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                <title>blood donation - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>blood donation RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>रक्तदान और जांच शिविर का आयोजन: सिविल लाइंस विधायक  गोपाल शर्मा ने ब्लड डोनर्स को प्रशस्ति-पत्र देकर किया सम्मानित</title>
                                    <description><![CDATA[देवी नगर में आयोजित शिविर में 40 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया। सिविल लाइंस विधायक गोपाल शर्मा ने रक्तदाताओं को सम्मानित किया। शिविर में शुगर, ईसीजी और थायरॉयड की निशुल्क जांच के साथ दवाइयां वितरित की गईं। इस दौरान चिकित्सा और मीडिया क्षेत्र की हस्तियों को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से भी नवाजा गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/civil-lines-mla-honored-blood-donors/article-146596"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/gopal-sharam.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जयपुर में न्यू सांगानेर रोड स्थित देवी नगर में रविवार को रक्तदान और जांच शिविर का आयोजन हुआ। इस दौरान सिविल लाइंस विधायक गोपाल शर्मा ने रक्तदाताओं का हौसला बढ़ाया और उन्हें प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया।</p>
<p>मानव समाज सेवा संस्थान अध्यक्ष डॉ. मुकेश गुप्ता ने बताया कि सुबह 9 से 2 बजे तक कैंप का आयोजन किया गया। स्वास्थ्य कल्याण ब्लड बैंक की मदद से 40 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया। कैंप में ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, थायरॉयड, बीएमडी और ईसीजी समेत जांचें की गईं। वहीं दवाइयों का भी वितरण किया गया।यह शिविर इंडियन इंस्टीट्यूट आफ़ होम्योपैथिक फिजिशियंस,राज आँगन फाउंडेशन,ढंड डायबिटीज एसोसिएशन व श्री वार्ष्णेय वैश्य स्पोर्ट्स क्लब के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया।</p>
<p>कैंप में डॉ. मुकेश गुप्ता, डॉ. अशोक लादुना, डॉ. महेश सिंघल, डॉ. दीप शिखा अग्रवाल, डॉ. विनोद शर्मा, डॉ. अमिता अग्रवाल, डॉ. अंशु अग्रवाल, डॉ. सुनीता जैन, डॉ. अभिनव शर्मा, डॉ. मोहम्मद अमान और डॉ. मोहम्मद अब्बास ने अपनी सेवाएं दीं। वहीं एक्सपर्ट लैब के डायरेक्टर जय करण चारण ने ईसीजी और थायरॉयड की जांच निशुल्क की। कैंप में मरीजों को होम्योपैथिक एवं एलोपैथिक दवाएं भी उपलब्ध कराई गईं। इस दौरान आशीष पोरवाल, विजय सैनी,शोर्य शर्मा,विपिन गुप्ता अर्पिता माथुर,इशिता बिंद्रा, डॉ ओम बालोदिया,बिजय गुप्ता,एनएल भाटिया, चेतन गोस्वामी, राकेश गर्ग, प्रदीप यादव आदि मौजूद रहे। इस दौरान स्वास्थ्य एवं मीडिया के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वालो को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड प्रदान कर सम्मानित किया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 15 Mar 2026 17:26:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>भगवान महावीर के संदेश 'जीओ और जीने दो' को करेगें सार्थक: राजस्थान जैन सभा के तत्वावधान में मार्च माह में 108 स्थानों पर लगेगें स्वैच्छिक रक्तदान शिविर, 2625 यूनिट रक्त एकत्रित करने का लक्ष्य</title>
                                    <description><![CDATA[भगवान महावीर के 2625वें जन्म कल्याणक पर राजस्थान जैन सभा 108 रक्तदान शिविर आयोजित करेगी। मार्च के प्रत्येक रविवार को आयोजित इन शिविरों में 2625 यूनिट रक्त संग्रह का लक्ष्य है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/lord-mahavirs-message-live-and-let-live-will-be-meaningful/article-143538"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/jaipur.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जैन समाज का एक मात्र प्रादेशिक पंजीकृत प्रतिनिधि संगठन राजस्थान जैन सभा जयपुर के तत्वावधान में भगवान महावीर के 2625 वें जन्म कल्याणक महोत्सव (जन्म जयंती समारोह ) के अवसर पर  मानव सेवार्थ, धार्मिक एवं सामाजिक सेवा के कई कार्यक्रम किए जाएँगे। भगवान महावीर के 'जीओ और जीने दो' के सिद्धांत को सार्थक करने के लिए मार्च माह के प्रत्येक रविवार को- 01 मार्च से रविवार 29 मार्च के दौरान 108 स्थानों पर स्वैच्छिक रक्त शिविर आयोजित किए जाएंगे।</p>
<p>सभा के अध्यक्ष सुभाष चन्द जैन एवं महामंत्री मनीष बैद ने बताया कि भगवान महावीर का 2625 वां जन्म कल्याणक महोत्सव के दौरान मानव सेवार्थ 108 स्थानों पर आयोजित होने वाले रक्तदान शिविरों में 2625 युनिट रक्त एकत्रित करने का लक्ष्य रखा गया है। </p>
