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                <title>plantation - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>plantation RSS Feed</description>
                
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                <title>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छता को जनआंदोलन का स्वरूप दिया, विकसित भारत के संकल्प को आगे बढ़ाने का किया आह्वान : शिवराज सिंह चौहान</title>
                                    <description><![CDATA[केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पटना में स्वच्छता, पौधारोपण और प्रगति पथ यात्रा का नेतृत्व किया। मोदी सरकार के 12 गौरवपूर्ण वर्ष पूरे होने पर उन्होंने स्वच्छता को जनआंदोलन बताया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने पर्यावरण संरक्षण और विकसित भारत का संकल्प लिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/prime-minister-narendra-modi-made-cleanliness-a-mass-movement-and/article-157246"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/shivraj-singh-chouhan.png" alt=""></a><br /><p>पटना। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छता को केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनआंदोलन का स्वरूप दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार के सेवा, सुशासन, गरीब कल्याण और विकास के 12 गौरवपूर्ण वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में राजधानी पटना में स्वच्छता अभियान, पौधारोपण कार्यक्रम एवं प्रगति पथ यात्रा का भव्य आयोजन किया गया।</p>
<p>इस कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्य रूप से भाग लिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ, हरित एवं विकसित भारत के संकल्प को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। कार्यक्रम की शुरुआत पटना के ऐतिहासिक गोलघर स्थित पार्क में आयोजित स्वच्छता अभियान से हुई। इस दौरान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा, प्रदेश के पदाधिकारियों एवं बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं ने स्वच्छता अभियान में भाग लेकर परिसर की साफ-सफाई की तथा लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया।</p>
<p>इस अवसर पर शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छता को केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनआंदोलन का स्वरूप दिया है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान ने देश के करोड़ों नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया है और आज भारत स्वच्छता के क्षेत्र में नई पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह अपने घर, मोहल्ले और सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ रखने में सक्रिय भूमिका निभाए।</p>
<p>स्वच्छता अभियान के बाद केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान एमएलए फ्लैट परिसर में आयोजित पौधारोपण कार्यक्रम में शामिल हुए। यहां उन्होंने पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण, जलवायु संतुलन और हरित भविष्य के निर्माण का संदेश दिया। कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भी पौधारोपण कर अधिक से अधिक वृक्ष लगाने तथा उनके संरक्षण का संकल्प लिया। चौहान ने पौधारोपण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पौधारोपण केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य सुनिश्चित करने का अभियान है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपने जीवन में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाने और उसकी देखभाल करने की अपील की।</p>
<p>इसके बाद केंद्रीय मंत्री के नेतृत्व में "प्रगति पथ यात्रा" का आयोजन किया गया। यह यात्रा नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा पथ से प्रारंभ होकर मुक्तिधाम, जेपी गंगा पथ, पटना घाट, पीएमसीएच के नए भवन होते हुए अटल पथ गोलंबर, दीघा तक पहुंची। यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि और आम नागरिक शामिल हुए। यात्रा का उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश और बिहार में हुए विकास कार्यों, आधारभूत संरचना के विस्तार तथा जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आम जनता तक पहुंचाना था।</p>
<p>कार्यक्रम में विधायक संजीव चौरसिया, रत्नेश कुशवाहा, संजय कुमार गुप्ता, प्रदेश महामंत्री सरोज रंजन पटेल, प्रीति शेखर, राजेश झा, धनराज शर्मा, नितिन अभिषेक, पूर्व विधायक पवन जायसवाल, जिला अध्यक्ष रूप नारायण मेहता सहित बिहार प्रदेश के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम के बाद उपस्थित सभी लोगों ने स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प दोहराया तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए जन-जागरण अभियान को और तेज करने का आह्वान किया।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 15:58:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>हरियालो राजस्थान अभियान : स्टूडेंट्स और शिक्षक ग्रीष्मावकाश पर, पौधरोपण के लिए गड्ढ़े खोदेगा कौन</title>
