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                <title>कोटा रोज 70 क्विंटल गन्ना रस पी रहा, भीषण गर्मी में मीठी राहत का बना सहारा</title>
                                    <description><![CDATA[शहर में चार दर्जन से अधिक मशीनें लगातार संचालित हो रही हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-consumes-70-quintals-of-sugarcane-daily/article-150645"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/111200-x-600-px)-(1)13.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। गर्मी के तेवर अब तीखे होने लगे हैं। अप्रैल के मध्य में ही तेज धूप और बढ़ती तपन ने आमजन का जीना मुहाल कर दिया है। ऐसे में राहत की तलाश में लोग पारंपरिक और प्राकृतिक पेय पदार्थों की ओर रुख कर रहे हैं। इनमें गन्ने का रस सबसे आगे है। शहर में इन दिनों गन्ने के रस की मांग में जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है और रोजाना करीब 70 क्विंटल गन्ना रस के रूप में खप रहा है। शहर के प्रमुख बाजारों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन के आसपास, कॉलोनियों और मुख्य चौराहों पर गन्ने के रस के ठेले और दुकानें बड़ी संख्या में नजर आ रही हैं।</p>
<p><strong>दोपहर बाद ग्राहकों की अधिक भीड़</strong><br />एक अनुमान के अनुसार शहर में चार दर्जन से अधिक मशीनें लगातार संचालित हो रही हैं। इन मशीनों पर दिनभर गन्ना पिरोया जा रहा है और ग्राहकों को ताजा व ठंडा रस परोसा जा रहा है। सुबह के समय जहां ग्राहकों की संख्या सीमित रहती है, वहीं दोपहर बाद जैसे-जैसे तापमान चरम पर पहुंचता है, गन्ने के रस की दुकानों पर भीड़ उमड़ने लगती है। कई स्थानों पर ग्राहकों को अपनी बारी का इंतजार भी करना पड़ रहा है। शाम के समय तो हालात ऐसे हो जाते हैं कि ठेलों के आसपास खड़े होने तक की जगह नहीं मिलती।</p>
<p><strong>मशीनों की बढ़ी संख्या, नए ठेले भी लगे</strong><br />गर्मी की बढ़ती मांग को देखते हुए कई नए विक्रेताओं ने भी गन्ने का रस बेचना शुरू कर दिया है। शहर में नई चरखियां लगाई गई हैं, जिससे प्रतिस्पर्धा भी बढ़ी है और ग्राहकों को ज्यादा विकल्प मिल रहे हैं। कुछ विक्रेता नींबू, अदरक और पुदीना मिलाकर स्वादिष्ट और हेल्दी रस भी परोस रहे हैं। शहर में बने आरओबी के नीचे काफी जगह होने व पर्याप्त छाया रहने से यहां कई छोटी मोटी दुकानों, थडिय़ों के साथ गन्ने की चरखियां भी आराम से चल रही हैं। इसके अलावा हाइवे पर जहां अंडरब्रिज व ओवरब्रिज हैं, उनके नीचे भी पर्याप्त छाया होने व वाहनों का स्टैण्ड होने या न होने पर गर्मी में बाइक, कारों व अन्य वाहनों से यात्रा करने वाले लोग कुछ पलों के लिए छांव में विश्राम के साथ गन्ने के रस से हलक तर कर लेते हैं।</p>
<p><strong>ग्राहकी से दुकानदारों के खिले चेहरे</strong><br />डीसीएम रोड स्थित गन्ने का ठेला लगाने वाली महिला दुकानदार सरोज व गोमती ने बताया कि यह सीजन उनके लिए सबसे ज्यादा कमाई का समय होता है। इस बार गर्मी जल्दी और तेज आई है, जिससे बिक्री भी उम्मीद से ज्यादा हो रही है। कई दुकानदार सुबह से लेकर देर रात तक लगातार काम कर रहे हैं। भीषण गर्मी के इस दौर में गन्ने का रस न केवल प्यास बुझाने का साधन बना हुआ है, बल्कि शहरवासियों को ताजगी और ऊर्जा भी प्रदान कर रहा है। मीठी ठंडक के रूप में यह पारंपरिक पेय एक बार फिर लोगों की पहली पसंद बन गया है।</p>
<p><strong>यहां से हो रही गन्ना की आवक</strong><br />कोटा में गन्ने का उत्पादन बहुत बड़े स्तर पर नहीं होता, इसलिए यहां इस्तेमाल होने वाला ज्यादातर गन्ना बाहर से मंगवाया जाता है। उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा गन्ना उत्पादक राज्य होने के कारण कोटा में बड़ी मात्रा में गन्ना यहां के जिलों (जैसे सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मेरठ) से ट्रकों के जरिए आता है। महाराष्ट्र से भी कुछ व्यापारियों द्वारा गन्ना सप्लाई किया जाता है, हरियाणा और पंजाब सीमित मात्रा में, लेकिन सीजन के हिसाब से यहां से भी गन्ना आता है। श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों में कुछ हद तक गन्ना उत्पादन होता है, वहां से भी कोटा तक सप्लाई आती है। गन्ना आमतौर पर ट्रकों और पिकअप वाहनों के जरिए थोक मंडियों तक लाया जाता है। वहां से रस बेचने वाले दुकानदार और ठेले वाले इसे खरीदकर अपने-अपने क्षेत्रों में ले जाते हैं।</p>