<p>एकत्रित रक्त को जरुरतमंद रोगियों को नि:शुल्क उपलब्ध करवाया जाएगा। इन रक्तदान शिविरों के बहुरंगीय पोस्टर का विमोचन एक सादा समारोह में दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र श्री महावीर जी के अध्यक्ष सुधान्शु कासलीवाल ने किया। इस मौके पर सभा के अध्यक्ष सुभाष चन्द जैन, वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रदीप जैन, उपाध्यक्ष विनोद जैन कोटखावदा, महामंत्री मनीष बैद, रक्त दान शिविर मुख्य संयोजक राजीव पा सहित बडी संख्या में गणमान्य लोग शामिल हुए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 Feb 2026 15:51:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> रक्तदान करने में नारायणी भी पीछे नहीं </title>
                                    <description><![CDATA[महिलाओ के रक्तदान की कहानी उन्हीं की जुबानी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/narayani-is-also-not-behind-in-saving-lives-by-donating-blood/article-81526"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/uu11rer-(4)3.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। रक्तदान महादान के पुनीत कार्य में कोटा की महिलाएं भी किसी से कम नहीं है। वो पुरुषों के साथ कदमताल मिलाकर अनवरत रक्तदान कर रही है। कोटा में विश्व रक्तदान दिवस मनाया जाएगा। कई जागरुकता के कार्यक्रम भी होंगे। रक्तदान की आहूर्ति देने में नौकरी पेशा के साथ सबसे ज्यादा भागीदारी गृहणियां निभा रही हैं। कोटा में वैसे प्रदेश सबसे ज्यादा रक्तदान करीब 80 प्रतिशत शिविरों के माध्यम से होता है। लेकिन इस बार गर्मी में रक्त की कमी हो गई तो महिलाओं ने आगे आकर अपनी भागीदारी निभाई और ब्लड शिविरों में रक्तदान कर रक्त की कमी को पूरा कर अपना कर्तव्य बखूबी निभाया है। कोटा में कई महिलाएं अभी तक 51 से अधिक बार रक्तदान कर लोगों की जान बचा चुकी हैं। ऐसी महिलाओं से नवज्योति ने उनके रक्तदान करने शुरुआत की की जानकारी ली तो कई महिलाओं ने अनजान लोगों की जान बचाने के लिए बिना हिचकिचाहट रक्तदान किया। उनकी रक्तदान की कहानी उन्हीं की जुबानी।</p>
<p><strong>खून का रिश्ता बनाने के लिए करती हूं रक्तदान</strong><br />पिछले बीस साल से लगातार ब्लड डोनेट कर रही हूं। मेरी ब्लड डोनेट करने की शुरुआत 2003 में एक व्यक्ति का रोड पर एक्सीडेंट हो गया था मैं और मेरे पति उसको अस्पताल लेकर गए। उसका काफी खून बह गया था। उसको बी पॉजीटिव ब्लड ग्रुप की आवश्कता थी। मेरा ब्लड ग्रुप यहीं था मैनें तुरंत ब्लड डोनेट किया। यह मेरा पहला रक्तदान था। यह सिलसिला शुरू हुआ तो अब तक जारी है। अब तक 25 बार ब्लड डोनेट कर चुकी हूं। जब कोई रक्त की आवश्यकता सूचना मिलती तुरंत पहुंच जाती हूं। रक्तदान कर ब्लड का रिश्ता बना रहे है। 15 ग्रुप बनाकर रक्तदान के लिए प्रेरित कर रही हूं। अब तक हजारों महिलाओं पुरुषों को ब्लड के लिए प्रेरित कर चुकी हूं। अभी एक गर्भवती महिलाओं दो दिन पहले ब्लड डोनेट किया है।<br /><strong>- कृष्णा गुप्ता, शिक्षिका, कोटा</strong></p>
<p><strong>पिता को तो नहीं बचा सकी अब ब्लड से किसी की जान नहीं जाए </strong><br />मुझे रक्तदान की प्रेरणा मेरे पिता से मिली उनका ब्लड ग्रुप एबी नेगेटिव था वो हमेशा रक्तादान करते थे।  मुझे भी एबी नेगेटिव ब्लड ग्रुप विरासत में मिला। कोविड के दौरान पिता बीमार हो गए उन्हें प्लाज्मा की जरुरत थी काफी मुश्किल से प्लाज्मा मिला पिता को बचा नहीं सकें लेकिन तब से प्रण लिया की अब एबी नेगेटिव ब्लड ग्रुप की कमी से किसी की जान नहीं जाए। मेरा ब्लड ग्रुप दुर्लभ होने से जरुरत के समय ही डोनेट करती हूं। अभी तक 12 बार ब्लड डोनेट कर चुकी हूं। किसी को इस ब्लड की ग्रुप जरुरत होती तो मुझे कॉल करते है। हर तीन माह में नियमित ब्लड डोनेट करती हूं। खून की कमी से किसी की जान नहीं जाए।<br /><strong>- सुमन साहू, गृहणी, कोटा</strong></p>
<p><strong>हर तीन माह में पूरी फैमिली करती है रक्तदान</strong><br />पिछले 13साल से लगातार ब्लड डोनेट कर रही हूं। मेरी ब्लड डोनेट करने की शुरुआत 2012 में अग्रसेन जयंती पर आयोजित ब्लड कैंप से हुई। मेरा हिमोग्लोबिन कम था लेकिन मैने संकल्प किया मैं ब्लड डोनेट करुंगी। मेरा ब्लड ग्रुप एबी पॉजीटिव है। यहां से जो सिलसिला शुरू जो अब तक जारी है। अभी तक 51 बार ब्लड डोनेट कर चुकी हूं। 21 बार एसडीपी डोनेट कर चुकी हूं। आधी रात में भी किसी जरुरत मंद का व्हाट्सअप पर मैसेज आता है तो तुरंत ब्लड डोनेट करने चली जाती हूं। मेरे परिवार मेरे पति और दोनों बेटे भी हर तीन माह में रक्तदान करते है। बड़ा बेटा 30 बार रक्तदान कर चुका है। कई रक्तदान शिविर लगाएं।<br /><strong>- प्रीति गोयल, लांइस क्लब, टेक्नो हेल्थ एंड ब्लड डोनेशन चेयरपर्सन</strong></p>