                                    <description><![CDATA[अवकाश के बीच पौधारोपण की तैयारी , 21 जून तक ग्रीष्मावकाश, शिक्षक-विद्यार्थी असमंजस में।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/-hariyalo-rajasthan--campaign--with-students-and-teachers-on-summer-vacation--who-will-dig-the-pits-for-tree-plantation/article-156168"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/1111200-x-600-px)24.png" alt=""></a><br /><p>कोटा।  राज्य सरकार के हरियालो राजस्थान अभियान के तहत पौधरोपण को लेकर शिक्षा विभाग के एक पत्र ने ग्रीष्मकालीन अवकाश के बीच शिक्षकों व विद्यार्थियों की नींद उड़ा दी है। पत्र के अनुसार 20 जून से पहले स्कूल परिसर, खेल मैदान व आसपास खाली जगहों पर पौधरोपण के लिए गड्ढ़े खुदवाए जाने हैं। विभाग का यह आदेश आते ही शिक्षा विभाग के अधिकारी भी असमंजस में पड़ गए। दरअसल, विभाग मानसून से पूर्व स्कूल परिसर, खेल मैदानों में पौधे लगाने के लिए गड्ढ़े खुदवाने के शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। ताकि, मानसून में बड़े स्तर पर पौधरोपण किया जा सके।इधर, शिक्षक संघों ने विभाग के इस आदेश पर नाराजगी जताते हुए कहा कि जब स्कूलों में 21 जून तक ग्रीष्मकालीन अवकाश है तो 20 जून से पहले पौधरोपण के लिए गड्ढ़े कौन खोदेगा।</p>
<p><strong>उप शासन सचिव व निदेशक ने जारी किए निर्देश</strong><br />शिक्षा (ग्रुप-1) उप शासन सचिव आलोक जैन ने स्कूल शिक्षा परिषद के आयुक्त एवं शिक्षा निदेशक को पत्र लिखकर जिलावार चिह्नित स्थान एवं पौधारोपण अभियान के तहत निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप पौधे लगाने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद शिक्षा निदेशक ने सभी संभागीय संयुक्त निदेशक व सीडीईओ को अभियान के क्रियान्वयन के दिशा-निर्देश दिए हैं, कि सरकारी स्कूलों में पौधरोपण के लिए 20 जून से पहले ही गड्ढ़े तैयार करवा लें, ताकि मानसून शुरू होते ही बड़े स्तर पर पौधरोपण किया जा सके।</p>
<p><strong>तीन दिन में मांगी रिपोर्ट, देखरेख की जिम्मेदारी भी मिलेगी</strong><br />पौधरोपण के बाद पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण सुनिश्चित करने के लिए 'नो-बैग डे' पर विद्यार्थियों और शिक्षकों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। विभाग का मानना है कि इससे पौधों के संरक्षण के प्रति विद्यार्थियों में जिम्मेदारी की भावना विकसित होगी। निदेशालय ने सभी मुख्य जिला शिक्षा अधिकारियों से जिलेवार निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप पौधों की उपलब्धता, नर्सरियों की पहचान तथा पौधरोपण के लिए चयनित स्थलों का विवरण निर्धारित प्रारूप में तीन दिन के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।</p>
<p><strong>यहां से होगी पौधों की उपलब्धता</strong><br />अभियान के लिए पौधों की व्यवस्था वन विभाग की नर्सरियों, स्थानीय पंचायतों, नगर निकायों, कॉपोर्रेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) सहयोग, स्वयंसेवी संस्थाओं, स्कूलों के इको क्लब तथा अन्य उपलब्ध स्रोतों से की जाएगी।</p>
<p><strong>संस्था प्रधान एवं शिक्षक असमंजस में</strong><br />20 जून तक सभी सरकारी स्कूलों में पौधारोपण के लिए गड्ढे खोदने हैं। वर्तमान में स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश होने के कारण ना तो शिक्षक और ना ही विद्यार्थी आ रहे हैं। ऐसे में यह गड्ढ़े कौन खोदेगा। इसको लेकर संस्था प्रधान एवं शिक्षक परेशान हैं।</p>
<p><strong>अभिभावक बोले-शैक्षणिक दिनों में हो गतिविधियां</strong><br />अभिभावकों का मानना है कि पौधरोपण अभियान बच्चों में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित करेगा, लेकिन इसके लिए गतिविधियां अवकाश के बजाय नियमित शैक्षणिक दिनों में आयोजित की जानी चाहिए ताकि अधिकतम विद्यार्थी शामिल हो सकें।</p>
<p><strong>ग्रीष्मावकाश के बाद करवाएं गड्ढ़े</strong><br />वर्तमान में सरकारी स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश होने के कारण स्कूल बंद हैं। ऐसे में हरियालो राजस्थान अभियान के तहत पौधारोपण के लिए 20 जून तक गड्ढ़े तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। जिसके कारण असमंजस की स्थिति बन गई है। इस तिथि को आगे बढ़ाया जाएं ताकि सभी शिक्षक व विद्यार्थी हरियालो राजस्थान अभियान में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सके और अधिक से अधिक पौधे लगाएं जा सकें।<br /><strong>-मोहर सिंह सलावद, प्रदेशाध्यक्ष, शिक्षक संघ रेसटा</strong></p>
<p><strong>सिर्फ लक्ष्य नहीं, संसाधन भी जरूरी</strong><br />पौधरोपण के लिए गड्ढ़े तैयार करना, पौधे जुटाना, उनकी सुरक्षा और सिंचाई सुनिश्चित करना बड़ी जिम्मेदारी है। इसके लिए स्पष्ट कार्ययोजना और संसाधनों की आवश्यकता है। सरकार का प्रयास सराहनीय है लेकिन इसे व्यवहारिक बनाने के लिए यह तैयारी ग्रीष्मावकाश के बाद से की जानी चाहिए ताकि, शिक्षक व विद्यार्थी सामूहिक रूप से अभियान का हिस्सा बन सके।<br /><strong>-नवल सिंह, शिक्षक</strong></p>
<p><strong>विद्यार्थी बोले-अभियान से जुड़ने का मिले मौका</strong><br />पौधरोपण जैसे अभियान में विद्यार्थियों की भागीदारी महत्वपूर्ण है। यदि, स्कूल खुलने के बाद पौधरोपण की तैयारी हो हमें भी अभियान से जुड़ने का अवसर मिलेगा। लेकिन, ग्रीष्मावकाश के दौरान अधिकांश छात्र बाहर छुट्टियों पर हैं। ऐसे में पौधरोपण से पूर्व की तैयारियों में भाग लेने के लिए जरूरी है कि यह प्रक्रिया ग्रीष्मावकाश के बाद की जाए।<br /><strong>-नरेंद्र प्रजापति, छात्र नयापुरा</strong></p>
