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                <title>Heavy Rain - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Heavy Rain RSS Feed</description>
                
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                <title>न्यूजीलैंड में तूफान से जनजीवन अस्त-व्यस्त:  हवाई यातायात ठप्प; 30,000 घरों की बिजली गुल, कई उड़ाने रद्द</title>
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                        <![CDATA[न्यूजीलैंड के उत्तरी द्वीप में भीषण तूफान के कारण 30,000 घरों की बिजली गुल हो गई और उड़ानें रद्द कर दी गईं। 149 मील प्रति घंटे की हवाओं ने भारी तबाही मचाई है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/air-traffic-halted-due-to-storm-in-new-zealand-power/article-143405"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/1200-x-600-px)-(18).png" alt=""></a><br /><p>वेलिंगटन। न्यूजीलैंड के उत्तरी द्वीप में भारी बारिश एवं तेज हवाओं के कारण हवाई यातायात बाधित हो गया है। इसकी वजह से कई उड़ानें रद्द की गई हैं और 30,000 से अधिक घरों में बिजली गुल हो गयी है। रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार को स्थानीय अधिकारियों के हवाले से यह जानकारी दी।</p>
<p>वेलिंगटन हवाई अड्डे के अनुसार, आज सुबह ओशिनिक द्वीप और देश की राजधानी के बीच आवागमन करने वाली अधिकांश उड़ानें रद्द या विलंबित रहीं। एयर न्यूजीलैंड ने वेलिंगटन, नेपियर और पामस्र्टन नॉर्थ हवाई अड्डों पर अस्थायी रूप से उड़ानें निलंबित कर दी हैं।</p>
<p>खराब मौसम के कारण कुछ सड़कें बंद कर दी गई हैं और ट्रेन एवं फेरी सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं। वेलिंगटन के अधिकारियों ने वाहन चालकों से यात्रा करने से बचने का आग्रह किया है। प्राकृतिक आपदा के बाद की स्थिति से निपटने के लिए आपातकालीन सेवाएं काम कर रही हैं। न्यूजीलैंड की अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा के सहायक कमांडर केन कूपर ने कहा कि रात भर में लगभग 850 आपातकालीन कॉल प्राप्त हुए जिनमें से आधे से अधिक राजधानी क्षेत्र में थे।</p>
<p>रेडियो न्यूजीलैंड ने राष्ट्रीय मौसम सेवा मेटसर्विस का हवाला देते हुए कहा कि उत्तरी द्वीप पर 149 मील प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवा के झोंके दर्ज किए गए। मेटसर्विस के मौसम विज्ञानी जॉन लॉ ने कहा कि यह चरम मौसम द्वीप के पूर्व में स्थित निम्न दबाव क्षेत्र के धीरे-धीरे दक्षिण की ओर बढऩे के कारण उत्पन्न हुआ है।</p>
<p>मौसम विज्ञानी लॉ ने कहा कि यह अच्छी खबर यह है कि जैसे-जैसे दिन गुजरेंगे हवाएं धीमी होने लगेंगी इसलिए शायद हमने हवाओं की चरम स्थिति देख ली है। लेकिन वेलिंगटन के मानकों के हिसाब से भी सप्ताह की शुरुआत में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश भी हो रही है। रिपोर्ट के अनुसार, उत्तरी द्वीप के वैरापा क्षेत्र के कुछ हिस्सों में रात भर में आठ इंच तक बारिश दर्ज की गई है।</p>]]>
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                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 16 Feb 2026 18:29:13 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
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                <title>इंडोनेशिया में बारिश के कारण भूस्खलन : 2 लोगों की मौत, 21 लापता</title>
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                        <![CDATA[इंडोनेशिया में भारी बारिश के कारण सिलाकैप रीजेंसी के सिब्यूनयिंग गांव में बड़ा भूस्खलन हुआ, जिसमें 2 लोगों की मौत हो गई, 3 घायल हो गए और 21 लोग अब भी लापता हैं। यह जानकारी प्रांतीय आपदा प्रबंधन एजेंसी के आपातकालीन इकाई प्रमुख मुहम्मद चोमसुल ने दी।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/rain-causes-landslide-in-indonesia-2-dead-21-missing/article-132391"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/11-(1).png" alt=""></a><br /><p>जकार्ता। इंडोनेशिया के भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन में 2 लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हो गए और 21 अन्य लापता हैं। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। प्रांतीय आपदा प्रबंधन एवं न्यूनीकरण एजेंसी की आपातकालीन इकाई के प्रमुख मुहम्मद चोमसुल के अनुसार सिलाकैप रीजेंसी के सिब्यूनयिंग गाँव में हुई भारी बारिश के कारण यह भूस्खलन हुआ। उन्होंने बताया कि भूस्खलन रिहायशी इलाकों में हुआ। दो लोगों की मौत हो गई। तीन घायल हो गए और 21 अन्य लापता हो गए हैं।</p>
