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                <title>boxing - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>परिवार डॉक्टर इंजीनियर बनाना चाहता था, वह बन गई बॉक्सिंग में वर्ल्ड चैंपियन </title>
                                    <description><![CDATA[सेना जवाइन की, अब कर रही देश की सेवा। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-family-wanted-to-make-her-a-doctor-or-engineer--she-became-the-world-champion-in-boxing/article-92656"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-10/4427rtrer-(5)8.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। माता-पिता और परिवार के लोग उसे डाक्टर अथवा इंजीनियर के रूप में देखना चाहते थे। लेकिन कोटा शहर की बेटी की जिद ने उसे वर्ल्ड चैंपियन बना दिया। एक समय पर कोच न मिलने के कारण खेल छोड़ने वाली कोटा की अरूंधती चौधरी  बॉक्सिंग में वर्ल्ड चैंपियन हैं और कोटा का नाम देश विदेश में रोशन कर रही हैं। अरूणधति राजस्थान की एकमात्र महिला बॉक्सर हैं जो राष्ट्रीय स्तर पर दर्जनों पदक जीत चुकी हैं। अंतराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में 9 स्वर्ण, एक सिल्वर, एक ब्रांज के साथ ही स्टेंड्जा कप में सिल्वर तथा 2021 में वर्ल्ड चैंपियनशिप समेत राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में दर्जनों पदक अरूणधति अपने नाम कर चुकी हैं।</p>
<p><strong>फेडरेशन के कहने पर बॉक्सिंग में आगे बढ़ी</strong><br />अरूणधति ने बताया कि वो शुरूआत में वुशू और बॉक्सिंग दोनों खेला करती थी। लेकिन बॉक्सिंग फेडरेशन की ओर से किसी एक खेल को चुनने के लिए कहा गया। जहां वुशू के आॅलंपिक में नहीं होने के कारण बॉक्सिंग में आगे बढ़ने का निर्णय लिया। जिसके बाद उन्होंने पीछे मुडकर नहीं देखा और साल दर साल पदकों की झड़ी लगाती चली गई। </p>
<p><strong>12 दिन पढ़ाई कर पास की 10वीं की परीक्षा</strong><br />अरुंधति ने बताया कि जब वो 10वीं कक्षा में थी तो उनका चयन जूनियर वर्ग की प्रतियोगिता के लिए राष्ट्रीय शिविर में हुआ था। ऐसे में बोर्ड परीक्षा से पहले शिविर में भी जाना था, तो पढ़ाई को लेकर चिंता होने लगी। हालांकि शिविर से आने के बाद उन्होंने केवल 12 दिन पढ़ाई करके फर्स्ट डिविजन में 10वीं परीक्षा पास की। जहां इसी प्रतियोगिता में उन्होंने जूनियर नेशनल प्रतियोगिता में अपना पहला स्वर्ण पदक जीता साथ ही प्रतियोगिता की सर्वश्रेष्ठ मुक्केबाज का पुरस्कार भी अपने नाम किया।</p>
<p><strong>रेलवे, बैंक और पुलिस की जगह चुना सेना को</strong><br />अरूणधति ने बताया कि  अंतराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने के बाद रेलवे, पुलिस, सेना और बैंक की ओर से कई जॉब आॅफर भी मिले, लेकिन जब सेना की ओर से आॅफर आया तो उसे ना नहीं कह पाई। क्योंकि सेना में जाने का मतलब मेरे लिए देश की सेवा के साथ देश का नाम रोशन भी करना था। सेना में देश की सेवा करते हुए में देश के लिए अंतराष्ट्रीय मंच पर पदक भी जीत सकती हूं। जो मेरे साथ घरवालों के लिए भी गर्व करने वाली बात थी। खेल से आर्मी में जाने वाली अरूणधति राजस्थान की पहली लड़की हैं, और वर्तमान में पुणे स्थित मिलिट्री पुलिस की खेल अकेडमी में ट्रेनिंग कर रही हैं।</p>
<p><strong>बॉक्सिंग में आने का सफर रहा उतार चढ़ाव भरा</strong><br />अरूणधति के बॉक्सिंग में आने की कहानी किसी फिल्म से कम नहीं, एक समय ऐसा था जहां उन्होंने खेल को छोड़ने तक का मन बना लिया था और पढ़ाई पर फोकस कर लिया था। अरूणधति चौधरी बताती हैं कि उन्होंने अपने खेल के करियर की शुरूआत बास्केटबॉल से की थी। लेकिन उनके पिता चाहते थे, कि वो आईआईटी में जाए और इंजीनियरिंग करें, या फिर डाक्टर बने। वह कहती हैं  मेरे सामने खेल और पढ़ाई में से किसी एक को चुनने की स्थिति खड़ी थी। फिर मां को सब बताने पर उन्होंने पापा को समझाया तो पापा ने एकल खेल को करियर के रूप में चुनने को कहा और मैने बॉक्सिंग को चुन लिया। हालांकि शुरूआत में बॉक्सिंग के कोच नहीं मिलने से काफी परेशानी हुई। जिसके बाद वुशू कोच अशोक गौत्तम के मिलने पर उनसे ही ट्रेनिंग लेनी शुरू की और वुशू तथा बॉक्सिंग दोनों साथ ही खेलने लगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 09 Oct 2024 16:16:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>महिला राष्ट्रीय मुक्केबाजी चैंपियनशिप में मंजू रानी, साक्षी चौधरी पहुंची क्वार्टर फाइनल में</title>