<p>पौधरोपण केवल कार्यक्रम नहीं बल्कि प्रकृति से जुड़ने का अवसर है। यदि विद्यार्थियों को पौधे लगाने, उनकी वृद्धि मापने और संरक्षण की जिम्मेदारी दी जाए तो यह व्यवहारिक शिक्षा का भी हिस्सा बन सकता है। लेकिन, यह काम गर्मियों की छुट्टियों के बाद होना चाहिए।<br /><strong>-पवन नागर, पंकज कुश्वाह, छात्र बोरखेड़ा</strong></p>
<p>कोटा जिले को 3 लाख 84 हजार 600 पौधे लगाने का लक्ष्य मिला है। 20 जून से पूर्व गड्ढ़े तैयार करने के लिए ग्राम पंचायत, शिक्षक, विभाग के मंत्रालिक कर्मचारियों व स्वयंसेवी संस्थाओं का सहयोग लिया जाएगा। ग्रीष्मावकाश चल रहा है, किसी पर कोई दबाव नहीं है, स्कूल के आसपास रहने वाले विद्यार्थी स्वेच्छा से आकर श्रमदान कर सकते हैं।<br /><strong>-आशा मंडावत, संभागीय संयुक्त निदेशक शिक्षा विभाग</strong></p>
<p>विद्यालय के आसपास रहने वाले विद्यार्थी, स्काउट-गाइड, एनएसएस के बच्चे स्वेच्छा से आकर श्रमदान कर सकते हैं। वहीं, अभिभावकों, स्वयंसेवी संस्थाओं से भी सम्पर्क कर सहयोग लिया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर विभाग से प्रस्ताव लेकर मनरेगा श्रमिकों की मदद से भी गड्ढ़े तैयार करवाए जा सकते हैं।<br /><strong>-स्नेहलता शर्मा, मुख्य ब्लॉक शिक्षाधिकारी कोटा शहर</strong><br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 14:12:37 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान’ बना जन आंदोलन, 5 दिनों में 7.31 लाख कार्यक्रम आयोजित </title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में जारी 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026' में रिकॉर्ड 3 करोड़ लोगों ने भाग लिया। 5 जून विश्व पर्यावरण दिवस तक प्रदेश में वॉटर हार्वेस्टिंग सफाई, रन फॉर एन्वायर्न्मेंट और पौधारोपण जैसी विशेष गतिविधियां चलाई जाएंगी, जिससे जल और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/vande-ganga-water-conservation-mass-campaign-becomes-mass-movement-731/article-155660"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/secratrait4.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के आह्वान पर चल रहा ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026’ प्रदेशभर में जन आंदोलन का स्वरूप ले चुका है। अभियान के तहत मात्र पांच दिनों में 7.31 लाख से अधिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें लगभग 3 करोड़ लोगों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। अभियान के अंतर्गत 3 जून को सभी जिलों में जिला प्रशासन द्वारा चिन्हित स्थानों पर विशेष नवाचार एवं अभिनव पहल के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही विद्युत ट्रांसफार्मरों के आसपास साफ-सफाई अभियान चलाया जाएगा। 4 जून को जिलों में ‘रन फॉर एन्वायर्न्मेंट’ का आयोजन होगा तथा सरकारी कार्यालयों में निर्मित रूफटॉप वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं की सफाई कर उन्हें उपयोग के लिए तैयार किया जाएगा। इसके अलावा सड़क किनारे पौधारोपण की अग्रिम तैयारियां भी की जाएंगी।</p>
<p>जन जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से निबंध एवं नारा लेखन, चित्रकला, खेलकूद प्रतियोगिताएं तथा नुक्कड़ नाटकों का आयोजन किया जाएगा। वहीं विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून को वन क्षेत्रों में जल संग्रहण संरचनाओं की साफ-सफाई, तुलसी पौधों का वितरण, नर्सरियों में विशेष स्वच्छता कार्यक्रम और चयनित स्थानों पर ईको-फ्रेंडली आर्ट गतिविधियां आयोजित होंगी। अभियान के तहत जिलों में नदी-नालों के अपशिष्ट जल के परिष्करण के लिए एसटीपी एवं सीईटीपी संयंत्रों की आवश्यकता और उपलब्धता का आकलन कर प्रस्ताव तैयार किए जाएंगे। साथ ही सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग को रोकने के लिए लोगों को जागरूक किया जाएगा और पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 01 Jun 2026 16:07:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>राजस्थान में 25 मई से शुरू होगा ‘वंदे गंगा’ जल संरक्षण जन अभियान-2026, सीएम भजनलाल शर्मा ने दिए निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान में जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने के लिए 25 मई से 5 जून 2026 तक "वंदे गंगा अभियान" चलाया जाएगा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार इस अभियान में पर्यावरण संरक्षण, पौधारोपण और जल स्रोतों की सफाई जैसे कार्य होंगे, जिसमें करोड़ों नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/vande-ganga-water-conservation-public-campaign-will-start-from-may/article-154718"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/bhajanlal1.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के दूरदर्शी नेतृत्व एवं जल संरक्षण के उनके संकल्प के अनुरूप प्रदेशभर में 25 मई (गंगा दशमी) से 05 जून (विश्व पर्यावरण दिवस) तक “वंदे गंगा” जल संरक्षण जन अभियान–2026” चलेगा। इस संबंध में मुख्यमंत्री ने जल संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप देने तथा आमजन की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश प्रदान किए हैं। अभियान के अंतर्गत गत वर्ष आमजन की ऐतिहासिक भागीदारी के साथ प्रदेशभर में जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण एवं जनजागरूकता से जुड़े व्यापक और दूरगामी महत्व के कार्य किए गए।</p>