<p>गन्ने का रस शरीर को तुरंत ऊर्जा देने के साथ ही डिहाइड्रेशन से बचाने में मददगार होता है। इसमें प्राकृतिक शर्करा, खनिज और पानी की अच्छी मात्रा होती है। यही वजह है कि लोग कोल्ड ड्रिंक्स और पैकेज्ड पेय की बजाय गन्ने के रस को प्राथमिकता देते हैं।<br /><strong>-डॉ. संजय शायर, सीनियर फिजिशियन</strong></p>
<p>शहर में इन दिनों गन्ने के रस की मांग में जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है और रोजाना करीब 70 क्विंटल गन्ना रस के रूप में खप रहा है। गन्ना ट्रकों और पिकअप वाहनों के जरिए थोक मंडियों तक लाया जाता है। वहां से दुकानदार और ठेले वाले खरीदकर ले जाते हैं।<br /><strong>- विकास कुमार, गन्ना के थोक व्यापारी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Apr 2026 14:35:29 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>हानिकारक रंग और फ्रोजर्न डेजर्ट मिलाकर बनाया जा रहा था ज्यूस</title>
                                    <description><![CDATA[खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने टीम ने किया ज्यूस सेंटर का निरीक्षण ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/juice-was-being-made-by-mixing-harmful-colors-and-frozen/article-90128"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/2rtrer-(7).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जयपुर द्वितीय के खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने राधा गोविंद ज्यूस सेंटर मानसरोवर पर निरीक्षण किया। यहां फलों के भंडारगृह में और फ्रीज में भारी मात्रा में गंदगी पाई गई। फ्रोजन डेजर्ट और रंग डालकर ज्यूस बनाए जा रहे थे।</p>
<p>ताजे फलों से जूस बनाने के बजाय फलों को कई दिन पूर्व ही काटकर फ्रीजर्स में भर रखा गया था। साथ ही हानिकारक रंग और पाम ऑयल का फ्रोजन डेजर्ट भी ज्यूस में मिलाया जा रहा था। डीप फ्रीजर में काली फंगस लगी हुई थी और साथ ही गोदाम में सड़े हुए फल, चासनी, खुले में रखी चीनी, गंदी दीवारें, जंग लगी अलमारियां मिली। इस पर यहां से मीडियम फैट फ्रोजन डेजर्ट, कीवी शेक, पपीता शेक का नमूना लिया गया, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भिजवाया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 Sep 2024 14:57:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>शिक्षा मंत्री के आश्वासन पर शिक्षकों का धरना स्थगित, अर्चना शर्मा ने ज्यूस पिलाकर तुड़वाया अनशन </title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर। स्कूल व्याख्याता पद की पदोन्नति के नियमों के विरोध में 13 दिन से शिक्षा संकुल में बैठे शिक्षकों ने धरना स्थगित कर दिया है। शिक्षामंत्री के आश्वासन के बाद शिक्षकों ने धरना स्थगित कर दिया है।  ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/on-the-assurance-of-the-education-minister--the-promotion-struggle-committee-postponed-the-strike--archana-sharma-broke-the-fast-by-drinking-juice/article-11937"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/322.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। स्कूल व्याख्याता पद की पदोन्नति के नियमों के विरोध में 13 दिन से शिक्षा संकुल में बैठे शिक्षकों ने धरना स्थगित कर दिया है। शिक्षामंत्री के आश्वासन के बाद शिक्षकों ने धरना स्थगित कर दिया है। </p>
