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                <title>chambers - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>कोटा दक्षिण वार्ड 17:  सीवरेज चैंबर, क्षतिग्रस्त सड़कें ,पार्क का अभाव वार्डवासियों की बड़ी समस्या </title>
                                    <description><![CDATA[वार्ड की गलियों में टिपर रोज नहीं आने कचरा डालना स्थानीय निवासियों की समस्या बना हुआ है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-south-ward-17--sewerage-chambers--damaged-roads--and-a-lack-of-parks-pose-major-problems-for-residents/article-134348"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/1200-x-600-px)3.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम दक्षिण के वार्ड 17 में पार्षद द्वारा समय-समय पर विकास कार्य तो करवाए गए, लेकिन वार्ड में पिछले दिनों डाली गई सीवरेज लाइन के चैंबर सही ढंग से नहीं लगाए गए। इसकी वजह से आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही वार्ड में बच्चों के खेलने के लिए पार्क का अभाव वार्डवासियों के लिए बड़ी समस्या बना हुआ है। वार्डवासी अख्तर खान और रघु कुमार ने बताया कि पार्क की समस्या के समाधान के लिए उन्होंने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को कई बार अवगत कराया, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं हुआ। वहीं, वार्ड में सामुदायिक भवन भी नहीं है, जिससे मांगलिक कार्यों के दौरान महंगी दर पर भवन किराए पर लेना पड़ता है और डबल खर्च उठाना पड़ता है। यह समस्या वार्डवासी अभिनव और शिव कुमार ने भी बताई।</p>
<p><strong>ट्रांसफॉर्मर के पास सुरक्षा दीवार का अभाव</strong><br />वार्ड की मेन रोड पर स्थित ट्रांसफॉर्मर के आसपास सुरक्षा दीवार नहीं है। वार्डवासी बताते हैं कि यह स्थिति कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।</p>
<p><strong>घरों के पास से गुजरते बिजली के तार</strong><br /> पास से ही बिजली के तार गुजर रहे हैं। अधिकारियों को कई बार अवगत कराने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ। बारिश के समय हादसे का खतरा बना रहता है।</p>
<p><strong>नियमित नहीं आते टिपर</strong><br />वार्डवासियों के अनुसार कचरा गाड़ी मेन रोड पर तो प्रतिदिन आती है, लेकिन वार्ड की गलियों में रोज नहीं पहुंचती। इसके कारण कचरा घर में ही जमा रहता है और कई बार लोगों को कचरा इधर-उधर डालकर आना पड़ता है।</p>
<p><strong>खाली प्लॉट बने परेशानी का कारण</strong><br />सघन बस्ती के बीच कई लोगों ने प्लॉट खरीदकर खाली छोड़ रखे हैं। मनीष कुमार बताते हैं कि उनके पास खाली पड़े भूखंड में बारिश के दिनों में पानी भर जाता है, जिससे बदबू फैलती है और जलीय जीव पनप जाते हैं। इससे आसपास रहने वालों में डर बना रहता है।</p>
<p><strong>पार्क और सामुदायिक भवन का अभाव</strong><br />वार्ड के निवासी दिलशाद और हरिओम ने बताया कि कॉलोनी में बच्चों के खेलने और लोगों के बैठने के लिए एक भी पार्क नहीं है। बच्चे मेन रोड पर खेलते हैं, जिससे दुर्घटना का डर बना रहता है। सीनियर सिटीजन्स को मॉर्निंग वॉक के लिए दूर जाना पड़ता है। राहुल, रेखा कुमारी और सुमित्रा बाई ने बताया कि बच्चों के खेलने की जगह नहीं होने के कारण उन्हें घर की छत पर ही ले जाना पड़ता है।</p>
<p><strong>वार्ड का क्षेत्र</strong><br />थैगड़ा, सूर्य नगर, भारत विहार, देवाशीष सिटी, ग्रामीण पुलिस लाइन, आदित्य नगर, बजरंग विहार आदि इलाके वार्ड में शामिल हैं।</p>
<p>कचरा गाड़ी तो आती है, पर कुछ गलियों में रोड लाइटें बंद होने की वजह से रात में अंधेरा रहता है और आवागमन में परेशानी होती है।<br /><strong>- जावेद, वार्डवासी</strong></p>
<p>मेन रोड पर कचरा गाड़ी प्रतिदिन आती है, लेकिन अंदर गलियों में रोटेशन के आधार पर ही आती है, जिससे असुविधा होती है।<br /><strong>- बिशन सिंह, वार्डवासी</strong></p>
<p><strong>पार्षद से संपर्क नहीं हुआ</strong><br />वार्ड पार्षद बबलू सिंह कसाना से बात करने के लिए कॉल किया गया, लेकिन मोबाइल स्विच आॅफ होने के कारण संपर्क नहीं हो पाया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 Dec 2025 14:06:03 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>कोटा दक्षिण वार्ड 70- नालियों का ढकान व चैंबर बने परेशानी, बारिश का पानी भरा रहता है रोड पर </title>