<p><strong>कन्यादान की तरह ब्लड दान भी जरूरी</strong><br />पिछले 16 साल से रक्तदान कर रही हूं। कॉलेज के दौरान एक बार कैंप लगा सभी लड़किया रक्तदान कर रही थी। मुझे कहा गया। पहले तो बहुत डर लगा लेकिन जब रक्त निकाला गया तो कुछ भी महसूस नहीं हुआ। उस समय मेरी उम्र 17 साल की थी। अभी 32 साल की हूं। शादी के बाद पति के साथ नियमित हर तीन माह में रक्तदान करती हूं। मेरे पिता ने मुझ से कहा कि कन्यादान मैं कर रहा हूं तुम्हे अब रक्तदान करना  है। इसी संकल्प के साथ रक्तदान कर रही हूं। किसी गरीब को रक्त की जरुरत होती तो तुरंत पहुंच जाती हूं।<br /><strong>- आकांक्षा, गृहणी कोटा</strong></p>
<p><strong>17 साल की उम्र से शुरू किया था रक्तदान करना</strong><br />पिछले 20 साल से रक्तदान दान कर रही हूं। अभी मेरी उम्र 41 साल की है।  स्टूडेंट लाइफ से मैने रक्तदान करना शुरू कर दिया था। 17 साल की उम्र से ही भाई की प्रेरणा से पहली बार रक्तदान किया। 17 साल में रक्तदान नहीं करते लेकिन मैने जिद्द की तो सब मान गए यह मेरा पहला रक्तदान था। अब तक 25 बार रक्तदान कर चुकी हूं।  महिलाओं व लड़कियों को मोटिवेट कर हर तीन माह में रक्तदान कराती हूं। कई व्हाटसअप ग्रुप बनाकर रक्तदान के लिए शिविर लगाने में सहायता करती हूं। <br /><strong>- भूमिका,  गृहणी, रेगुलर ब्लड डोनर</strong></p>
<p><strong>रक्त का रिश्ता सबसे पवित्र रिश्ता होता, रक्त से बढ़ा कोई दान नहीं</strong><br />पिछले 24 साल से ब्लड डोनेट कर रही हूं। मुझे रक्तदान की प्रेरणा प्रजा पिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरी विश्व विद्यालय से मिली। वहां सिखाया गया कि रक्त रिश्ता सबसे पवित्र होता है। रक्त से बढ़ा कोई दान नहीं होता है। मेरे भाई की शादी थी। अस्पताल से फोन आया किसी व्यक्ति को एबी पॉजीटिव की ब्लड की आवश्यकता है। मैं भाई की शादी छोड़कर तुरंत अस्पताल पहुंची और रक्तदान किया। वापस आकर भाई शादी में जमकर नाची अब तक 30 बार रक्तदान कर चुकी हूं। 10 एसडीपी डोनेट की है। मेरी ब्लड डोनेशन की शुरुआत 2000 से हुई।  हर तीन माह में जरुरत मंद के लिए रक्तदान करती हूं।<br /><strong>- रेणु कौशिक, लेब टेक्शनिशयन </strong></p>
<p>जब शादी करके आई तो पता चला ससुराल में सभी हर तीन माह में रक्तदान करते है। मुझे भी रक्तदान के लिए पे्ररित किया। अब तक 32 बार रक्तदान कर चुकी हूं। 2013 में पहली बार रक्तदान कैंप में डोनेशन की शुरुआत की। तब से लगातार ब्लड डोनेट कर रही हूं। अस्पताल से जब भी कॉल आता तुरंत पहुंच जाती हूं।<br /><strong>- ज्योति पंचाल, गृहणी कोटा</strong></p>
<p><strong> गंभीर मरीज के लिए पहली बार किया रक्तदान</strong><br />पिछले 24 साल से समाज सेवा के साथ रक्तदान कर रही हूं। जब भी रक्तदान शिविर लगता मैं ब्लड डोनेट करने पहुंच जाती हूं। पहली बार एक अस्पताल में एक गंभीर मरीज को ब्लड की आवश्यकता थी। परिजन परेशान थे मेरे पास फोन आय तो बिना घर बताए अस्पताल पहुंच गई और पहली बार रक्तदान किया। मेरे ब्लड देने से एक व्यक्ति की जान बच गई । उस दिन से मैने प्रण लिया की किसी को रक्त की कमी से मरने नहीं दूंगी। रक्तदान महादान  जीवन दान के समान है। अब तक कई महिलाओं को रक्तदान करवा चुकी हूं।<br /><strong>- रमा शर्मा निर्भीक, समाज सेविका कोटा  </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 14 Jun 2024 15:07:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विश्व रक्तदाता दिवस: स्वैच्छिक रक्तदान से पूरी हो सकती है रक्त की कमी रक्तदान में पिछड़े सरकारी ब्लड बैंक, प्राइवेट आगे</title>
                                    <description><![CDATA[ कोई भी रक्तदाता हर तीन माह के अंतराल में रक्तदान कर सकता है। बशर्ते कि उसका वजन 45 किलो से ज्यादा हो और हीमोग्लोबिन 12.5 प्रतिशत प्रति मिली ग्राम से ज्यादा हो।  ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/world-blood-donor-day-blood-shortage-can-be-fulfilled-by/article-81502"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/uu11rer-(2)3.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। देश ही नहीं, बल्कि प्रदेश में भी जरूरत के मुताबिक रक्तदान का अभाव है। इसकी बड़ी वजह है स्वैच्छिक रक्तदान की कमी। ऐसे में आज भी अस्पताल में भर्ती मरीज के परिजनों को ब्लड डोनेट करने के बाद ही बदले में ब्लड मिल पाता है। वर्ष 2022-23 के आंकड़ों के मुताबिक जयपुर में रक्तदान शिविरों केमाध्यम से होने वाले कुल स्वैच्छिक रक्तदान का करीब 80 प्रतिशत निजी क्षेत्र में है, जबकि सरकारी क्षेत्र में मात्र 20 प्रतिशत है। यानी सरकारी क्षेत्र में रक्त की जरूरत वाले लोगों को निजी क्षेत्र पर निर्भर रहना पड़ता है, जहां उन्हें ज्यादा पैसा देना पड़ता है। </p>