<p>अभियान के तहत लगभग 3 लाख 70 हजार कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिनमें 2 करोड़ 53 लाख नागरिकों ने भागीदारी निभाई। महत्वूपर्ण बात यह रही कि महिलाओं की भागीदारी पुरूषों के मुकाबले काफी अधिक रही। अभियान के दौरान प्रदेश में 1 लाख 2 हजार 100 स्थानों पर 2 करोड़ 47 लाख मानव दिवस श्रमदान किया गया। “हरियालो राजस्थान” अभियान के अंतर्गत लगभग 3 करोड़ 42 लाख पौधारोपण गड्ढे तैयार किए गए तथा “कर्मभूमि से मातृभूमि” योजना के तहत लगभग 4 हजार 560 रिचार्ज शाफ्ट निर्मित किए गए। अभियान में 42 हजार 200 जल स्रोतों की साफ-सफाई, 18 हजार 900 पूर्ण कार्यों का लोकार्पण एवं अवलोकन तथा 5 हजार 600 नवीन कार्यों का शुभारंभ किया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/vande-ganga-water-conservation-public-campaign-will-start-from-may/article-154718</link>
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                <pubDate>Fri, 22 May 2026 18:24:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भजनलाल सरकार का बड़ा फैसला: बांसवाड़ा, सिरोही और उदयपुर में विकसित होंगे चंदन वन, अधिकारियों को निर्देश जारी</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पर्यावरण संरक्षण के लिए बांसवाड़ा, सिरोही और उदयपुर में चंदन के वन विकसित करने के निर्देश दिए हैं। उच्च गुणवत्ता वाले पौधारोपण और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। इस पहल का उद्देश्य राज्य के वन क्षेत्र का विस्तार करना और पारिस्थितिकी संतुलन को मजबूत बनाना है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/big-decision-of-bhajanlal-government-instructions-issued-to-sandalwood-forest/article-152555"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/bhajanlal.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य में वन क्षेत्र के विस्तार और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए बांसवाड़ा, सिरोही और उदयपुर में चंदन के वन विकसित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने रविवार को मुख्यमंत्री निवास पर वन एवं पर्यावरण विभाग की समीक्षा बैठक लेते हुए कहा कि इन क्षेत्रों में चंदन के पौधों का चयन उच्च गुणवत्ता का हो और उनकी सुरक्षा व उचित रखरखाव सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि पौधारोपण अभियान की सभी तैयारियां समय पर पूरी कर ली जाएं, ताकि निर्धारित समय पर प्रभावी ढंग से अभियान संचालित किया जा सके।</p>
<p>बैठक में मुख्यमंत्री ने वन संरक्षण के साथ-साथ हरित क्षेत्र बढ़ाने के प्रयासों को और तेज करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए वृक्षारोपण और वन विकास अत्यंत आवश्यक है। बैठक में वन एवं पर्यावरण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संजय शर्मा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 03 May 2026 18:35:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सिविल लाइन जोन में निगम की कार्रवाई : भूमि को कराया अतिक्रमण मुक्त, अब किया जाएगा वृक्षारोपण </title>
                                    <description><![CDATA[नगर निगम हेरिटेज के सिविल लाइन जोन की टीम ने वार्ड 54 स्थित सुल्तान नगर क्षेत्र में वर्षों पुराने अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/encroachment-free-of-encroachment-in-civil-line-zone-now-plantation/article-124283"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/31.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। नगर निगम हेरिटेज के सिविल लाइन जोन की टीम ने वार्ड 54 स्थित सुल्तान नगर क्षेत्र में वर्षों पुराने अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की। यह कार्रवाई जोन उपायुक्त सुनील कुमार बैरवा के नेतृत्व में सतर्कता शाखा के सहयोग से की गई। निगम प्रशासन ने बताया कि जिस भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है, वहां अब वृक्षारोपण किया जाएगा।</p>
<p>इस पहल से क्षेत्र में हरियाली बढ़ेगी और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। निगम का कहना है कि अतिक्रमण हटाने के साथ-साथ खाली पड़ी सरकारी जमीनों को उपयोगी बनाने की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि लोगों को स्वच्छ और हरित वातावरण मिल सके।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 21 Aug 2025 17:40:29 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>जिला कलक्टर ने पौधरोपण कर किया अभियान का शुभारंभ : वनस्पति प्रजाति, उपज संरक्षण और संवर्द्धन अभियान का आगाज</title>
                                    <description><![CDATA[जिला प्रशासन की ओर से जिले के पंच गौरव के प्रोत्साहन एवं संवर्द्धन के लिए वनस्पति प्रजाति एवं उपज संरक्षण व संवर्द्धन अभियान का आगाज किया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/district-collector-inaugurated-the-campaign-by-planting-saplings/article-121256"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/news-(7)10.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जिला प्रशासन की ओर से जिले के पंच गौरव के प्रोत्साहन एवं संवर्द्धन के लिए वनस्पति प्रजाति एवं उपज संरक्षण व संवर्द्धन अभियान का आगाज किया। जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने जिला कलेक्ट्रेट परिसर में जयपुर जिले के पंच गौरव में शुमार एक वनस्पति प्रजाति- लिसोड़ा एवं एक उपज- आंवले का पौधारोपण कर अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने एक पुस्तिका का भी विमोचन किया।</p>