                                    <description><![CDATA[वार्ड में कुछ खाली प्लॉट हैं जिन्हें वार्डवासियों ने कचरा स्थल बना रखा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-south-ward-70---drain-covers-and-chambers-pose-a-problem--with-rainwater-accumulating-on-the-road/article-128954"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/copy-of-news23.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर के नगर निगम दक्षिण के वार्ड 70 में पार्षद द्वारा बोर्ड की बैठकों में वार्ड में विकास करने के लिए समय-समय पर आवाज मुखर की गई। वार्ड में पिछले दिनों पार्षद द्वारा सीसी नालियों का निर्माण करवाना, रोड बनवाना सहित अन्य विकास के कार्य करवाए गए। वार्डवासियों ने बताया कि पिछले दिनों सीसी रोड निर्माण के दौरान वार्ड की नालियों पर जो ढकान किया गया है, वह बारिश के समय हमारे लिए मुसीबत बन गया है क्योंकि इनमें कहीं से नालियों में पानी जाने की व्यवस्था नहीं की गई। जिससे बारिश का पानी रोड पर ही बहता है व घरों के सामने ही इकट्ठा हो जाता है, जिससे दिक्कत आती है। वार्ड के पार्कों में बच्चों के खेलने के लगे झूले-चकरी व ओपन जिम के आइटम भी टूटे हुए हैं, जिससे बच्चों को मायूस होकर मजबूरन अन्य पार्कों में जाना पड़ता है।</p>
<p><strong>ऊंचे नीचे  चैंबर </strong><br />पिछले दिनों जब वार्ड में सीवरेज लाइन डाली गई उस दौरान ठेकेदार ने रोड की खुदाई करके सीवरेज लाइन तो डाल दी, उसके बाद सीवरेज के चैंबर रोड से कहीं नीचे तो कहीं ऊँचे हो गए, जिससे राहगीरों को अब परेशानी का सामना करना पड़ता है।</p>
<p><strong>खाली प्लॉट बने परेशानी</strong><br />वार्ड में आबादी क्षेत्र के बीच में कुछ खाली प्लॉट पड़े हुए हैं, जिनमें वार्डवासियों द्वारा कचरा डाला जाता है, जो आसपास रहने वालों के लिए अब परेशानी का कारण बने हुए हैं। वार्डवासी दिलीप व नितेश ने बताया कि खाली प्लॉट में कचरा डालने से दिनभर इनमें पशु मुँह मारते हैं व कई बार इनमें से जीव-जंतु भी निकलते हैं, जिससे डर का माहौल बना रहता है।</p>
<p><strong>ढकान बना मुसीबत</strong><br />वार्ड में पिछले दिनों किया गया नालियों का ढकान अब वार्डवासियों के लिए मुसीबत का कारण बना हुआ है। वार्डवासी दिनेश व अभय कुमार ने बताया कि बीती रात को हुई बारिश का पानी नालियों पर ढकान होने के कारण अब नालियों में नहीं जा रहा है। पानी सड़क पर ही बहता है, जब बाइक सवार निकलता है तो आसपास खड़े रहने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।</p>
<p><strong>वार्ड का एरिया</strong><br />महावीर नगर तृतीय सेक्टर 01 व 04, पराजित सेक्टर 10 व 11 का क्षेत्र। </p>
<p>नालियों का ढकान किया गया जब नाली के गंदे पानी को पास के ही नाले में मिलाया गया, पर अधिकतर बार नाला ओवरफ्लो होने से नाले का पानी ऊपर आ जाता है, जिससे परेशानी आती है।<br /><strong>- भानू कुमार</strong></p>
<p>गली की रोड लाइट बंद होने से अंधेरा रहता है, जिससे दिक्कत आती है। रात को कुत्ते राहगीरों व बाइक सवारों के पीछे दौड़ते हैं, जिससे हादसा होने का अंदेशा बना रहता है।      <br /><strong>-   लोकेश</strong></p>
<p>पिछले दिनों नालियों का ढकान किया गया, उसमें कभी भी खुले चैंबर नहीं बनाए गए, जिससे गत रात्रि को हुई बारिश का पानी ऊपर ही बहता है, जो अब परेशानी का सबब बनी हुई है।             <br /><strong>- सोनू</strong></p>
<p>वार्ड के पराजित सेक्टर 10 व 11 के क्षेत्र में पानी नालियों में जाने के लिए व्यवस्था कर दी जाएगी। रोड को बनाने के लिए हमने फाइल केडीए में लगा रखी है। सीवरेज के चैंबर भी ठीक कर दिए जाएंगे।   <br /><strong>  - रीता सलूजा, पार्षद 70 </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Oct 2025 15:41:50 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>कोटा दक्षिण वार्ड 64 - सड़कों व सीवरेज चैंबर का लेवल सही नहीं, नालियों के ढकान बनें सिरदर्द </title>
                                    <description><![CDATA[संकरी गलियों में घरों के सामने जगह- जगह स्पीड ब्रेकर बनने से स्थानीय लोग परेशान। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-south-ward-64---roads-and-sewerage-chambers-are-not-level--drain-covers-are-causing-headaches/article-128303"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/copy-of-news53.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर के नगर निगम दक्षिण के वार्ड 64 में पार्षद द्वारा समय-समय पर विकास कार्य करने के लिए निगम की बैठक में आवाज मुखर की गई। वहीं वार्ड में सीसी रोड निर्माण कार्य और नालियों पर ढकान सहित अन्य कार्य करवाए गए। वार्डवासियों ने बताया कि पार्षद द्वारा वार्ड में सफाई व्यवस्था का निरीक्षण करने सहित अन्य कार्य समय-समय पर किए जाते हैं। वहीं, वार्ड की संतोषी नगर ए और बी में पिछले दिनों डाली गई सीवरेज लाइन से सड़क पर जगह-जगह गड्ढे हो रहे हैं। साथ ही चैंबर ऊबड़-खाबड़ होने से आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वार्ड में पिछले दिनों किया गया नालियों का ढकान अब वार्डवासियों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है।</p>
<p><strong>मनमर्जी के स्पीड ब्रेकर बने परेशानी</strong><br />वार्ड की संतोषी नगर की संकरी गलियों में वार्डवासियों ने घरों के सामने जगह-जगह स्पीड ब्रेकर बना लिए हैं, जो अब वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। साथ ही पिछले दिनों वार्ड में डाली गई सीवरेज लाइन के चैंबर अब परेशानी का सबब बने हुए हैं।</p>
