<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/dreams/tag-24123" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>dreams - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/24123/rss</link>
                <description>dreams RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>परीक्षा पर चर्चा-2026: पीएम मोदी ने कहा, परीक्षा में सफलता की गारंटी आत्मविश्वास होता है, हड़बड़ी नहीं </title>
                                    <description>
                        <![CDATA[पीएम मोदी ने परीक्षा पर चर्चा में छात्रों से कहा कि तनाव नहीं, लक्ष्य, धैर्य, आत्मविश्वास और सपने पर ध्यान दें, हड़बड़ी छोड़ समझदारी से पढ़ें, निरंतर मेहनत।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/discussion-on-examination-2026-pm-modi-said-that-the-guarantee-of/article-142131"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(1)5.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि छात्रों को परीक्षा के लिए तनाव पालने और ज्यादा नंबर लाने की होड़ की सोच पर ध्यान देने की बजाय जीवन के लक्ष्य की कसौटी पर खुद को कसते हुए निरंतर और धैर्य तथा आत्मविश्वास के साथ काम करते रहने की जरूरत पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए।</p>
<p>पीएम मोदी ने शुक्रवार को यहां अपने आवास पर 'परीक्षा पर चर्चा' को लेकर देश की विभिन्न हिस्सों से आए बच्चों से संवाद के कार्यक्रम में बच्चों से बात करते हुए कहा कि परीक्षा को बोझ नहीं मानना है और उसे आसानी से लेते हुए अपनी पढ़ाई करनी है। उन्होंने पुराने पेपर देखकर तैयारी करने को पुरानी बीमारी बताया और कहा कि नए दौर ने इसका कोई औचित्य नहीं है। यह एक तरह की बीमारी है इसलिए सहज रूप से अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए तैयारी करनी चाहिए और परीक्षा को तनाव की वजह या बोझ नहीं बनाना चाहिए।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी से एक बच्चे ने सवाल किया कि जीवन में सपना पलना जरूरी है, पीएम मोदी ने कहा कि सपना ना देखना जीवन के साथ सबसे बड़ा अपराध है। सपने से ही लक्ष्य बनते हैं और उससे शक्ति के साथ जीवन मे आगे बढ़ाने की प्रेरणा मिलती है। कठिन से कठिन सपने को पाने के लिए अनुकूल मेहनत कर ही उसे पूरा किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि बच्चों को खुद का आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए महापुरुषों की जीवनियां पढऩी चाहिए।</p>
<p>पीएम मोदी ने कहा कि किसी भी परीक्षा के लिए आत्मविश्वास जरूरी है और आत्मविश्वास तभी आता है जब सच्चे मन से अपने विषय को अपने लक्ष्य के अनुसार पढ़ते हैं। उनका कहना था कि परीक्षा के समय हड़बड़ी नहीं करनी होती है क्योंकि हड़बड़ी से सब कुछ गड़बड़ हो जाता है इसलिए हड़बड़ी के बजाय आत्मविश्वास और पूरी समझ के साथ ध्यान लगाकर अपने विषय के प्रश्नपत्र को हल करना है। हड़बड़ी के कारण कई बार जो सवाल आते हैं वे भी गड़बड़ा जाते हैं जितनी भी मेहनत की होती है वह सब कुछ बेकार हो जाता है।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि अब वह समय नहीं है कि जब कहा जाता था कि सफलता उन्हीं को मिलती है जिनके पास सारी सुविधा होती है लेकिन अब हालात बदल गए है। गरीब से गरीब घर के बच्चे भी सर्वोत्तम अंकों के साथ परीक्षा पास कर रहे हैं। उन्होंने इसकी वजह स्वतंत्र सोच और सुविधा अनुसार पढ़ाई करने को बताया।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने बच्चों से कहा कि हर चीज का एक पैटर्न होता है और अनुभव के आधार पर उसे बदला जा सकता है। उनका कहना था कि परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम उन्होंने जिस पैटर्न पर पहले शुरू किया था उसमें अनुभव के आधार पर धीरे-धीरे बदलाव उंन्होने लाया है। इसी तरह से हर बच्चे को अनुभव के आधार पर अपने कार्यों में बदलाव लाना चाहिए।</p>
<p>बच्चों से संवाद करने के बाद पीएम मोदी ने कहा कि उन्हें लगता है कि अब देश के विभिन्न हिस्सों में बच्चों से परीक्षा पर चर्चा की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि कई राज्य में उन्होंने यह कार्यक्रम किए हैं और उन्हें लगता है की और कार्यक्रम अन्य राज्यों में भी किए जाने चाहिए।</p>