<p>अभियान के तहत उपखण्ड स्तर पर भी जन प्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने आंवले एवं लिसोड़े के पौधे लगाए। इस अभियान का लक्ष्य पंच-गौरव कार्यक्रम के तहत एक जिला-एक वनस्पति प्रजाति लिसोड़ा व एक जिला-एक उपज आंवला की महत्ता, उपयोगिता एवं आवश्यकता से आमजन को परिचित करवाने एवं रोजगार की दृष्टि से जनउपयोगी बनाना है। अभियान से आंवला व लिसोड़ा को राज्य, राष्ट्रीय व अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में मदद मिलेगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 22 Jul 2025 11:14:40 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>पौधों की सुरक्षा पर हर साल लाखों की सिंचार्ई, फिर भी नजर नहीं आ रहे पौधे</title>
                                    <description><![CDATA[नगर निगम की ओर से लाखों रुपए से बनवाए जा रहे ट्री गार्ड।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/lakhs-of-rupees-are-spent-every-year-on-the-protection-of-plants--yet-the-plants-are-not-visible/article-119928"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/untitled-design-(3)1.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। मानसून का सीजन शुरु होते ही जहां शहर को हरा भरा बनाने के लिए लाखों पौधे हर साल लगाए जा रहे हैं। वहीं सिलसिला इस बार भी शुरु हो गया है। इतना ही नहीं नगर निगम की ओर से उन पौधों की सुरक्षा पर भी ट्री गार्ड के रूप में लाखों रुपए खर्च किए जा रहे हैं। उसके बाद भी शहर में पौधे नजर नहीं आ रहे।  शहर में पिछले कई सालों से हर बार मानसून में सरकार की ओर से पौधारोपण का अभियान चलाया जाता है।  जिसमें वन विभाग के अलावा सभी सरकारी विभागों को पौधे लगाने का लक्ष्य दिया जाता है। उसके हिसाब से सभी विभाग अपने-अपने स्तर पर निर्धारित व चिन्हित स्थानों पर पौधारोपण करते हैं। इस बार भी इस अभियान की शुरुआत एक दिन पहले वन महोत्सव के माध्यम से हो चुकी है। उसके अलावा क्लब, स्वयंसेवी व सामाजिक संस्थाएं समेत व्यक्तिगत स्तर पर भी हजारों लाखों पौधे लगाए जा रहे हैं। पिछले कुछ समय से पौधों की सुरक्षा व उन्हें पेड़ बनाने को भावनात्मक रूप से जोड़ते हुए पौधारोपण को एक पेड़ मां के नाम दिया गया है। जिसमें पौधे लगाने से लेकर उसे बड़ा करने तक की जिम्मेदारी संबंधित व्यक्ति को दी जा रही है। </p>
<p><strong>कोटा उत्तर में 69 लाख के बनेंगे ट्री गार्ड</strong><br />नगर निगम कोटा दक्षिण की तरह ही कोटा उत्तर में भी इस बार करीब 69 लाख रुपए के ट्री गार्ड बनवाए जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार यहां करेब एक हजार ट्री गार्ड पहले के ही रखे हुए हैं। जबकि करीब 18 सौ नए ट्री गार्ड बनवाए जाएंगे। जिनका कार्यादेश होने वाला है। </p>
<p><strong>कोटा दक्षिण में ढाई से तीन हजार ट्री गार्ड</strong><br />नगर निगम कोटा दक्षिण में इस बार करीब ढाई से तीन हजार ट्री गार्ड बनवाए जा रहे हैं। हालांकि यहां कई ट्री गार्ड तो पूर्व के भी बचे हुए बताए जा रहे हैं।  जानकारों के अनुसार करेब 30 लाख की लागत से इन ट्री गार्ड को बनवाया जा रहा है। हालांकि इस बार ट्री गार्ड बनवाने का टेंडर 30 फीसदी कम दर पर हुआ है। पार्षदों को 15 से 20, महापौर व उप महापौर को इससे दो से तीन गुना अधिक  और विधायक व अन्य जनप्रतिनिधियों को भी उनके क्षेत्र के लिए ट्री गार्ड निगम द्वारा दिए जाएंगे। इनके अलावा भी यदि कोई संस्था नगर निगम में लेटर हैड पर ट्री गार्ड की डिमांड करती है तो उन्हें भी निगम द्वारा ये उपलब्ध करवाए जाते हैं।</p>
<p><strong>पुरानों का पता नहीं कहां गए</strong><br />नगर निगम की ओर से हर साल लाखों रुपए खर्च कर ट्री गार्ड बनवाकर शहर में पौधों की सुरक्षा के लिए लगवाए जा रहे हैं। लेकिन हालत यह है कि उनमें से न तो अधिकतर ट्री गार्ड नजर आ रहे हैं और न ही वे पौधे नजर आ रहे हैं। जिनके सुरक्षा के लिए ये ट्री गार्ड लगाए गए थे। नगर निगम की ओर से पूर्व में दशहरा मैदान फेज दो पुराना पशु मेला स्थल व निगम कार्यालय के सामने डिवाइडर पर लगाए पौधे व ट्री गार्ड या तो गायब हो गए हैं या क्षतिग्रस्त हो गए हैं। ऐसी ही हालत शहर में अन्य स्थानों पर ही है। </p>
<p><strong>निगम हर साल बनवाता है ट्री गार्ड</strong><br />शहर में नगर निगम के अलावा जनप्रतिनिधियों और अन्य संस्थाओं की ओर से होने वाले पौधारोपण में लगाए गए पौधों की सुरक्षा के लिए नगर निगम द्वारा हर साल ट्री गार्ड बनवाए जाते हैं। उन ट्री गार्ड को पार्षद, महापौर, उप महापौर, नेता प्रतिपक्ष के माध्यम से वितरित किया जाता है। जिससे वे अपने-अपने वार्ड व क्षेत्रों में लगाए गए पौधों की सुरक्षा के लिए उन ट्री गार्ड का उपयोग कर सके। इस बार भी नगर निगम की ओर से ट्री गार्ड बनवाए जा रहे हैं। </p>