<p><strong>सरकारी क्षेत्र में रक्तदान की कमी का बड़ा कारण</strong><br />सरकारी क्षेत्र में स्वैच्छिक रक्तदान की कमी का बड़ा कारण सरकारों की ओर से नेशनल ब्लड पॉलिसी के नियमों के विपरीत जाकर स्टैंड अलोन ब्लड बैंकों को ज्यादा से ज्यादा लाइसेंस देना है। नेशनल ब्लड पॉलिसी 2018 में उल्लेख है कि कोई भी सरकार अब नए स्टैंड अलोन ब्लड बैंकों को लाइसेंस नहीं देंगी। इसका उद्देश्य यही था कि सरकारी क्षेत्र के ब्लड बैंकों को नियमित रक्तदाता रक्तदान करता रहे।  </p>
<p><strong>ब्लड बैंकों का लेखा जोखा</strong><br />वर्तमान में राजस्थान में लगभग 214 ब्लड बैंक हैं। यहां करीब 63 सरकारी एवं 151 प्राइवेट ब्लड बैंक हैं। जयपुर में 51 ब्लड बैंक हैं, जिनमें 8 सरकारी एवं 43 गैर सरकारी क्षेत्र में हैं। राजस्थान में वर्ष 2022-23 में छह लाख 65 हजार 315 यूनिट रक्तदान हुआ है। जयपुर में अकेले एक लाख 62 हजार 70 यूनिट रक्तदान हुआ है। </p>
<p><strong>रक्तदान कब और कौन कर सकता है</strong><br />कोई भी रक्तदाता हर तीन माह के अंतराल में रक्तदान कर सकता है। बशर्ते कि उसका वजन 45 किलो से ज्यादा हो और हीमोग्लोबिन 12.5 प्रतिशत प्रति मिली ग्राम से ज्यादा हो।  </p>
<p><strong>कौन नहीं कर सकते रक्तदान</strong></p>
<ul>
<li>खसरा, चिकन पॉक्स, शिंगल्स जैसी बीमारियों के लिए टीका लेने वाले व्यक्ति कम से कम एक महीने तक ब्लड डोनेट नहीं कर सकते।  </li>
<li>जिनका वजन 45 किलो से कम और शरीर में कम खून या कम हीमोग्लोबिन वाले लोगों को रक्तदान से बचना चाहिए।</li>
<li>अल्कोहल लेने के बाद।</li>
<li>ऐसी महिलाएं जिनके पीरियड्स चल रहे हों एवं ब्रेस्ट फीडिंग कराने वाली माताएं।</li>
<li>18 साल से छोटे और 65 साल से अधिक उम्र के लोग और डायबिटीज, बीपी, थायरॉइड के मरीज।</li>
</ul>
<p><strong>ब्लड डोनेट करने के फायदे</strong></p>
<ul>
<li>ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है।</li>
<li>दिल की बीमारियों और स्ट्रोक के खतरे को कम करता है।</li>
<li>ब्लड डोनेशन के बाद बोनमैरो नए रेड सेल्स बनाता है, जिससे शरीर चुस्त-दुरूस्त बना रहता है। </li>
</ul>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 14 Jun 2024 11:55:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सभी को समझना होगा रक्तदान का महत्व</title>
                                    <description><![CDATA[ इस वर्ष यह दिवस दान का जश्न मनाने के 20 साल: धन्यवाद रक्तदाता! थीम के साथ मनाया जा रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/everyone-has-to-understand-the-importance-of-blood-donation/article-81482"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/uu11rer-(11)1.png" alt=""></a><br /><p>रक्तदान को पूरी दुनिया में सबसे बड़ा दान माना गया है क्योंकि रक्तदान ही है, जो न केवल किसी जरूरतमंद का जीवन बचाता है बल्कि जिंदगी बचाकर उस परिवार के जीवन में खुशियों के ढेरों रंग भी भरता है। कल्पना कीजिए कि कोई व्यक्ति रक्त के अभाव में जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ रहा है और आप एकाएक उम्मीद की किरण बनकर सामने आते हैं और आपके द्वारा किए गए रक्तदान से उसकी जिंदगी बच जाती है तो आपको कितनी खुशी होगी। हालांकि एक समय था, जब चिकित्सा विज्ञान इतना विकसित नहीं था और किसी को पता ही नहीं था कि किसी दूसरे व्यक्ति का रक्त चढ़ाकर किसी मरीज का जीवन बचाया जा सकता है। उस समय रक्त के अभाव में असमय होने वाली मौतों का आंकड़ा बहुत ज्यादा था किन्तु अब स्थिति बिल्कुल अलग है लेकिन फिर भी यह विड़म्बना ही कही जाएगी कि रक्तदान के महत्व को जानते-समझते हुए भी रक्त के अभाव में आज भी दुनियाभर में हर साल करोड़ों लोग असमय ही काल के ग्रास बन जाते हैं। जीवनदायी रक्त की महत्ता के मद्देनजर लोगों को स्वैच्छिक रक्तदान के लिए जागरूक करने के उद्देश्य से 14 जून 1868 को जन्मे कार्ल लैंडस्टीनर के जन्मदिवस पर 14 जून 2004 को रक्तदाता दिवस की शुरूआत की गई थी और तब पहली बार विश्व स्वास्थ्य संगठन, इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ रेडक्रॉस तथा रेड क्रिसेंट सोसायटीज द्वारा रक्तदाता दिवस मनाया गया था, तभी से यह दिन रक्तदान के नाम कर दिया गया। इस वर्ष यह दिवस दान का जश्न मनाने के 20 साल: धन्यवाद रक्तदाता! थीम के साथ मनाया जा रहा है।</p>
<p>विश्व रक्तदाता दिवस की शुरूआत का उद्देश्य यही था कि चूंकि दुनियाभर में लाखों लोग समय पर रक्त न मिल पाने के कारण मौत के मुंह में समा जाते हैं, अत: लोगों को रक्तदान करने के लिए जागरूक किया जाए। रक्तदान के महत्व को लेकर किए जाते रहे प्रचार-प्रसार के बावजूद आज भी बहुत से लोगों के दिलो दिमाग में रक्तदान को लेकर कुछ गलत धारणाएं विद्यमान हैं, जैसे रक्तदान करने से संक्रमण का खतरा रहता है, शरीर में कमजोरी आती है, बीमारियां शरीर को जकड़ सकती हैं या एचआईवी जैसी बीमारी हो सकती है।</p>