                                    <description><![CDATA[63 किग्रा वर्ग में शशि चोपड़ा ने क्वार्टर फाइनल में आरती दरियाल पर जीत दर्ज की। शशि ने सर्वसम्मत निर्णय से जीत हासिल की और सेमीफाइनल में उनका मुकाबला सोनू से होगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/manju-rani-sakshi-chaudhary-reached-quarter-finals-in-womens-national/article-65067"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-12/manju-rani.png" alt=""></a><br /><p>ग्रेटर नोएडा। विश्व चैंपियनशिप की रजत पदक विजेता मंजू रानी और दो बार की युवा विश्व चैंपियन साक्षी चौधरी अपने-अपने मुकाबलों में जीत दर्ज करते हुए सोमवार को महिला राष्ट्रीय मुक्केबाजी चैंपियनशिप 2023 के क्वार्टर फाइनल में पहुंच गईं।</p>
<p>ग्रेटर नोएडा के जीबीयू इंडोर स्टेडियम में प्रतिस्पर्धा करते हुए मंजू रानी ने गुड्डी के खिलाफ अपने अनुभव और कौशल का प्रदर्शन करते हुए 48 किग्रा वर्ग में 5-0 से जीत हासिल की। मंजू रानी का क्वार्टर फाइनल में संजना से मुकाबला होगा। वहीं 57 किग्रा वर्ग में साक्षी चौधरी ने 16वें राउंड में रेफा मोहिद को हराया। क्वार्टर फाइनल में साक्षी चौधरी  चंडीगढ़ की आरती मेहरा से भिड़ेंगी।</p>
<p>इसके साथ ही 63 किग्रा वर्ग में शशि चोपड़ा ने क्वार्टर फाइनल में आरती दरियाल पर जीत दर्ज की। शशि ने सर्वसम्मत निर्णय से जीत हासिल की और सेमीफाइनल में उनका मुकाबला सोनू से होगा।</p>
<p>इस बीच, एशियाई चैंपियनशिप की कांस्य पदक विजेता अंकुशिता बोरो ने 66 किग्रा वर्ग में वनलालहरियातपुई खिलाफ 5-0 के सर्वसम्मत निर्णय से मुकाबला जीत लिया। अंकुशिता बोरो क्वार्टर फाइनल में अंजलि तुशीर से भिड़ेंगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 25 Dec 2023 18:37:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जमीन पर प्रैक्टिस के बाद भी बॉक्सिंग में रिंग के मास्टर्स को धूल चटाई है कोटा की बेटियों ने </title>
                                    <description><![CDATA[कोटा की कई बेटियों ने बॉक्सिंग की रिंग में अपनी ताकत दिखाई है लेकिन महक शर्मा, निशा गुर्जर, इशा गुर्जर, नीलम कुमावत, दिव्यांशी और अरूंधति चौधरी ये वो नाम हैं जिन्होंने बॉक्सिंग में वो मुकाम हांसिल किया है जिसके लिए लड़कों को भी काफी इंतजार करना पड़ता है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/even-after-practicing-on-the-ground--the-daughters-of-kota-beat-the-masters-of-the-ring-in-boxing/article-43553"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-04/manoj-(630-×-400-px)-(1)1.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । जिस बॉक्सिंग को लड़कों की बादशाहत वाला खेल माना जाता है, उसी बॉक्सिंग में कोटा की बेटियों ने अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर कई खिलाड़ियों को धूल चटाई है। कोटा की एक बेटी तो इंटरनेशनल लेवल पर 8 गोल्ड, 1 सिल्वर और एक कांस्य पदक जीत चुकी हैं। इसके अलावा भी हमारे शहर की कई लड़कियों ने राष्ट्रीय और अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर इस खेल मे धमाल मचाया है। कोटा के बॉक्सिंग परिणामों को देखने के बाद केन्द्र सरकार और राजस्थान राज्य क्रीड़ा परिषद की ओर से कोटा में बॉक्सिंग सेंटर खोला जा रहा है। बॉक्सिंग  में नाम कमाने वाली इन बेटियों को इस खेल में निपुणता देने वाले बताते हैं कि ये बेटियां जमीन पर ही प्रैक्टिस करती हैं। इनके लिए सरकार की ओर से अभ्यास के लिए रिंग उपलब्ध करवाई गई है और ना बॉक्सिंग किट। इसके बाद भी कोटा की बेटियों के पंच से बॉक्सिंग में हाड़ौती को विश्वस्तर पर पहचान मिली है। वैसे तो कोटा की कई बेटियों ने बॉक्सिंग की रिंग में अपनी ताकत दिखाई है लेकिन महक शर्मा, निशा गुर्जर, इशा गुर्जर, नीलम कुमावत, दिव्यांशी और अरूंधति चौधरी ये वो नाम हैं जिन्होंने बॉक्सिंग में वो मुकाम हांसिल किया है जिसके लिए लड़कों को भी काफी इंतजार करना पड़ता है। </p>