<p> </p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/discussion-on-examination-2026-pm-modi-said-that-the-guarantee-of/article-142131</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/discussion-on-examination-2026-pm-modi-said-that-the-guarantee-of/article-142131</guid>
                <pubDate>Fri, 06 Feb 2026 12:00:23 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/11-%28700-x-400-px%29-%28630-x-400-px%29-%281%295.png"                         length="1231347"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एसबीआई लाइफ की पहल: उदयन एनजीओ की बच्चियों ने महिला क्रिकेट टीम से की मुलाकात</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[विशाखापत्तनम में एसबीआई लाइफ ने उदयन एनजीओ की पांच लड़कियों के लिए 'मीट एंड ग्रीट' आयोजित किया। बच्चियों ने हरमनप्रीत कौर और शेफाली वर्मा जैसे सितारों से मिलकर अपने सपनों को नई उड़ान दी।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/sbi-life-and-bcci-provided-a-memorable-opportunity-to-five/article-138467"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/bhopal.png" alt=""></a><br /><p>भोपाल। वित्तीय सुरक्षा से इतर सपनों को सशक्त बनाने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, भारत के सबसे भरोसेमंद जीवन बीमाकर्ताओं में से एक और बीसीसीआई के आधिकारिक भागीदार, एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस ने कोलकाता के ‘उदयन एनजीओ’ की पाँच युवा लड़कियों के लिए एक विशेष ‘मीट एंड ग्रीट’ का आयोजन किया। एसीए-वीडीसीए क्रिकेट स्टेडियम, विशाखापत्तनम में आयोजित इस कार्यक्रम ने इन बच्चियों को राष्ट्रीय महिला क्रिकेट टीम के सदस्यों के साथ आमने-सामने बातचीत करने का एक दुर्लभ और प्रेरणादायक अवसर प्रदान किया।</p>
<p>उदयन एनजीओ की इन पाँच लड़कियों- सुपर्णा महतो (9), एंजेल बाउरी (10), रोशनी कर्मकार (10), मिनाती बास्के (10) और अनुराधा मांडी (11) ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम के कुछ सबसे प्रसिद्ध खिलाड़ियों, जिनमें हरमनप्रीत कौर, स्नेह राणा, शेफाली वर्मा और हरलीन देओल शामिल थीं, के साथ एक यादगार दिन बिताया। एसबीआई लाइफ और बीसीसीआई द्वारा सुलभ कराए गए इस मंच पर इन बच्चियों ने दिग्गज क्रिकेटरों के साथ प्रैक्टिस नेट्स में भी कदम रखा। हँसी-मजाक, उत्साह और विश्व चैंपियनों के साथ हुई आत्मीय बातचीत ने इस दिन को वास्तव में यादगार बना दिया, जिससे लड़कियों के मन पर एक अमिट छाप पड़ी और उन्हें साहस व आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्यों को पाने की प्रेरणा मिली।</p>
<p>एसबीआई लाइफ का निरंतर चलने वाला कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) कार्यक्रम वंचित बच्चों की शिक्षा, समग्र विकास और उनके सपनों का समर्थन करके उन्हें आगे बढ़ने में मदद करता है। राष्ट्रीय खेल आइकन से मिलने का अवसर देकर, इस पहल का उद्देश्य बच्चियों में आत्मविश्वास पैदा करना, उनकी आकांक्षाओं को व्यापक बनाना और इस विश्वास को मजबूत करना है कि कोई भी सपना बहुत बड़ा नहीं होता।</p>
<p>एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस के चीफ ऑफ ब्रांड, कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन और सीएसआर रवींद्र शर्मा ने कहा, “एसबीआई लाइफ में हमारा मानना है कि वास्तविक सशक्तिकरण केवल वित्तीय सुरक्षा तक सीमित नहीं है, यह सपनों को संजोने, आत्मविश्वास बढ़ाने और साहस को प्रेरित करने के बारे में है। हमें गर्व है कि हम एक ऐसा अनुभव दे सके जिसे ये लड़कियाँ जीवन भर अपने साथ रखेंगी। भारतीय महिला क्रिकेट टीम के साथ यह मुलाकात उन्हें रोल मॉडल्स के साथ जुड़ने, अपनी आकांक्षाओं को जीवंत होते देखने और इस संदेश को अपनाने का मौका देती है कि वे निडर होकर सपने देख सकती हैं।”</p>