<p>चोमसुल ने बताया कि लापता लोगों की तलाश और बचाव अभियान जारी है, जिसमें स्थानीय आपदा एजेंसी, स्थानीय खोज और बचाव कार्यालय, सेना और अन्य सरकारी संस्थान एवं स्वयंसेवक शामिल हैं। उन्होंने बताया कि अभियान में सहायता के लिए भारी मशीनरी तैनात की गई है।</p>]]>
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                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 14 Nov 2025 12:28:52 +0530</pubDate>
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                <title>जनजीवन हुआ अस्त-व्यस्त : बारिश से जगह-जगह जाम, सड़कें धंसी और जलभराव से आमजन बेहाल</title>
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                        <![CDATA[बारिश के चलते चौमू पुलिया के पास अंबाबाड़ी शॉपिंग सेंटर के पास करीब पन्द्रह फीट लंबा एवं छह से सात फीट गहरा गड्डा हो गया। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/life-has-been-caused-by-disorganized-rains/article-128385"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/copy-of-news-(4).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजधानी जयपुर में मंगलवार को हुई भारी बारिश ने शहर की रफ्तार थाम दी। शहर में शाम को हुई झमाझम बारिश के चलते शहर के विभिन्न इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। कई मुख्य मार्गाें पर पानी भरने से जगह-जगह यातायात जाम लगा रहा जिससे वाहन चालकों को घंटों जाम में फंसा रहना पड़ा। कई जगहों पर सड़कों के धंसने और गड्डे बनने से लोगों को यातायात में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश के चलते अजमेर रोड 200 फीट बाईपास पर सड़क पर डिवाइडर की रैलिंग तक पानी भर गया।</p>
<p>इसके साथ ही शहर के ट्रांसपोर्ट नगर, कलेक्ट्रेट सर्किल, मुख्य सचिव निवास के सामने, जेके लॉन अस्पताल के सामने, जवाहर सर्किल, टोंक रोड, वैशाली नगर, सिविल लाइंस, सांगानेर, मानसरोवर, विद्याधर नगर, सीकर रोड, अजमेर रोड और झोटवाड़ा क्षेत्रों में पानी भरने से यातायात जाम हो गया और वाहनों की लंबी कतारें लगने से लोगों का जाम में फंसा रहना पड़ा। सड़कों के लबालब होने दुपहिया वाहन चालकों को अधिक परेशानी उठनी पड़ी, वहीं चौपहिया वाहन भी पानी में फंस गए। इसके साथ ही जवाहर नगर कच्ची बस्ती, मदरामपुरा कच्ची बस्ती, गिरधारीपुरा कच्ची बस्ती, एमआई रोड सहित मालवीय नगर एवं लालकोठी अंडरपास में पानी भरने से आवागमन बंद किया गया। </p>
<p><strong>धंसी सड़क और दीवार ढही</strong><br />बारिश के चलते चौमू पुलिया के पास अंबाबाड़ी शॉपिंग सेंटर के पास करीब पन्द्रह फीट लंबा एवं छह से सात फीट गहरा गड्डा हो गया। इसके बाद पुलिस ने मौके पर बैरिकेटिंग कर यातायात को रोका गया। इसी प्रकार आर्मी एरिया में दीवार ढह गई और उसमें ट्रैफिक लाइट का पोल भी गिर गया।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Oct 2025 12:55:23 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur PS]]>
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                <title>प्रदेश में रिकॉर्ड बारिश : 108 साल में दूसरी बार सबसे ज्यादा बरसात, एक जून से अब तक 693 एमएम से ज्यादा पानी बरसा</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[राजस्थान में छोटे-बड़े 693 बांधों में से 437 बांध फुल हो चुके हैं जबकि 164 बांध ऐसे हैं, जो 25 से लेकर 90 फीसदी तक भरे हैं। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/record-rains-in-the-state-for-the-second-time-in/article-126382"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/copy-of-news-(1)7.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान में इस मानसून सीजन में 108 साल में दूसरी सबसे ज्यादा बारिश हुई है। साल 1917 के मानसून सीजन में कुल 844.2 एमएम बरसात हुई थी जो कि सामान्य से 94 फीसदी अधिक थी। वहीं इस साल 2025 के मानसून सीजन में 1 जून से 8 सितम्बर तक 693.1 एमएम बरसात हो चुकी है। जबकि अभी मानसून विदा नहीं हुआ है और ऐसे में यह आंकड़ा और भी बढ़ सकता है। फिलहाल ये आंकड़ा सामान्य बारिश की तुलना में 59 फीसदी ज्यादा है। पिछले मानसून सीजन 2024 में 678.4 एमएम बारिश हुई थी जो कि सामान्य से 56 फीसदी अधिक थी। ऐसे में इस बार भी प्रदेश में मानसून जमकर मेहरबान रहा। इसका असर यह भी है कि इस बार राजस्थान में 63 फीसदी बांध भर चुके हैं।</p>
