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                <title>municipal administration - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>municipal administration RSS Feed</description>
                
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                <title>कोटा उत्तर वार्ड 10 - सब्जीमंडी में सफाई व्यवस्था लाचार, नालियां जाम; पुल के नीचे अवैध पार्किंग से बढ़ रही परेशानी</title>
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                        <![CDATA[शिकायतों के बावजूद निगम प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-north-ward-10---sanitation-in-the-vegetable-market-is-inadequate--drains-are-clogged--illegal-parking-under-the-bridge-is-a-growing-problem/article-128889"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/copy-of-news-(3)12.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर की पहचान साफ-सुथरे और व्यवस्थित नगर के रूप में बनी रहे, इसके लिए नगर निगम हर वार्ड में सफाई व्यवस्था सुधारने और नागरिक सुविधाओं को बढ़ाने का दावा करता है। लेकिन कोटा उत्तर नगर निगम के वार्ड नंबर 10 की तस्वीर इन दावों से बिलकुल उलट दिखाई देती है। वार्ड की गलियां, नालियां और सार्वजनिक स्थल अव्यवस्था और गंदगी की चपेट में हैं, जिससे आमजन त्रस्त हैं। वार्ड क्षेत्र में न पार्क है, न सामुदायिक भवन, जहां लोग किसी प्रकार के सामाजिक या सांस्कृतिक आयोजन कर सकें। इस वजह से वार्ड के निवासियों को छोटे-मोटे पारिवारिक कार्यक्रमों के लिए भी निजी स्थान किराए पर लेने पड़ते हैं। निवासियों का कहना है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद निगम प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।</p>
<p><strong>सब्जी मंडी में सफाई व्यवस्था ठप</strong><br />वार्ड के अंतर्गत आने वाली सब्जी मंडी की स्थिति बेहद दयनीय है। जगह-जगह सब्जियों का सड़ा हुआ कचरा, पॉलीथिन और गंदगी का अंबार लगा रहता है। स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि सफाईकर्मी कई-कई दिनों तक नहीं आते, जिससे बदबू और मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। यह स्थिति न केवल दुकानदारों बल्कि खरीददारों के लिए भी परेशानी का सबब बन चुकी है।</p>
<p><strong>वार्ड का एरिया</strong><br />मन्ना कॉलोनी, शमशान, सुलभ कॉम्प्लेक्स, गणेश नगर, सरकारी स्कूल, अमृत कॉलोनी, खारा कुआं, बालाजी की बगीची, मस्जिद  व मिलेट्री का क्षेत्र शामिल है।</p>
<p><strong>नालियां जाम, गंदगी से अटी गलियां</strong><br />मन्ना कॉलोनी में स्थिति और भी गंभीर है। यहां की नालियां महीनों से जाम हैं और गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है। दुर्गंध फैलती रहती है, जिससे आस-पास के लोग बीमारियों के डर से परेशान हैं। निवासियों ने बताया कि निगम अधिकारियों को कई बार अवगत कराने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।<br /><strong>- द्रौपदी मेवाड़ा, वार्डवासी</strong></p>
<p><strong>पुल के नीचे अवैध पार्किंग का अड्डा</strong><br />वार्ड के मुख्य मार्ग पर बने पुल के नीचे का क्षेत्र अवैध पार्किंग स्थल बन चुका है। यहां ट्रक, टैक्सी और निजी वाहन खड़े रहते हैं, जिससे यातायात बाधित होता है और आए दिन जाम की स्थिति बन जाती है। लोगों का कहना है कि नगर निगम और ट्रैफिक पुलिस दोनों ही इस समस्या से आंख मूंदे बैठे हैं।<br /><strong>- दीपक, वार्डवासी</strong></p>
<p>वार्ड में एक सामुदायिक भवन और छोटा पार्क बनाया जाए, जिससे बच्चों और बुजुर्गों को भी कुछ राहत मिले। वार्ड 10 की समस्याएं वर्षों से जस की तस हैं। चुनावी समय में वादे तो बहुत किए, परंतु जमीनी स्तर पर हालात नहीं बदले। वार्डवासी अब उम्मीद कर रहे हैं कि नगर निगम प्रशासन और जनप्रतिनिधि इस ओर ध्यान देकर जल्द सुधारात्मक कदम उठाएं, ताकि वार्ड 10 वास्तव में स्मार्ट सिटी कोटा का हिस्सा कहलाने योग्य बन सके।<br /><strong>- नासिर हुसैन, वार्डवासी</strong></p>
<p>मेरे वार्ड में अब तक 32 करोड़ रुपए के विकास कार्य सम्पन्न किए गए हैं, लेकिन नई सरकार के बाद नगर निगम के अधिकारी हमारी समस्याओं को नजरअंदाज कर रहे हैं। सफाई जैसी मूलभूत सुविधाएं भी पूरी तरह से नहीं मिल रही हैं, और अधिकारी अपने स्वार्थ में कर्मचारियों को निजी आवासों में तैनात कर चुके हैं। राजनीतिक भेदभाव का सीधा असर हमारे वार्डवासियों पर पड़ रहा है।<br /><strong>- युनूस मोहम्मद, पार्षद</strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Oct 2025 16:59:03 +0530</pubDate>
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                <title>आखिर कहां गए 46 लाख के दो तिरंगे झंडे</title>
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                        <![CDATA[पहले पालिका बोर्ड में विपक्ष सहित अन्य पार्षदों ने कड़ा विरोध किया था।