<p><strong>ट्री गार्ड का हिसाब रखा जाए</strong><br />जानकारों का कहना है कि जिस तरह से नगर निगम द्वारा अन्य बजट का लेखा जोखा रखा जाता है। उसी तरह से ट्री गार्ड के वितरण का भी हिसाब रखा जाना चाहिए। भीमगंजमंडी निवासी महेश गौतम का कहना है कि जब निगम इतनी अधिक राशि खर्च कर रहा है तो उनका हिसाब भी रखा जाना चाहिए कि उन ट्री गार्ड का कहां उपयोग हो रहा है। उपयोग हो भी रहा है या नहीं। यदि हो रहा है तो बार-बार एक ही जगह पत तो ट्री गार्ड नहीं लग रहे।  खेड़ली फाटक निवासी जगदीश लोधा का कहना है कि ट्री गार्ड लगाने के बाद भी पौधे सुरक्षित हैं या नहीं इसकी भी जानकारी निगम अधिकारियों को होनी चाहिए। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />नगर निगम कोटा दक्षिण द्वारा इस बार करीब 25 सौ से अधिक ट्री गार्ड बनवाए जा रहे हैं। जिनका काम शुरु हो गया है। कई तो बनकर तैयार हो रहे हैं और शेष बन रहे हैं। जैसे-जैसे तैयार होते रहेंगे वैसे-वैसे उनका उपयोग किया जाएगा।  हालांकि अभी इनके वितरण के संबंध में निर्णय नहीं हुआ है। उच्चाधिकारियों के आदेशानुसार ही इनका वितरण किया जाएगा। नगर निगम द्वारा संस्थाओं को उनके लेटर हैड पर डिमांड अनुसार ही ट्री गार्ड का वितरण किया जाता है। लेकिन उनकी मॉनिटरिंग की कोई व्यवस्था नहीं है। <br /><strong>- ए.क्यू कुरैशी, एक्सईएन, नगर निगम कोटा दक्षिण </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 09 Jul 2025 15:05:09 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>वृक्षारोपण के साथ पेड़ों की सुरक्षा भी जरूरी</title>
                                    <description><![CDATA[देश में हर साल जुलाई माह की शुरुआत से वृहद स्तर पर वृक्षारोपण किया जाता है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/along-with-plantation-safety-of-trees-is-also-necessary/article-119406"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/rt112roer-(3)3.png" alt=""></a><br /><p>देश में हर साल जुलाई माह की शुरुआत से वृहद स्तर पर वृक्षारोपण किया जाता है। प्रकृति संरक्षण की दिशा में सरकार द्वारा किया जाने वाला वृक्षारोपण अभियान प्रशंसनीय हैं, लेकिन इसकी सफलता तभी संभव है, जब रोपित पौधों का उचित रख-रखाव और संरक्षण हो। इस बारे में जहां तक सरकारी अधिकारियों का सवाल है, सभी सरकारी अधिकारियों का संवैधानिक कर्तव्य है कि वे अधिक से अधिक पेड़ों को बचाएं और उनकी सुरक्षा करें। दरअसल इस अभियान में लगी एजेंसियों की जिम्मेदारी महत्वपूर्ण है। जरूरत है कि इस अभियान को जनांदोलन बनाया जाए, जिसके लिए जनभागीदारी की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण और आवश्यक है। देखा जाए, तो वृक्षारोपण के लक्ष्य का निर्धारण सराहनीय ही नहीं, स्तुतियोग्य प्रयास है, प्रशंसनीय है। लेकिन रोपित पौधों की रक्षा बेहद जरूरी है, जैसा कि देश की शीर्ष अदालत का निर्देश है, क्योंकि अक्सर होता यह है कि पौधारोपण के बाद उनकी उचित देखभाल नहीं होती और वे कुछ समय बाद ही मर जाते हैं। इसलिए इस काम में लगी एजेंसियां रोपित पौधों के रख-रखाव की जिम्मेदारी समाज के उन लोगों को सौंपें, जो इस अभियान में सहभागिता कर रहे हैं। तभी अभियान की सफलता संभव है।</p>
<p>असलियत में दुनिया में जिस तेजी से पेड़ों की तादाद कम होती जा रही है, उससे पर्यावरण तो प्रभावित हो ही रहा है,पारिस्थितिकी, जैव विविधता, कृषि और मानवीय जीवन ही नहीं,भूमि की दीर्घकालिक स्थिरता पर भी भीषण खतरा पैदा हो गया है। जैव विविधता का संकट पर्यावरण ही नहीं, हमारी संस्कृति और भाषा का संकट भी बढ़ा रहा है। जबकि यह सर्वविदित है कि पृथ्वी के पारिस्थितिकीय तंत्र में वृक्षों की महत्ता और विविधता की बहुत बड़ी भूमिका है। देखा जाए, तो पेड़ों का होना हमारे जीवन के लिए महत्वपूर्ण ही नहीं, बेहद जरूरी है। यह न केवल हमें गर्मी से राहत प्रदान करते हैं, बल्कि जैव विविधता को बनाए रखने, कृषि की स्थिरता सुदृढ़ करने, सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा करने, जलवायु को स्थिरता प्रदान करते हैं। पता नहीं हम पेड़ों के दुश्मन क्यों बने हुए हैं, यह समझ से परे है। बीते कई बरसों से दुनिया के वैज्ञानिक, पर्यावरणविद और वनस्पति व जीव विज्ञानी चेता रहे हैं कि अब हमारे पास पुरानी परिस्थिति को वापस लाने के लिए समय बहुत ही कम बचा है। यह भी कि हम जहां पहुंच चुके हैं वहां से वापस आना आसान काम नहीं है।</p>
<p>कारण वहां से हमारी वापसी की उम्मीद केवल और केवल पांच फीसदी से भी कम ही बची है। दरअसल जैव विविधता न सिर्फ हमारे प्राकृतिक वातावरण के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि ऐसे वातावरण में रहने वाले लोगों के मानसिक कल्याण के लिए भी जरूरी है। इस पर गंभीरता से विचार किए जाने की जरूरत है कि जैव विविधता धरती और मानव स्वास्थ्य के लिए सह-लाभ के तत्व हैं और इसे महत्वपूर्ण बुनियादी मान सरकार द्वारा बीते कुछ सालों से देश में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण अभियान चलाया जा रहा है। यहां सबसे दुखदायी और चिंता की बात यह है कि हर साल जितना जंगल खत्म हो रहा है, वह एक लाख तीन हजार वर्ग किलोमीटर में फैले देश जर्मनी, नार्डिक देश आइसलैंड, डेनमार्क, स्वीडन और फिनलैंड जैसे देशों के क्षेत्रफल के बराबर है। लेकिन सबसे बडेÞ दुख की बात भी यह है कि इसके अनुपात में नए जंगल लगाने की गति बहुत धीमी है। समूची दुनिया में जंगल खत्म किए जा रहे हैं। एक बार यदि हम खतरे के दायरे में पहुंच गए, तो हमारे पास करने को कुछ नहीं रहेगा। आज जंगल बचाने की लाख कोशिशों के बावजूद दुनिया में वनों की कटाई में और तेजी आई है। हम यह क्यों नहीं समझते कि यदि अब भी हम नहीं चेते तो क्या मानव सभ्यता बची रह पाएगी।</p>
<p>प्राकृतिक संसाधनों का उचित प्रबंधन आज की सबसे बड़ी जरूरत है। ऐसे सामुदायिक प्रयासों को प्रोत्साहित करने की जरूरत है, जिससे धरती को बचाया जा सके। खासकर ऐसे समय में जब हम पेड़ों और पानी के साथ साथ जैव विविधता की वजह से पारिस्थितिकी के संकट से जूझ रहे हैं। संसाधनों के उचित प्रबंधन के बगैर शांति कायम नहीं हो सकती। फिर हम जिस रास्ते पर चल रहे हैं, यदि उसे नहीं बदला तो पुरानी झड़पें बढेÞंगीं और संसाधनों को लेकर नई लड़ाइयां सामने खड़ी होंगी। वर्तमान में बढ़ता प्रदूषण एक बहुत बड़ी समस्या बन गया है। असंतुलित जीवन शैली, वाहनों का बढ़ता प्रयोग, औद्योगिक प्रतिष्ठान, बढ़ता कचरा, अधिक अन्न उत्पादन की चाहत के चलते उर्वरकों का बढ़ता उपयोग, सुख-सुविधाओं की अंधी चाहत के चलते भौतिक सुख-संसाधनों की बेतहाशा बढ़ती मांग आदि तो इसका सबसे बड़ा कारण है ही, लेकिन इसका एक अहम कारण पर्यावरण हितैषी पेड़ न लगाया जाना भी रहा है।</p>
