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                <title>compensation amount - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>compensation amount RSS Feed</description>
                
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                <title>सफाई कर्मचारियों के लिए आयोग की बड़ी मांग! कुशल-अर्द्धकुशल-अकुशल वर्गीकरण और जोखिम भत्ते की सुविधा देने की अपील, पीड़ित परिवारों को 30 लाख की आर्थिक सहायता</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग ने सीवर हादसों के 1223 पीड़ित परिवारों को 30-30 लाख रुपये की मुआवजा राशि उपलब्ध कराई है। आयोग के उपाध्यक्ष हरदीप सिंह गिल ने बताया कि सफाई कर्मियों को नियमित करने, जोखिम भत्ता दिलाने, स्वास्थ्य जांच और उनके बच्चों के लिए आवासीय विद्यालय खोलने हेतु प्रयास लगातार जारी हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/commissions-big-demand-for-sanitation-workers-appeal-to-provide-facility/article-163535"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/hardeep-singh-pal.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग सीवर और सेप्टिक टैंक से जुड़ी दुर्घटनाओं के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए 1223 पीड़ितों के परिजनों सहायता राशि उपलब्ध करवा चुका है। आयोग के उपाध्यक्ष हरदीप सिंह गिल ने शुक्रवार को यहां संवाददाताओं को बताया कि सीवर और सेप्टिक टैंक से जुड़ी दुर्घटनाओं के मामलों को त्वरित संज्ञान लेकर कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है और पीड़ितों को सहायता राशि उपलब्ध करवाने में पूरी संवेदनशीलता से कार्य किये जा रहे हैं।उन्होंने बताया कि सीवर और सेप्टिक टैंक से जुड़े हादसों में 1993 से 20 अगस्त तक 1394 मौत के मामले संज्ञान में आये हैं, जिनमें से 1223 मामलों में मृतकों के परिजनों को सहायता राशि उपलब्ध करवायी जा चुकी है।</p>
<p>उच्चतम न्यायालय के आदेश के अनुरूप इन मामलों में मृतकों के परिजनों को 30 लाख रुपये उपलब्ध करवाये जा रहे हैं। श्री गिल ने बताया कि आयोग सफाई कर्मचारियों के बेहतर जीवनयापन के लिए लगातार प्रयासरत है और इन्हें तीन वर्गों में विभाजित करने की मांग कर रहा है। आयोग ने केन्द्रीय श्रम मंत्रालय को पत्र लिखकर मांग की है कि सफाई कर्मचारियों का कुशल, अर्द्धकुशल और अकुशल कर्मी के रूप में वर्गीकरण किया जाये, जिससे उन्हें बेहतर वेतन और अन्य सुविधाएं मिलने में आसानी हो सके। आयोग सफाई कर्मचारियों को जोखिम भत्ता दिलाने के प्रावधान करने का भी मंत्रालय से अनुरोध कर रहा है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि इस बाबत मार्च-अप्रैल से दो पत्र मंत्रालय भेजे जा चुके हैं और मंत्रालय ने इनका संज्ञान लेते हुए इस मामले में कार्यवाही शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि आयोग सभी राज्य सरकारों से बार-बार अनुरोध कर रहा है कि सफाई कर्मचारियों की प्रत्येक छह माह में चिकित्सा जांच जरूर की जाये। इससे उनकी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को समय पर दूर करने में मदद मिलेगी। आयोग के उपाध्यक्ष ने कहा कि सफाई निरंतर चलने वाला कार्य हैं अत: वह सफाई कर्मचारियों की नियमित नियुक्ति के लिए गंभीरता से प्रयास कर रहे हैं। सफाई कर्मचारियों की आउटसोर्स के माध्यम से नियुक्ति के वह पक्षधर नहीं हैं और इस मामले में संबंधित पक्षों से बातचीत चल रही है। उन्होंने कहा कि दैनिक वेतनभोगी सफाई कर्मचारियों को नियमित करने के के लिए भी आयोग गंभीरता से कोशिशें जारी रखे हुए हैं।</p>