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/where-did-the-two-tricolour-flags-worth-rs-46-lakh-go/article-122629"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/oe4r-(1).png" alt=""></a><br /><p>कापरेन। कापरेन नगर पालिका की ओर से दो तिरंगे झंडे  46 लाख रुपए से, लगाए जाने थे, झंडे लगाने का ट्रायल किया था तो पक्ष और विपक्ष के अधिकांश पार्षदों व आमजनों के विरोध स्वरूप पालिका प्रशासन ने दोनों लगे झंडे वापस उतार दिए। चिंता व चर्चा का विषय तो ये हैं कि झंडे ना पास किए जाने के बाद भी संवेदक को आधे से ज्यादा राशि का भुगतान भी कर दिया और अब तक कोई झंडा नहीं लगाया गया। जानकार बताते हैं कि कोटा उम्मेद भवन के पास लगा झंडा भी महज 14 लाख रुपए की लागत से लगाया गया था और यहां उससे महंगा ओर घटिया झंडा प्रति 23 लाख रुपए की लागत से लगाए जाने थे, जो लंबे समय से चर्चा का विषय बन गए हैं। पहले तो पालिका बोर्ड में विपक्ष सहित अन्य पार्षदों ने कड़ा विरोध किया था, लेकिन अब जब डेढ़ साल हो गए तो सभी लोग ( बोर्ड के सदस्य)झंडे के प्रकरण पर मौन क्यों हैं।  डेढ़ वर्षों में कई बार पालिका चेयरमैन हेमराज मेघवाल को लोगों ने विरोध स्वरूप शिकायत भी की और कारण भी जानना चाहा किंतु वे भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। यही बात  लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के सामने भाजपा नेताओं व पार्षदों ने रखी थी। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br /> नगर पालिका प्रशासन ने झंडे लगाए थे और दो दिन बाद ही वापस हटा दिए थे,आगे क्या हुआ ये मेरी जानकारी में नहीं हैं।<br /><strong>- हेमंत पंचोली, वाइस चेयरमैन व भाजपा शहर  मंडल अध्यक्ष।</strong></p>
<p>इस बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है फिर भी मामले को गंभीरता से लेकर बात करेंगे।<br /><strong>- भूपेंद्र सिंह हाडा, जेईएन, नगर पालिका, कापरेन।</strong></p>
<p>संवेदक ने पूरा कार्य नहीं किया था,झंडे लगाए तो पार्षदों व  आमजनों के विरोध के बाद झंडे हटा दिए गए थे। भुगतान भी आधा ही किया गया है। कार्य पूरा करने के बाद झंडे लगाए जाएंगे उसके बाद ही शेष भुगतान किया जाएगा।,,<br /><strong>- लोकेश गौतम, लिपिक नगर पालिका कापरेन।</strong></p>
<p>पहले में यहां था तो झंडे लगाए जाने की प्रक्रिया शुरू हुई थी और मेरे ट्रांसफर के बाद फिर क्या हुआ वो मेरी जानकारी में नहीं हैं। जानकारी लेकर बता पाऊंगा।,,<br /><strong>- प्रवीण कुमार शर्मा, ईओ नगर पालिका कापरेन।</strong></p>
<p>ये समस्या या फिर लापरवाही जो भी है।जनता के पैसों का अनावश्यक दुरुपयोग या बंदरबांट होना नहीं चाहिए।<br /><strong>- राजेंद्र कुमार पाटनी, पूर्व पालिका चेयरमैन व वरिष्ठ भाजपा नेता।</strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Mon, 04 Aug 2025 16:17:38 +0530</pubDate>
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                <title>देखरेख के अभाव में दम तोड़ रहे प्राचीन पेयजल स्रोत, ग्रामीणों ने पालिका प्रशासन से लगाई सफाई की गुहार</title>
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                        <![CDATA[
नगर पालिका प्रशासन सुकेत की अनदेखी के कारण किसी जमाने में पानी का स्रोत रही प्राचीन बावड़ी वर्तमान में गंदगी और कचरे के कारण मरणासन्न अवस्था में है]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/ancient-drinking-water-sources-dying-due-to-lack-of-maintenance/article-113886"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/rtrer-(3)20.png" alt=""></a><br /><p>सुकेत। नगर पालिका प्रशासन सुकेत की अनदेखी के कारण किसी जमाने में पानी का स्रोत रही प्राचीन बावड़ी वर्तमान में गंदगी और कचरे के कारण मरणासन्न अवस्था में है। पूर्व सरपंच प्रतिनिधि ने बताया कि बावड़ी में गंदगी और कचरे के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। यहां स्थित देवस्थान आने वाले श्रद्धालुओं को भी गंदगी के कारण परेशानी होती है। नगर में दीवारों पर कई जगह स्वच्छता अभियान लिखा हुआ है, लेकिन उस पर अमल नहीं किया जा रहा है। नगर वासियों ने बताया कि यही हाल कस्बे के मुख्य चौराहे और मस्जिद रोड आदि जगह पर नालियों का है। नगर की नालियां कचरे और गंदगी से अटी पड़ी हैं। श्रद्धालुओं ने बताया कि बारिश आने वाली है। लेकिन नालियों की सफाई नहीं होने से कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। कई बार अधिशासी अधिकारी और उच्च अधिकारियों को अवगत कराया, लेकिन कोई ध्यान नहीं दे रहा। नगर वासियों ने बावड़ी और नालियों की साफ-सफाई करने की मांग की। स्थानीय लोगों ने बावड़ी की साफ-सफाई की मांग की है। ताकि इसका पेयजल के स्रोत के रूप में इस्तेमाल किया जा सके।</p>
<p><strong>पेयजल समस्या का हो सकता है समाधान </strong><br />प्राचीन समय से ही बावड़ियां जल प्रबंधन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रही हैं। ये भूमिगत संरचनाएं हैं जो वर्षा जल को इकट्ठा करने और उपयोग करने के लिए बनाई जाती थीं। क्षेत्र में जल संकट की समस्या है। बावड़ी की सफाई होने के बाद इस समस्या का समाधान हो सकता है।स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द बावड़ी की सफाई करने की मांग की है। </p>
<p><strong>सात साल पहले हुई थी सफाई</strong><br />ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत समय में करीब 7 साल पहले जब अर्चना राठौर सुकेत की सरपंच थीं, उस वक्त बावड़ी का जीर्णोद्धार और सफाई करवाई गई थी। लेकिन पालिका बनने के बाद बावड़ी की सफाई को अनदेखा किया जाता रहा है। इसकी शिकायत पूर्व में रहे अधिशासी अधिकारी को की गई थी। लेकिन तब से आज तक सफाई नहीं हो सकी। </p>