<p><strong>क्लाइमेट चेंज का है असर</strong><br />कई राज्यों में बाढ़ के हालात बने हुए हैं। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक क्लाइमेट चेंज के कारण ऐसा हो रहा है। राजस्थान में भी पिछले 20 सालों में क्लाइमेट चेंज का असर ही है कि राजस्थान जैसे सूखे प्रांत में अब बारिश औसत से ज्यादा होने लगी है। </p>
<p><strong>इस बार जुलाई में सबसे ज्यादा बरसात</strong><br />इस मानसून के सीजन में पिछले तीन माह में सबसे ज्यादा बरसात जुलाई के महीने में हुई। जून के महीने में 125.3 एमएम, जुलाई में 290 एमएम और अगस्त में 184 एमएम बरसात दर्ज हुई। जबकि 1 सितम्बर से 8 सितंबर तक 94 एमएम बरसात हो चुकी है।</p>
<p><strong>बारिश थमी, तीखी धूप और गर्मी ने सताया</strong><br />राजधानी जयपुर सहित कई जिलों में अब बारिश का दौर लगभग थम सा गया है। मंगलवार को छिटपुट जगहों को छोड़कर कहीं भी बारिश नहीं हुई। इसके चलते धूप में तल्खी रही और गर्मी का असर फिर से काफी बढ़ गया है। जयपुर में भी दिन भर मौसम साफ रहा और तेज धूप खिली रही। इसके असर से तापमान भी बढ़ गया और गर्मी का असर भी। इस बीच अधिकांश जिलों में दिन का तापमान 33 डिग्री या उसके आसपास दर्ज किया गया। जयपुर में अधिकतम तापमान  33.6 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24.5 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश में अगले एक सप्ताह तक मानसून कमजोर रहेगा। केवल छुटपुट स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना है। वहीं 11 सितंबर से अधिकांश भागों में आगामी एक सप्ताह मौसम मुख्यत: शुष्क रहेगा।</p>
<p><strong>63 फीसदी बांध फुल</strong><br />इस सीजन में अब तक 63 फीसदी से ज्यादा बांध ओवर-फ्लो हो चुके हैं। राजस्थान में छोटे-बड़े 693 बांधों में से 437 बांध फुल हो चुके हैं जबकि 164 बांध ऐसे हैं, जो 25 से लेकर 90 फीसदी तक भरे हैं। बीसलपुर बांध से 24 जुलाई से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है जोकि अभी तक जारी है। </p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Sep 2025 09:30:05 +0530</pubDate>
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                <title>बारिश का दौर जारी, आज और कल दक्षिणी राजस्थान में भारी बारिश का अलर्ट</title>
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                        <![CDATA[ प्रदेश में मानसून सक्रिय होने से बारिश का दौर लगातार जारी है। राजस्थान में बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rainfall-continues-today-and-tomorrow-heavy-rain-alert-in-southern/article-126053"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/rain2.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश में मानसून सक्रिय होने से बारिश का दौर लगातार जारी है। राजस्थान में बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं। राजसमंद के रिछेड़ क्षेत्र में तेज बारिश से नेशनल हाईवे-162 (राजसमंद-जोधपुर) का आधा हिस्सा बह गया। इससे हाईवे को बंद कर दिया है। कोटा में बिजली गिरने से एक किसान की मौत हो गई। अजमेर के बोराज में अंबा नाड़ी की पाल का हिस्सा टूट गया। नाडी का पानी बोराज तालाब में आ रहा है, जबकि तालाब की पाल पहले ही टूटी हुई है। वरुण सागर रोड स्थित स्वास्तिक नगर कॉलोनी में तालाब का पानी फिर से घुसने लगा है। उदयपुर में एकलिंगपुरा ब्रिज के नीचे से गुजर रही 30 से ज्यादा कॉलेज स्टूडेंट से भरी बस फंस गई। उदयपुर ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा और ग्रामीणों ने बस को धक्का देकर पानी से निकाला। बाड़मेर में लूणी नदी पर शुक्रवार को रील बना रहा युवक पैर फिसलने से बह गया। भीलवाड़ा में शनिवार सुबह तक बारिश होती रही। कई कॉलोनियों और घरों में 2 से 3 फीट तक पानी भर गया। मांडल क्षेत्र में एक मकान ढह गया। राजधानी जयपुर में भी सुबह से रुक रुक कर छितराई बारिश हो रही है। वहीं मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार आज और कल दक्षिणी राजस्थान में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट है। </p>