<p><strong>घरों के पास से गुजरती लाइन से हादसे की आशंका</strong><br />वार्ड की तंग गलियों में घरों के पास से गुजरती विद्युत लाइन लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। वहीं कई बार इनमें से हादसा होने का अंदेशा बना रहता है।</p>
<p><strong>खाली प्लॉट बनें कचरा पात्र</strong><br />वार्ड में रहने वाले लोगों ने अभी दिवाली की साफ-सफाई करने की वजह से आबादी क्षेत्र के बीच में खाली पड़े प्लॉट में कचरा डालना शुरू कर दिया है। इसमें जानवर मुंह मारते हैं, जिससे कचरा इधर-उधर फैल जाता है और लोगों के लिए परेशानी का सबब बन रहा है।</p>
<p><strong>वार्ड का क्षेत्र</strong><br />आंशिक संतोषी नगर ए, संतोषी नगर बी, महावीर नगर विस्तार योजना 07, पटेल नगर इत्यादि क्षेत्र।</p>
<p>हमारी गली में कचरा गाड़ी एक दिन छोड़कर एक दिन आती है, जिससे परेशानी का सामना करना पड़ता है। मेन रोड पर स्थित कचरा पात्र में कचरा डालकर आना पड़ता है। <br /><strong>- घीसालाल</strong></p>
<p>गली की प्रतिदिन सफाई होती है, साथ ही कचरा गाड़ी भी आती है। कभी-कभार रात्रि में कुत्ते परेशानी करते हैं।<br />- पंकज शर्मा</p>
<p>हमारी तरफ निर्माण के दौरान नालियों में ढलान नहीं देने के कारण पानी जमा रहता है, जिससे परेशानी का सामना करना पड़ता है। <br /><strong>- रेवड़ी लाल</strong></p>
<p><strong>पार्षद का कहना</strong><br />वार्ड में ठेकेदार द्वारा डाली गई सीवरेज लाइन अब वार्डवासियों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। बजट नहीं मिलने के कारण वार्ड की समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है।<br /><strong>- दीपक कुमार, पार्षद वार्ड 64 (कांग्रेस)</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Sep 2025 15:21:22 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>कोटा दक्षिण वार्ड 67 : सीवरेज के चैंबर और नालियों के टूटे ढक्कन बने परेशानी, बिजली के झूलते तारों से हादसे का डर</title>
                                    <description><![CDATA[नालियों की सफाई प्रतिदिन नहीं होने से स्थानीय लोग परेशान। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-south-ward-67-%E2%80%93-broken-sewerage-chambers-and-drain-covers-pose-a-problem--and-dangling-electrical-wires-pose-a-risk-of-accidents/article-127970"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/copy-of-news38.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम दक्षिण के वार्ड 67 में पार्षद द्वारा विकास के कार्य तो करवाए गए व पार्षद निगम की बैठक में समय-समय पर वार्ड में विकास के लिए आवाज भी मुखर करते हैं। लेकिन वार्ड की अंबेडकर बस्ती व कॉम्पीटिशन कॉलोनी के लोग अभी तक विकास की बाट देख रहे हैं। वहीं वार्ड में पिछले दिनों डाली गई सीवरेज लाइन के चैंबर लोगों के लिए परेशानी व बाइक सवारों को दर्द दे रहे हैं। वहीं वार्ड की अंबेडकर बस्ती के लोगों ने बताया कि हमारे यहां पर नालियों की सफाई प्रतिदिन नहीं होने से परेशानी का सामना करना पड़ता है। </p>
<p>वार्ड की टीचर कॉलोनी में रहने वाले रामबाबू व गोविंद ने बताया कि हमारी तरफ कचरा गाड़ी प्रतिदिन आती है व नालियों की सफाई भी होती है। वार्ड की गलियों में वार्डवासियों ने मनमर्जी से ऊंचे सीसी के डिवाइडर बना लिए हैं, जिससे आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है।</p>
<p><strong>सीवरेज के चैंबर दे रहे दर्द</strong><br />वार्ड में पिछले दिनों डाली गई सीवरेज लाइन के चैंबर अब आवागमन में लोगों के लिए परेशानी व दर्द का कारण बने हुए हैं। बाइक सवार नितेश कुमार ने बताया कि वार्ड की तंग गलियों में डाली गई सीवरेज लाइन अब हमारे लिए दुविधा का कारण बनी हुई है। वार्ड की नालियों के टूटे व अधूरे ढक्कन बाइक सवार व पैदल चलने वालों के लिए रात्रि में परेशानी का कारण बने हुए हैं।</p>
<p><strong>पार्क बदहाली का शिकार</strong><br />वार्ड में स्थित पार्क बदहाली के शिकार हो रहे हैं। बारिश की वजह से घास बड़ी-बड़ी हो रही है। पार्क में घूमने के लिए आए रामदयाल ने बताया कि पार्क की घास बड़ी होने की वजह से इसमें से कभी-कभी जलीय जानवर घर तक आ जाते हैं, जिससे परेशानी का सामना करना पड़ता है।</p>
<p><strong>घरों के पास झूलते विद्युत तार</strong><br />वार्ड की अंबेडकर बस्ती में लंबे समय से विद्युत तार घरों के पास से गुजर रहे व नीचे तक झूल रहे हैं, जिससे कभी भी हादसा हो सकता है।</p>
<p><strong>वार्ड का एरिया</strong><br />वार्ड में टीचर कॉलोनी सेक्टर 01 व 02, रंगविहार, कम्पीटिशन कॉलोनी, अंबेडकर बस्ती कॉलोनी इत्यादि क्षेत्र वार्ड के अंतर्गत आते हैं।</p>
<p><strong>इनका कहना</strong><br />वार्ड में कचरा गाड़ी आती है पर समय पर नहीं आने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ता है। वार्ड में सीवरेज के चैंबर व नालियों के टूटे ढक्कन परेशानी का कारण बने हुए हैं।<br /><strong>- भैरूलाल</strong></p>
<p>वार्ड के पार्क में घास बड़ी-बड़ी हो रही है, जिससे परेशानी का सामना करना पड़ता है। साथ ही घरों के पास से विद्युत के तार झूल रहे हैं, जिससे परेशानी का सामना करना पड़ता है।<br /><strong>- राजूलाल</strong></p>