<p>उदयन के निदेशक के.एल. जॉर्ज ने कहा, “एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस उदयन के बच्चों के लिए लंबे समय से समर्थक रहा है। इस तरह के अवसर बच्चे के आत्मविश्वास और भविष्य के प्रति उनके दृष्टिकोण को आकार देने में शक्तिशाली भूमिका निभाते हैं। यह मुलाकात हमारी लड़कियों को उन प्रेरणादायक रोल मॉडल्स और अनुभवों से रूबरू कराती है, जो अन्यथा उनकी पहुँच से बाहर होते। हम एसबीआई लाइफ के इस विचारशील सहयोग के लिए आभारी हैं।“</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>खेल</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/khel/sbi-life-and-bcci-provided-a-memorable-opportunity-to-five/article-138467</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/khel/sbi-life-and-bcci-provided-a-memorable-opportunity-to-five/article-138467</guid>
                <pubDate>Mon, 05 Jan 2026 16:32:00 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-01/bhopal.png"                         length="1118514"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>युवाओं के सपने साकार करना सरकार की प्राथमिकता : नकल पर नकेल लगाने का किया कार्य, जोगाराम पटेल ने कहा- युवाओं को उनके परिश्रम का फल सरकारी नौकरी के नियुक्ति-पत्र के रूप में हुआ प्राप्त </title>
                                    <description>
                        <![CDATA[सरकारी और गैर सरकारी क्षेत्र कुल 10 लाख नही, बल्कि 11 लाख युवाओं को रोजगार प्रदान करेंगे। अब नकलची नहीं जो योग्य, शिक्षित और कर्मठ होगा, उसे ही रोजगार मिलेगा। ]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/realijing-the-dreams-of-the-youth-the-governments-priority-was/article-127927"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/6622-copy36.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जिला प्रभारी मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि युवाओं के सपनों को साकार करना और उनके रोजगार की राह को प्रशस्त करना ही राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रदेश के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने सर्वप्रथम नकल पर नकेल लगाने का कार्य किया है, जिससे मेहनत करने वाले युवाओं को उनके परिश्रम का फल सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र के रूप में प्राप्त हुआ हैं। पटेल ने बिरला ऑडिटोरियम में आयोजित जिला स्तरीय मुख्यमंत्री रोजगार उत्सव को संबोधित करते हुए कहा कि हम अपनी सरकार के कार्यकाल में 4 लाख नही 4.25 लाख युवाओं को सरकारी नौकरियां देंगे। सरकारी और गैर सरकारी क्षेत्र कुल 10 लाख नही, बल्कि 11 लाख युवाओं को रोजगार प्रदान करेंगे। अब नकलची नहीं जो योग्य, शिक्षित और कर्मठ होगा, उसे ही रोजगार मिलेगा। </p>
<p>पण्डित दीनदयाल उपाध्याय की जंयती पर जीएसटी बचत उत्सव परमाणु ऊर्जा, अक्षय ऊर्जा, विद्युत तथा राजस्थान राज्य से जुड़ी विकास परियोजनाओं का शिलान्यास एवं उद्घाटन और हरी झंडी दिखाकर 3 ट्रेनों का शुभारम्भ, मुख्यमंत्री रोजगार उत्सव के तहत नवनियुक्त कार्मिको को नियुक्ति पत्र भारत के प्रधानमत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को नापला, छोटी सरवन, बांसवाड़ा वितरित किए। वीसी के माध्यम से लाइव प्रसारण जयपुर के बिरला सभागार में आयोजित हुआ। यहां आयोजित मुख्यमंत्री रोजगार उत्सव के जिला स्तरीय कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जयपुर जिले के प्रभारी मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि राजस्थान सरकार जो कहती है करके दिखाती है। राज्य सरकार ने पूर्व में 75 हजार सरकारी नौकरियां दी है, 15000 नियुक्ति पत्र गुरुवार को प्रदान किए है। </p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/realijing-the-dreams-of-the-youth-the-governments-priority-was/article-127927</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/realijing-the-dreams-of-the-youth-the-governments-priority-was/article-127927</guid>
