखी है, लेकिन बजट को हरी झंडी नहीं मिल रही थी। समाचार प्रकाशित होने के बाद मंडी प्रशासन ने फिर से बजट के सम्बंध में रिमांइडर भेजा था। इसके बाद बजट जारी होने पर कैमरे शुरू कर दिए गए हैं।</p>
<p>सुबह के समय मंडी में काफी भीड़ रहती है। इस दौरान जेबकट भी घूमते रहते हैं। मंडी के कैमरे खराब होने से वारदात का अंदेशा ज्यादा बना रहता था। अब मंडी प्रशासन द्वारा कैमरों को शुरू करवाने से खतरा नहीं रहेगा।<br /><strong>- सुनीता देवी, ग्राहक </strong></p>
<p>थोक मंडी में सुरक्षा की दृष्टि से सीसीटीवी कैमरे लगा रखे हैं। चूहों के कारण इसका पैनल खराब हो गया था। ठेकेदार फर्म से खराब कैमरों को ठीक करवा कर उनका संचालन शुरू कर दिया है।<br /><strong>- विश्वजीत सिंह, सचिव, थोक फल-सब्जी मंडी कोटा </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Jun 2025 14:45:07 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>जाम से प्रभावित हो रहा कारोबार, व्यापारियों, किसानों और ग्राहकों को करना पड़ता है परेशानी का सामना </title>
                                    <description><![CDATA[शहर के बीच में स्थित थोक फल सब्जी मंडी में सुबह से शाम तक बार-बार जाम लगता रहता है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/business-is-getting-affected-by-the-jam/article-99799"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-01/257rtrer9.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर में एरोड्राम के पास स्थित थोक फल सब्जीमंडी में माल की ज्यादा आवक होने के कारण रोजाना जाम की स्थिति बनने लगी है। माल की अधिकता से मंडी परिसर छोटा पड़ने लगा है। शहर के बीच में स्थित थोक फल सब्जी मंडी में सुबह से शाम तक बार-बार जाम लगता रहता है। ऐसे में फल सब्जी व्यापारियों, किसानों और ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस मंडी के विस्तार के लिए वर्ष 2018 में प्रयास किए गए थे, लेकिन वन विभाग से एनओसी प्रमाण पत्र नहीं मिलने के कारण मामला अटक गया है। </p>
<p><strong>विभिन्न राज्यों से आते हैं फल व सब्जियां</strong><br />मंडी के व्यापारियों के अनुसार मंडी में महाराष्टÑ, गुजरात, मध्यप्रदेश, पुणे, उत्तर प्रदेश, जम्मू कश्मीर, बैंगलुरु से विभिन्न तरह के फल बिक्री के लिए आते हैं। इसके अलावा कोटा सहित हाड़ौती के जिलों से काफी मात्रा में सब्जियों की आवक होती है। माल की आवक लगातार बढ़ने के कारण अब मंडी परिसर छोटा पड़ने लगा है। मंडी में माल से भरे ट्रक, मिनी ट्रक और अन्य वाहनों के कारण दिनभर में कई बार जाम लगा रहता है। इससे एरोड्राम चौराहे के आसपास व डीसीएम रोड पर वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। बाहर से फलों और सब्जियों से भरे वाहन शाम को ही आना शुरू होते हैं। जो देर रात तक आते रहते हैं। सुबह फल और सब्जी बेचने का काम होता है। इसके बाद वाहन माल बेचकर वापस लौट जाते हैं। </p>
<p><strong>लहसुन का भी हो रहा कारोबार</strong><br />शहर में भामाशाहमंडी के अलावा थोक फलसब्जी मंडी में भी लहसुन की खरीद-फरोख्त की जाती है। ऐसे में यहां पर भी काफी संख्या में किसान लहसुन बेचने के लिए आते हैं। वर्तमान में यहां पर पांच से छह हजार कट्टे लहसुन की आवक हो रही है। किसान अपने माल को बड़े वाहनों में लेकर आते हैं। इस दौरान सब्जी के वाहनों के कारण जाम लगने से किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में कई बार लहसुन की नीलामी में भी देरी हो जाती है। किसानों का कहना है कि मंडी परिसर छोटा पड़ने से आवागमन में दिक्कत आती है। इसका समाधान होना चाहिए। </p>
