<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/dirty-water/tag-24466" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>dirty water - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/24466/rss</link>
                <description>dirty water RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>वार्ड चार में गंदगी से लोग परेशान : नालियों की सफाई नहीं, खाली प्लॉट में जमा गंदा पानी, मच्छरों का प्रकोप</title>
                                    <description><![CDATA[ न तो प्लॉट की सफाई करवाई  और न ही प्रशासन की ओर से कोई सख्त कार्रवाई ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/residents-of-ward-4-troubled-by-filth--uncleaned-drains--stagnant-dirty-water-in-vacant-plots--and-a-mosquito-menace/article-151178"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/111200-x-600-px)-(1)29.png" alt=""></a><br /><p>बूंदी ।  बूंदी नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड नंबर 4 में इन दिनों गंदगी एवं मच्छरों के बढ़ते से प्रकोप से आमजन परेशान हैं। क्षेत्र की प्रमुख समस्या नालियों की समय पर सफाई नहीं होना है, जिसके कारण कचरा जमा हो गया है और गंदा पानी से सड़कों पर फैल रहा है। सफाई व्यवस्था सुचारू नहीं होने से स्थानीय निवासियों का जीवन प्रभावित हो रहा है। वार्ड के बीच स्थित एक खाली निजी प्लॉट में लंबे समय से नालियों का गंदा पानी जमा हो रहा है। स्थिर पानी के कारण सच्छरों का प्रजनन तेजी से बढ़ रहा है, जिससे क्षेत्र में बीमारियों का खतरा उत्पन्न हो गया है। वार्डवासियों का कहना है कि आए दिन लोग बीमार पड़ रहे हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो रहा।</p>
<p>नगर परिषद प्रशासन द्वारा संबंधित प्लॉट मालिक को कई बार नोटिस जारी किए जाने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। न तो प्लॉट की सफाई करवाई गई है और न ही प्रशासन की ओर से कोई सख्त कार्रवाई की गई है। इससे लोगों में नाराजगी व्याप्त है। स्थानीय नागरिकों ने नगर परिषद से नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने, जलभराव की समस्या का समाधान करने एवं संबंधित प्लॉट के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि वार्डवासियों को राहत मिल सके।</p>
<p><strong>समस्या का समाधान जल्द करवाया जाए</strong><br />वार्डवासियोंका कहना है कि वे कई बार प्रशासन को लिखित में शिकायत दे चुके हैं, लेकिन आश्वासन के अलावा धरातल पर कोई ठोस काम नहीं हो रहा। यदि जल्द ही सफाई व्यवस्था में सुधार नाहीं किया गया और प्लॉट से पानी की निकासी नहीं की गई, तो क्षेत्र की जनता आंदोलन करने को मजबूर होगी।<br /><strong>-हेमराज गुर्जर, वार्डवासी</strong></p>
<p>वार्ड की जनता मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान हो रही है। नालियों में कचरा जमा होने से सफाई व्यवस्था ठप है। खाली प्लॉट में भरे गंदे पानी के कारण मच्छरों का आतंक है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं। नगर परिषद प्रशासन को इस मामले में तुरंत संज्ञान लेकर प्लॉट मालिक के खिलाफ कठोर कार्रवाई करनी चाहिए और वार्ड में विशेष सफाई अभियान चलाकर आमजन को राहत प्रदान करनी चाहिए।<br /><strong>-सुनीता बैरवा, वार्ड पार्षद</strong></p>
<p>आम जन का स्वास्थ्य हमारी सर्वोच्य प्राथमिकता है। वार्ड नंबर 4 में गंदगी और मच्छरों की समस्या संज्ञान में है। स्वास्थ्य शाखा को निर्देश दिए गए हैं कि वार्ड में तुरंत विशेष सफाई अभियान चलाकर कचरा हटाया जाएगा। जहाँ तक खाली प्लॉट में गंदे पानी के भराव का प्रश्न है, निजी संपत्ति होने के बावजूद जनहित में वहां एंटी-लार्वा ल जाएगी ताकि बीमारियाँ न फैले। दवाओं का छिड़काव और फॉगिंग करवाई ताकि बीमारियां न फैलें। <br /><strong>-सरोज अग्रवाल, नगर परिषद सभापति</strong></p>
<p>संबंधित प्लॉट मालिक को पूर्व में भी नोटिस दिए जा चुके हैं। प्रशासन अब और इंतजार नहीं करेगा, यदि मालिक द्वारा सफाई नहीं करवाई गई, तो नगर परिषद स्वयं संसाधनों से सफाई करवाकर उसका सारा व्यय और नियमानुसार भारी जुर्माना प्लॉट मालिक से वसूलेगी। साथ ही, सफाई निरीक्षकों को पाबंद किया गया है कि नालियों की सफाई में किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए।<br /><strong>- आशा मीणा, नगर परिषद आयुक्त</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/residents-of-ward-4-troubled-by-filth--uncleaned-drains--stagnant-dirty-water-in-vacant-plots--and-a-mosquito-menace/article-151178</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/residents-of-ward-4-troubled-by-filth--uncleaned-drains--stagnant-dirty-water-in-vacant-plots--and-a-mosquito-menace/article-151178</guid>
                <pubDate>Tue, 21 Apr 2026 14:25:44 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/111200-x-600-px%29-%281%2929.png"                         length="2170292"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कोटा उत्तर वार्ड 33 : आखिर कब सुनेगी छोटी सरकार, नालियां जाम, रात में घूमते हैं असामाजिक तत्व</title>
                                    <description><![CDATA[गलियों में असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-north-ward-33---when-will-the-small-government-finally-listen/article-127423"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/_4500-px)-(2)15.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा नगर निगम क्षेत्र के वार्ड नंबर 33 की स्थिति दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही है। वार्ड में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा चुकी है। नियमित सफाई नहीं होने से गलियों और मुख्य सड़कों पर गंदगी का अंबार लगा हुआ है। नालियां लंबे समय से जाम पड़ी हैं, जिनमें गंदा पानी और कचरा भरा रहता है। इससे मच्छरों और बदबू की समस्या लगातार बढ़ रही है। बरसात के दिनों में यह समस्या और विकराल हो जाती है जब पानी गलियों में भरकर घरों तक पहुंच जाता है।  रहवासी सवाल उठा रहे हैं कि आखिर उनकी समस्याओं पर ध्यान क्यों नहीं दिया जा रहा। उनका कहना है कि चुनाव के समय नेताओं और पार्षदों द्वारा वादे तो बहुत किए जाते हैं, लेकिन हकीकत में काम नजर नहीं आता।</p>