<p>इस दौरान उदयपुर व जोधपुर संभाग के कुछ भागों में भारी से अतिभारी बारिश व कहीं-कहीं अत्यंत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। इस दौरान अजमेर, बीकानेर, कोटा, जयपुर व भरतपुर संभाग के कुछ भागों में मध्यम से कहीं-कहीं तेज बारिश हो सकती है। वहीं 8-9 सितंबर को जोधपुर संभाग व आसपास के जिलों में कहीं भारी, अतिभारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। जोधपुर संभाग को छोड़कर शेष अधिकांश भागों में भारी बारिश की गतिविधियों में 8 सितंबर से गिरावट होने की प्रबल संभावना है।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Sep 2025 15:41:29 +0530</pubDate>
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                <title>भारी बारिश के कारण जयपुर में स्कूलों का अवकाश</title>
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                        <![CDATA[ भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए जयपुर जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने सोमवार, (25 अगस्त) और 26 अगस्त को सभी सरकारी एवं गैर सरकारी विद्यालयों में कक्षा 1 से 12 तक अवकाश घोषित किया है]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/school-holidays-in-jaipur-due-to-heavy-rains/article-124583"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/rain2.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए जयपुर जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने सोमवार, (25 अगस्त) और 26 अगस्त को सभी सरकारी एवं गैर सरकारी विद्यालयों में कक्षा 1 से 12 तक अवकाश घोषित किया है। आदेश के अनुसार आंगनबाड़ी केन्द्र भी बंद रहेंगे।</p>
<p>कलक्टर ने बताया कि विद्यार्थियों की सुरक्षा एवं स्वास्थ्य को दृष्टिगत रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। यदि परिस्थितियां सामान्य रहती हैं तो विद्यालय 27 अगस्त से नियमित रूप से खुल जाएंगे। साथ ही विद्यालय स्तर पर हेल्पलाइन/शेल्टर खोलने के भी निर्देश दिए गए हैं।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 24 Aug 2025 15:34:56 +0530</pubDate>
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                <title>कठुआ में भारी बारिश के बाद फटा बादल : बाढ़ आने से 7 लोगों की मौत, घरों में घुसा पानी </title>
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                        <![CDATA[कश्मीर के कठुआ जिले के राजबाग-घाटी इलाके में भारी बारिश के कारण अचानक आयी बाढ़ में कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/after-heavy-rains-in-kathua-many-people-died-due-to/article-123849"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/6622-copy222.jpg" alt=""></a><br /><p>जम्मू। कश्मीर के कठुआ जिले के राजबाग-घाटी इलाके में भारी बारिश के कारण अचानक आयी बाढ़ में कम से कम 7 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। अधिकारियों ने बताया कि कठुआ जिले में रात भर हुयी भारी बारिश के कारण सुबह अचानक  बाढ़ आ गयी। इस त्रासदी के कारण जिले के कुछ हिस्सों में पांच लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के ऊपरी इलाकों में भी बादल फटने की भी खबरें हैं। उन्होंने आगे कहा कि भारी बारिश के कारण अचानक बाढ़ आ गई, जिससे घरों और अन्य बुनियादी ढाँचों को नुकसान पहुँचा। इसके अलावा,जंगलोट और आसपास के इलाकों में रेलवे ट्रैक और जम्मू-कठुआ राष्ट्रीय राजमार्ग के कुछ हिस्सों को भी नुकसान पहुँचा है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि सड़कों पर पानी भर गया है और बाढ़ का पानी पुराने कठुआ शहर के कई घरों में भी घुस गया है। पुलिस और सेना की टीमों के साथ-साथ एसडीआरएफ को भी बचाव अभियान में लगाया गया है और प्रभावित परिवारों तक पहुँचने के लिए बचाव अभियान शुरू किया गया है। घायलों को अस्पताल पहुँचाया जा रहा है, और उन्हें निकालने के लिए हेलीकॉप्टर की भी व्यवस्था की गई है।</p>
<p>केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि जंगलोट इलाके में बादल फटने की सूचना मिलने के बाद एसएसपी कठुआ शोभित सक्सेना से बात की। रेलवे ट्रैक और राष्ट्रीय राजमार्ग को नुकसान पहुँचा है और कठुआ पुलिस स्टेशन भी प्रभावित हुआ है। आगे कहा कि प्रशासन, सेना और अर्धसैनिक बल तुरंत हरकत में आ गए हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। </p>