<p>इस सच्चाई को झुठलाया नहीं जा सकता। देश में वृक्षारोपण के नाम पर सरकारों का एकमात्र उद्देश्य हरियाली बढ़ाना रहता है, न कि पर्यावरण हितैषी और आक्सीजन छोड़ने वाले पेड़-पौधे लगाने को प्रोत्साहन देना। अक्सर होता यह है कि सभी विभाग अपनी इच्छानुसार कम कीमत और आसानी से बढ़ने वाले पेड़-पौधे लगाने को प्राथमिकता देते हैं। जबकि जरूरत है देश में पर्यावरण हितैषी यानी पर्यावरण को बढाÞवा देने वाले लाभकारी नीम, पीपल, बरगद, जामुन, शीशम, रीठा, आम, देवदार, कैल, चीड़, अमलतास, कदम्ब, अशोक, पीला गुलमोहर, बुरांस, चिनार, सावनी, कैथी सहित खैर, कैंथ, कचनार, हिमालय केदार, बेऊल, खरसू ओक, निर्गल, कौरकी कोरल, सिल्क कौटन ट्री, पाल्श, सिल्क ट्री मिमोसा, पाजा, ब्लू पाइन, ब्रेओक, बन ओक, चिलगोजा, पेन्सिल केदार, चीर पाईन, शुकपा, लूनी, डेरेक,खिडक व दादू आदि पेड़-पौधे लगाए जाने की। ऐसा करके जहां हम पर्यावरण में बढ़ रहे प्रदूषण पर किसी हद तक अंकुश लगा सकते हैं, वहीं प्राणी मात्र के जीवन बचाने में भी कामयाब हो सकते हैं।</p>
<p><strong>-ज्ञानेन्द्र रावत</strong><br /><strong>यह लेखक के अपने विचार हैं।</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 04 Jul 2025 11:53:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>असर खबर का - रेंजर सहित तीन वनकर्मियों को मिली चार्जशीट</title>
                                    <description><![CDATA[सरकार ने माना मिलीभगत से बनी सड़क व प्लोटिंग। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news---three-forest-workers-including-the-ranger-got-chargesheet/article-111183"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/2567rtrer2.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा वनमंडल की लाडपुरा रेंज के लखावा प्लांटेशन-8 में अवैध सीसी सड़क व आवासीय प्लोटिंग कटने के मामले में सरकार ने रेंजर सहित तीन वनकर्मियों के खिलाफ चार्जशीट दिए जाने की कार्रवाई की है। दैनिक नवज्योति में लगातार खबरें प्रकाशित होने के बाद वन विभाग ने मामले की जांच की थी।  जिसमें  तत्कालीन लाडपुरा रेंजर कुंदन सिंह माली, सहायक वनपाल धर्मराज बैरवा तथा वन रक्षक मनोज गैनन को अतिक्रमियों के साथ मिलीभगत कर वनभूमि में अवैध सीसी सड़क बनवाने व आवासीय प्लोटिंग कटवाने का आरोपी मानते हुए चार्जशीट देने की कार्रवाई की। </p>
<p><strong>अधिकारियों व कर्मियों की भू माफियों से संलिप्ता मानी</strong><br />सरकार ने लखावा प्लांटेशन-8 में सीसी सड़क व आवासीय प्लोटिंग कटवाने में रेंजर सहित तीनों वनकर्मियों की भू-माफियाओं के साथ मिलीभगत व संलिप्ता मानी है। चार्जशीट में बताया गया कि वनभूमि में अवैध प्लोटिंग कटने तथा सीसी सड़क बनने से रोकना इन वनकर्मियों का दायित्व था। साथ ही भू-माफियाओं के खिलाफ पुलिस में मुकदमा दर्ज करवाना था लेकिन इन्होंने अपने दायित्व का निर्वाहन न करते हुए प्लोटिंग व सीसी सड़क बनने दी। जिससे इनकी भू-माफियाओं के साथ संलिप्ता स्पष्ट होती है। वही, वनभूमि पर अतिक्रमण कर प्लांटेशन नष्ट करने पर अवैध प्लोटिंगकर्ताओं के विरुद्ध किसी भी तरह की फौजदारी कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई।</p>
<p><strong>इन्हें मिली चार्जशीट </strong><br />संभागीय मुख्य वन संरक्षक एवं क्षेत्र निदेशक सोनल जोरिहार ने लाडपुरा रेंज के तत्कालीन रेंजर कुंदन सिंह माली व सहायक वनपाल धर्मराज बैरवा को 16सीसी तथा वनरक्षक मनोज गैनन को 17 सीसी की चार्जशीट दी है। </p>
<p><strong>नवज्योति ने खोली थी वन अधिकारियों की माफियाओं से सांठगांठ</strong><br />दैनिक नवज्योति ने 23 मई 2024 को खबर प्रकाशित कर लखावा प्लांटेशन-8 में अवैध प्लोटिंग कटवाने व सीसी सड़क बनवाने में वन अधिकारियों की भू-माफियाओं के साथ गठजोड़ उजागर की थी। वृक्षारोपण के नाम पर लाखों रुपयों का भ्रष्टाचार भी खोला था। इसके बाद ही वन विभाग के टॉप मैनेजमेंट ने मामले की जांच शुरू करवाई।  हालांकि, तत्कालीन डीएफओ, सीसीएफ व एसीएफ के खिलाफ चार्जशीट दिए जाने की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है। </p>
<p><strong>गबन करने वाले अधिकारियों को बचाने का प्रयास</strong><br />जांच अधिकारी तत्कालीन कोटा सीसीएफ ने अपनी रिपोर्ट में प्लांटेशन में अवैध प्लॉटिंग व सीसी सड़क बनवाने वाले अधिकारियों को दोषी मानते हुए उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई (चार्जशीट) दिए जाने की अनुशंसा कर दी। जिसके आधार पर सरकार ने तत्कालीन वन अधिकारियों व कर्मचारियों को चार्जशीट देने के आदेश जारी कर दिए। लेकिन, जांच अधिकारी ने इसी प्लांटेशन में हुए 21.42 लाख के भ्रष्टाचार को गौण कर दिया और पौधों की झूठी संख्या बताकर फर्जी दस्तावेज तैयार कर सरकारी धन का गबन करने वाले भ्रष्ट अधिकारियों को बचा लिया। भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई में दोहरे मापदंड अपनाए जा रहे हैं। जिससे करप्शन को अप्रत्यक्ष रूप से बढ़ावा मिल रहा है।