<p><strong>असामाजिक तत्वों का जमावड़ा</strong><br />स्थानीय लोगों का कहना है कि वार्ड की गलियों में रात के समय असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है। शराब और नशे का सेवन खुलेआम किया जाता है, जिससे माहौल खराब हो रहा है। महिलाएं और बच्चे देर शाम के बाद बाहर निकलने से डरते हैं। </p>
<p><strong>तंग गलियां और परेशान रहवासी</strong><br />वार्ड की गलियां तंग और कचरे से अटी पड़ी हैं। रहवासी रोजाना इनसे गुजरने को मजबूर हैं। वाहन तक ठीक से नहीं निकल पाते। गलियों की गंदगी और बदबू से लोगों का जीना दूभर हो गया है। बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है।</p>
<p><strong>वार्ड का एरिया </strong><br />इमली चौक, शुजाउद्दीन चौक, मांगीलाल बीडी वाले का मकान, गोरी हाजी गली, भिस्तियों की मस्जिद, अजीज जुते वाले का मकान, पुरानी हरिजन बस्ती, गुले गुलजार, कुरेशियों की मस्जिद।</p>
<p><strong>बिजली के झूलते तार बन रहे खतरा</strong><br />स्थिति और भी भयावह तब हो जाती है जब बिजली के खंभों से लटकते तार घरों के सहारे झूलते नजर आते हैं। कई जगह तार खुले पड़े हुए हैं, जो कभी भी हादसे का कारण बन सकते हैं। बारिश के दिनों में इनसे करंट दौड़ने का खतरा और बढ़ जाता है।<br /><strong>-  जाबेदा, वार्डवासी</strong></p>
<p><strong>रहवासियों में आक्रोश</strong><br />उन्होंने कई बार नगर निगम और पार्षद को इस समस्या से अवगत कराया है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उनका कहना है कि यदि जल्द ही सफाई व्यवस्था सुधारी नहीं गई और असामाजिक तत्वों पर लगाम नहीं कसी गई तो वे सामूहिक रूप से विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।<br /><strong>- राजा वार्डवासी</strong></p>
<p><strong>इनका कहना है,</strong><br />अभी मैं कोटा से बाहर हूं बाद में बात करती हूं, फिर नवज्योति टीम ने बात करने का प्रयास किया लेकिन फोन नहीं उठाया।<br /><strong>- शबनम कुरैशी, पार्षद</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-north-ward-33---when-will-the-small-government-finally-listen/article-127423</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-north-ward-33---when-will-the-small-government-finally-listen/article-127423</guid>
                <pubDate>Sat, 20 Sep 2025 15:49:05 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-09/_4500-px%29-%282%2915.png"                         length="473205"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गहराया पेयजल संकट, गंदे व बदबूदार पानी की आपूर्ति से जनता परेशान</title>
                                    <description><![CDATA[जलापूर्ति के समय पानी कम दबाव आने से घरों में पीने के पानी की भी पूर्ति सही से नहीं होती हैं। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/drinking-water-crisis-deepens--threat-of-diseases/article-107067"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/257rtrer52.png" alt=""></a><br /><p>चौमहला। गंगधार कस्बे में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग द्वारा पुनर्गठित पेयजल योजना के अंतर्गत डग गंगधार रोड पर लगे फिल्टर प्लांट  से गंदे व बदबूदार पानी की एकांतर जलापूर्ति की जाती है। कस्बे में गर्मी की शुरूआत होने से पूर्व गंदे व बदबूदार पेयजल आपूर्ति होने से आम उपभोक्ताओं को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा हे। गंदे पानी की आपूर्ति से घरों में बीमारियां फैलने का डर बना हुआ है। गढ़ मोहल्ला, मालपुरा बाजार, सैयदबाडी सहित अन्य मोहल्लों के कस्बेवासियों ने बताया कि कस्बे में एक दिन छोड़कर एक दिन जलापूर्ति की जाती है। जलापूर्ति के समय पानी गंदा, बदबूदार, मटमेला आता है। जो पीने योग्य भी नहीं होता है। जलापूर्ति के समय पानी कम दबाव आने से घरों में पीने के पानी की भी पूर्ति सही से नहीं होती हैं। कस्बे वासियों ने बताया कि ठेकदार द्वारा सिस्टम पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा हे। गर्मी का मौसम आ गया हे प्लांट पर गंदगी का अंबार लगा है। एल्म स्टोर खराब, क्लोरीनेशन सिस्टम जंग खा गया है, क्लोरीन सिलेंडर जंग खा रहा है, मधुमक्खी द्वारा छत्ता बना लिया गया है। फिल्टर सिस्टम की मोटरें जंग खा रही है। कस्बे में की जाने वाली पेय जलापूर्ति के लिए नदी से फिल्टर प्लांट में जो पानी आ रहा उस पानी मे मन मुताबिक क्लोरीन या एलम के कट्टे डाल दिया जाता है।</p>
<p>गढ़ मोहल्ले में पानी गंदा व बदबूदार आता है। गर्मी का समय है प्रशासन को विशेष रूप ओर ध्यान देकर जलापूर्ति सिस्टम को सही करना चाहिए। <br /><strong>- नरेश निगम, अध्यक्ष चित्रांश वेलफेयर सोसाइट </strong></p>
<p>गढ़ मोहल्ले पानी की पुरानी पाइप लाइन लीकेज हो चुकी है, जिसे भी पानी गंदा आ रहा है। गर्मी के समय में व्यवस्था को सुधारना चाहिए। <br /><strong>- मथरेश शर्मा (रिंकू)</strong></p>
<p>सैय्यद बाडी में पुलिस चौकी के पीछे जलापूर्ति गंदगी व बदबूदार पानी की हो रही है। साथ ही एकांतर  पूर्ति होने से पर्याप्त पानी भी नहीं मिल पा रहा है। जलापूर्ति के समय पानी का प्रेशर पर्याप्त नहीं रहता है जिसे भी रोजमर्रा में उपयोग होने वाला पानी भी नहीं भर पाते हैं।<br /><strong>- मंगल सेन, उपभोक्ता </strong></p>