<p>गिल ने कहा कि सफाई कर्मचारियों के बच्चों की शिक्षा के लिए नवोदय विद्यालय की तर्ज पर प्रत्येक जिले में आवासीय स्कूल खाेलने के लिए भी आयोग सरकार से पत्राचार कर रहा है। इन कर्मियों को आवास मुहैया कराने के लिए गुजरात सरकार की अंबेडकर आवासीय योजना के अनुरूप पूरे देश में योजनायें बनाने के लिए आयोग राज्य सरकारों से आग्रह कर रहे हैं। एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने स्वीकार किया कि राज्य सरकारों से अपेक्षित सहयोग न मिलने से नेशनल एक्शन फॉर मैकेनाइज्ड सैनिटेशन इकोसिस्टम (नमस्ते) विशेष डिजिटल व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित नहीं हो पा रही है। राज्य सरकारें इस पोर्टल पर संबंधित आंकड़े समय पर अपलोड नहीं करवा रही हैं। गिल ने कहा कि 23 अगस्त को आयोग के स्थापना दिवस के मौके पर होने वाले आयोजन में प्रत्येक राज्य से प्रतिनिधि आ रहे हैं, जिसमें सफाई कर्मचारियों की समस्याओं पर विस्तृत चर्चा होने की संभावना है। आयोग का गठन अगस्त 1994 में किया गया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 21 Aug 2026 19:02:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला : सफाई कर्मियों की मौत पर मिलेगा 30 लाख मुआवजा, जानें पूरा मामला  </title>
                                    <description><![CDATA[उच्चतम न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि मैला ढोने और नालों की सफाई के कारण होने वाली मौतों के लिए मुआवजे को बढ़ाकर 30 लाख रुपए करने का उसका आदेश पुराने मामलों पर भी लागू होगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/big-decision-of-supreme-court-30-lakh-compensation-will-be/article-141294"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-03/supreme-court--3.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि मैला ढोने और नालों की सफाई के कारण होने वाली मौतों के लिए मुआवजे को बढ़ाकर 30 लाख रुपए करने का उसका आदेश पुराने मामलों पर भी लागू होगा, यदि उनमें अभी तक मुआवजा तय नहीं हुआ है या मुआवजे का भुगतान नहीं किया गया है।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि न्यायालय ने अक्टूबर 2023 के ‘बलराम’ मामले में ऐसी मौतों के लिए मुआवजे की राशि 10 लाख रुपए से बढ़ाकर 30 लाख रुपए कर दी थी। यह स्पष्टीकरण राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण (नालसा) द्वारा शीर्ष अदालत के समक्ष दायर एक आवेदन के बाद आया है। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 30 Jan 2026 14:21:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
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                <title>सीकर में वकील के आत्मदाह पर अधिवक्ताओं का हल्ला-बोल: परिजनों को मुआवजा राशि और सरकारी नौकरी की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[टोंक। जिला अभिभाषक संघ टोंक ने सीकर जिले के खंडेला में वकील हंसराज मावलीया के आत्मदाह को लेकर निंदा करते हुए न्यायालय परिसर से रैली निकाल कर विरोध प्रदर्शन किया और अधिवक्ताओं ने संघ अध्यक्ष अक्षय बैरवा के नेतृत्व में जिला कलक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देकर अधिवक्ता की मृत्यु के दोषी व्यक्तियों एसडीएम राकेश कुमार एवं थानाधिकारी खंडेला घासीराम मीना की शीघ्र गिरफ्तारी कर तुरंत प्रभाव से बर्खास्त करने एवं अधिवक्ता के परिजनों को मुआवजा राशि व परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी तुरंत देने की मांग की। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/tonk/advocates-shout-on-self-immolation-of-lawyer-in-sikar-demand-for-compensation-amount-and-government-job-to-family-members/article-11862"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/124.jpg" alt=""></a><br /><p>टोंक। जिला अभिभाषक संघ टोंक ने सीकर जिले के खंडेला में वकील हंसराज मावलीया के आत्मदाह को लेकर निंदा करते हुए न्यायालय परिसर से रैली निकाल कर विरोध प्रदर्शन किया और अधिवक्ताओं ने संघ अध्यक्ष अक्षय बैरवा के नेतृत्व में जिला कलक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देकर अधिवक्ता की मृत्यु के दोषी व्यक्तियों एसडीएम राकेश कुमार एवं थानाधिकारी खंडेला घासीराम मीना की शीघ्र गिरफ्तारी कर तुरंत प्रभाव से बर्खास्त करने एवं अधिवक्ता के परिजनों को मुआवजा राशि व परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी तुरंत देने की मांग की।</p>
<p><br />जिला अभिभाषक संघ के अध्यक्ष अक्षय बैरवा के नेतृत्व में सचिव मनोज गुप्ता, पूर्व अध्यक्ष शैलेन्द्र शर्मा, देवी प्रकाश तिवारी, चन्द्रप्रकाश श्रीवास्तव, आनंद गोयल, मेघराज चौधरी, हिम्मतसिंह शक्तावत, महावीर तोगड़ा, तेजमल जैैन, विशाल श्रीवास्तव, राकेश शर्मा, बेणी प्रसाद गुर्जर, अशोक कासलीवाल, कुसूम विजय, अक्षय गोयल, हनुमान प्रसाद जांगिड़, रामदेव बैरवा, कमल साहू, जुगनू शर्मा, रईस अंसारी, कमलेश यादव, कैलाश शर्मा, राजेश गुर्जर, शाहाब अहमद, भजन लाल सैनी, रमा चौधरी, राधेश्याम चांवला, प्रदीप लोढ़ा, प्रेमचंद जैन, दौलतराम चौधरी, कमलेश सोलंकी, बाबूलाल गुनसारिया, रामलक्ष्मण साहू, ओमप्रकाश शर्मा, निखिल गुप्ता सहित कई अधिवक्ता रैली के रुप में प्रदर्शन करते हुए न्यायालय परिसर से रवाना हुए और घंटाघर चौराहे पर पहुंच कर प्रदर्शन करते हुए जिला कलक्टर कार्यालय तक पहुंच कर प्रदर्शन किया। इसके बाद अधिवक्ताओं ने दिए ज्ञापन में बताया कि हमारे अधिवक्ता परिवार के सदस्य हंसराज मावलीया सीकर जिले के खंडेला उपखंड में नियमित प्रेक्टिशनर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे, 9 जून को एसडीएम राकेश कुमार और थानाधिकारी खंडेला घासीराम मीना के विरुद्ध भ्रष्टाचार की लड़ाई लड़ते हुए आत्मदाह कर शहीद हो गए है। <br />सोशल मीडिया, समाचार पत्र एवं खंडेला बार से प्राप्त सूचनाओं से स्पष्ट है कि विगत कुछ समय से उक्त एडीएम व थानाधिकारी ने मिलकर अधिवक्ता हंसराज का जीना दुभर कर दिया था, उन्हे इस हद तक प्रताड़ित किया गया कि आत्मदाह के लिए मजबूर होना पड़ा। वायरल हुए वीडियो में हमारे अधिवक्ता साथी हंसराज चीख चीख कर कह रहे है कि उक्त दोनों ने उनका जीना दुभर कर दिया, उनकी इस समस्त घटना और उनकी मौत के जिम्मेदार यही दोनों व्यक्ति हैं। इस हृदय विदारक घटन से अधिवक्ता परिवार अत्यंत दुखी है और जिला अभिभाषक संघ टोंक इस घटना की घोर निंदा करता है।</p>
<p><br />साथ ही अधिवक्ताओं ने संपूर्ण न्यायिक कार्य को शुक्रवार को स्थगित रखकर अधिवक्ता हंसराज मावलीया को श्रद्धांजलि देते हुए राजस्व न्यायालयों में पनप रही भ्रष्टाचारिता के विरुद्ध विरोध प्रदर्शन किया और शहीद हुए अधिवक्ता की मृत्यु के दोषी व्यक्तियों एसडीएम राकेश कुमार एवं थानाधिकारी खंडेला घासीराम मीना की शीघ्र गिरफ्तारी कर तुरंत प्रभाव से बर्खास्त करने एवं अधिवक्ता के परिजनों को मुआवजा राशि व परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी तुरंत देने की मांग की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>टोंक</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Jun 2022 12:36:54 +0530</pubDate>
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