<p>प्रशिक्षक बताते हैं कि शुरूआती दौर से लेकर अब क्षेत्र की करीब 250 लड़कियां बॉक्सिंग का अभ्यास कर चुकी हैं। इनमें से 45 ने स्टेट, 5 ने नेशनल और 4 ने इंटरनेशनल लेवल पर इस खेल में अपना वर्चस्व स्थापित किया है। फिलहाल करीब 40 लड़कियां नियमित रूप से अभ्यास कर रही हैं। इस खेल में कोटा को पहला गोल्ड अरूंधति चौधरी ने दिलवाया था। कोटा की इसी बेटी को साल 2018 में बेस्ट बॉक्सर ऑफ एशिया का खिताब भी मिल चुका है। इसके अलावा दो बहने ईशा व निशा गुर्जर किसान परिवास से होने के बावजूद भी अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर बॉक्सर का खिताब अपने नाम कर चुकी हैं। </p>
<p>प्रशिक्षकों का कहना हैं कि कोटा की अधिकांश लड़कियां नयापुरा स्थित स्टेडियम में रोजाना करीब 3 से 4 घंटे जमकर पसीना बहाती हैं। बॉक्सिंग के अभ्यास के दौरान इन लड़कियों का जोश देखकर लगता है कि अगर इनको उचित कोचिंग और नवीन उपकरणों सहित कुछ अन्य सुुविधाएं मिल जाए तो ये लड़कियां इंटरनेशनल लेवल पर नियमित रूप से कोटा के नाम की धाक जमा सकती हैं। सबसे बढ़िया बात ये है कि इन लड़कियों को इनके माता-पिता पूरा सहयोग करते हैं और जहां तक संभव हो सकता है इनको अभ्यास के लिए संसाधन उपलब्ध करवाते हैं। </p>
<p>इन लड़कियों में इतनी ताकत है कि ये विश्व स्तर पर जब चाहे अपने नाम कई कीर्तिमान स्थापित कर सकती हैं लेकिन इनके लिए सरकार की ओर से कोई पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं करवाए गए हैं लेकिन अब बॉक्सिंग सेंटर खुलने के बाद शायद कोटा की इन बेटियों को संसाधनों की उपलब्धता हो जाए। <br /><strong>अशोक गौतम, कोच। </strong></p>
<p>इंटरनेशनल और नेशनल लेवल पर तो मेडल जीत चुकी हूं अब तो देश के लिए ओलम्पिक में पदक जीतना मेरा लक्ष्य और सपना है। राष्टÑीय और अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर अपना प्रदर्शन कर चुकी है। हमेशा यही सोचकर रिंग में उतरी हूं कि मुझे जीतना ही है। <br /><strong>अरूंधति चौधरी, बॉक्सर </strong></p>
<p>मैं लगातार 5 साल से बॉक्सिंग का अभ्यास कर रही हूं। भाई भी बॉक्सिंग की करता है उससे प्रेरणा लेकर ही इस खेल को अपनाया है। एक बार सिल्वर और एक बार कांस्य पदक जीत चुकी हूं। माता-पिता पूरा सपोर्ट करते हैं। पहले पढ़ाई पर प्रैक्टिस का थोड़ा बहुत फर्क पड़ता था लेकिन बाद में सब मेनैज कर लिया। इंडिया को ओलम्पिक में पदक दिलवाना मेरा लक्ष्य और सपना है।         <br />   <strong> महक शर्मा, बॉक्सर </strong></p>
<p>वर्ष 2018 से ही बॉक्सिंग का अभ्यास कर रही हूं। पहले ताइक्वांडो खेलती थी। कोच सर और पापा ने बॉक्सिंग की ट्राई करने की कही उसके बाद इस खेल को अपना लिया। रोजना 5 घंटे प्रैक्टिस करती हूं। पढ़ाई और खेल के बीच समय को लेकर तालमेल बिठाना ही पड़ता हैं। पोलेन्ड में वर्ल्ड चैंपियनशिप में भागीदारी कर चुकी हूं। माता-पिता का हमेशा सपोर्ट रहता है। परिजनों की ओर से कोई पाबंदी नहीं है।          <br />  <strong>   निशा गुर्जर, बॉक्सर</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 22 Apr 2023 16:28:27 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>नीतू ने भारत के लिये पहला पदक सुनिश्चित किया</title>
                                    <description><![CDATA[उन्होंने अपने पिछले दो मुकाबलों में भी विपक्षी मुक्केबाज को आरएससी से ही परास्त किया था। इस जीत के साथ नीतू ने सेमीफाइनल में पहुंचते हुए भारत के लिये कम से कम कांस्य पदक सुनिश्चित कर लिया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/neetu-assures-first-medal-for-india/article-40540"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-03/site-photo-size-(6)6.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। राष्ट्रमंडल खेल 2022 की गोल्ड मेडलिस्ट नीतू घंघास ने महिला विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप के क्वार्टरफाइनल में बुधवार को जापान की मदोका वाडा को हराकर भारत का पहला पदक सुनिश्चित कर लिया। नीतू ने 48 किग्रा वर्ग के मुकाबले में मदोका को आरएससी (रेफरी द्वारा मैच रोका जाना) पद्धति से मात दी। उन्होंने अपने पिछले दो मुकाबलों में भी विपक्षी मुक्केबाज को आरएससी से ही परास्त किया था। इस जीत के साथ नीतू ने सेमीफाइनल में पहुंचते हुए भारत के लिये कम से कम कांस्य पदक सुनिश्चित कर लिया है। </p>