<p>रक्तदान करने से शरीर को किसी भी तरह का कोई नुकसान नहीं होता बल्कि रक्तदान से तो शरीर को कई फायदे ही होते हैं। जहां तक रक्तदान से संक्रमण की बात है तो सभी स्वास्थ्य केन्द्रों द्वारा रक्त लेते समय विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा तय मानक तरीके अपनाए जाते हैं, इसलिए संक्रमण का कोई खतरा नहीं होता। 18 साल से अधिक उम्र का शारीरिक रूप से स्वस्थ कम से कम 45 किलो से अधिक वजन का कोई भी व्यस्क स्वेच्छा से कम से कम तीन माह के अंतराल पर साल में 3-4 बार रक्तदान कर सकता है। कुछ लोगों को रक्तदान के समय हल्की कमजोरी का अहसास हो सकता है किन्तु यह चंद घंटों के लिए अस्थायी ही होता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार भारत में प्रतिवर्ष एक करोड़ यूनिट से भी ज्यादा रक्त की आवश्यकता पड़ती है किन्तु मरीजों के इलाज में हर साल कई लाख यूनिट रक्त कम पड़ जाता है, जिसका खामियाजा अनगिनत लोगों को रक्त के अभाव में अपनी जान गंवाकर चुकाना पड़ता है। यह बेहद चौंकाने वाली स्थिति है और आधुनिक विज्ञान के युग में भी रक्त की कमी के चलते लाखों लोगों की मौतों के मद्देनजर यह नितांत आवश्यक है कि आमजन को रक्तदान के लिए प्रेरित करने और उसके फायदे समझाने के लिए व्यापक स्तर पर जन-जागरण अभियान चलाया जाए। लोगों को समझाया जाए कि रक्तदान करने से उन्हें किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं होता बल्कि अपने रक्त से एक अनमोल जीवन बचाकर जो आत्मिक संतुष्टि मिलती है, वह अनमोल है, साथ ही हमारे शरीर का रोग प्रतिरोधी तंत्र भी रक्तदान से मजबूत होता है। रक्तदान करते समय कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान अवश्य रखा जाना चाहिए, तभी आप द्वारा किया गया रक्तदान सार्थक होगा। <br />आपको एड्स, मलेरिया, हेपेटाइटिस, अनियंत्रित मधुमेह, किडनी संबंधी रोग, उच्च या निम्न रक्तचाप, टीबी, डिप्थीरिया, ब्रोंकाइटिस, अस्थमा, एलर्जी, पीलिया जैसी कोई बीमारी हो तो रक्तदान न करें। माहवारी के दौरान या गर्भवती अथवा स्तनपान कराने वाली महिलाएं रक्तदान करने से बचें। यदि आपको टाइफाइड हुआ हो और ठीक हुए महीना भर ही हुआ हो, चंद दिनों पहले गर्भपात हुआ हो, तीन साल के भीतर मलेरिया हुआ हो, पिछले छह महीनों में किसी बीमारी से बचने के लिए कोई वैक्सीन लगवाई हो, आयु 18 से कम या 60 साल से ज्यादा हो तो रक्तदान न करें। जब भी रक्तदान करें, उससे कुछ समय पहले और कुछ समय बाद तक पर्याप्त पानी पीएं, भोजन में हरी सब्जियां तथा आयरन व विटामिन से भरपूर पौष्टिक आहार लें लेकिन रक्तदान से पहले जंक फूड, अधिक वसायुक्त भोजन के अलावा धूम्रपान, मद्यपान इत्यादि किसी भी प्रकार के नशे का सेवन करने से बचें। </p>
<p><strong>-योगेश कुमार गोयल</strong><br /><strong> (ये लेखक के अपने विचार हैं)</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 14 Jun 2024 10:42:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>भीषण गर्मी में भी उत्साहित युवा कर रहे हैं रक्तदान </title>
                                    <description><![CDATA[जनाना हॉस्पिटल, नेहरू पार्क में एडमिट पेशेंट पुष्पा देवी निवासी माधोपुरा लक्ष्मणगढ़ की प्लेट्स कम होने की वजह से बी नेगेटिव ब्लड ग्रुप की आवश्यकता थी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/sikar/enthusiastic-youth-are-donating-blood-even-in-the-scorching-heat%C2%A0/article-79575"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/photo-size-(1)17.png" alt=""></a><br /><p>सीकर। जनाना हॉस्पिटल, नेहरू पार्क में एडमिट पेशेंट पुष्पा देवी निवासी माधोपुरा लक्ष्मणगढ़ की प्लेट्स कम होने की वजह से बी नेगेटिव ब्लड ग्रुप की आवश्यकता थी। डॉक्टरों ने बी नेगेटिव ब्लड की व्यवस्था करने के लिए परिजनों को बोला। परिजन रक्तदान करने के लिए तैयार थे लेकिन परिवार में कोई भी बी नेगेटिव का रक्तदाता नहीं था। तब परिजनों ने विवेकानंद नवयुवक मंडल, हर्ष टीम से संपर्क किया।</p>
<p>युवा मंडल के साथियों ने रेगुलर रक्तदान करने वाले बी नेगेटिव के रक्तदाता भंवर सिंह शेखावत को कॉल के माध्यम से सूचना दी। भंवर सिंह जल्द ही मित्तल ब्लड बैंक पहुंचकर रक्तदान करके जीवन दाता बने। भंवर सिंह ने आज अपने जीवन का 78वां रक्तदान किया। भंवर सिंह को जब भी सीकर जिले में रक्तदान के लिए याद करता है तो हमेशा बोलते हैं रुको थोड़ी देर में आता हूं। पेशेंट पुष्पा देवी के परिजनों ने पूरी टीम का आभार व्यक्त किया।</p>
<p>अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए विवेकानंद युवामंडल की टीम आग्रह करती है कि ब्लड बैंको में ब्लड की कमी है लाइव डोनेशन करेंl</p>