<p>वार्ड की अंबेडकर बस्ती में सफाई होती है। वार्ड में सीवरेज लाइन के चैंबर को ठीक करने के लिए ठेकेदार को बोल रखा है। नाले का काम खत्म होते ही चैंबर ठीक करने का काम चालू कर दिया जाएगा। पार्क की घास को एक-दो दिन में कटवा दिया जाएगा।<br /><strong>- भानू प्रताप सिंह, पार्षद 67</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 26 Sep 2025 14:25:16 +0530</pubDate>
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                <title>कोटा दक्षिण वार्ड 69- पार्कों के टूटे झूले व चैंबर बने परेशानी</title>
                                    <description><![CDATA[बारिश का पानी नालियों में ना जाकर रोड के ऊपर ही बहता रहता है। इससे परेशानी का सामना करना पड़ता हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/south-kota-ward-69--broken-swings-and-chambers-in-parks-become-problems/article-123908"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/1ne1ws61.png" alt=""></a><br /><p><strong>कोटा।  दृश्य- 1 बदहाल पार्क बने परेशानी </strong><br />सेक्टर पांच के पार्क में जन सुविधा विकसित नहीं है। पार्क में लगे झूले चकरी भी टूटे हुए हैं। पार्क के एक कोने में कटी झांड़ियों का ढ़ेर लगा हुआ हैं। पार्क का मुख्य द्वार भी टूटा हुआ हैं। इसी सेक्टर के पार्क में लगे विद्युत पोल भी क्षतिग्रस्त हो रहे हैं।  पार्क में घूम रही गृहिणी नीलम व मेघा ने बताया कि पार्क में जन सुविधा के नाम पर कुछ भी विकसित  नहीं है।</p>
<p><strong>दृश्य- 2 सीवरेज के चैंबर बने परेशानी  </strong><br />सेक्टर दो के निवासियों ने बताया कि हमारी गली में सीवरेज के चैंबर सही ढ़ग से नहीं लगाए गए हैं। जिसे आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता हैं। पिछले दिनों गली में नालियों पर ढकान किया गया जिससे बारिश का पानी सड़क पर बहता हैं जिससे परेशानी का सामना करना पड़ता हैं। वहीं गली में सही ढ़ग से सफाई भी नहीं होती हैं।</p>
<p>नगर निगम दक्षिण के वार्ड 69 में मैन रोड पर प्रतिदिन सफाई होती हैं पर अंदर की कुछ गलियों में सफाई सही ढ़ग से नहीं होती हैं। मोहल्ले वासियों ने बताया कि पिछले साल हमारी गली में नालियों को ढ़कान करके इनको बंद कर दिया गया। जिससे बारिश का पानी नालियों में ना जाकर रोड के ऊपर ही बहता रहता है। इससे परेशानी का सामना करना पड़ता हैं। वहीं सेक्टर 5 में स्थित पार्क के पास खाली प्लाट में लोगों द्वारा कचरा डाला जा रहा है। जिससे आसपास रहने वाले लोगों को बदबू आती है। वहीं वार्ड में रहने वाले लोगों ने बताया कि रात में बाइक सवार व राहगीरों को कुत्ते परेशान करते हैं। हमारी गली में रात को राहगीरों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता हैं।  कुत्ते रात में बीच रोड पर बैठे रहते हैं व बाइक सवार के पीछे दौड़ते हैं। जिससे कभी भी बड़ा हादसा होने का अंदेशा बना रहता हैं। </p>
<p><strong>वार्ड का एरिया: </strong>वार्ड में महावीर नगर तृतीय सेक्टर 02, महावीर नगर तृतीय सेक्टर 03, महावीर नगर तृतीय -05 इत्यादी क्षेत्र आता हैं। </p>
<p>गली में पिछले साल नालियों पर ढ़कान किया गया था जिससे बारिश का पानी अब हमारे  लिए मुसीबत बनना हुआ हैं। <br /><strong>-सत्यनारायण </strong></p>
<p>मेन रोड पर सफाई की जाती हैं वहीं गली में अंदर की तरफ सफाई सही ढ़ग से नहीं की जाती हैं। जिससे परेशानी आती हैं।<br /><strong>  -मनमोहन </strong></p>
<p>मैं पार्क में घूमने आया था पर पार्क के झूले व चकरी टूटे हुए जिससे बच्चों को निराशा होकर घर पर ले जाना पड़ता हैं। <br /><strong>-नवनीत कुमार </strong></p>
<p><strong>इनका कहना </strong><br />पिछले सरकार के समय पर वार्ड के सेक्टर पांच व दो में सीसी रोड का निर्माण कार्य करवाया गया व पार्क की रैलिंग का कार्य किया गया। परंतु सरकार बदलते ही वार्ड में चल रहे निर्माण कार्य को रोका गया। सीवरेज के चैंबर लोगों ने मजदूरों से बात करके अपने स्तर पर लगाने की कोशिश की जिससे परेशानी आ रही हैं। वहीं पार्क के टूटे झूले चकरी को दिखाया जाएगा। <br /><strong>-मोनिका विजय, पार्षद 69 कांग्रेस</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 18 Aug 2025 15:41:13 +0530</pubDate>
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                <title>कोटा उत्तर वार्ड 56 - नालियां टूटी, चैंबर खुले, घाटों पर नहीं सुरक्षा के कोई इंतजाम</title>