<p>मालपुरा बाजार में एक सप्ताह से कम दबाव से गंदा पानी आ रहा है। जिसके कारण घर में बीमार भी हो रहे हैं। विभाग को ध्यान देकर गर्मी के समय में जलापूर्ति सिस्टम को सही कर स्वच्छ पीने योग्य जलापूर्ति की व्यवस्था की जानी चाहिए। <br /><strong>- पवन शर्मा, ग्रामीण  </strong></p>
<p>फिल्टर प्लांट की सफाई अभी कुछ दिन पूर्वी करवाई थी। 48 घंटे में टंकी को वाश किया जाता है। सप्लाई सिस्टम सही यदि कोई समस्या आ रही है तो उसे भी सही करवाया जाएगा।<br /><strong>- वंदना शर्मा, कनिष्ठ अभियंता, जलदाय विभाग </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/drinking-water-crisis-deepens--threat-of-diseases/article-107067</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/drinking-water-crisis-deepens--threat-of-diseases/article-107067</guid>
                <pubDate>Mon, 10 Mar 2025 16:24:08 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-03/257rtrer52.png"                         length="475302"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लापरवाही: नालियां जाम तो जिम्मेदार मौन! </title>
                                    <description><![CDATA[मोहल्ले में रहने वाले लोगों को नाली की गंदी बदबू से रूबरू होना पड़ रहा है। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/negligence--drains-are-clogged-but-the-responsible-are-silent/article-95075"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-11/27rtrer-(2).png" alt=""></a><br /><p>पनवाड़। पनवाड़ क्षेत्र के दहीखेड़ा कस्बे में कस्बे के मध्य सड़क पर कई महीनों से नालियों की साफ सफाई नहीं होने के अभाव में गंदा पानी सड़क पर फैल रहा है, घरों से निकलने वाला गंदा पानी जगह जगह जमा होने से न केवल बदबू फैला रहा है, बल्कि इससे मक्खी,मच्छर की संख्या भी बढ़ रही है, जिससे बीमारियां फैलने की संभावना बनी हुई है। सड़क पर फैल रहे गंदे पानी से लोगों को दुकानदारों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नालियों की समस्या के लिए कस्बेवासियों ने वार्ड मेंबरों ने ग्राम पंचायत को अवगत कराने के बाद भी समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा,इससे लोगों में आक्रोश की भावना बनी हुई है। कस्बेवासी डॉक्टर निजाम भाई, छोतमल पारेता,सलीम भाई अगवान,हसरत भाई, सहित अन्य लोगों ने बताया कि दहीखेड़ा कस्बे के मध्य हाट बाजार,सीनियर स्कूल की तरफ जाने वाले मुख्य मार्ग पर कई महीनों से ग्राम पंचायत की उदासीनता के अभाव में नालियों की साफ सफाई नहीं होने के कारण नालियों में पॉलीथिन कचरा फंसने के कारण घरों से निकलने वाला गंदा पानी आॅफरफ्लो होकर सड़क पर फैल रहा है, जिससे ग्रामीणों स्कूल जाने वाले छात्र छात्राओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर गंदा पानी भरा रहने से कई बार स्कूली छात्र बड़े बूढ़े लोग फिसलकर गिर भी चुके हैं इसके लिए कई बार स्थानीय प्रशासन को अवगत कराया फिर भी साफ सफाई नहीं हो रही है । मोहल्ले में रहने वाले लोगों को नाली की गंदी बदबू से रूबरू होना पड़ रहा है। </p>
<p><strong>लाखों रुपए खर्च कर बनाई सड़क नालियां</strong><br />सरकार गांवों कस्बों शहरों में घरों से निकलने वाले गंदे पानी की निकासी के लिए लाखों रुपए खर्च कर नालियों का निर्माण करवाती है, इसके बावजूद ग्राम पंचायतों की उदासीनता के कारण लोगों को मजबूरन कीचड़ में रहना पड़ रहा है। यही नहीं कीचड़ गंदगी में कीड़े, मकोड़े, मच्छर मक्खियों से लोगो में बीमारियां फैलने की संभावना बनी रहती है। यही स्थिति दहीखेड़ा कस्बे की बनी हुई है जहां पर लोगों को स्कूल आने जाने वाले छात्र छात्राओं को कीचड़ से होकर गुजरना पड़ रहा है, कई बार कीचड़ से राहगीरों के कपड़े खराब हो जाते है । जिससे छात्र छात्राओं की परेशानी झेलनी पड़ती है। सड़क पर गंदा पानी फैले रहने से बूढ़े बच्चे फिसलकर गिर जाते हैं जिससे उनको चोट लग जाती है। मोहल्लेवासियों को गंदगी कीचड़ से आ रही बदबू के कारण दिक्कतों से रूबरू होना पड़ रहा है। इसके लिए मोहल्लेवासियों,वार्ड पंच ने कई बार ग्राम पंचायत को समस्या के लिए अवगत कराया मगर समस्या की ओर किसी का ध्यान नहीं हैं।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />गांव में पिछले कई महीनों से नालियों की साफ सफाई नहीं होने के कारण गंदा पानी सड़क पर फैल रहा है,जिससे राहगीरों बच्चों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।<br /><strong>- निजाम भाई डॉक्टर दहीखेड़ा निवासी</strong></p>
<p>नालियों की समय पर साफ सफाई नहीं होने से कूड़ा करकट पॉलीथिन कीचड़ से अटी हुई है और ओवरफ्लो होकर गंदा पानी बाहर सड़क पर फैल रहा हैं , जिससे दिनभर दुर्गंध आती रहती है और कीचड़ में मच्छर मक्खी पनप रहे हैं जिससे लोगों में बीमारियां फैलने की संभावना बनी हुई है।<br /><strong>- सलीम भाई अगवान दहीखेड़ा निवासी</strong></p>
<p>अभी मैं गांव आया हुआ हूं, एक दो दिन में नालियों की साफ सफाई करवा देंगे।<br /><strong>- सुरेन्द्र सिंह विकास अधिकारी दहीखेड़ा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/negligence--drains-are-clogged-but-the-responsible-are-silent/article-95075</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/negligence--drains-are-clogged-but-the-responsible-are-silent/article-95075</guid>
                <pubDate>Fri, 15 Nov 2024 14:45:10 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-11/27rtrer-%282%29.png"                         length="560991"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>असर खबर का - गौरव पथ पर फैल रहे कीचड़ एवं गंदे पानी की निकासी करवाई </title>