<p>जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि कठुआ के कई इलाकों में बारिश के कारण हुए विनाशकारी भूस्खलन में लोगों की मौत से गहरा दुख हुआ है। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस और प्रशासन के बचाव और राहत कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने आगे कहा कि मैंने प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में बचाव और सहायता कार्यों को चलाने के लिए समन्वय और क्रियान्वयन करने तथा मौके पर चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। मेरी संवेदनाएँ शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं और मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूँ।</p>
<p>जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी इस घटना पर दुख व्यक्त किया है और अधिकारियों को बादल फटने और भूस्खलन प्रभावित कठुआ जिले में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राहत, बचाव और निकासी के उपाय करने का निर्देश दिया है। इस बीच मौसम विभाग ने 18 अगस्त तक डोडा, जम्मू, कठुआ, किश्तवाड़, पुंछ, राजौरी, रामबन, रियासी, सांबा और उधमपुर में हल्की से मध्यम स्तर की बाढ़ का खतरा जताया है। मौसम विभाग ने कहा है कि अगले तीन दिनों तक जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में भारी बारिश होगी। अधिकारियों ने बताया कि पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा ज्यादा है और संवेदनशील क्षेत्रों में बादल फटने की भी आशंका है। लोगों से कहा गया है कि जब तक बहुत जरूरी न हो, यात्रा करने से बचें और जलाशयों के पास जाने से बचें।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 17 Aug 2025 14:50:56 +0530</pubDate>
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                <title>अजमेर- कोटा- उदयपुर संभाग में मेघ मेहरबान : अजमेर में रुक-रुककर बारिश का दौर, 4 इंच से ज्यादा पानी बरसा</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[भारी बारिश के चलते कई जगह नालों की दीवारें और पेड़ गिर गए। एक कार नाले में गिर गई।]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/ajmer-kota-in-udaipur-division-there-was-more-than-4-inches/article-121007"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/564210.png" alt=""></a><br /><p>अजमेर। शहर में शुक्रवार को रुक-रुककर झमाझम बारिश का दौर चला। अलसुबह 4.30 बजे से सायं 5.30 बजे तक 4 इंच से ज्यादा बारिश हुई। जिससे शहर पानी से तरबतर हो गया। इससे जनजीवन खासा प्रभावित रहा। कई इलाके जलमग्न हो गए। कई निचली बस्तियों और रिहायशी कॉलोनियों में घुटनों तक पानी भर गया। घंटों तक लोग घरों में कैद होकर रह गए। मुख्य मार्गों पर पानी भरने से राहगीरों व वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। जेएलएन अस्पताल के वार्डों और गलियारों में पानी भरने से स्टाफ, चिकित्सक, रोगियों और उनके परिजन की दिक्कतें बढ़ गईं। रेलवे स्टेशन, बस स्टैण्ड, दरगाह में भी पानी भर गया।</p>
<p>भारी बारिश के चलते कई जगह नालों की दीवारें और पेड़ गिर गए। एक कार नाले में गिर गई। जिसमें चालक सहित तीन लोग सवार थे। गनीमत रही कि उन्हें बचा लिया गया। समाचार लिखे जाने तक रात में भी रुक-रुककर तेज बारिश का दौर जारी रहा। अरावली की पहाड़ियों में कई जगह झरने बहने लगे। इधर, जिला कलक्टर ने अतिवृष्टि प्रभावित इलाकों का दौरा कर संबंधित अधिकारियों को राहत और बचाव के निर्देश दिए। शहर के आसपास के तालाबाें में पानी की अच्छी आवक से चादर चल गई। </p>
<p><strong>1975 की बाढ़ की चर्चा</strong><br />अजमेर शहर में 18 जुलाई 1975 को बाढ़ आई थी। आज वही तारीख होने और अलसुबह से तेज बारिश का दौर शुरू होने पर लोग उस बाढ़ से तुलना करते रहे। सोशल मीडिया पर भी 1975 की बाढ़ छाई रही। </p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>अजमेर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 19 Jul 2025 13:31:28 +0530</pubDate>
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                <title>फतेहपुर शेखावाटी में चली नाव : अजमेर में चार इंच से ज्यादा तो सीकर में चार इंच बारिश</title>