                <pubDate>Fri, 26 Sep 2025 10:00:58 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-09/6622-copy36.jpg"                         length="554371"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur ]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शहरों के सपने अधूरे क्यों : टूटी सड़कें, जर्जर पाइपलाइनें और मेनहॉल से उगलता सीवरेज दिखा रहा शहरी विकास की अधूरी तस्वीर, अमृत-2.0 के तहत राजस्थान में 321 परियोजनाएं मंजूर</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[मौके पर 97 परियोजनाओं के ही कार्यादेश जारी हो सके, जिनकी लागत 4735.65 करोड़ है। जहां तक प्रोग्रेस की बात करें तो महज 48.17 करोड़ की 17 परियोजनाओं का ही काम ही पूरा हो सका हैं। ]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/cities-dreams-incomplete-why-broken-roads-are-dilapidated-pipelines-and/article-110607"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/6622-copy60.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। केन्द्र सरकार ने शहरी आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए पिछले दस साल में राजस्थान को विभिन्न परियोजनाओं के तहत फण्ड जारी किया, लेकिन उसके बाद भी शहरी विकास की तस्वीर अधूरी ही रही। अमृत-2.0 के तहत राजस्थान में 321 परियोजनाएं अनुमोदित की गई, जिनकी लागत 10,823.72 करोड़ रुपए थी। इनमें से 6130.51 करोड़ की 200 प्रोजेक्ट की डीपीआर भी मंजूर कर दी गई, लेकिन मौके पर 97 परियोजनाओं के ही कार्यादेश जारी हो सके, जिनकी लागत 4735.65 करोड़ है। जहां तक प्रोग्रेस की बात करें तो महज 48.17 करोड़ की 17 परियोजनाओं का ही काम ही पूरा हो सका हैं। </p>
<p><strong>विशेषज्ञ की राय</strong><br />शहरी नियोजन विशेषज्ञों का कहना है कि राजस्थान में न केवल कार्यान्वयन की गति धीमी है, बल्कि योजनाओं का इंटीग्रेटेड मास्टर प्लान भी कमजोर है। अगर अमृत 2.0 को सही मायने में सफल बनाना है, तो योजनाओं को धरातल पर टिकाऊ तरीके से लागू करना होगा। राजस्थान को तेजी से कार्यान्वयन और ठोस योजनाओं की आवश्यकता है, ताकि शहरी विकास के सपने सच हो सकें।</p>
<p>अन्यथा यह योजना भी अधूरी तस्वीर बनकर रह जाएगी। गुजरात और महाराष्ट्र जैसे राज्यों ने अमृत 2.0 के तहत तेजी से प्रगति की है। गुजरात में 91 प्रतिशत योजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि राजस्थान परियोजनाओं को धरातल पर लाने में जूझ रहा है। केन्द्रीय मंत्रालय के अनुसार राज्य की धीमी प्रगति का मुख्य कारण बजट, मॉनिटरिंग और केन्द्र-राज्य समन्वय की कमी है।</p>
<p><strong>ये हालात छुपे नहीं</strong><br />केन्द्र ने 2021 में शहरी भारत को बेहतर बनाने के लिए महत्वाकांक्षी योजना अमृत 2.0 की शुरुआत की। इस योजना का उद्देश्य 500 शहरों में पानी की आपूर्ति, सीवरेज, हरित क्षेत्र और नालों की सफाई जैसे बुनियादी कार्यों को पूरा करना था। राजस्थान में भी 29 शहरों को इस योजना में शामिल किया गया, लेकिन पांच साल बाद भी यहां कई प्रोजेक्ट्स फाइलों तक ही सीमित हैं। टूटी सड़कों, अधूरी पाइपलाइनों और खाली पड़े प्रोजेक्ट साइट्स से राज्य की धीमी प्रगति का आभास होता है।</p>
<p><strong>प्रोजेक्ट्स अधूरे, नाराज लोग</strong><br />राज्य के कई शहरों में योजनाएं तकनीकी स्वीकृति और टेंडर प्रक्रिया में अटकी हुई हैं। कोटा, जयपुर और बीकानेर जैसे शहरों में अधूरी पाइपलाइनों और टूटे नालों से स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई वार्डों में बोर्ड तो लगे हैं, लेकिन काम शुरू नहीं हुआ। राजधानी जयपुर के परकोटे में सीवरेज लाइन बदलने का काम इस साल भी पूरा नहीं हो सकेगा। इसी तरह हवामहल-आमेर जोन और आदर्श नगर जोन में भी चल रहा काम पूरा नहीं हो सकेगा। दो एसटीपी का काम अभी 60 फीसदी ही हुआ है। पांच प्रोजेक्ट सितंबर तक पूरे करने हैं।</p>
<p>अ मृत मिशन में जिन शहरों के लिए प्रोजेक्ट स्वीकृत किए गए थे, उनमें प्रगति लाने के निर्देश दिए गए है। जिन शहरों में सीवरेज, पेयजल के कार्यों में देरी हो रही है, उसके कारणों को जांचते हुए गति दी जाएगी।<br /><strong>- झाबर सिंह खर्रा, यूडीएच मंत्री</strong></p>