<p><strong>इनका कहना</strong><br />नगर पालिका क्षेत्र में विवाह स्थलों में नगरवासी बावड़ी स्थित मंदिर में गणेशजी को नोतने जाते हैं। लेकिन बावड़ी में अथाह गंदगी होने के कारण नगर वासी दूर दराज के मंदिर में जाने लगे हैं। <br /><strong>- राजकुमार राठौर, पूर्व सरपंच प्रतिनिधि, सुकेत</strong></p>
<p>एक हफ्ते में इसकी सफाई पालिका द्वारा करवा दी जाएगी। इसकी सूचना पहले भी आ गई थी।<br /><strong>- हेमेंद्र सांखला, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका, सुकेत</strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 12 May 2025 17:50:51 +0530</pubDate>
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                <title>स्वच्छ भारत मिशन योजना का हाल : सुविधाघर दुर्दशा के शिकार </title>
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                        <![CDATA[लोग खुले में शौच जाने को मजबूर। 
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/the-condition-of-swachh-bharat-mission--suvidha-ghar-is-in-a-bad-state/article-98206"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/257rtrer-(2)1.jpg" alt=""></a><br /><p>कापरेन। भारत सरकार द्वारा चलाई गई स्वच्छ भारत मिशन योजना के तहत करोड़ों रुपए खर्च कर बनाए गए सुविधाघर यहां दुर्दशा के शिकार हो रहे हैं। पालिका प्रशासन की सफाई और देखरेख में नाकामयाब साबित हो रहा हैं। नगर पालिका क्षेत्र में सरकार ने लाखों रुपए खर्च कर करीब एक दर्जन सुविधाघर  बनाए थे जो करीब वर्षभर से दुर्दशा के शिकार हो रहे हैं। आलम यह है कि किसी शौचालय में दरवाजे जर्जर हो रहे हैं तो किसी में कुंडियां टूटी हुई हैं, कुछ में नलों की टूटियां टूटी हुई हैं तो किसी में सीटें ही जमींदोज हो गई है। किसी में दरारें पड़ रही हैं तो किसी में सफाई व्यवस्था लचर पड़ी हुई है। शौच करने के बाद हाथ धोने की व्यवस्था नहीं है। जबकि सरकार ने लोगों को विशेष रूप से महिलाओं को शौच करने जंगल जाने से बचने के लिए सरकारी शौचालय बनाए गए थे लेकिन अब यहां स्वच्छ भारत मिशन को ग्रहण लग गया हैं। पिछले पालिका बोर्ड में जहां स्थानीय नगर पालिका ने प्रथम रैंक हासिल कर संभाग में अपनी पहचान बनाई थी। जो अब जीरो नंबर पर आ गई हैं। स्वच्छ भारत मिशन के तहत बने शौचालयों की स्थिति जानी। पालिका क्षेत्र में बने ये शौचालय बंद पड़े हुए हैं। सफाई व्यवस्था नही होने के कारण आमजन इसका उपयोग करने से भी कतराने लगे हैं। शिवनगर में स्थित शौचालय में करीब 1 साल से बंद पड़ा हैं। दुर्गंध के कारण इसका उपयोग नही कर पा रहे हैं। पानी की व्यवस्था नही हैं। दरवाजे टूटे हुए है । अन्दर टॉयलेट्स की सीट टूटी हुई हैं। सफाई हुए कई महीने हो चुके है। इसको लेकर वार्डवासियों ने पालिका प्रशासन को अवगत करवाया लेकिन इस कोई ध्यान नही है।</p>
<p><strong>क्षेत्रवासियों की पीड़ा</strong><br />स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनाए गए शौचालय की नियमित सफाई नही होती है जिससे इसका उपयोग नही कर पा रहे हैं। टॉयलेट्स की सीटे टूटी हुई हैं। दुर्गंध की वजह से अंदर प्रवेश करने में भी कतराते हैं।<br /><strong>- नरेंद्र पांचाल, कस्बे वासी</strong></p>
<p>शहर में बनाए गए सार्वजनिक शौचालय नियमित देखभाल नहीं होने से मात्र शोपीस बनकर रह गए हैं। पालिका कर्मी भी अपनी ड्यूटी ढंग से नहीं निभा रहे हैं। सुविधा के लिए बनाए गए गंदगी से अटे ये शौचालय अब वातावरण को और प्रदूषित कर रहे हैं।<br /><strong>- निजाम कस्बे वासी</strong></p>
<p>सरकार की ओर से स्वच्छ भारत मिशन का दावा किया जाता है। इसके लिए लाखों रुपये आवंटित किए जाते हैं। उसके बावजूद नगर पालिका की ओर से शौचालयों की अनदेखी की जा रही है। शौचालयों की सफाई कराने पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।<br /><strong>- अशोक पांचाल कस्बे वासी</strong></p>
<p>शहर के सार्वजनिक शौचालयों में सफाई तक नहीं होती। गंदगी होने के कारण लोगों को शौच करने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। नगरपालिका अधिकारियों को शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा।<br /><strong>- रामकिशन मीणा कस्बे वासी</strong></p>
<p><strong>यहां बनाए गए थे सार्वजनिक शौचालय</strong><br />शिवनगर में, बालाजी की बगीची के पास,तेजाजी मेला ग्राउंड, ठीमली, अड़ीला,जोस्या का खेड़ा और रोटेदा रोड पर सार्वजनिक सुविधाघर बनाए गए। सार्वजनिक शौचालयों की सफाई करवाई दी जाएगी।  जमादार को बुलाकर जानकारी लेता हूं। पालिका में बजट का अभाव बताया जा रहा हैं। दरवाजे ,कुंडिया और टॉयलेट्स टूटी हुई सीट्स को भी सही करवाने का प्रयास करूंगा। <br /><strong>- दीपक सक्सेना,पालिका कार्यवाहक ईओ</strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Fri, 20 Dec 2024 16:45:49 +0530</pubDate>
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                <title>लाखेरी में सड़कों पर गौवंश का जमघट, राहगीरों के लिए हो रही आफत</title>
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                        <![CDATA[पालिका प्रशासन को मौके पर बुलाकर समाधान के लिए कहा गया था लेकिन समाधान नहीं हो सका।