                                    <description><![CDATA[ग्रामीणों ने पंचायत प्रशासन से गौरव पथ पर नालियां बनवाने की मांग की है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-news---drainage-of-mud-and-dirty-water-spreading-on-gaurav-path/article-84861"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/photo-size-(9)4.png" alt=""></a><br /><p>केबलनगर। आलनिया नदी समीप राजकीय उच्च माध्यमिक  विद्यालय की ओर जा रहे गौरव पथ पर फैल रहे कीचड़ व गंदे पानी से लोग परेशान हो रहे थे तथा नालियां नहीं बनने से पानी की निकासी  नहीं हो रही थी। जिससे आम रास्ते पर   कीचड़ व गन्दगी फैल रही थी। जिसके चलते आमजन व स्कूली छात्र छात्राएं परेशान हो रहे थे। इस समस्या को लेकर  दैनिक नवज्योति के 9 जुलाई के अंक में गौरव पथ पर फैल रहे कीचड़ व गंदगी से जनता परेशान शीर्षक से खबर का प्रमुखता से प्रकाशन किया गया था।  उसके बाद पंचायत प्रशासन हरकत में आया तथा पानी की निकासी की गई। ग्रामीणों ने बताया कि मुख्य रास्ते पर कीचड़ फैल रहा था जिससे छात्रों व ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ रही थी तथा लोग गंदगी से गुजरने को मजबूर हो रहे थे। ग्रामीणों ने बताया कि गौरव पथ निर्माण के समय नालियां नहीं बनाई गई। जिसके चलते पानी की निकासी नहीं हो रही थी तथा घरों से बहता पानी सड़क पर फैल रहा था। जिससे लोग गंदगी के बीच से गुजर रहे थे। वहीं कुछ वर्ष पूर्व हाट बाजार से आलनिया नदी तक गौरव पथ का निर्माण तो करवाया गया परंतु नाली निर्माण नहीं करवाया गया। जिससे घरों से निकलने वाला पानी रास्ते पर फैल रहा था। वही दुर्गंध के चलते बस्तीवासियों का जीना दुश्वार हो रहा था। ग्रामीणों ने पंचायत प्रशासन से गौरव पथ पर नालियां बनवाने की मांग की है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-news---drainage-of-mud-and-dirty-water-spreading-on-gaurav-path/article-84861</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-news---drainage-of-mud-and-dirty-water-spreading-on-gaurav-path/article-84861</guid>
                <pubDate>Tue, 16 Jul 2024 16:00:48 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-07/photo-size-%289%294.png"                         length="588531"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गंदे जल का ट्रीटमेंट कर अंडर ग्राउंड वाटर रिसोर्सेज तैयार करेगी सरकार</title>
                                    <description><![CDATA[ग्राम पंचायत प्रशासन घन मीटर में कुल इकट्ठे पानी को जरूरत के अनुसार घरेलू, जानवर, कृषि और उद्योगों के उपयोग के लिए तय करेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/government-will-create-underground-water-resources-by-treating-dirty-water/article-83841"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/u1rer-(15)2.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जल संकट वाले जिलों जैसलमेर-बाड़मेर सहित सभी जिलों में भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार हर गांव को जल समृद्ध गांव बनाने की तैयारी कर रही है। ग्राम पंचायतों में गंदे जल का ट्रीटमेंट कर ड्रेनेज सिस्टम से जल संसाधन प्रबंधन की योजना बनाई जा रही है। फिलहाल प्रस्ताव पंचायतीराज मंत्री मदन दिलावर के पास लंबित है।</p>
<p>मंत्री और मुख्यमंत्री स्तर से मंजूरी के बाद इसे ग्राम पंचायतों में जल्दी लागू किया जाएगा। शहरों में गंदे पानी के ट्रीटमेंट व्यवस्था के बाद ग्राम पंचायतों में सतही जल संसाधनों के अलावा अंडर ग्राउंड वाटर रिसोर्सेज तैयार करने के लिए राज्य सरकार ने प्लान तैयार किया है, जिसमें राज्य सरकार हर गांव को पर्याप्त जल उपलब्धता वाले गांव बनाना चाहती है। गांव में पीने के और सिचांई के पानी की व्यवस्था के लिए केन्द्र और राज्य सरकार के सहयोग से पहले से कई योजनाएं चल रही हैं। इसी बीच गंदे पानी का शुद्धिकरण कर उसे घरों, जानवरों, कृषि और उद्योग क्षेत्र में काम लेने के लिए सरकार ने प्रस्ताव तैयार किया है। </p>
<p><strong>कई विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी तय होगी</strong><br />प्रस्ताव में गंदे पानी के ट्रीटमेंट के लिए ग्रामीण विकास, पंचायतीराज, वाटरशेड, नरेगा विभागों की प्रमुख भूमिका रहेगी। ट्रीटमेंट बनाने से लेकर जल उपयोग व्यवस्था तय करने के लिए ग्राम पंचायतों को जिम्मेदारी के नियम भी तय होंगे। ग्राम पंचायतों में जल जीवन मिशन के तहत पीने के पानी और कृषि विपणन विभाग के जरिए सिंचाई के पानी की व्यवस्थाएं चल रही हैं, लेकिन भविष्य में जल संकट से निपटने के लिए ड्रेनेज सिस्टम से जल प्रबंधन की योजना बनाई जा रही है। </p>
<p><strong>ये है ग्राम पंचायतों में ड्रेनेज सिस्टम से जल संसाधन प्रबंधन</strong><br />ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग ने जो प्रस्ताव तैयार किया है। उसमें ग्राम पंचायत में जहां भी अंतिम जल निकासी स्थल है, वहां गंदे जल का ट्रीटमेंट कर उसी के आस पास ईंटों से जालीदार चुणाई में एक या दो स्लम वेल बनाए जाएंगे। इससे अंडर ग्राउंड वाटर रिसोर्सेज तैयार होंगे। स्लम वेल की साइज में करीब दस मीटर गहरा और ऊपर का व्यास दो से तीन मीटर रहेगा। इसी तरह खेतों के आसपास भी नरेगा योजना के तहत खुले कुए बनाए जा सकते हैं। ग्राम पंचायत प्रशासन घन मीटर में कुल इकट्ठे पानी को जरूरत के अनुसार घरेलू, जानवर, कृषि और उद्योगों के उपयोग के लिए तय करेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/government-will-create-underground-water-resources-by-treating-dirty-water/article-83841</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/government-will-create-underground-water-resources-by-treating-dirty-water/article-83841</guid>
                <pubDate>Sat, 06 Jul 2024 12:27:36 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-07/u1rer-%2815%292.png"                         length="585990"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सड़क के दोनों ओर दो साल से जमा है काई युक्त गंदा पानी</title>