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                        <![CDATA[करौली के मंडरायल क्षेत्र के कैमकच्छ पुलिया पर बरसाती नाले के तेज बहाव में एक महिला बह गई, जिसे देर रात तक तलाशा जा रहा था। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-boat-in-fatehpur-shekhawati-more-than-four-inches-of/article-120087"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/8842roer-(2)1.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश में मानसून की मेहरबानी लगातार बनी हुई है। कहीं हल्की तो कहीं भारी बारिश हो रही है। बीते 24 घंटों में अजमेर में भारी बारिश हुई। यहां 113 एमएम यानी चार इंच से ज्यादा बारिश हुई और जगह-जगह जलभराव की स्थिति हो गई। सीकर में गुरुवार को दिनभर चली बारिश के बीच देर रात तक करीब चार इंच पानी बरसा। सबसे ज्यादा बारिश सीकर के फतेहपुर में करीब चार इंच दर्ज हुई। भारी बारिश के बीच फतेहपुर में एक बस और कार पानी में फंस गई। इन्हें सुबह पुलिस की मदद से निकाला जा सका। </p>
<p>बस स्टैंड पर कई दुकानों में पानी घुस गया। फतेहपुर में पानी में बच्चों ने नाव चलाई। सवाईमाधोपुर के गंगापुर सिटी में गंभीर नदी में डूबने से युवक की मौत हो गई। पांचना बांध से पानी छोड़ने के बाद गंभीर नदी में जलस्तर बढ़ गया। कटकड़ के पास रपट पर गंभीर नदी के तेज बहाव को देखते हुए प्रशासन ने गंगापुर सिटी-हिंडौन मार्ग को बंद कर दिया है। चूरू, करौली, अलवर सहित अन्य जिलों में भी बारिश हुई। करौली के मंडरायल क्षेत्र के कैमकच्छ पुलिया पर बरसाती नाले के तेज बहाव में एक महिला बह गई, जिसे देर रात तक तलाशा जा रहा था। झुंझुनूं और भरतपुर के भी कई स्थानों पर तीन इंच तक बारिश हुई। </p>
<p><strong>जयपुर के सांगानेर इलाके में एक इंच से ज्यादा बारिश</strong><br />राजधानी जयपुर में भी गुरुवार दोपहर बाद मौसम बदला और शहर के अलग-अलग इलाकों में छितराई बारिश हुई। सबसे ज्यादा बारिश सांगानेर इलाके में हुई। यहां एक इंच से ज्यादा बारिश हुई और सड़कों तथा निचले इलाकों में पानी भर गया। जयपुर में अधिकतम 33.3 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री रिकॉर्ड किया। प्रदेश में सबसे अधिक तापमान जैसलमेर में 38.2 डिग्री दर्ज किया।</p>
<p><strong>बीसलपुर में पानी की आवक धीमी</strong><br />बीसलपुर बांध में पिछले 24 घंटे में महज एक सेमी पानी की आवक हुई है। <br />बांध का जलस्तर अब बढ़कर 313.89 आरएल मीटर <br />पर पहुंच गया। </p>
<p><strong>आज कोटा, भरतपुर संभाग में भारी बारिश के आसार</strong><br />मौसम विभाग केंद्र जयपुर के अनुसार शुक्रवार को कोटा, भरतपुर संभाग में कहीं-कहीं भारी बारिश होने व 12-13 जुलाई को कोटा, भरतपुर, जयपुर, अजमेर और उदयपुर संभाग में कहीं-कहीं भारी व अतिभारी बारिश होने की संभावना है। साथ ही 12 जुलाई से पश्चिम राजस्थान में भी बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने के आसार हैं। </p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 11 Jul 2025 09:22:14 +0530</pubDate>
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                <title>जम्मू में बारिश के कारण अचानक बढ़ा जल स्तर : नदी के बीचों-बीच फंसा मजदूर,  एसडीआरएफ ने सुरक्षित निकाला बाहर</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात बहाल हो गया है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/in-jammu-the-water-level-suddenly-increased-due-to-rain/article-118517"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/2.jpg" alt=""></a><br /><p>जम्मू। जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात बहाल हो गया है, जबकि जम्मू शहर के बीचों-बीच तवी नदी से एक मजदूर को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। भारी बारिश के कारण रामबन के पास हुए भूस्खलन के बाद जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग को तड़के बंद कर दिया गया था। पुलिस ने कहा कि कर्मचारियों और मशीनों को तुरंत काम पर लगाया गया और राजमार्ग पर आए मलबे को हटाकर यातायात बहाल कर दिया गया। उन्होंने कहा कि फंसे हुए वाहनों को निकाला जा रहा है।</p>
<p>एक अन्य घटना में राज्य आपदा बचाव बल (एसडीआरएफ) टीम ने नौबाद क्षेत्र में तवी नदी में अचानक से पानी बढ़ने पर एक मजदूर फंस गया था, जिसे नदी से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। पुलिस ने कहा कि तवी नदी के तल में काम कर रहा एक मजदूर तब फंस गया, जब ऊंचे इलाकों में भारी बारिश के कारण अचानक जल स्तर बढ़ गया। उन्होंने कहा कि नदी से सुरक्षित बाहर निकाले गए मजदूर की हालत स्थिर है।</p>
<p> </p>
<p> </p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 25 Jun 2025 18:53:20 +0530</pubDate>