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/cows-gather-on-the-roads-in-lakheri--causing-trouble-for-pedestrians/article-90377"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/2rtrer8.png" alt=""></a><br /><p>लाखेरी। औद्योगिक नगरी लाखेरी में सड़कों पर लावारिस मवेशियों को जमघट लगा रहता है। ऐसे में आवाजाही करने वाले क्षेत्रवासी परेशान है। आए दिन मवेशियों की वजह सड़क हादसे भी होते हैं।  नोनाबा धाम पर गौशाला चल रही है। गौशाला होने के बावजूद कहीं संख्या में गोविंदसर में गौवंश शहर में भटकते रहते हैं। राज्य सरकार की ओर से गौशाला को अनुदान दिया जाता रहा है ताकि गौवंश देखरेख हो सके  फिर भी गौवंश के सड़क पर विचरण करने में कोई कमी नहीं आ रही है। बूंदी मार्ग, कोटा मार्ग, चमआवलई नाडी, भावपुरा, मुख्य बस स्टैंड पर आए दिन गोवंश के सड़कों पर लड़ने झगडते रहते है। इसका बाहर से आने वाले व्यापारियों और महिलाओं को खामियाजा उठाना पड़ रहा है लेकिन जिम्मेदार न तो इन मवेशियों को पकड़ कर गौशाला में छोड़ रहे हैं और न ही इन्हें शहर से बाहर ले जाया जा रहा है।  मेगा हाईवे पर विचरण कर रहे गोवंश को कभी भी रेडियम बेल्ट नहीं लगाए गए है। जिससे वाहनों के आगे आकार दुर्घटना का शिकार होते रहते हैं। बरसात में हाइवे पर  बैठे रहने वाले गोवंश के कारण कई दुर्घटना हो चुकी है। शहर के बाइ पास रेलवे स्टेशन के पहले एक माह पूर्व एक बाटम बाजार के मोबाइल दुकान पर मैकेनिक का कार्य करने वाले की मौत होने के दौरान व्यापारियों ने सम्बंधित अधिकारियों को अवगत कराया। उसके पूर्व भाजपा महिला मंडल अध्यक्ष राधिका सोनी अपनी टीम के साथ संभागीय आयुक्त को समस्या को अवगत कराया गया था और इस दौरान पालिका प्रशासन को मौके पर बुलाकर समाधान के लिए कहा गया था लेकिन समाधान नहीं हो सका।</p>
<p><strong>क्षेत्रवासियों की जुबानी</strong><br />यश जैन का कहना है आए दिन लावारिस मवेशी सड़कों पर बैठे रहते है। जिससे सड़क हादसों में वाहनधारी चोटिल हो जो है। गत दिनों मवेशी से टकरा कर एक युवक की मौत भी हो चुकी है। इस संबंध में नगर पालिका को इस ओर ध्यान देने की जरूरत है। </p>
<p>मनोज कुमार का कहना है कि लावारिस मवेशियों के गले में रेडियम बेल्ट लगाने की जरुरत है। जिससे रात के समय मवेशी सड़कों पर बैठे रहेंगे तो दूर से ही वाहनधारी को पता चल सकेगा और हादसे का बचा जा सकता है। </p>
<p>कोहनूर ने बताया कि राज्य सरकार के गोवंश की देखरेख पर बजट देने के वावजूद हालात नहीं सुधर पा रहे हैं। सड़कों पर भुखे प्यासे विचरण कर रहे हैं। गोवंश वाहनों से टकराकर घायल हो रहे हैं। मवेशियों की वजह से वाहन चालकों व राहगीरों को भी चोटिल कर रहे हैं। </p>
<p>अवित सोनी का कहना है कि  गौवंश पर हमेशा राजनीतिक होती रही है। गौवंश को लेकर बड़े बड़े दावे तो किए जाते हैं। लेकिन गौवंश पानी और चारे के लिए इधर उधर भटक रहे हैं।</p>
<p><strong>इनका कहना है..</strong><br />पालिका स्तर पर गौवंश की समस्या पर कार्रवाई की जाएगी। अब पालतू पशुओं को आवारा नहीं छोड़ने के लिए भी पशु पालकों को पाबंद किया जाएगा। <br /><strong>- अनुराग शर्मा, कनिष्ठ अभियंता पालिका लाखेरी</strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Sep 2024 14:03:09 +0530</pubDate>
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                <title>निर्माणाधीन मकान के टैंक में मृत मिली गाय, मालिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज</title>
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                        <![CDATA[नगर निगम प्रशासन को चेतावनी दी कि तीन दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो वे जनता के साथ मिलकर आन्दोलन करेंगे]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/case-filed-against-owner-of-cow-found-dead-in-tank/article-90364"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/630400-size2.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">जयपुर। सोडाला थाना इलाके के हटवाड़ा रोड स्थित जनता नगर राकड़ी में निर्माणाधीन मकान के टैंक में मृत गाय मिलने से हंगामा हो गया। मकान से बदबू आने पर लोगों ने देखा तब इसका पता चला। आक्रोशित लोगों ने रास्ता जाम कर नारेबाजी शुरू कर दी। सूचना पर हिन्दूवादी संगठनों के कार्यकर्ता और स्थानीय विधायक गोपाल शर्मा मौके पर पहुंचे। विवाद की सूचना पर पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारियोंं को भी मौके पर बुलाया गया। मकान के टैंक को तोड़कर मृत गाय को बाहर निकाला और हिंगोनिया गौशाला पहुंचा दिया। थानाधिकारी सुरेन्द्र सिंह ने बताया कि मुफीद खान निवासी हसनुपरा प्रॉपर्टी का काम करता है। इसका करीब चार मंजिला मकान निर्माणाधीन है, जिसके पानी के टैंक में गाय मरी हुई मिली है। मृत गाय के शव से काफी बदबू आने से माना जा सकता है कि गाय का शव कुछ दिन पुराना है। स्थानीय लोगों ने मुफीद के खिलाफ रिपोर्ट दी है, पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>3 घण्टे तक चलता रहा विरोध प्रदर्शन</strong><br />टैंक में मरी हुई गाय मिलने पर लोगों में आक्रोश फैल गया। लोगों ने करीब तीन घण्टे तक विरोध-प्रदर्शन किया और निर्माणधीन मकान को अवैध बताते हुए तोड़ने की मांग की है। विधायक गोपाल शर्मा ने कहा कि