                                    <description><![CDATA[तंग गालियों में कचरा गाड़ी नहीं आती कचरा दिनभर घर पर ही रखा रहता है। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-north-ward-56---drains-broken--chambers-open--no-security-arrangements-at-the-ghats/article-120881"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/news-(7)7.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। वार्ड की गलियों में गंदगी, शहर के वार्ड 56 के एरिया का एक क्षेत्र कोलीपाड़ा लाला जी का घाट जो चम्बल किनारे बसा हुआ है यह इलाका रिवरफ्रंट के नजदीक है। फ्रंट के कार्य के दौरान नदी पर घाट बनाए गए थे। इनकी स्थिति बहुत खराब हो रही है। वहां ना ही सुरक्षा के कोई  इंतजाम किए हुए है। नी अन्य कोई। वहा कभी भी जनहानि हो सकती है। वार्ड में आने वाले क्षेत्रों की नालियों कि स्थिति भी बहुत खराब है जिससे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। वार्ड में लगी रोड़ लाइटें चालू नहीं होने से गलियों में अंधेरा रहता है। वार्डवासियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। वही घाट के किनारे बनाए गए चैम्बर खुले पड़े हुए हैं। इससे दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है। अंदरूनी इलाके के तो हाल बेहाल हैं। कचरा गाड़ी आती नहीं है। गलियों में नालियों की सड़ांध आती है। लोग परेशान हैं। </p>
<p><strong>वार्ड का एरिया</strong><br />दूधाधारी मन्दिर, कोलीपाड़ा, इमली चौक, बड़ का चौक, सिगमा विद्यालय, जैन मन्दिर, नमक गली से करबला का आंशिक भाग।</p>
<p><strong>वार्ड में तारों का जाल</strong><br />वार्ड की गलियों में बिजली के खंभे से जो तार निकल रहे हैं वे घरों के उपर से गुजर रहे हंै। बारिश के समय हादसा होने का डर बना रहता है। कई बार अधिकारियों को अवगत कराया पर कोई ध्यान नहीं देता है।<br /><strong>- आतिफ हसन, वार्डवासी </strong></p>
<p><strong>सड़कों के हाल बेहाल  </strong><br />कई सालों से सड़कों को सही नहीं करवाया गया। सीवरेज चेम्बर बनाने के दौरान सड़कों को खोदा गया था। काम पूरा होने के बाद सड़कों को उसी हालत में छोड़ दिया गया। वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।<br /><strong>- शंकर प्रजापती, वार्डवासी</strong></p>
<p><strong>राशन की दुकान नहीं </strong><br />वार्ड में राशन कि दुकान नहीं होने से राशन लेने दूसरे  वार्ड में जाना पड़ता है। इससे सभी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।<br /><strong>- अरविन्द मिश्रा, वार्डवासी</strong></p>
<p><strong>तंग गालियां बनी परेशानी </strong><br />कोलीपाड़ा व करबला बस्ती की तंग गालियों में कचरा गाड़ी नहीं आती, और ना ही वहां हॉर्न बजाती है जिससे कचरा दिनभर घर पर ही रखा रहता है।  मैन रोड पर जो डस्टबिन है उसमें डालने जाना पड़ता है। नालियां भी दो या तीन दिन में साफ होती है। जिससे परेशानी का सामना करना पड़ता है।<br /><strong>- कन्या बाई, वार्डवासी</strong></p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />वार्ड में कई विकास कार्य करवाएं गए हैं। जो काम अधूरे हंै उनका भी कार्य पूर्ण करवा दिया जाएगा। <br /><strong>- परवेज अख्तर, वार्ड पार्षद</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 18 Jul 2025 15:55:04 +0530</pubDate>
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                <title>सीवरेज पर लाखों रुपए लगाए, फिर पुराने ढर्रे पर आए</title>
                                    <description><![CDATA[ओपन ड्रेन बनाकर की जाएगी सीवरेज पानी की निकासी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/spent-lakhs-of-rupees-on-sewerage--then-returned-to-the-old-pattern/article-74197"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-04/sewrage-pr-lakho-rupaye-lgaye,-fr-purane-darre-pr-aye...kota-news-01-04-2024.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम कोटा उत्तर के वार्ड 36 करबला में डाली गई सीवरेज लाइन के जाम होने से मकानों को हुए नुकसान को देखते हुए अब नगर विकास न्यास की ओर से उस गलती को सुधारा जा रहा है। सीवरेज लाइन डालने पर लाखों रुपए खर्च करने के बाद फिर से पुराने ढर्रे पर आना पड़ा। चम्बल रिवर फ्रंट निर्माण के दौरान करबला में फोर्ट वाल के ऊपर बने मकानों के गंदे पानी को चम्बल नदी में जाने से रोकने के लिए नगर विकास न्यास की ओर से करबला क्षेत्र में सीवरेज लाइन डाली गई थी। जल्दबाजी में डाली गई लाइन के दौरान कई तरह की कमियां रहने से उसका खामियाजा उस क्षेत्र में रहने वाले करीब 100 से अधिक परिवारों को भुगतना पड़ रहा है। सीवरेज लाइन व चैम्बरों के जाम होने से अधिकतर मकानों में दरारें आ गई है। ऐसे में अब न्यास प्रशासन उस गलती को फिर से सुधारने में जुटा है। </p>
<p><strong>रिवर फ्रंट की तरफ नाले में निकास</strong><br />अभियंता बंशीवाल ने बताया कि पानी की निकासी का कोई स्थान नहीं होने से चम्बल रिवर फ्रंट की तरफ फोर्ट वाल का कुछ हिस्सा तोड़कर वहां से पानी की निकासी की जा रही है। हालांकि उस पानी को रिवर फ्रंट की तरफ बने नाले में मिलाया गया है। जिससे गंदा पानी सीधे न तो नदी में जाएगा और न ही उससे किसी तरह का कोई नुकसान होगा।</p>