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                <title>मदन दिलावर ने दिए ओलावृष्टि प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे करने के निर्देश</title>
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                        <![CDATA[खेत में खड़ी किसानों की धनिए और सरसों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/madan-dilawar-gave-instructions-to-survey-hailstorm-affected-areas/article-98947"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/madan-dilawar.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने कोटा जिले के रामगंजमंडी क्षेत्र में हुई भारी ओलावृष्टि से हुए नुकसान का सर्वे करने के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। दिलावर ने कोटा जिला कलेक्टर रविंद्र गोस्वामी को निर्देशित किया है कि रामगंजमंडी क्षेत्र के गांवों लखारिया, गादिया, सोहनखेड़ी, बुद्धखान, कोला, अरनिया खुर्द, बाशयाहेडी, उद्पुरा, हरिपुरा तथा अन्य क्षेत्रों में तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। </p>
<p>इसके कारण खेत में खड़ी किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। दिलावर ने ओलावृष्टि से हुए फसलों के नुकसान को लेकर तुरंत सर्वे कराने के निर्देश दिए है।</p>
<p> </p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 28 Dec 2024 18:28:55 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>बीबीएफ पद्धति अपनाकर भारी बरसात में फसलें तबाह होने से बचाएं</title>
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                        <![CDATA[नाले को गहरा करने और साफ सफाई समय पर होती तो बच सकती भी फसलें।
]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/save-crops-from-being-destroyed-in-heavy-rains-by-adopting-bbf-method/article-90378"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/2rtrer-(3)4.png" alt=""></a><br /><p>भण्डेड़ा। दुगारी बांध के ओवरफ्लो की वजह से बांसी सहित आसपास के गांवों में खेतों में पानी भर गया और अन्नदाताओं की करोड़ों की फसल तबाह हो गई। कृषि विशेषज्ञों और वैज्ञानिकों का कहना है कि भारी बरसात से फसलों को बचाने के लिए किसानों को बीबीएफ पद्धति से (नाली व मेड विधि) सोयाबीन व उड़द की फसलों की बुवाई करनी चाहिए। जिससे अतिवृष्टि में ज्यादा बरसात होने की स्थिति में बरसात का पानी नालियों से बाहर निकल जाता है। फसले खराब होने से बच सकती है। इस पद्धति से फसलों की बुवाई करने से मध्यप्रदेश में बहुत उपयोगी साबित हो रही है। जानकारी के अनुसार क्षेत्र में  दुगारी बांध का ओवरफ्लो का पानी की निकासी मोरी के सहारे बांसी के तालाब में पहुंच रहा है। बांसी के तालाब का ओवरफ्लो का पानी तीन जगह के नालों के सहारे निचले क्षेत्र मेज नदी में पहुंच रहा है। इस समय नालों की हालात देखी जाए तो लगता है कि यह नाले नही खेत नजर आते है। नाममात्र की जगह पर ही नाले नजर आ रहे है। क्षेत्र में इस समय लंबे समय से ही बारिश चल रही है। जिसका पानी, डैम व तालाब के ओवरफ्लो का पानी एक साथ नाले में बहाव होने से नालों में पानी ऊफान लेकर धरतीपुत्रों के खेतों में लबालब भरे हुए होने से यह पानी नालों में भी धीरे-धीरे निकलने से पानी खेतों की फसलों में अधिक समय तक रहने से हजारों बीघा फसलें बर्बाद हो गई है। संबंधित विभाग पानी निकासी की जगहों पर नालों का समय रहते नालों को अतिक्रमण से मुक्त करवाकर नालों की चौड़ाई व गहराई करवा देते तो तीन से चार गांव के धरतीपुत्रों की हजारों बीघा भूमि में धरतीपुत्रों की फसलें बच जाती तो धरतीपुत्रों को इसका नुकसान नहीं उठाना पड़ता। नालों की गहराई व चौड़ाई होने से बारिश का पानी खेतों का भी नाले मे पहुंच जाता व नाले ऊफान नही लेते व नुकसान की जगह फायदा मिलता। परिवार के भरण-पोषण में भी बाधाएं नही आती। </p>
<p> फसलें बर्बाद की एक वजह यह भी कि क्षेत्र में तालाबों के पानी निकासी के सभी जगहों पर नाले है। जिन पर नालों के दोनों तरफ के ही किसानों ने दोनों तरफ से अतिक्रमण भी कर लिया है। जो किसी जगह पर खेत बना दिया। किसी जगह पर संबंधित विभाग ने पट्टे जारी कर दिए। जिसमें मकान व बाड़े बना लिए। आबादी के अंदर संबंधित विभाग ने सड़कें बना दी। सड़कों की ऊंचाई होने से गांव के बाजारों में पानी अधिक ऊंचाई तक पहुंच गया। वही नालों को खेत का रूप देने से पानी ऊपरी क्षेत्र तक के खेतों तक पानी पहुंच गया। जो क्षेत्र में फसलें बर्बाद होने की यह वजह भी बताई जा रही है।  </p>