<p><strong>ठंडे बस्ते में मंडी शिफ़्ंिटग का मामला</strong><br />थोक फल सब्जीमंडी को दूसरी जगह शिफ्ट करने के प्रयास 2018 में हुए थे। उस समय चन्द्रेसल के पास मंडी स्थापित करने के लिए 72 बीघा जमीन चिहिन्त की गई थी, लेकिन जमीन घड़ियाल अभयारण्य क्षेत्र में होना बताकर  वन विभाग ने स्वीकृति जारी नहीं की। इस मामले में यूआईटी ने मंडी समिति से 19 करोड़ की डिमांड राशि मांगी थी, लेकिन मंडी प्रशासन ने इतनी राशि जमा कराने में असमर्थता जताई थी। इसके बाद पूरा मामला ठंडे बस्ते में चला गया। ऐसे में वर्तमान मंडी परिसर छोटा होने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।   </p>
<p>थोक फल सब्जीमंडी में माल की आवक बढ़ने लगी है। जिससे मंडी परिसर छोटा पड़ने लगा है। बाहर से माल लेकर आने वाले वाहन जाम में फंस जाते हैं। इससे व्यापारियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस मंडी को विस्तार की दरकार है। तभी समस्या का समाधान हो सकेगा।<br /><strong>- शब्बीर वारसी, प्रमुख व्यापारी</strong></p>
<p> थोक फल सब्जीमंडी के आसपास के क्षेत्र को जाम से बचाने के लिए चन्द्रसेल में शिफ्ट करने के लिए पूर्व में प्रयास हुए थे, लेकिन वन विभाग घड़ियाल अभयारण्य क्षेत्र बताकर एनओसी नहीं दी। अभी मंडी को शिफ्ट करने के कोई प्रयास नहीं चल रहे हैं। मंडी शहर के बीच में होने के कारण रोजाना जाम की समस्या होती रहती है।<br /><strong>- विश्वजीत सिंह, सचिव, थोक फल सब्जीमंडी कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Jan 2025 14:31:58 +0530</pubDate>
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                <title>ईरान के खजूर से महक रही कोटा की फल मंडी</title>
                                    <description><![CDATA[शहर की प्रमुख फल सब्जीमंडी में ईरान का खजूर ब्रिकी के लिए उपलब्ध है। फल व्यापारियों के अनुसार वर्तमान में ईरान से तीन गाड़ी खजूर कोटा आ रहा है। यह खजूर 10 किलो और 30 किलो के बैग में आता है। ईरान से आने वाला खजूर मुम्बई होते हुए कोटा पहुंचता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-s-fruit-market-is-smelling-of-iran-s-dates/article-33938"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-01/iran-k-khajoor-se-mahak-rahi-kota-ki-falmandi..kota-news...02.01.2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर में इन दिनों मौसमी फलों की अच्छी आवक हो रही है। फल सब्जी मंडी में देशी फलों के साथ ही कई विदेशी फल भी ब्रिकी के लिए उपलब्ध है। मंडी में ईरानी खजूर की भी आवक बनी हुई है। हालांकि यह देशी खजूर की तुलना में महंगा है। इसके बावजूद सेहत के लिए फायदेमंद होने के कारणग्राहक इसे खरीद रहे हैं। फल विक्रेता रमेश ने बताया कि पिछले कुछ समय से फलों के भाव में उतार-चढ़ाव आया है। इसके चलते अमरूद व पपीता सहित कुछ फलों के दामों में गिरावट आई है। वहीं कुछ फलों के भाव में अभी तेजी बनी हुई है। फिलहाल कोटा की मंडी में अमरूद, किन्नू, सेव,केला, अनार, मौसमी, नारियल, पपीता व खजूर आदि की खूब ब्रिकी हो रही है।</p>
<p><strong>देशी से महंगा विदेशी </strong><br />शहर की प्रमुख फल सब्जीमंडी में ईरान का खजूर ब्रिकी के लिए उपलब्ध है। फल व्यापारियों के अनुसार वर्तमान में ईरान से तीन गाड़ी खजूर कोटा आ रहा है। यह खजूर 10 किलो और 30 किलो के बैग में आता है। ईरान से आने वाला खजूर मुम्बई होते हुए कोटा पहुंचता है। इसका दाम देशी खजूर की तुलना में ज्यादा होता है। वर्तमान में मंडी में देशी खजूर 60 से 80 रुपए किलो और ईरानी खजूर 250 से 500 रुपए किलो तक बिक रहा है। सर्दी के मौसम में देशी के साथ विदेशी खजूर की भी अच्छी खरीदारी हो रही है। वहीं मंडी में कश्मीरी सेव सहित हरियाणा, पंजाब व हिमाचल प्रदेश से मौसमी फल बहुतायत ब्रिकी के लिए आ रहे हैं। फलों के भाव भी ग्रेडिंग के हिसाब से अलग-अलग हैं।</p>