<p>आवश्यकतानुसार रक्तदान के लिए आगे आए l विवेकानंद नवयुवक मंडल हर्ष की टीम से मुकेश हर्ष, शंकर हर्ष, सुनील हर्ष, कैलाश सांवली, उमेश, महेश, नरेंद्र सैनी दूजोद के साथ बहुत से साथी दिन-रात रक्तदान से जुड़ी सेवाओ के लिए सक्रियता से काम कर रहें है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सीकर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 May 2024 19:01:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रक्तदान-महादान: युवाओं ने किया रक्तदान, शिविर मेें 85 यूनिट रक्त एकत्र </title>
                                    <description><![CDATA[ मानव समाज सेवा संस्थान राजस्थान,लीनेस क्लब ड्रीम प्लेनेट एवम सनराइज फ़्रेंड्स सोसाइटी द्वारा आयोजित रक्तदान शिविर में 85 यूनिट रक्त एकत्र किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/blood-donation-camp-youth-donates-blood-hindi-news/article-54438"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-08/jaipur.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मानव समाज सेवा संस्थान राजस्थान,लीनेस क्लब ड्रीम प्लेनेट एवम सनराइज फ़्रेंड्स सोसाइटी द्वारा आयोजित रक्तदान शिविर में 85 यूनिट रक्त एकत्र किया। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास व रोहिताश सिंह ने रक्तदाताओं को सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया।</p>
<p>संस्थान के अध्यक्ष डॉ मुकेश गुप्ता ने बताया कि सवाई मानसिंह ब्लड बैंक व मानव सेवा ब्लड बैंक ने ब्लड एकत्र किया। इस अवसर पर आशीष पोरवाल, विजय सैनी, दिलखुस मीना, मंजू मित्तल, नीलम जैन, गणपत लाल, राहुल मीणा, उषा भंडारी, कमलेश सोनी एवम् शिल्पा पोरवाल ने शिविर की व्यवस्था सँभाली।<br />शिविर में युवाओं व महिलाओं में ब्लड डोनेशन के प्रति गज़ब का उत्साह था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 12 Aug 2023 14:44:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रक्तदान के लिए जूनून ही रक्तवीरों व संस्थाओं की ऊर्जा स्रोत -मिशन निदेशक एनएचएम</title>
                                    <description><![CDATA[मिशन निदेशक ने रक्तदान के क्षेत्र में जुटे सभी रक्तदाताओं को शुभकामनाएं दीं कि उनके पुनित कार्याें के कारण राजस्थान देशभर में सर्वश्रेष्ठ रक्त की आपूर्ति करने वाले राज्यों की सूची में शामिल है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/passion-for-blood-donation-is-the-source-of-energy-of/article-48809"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-06/630-400-size-(2)15.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। विश्व रक्तदान दिवस पर इस वर्ष की थीम ‘‘गिव ब्लड, गिव प्लाजमा, सेयर लाइफ, सेयर ओफन’’ के साथ बुधवार को स्वास्थ्य भवन में राज्यस्तरीय सम्मान समारोह आयोजित किया गया। रक्तदाताओं एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के सम्मान समारोह में सम्बोधित करते हुए मिशन निदेशक एनएचएम डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने कहा कि रक्तदान करने के प्रति रक्तवीरों में जनून होता है और ऐसे बिरले ब्लड डोनर ही जीवनदाता कहलाते हैं। उन्होंने कहा कि रक्तवीर के रूप में स्वयं निरंतर आगे आ रहे नवयुवक और संस्थाएं प्रेरणास्रोत हैं जिनकी प्रशंषा व सम्मान करना बहुत महत्वपूर्ण हैं।  </p>
<p>मिशन निदेशक ने बताया कि आज 14 जून को  विश्वभर में बिना किसी प्रलोभन के मानव सेवा के लिए रक्तदान करने वाले रक्तदाताओं और संस्थाओं के उल्लेखनीय योगदान हेतु उनकी प्रशंषा के लिए मनाया जाता है। उन्होंने रक्तदान के क्षेत्र में जुटे सभी रक्तदाताओं को शुभकामनाएं दीं कि उनके पुनित कार्याें के कारण राजस्थान देशभर में सर्वश्रेष्ठ रक्त की आपूर्ति करने वाले राज्यों की सूची में शामिल है। </p>
<p>डॉ. सोनी ने महिलाओं की रक्तदान कार्याें में सहभागिता बढ़ाने, ट्रोमा सेंटरों के सम्पर्क नम्बर प्रचारित करने, धार्मिक अवसरों व मेला इत्यादि में रक्तदान शिविर आयोजित करने, ‘पहला रक्तदान - हमारे साथ‘ लक्ष्य के साथ रक्तदान के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने और संकलित रक्तदान का पूरी पारदर्शिता के साथ समुचित उपयोग करने के लिए अपील की है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 14 Jun 2023 15:41:07 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>विश्व रक्तदाता दिवस: 33 साल की उम्र, 36 बार रक्तदान</title>