<p>दरअसल स्कूल व्याख्याता पद की पदोन्नति के नियमों के विरोध में पिछले तेरह दिन से शिक्षा संकुल पर धरना जारी था।  शिक्षक पदोन्नति संघर्ष समिति के विपिन प्रकाश शर्मा ने बताया कि पदौन्नति समिति के प्रदेश अध्यक्ष रामकेश दौसा के नेतृत्व में सैकड़ों वरिष्ठ शिक्षकों ने शिक्षा मंत्री के घर पहुंचे और पदौन्नति समान विषय के बाध्यता हटाने के लिए आग्रह किया। जिस पर शिक्षा मंत्री ने आश्वासन देते हुए कहा कि समान विषय नियम बाध्यता हटाने की कार्रवाई कर रहा हूं, इसके लिए मैंने पदोन्नति प्रक्रिया को रुकवा दिया है।  उन्होंने शिक्षकों से कहा कि वे अब अपना धरना समाप्त करें और मेरी बात पर विश्वास रखें। इसके बाद शिक्षा मंत्री बीडी कल्ला ने समाज कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष अर्चना शर्मा को धरना उठाने हेतु शिक्षा संकुल में भेजा। शिक्षा संकुल में डॉ अर्चना शर्मा ने सरकार का वादे को दोहराया और शीघ्र मांग पूरी करने हेतु सरकार की ओर से आश्वासन दिया। साथ ही अनशन पर बैठे शिक्षकों को ज्यूस पिलाकर अनशन तुड़वाया।  इसके बाद पदोन्नति संघर्ष समिति ने अपना धरना स्थगित कर दिया। <br /><br />प्रदेश संयोजक ऋषि पाकड ने बताया शिक्षा मंत्री बीडी कल्ला के आश्वासन के बाद शिक्षकों के आमरण अनशन कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया है।<br />पदौन्नति संघर्ष के मुकेश कुमार मीणा ने कहां कि हमारी प्रमुख मांग यह थी कि जिन शिक्षको ने गजट नोटिफिकेशन 3 अगस्त 2021 से पूर्व डिग्री कर ली है या विश्वविद्यालय में प्रवेश ले लिया है, उन्हें  छूट दी जाये और  सीधी भर्ती तथा पदोन्नति की योग्यताओं का समान किया जाए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Jun 2022 18:55:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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            <item>
                <title> फलों के रस से हुआ गणेश जी का अभिषेक</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर। चांदपोल स्थित परकोटा गणेश मंदिर मे  फलों की झांकी का आयोजन हुआ युवाचार्य पं. अमित शर्मा  के सानिध्य में भगवान गणेश जी महाराज का वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ केसर गुलाब केवड़ा एवं नाना प्रकार की  द्रव्यों से अभिषेक किया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/abhishek-of-ganesha-with-fruit-juice/article-11670"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/ganesh-ji-new.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। चांदपोल स्थित परकोटा गणेश मंदिर मे  फलों की झांकी का आयोजन हुआ युवाचार्य पं. अमित शर्मा  के सानिध्य में भगवान गणेश जी महाराज का वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ केसर गुलाब केवड़ा एवं नाना प्रकार की  द्रव्यों से अभिषेक किया।   वहीं शीतलता प्रधान करने वाले फलों के रसों से भगवान का अभिषेक किया। नवीन चोला चढ़ाकर नवीन पोशाक धारण कराई गई। गणेश जी महाराज को मोगरे सहित ऋतु पुष्पों से विशेष श्रृंगार कर फूल बंगले में विराजमान कराया। भगवान का मोगरे की कलियों से विशेष शृंगार किया गया। भगवान गणेश को आमरस रबड़ी, लीची का रस और अन्य कई फलों के रसों से भगवान गणेश को भोग लगाया गया। इस मौके पर शीतलता प्रदान करने के लिए गणेश जी महाराज को  जलविहार करा कर फव्वारो से स्नान कराया गया। महाआरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु ने भगवान की झांकी के दर्शन कर सुख समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर भजन संध्या आयोजित की गई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/abhishek-of-ganesha-with-fruit-juice/article-11670</link>
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                <pubDate>Wed, 08 Jun 2022 18:56:20 +0530</pubDate>
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