                                    <description><![CDATA[जमे हुए पानी में पनपने लगे मच्छर और लार्वा, गंभीर बीमारियों का खतरा 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/dirty-water-containing-moss-is-stagnant-on-both-sides-of-the-road-for-two-years/article-81419"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/uu11rer-(4)1.png" alt=""></a><br /><p>सांगोद। सांगोद के थाकाजी मोहल्ले में लटूरलाल की आरा मशीन के पीछे बनी कॉलोनी में पिछले 2 सालों से जल जमाव की समस्या बनी हुई है। सड़क के किनारे ढलान पर पानी एक जगह ही जमा हुआ है। जिसमें काई छा गई है। साथ ही मच्छरों के लार्वा पनपने लगे हैं। जिससे कॉलोनी वासियों का जीना दूभर हो चुका है। कॉलोनी वासियों ने बताया कि इस कॉलोनी में सड़क के दोनों तरफ गंदा पानी भरा रहता है। जिससे लोगों को आवागमन में भारी परेशानी होती है। रात के समय तो यह परेशानी और बढ़ जाती है। कई बार रात के समय इस गंदे पानी में सांप भी तैरते हुए देखे गए हैं। नालियों का पानी भी इस गंदे पानी में मिल जाता है। जिससे स्थिति और भी बदतर हो रही है। इस गंदगी और बदबू के कारण लोगों का जीना मुश्किल हो गया है।</p>
<p><strong>कई बार ज्ञापन दिया, नहीं हुई सुनवाई</strong><br />कॉलोनी के लोगों का कहना है कि इस समस्या के समाधान के लिए नगर पालिका को कई बार ज्ञापन दिया है। लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। सोमवार को भी मोहल्ले की महिलाओं ने नगर पालिका में ज्ञापन दिया है। कॉलोनी वासियों का कहना है कि इस गंदे पानी के कारण मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है। जिससे बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।</p>
<p>नगर पालिका ने जगह-जगह सीसी रोड तो करवा दिए हैं। लेकिन निकासी के लिए पर्याप्त उपाय नहीं किए हैं। इसका खामियाजा आम जन को भुगतना पड़ रहा है। कॉलोनी की महिलाओं को घर के काम काज छोड़कर नगर पालिका में अवगत कराने के लिए जाना पड़ा। समस्या का शीघ्र समाधान होना चाहिए।<br /><strong>- दिनेश सुमन, कॉलोनी वासी</strong></p>
<p>कई सालों से यह समस्या बनी हुई है। लेकिन पालिका का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। नगर पालिका का काम होता है नगर का पालन करना। नगर वासियों को स्वच्छ व सुंदर माहौल प्रदान करना। लेकिन इसके विपरीत पनपते मच्छर और कीड़े बीमारियों को न्यौता दे रहे हैं।<br /><strong>- डॉ. हेमराज मालव, विधायक प्रतिनिधि</strong></p>
<p>गंदगी और काई के कारण बच्चे बाहर खेलने से भी कतराते हैं। पानी में जमी हुई काई और पनपते मच्छर व गंदा पानी सड़ांध मारते हैं। जिससे जीना दूभर  हो गया है। नगर पालिका को शीघ्र इसका समाधान करना चाहिए।<br /><strong>- प्रेम कुशवाह, स्थानीय निवासी </strong></p>
<p>आचार संहिता के कारण काम रुका हुआ था। अब आचार संहिता हट गई है। वहां पर निरीक्षण के बाद पता लगा कि सड़क बीच में से उठी हुई है। इस कारण सड़क के दोनों तरफ ढलान बन गया और इसी कारण पानी जमा हो जाता है। दोनों तरफ रोड को लेवल करवाकर समस्या का पूर्णत: समाधान करवा दिया जाएगा।<br /><strong>- कविता गहलोत, अध्यक्ष, नगर पालिका, सांगोद</strong></p>
<p>सीसी रोड बनाते वक्त ध्यान नहीं दिया गया। पानी भरने से गंदगी पनपने लगी है। आगामी बरसात को देखते हुए शीघ्र एक्शन लेना चाहिए। नहीं तो यह गंदगी बारिश के पानी के साथ घरों में जाने लगेगी।<br /><strong>- सीताराम गुर्जर, कॉलोनी वासी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/dirty-water-containing-moss-is-stagnant-on-both-sides-of-the-road-for-two-years/article-81419</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/dirty-water-containing-moss-is-stagnant-on-both-sides-of-the-road-for-two-years/article-81419</guid>
                <pubDate>Thu, 13 Jun 2024 17:24:02 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-06/uu11rer-%284%291.png"                         length="268271"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>संकरी नाली के निर्माण से मुख्य रास्ते में भरा रहता है गंदा पानी</title>
                                    <description><![CDATA[पास में ही निजी स्कूल होने की वजह से बच्चों को भी गंदे पानी में से होकर निकलना पड़ता है। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/dirty-water-remains-filled-on-the-main-road-due-to-the-construction-of-a-narrow-drain/article-81417"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/24.png" alt=""></a><br /><p>कनवास। कनवास के वार्ड पांच में लाल बाई माताजी वाले रास्ते से धाकड़ मोहल्ले वाले रास्ते के बीच राजसिंह राजपूत व महेश मीणा के मकान के सामने 7-8 साल पहले सीसी रोड़ पर संकरी नाली का निर्माण करने की वजह से मकानों के आगे 24 घंटे नालियों का गंदा पानी भरा रहता है। जिससे गंभीर बीमारियां फैलने का खतरा बना हुआ है। जानकारी के अनुसार पास ही में बह रहे नाले में से जहरीले जीव जंतु आने की संभावना रहती है। राजसिंह राजपूत ने बताया कि हमने ग्राम पंचायत कनवास को कई बार अवगत कराया। लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। ग्रामीण बंसीलाल बैरवा ने बताया कि आदर्श ग्राम कनवास का लालबाई माता मंदिर व रघुनाथ भगवान मंदिर का मुख्य रास्ता होने की वजह से श्रद्धालुओं को गंदे पानी में से होकर निकलना पड़ता है। पास में ही निजी स्कूल होने की वजह से बच्चों को भी गंदे पानी में से होकर निकलना पड़ता है। </p>
<p><strong>बरसात में घरों के आगे भर जाता है पानी</strong><br />बरसात में तो घरों के आगे तीन-तीन फिट पानी हो जाता है, जो पूरी बरसात भरा रहता है। बुधवार को दिन में आई बरसात के कारण नालियों का गंदा पानी मुख्य रास्ते पर भर गया। जिससे लोगों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। </p>