                                    <description><![CDATA[ विवेकानंद नवयुवक मंडल, हर्ष के अध्यक्ष, सामाजिक कार्यकर्ता और नियमित रक्तदाता मुकेश कुमार सैनी की उम्र 33 साल है लेकिन उन्होंने अब तक 36 बार रक्तदान किया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/sikar/world-blood-donor-day-age-33-donated-blood-36-times/article-48778"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-06/630-400-size-(26)1.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। रक्तदान महादान के ध्येय वाक्य को सीकर जिले के युवक मुकेश ने अपने जीवन में उतार रखा है। <strong>विवेकानंद नवयुवक मंडल, </strong>हर्ष के अध्यक्ष, सामाजिक कार्यकर्ता और नियमित रक्तदाता <strong>मुकेश कुमार सैनी</strong> की उम्र 33 साल है लेकिन उन्होंने अब तक 36 बार रक्तदान किया है। शेखावाटी समेत पूरे राजस्थान में जहां भी किसी को रक्त की जरूरत होती है। <br />उनसे चौबीसों घण्टे कभी भी सम्पर्क किया जा सकता है। उन्होंने अपने जैसे रक्तदाता युवाओं का पूरा ग्रुप बना रखा है तथा अलग अलग संस्थाओं के माध्यम से 1 मार्च 2022 से 31 मार्च 2023 तक 1600 यूनिट और अब तक कुल 6000 यूनिट रक्तदान करवा चुके हैं। </p>
<p><strong>कोरोना के समय प्लाज्मा देकर बचाई कई लोगों की जान</strong> <br />2010 में जब मुकेश की मां का ऑपरेशन हुआ। इधर-उधर कोशिश की तो दो लोग रक्त देने को तैयार हुआ और मां की जान बच सकी। तब ये महसूस हुआ कि रक्तदान क्यों इतना महत्वपूर्ण है। इसके अलावा एक बार किसी मित्र के परिजन को ब्रेन ट्यूमर थैरेपी के लिए रक्त की आवश्यकता थी। उस समय तब रक्तदान करने के लिए अंदर से आवाज आई और तब से आज तक रक्तदान का सिलसिला जारी है।</p>
<p><strong>इनसे भी मिली प्रेरणा </strong><br />हर्ष गांव के पूर्व सरपंच घीसालाल सैनी ने अपना पहला रक्तदान 1988 में किया था और अब तक 50 से अधिक बार रक्तदान कर चुके हैं। अभी उन्होंने नववर्ष 2023 में रक्तदान किया है। उन्होंने 2009 में पहली बार गांव में रक्तदान शिविर का आयोजन करवाया था तब 51 यूनिट ब्लड का संकलन हुआ था। उनसे प्रेरणा लेकर मुकेश गांव में अब तक 6 बड़े रक्तदान  शिविरों का आयोजन करवा चुके हैं जिसमें कुल 1000 यूनिट के लगभग संग्रहण हुआ। खुद का परिवार बड़ा होने की वजह से घरवालों का भी भरपूर सहयोग मिला। 6 भाई हैं जिनमें 4 का दुर्लभ ब्लड ग्रुप एबी नेगेटिव है। इनमें से 4 भाइयों ने 10 यूनिट से अधिक रक्तदान किया है। </p>
<p><strong>कोरोना काल और प्लाज्मा</strong><br />कोरोना महामारी में प्लाज्मा की आवश्यकता लोगों को पड़ रही थी। उस समय 80 यूनिट से अधिक प्लाजमा लोगों को प्रेरित करके दान कराया। 2021 में डेंगू प्रकोप में 200 से अधिक एसडीपी डोनेट करवाई और लोगों को लाइव ब्लड डोनेट करके राहत पहुंचाई।</p>
<p><strong>सोशल मीडिया से भी मिला सहयोग</strong><br />अलग अलग क्षेत्र में रक्त की आपूर्ति के लिए सोशल मीडिया का भी भरपूर सहयोग मिला क्योंकि रक्तदाताओं का व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर कार्य आसान हो जाता है। इसके अलावा भी रक्तदाता और पेशेंट के बीच सामंजस्य स्थापित करने में सोशल मीडिया बहुत सहयोगी होती है।</p>
<p><br /><strong>जीवन संरक्षण के अलावा पर्यावरण संरक्षण भी</strong><br />मुकेश ना केवल रक्तदान के क्षेत्र में बल्कि अनेक क्षेत्रों में कार्य करते है। गांव में एक जन्मदिन एक पेड़ अभियान के तहत पेड़ लगाकर उनके देखभाल का दायित्व निभाकर पर्यावरण संरक्षण पर कार्य करना, शेखावाटी में गिरते भूजल के लिए वर्षा के पानी को संरक्षित करके वाटर रिचार्ज प्वाइंट बनाकर जल संरक्षण करना, स्वच्छता को लेकर कार्य करना, विभिन्न सरकारी योजनाओं के फायदे को ग्रामीण लोगों तक पहुंचाने के लिए जागरूकता अभियान चलाना, लाइब्रेरी खोलकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वालों के लिए अनुकूल माहौल बनाना, लोगों को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करना आदि अन्य गतिविधियों में भी कार्य करते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>सीकर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 14 Jun 2023 14:48:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>रक्तदान मानव जीवन का सबसे बड़ा पुण्य : अवाना</title>
                                    <description><![CDATA[रक्तदान करने पहुंचे कार्यकर्ताओं का माला पहनाकर अभिनंदन किया। इससे पहले बीसीएमओ डॉं राहुल कौशिक व सीएचसी प्रभारी डॉं मनीष चौधरी ने देवनारायण बोर्ड अध्यक्ष का माला व साफा पहनाकर अभिनंदन किया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bharatpur/blood-donation-is-the-biggest-virtue-of-human-life-awana/article-23478"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-09/105.jpg" alt=""></a><br /><p>नदबई। आजादी के अमृत महोत्सव के चलते नदबई सीएचसी पर रक्तदान शिविर का आयोजन हुआ। जिसका शुभारम्भ देवनारायण बोर्ड अध्यक्ष जोगिन्दर अवाना ने दीप प्रवलित कर किया। समारोह दौरान  देवनारायण बोर्ड अध्यक्ष ने रक्तदान करने से जरुरतमंद व्यक्ति की जिंदगी बचने के बारे बताते हुए अधिक से अधिक लोगों को रक्तदान करने को कहा। वही रक्तदान करने पहुंचे कार्यकर्ताओं का माला पहनाकर अभिनंदन किया। इससे