<p> </p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/cities-dreams-incomplete-why-broken-roads-are-dilapidated-pipelines-and/article-110607</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/cities-dreams-incomplete-why-broken-roads-are-dilapidated-pipelines-and/article-110607</guid>
                <pubDate>Sun, 13 Apr 2025 11:27:37 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-04/6622-copy60.jpg"                         length="445449"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur ]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आंखों में नव अरमान लिए मंजिल को अपना मान लिया, फिर कठिन क्या, आसान क्या...</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[कोटा के 2 हजार से अधिक युवक युवतियों और महिलाओं को फैशन की दुनिया में अपना केरियर बनाने के लिए तैयार करने वाली अनु ग्रोवर  कोटा से लेकर वॉलीवुड तक अपने नाम का डंका बजवा चुकी है।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/with-new-dreams-in-her-eyes--she-considered-her-destination-as-her-own--then-what-is-difficult--what-is-easy/article-92572"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-10/4427rtrer-(2)8.png" alt=""></a><br /><p>कोटा । आंखो में नव अरमान लिया, मंजिल को अपना मान लिया। फिर कठिन क्या, आसान क्या जो ठान लिया सो ठान लिया।  फैशन डिजाइनिंग में करियर बनाना इतना आसान नहीं था। फैशन डिजायर को जहां पहले लोग एक बेहतर दर्जी समझते थे उस सोच में फैशन एक नए को मुकाम तक पहुंचाने के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ा। कोटा फैशन को लेकर दो दशक पहले तक इतना क्रेज नहीं था।यह कहना है कोटा कि फैशन डिजायनर अनु ग्रोवर का। कोटा के 2 हजार से अधिक युवक युवतियों और महिलाओं को फैशन की दुनिया में अपना केरियर बनाने के लिए तैयार करने वाली अनु ग्रोवर कोटा से लेकर वॉलीवुड तक अपने नाम का डंका बजवा चुकी है। सलमान खान के फैशन डिजानर कमल के साथ बिग बॉस में ड्रेस डिजायन कर चुकी है। </p>
<p><strong>कोटा में स्टूडेंट रहते हुए पहली बार फैशन शो कराया</strong><br />पढाई के दौरान ही पहली बार कोटा में 2004 में  फैशन शो कराकर लोगों को इसके महत्व को समझाया।  उसके बाद बूंदी, कोटा, बारां से महिलाओं को सिलाई कढाई के लिए 200 महिलाओं के गु्रप को प्रशिक्षण देकर उनकी टेलरिंग को बेहतर बनाने में जुट गई। ग्रामीण महिलाए पहले ब्लाउज और पेटीकोट कटिंग गत्ते पर काटकर रखती उस पर कपड़े को काटती थी तो कपड़ा काफी वेस्ट हो जाता था। मैने महिलाओं मेजरमेंट लेना सिखाया और ब्लाउज, सलवार सूट, पेटीकोट के नाप के अनुसार तैयार करना सिखाया तो महिलाओं बाजार से बल्क में काम मिलने लगा। मुस्लिम महिलाओं में बुर्के और उनकी ड्रेस में डिजानिंग डालकर नया लुक देना सिखाया। कोटा के बच्चों लेख्मी फैशन वीक चड़ीगढ़ में हर छह माह में मॉडल के ड्रेस तैयार जाते थे। कई बच्चों ड्रेस रैंप पहनकर मॉडल उतरी है। 2007 में रिलीज हुई सलमान खान की फिल्म में कई ड्रेस कोटा बच्चों द्वारा तैयार किए गए उपयोग में आए है।  बिग बॉस सीजन टू में भी कई ड्रेस तैयार करने में कोटा के विद्यार्थी शामिल थे। </p>
<p><strong>पहले लोग फैशन डिजानर को अच्छा दर्जी समझते थे</strong><br />जब पहली बार मैने  फैशन डिजानिंग के क्षेत्र में उतरी तो लोगों की यह धारणा थी दर्जी से बेहतर डिजायन के कपड़े तैयार करने वाली अच्छी टेलर्स होगी। लेकिन जैसे जैसे फैशन और सोशल मीडिया में फैशन का जलवा छाने लगा तो लोगों को समझ फैशन अलग चीज है। लोगों को बेहतर लुक में दिखाने के लिए नए नए ड्रेस बाजार में लाना एक चुनौती है। कारण थोडे थोडे समय में फैशन बदल जाता है। लोगों नया चाहिए इसके लिए मैने एमरोडरी डिजायन में नए डिजायन किए जो लोगों काफी पसंद आए। </p>