<p>नीतू ने मदोका को हराने के बाद कहा, अभी तक जो भी मुकाबले हुए हैं उनमें मैं अच्छी तरह तकनीक का इस्तेमाल कर सकी हूं। मैंने तीनों मैच आरएससी से जीते हैं। अगले मुक्केबाज पर इससे दबाव बनेगा और मुझे फायदा होगा। उन्होंने कहा, हमारी पूरी टीम स्वर्ण पदक का लक्ष्य लेकर आयी है। हम अपना 100 प्रतिशत देकर स्वर्ण लेकर जायेंगे। पिछली बार मैं स्वर्ण से चूक गयी थी लेकिन इस बार मैं बेहतर तैयारी करके आयी हूं। भारत में घरेलू दर्शक होने से भी फायदा है इसलिये मैं स्वर्ण को हाथ से नहीं जाने दूंगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Mar 2023 16:01:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कोसिमोवा को हराकर नीतू क्वार्टरफाइनल में</title>
                                    <description><![CDATA[नीतू ने मुकाबले की दावेदार शुरुआत की और कोसिमोवा पर लगातार मुक्के बरसाये। रेफरी ने कुछ देर बाद मुकाबला रोककर भारतीय मुक्केबाज को विजयी घोषित कर दिया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/neetu-in-quarterfinals-by-defeating-kosimova/article-40466"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-03/site-photo-size-(2)7.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। राष्ट्रमंडल खेल 2022 की गोल्ड मेडलिस्ट नीतू घंघास ने मंगलवार को महिला विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप के प्री-क्वार्टरफाइनल में ताजिकिस्तान की सुमैया कोसिमोवा को हराकर शीर्ष-आठ में जगह बना ली। इंदिरा गांधी स्टेडियम पर खेले गये 48 किग्रा मुकाबले में नीतू ने पहले ही राउंड में कोसिमोवा को मात दे दी। नीतू ने मुकाबले की दावेदार शुरुआत की और कोसिमोवा पर लगातार मुक्के बरसाये। रेफरी ने कुछ देर बाद मुकाबला रोककर भारतीय मुक्केबाज को विजयी घोषित कर दिया। </p>
<p>नीतू ने क्वार्टरफाइनल में पहुंचने के बाद कहा, मैं सोचकर आयी थी कि मैं तीन राउंड तक खेलूंगी लेकिन बाउट पहले ही समाप्त हो गया। मैं पिछली बाउट भी पूरी नहीं खेल सकी थी क्योंकि रेफरी ने इससे पहले भी मैच रोक दिया था। दर्शक भारत का समर्थन कर रहे हैं जिससे विपक्षी दबाव में आ जाता है। इससे मुझे बहुत फायदा मिला है क्योंकि विपक्षी मुक्केबाज अपना 100 प्रतिशत नहीं दे पाता। नीतू ने अपने पिछले मुकाबले में कोरिया की डोयोन कांग को शिकस्त दी थी। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Mar 2023 17:43:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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                <title>साक्षी, लवलीना क्वार्टरफाइनल में</title>
                                    <description><![CDATA[साक्षी ने 52 किग्रा वर्ग के एकतरफा मुकाबले में कजाकस्तान की जजिरा उराकबायेवा पर शुरू से ही दबाव बनाया और 5-0 से जीत दर्ज की। लवलीना ने 75 किग्रा वर्ग में मेक्सिको की वनेसा ओर्टिज को 5-0 से हराया।  ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/sakshi-lovlina-in-quarterfinals/article-40412"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-03/a-1110.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। एशियाई चैंपियनशिप 2021 की कांस्य पदक विजेता साक्षी चौधरी और टोक्यो ओलंपिक मेडलिस्ट लवलीना बोर्गोहेन ने महिला विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप के प्री-क्वार्टरफाइनल में सोमवार को अपने-अपने मुकाबले सर्वसम्मति से जीतकर क्वार्टरफाइनल में प्रवेश कर लिया।  साक्षी ने 52 किग्रा वर्ग के एकतरफा मुकाबले में कजाकस्तान की जजिरा उराकबायेवा पर शुरू से ही दबाव बनाया और 5-0 से जीत दर्ज की। लवलीना ने 75 किग्रा वर्ग में मेक्सिको की वनेसा ओर्टिज को 5-0 से हराया।  इंदिरा गांधी खेल परिसर पर आयोजित चैंपियनशिप में लवलीना ने अपने मुकाबले की रक्षात्मक शुरुआत की और उन्हें लय हासिल करने में समय लगा। छोटे कद की ओर्टिज के विरुद्ध लवलीना को सूझबूझ से डिफेंस करना पड़ा लेकिन जैसे-जैसे बाउट आगे बढ़ता गया, लवलीना अपनी विपक्षी खिलाड़ी पर हावी हो गई।  उन्होंने कहा, मैं पहली बार 75 किग्रा  भार वर्ग में खेल रही हूं। अन्य मुक्केबाज पहले से ही इस वर्ग में हैं तो  यह मेरे लिये मुश्किल होगा लेकिन मैं अपना 100 प्रतिशत प्रयास करूंगी। दूसरी ओर, साक्षी ने अपनी पहुंच का शानदार इस्तेमाल किया और दोनों हाथों से लगातार मुक्के बरसाये। वह शुरुआत से ही पूरी तरह से नियंत्रण में दिखी और पहले राउंड में जीत हासिल की।  