<p><strong>सबसे मंहगा खजूर है अजवा</strong><br />खजूर व्यापारियों के अनुसार बाजार में सबसे महंगा खजूर मदीना शरीफ का अजवा है। इसकी कीमत 1400 रुपए से लेकर 3000 रुपए प्रति किलोग्राम है। इसके साथ ही सऊदी अरब,  इराक, अल्जीरिया, ट्यूनिशिया, मिस्र और उत्तरी अफ्रीका समेत कई देशों के खजूर भी काफी महंगे बिकते हैं। यह खजूर अलग-अलग किस्मों के नाम से जाने जाते हैं। सऊदी अरब की स्वादी, अलहम्द, खुलैस, राबिया, ईरान की कीमिया गोल्ड, इराक की जाहिदी सहित अन्य मध्य एशियाई देशों की राबी, कलमी, सफवी, अजवाह, अंबर, शल्बी, रब्बी, मजरूम, सुगाई, कलमी मीडियम, शहद किस्म के खजूर बाजार में बिकने के लिए आते हैं। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />खजूर सेहत के लिए भी काफी फायदेमंद है। इसमें कैल्शियम, विटामिन बी, कॉम्लेक्स, विटामिन सी प्रोटीन, फाइबर, ऐश और लोहतत्व पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं। लौह तत्व होने के कारण यह शरीर में रक्त बढ़ाने में मददगार होता है हड्डी और बाल मजबूत करता है। बी कॉम्पलेक्स शरीर के मेटाबोलिज्म को दुरुस्त रखता है। फाइबर पाचन क्षमता को बेहतर करता है और ऊतक निर्माण के लिए उपयोगी है।<br /><strong>- डॉ. रामधर शर्मा, आयुष चिकित्सक</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 02 Jan 2023 14:47:39 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का : फल व छायादार पेड़ों की आई मूल्यांकन रिपोर्ट </title>
                                    <description><![CDATA[दैनिक नवज्योति ने मजबूती के साथ किसानों का पक्ष रखते हुए प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किए थे। इसके बाद अधिकारियों ने किसानों से किए वादे के मुताबिक पूरा मुआवजा देने की सहमति दी और इस पर काम शुरू हुआ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/evaluation-report-of-fruit-and-shade-trees/article-11901"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/a1.jpg" alt=""></a><br /><p>रामगंजमंडी। दरा-झालावाड़ एनएच 52 पर सिक्स लेन सड़क मार्ग पर पिछले 3 साल से चल रहे किसानों के फलदार छायादार पेड़ों के मुआवजा विवाद की मूल्यांकन रिपोर्ट आने के बाद मुआवजा अवार्ड बनाने का रास्ता साफ हो गया है। मामले में दैनिक नवज्योति ने मजबूती के साथ किसानों का पक्ष रखते हुए प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किए थे। इसके बाद अधिकारियों ने किसानों से किए वादे के मुताबिक पूरा मुआवजा देने की सहमति दी और इस पर काम शुरू हुआ।<br /><br />जानकारी के अनुसार वर्ष 2017-18 में यहां सड़क निर्माण के लिए भूमि अवाप्ति की कार्यवाही हुई थी। लेकिन किसान कृषि भूमि की मुआवजा दर से संतुष्ट नहीं थे और अरनिया कलां, बांस्याहेडी, गोला 3 गांव के किसानों के असंतोष के कारण सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया था। वर्ष 2019 में उपखंड अधिकारी चिमनलाल मीणा, परियोजना निदेशक, पटेल कंपनी, तहसीलदार एवं किसानों की संयुक्त बैठक में आपसी समझाइश से यह तय हुआ था कि जमीन की दर कोर्ट से तय करवा ली जाए एवं छूटे हुए पौधों का पुन: सर्वे करवाकर किसानों का उसका मुआवजा दे दिया जाए। जिस पर दोनों पक्ष सहमत हुए। एसडीओ रामगंजमंडी द्वारा गठित टीम ने सर्वे कर किसानों के छूटे हुए पौधों की सूची तैयार की। किसानों को इस सूची के अनुसार पौधों का मुआवजा देने के लिए आश्वस्त किया। जिस पर किसानों ने सहमति जता दी। पिछले एक डेढ़ वर्ष से बंद पड़ा सड़क निर्माण कार्य चालू हो गया। सड़क निर्माण कार्य चालू होते ही निर्माण एजेंसी ने मशीनें लगाकर सारे पौधे तोड़ दिए। मिट्टी खोदकर गिट्टी की कुटाई कर दी और सड़क को जमीन लेवल से 4 से 6 फीट ऊपर उठा दिया। उसके बाद निर्माण विभाग ने किसानों को मौके पर पेड़ नहीं होने की बात कहकर मुआवजा देने से इंकार कर दिया। किसानों ने बहुत हाथ-पैर मारे लेकिन तब उनकी कहीं सुनवाई नहीं हुई। भाजपा के किसान नेता वीरेंद्र जैन ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, विधायक मदन दिलावर एवं सभी उच्चाधिकारियों से