निर्माणाधीन बिल्डिंग के अवैध होने की उन्होंने शिकायत भी नगर निगम में की है, इसके बावजूद निर्माण कार्य होता रहा और टैंक में मरी हुई गाय मिलना संदेह पैदा करता है। नगर निगम प्रशासन को चेतावनी दी कि तीन दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो वे जनता के साथ मिलकर आन्दोलन करेंगे। शर्मा ने बताया कि अवैध निर्माण तुड़वाकर वहां पर गाय माता का चबूतरा बनवाया जाएगा। </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>अवैध बिल्डिंग को किया सील</strong><br />अवैध रूप से बनाई गई चार मंजिला अवैध बिल्डिंग को नगर निगम जयपुर हेरिटेज ने गुरुवार को सील कर दिया। मौके पर बेसमेंट में किसी प्रकार की दुर्घटना नहीं हो इसके लिए भूखंड के सामने बने चबूतरे एवं रैंप को तोड़कर रास्ता बंद कर दिया। सिविल लाइन जोन उपायुक्त राकेश शर्मा ने बताया कि आगे की कार्रवाई परीक्षण कर अवैध हिस्से को गिराने का काम किया जाएगा। सीलिंग की कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार का कार्य करने पर निर्माणकर्ता के खिलाफ आपराधिक मामला भी दर्ज कराया जा सकेगा।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Sep 2024 10:00:21 +0530</pubDate>
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                <title> दिनभर आवारा मवेशियों का लगा रहता है जमावड़ा</title>
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                        <![CDATA[बच्चों के लिए लगाए गए झूले टूटे, असामाजिक तत्वों का बना अड्डा।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/stray-cattle-gather-here-throughout-the-day/article-82660"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/photo-size-(7)7.png" alt=""></a><br /><p>रावतभाटा। रावतभाटा शहर के बीचों-बीच बसा वार्ड नंबर 37 पिछले काफी समय से बदहाली का शिकार है। पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष दीपिका तिल्लानी का वार्ड होते हुए भी कभी इस वार्ड की समस्याओं का समाधान नहीं हो सका। जानकारी के अनुसार वार्ड 37 के नया बाजार क्षेत्र में बच्चों के खेलने और लोगों के घूमने के लिए 2008 में बनाए गए सेंट्रल पार्क में कोई सुविधा नहीं है। बच्चों के लिए लगाए गए झूले भी नदारद हैं। जिम्मेदारों की अनदेखी के कारण बच्चों के खेलने के लिए बना एक मात्र पार्क पूरी तरह खत्म हो गया। जिससे यहां शराबियों तथा अवैध गतिविधियों में लिप्त आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों का रात भर जमावड़ा लगा रहता है। अवैध गतिविधियों के लिए आमदनी के लिए नगर प्रशासन द्वारा बनाए गए सार्वजनिक भवन का दुरूपयोग किया जा रहा है। इस मार्ग से जाने वाली स्कूली छात्राओं को मनचलों का डर बना रहता है। गंदगी और बदबू से परेशान हो रहे वार्डवासी पार्क में मुख्य गेट तक नहीं है। जिससे आवारा मवेशी दिनभर पार्क में बैठे रहते हैं। गंदगी का तो आलम यह है कि शौचालय निर्माण तो करवाया गया, लेकिन सीवरेज लाइन डालना ही नगर पालिका प्रशासन भूल गया। जिसके कारण समस्त वार्ड क्षेत्र में गंदगी और बदबू से लोग परेशान हैं।</p>
<p>बदबू के कारण यहां रहना भी मुश्किल हो रहा है। हवा के साथ बदबू घरों के अंदर तक आती है। <br /><strong>- जितेंद्र जैन, वार्डवासी</strong></p>
<p>चारों तरफ पार्क में केवल गंदगी ही गंदगी है। अपराधी प्रवृत्ति के लोग रात के समय यहां बैठकर शराब का सेवन करते हैं।<br /><strong>- ओमप्रकाश सेन, वार्डवासी</strong></p>
<p>कई तरह के गलत कार्यों के लिए सार्वजनिक भवन का इस्तेमाल किया जा रहा है। आसपास रहने वाले परिवारों पर इसका बुरा असर पड़ता है। क्षेत्र में कई चेन स्नेचिंग की घटनाएं हो चुकी हैं।<br /><strong>- जितेंद्र सेन, वार्डवासी</strong></p>
<p>हम कई वर्षों से यहां रह रहे हैं। पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष का वार्ड भी है। लेकिन फिर भी इस वार्ड पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। ना ही सफाई की कोई माकूल व्यवस्था है। <br /><strong>- ललिता सोनी, गृहिणी</strong></p>
<p>नगर पालिका अध्यक्ष से सेंट्रल पार्क की समस्या के समाधान की मांग की गई है। इस समस्या के समाधान की सख्त जरूरत है। <br /><strong>- रौनक चौधरी, नगर युवा मोर्चा अध्यक्ष</strong></p>
<p><strong>इनका कहना</strong><br />सेंट्रल पार्क की समस्या को लेकर शिकायत मिली है। जल्द ही समस्या का समाधान कर लोगों को राहत दी जाएगी। <br /><strong>- मधु कंवर हाड़ा, नगर पालिका अध्यक्ष</strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 25 Jun 2024 17:19:25 +0530</pubDate>
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                <title>मेला खत्म होने के बाद लगा गंदगी का अंबार, बदबू से श्रद्धालु परेशान</title>
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                        <![CDATA[ मेले के दौरान तो सफाई का ध्यान रखा मेला समाप्त होते ही इस ओर किसी का ध्यान नहीं गया।