<p><strong>इनका कहना</strong><br />लालबाई माता मंदिर और रघुनाथ भगवान के मंदिर का यही रास्ता है। जहां से होकर श्रद्धालुओं को आना-जाना पड़ता है। गंदे पानी में से होकर निकलते समय कई बार कपड़े खराब हो जाते हैं। इसी रास्ते से होकर निजी स्कूल के बच्चों को भी निकलना पड़ता है। जिससे उनके भी फिसल कर गिरने व कपड़े खराब होने की आशंका बनी रहती है।<br /><strong>- बंसीलाल बैरवा, ग्रामीण</strong></p>
<p>पिछले आठ साल से इस समस्या से परेशान हैं। कई बार प्रशासन को ज्ञापन के माध्यम से अवगत करवा चुके हैं। लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।<br /><strong>- राजसिंह राजपूत, ग्रामीण </strong></p>
<p>जल्दी से जल्दी समस्या का समाधान कर ग्रामीणों और आमजन को राहत पहुंचाएंगे।<br /><strong>- बिरधीलाल मेरोठा, ग्राम विकास अधिकारी  </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/dirty-water-remains-filled-on-the-main-road-due-to-the-construction-of-a-narrow-drain/article-81417</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/dirty-water-remains-filled-on-the-main-road-due-to-the-construction-of-a-narrow-drain/article-81417</guid>
                <pubDate>Thu, 13 Jun 2024 16:21:59 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-06/24.png"                         length="352141"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शहरों से रोज निकलने वाले गंदे पानी को ट्रीट कर इंडस्ट्री को बेचेंगी स्थानीय निकाय</title>
                                    <description><![CDATA[शहरों से निकलने वाले गंदे पानी और सीवरेज के पानी को ट्रीट कर निजी उद्योगों को बेचने की बड़े स्तर पर योजना तैयार हो रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/local-bodies-will-treat-the-dirty-water-coming-out-of/article-80322"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/t211rer2.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। शहरों से निकलने वाले गंदे पानी और सीवरेज के पानी को ट्रीट कर निजी उद्योगों को बेचने की बड़े स्तर पर योजना तैयार हो रही है। स्वायत्त शासन विभाग ने इसके लिए स्थानीय निकायों को कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए है। </p>
<p>मुख्य अभियन्ता प्रदीप कुमार गर्ग के अनुसार नगरीय निकायों में मैटेरियल रिकवरी फेसेलिटी से पुनर्चक्रण योग्य सामग्री एवं सीवरेज ट्रीटमेन्ट प्लान्ट्स से शोधित जल को विक्रय कर लगभग 16 करोड़ की सालाना आय नगरीय निकायों ने अर्जित की है। विभाग के प्रमुख सचिव टी. रविकांत ने अधिकारियों को प्रदेश में शोधित जल के विक्रय को बढ़ाने के लिए औद्योगिक इकाईयों से समन्वय स्थापित करने के निर्देश भी दिए है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/local-bodies-will-treat-the-dirty-water-coming-out-of/article-80322</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/local-bodies-will-treat-the-dirty-water-coming-out-of/article-80322</guid>
                <pubDate>Mon, 03 Jun 2024 20:15:09 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-06/t211rer2.png"                         length="551415"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>माड्साब कस्यां आऊं पढबा..स्कूल तो बण ग्यो तळाव..</title>
                                    <description><![CDATA[छात्र छात्राओं को गंदे पानी के नजदीक ही कमरे में बैठकर पढ़ाई करनी पड़ती है जिससे दुर्गंध आती है और मच्छर पैदा हो रहे है जिससे बच्चो में बीमारी फैलने का भी डर है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/dear-sir--i-am-coming-to-study---school-has-become-a-pond/article-64150"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-12/sew.png" alt=""></a><br /><p>पनवाड़। पनवाड़ क्षेत्र के लायफल गांव में हरिगढ़ पनवाड़ सड़क पर स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय परिसर में घरों से निकलने वाला गंदा पानी भरा होने से छात्र छात्राओं को स्कूल आने जाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्कूल आते समय बच्चो को इसी गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है जिससे कई बार ड्रेस तक गंदी हो जाती है,इसके लिए अभिभावकों ने कई बार प्रशासन को अवगत करवाया लेकिन समस्या का समाधान नही हुआ । लायफल गांव निवासी रवि राठौर,लेखराज सुमन,दुर्गाशंकर भील ,नरेश माली,सोनू माली सहित अन्य लोगों ने बताया कि हरिगढ़ पनवाड़ सड़क पर स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय परिसर में गांव के घरों से निकलने वाला गंदा पानी भरा होने से स्कूल में पढ़ने वाले छात्र छात्राओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और छात्रों को पढ़ाई कमरे तक जाने के लिए पत्थर डालकर निकलना पड़ रहा है। जिन पर इससे कई बार बालक फिसल कर गिर जाते है जिससे ड्रेस गंदी हो जाती है और वापिस घर जाना पड़ता है। यही नहीं छात्र छात्राओं को गंदे पानी के नजदीक ही कमरे में बैठकर पढ़ाई करनी पड़ती है जिससे दुर्गंध आती है और मच्छर पैदा हो रहे है जिससे बच्चो में बीमारी फैलने का भी डर है। स्कूल परिसर में गंदा पानी जमा होने का मुख्य कारण है कि ग्राम पंचायत की ओर से गांव की नालियों की कई दिनों से सफाई नही होने के कारण इनका पानी ओवरफ्लो होकर बहता रहता है और एक सप्ताह से विद्यालय में भर रहा है जिससे विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में विद्यालय परिसर में बच्चे रोग बीमारी के बीच बैठ कर कैसे शिक्षा ग्रहण कर रहे है विभाग जब भी विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम संचालित करता है तो यह बताना भी भूलता की अपने घर और विद्यालय के आसपास पानी न जमा होने दे ऐसे में बच्चो के स्वास्थ्य पर विद्यालय में क्या असर पड़ रहा होगा इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />सड़क पर पानी भरा रहने से राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार तो ग्रामीण गिरकर चोटिल हो जाते है। समस्या का जल्द से जल्द निस्तारण होना चाहिए। <br /><strong>- दुर्गाशंकर भील, ग्रामीण </strong></p>