<p><strong>महिलाओं को सिलाई, कढ़ाई ज्वैलरी मैकिंग का दे रही प्रशिक्षण</strong><br />पिछले 19 साल से फैशन डिजानिंग में युवक युवतियों को प्रशिक्षण दे रही हूं। कोटा में जिला प्रशासन की ओर से संचालित शिविरों में अब तक 2 हजार से अधिक महिलाओं को सिलाई, कढाई, ज्वैलरी मैकिंग के प्रशिक्षण देकर उनको रोजगारमुखी बनाया है। मेरी कई स्टूडेंट के एक्सपोर्ट हाउस है। रेनुका पटेल ने आर्ट एंड क्राफ्ट में इंटर्नशिप कर वर्तमान में बिग बाजार  में कार्य कर रही है। आदिति राठौड़ एक्सपोर्ट हाउस मे रिलाइंस ट्रेड में कार्य कर रही है। ऐसी अनेक स्टूडेंट जो आज बडे ब्रांड के कपड़ो के शो रूम के लिए डिजानिंग तैयार कर रही है। कई स्टूडेंट जयपुर, जोधपुर, मुम्बई में फैशन डिजानिंग का कार्य कर रहे है।फैशन हाउस चला रही है स्टूडेंट अनु बताती है वो महिला सशक्तिकरण क्षेत्र में पिछले  19 साल से अनवरत कार्य कर रही है। </p>
<p><strong>विज्ञान विषय में स्नातक करने बाद चुना फैशन डिजानिंग में जाने विकल्प</strong><br />अनु ग्रोवर ने बताया कि मेरे लिए  फैशन डिजानिंग का सफर इतना आसान नहीं था। मैने साइंस विषय में 2001 में बीएससी किया। बायोलॉजी में मुझे आगे नहीं जाना था मुझे लगा सब तो डॉक्टर इंजीनियर बनेंगे नहीं तो मैने 2002 आई एन आई एफ डी  कोटा में फैशन डिजानिंग का पहली बार कोर्स शुरू हुआ तो मैने यहां से बीएससी फैशन डिजानिंग में स्नातक किया पहले बेच में किया। 2005 में कोर्स पूरा हुआ। उसके बाद 2006 में मेरी शादी राजेंद्र ग्रोवर से हो गई। कुछ समय तक हाउस वाइफ रही उसके बाद 2006 में आईएनआईएफडी से जॉब का आॅफर आया तो पति ने सहयोग किया में इससे जुड़ गई। तब से लेकर आज तक 19 साल से इस संस्थान से जुड़कर यहां के हेड की पोस्ट तक पहुंची। इस दौरान पढाई को जारी रखा और एमए इंगलिश में किया। </p>
<p><strong>जब मिला ड्रेस आॅफ ईयर का अवार्ड तो लगें सपनों को पंख</strong><br />अनु ग्रोवर का कहना है कि फैशन बताया कि पहली बार गृह शोभा पत्रिका की ओर से दिल्ली में आयोजित वस्त्रम में 2005 में ड्रेस आॅफ ईयर का प्रथम पुरस्कार मिला उसके बाद फोटो जेनिक में प्रथम स्थान प्राप्त किया। डेजर्ट इंडिया फैशन वीक द्वारा आयोजित मिस राजस्थान में प्रतियोगिता के दस प्रमुख  विजेताओं के वस्त्र की डिजाइनिंग मेरे द्वारा ही की गई। 2006 में अपने डिजाइन किए वस्त्रों का अमेजिंग फैशन शो का आयोजन किया। उसके बाद पीछे मुड़कर नहीं दिखा। </p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/with-new-dreams-in-her-eyes--she-considered-her-destination-as-her-own--then-what-is-difficult--what-is-easy/article-92572</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/with-new-dreams-in-her-eyes--she-considered-her-destination-as-her-own--then-what-is-difficult--what-is-easy/article-92572</guid>
                <pubDate>Tue, 08 Oct 2024 16:05:42 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-10/4427rtrer-%282%298.png"                         length="479590"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[kota]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> देश के युवाओं को अपना जीवन सुधारने के लिए बेहतर शिक्षा की जरूरत - पूर्व राष्ट्रपति</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[आज की स्कूलों में नई सुविधाओं के साथ ही नई टेक्नोलॉजी और खेलकूद की भी बेहतर व्यवस्था होनी चाहिए, जिससे कि बच्चों का बौद्धिक विकास के साथ ही सर्वांगीण विकास हो सके।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/parents-should-not-impose-their-dreams-let-them-fulfill-their/article-54885"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-08/whatsapp-image-2023-08-18-at-15.06.13.jpeg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। देश के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि देश के युवाओं को अपना जीवन सुधारने के लिए बेहतर शिक्षा की जरूरत है। आज पहले के मुकाबले देश में अच्छी शिक्षा प्रदान की जा रही है, लेकिन अभिभावकों को अपने सपने बच्चों के नहीं थोपने चाहिए। बच्चों को अपने सपने पूरे करने के लिए छोड़ देना चाहिए, जिससे कि वह बेहतर कार्य कर सकें। वे आज शुक्रवार को सालासर स्थित श्रीमती त्रिवेणी देवी धनुका उच्च माध्यमिक आदर्श विद्या मंदिर के उद्घाटन समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जहां पर बच्चों पर अभिभावक अपने सपने थोपते हैं, वहां पर बच्चे आत्महत्या करने को मजबूर होते हैं।</p>