पहले बीसीएमओ डॉं राहुल कौशिक व सीएचसी प्रभारी डॉं मनीष चौधरी ने देवनारायण बोर्ड अध्यक्ष का माला व साफा पहनाकर अभिनंदन किया। बाद में सीएचसी प्रभारी डॉं मनीष चौधरी ने रक्तदान करने से कमजोरी नही होने व दान किए गए रक्त से किसी इंसान की जिंदगी बचने के बारे में बताते हुए अधिक से अधिक लोगों को रक्तदान करने का संदेश दिया। इस दौरान बीसीएमओ डॉं राहुल कौशिक, नगर पालिकाध्यक्ष हरबती सिनसिनवार, डॉं शशीकांत शर्मा, पार्षद संजय रौतवार, सुरेन्द्र हौलू मेहन्दीरत्ता, शिवराम शर्मा, कुंवर नम्बरदार, संजय उपाध्याय सहित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>भरतपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 19 Sep 2022 13:10:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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                <title>प्रदेश में 76 प्रतिशत स्वैच्छिक रक्तदान, इससे अधिक की आवश्यकता</title>
                                    <description><![CDATA[स्वैच्छिक रक्तदान की कमी से देश ही नहीं, बल्कि प्रदेश में भी रक्त का अभाव है। इसलिए मरीज के परिजनों को ब्लड डोनेट करने के बाद ही बदले में ब्लड मिल पाता है, जब तक स्वैच्छिक रक्तदान का प्रतिशत नहीं बढ़ेगा, तब तक ये परिस्थितियां बनी रहेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-76-percent-blood-donation-in-state/article-12074"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/blood-donar-day-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। स्वैच्छिक रक्तदान की कमी से देश ही नहीं, बल्कि प्रदेश में भी रक्त का अभाव है। इसलिए मरीज के परिजनों को ब्लड डोनेट करने के बाद ही बदले में ब्लड मिल पाता है, जब तक स्वैच्छिक रक्तदान का प्रतिशत नहीं बढ़ेगा, तब तक ये परिस्थितियां बनी रहेगी। वर्तमान में राजस्थान में 198 ब्लड बैंक हैं, जिनमें सात केंद्र सरकार द्वारा संचालित हैं। यहां करीब 52 सरकारी एवं 135 गैर सरकारी ब्लड बैंक हैं। जयपुर में लगभग 52 ब्लड बैंक हैं, जिनमें 12 सरकारी और 40 गैर सरकारी हैं। राजस्थान में स्वैच्छिक रक्तदान 76 प्रतिशत है। इस तरह से प्रदेश और देश में 24 वें स्थान पर है। राजस्थान में प्रतिवर्ष लगभग दस लाख यूनिट रक्तदान होता है। जयपुर में करीब तीन लाख यूनिट रक्तदान प्रतिवर्ष होता है। जयपुर के स्वास्थ्य कल्याण ब्लड बैंक में करीब 50 हजार यूनिट रक्तदान होता है। राजस्थान में प्रतिवर्ष 10 हजार से ज्यादा ब्लड डोनेशन कैम्प होते हैं। इनमें जयपुर में 1600 और करीब 600 कैम्प स्वास्थ्य कल्याण ब्लड बैंक कराता है, जो जयपुर का लगभग 38 प्रतिशत है।</p>
<p><strong>रक्तदान कब, कैसे और कौन कर सकता है</strong><br />एक स्वस्थ व्यक्ति हर तीन माह के अंतराल में रक्तदान कर सकता है। वह 18 वर्ष या उससे ज्यादा हो और वजन 45 किलोग्राम से ज्यादा हो। हीमोग्लोबिन 12.5 प्रतिशत प्रति मिली ग्राम से ज्यादा हो और उसे कोई गंभीर बीमारी नहीं हो।</p>
<p><strong>इन हालातों में नहीं कर सकते ब्लड डोनेट</strong><br />- खसरा, चिकनपॉक्स, शिंगल्स बीमारियों के टीके लेने वाले व्यक्ति को कम से कम एक महीने तक ब्लड डोनेट नहीं करना चाहिए।<br />- अल्कोहल लेने के बाद।<br />- ऐसी महिलाएं जिनके पीरियड्स चल रहे हों, ब्रेस्ट फीडिंग कराने वाली माताएं।</p>
<p><strong>ब्लड ग्रुप और विशेषता</strong><br />- ओ ब्लड ग्रुप वाले को यूनिवर्सल डोनर कहा जाता है, क्योंकि इस ब्लड गु्रप वाले लोग हर ब्लड गु्रप के पॉजिटिव आरएच वाले व्यक्ति को अपना खून दे सकते हैं। ओ पॉजिटिव वाले लोग केवल ओ नेगेटिव व्यक्ति से ही ब्लड रिसीव कर सकते हैं। <br />- ए नेगेटिव ब्लड ग्रुप के लोग यूनिवर्सल रेसिपिएंट्स होते हैं। ऐसे लोगों को किसी भी दूसरे गु्रप का ब्लड दिया जा सकता है। हालांकि ये केवल एबी पॉजिटिव ग्रुप को ही रक्तदान कर सकते हैं।<br />- बी पॉजिटिव ब्लड ग्रुप का व्यक्ति बी पॉजिटिव और एबी पॉजिटिव को अपना खून दे सकता है।<br />- बी नेगेटिव ब्लड गु्रप के लोग का खून बी नेगेटिव, बी पॉजिटिव, एबी नेगेटिव और एबी पॉजिटिव को दिया जाता है। <br />- एबी पॉजिटिव ब्लड सामान ग्रुप के ही व्यक्ति को दिया जा सकता है। <br />- ग्रुप के व्यक्ति का रक्त एबी पॉजिटिव ब्लड ग्रुप वालों को दिया जा सकता है।</p>
<p>आवश्यकता के अनुपात में अभी भी रक्त की बहुत कमी है। इस कमी को दूर करने के लिए हम सभी का प्रयास होना चाहिए कि प्रदेश में स्वैच्छिक रक्तदान का प्रतिशत सौ फीसदी हो ताकि हर जरूरतमंद व्यक्ति को आसानी से रक्त मिल सके। <br /><strong>- डॉ. एसएस अग्रवाल, चेयरमैन, स्वास्थ्य कल्याण ब्लड बैंक गु्रप </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Jun 2022 10:37:27 +0530</pubDate>
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