<p>नियमित रूप से नालियों की सफाई नहीं होने से नालियां जाम हो जाती है जिस कारण पानी सड़क पर आ जाता है , सफाई व्यवस्था दुरूस्त होनी चाहिए। <br /><strong>- लेखराज सुमन, लायफल निवासी</strong></p>
<p>ऐसी स्थिति आज के दो वर्ष पूर्व भी आई थी, तब भी निजी सहयोग से छात्र छात्राओं को निकलने के लिए पत्थर मिट्टी डलवाए गए थे ओर वही स्थिति अभी बनी हुई हे इसके लिए अभिभावकों से मिलकर स्थानीय प्रशासन को अवगत करवा रखा है लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नही हुआ ।<br /><strong>- धनराज, शिक्षक </strong></p>
<p>नाले में कचरा भरा होने के कारण गंदा पानी ओवरफ्लो होकर बह रहा है । एक दो दिन में सफाईकर्मियों से नाले की सफाई करवा दी जाएगी । <br /><strong>- अर्जुन कुमार सुमन, लायफल पंचायत सरपंच</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/dear-sir--i-am-coming-to-study---school-has-become-a-pond/article-64150</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/dear-sir--i-am-coming-to-study---school-has-become-a-pond/article-64150</guid>
                <pubDate>Thu, 14 Dec 2023 20:07:51 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-12/sew.png"                         length="485792"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नालों के गंदे पानी से तैयार हो रही सब्जियां</title>
                                    <description><![CDATA[खेतों के पास से निकल रहे नालों में मोटर लगाकर बड़े पैमाने पर सिंचाई की जा रही है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/vegetables-being-prepared-from-dirty-water-of-drains/article-59293"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/naalo-k-gande-pani-s-tyyar-ho-rhi-sbziya...kota-news-11-10-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। अगर आप चमकती साफ सुथरी सब्जियों को देखने भर से हाइजिनिक मान रहे हैं तो सावधान। यह सब्जियां नालों के गंदे पानी की सिंचाई  से तैयार हो सकती हैं। कोटा में कुछ किसान ऐसी सब्जियां तैयार कर रहे हैं। खास बात है कि ऐसी सब्ज्यिां नालों का पानी सिंचाई में मिलने से खासी फलती फूलती हैं और चमकती भी हैं। लेकिन उपयोग करने के बाद वह स्वास्थ्य के लिए नुकसान दायक हो सकती हैं। खेतों में उगने वाले अनाज और सब्जियां हमारे घरों में आती हैं और यही हमारी रोजमर्रा कि जिंदगी में आवश्यक उर्जा और पोषक तत्वों की प्रमुख स्त्रोत होती हैं। इसके लिए खेतों कि मिट्टी का उपजाऊ होना जरुरी है ताकि शरीर को इन फसलों के जरिए पोषक तत्व मिल सकें। इसके लिए किसान  मिट्टी को उपजाऊ बनाने के लिए उर्वरक व खाद और यूरिया का उपयोग तो करतें हैं ही लेकिन शहर से सटे कई गांवों में किसान इन तरीकों के स्थान पर ऐसे तरीके का उपयोग का रहे हंै जो इन फसलों और सब्जियों को पोषक बनाने के बदले उन्हें स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बनाया जा रहा है। शहर से सटे धाकड़खेड़ी, राजनगर, देवली अरब और थेकड़ा रोड इलाके के खेतों में शहर से निकले नालों के पानी से फसलों और सब्जियों कि सिंचाई की जा रही है। इन नालों के पानी से इन फसलों को उर्वरक तत्व तो मिलते हैं पर इनके साथ साथ इस पानी के जरिए फसलों में कई हानिकारक और बीमार करने वाले तत्व भी पहुंच रहे हैं जो कई गम्भीर बीमारियों के कारण बन सकते हैं। </p>
<p><strong>मोटर लगाकर सिंचाई</strong><br />खेतों के पास से निकल रहे नालों में मोटर लगाकर बड़े पैमाने पर सिंचाई की जा रही है। सब्जियों के साथ साथ पारम्परिक फसलों की भी इन नालों के पानी से सिंचाई की जा रही है। लोग इतने शातिर तरीकों से पानी का उपयोग कर रहे हैं जिसकी कोई उम्मीद ना कर सके, नाले के पानी को मोटर द्वारा सड़क के नीचे से निकाल कर गांव के दूसरे हिस्से में सिंचाई की जा रही है। मोटरों के अलावा जहां खेत का क्षेत्र नीचे है वहां पर धोरे बनाकर उनके द्वारा खेतों तक नालों के पानी को पहुंचाया जा रहा है। </p>
<p><strong>किसान कहिन</strong><br />नाम नहीं छापने की शर्त पर  स्थानीय किसानों से बात की तो उन्होंने कहा कि इस पानी से फसल कि पैदावार अच्छी होती है खाद और यूरिया का कम इस्तेमाल करना पड़ता है, यहां सिंचाई के लिए नहर का पानी नहीं आता है और ना ही जमीनी पानी से सिंचाई हो पाती है। इस कारण मजबूरन इस पानी से सिंचाई करनी पड़ रही है। नालों में सीवरेज और फैक्ट्रियों का पानी आने के पहले से हम इन नालों से सिंचाई कर रहे हैं तब इनमें बरसाती नालों का पानी आता था। अभी भी खेतों तक नहर का पानी नहीं आता है और सिंचाई का  कोई साधन नहीं है।</p>
<p><strong>आम लोगों का कहना है</strong><br />सब्जी को बाजार में लेते समय पता नहीं चलता कि ये किस पानी से उगाई गई हैं । पता तो है ऐसा होता है पर कौनसी सब्जी नाले के पानी से पकाई गई हैं कौनसी नहीं इसका कोई पता नहीं लग पाता है। प्रशासन को चाहिए कि ऐसे इलाकों का पता लगाए और इसे बंद करवाए। थोड़े से रुपयों के लिए यह आमजन के स्वास्थ्य से खिलवाड़ है। <br /><strong>- दीपक कुमावत, विज्ञान नगर </strong></p>