<p><strong>जाम चैम्बर किए साफ, अब ओपन ड्रेन</strong><br />नगर विकास न्यास के अधिशाषी अभियंता भूपेन्द्र बंशीवाल ने बताया कि सीवरेज के जो चैम्बर जाम हो रहे थे उन्हें मेनुअल साफ कराया गया है। साथ ही उन चैम्बर के पानी को पहले तो वैकल्पिक रूप से निकाला गया। अब उसके स्थान पर ओपन ड्रेन बनाई जा रही है। पाइप बार-बार जाम होने का स्थायी समाधान किया जा रहा है। जितनी एरिया में लाइन व चैम्बर जाम होने की समस्या था उन पाइपों को निकालकर वहां आरसीसी की नालीनुमा ओपन  ड्रेन बनाई जा रही है। जिसका ढकान कर दिया जाएगा। जिससे पानी की निकासी आसानी से हो सकेगी। साथ ही बरसात के समय आने वाला पानी भी यहां जमा नहीं हो सकेगा। वह भी इस ड्रेन के माध्यम से सीधा निकाल जाएगा। </p>
<p><strong>बाद में होगी मकानों की मरम्मत</strong><br />अभियंता बंशीवाल ने बताया कि न्यास की ओर से करवाए गए सर्वे में जिन मकानों को अधिक नुकसान हुआ है उनकी मरम्मत करवाने के लिए टीम मौके पर गई थी। लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले सीवरेज जाम की समस्या का समाधान किया जाए। उसके बाद मकानों को सही करवाना। ऐसा नहीं करने से फिर से मकानों को नुकसान होने की संभावना है। बंशीवाल ने बताया कि लोगों की बात को मानते हुए पहले सीवरेज जाम की समस्या का समाधान किया जा रहा है। यह काम पूरा होने के बाद ही मकानों की मरम्मत का काम भी कराया जाएगा। </p>
<p><strong>लाखों रुपए खर्च किए, काम भी नहीं आए</strong><br />इधर करबला क्षेत्र निवासी मोहम्मद जाकिर हुसैन ने बताया कि न्यास ने करीब एक -डेढ़ साल पहले यहां सीवरेज लाइन डाली थी। जिस पर करीब 70 लाख रुपए से अधिक का खर्चा होना बताया जा रहा है। हालत यह है उसके बाद यहां लोगों को फायदा तो हुआ नहीं मकानों में दरारे आने से हर व्यक्ति का नुकसान जरूर हुआ है। साथ ही मकानों की हालत के कारण उनमें रहने पर ही डर का साया बना हुआ है।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 01 Apr 2024 14:30:06 +0530</pubDate>
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                <title>काल का गाल बन सकते हैं सीवरेज के खुले चैम्बर </title>
                                    <description><![CDATA[जिम्मेदार विभागों के अधिकारियों का इन पर ध्यान नहीं है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/open-sewerage-chambers-can-become-the-face-of-death/article-69973"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-02/kaal-ka-gaal-bn-skte-h-sewerage-k-khule-chamber...kota-news-13-02-2024.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर में खाली पड़े भूखंडों में भरा पानी और अवैध खनन से हो रहे गड्ढ़े ही जानलेवा नहीं है। वरन् सड़क के बीच नाले के खुले ढकान और सीवरेज के खुले चैम्बर भी खतरनाक हैं।  ये भी मासूमों के लिए जानलेवा साबित हो सकते  हैं।  शहर में गत दिनों अनंतपुरा थाना क्षेत्र में एक खाली भूखंड में भरे पानी में डूबने से एक मासूम बालक की मौत हो गई थी। न्यास की सुभाष नगर योजना में हुए इस हादसे के बाद न्यास प्रशासन हरकत में आया। न्यास के उप सचिव ने ऐसे सभी खाली भूखंड मालिकों को 15 दिन का समय दिया है। इस अवधि में निर्माण कार्य शुरू नहीं करने या भूखंड को समतल नहीं करवाने वालों के खिलाफ कार्रवाई जाएगी। वहीं दूसरी तरफ हालत यह है कि शहर में मुख्य मार्गों के ऐसे स्थानों पर जहां छोटे बच्चों से लेकर आमजन की आवाजाही अधिक रहती है। वहां भी मेन रोड पर गहरे-गहरे और बड़े-बड़े गड्ढ़े हो रहे हैं। उनकी चौड़ाई व गहराई इतनी अधिक है कि छोटा बच्चा तो कभी भी उनमें गिरकर जान गंवा सकता है। जबकि अन्य लोग भी इन गड्ढ़ों के कारण हादसों का शिकार हो सकते हैं। लेकिन जिम्मेदार विभागों के अधिकारियों का इन पर ध्यान नहीं है। </p>
<p><strong>प्राइवेट बस स्टैंड व अस्पताल के आस-पास </strong><br />नगर विकास न्यास क्षेत्र के अलावा नगर निगम कोटा उत्तर क्षेत्र में ऐसे स्थान जहां लोगों का आवागमन अधिक रहता है। विशेष रूप से बच्चे भी आते हैं। ऐसे में वहां खुले नाले के ढकान व सीवरेज चैम्बर अधिक खतरनाक हैं। संभाग के सबसे बड़ी एमबीएस व जे.के. लोन अस्पताल परिसर में जहां रोजाना हजारों लोग आते हैं। मरीजों के साथ आने वाले  उनके तीमारदार  परिसर में घूमते हुए देखे जा सकते हैं। जिनके साथ छोटे-छोटे बच्चे भी रहते हैं। ऐसे में यहां पूरे परिसर में अधिकतर जगह पर सीवरेज के चैम्बर खुले पड़े हैं। कहीं नाले के ढकान टूटे हुए हैं। जिससे रात के समय ही नहीं दिन में भी ये खतरनाक साबित हो रहे हैं।  केन्द्रीय प्रयोगशाला के सामने हो या अम्मा रसोई के पास ये कभी भी जानलेवा हो सकते हैं। </p>
<p><strong>नाले का गहरा हिस्सा खतरनाक</strong><br />बड़ तिराहे पर ही हाल ही में नगर विकास न्यास ने प्राइवेट बस स्टैंड बनाया है। जहां दिनभर बड़ी संख्या में लोग आ रहे हैं। ऐसे में यहां ग्रामीण हाट की तरफ वाले रास्ते में मेन रोड पर ही बड़ा व गहरा गड्ढ़ा हो रहा है। हालांकि यहां लोहे की जाली ढकी हुई थी। जिसके टूटने या गायब होने से यह खुला पड़ा है। उसके पास किसी ने बेरीकेडिंग रख दी है। लेकिन उससे गड्ढ़े में गिरने का खतरा टला नहीं है। लोगों का कहना है कि इसमें कभी की किसी बच्चे या लोगों के गिरने का खतरा बना हुआ है।</p>