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />लखावा प्लांटेशन-8 में अवैध सीसी सड़क व प्लोटिंग कटने के मामले में लाडपुरा रेंज के तत्कालीन रेंजर कुंदन सिंह माली, सहायक वनपाल धर्मराज बैरवा व वन रक्षक मनोज गैनन को चार्जशीट दी गई है। <br /><strong>- सोनल जोरिहार, सीसीएफ कोटा</strong><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 18 Apr 2025 17:03:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुख्यमंत्री वृक्षारोपण अभियान के तहत राजस्थान में लगे 7.22 करोड़ पौधे : प्रत्येक जिले में “मातृ वन” की स्थापना, विधानसभा में विधायक की ओर से पूछे गए सवाल के जवाब में दी ये जानकारी</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री वृक्षारोपण अभियान के तहत 7 करोड़ पौधारोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/722-crore-saplings-in-rajasthan-under-the-chief-ministers-plantation/article-105539"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/vidhan-shbha043.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री वृक्षारोपण अभियान के तहत 7 करोड़ पौधारोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसे पार करते हुए 7.22 करोड़ पौधे रोपे गए। वन विभाग ने 80 हजार हेक्टेयर वन भूमि पर 2.50 करोड़ पौधे लगाए, जबकि विभिन्न विभागों, गैर सरकारी संगठनों और आमजन के सहयोग से 4.72 करोड़ पौधे लगाए गए। यह उपलब्धि राज्य सरकार की हरित पहल और जनसहभागिता के माध्यम से संभव हुई।</p>
<p>विधानसभा में विधायक की ओर से पूछे गए सवाल के जवाब में ये जानकारी दी गई है। अभियान के तहत विभाग की ओर से 45,037 पौधे रोपे गए। इसके साथ ही, राज्य सरकार की 2024-25 की बजट घोषणा के अंतर्गत प्रत्येक जिले में "मातृ वन" की स्थापना की गई। इन मातृ वनों की स्थापना में स्थानीय प्रजातियों को प्राथमिकता दी गई। "एक जिला, एक प्रजाति" योजना के तहत प्रत्येक जिले के लिए एक मुख्य प्रजाति और अन्य स्थानीय प्रजातियों को विभागीय नर्सरियों में तैयार किया जा रहा है।</p>
<p>अभियान के तहत रोपित पौधों की सुरक्षा और जीवितता सुनिश्चित करने के लिए 3,406 स्थानीय नागरिकों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को "वन मित्र" के रूप में पंजीकृत किया गया है। ये वन मित्र स्वैच्छिक रूप से पौधों की देखभाल करते हैं और इसके लिए कोई मानदेय नहीं दिया जाता। इस अभियान के तहत राज्य सरकार की हरित पहल ने पर्यावरण संरक्षण और जागरूकता को एक नई दिशा दी है। इससे वन क्षेत्र में वृद्धि और जैव विविधता को संरक्षित करने में सहायता मिलेगी।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 25 Feb 2025 17:06:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वन क्षेत्र में खुले आम हो रही है पेड़ों की कटाई, सरकार हर साल पौधारोपण के लिए करती है लाखों खर्च</title>
                                    <description><![CDATA[राज्य सरकार के वन मंत्री द्वारा हर साले पर्यावरण बचाने के लिए पेड़ लगाने का अभियान चलाया जाता है, वहीं दूसरी ओर से कई लोग पेड़ों की अवैध कटाई कर जंगल साफ करने में लगे हुए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/trees-are-being-cut-openly-in-the-forest-area/article-102791"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/257rtrer.png" alt=""></a><br /><p>बूढ़ादीत। बूढ़ादीत थाना क्षेत्र के वन विभाग क्षेत्र में धड़ल्ले के साथ अवैध रूप से पेड़ों की कटाई का कार्य किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार बूढ़ादीत क्षेत्र के ग्राम पंचायत बिसलाई व धनसुरी गांवों में अवैध रूप से नियमों को ताक पर रखकर वन क्षेत्र में पेड़ों कटाई की जा रही है। एक ओर तो राज्य सरकार के वन मंत्री द्वारा हर साले पर्यावरण बचाने के लिए पेड़ लगाने का अभियान चलाया जाता है, वहीं दूसरी ओर से कई लोग पेड़ों की अवैध कटाई कर जंगल साफ करने में लगे हुए हैं। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला भी हर वर्ष पौधारोपण अभियान चलाकर लाखों पौधे लगाने की कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपते हैं।  </p>
<p>वन विभाग के अधिकारी कुछ जनप्रतिनिधियों की मिली भगत से प्लांटेशन के नाम पर धनसुरी एवं बिसलाई गांव में सैंकड़ों बीघा के जंगल काटकर मोटी कमाई करने में जुटे हुए हैं। यहां रोज लकड़ी से भरे ट्रक खुले आम गुजरते हैं। इन पर कार्रवाई नहीं की गई तो सुल्तानपुर वन विभाग कार्यालय के बाहर धरना दिया जाएगा। <br /><strong>-हेमंत मीणा, जिला परिषद सदस्य, बिसलाई</strong></p>
<p>लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला हर वर्ष ग्रीन कोटा के लिए पौधारोपण अभियान चलाकर हजारों पौधों का रोपण करवाते हैं। अगर हमारे क्षेत्र में वन विभाग की लापरवाही एवं मिली भगत से जंगल को नष्ट किया जा रहा है तो इनके विरुद्ध उच्च अधिकारियों को कार्रवाई करनी चाहिए। यदि अवैध जंगल कटाई को नहीं रोका गया तो वन मंत्री को लिखित में अवगत कराएंगे।<br /><strong>-देवेश भारद्वाज, भाजपा नेता, धनवां</strong></p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br /> बिसलाई ग्राम में अवैध रूप से जंगल कटाई की सूचना पर मौके पर पहुंचे तो पाया कि वहां पर लकड़ी कटाई की गई थी। जिसको जब्त किया गया। साथ ही धनसुरी गांव में प्लांटेशन का कार्य चल रहा है। फिर भी यदि जंगल कटाई अवैध रूप से की गई है तो उसकी जांच कर कार्रवाई करेंगे। <br /><strong>-मोनिका मीणा, रेंजर, वन विभाग, सुल्तानपुर  </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 01 Feb 2025 17:28:10 +0530</pubDate>
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