संपर्क कर मामले को दोबारा उठाया और किसानों को न्याय दिलाने के  की मांग की। जिसमें दैनिक नवज्योति ने किसानों का पक्ष मजबूती से रखा तो अधिकारियों ने किसानों से किए वादे को पूरा कर मुआवजा देने की सहमति दी और इस पर काम शुरू हुआ। कार्यवाही आगे बढ़ी और पूरे मामले की पुन: समीक्षा की गई। तहसीलदार रामगंजमंडी की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई। जिसने वेरीफिकेशन रिपोर्ट तैयार की और सैद्धांतिक सहमति देते हुए माना कि मौके पर किसानों के पेड़ थे। जिसे निर्माण एजेंसी ने आनन-फानन में उखाड़ा है। किसानों से पौधों के शपथ पत्र देकर मूल्यांकन के लिए भेजे गए छायादार पेड़ों की रिपोर्ट वन विभाग और फलदार पेड़ों की मूल्यांकन रिपोर्ट फलोद्यान विभाग ने तैयार कर प्रस्तुत की है। जिससे किसानों के पौधों का मुआवजा अवार्ड बनने की कार्यवाही पूर्ण हो सकेगी।<br /><br /><strong>डेढ़ वर्ष तक बंद रहा निर्माण कार्य</strong><br />किसानों के विरोध के कारण निर्माण एजेंसी 3 गांवों में डेढ़ वर्ष तक सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं कर पाई। तब उपखंड कार्यालय द्वारा किसानों को समझा कर सहमत किए जाने के बाद ही निर्माण कार्य शुरू हो पाया। लेकिन अपना काम बनते ही निर्माण एजेंसी ने किसानों की तरफ से मुंह फेर लिया और अपने वादे से मुकर गई। 3 से 4 साल तक चले इस विवाद के दौरान 5 उपखंड अधिकारी बदले। जिनमें तीन आईएएस थे। सभी पांचों अधिकारियों ने मजबूती से किसानों का साथ दिया और माना कि किसानों की कोई गलती नहीं है। <br /><br /><strong>जिला कलक्टर ने दिया था आश्वासन</strong><br />गुरुवार को जनप्रतिनिधियों ने जिला कलक्टर हरिमोहन मीणा को ज्ञापन दिया था। जिस पर उन्होंने आश्वासन दिया था कि फलदार पौधों के मामले में किसानों को अवार्ड दिलाने की पूरी कोशिश की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Jun 2022 14:24:37 +0530</pubDate>
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                <title> फलों के रस से हुआ गणेश जी का अभिषेक</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर। चांदपोल स्थित परकोटा गणेश मंदिर मे  फलों की झांकी का आयोजन हुआ युवाचार्य पं. अमित शर्मा  के सानिध्य में भगवान गणेश जी महाराज का वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ केसर गुलाब केवड़ा एवं नाना प्रकार की  द्रव्यों से अभिषेक किया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/abhishek-of-ganesha-with-fruit-juice/article-11670"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/ganesh-ji-new.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। चांदपोल स्थित परकोटा गणेश मंदिर मे  फलों की झांकी का आयोजन हुआ युवाचार्य पं. अमित शर्मा  के सानिध्य में भगवान गणेश जी महाराज का वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ केसर गुलाब केवड़ा एवं नाना प्रकार की  द्रव्यों से अभिषेक किया।   वहीं शीतलता प्रधान करने वाले फलों के रसों से भगवान का अभिषेक किया। नवीन चोला चढ़ाकर नवीन पोशाक धारण कराई गई। गणेश जी महाराज को मोगरे सहित ऋतु पुष्पों से विशेष श्रृंगार कर फूल बंगले में विराजमान कराया। भगवान का मोगरे की कलियों से विशेष शृंगार किया गया। भगवान गणेश को आमरस रबड़ी, लीची का रस और अन्य कई फलों के रसों से भगवान गणेश को भोग लगाया गया। इस मौके पर शीतलता प्रदान करने के लिए गणेश जी महाराज को  जलविहार करा कर फव्वारो से स्नान कराया गया। महाआरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु ने भगवान की झांकी के दर्शन कर सुख समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर भजन संध्या आयोजित की गई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Jun 2022 18:56:20 +0530</pubDate>
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