<p>इस दौरान पूर्व राष्ट्रपति ने एक उदाहरण देकर भी इसके बारे में समझाया। उन्होंने कहा कि आज की स्कूलों में नई सुविधाओं के साथ ही नई टेक्नोलॉजी और खेलकूद की भी बेहतर व्यवस्था होनी चाहिए, जिससे कि बच्चों का बौद्धिक विकास के साथ ही सर्वांगीण विकास हो सके। देश में आज नई टेक्नोलॉजी के माध्यम से पढ़ाई करवाई जा रही है, जो कि अच्छे संकेत हैं। हाल ही में देश न्यू एजुकेशन पॉलिसी की शुरुआत की गई है जो कि भविष्य को ध्यान में रखते हुए बनाई गई है।</p>
<p>युवाओं को मिल रही नई टेक्नोलॉजी की शिक्षा<br />उन्होंने कहा कि देश में आज युवाओं को नई टेक्नोलॉजी की शिक्षा मिल रही है। यह सब पिछले 8- 10 साल में ही हुआ है। पहले युवाओं को बेहतर शिक्षा नहीं टेक्नोलॉजी के साथ प्रदान नहीं की जा रही थी। आज विदेशों में भी देश की साख बढ़ रही है और आज के हिसाब से देश विश्व गुरु बनने में कुछ कदम दूर है लेकिन आज विश्व शक्ति बन गया है।     </p>
<p><br />धानुका ग्रुप ने स्‍कूल का करवाया निर्माण  <br />सालासर बालाजी मंदिर के लिए विख्‍यात चूरू के सालासर कस्‍बेवासियों को खुशी की एक और वजह मिल गई है। पूर्व राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शुक्रवार को यहां त्रिवेणी देवी धानुका उच्‍च माध्‍यमिक आदर्श विद्या मंदिर स्‍कूल का उद्घाटन किया। इस स्‍कूल का निर्माण धानुका ग्रुप ने माताजी त्रिवेणी देवी की याद में करवाया है। इस स्‍कूल का निर्माण धानुका ग्रुप ने अपनी सीएसआर (कंपनी सामाजिक उत्‍तरदायित्‍व) की गतिविधि के तहत करवाया है।</p>
<p><br />इस अवसर पर धानुका समूह के चेयरमैन  आर.जी. अग्रवाल ने कहा, ‘सालासर धाम प्रसिद्ध बालाजी मंदिर के लिए विख्‍यात है। यह वह स्‍थान है जहां आस्‍था प्रबल होती है और मनोकामना पूर्ति के लिए प्रार्थनाएं की जाती हैं। सालासर में इस स्‍कूल का लोकार्पण हमारे लिए भगवान बालाजी का आशीर्वाद प्राप्‍त करने का एक अवसर है। विद्या भारती के सिद्धान्‍तों से प्रेरित आदर्श विद्या मंदिर का लक्ष्‍य एक समग्र शैक्षणिक अनुभव प्रदान करना है जो विद्यार्थियों में देशभक्ति की गहरी भावना, भारतीय सांस्कृतिक विरासत के प्रति प्रेम और लक्ष्‍य के प्रति स्‍पष्‍टता का निर्माण करे। इसके जरिए हमारा प्रयास संतुलित आध्‍यात्मिक विकास को बढ़़ावा देना, हमारे महान देश के भावी बुद्धिजीवियों को आकार देना और देश के विकास में सार्थक योगदान के लिए उनको तैयार करना है।’ <br />उद्घाटन कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण यह भी रहा कि इस अवसर पर विख्‍यात गायिका अनुराधा पोडवाल ने भावपूर्ण भजनों की प्रस्‍तुति दी।    </p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/parents-should-not-impose-their-dreams-let-them-fulfill-their/article-54885</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/parents-should-not-impose-their-dreams-let-them-fulfill-their/article-54885</guid>
                <pubDate>Fri, 18 Aug 2023 16:14:19 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-08/whatsapp-image-2023-08-18-at-15.06.13.jpeg"                         length="152511"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur ]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>टॉलीवुड की चमक-दमक के पीछे एक विराट स्याह अंधेरा, ख्वाबों के टूटने के सदमें में खुदकुशी कर लेती हैं अभिनेत्रियां</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[कोलकाता। टॉलीवुड की चमक-दमक के पीछे एक विराट स्याह अंधेरा है। जिसका पता तब मालूम होता है, जब कोई सितारा असमय टूटता और बुझ जाता है। वहां लाइम लाइट के बाद गुमनामी के अंधेरे में खो जाने का डर सताता है। गर इंसान जहां तन्हा होता है। मोहब्बत में भावनाओं की सच्चाई नहीं होती। गरजपरस्ती होती है। और जब चारों ओर घना अंधेरा पसरता नजर आता है, तो पलायनवादी लड़कियां कई बार खुदकुशी का रास्ता अपना लेती