<p><strong>स्टेडियम के सामने नालो का ढकान टूटा</strong><br />नयापुरा स्ति स्टेडियम जहां सुबह-शाम बड़ी संख्या में बच्चे व खिलाड़ी विभिन्न खेलों का अभ्यास करने आते हैं। वहां स्टेडियम के सामने नाले का ढकान टूटा हुआ है। जिससे कभी भी बच्चों के उस तरह जाने पर उनके गिरने का खतरा बना हुआ है।  ये तो उदाहरण मात्र हैं। शहर में ऐसे गड्ढ़े व जानलेवा खतरे हर जगह पर देखे जा सकते हैं। प्रशासन व निगम अधिकारियों की अनदेखी से किसी की भी जान जा सकता है। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />मेन रोड पर नालों के ढकान और सीवरेज के खुले ैचैम्बर खतरनाक हैं। इनसे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। ऐसे में नगर निगम प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह ऐसी जगहों की जानकारी कर उनका ढकान करवाए। जिससे हादसों से बचा जा सके। इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को निर्देश देकर उन्हें सही करवाया जाएगा। <br /><strong>- फरीदुद्दीन सोनू कुरैशी, उप महापौर नगर निगम कोटा उत्तर </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 13 Feb 2024 17:37:24 +0530</pubDate>
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                <title>चैंबर पर नहीं करवाया ढकान, दुर्घटना की आशंका</title>
                                    <description><![CDATA[लाइन कम्पलीट होने के बावजूद बरडिया बस्ती के लोगों को अमृतम जलम योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। लोग अभी खारा पानी पीकर अपना जीवन निर्वाह कर रहे हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/the-cover-was-not-done-on-the-chamber--fear-of-accident/article-47090"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-05/chambar-pr-nhi-krwaya-dhakan-durghatna-ki-ashanka...baran-news-29-05-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>बारां। शहर के नारेडा रोड पर स्थित आश्रम के पास जलदाय विभाग की ओर से अमृतम जलम योजना के तहत कुछ माह पहले पानी के पाइप लाइन बिछाई थी। साथ ही दो माह पूर्व लाइन के रखरखाव के लिए चेंबर भी बनाए गए थे, यह चेंबर 2 माह बाद भी खुले पडे है। इन चेंबरों पर ढकान नहीं होने से हमेशा दुर्घटना की आशंका रहती है। नारेडा रोड पर मनोहरघाट से लेकर बरडिया बालाजी मंदिर तक रात के समय अंधेरा पसरा रहता है। कभी कभार खंभों पर लगी लाइटों को चेंज या दुरस्त कर दिया जाता है, लेकिन वह भी 8-10 दिन चलने के बाद वापस बंद हो जाती है। हर समय यहां दुर्घटना होने का अंदेशा रहता है। यह चेंबर बिल्कुल रोड के समीप है। बडे-बडे चैंबर होने व रात में अंधेरा होने से कई बार वाहन चालकों व मवेशियों के इसमें गिरने का खतरा रहता है। </p>
<p><strong>चैंबरों पर ढकान कराने की मांग</strong><br />वार्डवासी अनिल सेन, मुरली यादव, रणजीत बैरवा ने कहा कि लाइन कम्पलीट होने के बावजूद बरडिया बस्ती के लोगों को अमृतम जलम योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। लोग अभी खारा पानी पीकर अपना जीवन निर्वाह कर रहे हैं। ऐसे में सबसे पहले तो चैंबरों पर ढकान लगाया जाए तथा वार्डवासियों को शीघ्र मीठा पानी उपलब्ध कराया जाए। </p>
<p>बडे-बडे चैंबर होने व रात में अंधेरा होने से कई बार वाहन चालकों व मवेशियों के इसमें गिरने का खतरा रहता है। <br /><strong>- पुरूषोत्तम रावल, वार्डवासी। </strong></p>
<p>अमृतम जलम योजना के तहत पानी की पाइप लाइन बिछाई थी। इसके लिए दो जगह चेंबर भी बनाए थे, लेकिन इन चेंबरों पर ढकान नहीं किया गया।<br /><strong>- अनिल सेन, वार्डवासी।</strong></p>
<p>अगर चेंबरों पर ढकान नहीं किए गए है तो मौका देकर शीघ्र ढकान करवा दिया जाएगा।<br /><strong>- विनोद कुमार, एईएन, जलदाय विभाग, बारां</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 May 2023 14:51:06 +0530</pubDate>
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                <title> 20 दिन से खुले पड़े मौत के चैम्बर, जिम्मेदार मौन </title>
                                    <description><![CDATA[शहर के अंदरुनी इलाकों में हो रहे निर्माण कार्यों में सरकारी मशीनरी व जिम्मेदारों की बदइंतजामी का दंश पिछले एक साल से शहरवासी भुगत रहे हैं। पहले आरयूडीपीआई ने सीवरेज पाइप लाइन डालने के लिए कॉलोनियों की सड़कें उधेड़ डाली। हालांकि सीसी रोड बनाया है लेकिन सीवरेज के दो फीट चौड़े और चार फीट गहरे चैम्बरों को खुला छोड़ दिया, जो हादसों का कारण बन रहे हैं। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/death-chambers-lying-open-for-20-days--responsible-silence/article-11909"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/l2.