इसी बीच, 54 किग्रा भार वर्ग की भारतीय मुक्केबाज प्रीति शीर्ष-16 मुकाबले में थाईलैंड की जितपोन्ग जुतामास से हार गयीं। प्रीति ने विश्व चैंपियनशिप की रजत पदक विजेता को कड़ी टक्कर दी लेकिन उन्हें 3-4 के निर्णय से हार का सामना करना पड़ा।  गौरतलब है कि मौजूदा विश्व चैंपियन निखत जरीन (50 किग्रा), नीतू घनघास (48 किग्रा), मनीषा मौन (57 किग्रा), जैसमीन लम्बोरिया (60 किग्रा), शशि चोपड़ा (63 किग्रा) और मंजू बंबोरिया (66 किग्रा) सहित छह भारतीय मुक्केबाज मंगलवार को होने वाले क्वार्टरफाइनल में जगह बना चुके हैं।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Mar 2023 11:52:55 +0530</pubDate>
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                <title>निखत जरीन और मनीषा प्री-क्वार्टरफाइनल में</title>
                                    <description><![CDATA[ विश्व चैंपियनशिप 2022 की कांस्य पदक विजेता मनीषा (57 किग्रा) ने भी आस्ट्रेलिया की टीना रहीमी के खिलाफ 5-0 से जीत दर्ज की। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/nikhat-zareen-and-manisha-in-pre-quarterfinals/article-40319"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-03/s-45.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। गत विश्व चैंपियन निखत जरीन और मनीषा मौन ने विश्व महिला मुक्केबाजी चैंपियनशिप में रविवार को अपने-अपने मुकाबले सर्वसम्मति से जीतकर प्री-क्वार्टरफाइनल में प्रवेश किया। अफ्रीकी चैंपियन रुमैसा को हराया गैर-वरीयता प्राप्त निखत ने 50 किग्रा वर्ग के शीर्ष 32 मुकाबले में अफ्रीकी चैंपियन रुमैसा बोउलम को 5-0 से परास्त किया। विश्व चैंपियनशिप 2022 की कांस्य पदक विजेता मनीषा (57 किग्रा) ने भी आस्ट्रेलिया की टीना रहीमी के खिलाफ 5-0 से जीत दर्ज की।  निखत और रुमैसा के मुकाबले के शुरुआती राउंड में दोनों खिलाड़ियों के बीच टक्कर का खेल देखने को मिला लेकिन जैसे-जैसे मुकाबला आगे बढ़ता गया, निखत ने अपने तेजतर्रार फुटवर्क से रुमैसा को बेअसर कर दिया। निखत ने इस जीत के बाद कहा, आज के लिए मेरी रणनीति पहले राउंड से ही हावी होने की थी क्योंकि वह शीर्ष वरीयता प्राप्त थी। अगर मैं शीर्ष वरीयता प्राप्त खिलाड़ी को हराउंगी, तो यह जजों को प्रभावित करेगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Mar 2023 11:33:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>निखत जरीन और लवलीना करेंगी भारत की अगुवाई</title>
                                    <description><![CDATA[यह चैंपियनशिप 15 से 26 मार्च तक राष्ट्रीय राजधानी के इंदिरा गांधी खेल परिसर में आयोजित होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/nikhat-zareen-and-lovlina-will-lead-india/article-38548"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-02/site-photo-size-(22)1.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। टोक्यो ओलंपिक 2020 की कांस्य पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन और मौजूदा विश्व चैंपियन निखत जरीन स्वदेश में होने वाली आईबीए महिला विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में भारतीय टीम की अगुवाई करेंगी। भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआई) ने सोमवार को इसकी घोषणा की। यह चैंपियनशिप 15 से 26 मार्च तक राष्ट्रीय राजधानी के इंदिरा गांधी खेल परिसर में आयोजित होगी। लवलीना 75 किग्रा वर्ग के नाम अब तक दो विश्व चैंपियनशिप कांस्य पदक हैं और वह आगामी चैंपियनशिप में सात अन्य ओलंपिक पदक विजेता मुक्केबाजों के साथ स्वर्ण के लिए अपनी दावेदारी पेश करेंगी। दूसरी ओर निकहत जरीन 50 किग्रा वर्ग में अपने खिताब का बचाव करेंगी। वह पिछले साल तुर्की की राजधानी इस्तांबुल में आयोजित चैंपियनशिप में विश्व चैंपियन बनी थीं।</p>