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/after-the-fair-ended--there-was-a-pile-of-garbage--devotees-were-troubled-by-the-stench/article-82557"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/mela-khtm-hone-k-bd-lga-gandagi-ka-ambar,-badboo-s-shradhhalo-preshan...kelwara,-baran-news-24-06-2024.jpg" alt=""></a><br /><p>केलवाड़ा। आदिवासी लघुकुम्भ सीताबाड़ी धार्मिक मेला 6 जून से लेकर 16 जून तक का लगातार 11 दिनों तक चला। इस दरमियान सीताबाड़ी में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने स्नान, दान व मेला भ्रमण का लुफ्त उठाया।  इसके अलावा सांस्कृतिक कार्यक्रम में दर्जनों लोक कलाकारों ने शानदार प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रदेश की लोक संस्कृति को ऊंचा उठाने का महत्वपूर्ण काम किया है। नगर पालिका प्रशासन ने कड़ी मेहनत भी की। मेले की शुरूआत से लेकर मेला खत्म होने तक कलक्टर एवं एसडीएम अधिकारियों की परेड लेते दिखे, मगर मेला खत्म होने के बाद प्रशासन ने इस ओर झांकने की भी जरूरत नहीं समझी। जिसके फलस्वरूप सीताबाड़ी में गंदगी इस तरफ फैली हुई है। मच्छर मक्खी भिनभिना रहे हैं। गौ माता कचरे खा रही है। स्थानीय निवासी हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी मेला समाप्ति के बाद गंदगी परेशान हैं।</p>
<p><strong>साफ-सफाई की तरफ नहीं प्रशासन का ध्यान</strong><br />फटे-पुराने कपड़े बिखरे पड़े हैं। इसके अलावा पॉलीथिन, कागज के टुकड़े इत्यादि से  मेला परिसर प्रदूषित हो गया है। साफ-सफाई को लेकर नगर पालिका प्रशासन ने महज खानापूर्ति की है। मेले के दौरान तो सफाई का ध्यान रखा मेला समाप्त होते ही इस ओर किसी का ध्यान नहीं गया। मेला मैदान क्षेत्र में भी अब दुकानें उठ चुकी हैं। वहां पर तो गंदगी का विकराल दृश्य देखने को मिल रहा है। साफ-सफाई के लिए स्वच्छता अभियान चलाने की जरूरत है। मेला समाप्त होने के बाद भी लोग सीताबाड़ी में स्नान व मंदिर दर्शन करने के लिए बड़ी संख्या में प्रतिदिन पहुंच रहे हैं।</p>
<p>नगर पालिका द्वारा साफ-साफाई में  कोताही के चलते प्राचीन लक्षमण मंदिर के आसपास कचरे का अंबार लगा हुआ है। यहां दूरदराज से आने वाले श्रदालुओं को गंदगी के चलते परेशानी का भी सामना करना पड़ता है लेकिन नगर पालिका प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रही है।<br /><strong>- धर्मेंद्र बंसल, स्थानीय दुकानदार, सीताबाड़ी। </strong></p>
<p>सीताबाड़ी में स्थित लक्ष्मण मंदिर एवं राम मंदिर वर्षों से क्षेत्र के लोगों की आस्था का केंद्र बना हुआ है, लेकिन नगर पालिका द्वारा मंदिर के सामने कचरा पेटी न रखकर गंदगी का वातारण निर्मित कर दिया है।<br /><strong>- अशोक शर्मा, महंत राम मंदिर। </strong></p>
<p>नगरपालिका का स्वच्छता अमला यहां नियमित कचरा नहीं उठाता, चारों तरफ कचरे के ढेर लगे हैं। इसके अलावा आसपास घूमने वाले मवेशी कचरे को आसपास बिखेर देते हैं। जिससे चारों तरफ गंदगी का बातावरण बना हुआ है।<br /><strong>- राहुल जोधा, स्थानीय निवासी। </strong></p>
<p>सीताबाड़ी में मेला परकोटा व मेन रोड़ पर प्लास्टिक पॉलिथीन के ढेर लगे हुए है। नगरपालिक द्वारा सफाई नहीं होने के कारण कचरे के ढेर लग गए।  अन्य जानवर कचरे को खा रहे हैं। अगर समय होते सफाई नहीं की गई। आने वाली बारिश से पॉलिथीन नालियों में जाम हो जाएगी।<br /><strong>- राकेश शिवहरे, शिक्षाविद, एबीवीपी पूर्व जिला संगठन मंत्री। </strong></p>
<p>जल्द ही मेला परिसर की साफ-सफाई कराई जाएगी। सफाई के लिए प्रयास किए जा रहे है। <br /><strong>- नागलमल गुर्जर, अधिशासी अधिकारी, नगरपािलका केलवाड़ा। </strong></p>
<p>स्टाफ की कमी है। नगर पालिका में स्टाफ के  लिए हमारे द्वारा प्रयास किया जा रहे हैं। टेंडर प्रक्रिया कर नगर क्षेत्र में साफ-सफाई कराई जाएगी।<br /><strong>- ललित मीणा, विधायक, शाहाबाद किशनगंज। </strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 24 Jun 2024 16:57:12 +0530</pubDate>
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                <title>सड़क के दोनों ओर दो साल से जमा है काई युक्त गंदा पानी</title>
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                        <![CDATA[जमे हुए पानी में पनपने लगे मच्छर और लार्वा, गंभीर बीमारियों का खतरा 
]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/dirty-water-containing-moss-is-stagnant-on-both-sides-of-the-road-for-two-years/article-81419"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/uu11rer-(4)1.png" alt=""></a><br /><p>सांगोद। सांगोद के थाकाजी मोहल्ले में लटूरलाल की आरा मशीन के पीछे बनी कॉलोनी में पिछले 2 सालों से जल जमाव की समस्या बनी हुई है। सड़क के किनारे ढलान पर पानी एक जगह ही जमा हुआ है। जिसमें काई छा गई है। साथ ही मच्छरों के लार्वा पनपने लगे हैं। जिससे कॉलोनी वासियों का जीना दूभर हो चुका है। कॉलोनी वासियों ने बताया कि इस कॉलोनी में सड़क के दोनों तरफ गंदा पानी भरा रहता है। जिससे लोगों को आवागमन में भारी परेशानी होती है। रात के समय तो यह परेशानी और बढ़ जाती है। कई बार रात के समय इस गंदे पानी में सांप भी तैरते हुए देखे गए हैं। नालियों का पानी भी इस गंदे पानी में मिल जाता है। जिससे स्थिति और भी बदतर हो रही है। इस गंदगी और बदबू के कारण लोगों का जीना मुश्किल हो गया है।</p>