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर के अंदरुनी इलाकों में हो रहे निर्माण कार्यों में सरकारी मशीनरी व जिम्मेदारों की बदइंतजामी का दंश पिछले एक साल से शहरवासी भुगत रहे हैं। पहले आरयूडीपीआई ने सीवरेज पाइप लाइन डालने के लिए कॉलोनियों की सड़कें उधेड़ डाली। डिल मशीनों की कानफाडू आवाज के बीच लोगों ने जैसे-तैसे परेशानियों के दिन काटे। लंबे अरसे बाद काम पूरा होने पर लोग चेन की सांस ले पाते उससे पहले ही नगर निगम भी जेसीबी लेकर उन्हीं कॉलोनियों में कूद गया और रोड चौड़ा करने के नाम पर घरों के आगे बनी चबूतरियों को मलबे के ढेर में तब्दील कर दिया। हालांकि सीसी रोड बनाया है लेकिन सीवरेज के दो फीट चौड़े और चार फीट गहरे चैम्बरों को खुला छोड़ दिया, जो हादसों का कारण बन रहे हैं। इन दिनों विज्ञान नगर के वार्ड 39 में ऐसे ही हालात बने हुए हैं। दरअसल, कोटा दक्षिण नगर निगम द्वारा वार्डों में विभिन्न निर्माण कार्य करवाएं जा रहे हैं। जिनमें सीसी सड़क, सीवरेज चैम्बर, इंटरलोकिंग सहित अन्य कार्य शामिल हैं। <br /><br /><strong>सड़क पर गिरे बाइक सवार दंपती</strong><br />अनिल लालवानी का कहना है, चैम्बर का ढकान करवाने के लिए पार्षद को बोला था लेकिन अनसुना कर दिया। हालात यह हो रहे हैं, दिन में तो गड्ढे दिखाई देने से वाहन चालक संभलकर निकल जाते हैं लेकिन रात को स्ट्रीट लाइट बंद रहती है, जिससे कॉलोनी में अंधेरा होने से चैम्बर दिखाई नहीं देते। तीन दिन पहले शाम साढ़े सात बजे करीब बाइक सवार दम्पति सीवरेज गड्ढे में गिकर चोटिल हो गए। महिला के हाथ में छोटा बच्चा था, जिसे भी मामूली चोट आई। <br /><br /><strong>घर के आगे फिर मलबे का ढेर</strong><br />कविता कुकरेजा ने बताया कि पहले सीवरेज पाइप लाइन डालने के लिए आरयूडीपीआई के ठेकेदारों ने सड़क खोदकर मलबे का ढेर लगाया, अब नगर निगम ने इंटरलॉकिंग के नाम पर घर के बाहर बनी चबुतरियां तोड़कर फिर से मलबे का ढेर लगा दिया। धूल-मिट्टी से जीना मुहाल हो गया। निगम ठेकेदार एक कॉलोनी का काम पूरा किए बिना ही दूसरी कॉलोनी में काम शुरू कर देते हैं, जिससे दोनों ही कॉलोनी के बाशिंदे बदइंतजामी से परेशान हो रहे हैं। <br /><br /><strong>रोड लाइटें बंद, कॉलोनी में अंधेरा</strong><br />स्थानीय निवासियों का कहना है, कॉलोनी की रोड लाइटें बंद पड़ी हैं। शाम ढलते ही अंधेरा हो जाता है और खुले पड़े चैम्बर हादसों का सबब बनते हैं। यहां 20 दिन में कई हादसे हो चुके हैं। पार्षद से ढकान करवाने को कहा लेकिन अनसुना कर दिया। निगम अधिकारी भी मौका मुआयना नहीं करते। जिसकी वजह से ठेकेदार व जनप्रतिनिधि मनमर्जी चलाते हैं। लोग शारीरिक व मानसिक रूप से परेशान हो रहे हैं।  <br /><br /><strong>10 साल के मासूम की बच गई जान</strong><br />स्थानीय निवासी लविशा खत्री बतातीं है, गत बुधवार की शाम ट्यूशन पढ़कर घर लौट रहा 10 वर्षीय बालक सीवरेज गड्ढे में गिरकर लहुलूहान हो गया। होठों से लेकर नाक का उपरी हिस्सा कट गया। मोहल्लेवासियों ने तुरंत बच्चे को बाहर निकाल पास ही क्लिनिक लेकर पहुंचे। इधर, सागर लोहिया कहते हैं, घर के सामने खुले पड़े सीवरेज गड्ढे खतरनाक साबित हो रहे हैं। बच्चे बाहर जाने की जिद करते हैं, ऐसे में साए की तरह उनके पीछे लगे रहते हैं। <br /><br /><strong>चैम्बर में फंस रहे वाहन</strong> <br />कॉलोनीवासी मधु मूलचंदानी ने बताया कि सीवरेज चैम्बर का ढकान नहीं होने से आए दिन हादसे हो रहे हैं। वाहन चालक चोटिल हो रहे हैं। कुछ दिनों पहले देर शाम चेम्बर में कार फंसने से चालक चोटिल हो गया। मोहल्लेवालों ने बमुशिकल कार को बाहर निकाला। वहीं, लोडिंग वाहन भी पलटने से बाल-बाल बचा। इसके अलावा आए दिन बाइक सवार चोटिल हो रहे हैं। <br /><br /><strong>खुले पड़े 2 फीट चौड़े सीवरेज चैम्बर</strong> <br />विज्ञान नगर अशोक पार्क स्थित कॉलोनी में करीब 16 फीट चौड़ी सीसी सड़क बनाई गई है। जिस पर 2 फीट चौड़े व 4 फीट गहरे 8 से 10 सीवरेज चैम्बर बने हैं, जो 20 दिन से खुले पड़े होने से आए दिन हादसे हो रहे हैं। रात को रोड लाइटें बंद होने से कॉलोनी में अंधेरा रहता है। जिससे वाहन चालकों को चैम्बर दिखाई नहीं देते और उसमें गिरकर चोटिल हो जाते हैं। <br /><br />नगर निगम द्वारा वार्डों में सीसी सड़क, इंटरलोकिंग, सीवरेज चैम्बर सहित अन्य कार्य करवाए जा रहे हैं। पार्षद होने के नाते लोगों की सुविधाओं का ध्यान रखना मेरी जिम्मेदारी है। मैने ठेकेदार को अस्थाई रूप से सीवरेज के गड्ढों के आसपास अवरोधक लगाने को कहा था। वैसे, चेम्बरों के ढकान बनकर तैयार हो गए हैं, शनिवार या रविवार को सभी का ढकान कर दिया जाएगा। वहीं, वार्ड की अन्य कॉलोनियों में 20 फीट से अधिक चौड़ी सड़क बनाई है, जहां चैम्बरों के ढकान करवा दिया है।  <br /><strong>- मनोज गुप्ता, पार्षद वार्ड 39</strong><br /><br />सीवरेज से सबंधित काम आरयूडीपीआई या यूआईटी द्वारा करवाया जा रहा है। यदि, किसी वार्ड में कोई समस्या है तो वार्डवासी हमें बताएं, तुरंत समाधान करवाया जाएगा। वैसे, हमारे पास इस तरह की शिकायत नहीं आई, जैसे ही कोई शिकायत आएगी तो जेईएन को मौके पर भेज समाधान करवा देंगे। <br /><strong>- राजीव अग्रवाल, महापौर कोटा दक्षिण नगर निगम</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Jun 2022 14:47:32 +0530</pubDate>
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