<p>दिल्ली में 2018 विश्व चैंपियनशिप में प्रभावशाली प्रदर्शन के साथ वैश्विक मंच पर दस्तक देने वाली मनीषा मौन अत्यधिक प्रतिस्पर्धी 57 किग्रा फेदरवेट वर्ग में देश का प्रतिनिधित्व करेंगी। मनीषा ने 2022 विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था। बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों की कांस्य पदक विजेता जैसमीन लंबोरिया 2022 संस्करण में क्वार्टर फाइनलिस्ट रही थीं और 60 किग्रा वर्ग में अपनी दावेदारी पेश करेंगी।<br />युवा मुक्केबाज प्रीति और सनामाचा चानू क्रमश: 54 किग्रा और 70 किग्रा वर्ग में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। प्रीति ने 2022 एशियाई चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था, जबकि सनामाचा 2021 यूथ विश्व चैंपियन हैं और हाल ही में अपनी श्रेणी में राष्ट्रीय चैंपियन बनी हैं। <br />मौजूदा एशियाई और राष्ट्रीय चैंपियन स्वीटी बूरा 81 किग्रा भार वर्ग में प्रतिस्पर्धा करेंगी। दक्षिण कोरिया में 2014 विश्व चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने वाली अनुभवी मुक्केबाज अपनी प्रभावशाली फॉर्म को जारी रखते हुए अपनी पदक तालिका में एक और स्वर्ण जोड़ने के लिये उत्सुक होंगी। यूथ विश्व चैंपियन साक्षी चौधरी (52 किग्रा) और शशि चोपड़ा (63 किग्रा) 2019 दक्षिण एशियाई खेलों की स्वर्ण पदक विजेता मंजू बंबोरिया (66 किग्रा) के साथ विश्व चैंपियनशिप में अपनी-अपनी श्रेणियों में अपनी क्षमता साबित करने के लिए उत्सुक होंगी। हैवीवेट (81 किग्रा+) वर्ग में भारत की पदक उम्मीदें मौजूदा राष्ट्रीय चैंपियन नूपुर श्योराण पर टिकी होंगी। </p>
<p><strong>20 करोड़ रुपए की इनामी राशि</strong><br />इस आयोजन में पुरस्कार के लिए कुल 20 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। स्वर्ण पदक विजेताओं को 10 करोड़ रुपये के पूल से पुरस्कार दिए जाएंगे, जबकि रजत और कांस्य पदक हासिल करने वाले मुक्केबाजों को पांच-पांच करोड़ रुपये के पूल से पुरस्कृत किया जाएगा।</p>
<p><strong>74 देशों के खिलाड़ी हिस्सा लेंगे</strong><br />बीएफआई तीसरी बार महिला चैंपियनशिप की मेजबानी कर रहा है और इस द्विवार्षिक आयोजन के लिए अब तक 74 देशों से 350 से ज्यादा मुक्केबाज पंजीकरण करवा चुके हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Feb 2023 10:46:44 +0530</pubDate>
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                <title>रेलवे ने छठी बार जीता राष्ट्रीय मुक्केबाजी का टीम खिताब</title>
                                    <description><![CDATA[ कोच सागरमल धायल के अनसुार रेलवे के लिए मंजूरानी ने 48 किग्रा, शिक्षा ने 54 किग्रा, पूनम ने 60 किग्रा, शशि ने 63 किग्रा और नुपुर ने 81 किग्रा से अधिक भार वर्ग के स्वर्ण पदक  जीते। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/railways-won-the-national-boxing-team-title-for-the-sixth/article-33454"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-12/s-19.jpg" alt=""></a><br /><p>खेप्र/नवज्योति,जयपुर । रेलवे ने सोमवार को 5 स्वर्ण, 3 रजत और 2 कांस्य पदक के साथ बीएफआई के तत्वाधान में भोपाल में सम्पन्न छठी एलीट महिला राष्ट्रीय मुक्केबाजी चैंपियनशिप का खिताब लगातार छठी बार जीत लिया।  मध्य प्रदेश की टीम दूसरे और हरियाण तीसरे स्थान पर रही। कोच सागरमल धायल के अनसुार रेलवे के लिए मंजूरानी ने 48 किग्रा, शिक्षा ने 54 किग्रा, पूनम ने 60 किग्रा, शशि ने 63 किग्रा और नुपुर ने 81 किग्रा से अधिक भार वर्ग के स्वर्ण पदक  जीते। अनामिका ने 50 किग्रा, ज्योति ने 52 किग्रा व अनुपमा ने 81 किग्रा भार वर्ग में उपविजेता रहते हुए रजत पदक जीते।  एनडब्ल्यूआर की सोनिया ने 57 किग्रा भार वर्ग में कांस्य पदक जीता।  सर्विसेज की साक्षी ढाण्डा को प्रतियोगिता की सर्वश्रेष्ठ मुक्केबाज के अवॉर्ड से नवाजा गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 27 Dec 2022 10:51:13 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>सुमित ने भारत का 11वां पदक सुनिश्चित किया</title>
