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                <title>miracle - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>चमोली में चमत्कार : 16 घंटे बाद मलबे से निकली जिंदगी, राहत कर्मियों ने दो लोगों को जिंदा बाहर निकाला</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तराखंड के चमोली जिले में बादल फटने के बाद आई तबाही ने नंदानगर के कुन्तरी लगा फाली गांव के घरों को जमींदोज कर दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/miracle-in-chamoli-after-16-hours-life-relief-personnel-came/article-127389"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/images-(1).png" alt=""></a><br /><p>देहरादून। उत्तराखंड के चमोली जिले में बादल फटने के बाद आई तबाही ने नंदानगर के कुन्तरी लगा फाली गांव के घरों को जमींदोज कर दिया। करीब 40 घर मलबे की नीचे दब गए, कई लोगों ने अपनी जान गवां दी लेकिन साथ ही एक चमत्कार भी हुआ। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय लोगों ने मलबे में दबे दो लोगों को 16 घंटे बाद जिंदा बाहर निकाल लिया गया।</p>
<p>बचाए गए लोगों में एक महिला और एक पुरुष शामिल है। बाहर निकालने के बाद दोनों को श्रीनगर अस्पताल पहुंचाएगा गया जहां डॉक्टरों की टीम इनका इलाज कर रही हैं।</p>
<p><strong>पूरा गांव मलबे में दबा :</strong></p>
<p>एक रात पहले शांत दिखने वाला फाली गांव अब मलबे के ढेर में तब्दील हो गया है। गत 17-18 सितंबर की देर रात को बादल फटने से भारी मलबा और पानी बह कर आया। जिससे कई घर पूरी तरह जमींदोज हो गए।</p>
<p><strong>पांच शव बरामद, सात की तलाश जारी :</strong></p>
<p>इस बीच तीन क्षेत्रों से लापता कुल बारह लोगों में से पांच के शव खोज लिए गए। पिछले दो दिन से कड़ी मशक्कत के बाद शुक्रवार अपराह्न राज्य की देवदूत कहे जाने वाले एसडीआरएफ के जवानों ने मलबे के बीच से इन्हें निकाल, नागरिक पुलिस के सुपुर्द कर दिया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 20 Sep 2025 12:10:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
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                <title>अहमदाबाद विमान हादसा : भूमि के लिए ट्रैफिक जाम बना वरदान, 10 मिनट की देरी से पहुंचने पर छूटी फ्लाइट </title>
                                    <description><![CDATA[हवाई अड्डे पर सिर्फ दस मिनट देर से पहुंचना भूमि चौहान के लिए उस समय वरदान बन गया, जब लंदन जा रही उसकी एयर इंडिया की उड़ान एआई 171 छूट गई। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/ahmedabad-aircraft-accident-made-a-traffic-jam-for-the-land/article-117312"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/news-(4)10.png" alt=""></a><br /><p>अहमदाबाद। अहमदाबाद हवाई अड्डे पर सिर्फ दस मिनट देर से पहुंचना भूमि चौहान के लिए उस समय वरदान बन गया, जब लंदन जा रही उसकी एयर इंडिया की उड़ान एआई 171 छूट गई और उसकी जान बच गई। गौरतलब है कि अहमदाबाद से लंदन जा रहा एयर इंडिया का ड्रीमलाइनर 787 उड़ान भरने के तत्काल बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। यह विमान उड़ान भरने के तुरंत बाद हवाई अड्डे के निकट एक अस्पताल के हॉस्टल पर गिर गया था। विमान में चालक दल के सदस्यों सहित 242 लोग सवार थे। इनमें से सिर्फ एक यात्री विश्वास कुमार रमेश की ही जान बच सकी, वह अभी अस्पताल में भर्ती हैं। वह चमत्कारिक ढंग से दुर्घटनाग्रस्त विमान से छिटक कर दूर जा गिरे थे।</p>