<p>अभी सब्जियों में पहले जैसा स्वाद नहीं आता है, और स्िब्जयां पकने में भी समय लेती हैं । हो सकता है इन नालों के पानी से पकाने के कारण ऐसा हो रहा हो । अगर ऐसा है तो प्रशासन और किसानों दोंनो की जिम्मेदारी है कि वो इसे रोकें । क्योंकि पहली नजर में देखने से इन सब्जियों का पता नहीं लगता। यह सच है कि अब बीमारियां ज्यादा हो रही हैं। सब्जियां भी इसका कारक हो सकती हैं। चंद रुपयों के लिए ऐसा किया जाना पाप है। <br /><strong>- ज्योतिबाला छावनी</strong><br /> <br /><strong>हो सकते हैं लीवर, किडनी व श्वांस संबंधी रोग </strong><br />इन नालों के पानी में फैक्ट्रियों से निकला पानी मिला हो तो इसमें लैड मर्करी जैसे हानिकारक केमिकल होते हैं जिससे सिंचाई से पारम्परिक फसलों पर तो कम असर होता है लेकिन सब्जियों कि फसल पर ज्यादा होता है । क्योंकि पारम्परिक फसलों को पकने में ज्यादा समय लगता है और सब्जियों कि फसल के कम समय में पकने से गंदे पानी में मौजूद ये केमिकल सब्जियों में रह जाते हैं। यह खाने के रास्ते से हमारे शरीर में प्रवेश कर जाते हैं और कई गम्भीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं। इन फसलों और सब्जियों के लगातार सेवन से लम्बे समय बाद इनका असर देखने को मिलता है। इस पानी से उगाई गई सब्जियों के सेवन से लीवर, किडनी व श्वास संबंधी रोग होते हैं। <br /><strong>- शिवचरण जेलिया, आचार्य, मेडिसिन विभाग मेडिकल कॉलेज</strong></p>
<p>कोटा में सिंचाई सिर्फ चंबल के पानी ,नहरों या ट्यूबवेल के माध्यम से ही की जा रही है। नाले के पानी से सिंचाई की कहीं शिकायत नहीं है। अगर है तो उसकी जाँच कराएंगें और उसे बंद करवाएंगे।<br /><strong>- खेमराज शर्मा, संयुक्त निदेशक कृषि विस्तार विभाग</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/vegetables-being-prepared-from-dirty-water-of-drains/article-59293</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/vegetables-being-prepared-from-dirty-water-of-drains/article-59293</guid>
                <pubDate>Wed, 11 Oct 2023 16:04:52 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-10/naalo-k-gande-pani-s-tyyar-ho-rhi-sbziya...kota-news-11-10-2023.jpg"                         length="481717"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भवन को ऊपर से चमका रहे, पार्किंग में दुर्दशा</title>
                                    <description><![CDATA[नगर निगम द्वारा सामुदायिक भवन के नीचे बनी अंडरग्राउंड पार्किंग की दशा सुधारने पर ध्यान ही नहीं दिया जा रहा है। हालत यह है कि इस पार्किंग में अंदर की तरफ काफी समय से सीपेज का गंदा पानी भरा हुआ है। जिससे वहां दुर्ग़ंध फेल रही है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/shining-the-building-from-above--plight-in-the-parking-lot/article-30721"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-11/bhawan-ko-upper-se-chamka-rahe-parking-mei-durdasha...kota-news..25.11.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर में एक तरफ तो बढ़ते वाहनों के कारण  उन्हें खड़े करने के लिए पार्किंग की समस्या हो रही है। वहीं दूसरी तरफ नगर निगम द्वारा बनी हुई पार्किंग पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिससे उसकी दुर्दशा हो रही है। यह मामला है नगर निगम कोटा उत्तर क्षेत्र के सब्जीमंडी क्षेत्र का। यहां नगर निगम की अंडरग्राउंड पार्किंग बनी हुई है। लेकिन उस पर निगम अधिकारियों द्वारा ध्यान नहीं देने से उसकी हालत खराब हो रही है। पार्किंग के पास व ऊपर की तरफ नगर विकास न्यास का महर्षि वाल्मीकि सामुदायिक भवन बना हुआ है। कई साल पहले बना होने से उसमें टूटफूट हो गई थी। जिसे न्यास द्वारा करीब 30 लाख रुपए खर्च कर सही कराया जा रहा है। न्यास द्वारा सामुदायिक भवन की दशा सुधारने के लिए उसमें टीनशेड लगाने, कोटा स्टोन का काम करने, चारों तरफ की दीवारों को ऊंचा करने और लैट-बाथ को सही करने का काम किया जा रहा है। न्यास द्वारा इस सामुदायिक भवन को किराए पर दिया जाता है। जिससे यहां सामाजिक आयोजन हो रहे हैं। </p>
<p>वहीं दूसरी तरफ नगर निगम द्वारा सामुदायिक भवन के नीचे बनी अंडरग्राउंड पार्किंग की दशा सुधारने पर ध्यान ही नहीं दिया जा रहा है। हालत यह है कि इस पार्किंग में अंदर की तरफ काफी समय से सीपेज का गंदा पानी भरा हुआ है। जिससे वहां दुर्ग़ंध फेल रही है। उसकी सीढ़ियों पर कचरे का अम्बार लगा हुआ है। आवारा मवेीशयिों ने जमावड़ा डाल रखा है। साथ ही रात के समय यहां अवैध गतिविधियां हो रही हैं। नशा करने वालों ने अपना अड्डा बना रखा है। साथ ही पार्किंग की दुर्दशा होने से इसका उपयोग तक नहीं हो पा रहा है। लाखों रुपए की सम्पति बेकार पड़ी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि निगम की इस जगह का उपयोग तो नहीं हो रहा है। साथ ही इसके ऊपर बने सामुदायिक भवन को तो सुधारा जा रहा है। जबकि उसके नीचे नींव के रूप में बनी पार्किंग सीपेज के कारण कमजोर हो रही है। ऐसे में वह सामुदायिक भवन कभी भी धराशाही हो सकता है। जिससे आयोजन के दौरान लोगों की भीड़ रहने से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। यदि नगर निगम ने इस पर ध्यान नहीं दिया तो भविष्य में होने वाले हादसे के लिए निगम अधिकारी जिम्मेदार होंगे। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />पहले कोरोना और फिर दशहरा में व्यस्तरा के कारण सब्जीमंडी पार्किंग पर ध्यान नहीं दिया गया। अब सामुदायिक भवन में न्यास द्वारा काम करवाया जा रहा है। ऐसे में न्यास अधिकारियों से पार्किंग में भी काम करवाने के संबंध में बात की जाएगी। यदि वे सहमत हो गए तो उनसे काम करवाएंगे। वरना वे निगम अधिकारियों से चर्चा कर निगम के स्तर पर ही इस पार्किंग को शीघ्र  ही सही करवाने का प्रयास किया जाएगा।<br /><strong>- मंजू मेहरा, महापौर, नगर निगम कोटा उत्तर </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/shining-the-building-from-above--plight-in-the-parking-lot/article-30721</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/shining-the-building-from-above--plight-in-the-parking-lot/article-30721</guid>
                <pubDate>Fri, 25 Nov 2022 15:31:10 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-11/bhawan-ko-upper-se-chamka-rahe-parking-mei-durdasha...kota-news..25.11.2022.jpg"                         length="193439"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        