                                    <description><![CDATA[थाईलैंड ओपन के मौजूदा चैंपियन सुमित ने पुरुषों के 75 किग्रा क्वार्टरफाइनल में अच्छी शुरुआत की और बोरवार्न के प्रहारों से बचते हुए जोरदार मुक्के मारे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/sumit-ensures-indias-11th-medal/article-28904"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-11/q-72.jpg" alt=""></a><br /><p>अम्मान (जॉर्डन)। भारतीय मुक्केबाज सुमित ने एएसबीसी एशियाई मुक्केबाजी चैंपियनशिप के क्वार्टरफाइनल में थाईलैंड के बोरवॉर्न कदमदुआन को 3-2 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई और पदक सुनिश्चित किया। थाईलैंड ओपन के मौजूदा चैंपियन सुमित ने पुरुषों के 75 किग्रा क्वार्टरफाइनल में अच्छी शुरुआत की और बोरवार्न के प्रहारों से बचते हुए जोरदार मुक्के मारे। बोरवार्न ने हालांकि आखिरी राउंड में वापसी की लेकिन यह उन्हें जीत दिलाने के लिये काफी नहीं था। सुमित अब कम से कम कांस्य पदक सुनिश्चित किया। सेमीफाइनल में सुमित का सामना उज़बेकिस्तान के जफारोव सैदजमशीद से होगा। सुमित ने शीर्ष-4 में पहुंचकर प्रतियोगिता में भारत के लिये 11वां पदक सुनिश्चित कर लिया है।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 08 Nov 2022 11:08:04 +0530</pubDate>
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                <title>बेटियों के पंच ने कोटा को दिलाया विश्व चैम्पियन का खिताब </title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोटा को पहचान दिला चुकी विश्व चैम्पियन अरूंधती चौधरी, अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर ईशा व निशा गुर्जर और महक शर्मा का अब ओलम्पिक में भारत को पदक दिलवाकर विदेशी धरती पर तिरंगा लहराने का लक्ष्य है और इसी के लिए वो जी जान से जुटी हुई है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/punch-of-daughters-have-got-kota-the-title-of-world-champion/article-23467"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-09/betiyo-ke-punch-nei-kota-ko-dilaya-vishv-champion-ka-khitab...kota-news-19-9-2022.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा की बेटियों के पंच से बॉक्सिंग में विश्व स्तर पर हाड़ौती को एक अलग ही पहचान मिली है। कोटा को विश्व चैम्पियन का खिताब व अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में 6 बार स्वर्ण पदक दिलाने वाली अरूंधती चौधरी से प्रेरणा लेकर कोटा की कई बेटियां अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व ओलम्पिक की दौड़ में शामिल हो रही है। ईशा गुर्जर व निशा गुर्जर दोनों बहनें किसान परिवार से होने के बावजूद अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर का खिताब अपने नाम कर चुकी है। इनके अलावा किसान परिवार की सीनता गांव निवासी महक शर्मा भी राष्ट्रीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक ला चुकी है और अब अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए इंडिया कैंप मैं अभ्यास कर रही है। खेलो इंडिया के मंच पर भी लगातार कोटा के खिलाड़ी खेल रहे हैं। ईशा गुर्जर, निशा गुर्जर, अरुंधति चौधरी सभी खेलो इंडिया के कैंप में हैं। कोटा को अब तक 4 अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर प्राप्त मिल चुके हैं। जूनियर वर्ग में भी दिव्यांशी, नीलम कुमावत, प्रियांशी गौतम, खुशी राठौड़ सहित करीब 250 बालिकाएं है जो राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर पदक प्राप्त कर चुकी है और इन 4 अंतरराष्ट्रीय बॉक्सरों से प्रेरणा लेकर कोटा का नाम राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर  रोशन करना चाहती हैं।</p>
<p><strong>ओलम्पिक में भारत को पदक दिलाना लक्ष्य</strong><br />राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोटा को पहचान दिला चुकी विश्व चैम्पियन अरूंधती चौधरी, अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर ईशा व निशा गुर्जर और महक शर्मा का अब ओलम्पिक में भारत को पदक दिलवाकर विदेशी धरती पर तिरंगा लहराने का लक्ष्य है और इसी के लिए वो जी जान से जुटी हुई है। वहीं दिव्यांशी, नीलम, प्रियांशी गौतम, खुशी राठौड़ अभी जूनियर वर्ग में खेल रही हैं।  </p>
<p><strong>अरूंधती चौधरी की उपलब्धियां</strong><br />कोटा की बॉक्सर अरूंधती 2021 में आयोजित यूथ विश्व मुक्केबाजी चौंपियनशिप में स्वर्ण पदक, 6 अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक, पोलैंड में एशियन चौंपियनशिप में कांस्य पदक , एशिया बेस्ट बॉक्सर 2018, खेलो इंडिया में तीन बार लगातार स्वर्ण पदक और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगातार कई बार स्वर्ण पदक अपने नाम कर चुकी है। </p>