<p>बांसी के धरतीपुत्रों के खेतो में पानी भरने की समस्या का समाधान तीन जगह पर हो रहा है। तालाब की पानी निकासी के नाले की दस फीट गहरी व राजस्व विभाग के रिकॉर्ड में दर्ज नाले की चौड़ाई तक खुदाई हो जाए तो पूरे क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात पैदा नही होगें। पानी की निकासी बढे नालों तक पहुंचने से खेतों में जो पानी बारिश का होगा। वह भी इन्हीं में निकल जाएगा। इसका एक जगह का प्रयास मैंने किया था। नाले की गहराई हेतु स्वीकृति भी ली थी। पर कार्य शुरू करते ही खेत वालों ने आपत्ति जताते है। ऐसी स्थिति पास के खेत वालों ने नालों का मात्र नमूना रख रखा है। खेतों में मिलाने से नाले संकडे होते जा रहे है। तालाबों का ओवरफ्लो का पानी बारिश के साथ ही शुरू हो जाता है, जो पानी की निकासी में रूकावट पैदा हो जाती है।  बाढ़ जैसे हालत बन जाने से खेतों में फसलें लंबे समय तक जलमग्न हो जाती है। फसलें बर्बाद हो जाती है। संबंधित विभाग समय रहते सीमा ज्ञान करके नालों की गहराई व चौड़ाई बनाए तो समस्या का समाधान संभव है। <br /><strong>- सत्यप्रकाश शर्मा, सरपंच</strong></p>
<p><strong>ग्राम पंचायत बांसी </strong><br />दुगारी बांध का पानी जहां निचाई है, वही पर अधिक निकासी होती है। संबंधित विभाग ने गांव में सीसी सड़कों का निर्माण भी करवा दिया। जिससे पानी ऊंचाई तक पहुंच जाता है। नाले के आसपास की जगहों में भी विभाग ने पट्टे जारी करने से मकान बनने से चौड़ाई कम हो गई। गांव में पानी भरने की समस्या अधिक होती जा रही है। पानी निकासी के नालों की गहराई नही हुई, जो पानी फैलकर निकलने से खेतों की फसलें तक भरा रहता है। नाले में जितनी-सी जगह है, उसी आधार पर निकासी हो रही है। नालों का रिकॉर्ड राजस्व विभाग के पास है। नालों की गहराई होती तो तीनों गांव के किसानों की फसलें बर्बाद होने से बच जाती।<br /><strong>- पीसी मीणा, एईएन जलसंसाधन विभाग नैनवां</strong></p>
<p>पानी की समस्या से जो हालात पैदा हो रहे है। इस समस्या का समाधान व उचित जानकारी जल संसाधन विभाग को है। हमारे राजस्व विभाग के रिकॉर्ड के नाले है। उनमें पानी निकासी में बाधा नजर आती है, तो बारिश रूकने पर समाधान के लिए देखा जाएगा। <br /><strong>- रामराय मीणा, तहसीलदार राजस्व विभाग नैनवां </strong></p>
<p>क्षेत्र में बारिश शुरू होने पर बारिश का बरसाती पानी फसल के खेत में इकट्ठा नही होना चाहिए है। बारिश जारी रहे, ऐसी स्थिति में बारिश का पानी खेत से निकलता रहे। प्रथम प्राथमिकता खेत की फसल के पानी निकासी की समुचित व्यवस्था हो तो फसल को बारिश से बचाया जा सकता है। बारिश के समय नालों का पानी भी खेतों में नही आए अगर पानी आता है, तो खेत की फसल में रहने से फसल की जड़े गलने लगेगी। धीरे-धीरे फसल सुखने लगेगी। फसल नष्ट हो जाती है, आसपास के नालों का पानी खेतों में फैलेगा तो पानी के साथ आने वाले कीटाणु भी सब्जियों की फसल को नुकसान पहुंचाता है, तो अन्य पानी भी पहले वाले खेतों में नही आना चाहिए। यही भारी बारिश से बचाव का उपचार है। <br /><strong>- प्रेमराज गौचर, सहायक कृषि अधिकारी बांसी  </strong></p>
<p>काश्तकारों को लंबी अवधी में तैयार होने वाली फसलों को तैयार करना चाहिए। जिससे अतिवृष्टि  होने पर भी फसल बच जाती है। वर्तमान में खेतों में रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग ज्यादा हो रहा है।  जिससे मिट्टी कठोर हो हाती है। इस वजह से वह पानी को कम अवशोषित करती है।  किसानों को जैविद खाद का उपयोग करना चाहिए  जिससे मिट्टी में जल धारण बढ़ जाती है। जिससे खेतों में मिट्टी अधिक से अधिक पानी को अवशोषित करती है। अन्नदाताओं को मौसम विभाग की भारी बरसात की भविष्यावाणी को देखते हुए फसल बोने का चयन करना चाहिए। वर्तमान में काफी पहले ही भारी बरसात की चेतावनी आ जाती है। ऐसे में सीधी बुवाई वाली धान की फसल को बढ़ावा दे सकते है। अतिवृष्टि ज्यादा बरसात से सोयाबीन और उड़द की फसल को बचाने के लिए बीबीएफ पद्धति (नाली व मेड विधि) से बुवाई करे। इस पद्धति से बरसात का पानी नालियों से बाहर निकल जाता है। यह पद्धति मध्य प्रदेश में उपयोग में ली जाती है। जो काफी सफल साबित हो रही है। <br /><strong>- डॉ. नरेश कुमार शर्मा, सहायक निदेशक, कृषि विभाग, कोटा</strong></p>]]>
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                <pubDate>Fri, 13 Sep 2024 14:34:18 +0530</pubDate>
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