<p><strong>कई बार ज्ञापन दिया, नहीं हुई सुनवाई</strong><br />कॉलोनी के लोगों का कहना है कि इस समस्या के समाधान के लिए नगर पालिका को कई बार ज्ञापन दिया है। लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। सोमवार को भी मोहल्ले की महिलाओं ने नगर पालिका में ज्ञापन दिया है। कॉलोनी वासियों का कहना है कि इस गंदे पानी के कारण मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है। जिससे बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।</p>
<p>नगर पालिका ने जगह-जगह सीसी रोड तो करवा दिए हैं। लेकिन निकासी के लिए पर्याप्त उपाय नहीं किए हैं। इसका खामियाजा आम जन को भुगतना पड़ रहा है। कॉलोनी की महिलाओं को घर के काम काज छोड़कर नगर पालिका में अवगत कराने के लिए जाना पड़ा। समस्या का शीघ्र समाधान होना चाहिए।<br /><strong>- दिनेश सुमन, कॉलोनी वासी</strong></p>
<p>कई सालों से यह समस्या बनी हुई है। लेकिन पालिका का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। नगर पालिका का काम होता है नगर का पालन करना। नगर वासियों को स्वच्छ व सुंदर माहौल प्रदान करना। लेकिन इसके विपरीत पनपते मच्छर और कीड़े बीमारियों को न्यौता दे रहे हैं।<br /><strong>- डॉ. हेमराज मालव, विधायक प्रतिनिधि</strong></p>
<p>गंदगी और काई के कारण बच्चे बाहर खेलने से भी कतराते हैं। पानी में जमी हुई काई और पनपते मच्छर व गंदा पानी सड़ांध मारते हैं। जिससे जीना दूभर  हो गया है। नगर पालिका को शीघ्र इसका समाधान करना चाहिए।<br /><strong>- प्रेम कुशवाह, स्थानीय निवासी </strong></p>
<p>आचार संहिता के कारण काम रुका हुआ था। अब आचार संहिता हट गई है। वहां पर निरीक्षण के बाद पता लगा कि सड़क बीच में से उठी हुई है। इस कारण सड़क के दोनों तरफ ढलान बन गया और इसी कारण पानी जमा हो जाता है। दोनों तरफ रोड को लेवल करवाकर समस्या का पूर्णत: समाधान करवा दिया जाएगा।<br /><strong>- कविता गहलोत, अध्यक्ष, नगर पालिका, सांगोद</strong></p>
<p>सीसी रोड बनाते वक्त ध्यान नहीं दिया गया। पानी भरने से गंदगी पनपने लगी है। आगामी बरसात को देखते हुए शीघ्र एक्शन लेना चाहिए। नहीं तो यह गंदगी बारिश के पानी के साथ घरों में जाने लगेगी।<br /><strong>- सीताराम गुर्जर, कॉलोनी वासी</strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 13 Jun 2024 17:24:02 +0530</pubDate>
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                <title>Rajkot Accident के बाद जागा नगर निगम प्रशासन, आधा दर्जन गेमिंग जोन सीज</title>
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                        <![CDATA[ जानकारी के अनुसार जयपुर में संचालित अधिकतर गेमिंग जोन में फायर फाइटिंग सिस्टम, एंट्री और एग्जिट व्यवस्था और फायर एनओसी नहीं है। ]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/after-the-rajkot-accident-the-municipal-corporation-administration-woke-up/article-79469"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/t21rer-(1)66.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। गुजरात के राजकोट में गेम जोन की घटना के बाद जयपुर नगर निगम ग्रेटर प्रशासन हरकत में आ गया और शहर के आधा दर्जन गेमिंग जोन सीज कर दिए। निगम आयुक्त रूक्मणि रियाड से संबंधित अधिकारियों को गे्रटर क्षेत्र में संचालित गेमिंग जोन की ऑडिट और निरीक्षण करने के निर्देश दिए। जानकारी के अनुसार जयपुर में संचालित अधिकतर गेमिंग जोन में फायर फाइटिंग सिस्टम, एंट्री और एग्जिट व्यवस्था और फायर एनओसी नहीं है। इनकी जांच के लिए नगर निगम की फायर टीमों को निर्देश दिए गए हैं। यह टीमें फायर एनओसी, फायर फाइटिंग सिस्टम और गेमिंग जोन में एंट्री और एग्जिट व्यवस्था का निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट तैयार कर आयुक्त को सौंपेगी। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p><strong>सुरक्षा उपकरण नहीं, मापदंडों की पालना नहीं</strong><br />जानकारी के अनुसार जयपुर में संचालित गेमिंग जोन बिना सुरक्षा उपकरणों के संचालित हो रहे हैं। इससे कभी भी राजकोट जैसा हादसा हो सकता है। निगम की टीम ने रविवार को फायर शाखा की उपायुक्त सरिता मील के नेतृत्व में निर्धारित सुरक्षा मापदंड नहीं होने के कारण चौंमू पुलिया के पास स्थित ट्राईटेंट मॉल में 6 अलग-अलग गेम जोन सीज किया है। चीफ फायर ऑफिसर गौतम लाल ने बताया कि उक्त मॉल के तृतीय फ्लोर पर स्थापित किए गए गेम जोन एरिया में बनाए गए होर्र हाउस, भूत बंगला, दुनिया का नया अजुबा, कांच का महल, हंसी का फव्वारा, गेमर जोन, डान्स वर्ल्ड तारामण्डल में अग्निशमन यंत्र कार्यशील अवस्था में नही पाए गए एंव उक्त गेम जोन में अत्यन्त ज्वलनशिल प्रदार्थों का उपयोग कर निर्माण करने पर उन्हें सीज किया गया। यहां पर लकड़ी की प्लाई पर गेम जोन बनाए गए थे। इस दौरान वहां पर कई बच्चे भी मौजूद थे, जिन्हें बाहर निकालकर कार्रवाई की गई। सूत्रों के अनुसार पिछले दिनों जयपुर के बहुप्रतिष्ठित गेमिंग जोन में हादसा हुआ था। जहां एक महिला गेम खेलती हुई गिर गई थी जिससे उसके पैर में चोट लगी थी।</p>
<p><strong>सरकार ने दिए निर्देश</strong><br />गुजरात में गेम जोन में हुए भीषण हादसे के बाद राजस्थान में नगर विकास एवं आवासन विभाग के प्रमुख शासन सचिव टी. रविकांत ने गेमिंग जोन के सुरक्षा ऑडिट के निर्देश दिए हंै। उन्होंने नगर निगम ग्रेटर और हेरिटेज निगम प्रशासन से सुरक्षा ऑडिट रिपोर्ट मांगी है।  </p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 May 2024 10:17:18 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर खबर का - हरकत में आया पालिका प्रशासन, युद्ध स्तर की सफाई </title>