<p><strong>250 बालिकाएं कर रही तैयारी</strong><br />कोटा की महिला बॉक्सरों की विदेशों में सफलता से उत्साहित अन्य बालिकाओं का भी रुझान इस खेल में बढ़ा है। वर्तमान में करीब 250 बालिकाएं बॉक्सिंग का नियमित अभ्यास कर रही है। सभी बालिकाएं सुबह व शाम के समय आगामी प्रतियोगिताओं के लिए कड़ा अभ्यास करने में जुटी हुई हैं।</p>
<p><strong>प्रतिभा की कमी नहीं</strong><br />कोटा के खिलाड़ियों में प्रतिभा की कोई कमी नही है। कमी है तो खेल संसाधनों की। कोटा की बेटियों में बॉक्सिंग व वुशु को लेकर खास क्रेज है, लेकिन यहां अभ्यास के लिए बॉक्सिंग रिंग व अभ्यास के लिए पर्याप्त संसाधन नही है। जिसके चलते खिलाडियों को अभ्यास के लिए अपने स्तर पर संसाधन जुटाने पड़ते है। <br /><strong>-अशोक गौतम, कोच </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 19 Sep 2022 12:39:41 +0530</pubDate>
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                <title>बॉक्सिंग में दिखाई ताकत, नाम किया रोशन</title>
                                    <description><![CDATA[कोटा के कई युवा खिलाड़ी बॉक्सिंग के दम पर अपनी पहचान बना चुके हैं। कोटा में बॉक्सिंग के पर्याप्त सुविधाओं का अभाव होने से खिलाड़ियों को परेशानी होती है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/shown-strength-in-boxing--kota-s-name-was-illuminated/article-23104"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-09/boxing-mai-dikha-i-takat-kota-ka-nama-kiya-roshan-,-kota-news-17-09-2022.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। बॉक्सिंग, खेलों का लंबे समय से हिस्सा रहा है, इसे दुनिया के सबसे लोकप्रिय खेलों में से एक माना गया है। दुनिया भर में इस खेल का तेजी से विकास हुआ। बॉक्सिंग में ओलंपिक पदक जीतने वाले पहले भारतीय मुक्केबाज विजेंदर सिंह थे, जिन्होंने 2008 बीजिंग ओलंपिक में पुरुषों के मिडिलवेट (75 किग्रा) वर्ग में कांस्य पदक जीता था। नेशनल स्तर पर भारत की धाक कायम होने के बाद राजस्थान सहित कोटा में बॉक्ंिसग का क्रेज बढ़ता चला गया। कोटा के कई युवा खिलाड़ी बॉक्सिंग के दम पर अपनी पहचान बना चुके हैं।</p>
<p><strong>पर्याप्त सुविधाओं की दरकार</strong><br />कोटा में बॉक्सिंग के पर्याप्त सुविधाओं का अभाव होने से खिलाड़ियों को परेशानी होती है। यहां पर नयापुरा स्टेडियम और रेलवे स्टेडियम में बॉक्ंिसग ेका अभ्यास करवाया जाता है। दोनों स्टेडियम में रोजाना 12 से 35 साल के करीब 50 खिलाड़ी अलग-अलग वर्गो में बॉक्ंिसग का नियमित अभ्यास कर रहे हैं। यहां पर मेट की सुविधा तो है, लेकिन वह स्टेट व नेशनल स्तर प्रतियोगिताओं के अनुरूप नहीं है। बॉक्सिंग रिंग की कोटा में कमी है। इस कारण खिलाड़ी पूरी तरह से अभ्यास नहीं कर पाते हैं। ऐसे में इस खेल को बढ़ावा देने के लिए सरकारी प्रोत्साहन की दरकार है। यदि बेहतर रिंग बॉक्स की व्यवस्था हो जाए तो कोटा नेशनल व स्टेट लेवल पर अपनी सफलता का परचम लहरा सकते हैं।</p>
<p><strong>मेहनत के बल पर पाया मुकाम</strong><br />पिछले कुछ सालों में वैसे तो कई खिलाड़ियों में अपनी मेहनत के बल पर बॉक्सिंग में ऊंचा मुकाम हासिल किया है और स्टेट लेवल पर कई पदक भी कोटा की झोली में डाले हैं। कोटा के खिलाड़ी सौरभ गुर्जर, पुष्पेन्द्र सिंह, अनिल कुमार, हेमंत गुर्जर, देवेन्द्र, शिवम सिंह, अभिषेक चौबदार व प्रीतम सिंह सहित कई खिलाड़ी नेशनल लेवल पर जूनियर वर्ग में अपनी बॉक्सिंग का जलवा दिखा चुके हैं। वहीं गांधी नगर गुजरात में 3 से 12 अक्टूबर के बीच होने वाले नेशनल गेम में कोटा के खिलाड़ी वीरेन्द्र ठाकुर, अशोक पवार, जीएस राजू, देवी सिंह व राजीव कुमार सिंह का चयन किया गया है।</p>
<p>बॉक्सिंग में कोटा के खिलाड़ियों ने अपने बेहतरीन खेल से अच्छा मुकाम हासिल कर रखा है। अब तक कई खिलाड़ी अलग-अलग भार वर्गों में कोटा को पदक दिला चुके हैं। अब तो स्कूली स्तर पर भी खिलाड़ियों को तैयार किया जा रहा है। यदि भामाशाह और सरकार की ओर से पर्याप्त सुविधाएं मिल जाए तो कोटा बॉक्सिंग में सफलता का झंडा लहरा सकता है।<br /><strong>- देवी सिंह, सचिव जिला बॉक्सिंग संघ कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 17 Sep 2022 14:37:45 +0530</pubDate>
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