<p>भूमि के अनुसार वह लंदन में नौकरी करती है और करीब डेढ़ महीने पहले ही गुजरात के अंकलेश्वर स्थित अपने घर आई थी। वह लंदन की उड़ान पकडऩे अंकलेश्वर से अहमदाबाद आ रही थी, वह अहमदाबाद समय से पहुंच गई, लेकिन शहर में जगह-जगह जाम होने के कारण उसे हवाई अड्डा पहुंचने में दस मिनट की देरी हो गई। हवाई अड्डे पर पहुंचने के बाद उसे अंदर नहीं जाने दिया गया। उसने ऑनलाइन चेकइन किया था, लेकिन उससे कहा गया कि वह देरी से पहुंची है, इमिग्रेशन फॉर्म भरने का समय समाप्त हो गया है और बोर्डिंग प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।</p>
<p>भूमि ने कहा कि उसने काफी आग्रह किया और कहा कि यदि उसकी यह उड़ान छूट गयी तो उसकी नौकरी भी जा सकती है, लेकिन उसकी मिन्नतें नहीं सुनी गई। उसने टिकट के पैसे वापस मांगे, लेकिन इन्कार कर दिया गया। उसने बताया कि वह हवाई अड्डे से निराश होकर लौट गई कि उसके टिकट के पैसे भी गए और उसकी नौकरी भी जा सकती है। इस बीच, विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसकी उसे जानकारी नहीं थी, लेकिन उसके परिजनों को पता लग चुका था कि विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया है। परिजनों ने घबराहट में उसे फोन मिलाया, जिससे उसे पता चला कि विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया है। भूमि ने कहा कि यह सुनकर उसने ईश्वर का लाख-लाख शुक्रिया अदा किया और उसके परिजनों ने भी राहत की सांस ली। उसने कहा कि अहमदाबाद के ट्रैफिक जाम की वजह से उसकी जान बच गई।</p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Jun 2025 18:56:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>बागौरी माता का चमत्कार, चोर-डकैत अपनी योजना में रहते हैं विफल </title>
                                    <description><![CDATA[ भौनावास ग्राम के पास बागौरी की ढाणी की पहाड़ी में स्थित बागौरी माता का मंदिर करीब 500 साल से अधिक पुराना है। ग्रामीणों के अनुसार बागौरी माता के प्रताप से क्षेत्र में होने वाली अनहोनी की सूचना क्षेत्र वासियों को मिल जाती थी जिससे वे लोग सर्तक हो जाते थे। इस क्षेत्र में डकैतों की योजना विफल रहती थी जिससे डकैतों ने बागौरी माता की प्रतिमा की गर्दन पर वार किया जिसके बाद से प्रतिमा की गर्दन को पानी की जलहरी में रखा जाता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/miracle-of-bagori-mata--thieves-and-dacoits-fail-in-their-plan/article-12105"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/13prag01.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>प्रागपुरा।</strong> भौनावास ग्राम के पास बागौरी की ढाणी की पहाड़ी में स्थित बागौरी माता का मंदिर करीब 500 साल से अधिक पुराना है। ग्रामीणों के अनुसार बागौरी माता के प्रताप से क्षेत्र में होने वाली अनहोनी की सूचना क्षेत्र वासियों को मिल जाती थी जिससे वे लोग सर्तक हो जाते थे। इस क्षेत्र में डकैतों की योजना विफल रहती थी जिससे डकैतों ने बागौरी माता की प्रतिमा की गर्दन पर वार किया जिसके बाद से प्रतिमा की गर्दन को पानी की जलहरी में रखा जाता है। बागौरी नव युवक मंडल अध्यक्ष सतापाल सिंह ने बताया कि बागौरी माता का मदिर करीब 1800 मीटर की ऊंचाई पर था। ग्राम की एक वृद्धा जो माता की सेवक  थी। </p>
<p>वह मंदिर की चढ़ाई चढ़ने में परेशान होती थी तो उन्होंने माता से नीचे आने की विनती की। जिस पर माता करीब 100 मीटर नीचे आई, वहां उनका मंदिर बनाया गया। ग्रामजनों के अनुसार राजा आसकरण को माता ने दर्शन देकर यहां होने का सबूत दिया। नवरात्रा में प्रतिवर्ष महाराष्टा, पश्चिम  बंगाल, उड़ीसा, पंजाब सहित विभिन्न राज्यों के  दूरस्थ स्थानों से मंदिर में हजारों भक्त दर्शन व जात  जडूले करने आते हैं। अष्टमी को यहां विशाल मेला लगता है। ग्राम के पूर्व सरपंच व भामाशाह विशम्भर दयाल गोयल ने करीब 1000 मीटर तक सड़क व इसके  बाद  की चढ़ाई को सुगम बनाने</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Jun 2022 13:30:11 +0530</pubDate>
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