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                        <![CDATA[दिनभर सफाई कर्मचारियों ने नाले और जाम नालियों की सफाई की।]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-news---municipal-administration-came-into-action--war-level-cleaning/article-77336"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/asar-khabar-ka----goshala-me-govansh-ko-grmi-or-loo-s-bchane-k-nirdesh...kota-news-photo-09-05-20241.jpg" alt=""></a><br /><p>सांगोद। दैनिक नवज्योति में खबर प्रकाशित होने के बाद सांगोद नगर पालिका प्रशासन ने अलर्ट होते हुए बुधवार को दिनभर सफाई की। सफाई कर्मचारियों ने बुधवार को पूरे दिन जाम नालियों से कचरा व पॉलिथीन की थैलियां हटार्इं। साथ ही नाले में हो रहे कीचड़ को साफ किया। गौरतलब है कि सांगोद में गंदगी व गड़बड़ाई सफाई व्यवस्था को लेकर लोगों में काफी आक्रोश था। इसी के तहत दैनिक नवज्योति में खबर प्रकाशित कर नगर में हो रही गंदगी व साफ-सफाई को लेकर बिगड़े हालात पर प्रशासन का ध्यान आकृष्ट करने की कोशिश की थी। इससे नगर पालिका व स्वच्छता समिति प्रशासन हरकत में आ गया। साथ ही साफ सफाई को लेकर नगर वासियों की भी राय जानी गई थी। इसके फलस्वरुप बुधवार को सांगोद में पूरा दिन सफाई के नाम रहा। दिनभर सफाई कर्मचारियों ने नाले और जाम नालियों की सफाई की। उनमें से गंदी पॉलिथीन, मलबा, कीचड़ आदि निकाला गया।</p>
<p><strong>नालों में फैली गंदगी से बीमारियों का अंदेशा</strong><br />नालों में जाम पॉलिथीन, कचरा, गुटकों के पाउच, अपशिष्ट आदि के कारण पानी की पर्याप्त रूप से निकासी नहीं हो पा रही थी। इस कारण नगर में मौसमी बीमारियों के साथ ही मच्छर जनित रोग डेंगू, मलेरिया आदि खतरनाक बीमारियां फैलने का खतरा मंडराने लगा था। </p>
<p><strong>पालिकाध्यक्ष व समिति अध्यक्ष ने दिया था आश्वासन </strong><br />सफाई व्यवस्था के बारे में कुछ दिन पूर्व ही नगर पालिका अध्यक्ष कविता गहलोत व स्वच्छता समिति अध्यक्ष ओम सोनी ने नगर में सफाई का आश्वासन दिया था। उस समय उन्होंने कहा था कि सफाई कर्मियों को पाबंद कर सफाई करवाई जाएगी। सभी कर्मचारियों की समय पर हाजरी के साथ ही कौन-कौन से सफाई कर्मचारी कौन से वार्ड में कचरा गाड़ियां लेकर जाते हैं, की जानकारी ली जाएगी। </p>
<p> रात के समय भी सफाई कर्मी मुख्य मार्गों व चौराहे की सफाई करते हैं। पालिका की प्राथमिकता हमेशा नगर को स्वच्छ व सुन्दर बनाए रखना है।<br /><strong>- कविता गहलोत, पालिकाध्यक्ष, सांगोद</strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 May 2024 16:17:45 +0530</pubDate>
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                <title>नहीं सुलझा अतिक्रमण किए गए चबूतरे का विवाद, लोगों में आक्रोश</title>
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                        <![CDATA[लोगों का कहना है कि इस चबूतरे को हटाना आवश्यक है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/dispute-of-encroached-platform-not-resolved--anger-among-people/article-53205"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-07/ati.png" alt=""></a><br /><p>सांगोद। सांगोद नगर के पुराना बाजार स्थित गुजराती मोहल्ले में अतिक्रमित चबूतरे का काम अभी केवल फाइलों में ही चल रहा है। जबकि पालिका की ओर से इसका निरीक्षण हो चुका है। अधिशासी अधिकारी मनोज कुमार मालव ने कहा है कि जांच आने के बाद कार्यवाही की जाएगी। नगर पालिका प्रशासन शुरू से ही अतिक्रमण के खिलाफ सख्त रहा है। यह मामला गत 1 महीने से चल रहा है। पुराना बाजार के गुजराती मोहल्ला में पूर्व निवासी का मकान स्थित है जो अभी कोटा रहता है। मकान उनका है, लेकिन उसके आगे के भूखंड 10़20 फीट और 8़7 फीट के चबूतरे पर भी अपना मालिकाना हक जमा रहे हैं। जो कि पालिका भूमि पर बना हुआ है। नगर पालिका भूमि पर कब्जा करना गैर कानूनी है। इस चबूतरे पर जंगली घास उग आई है और जंगली जीव जैसे सांप, बिच्छू घूमने के कारण जनहानि होने की आशंका गहराती जा रही है। मोहल्ले में ज्यादातर छोटे बच्चे हैं। लोगों का कहना है कि इस चबूतरे को हटाना आवश्यक है।</p>
<p><strong>आज पेश होगी रिपोर्ट</strong><br />जो व्यक्ति मकान के साथ पालिका भूमि पर बने चबूतरे पर भी मालिकाना हक जमाना चाहता है, उसके दस्तावेज अधिशासी अधिकारी ने वकील से जांच कराने के लिए भेजे थे। जो कि सोमवार को जांच के साथ पेश किए जाएंगे।</p>
<p> मामला कई दिनों से बना हुआ है। नगर पालिका की भूमि पर अतिक्रमण करना सरासर गैर कानूनी है। सोमवार को दल गठित करके अधिशासी अधिकारी से बात की जाएगी।<br /><strong>- रामावतार खटीक, नेता प्रतिपक्ष, भाजपा</strong></p>
<p>मकान मालिक के दस्तावेज प्राप्त हुए हैं। वकील से दस्तावेजों की जांच करवाई जा रही है। फाइल अभी वकील के पास है। उनका जवाब नहीं आया है।<br /><strong>- मनोज कुमार मालव,  अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका, सांगोद</strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 31 Jul 2023 15:49:34 +0530</pubDate>
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