हैं। ]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/movie-fun/kolkata-news-behind-the-gleam-of-tollywood-a-vast-dark-darkness/article-11991"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/tollywood.jpg" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। टॉलीवुड की चमक-दमक के पीछे एक विराट स्याह अंधेरा है। जिसका पता तब मालूम होता है, जब कोई सितारा असमय टूटता और बुझ जाता है। वहां लाइम लाइट के बाद गुमनामी के अंधेरे में खो जाने का डर सताता है। गर इंसान जहां तन्हा होता है। मोहब्बत में भावनाओं की सच्चाई नहीं होती। गरजपरस्ती होती है। और जब चारों ओर घना अंधेरा पसरता नजर आता है, तो पलायनवादी लड़कियां कई बार खुदकुशी का रास्ता अपना लेती हैं।</p>
<p><span style="color:#ff0000;"><strong>खुद को मजबूत बताने के दस दिन बाद ही टूट गई विदिशा</strong></span> <br />कोलकाता की उभरती मॉडल विदिशा डे मजूमदार के पिता विश्वजीत डे मजूमदार बताते हैं कि अभिनेत्री पल्लवी डे की मौत के बाद अपनी बेटी को लेकर आशंकित हो गया था। वह भी पल्लवी की तरह अकेली रहती थी। ऐसे में वह कहीं कोई गलत फैसला न ले ले। उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि उनकी बेटी भी संघर्ष से घबरा कर पलायन का रास्ता चुन लेगी। वह बताते हैं कि पल्लवी की मौत की खबर सुनने के बाद विदिशा की मां बहुत परेशान हो गई थीं और उन्होंने विदिशा से अपने मन का डर भी जताया था।</p>
<p>लेकिन तब विदिशा ने कहा था, अरे! पल्लवी ने बेवकूफी की है, मैं बहुत मजबूत लड़की हूं। आप एकदम बेफिक्र रहें। मैं ऐसा नहीं करूंगी।लेकिन ऐसा कहने वाली उस लड़की ने महज दस दिनों बाद ही अपनी इहलीला खत्म कर ली। उसके ठीक दो दिन बाद विदिशा की सहेली और एक अन्य मॉडल मंजूषा नियोगी ने भी इसी तरीके से अपनी जान दे दी। मंजूषा की मां बताती हैं, विदिशा की मौत के बाद से ही मेरी बेटी गहरे अवसाद में थी और बार बार उसी का जिक्र कर रही थी।</p>
<p><span style="color:#ff0000;"><strong> बांग्ला फिल्मोद्योग में चिंता का माहौल</strong></span><br />पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में मई के आखिरी दो सप्ताह के दौरान छोटे परदे की तीन उभरती अभिनेत्रियों और एक मॉडल की मौत से टॉलीवुड के नाम से मशहूर बांग्ला फिल्मोद्योग में चिंता का माहौल है। इनमें से ज्यादातर मामलों को फिल्मी दुनिया की चमक दमक के नीचे पसरे अंधेरे और संघर्ष में नाकामी से जोड़ कर देखा जा रहा है। हालांकि एकाध मामलों में असफल प्रेम प्रसंग को कारण बताया जा रहा है। लेकिन इन चारों की मौत की मूल वजह मानसिक अवसाद ही है। इसमें किसी को कोई संदेह नहीं है, लेकिन अब ज्यादातर लोग इन घटनाओं के बारे में खुल कर बात नहीं करना चाहते।</p>
<p>आत्महत्या एक गंभीर मनोवैज्ञानिक और सामाजिक समस्या है। इन घटनाओं ने फिल्मों में रातोंरात कामयाब होने की जद्दोजहद, संघर्ष और पलायन को सतह पर ला दिया है। एक पखवाड़े के भीतर हुई इन चार मौतों ने बांग्ला फिल्म और धारावाहिकों की दुनिया को कठघरे में खड़ा कर दिया है। आम धारणा  है कि बाहरी चमक से प्रभावित होकर तमाम लड़कियां इसकी ओर आकर्षित होती हैं, लेकिन भीतर की कालिख और कीचड़ देख कर उनके सपने जल्दी ही टूट जाते हैं। फिल्मोद्योग से जुड़े लोगों के अलावा मनोवैज्ञानिको ने भी इन पर गहरी चिंता जताई है और इससे सबक लेकर एहतियाती उपाय करने का अनुरोध किया है ताकि भविष्य में इसकी पुनरावृत्ति रोकी जा सके।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>मूवी-मस्ती</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/movie-fun/kolkata-news-behind-the-gleam-of-tollywood-a-vast-dark-darkness/article-11991</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/movie-fun/kolkata-news-behind-the-gleam-of-tollywood-a-vast-dark-darkness/article-11991</guid>
                <pubDate>Mon, 13 Jun 2022 12:02:52 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-06/tollywood.jpg"                         length="69530"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur ]]>
                    </dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        