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                <title>Piyush Goyal - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Piyush Goyal RSS Feed</description>
                
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                <title>भारत, वैश्विक व्यापार में महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यमों के लिए मौके बढ़ाने हेतु ब्रिक्स सहयोगियों के साथ मिलकर काम करेगा : पीयूष गोयल</title>
                                    <description><![CDATA[केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने ब्रिक्स डब्ल्यूबीए सम्मेलन में महिला उद्यमियों के लिए वैश्विक बाजार, आसान ऋण और स्पष्ट व्यापार नियमों की वकालत की। उन्होंने भारत की 'लखपति दीदी' और जीईएम जैसी सफल पहलों का उदाहरण देते हुए 2047 तक भारत को 30 खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में महिलाओं के नेतृत्व को निर्णायक बताया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/india-to-work-with-brics-partners-to-expand-opportunities-for/article-165232"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/piyuesh-goyal.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को ब्रिक्स देशों से सबके लिए ऋण और बाजारों की आसानी और व्यापार के स्पष्ट नियमों की आवश्यकता पर जोर देते हुए अंतरराष्ट्रीय व्यापार में महिला उद्यमियों और महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यमों के लिए अवसर बढ़ाने के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया। राष्ट्रीय राजधानी में ब्रिक्स डब्ल्यूबीए महिला-नेतृत्व विकास सम्मेलन को मुख्य अतिथि के तौर पर संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार में कदम रखने वाले उद्यमी को तीन मुख्य बाधाओं को पार करना होता है, ऋण तक पहुंच, खरीदारों और बाजारों तक पहुंच और ऐसे स्पष्ट नियमों तक पहुंच, जो मुक्त व्यापार और खुले अवसरों को बढ़ावा दें।</p>
<p>गोयल ने कहा कि भारत, उद्यमियों, खासकर महिला उद्यमियों के सामने आने वाली चुनौतियों से निपटने के अपने अनुभव से मिली सीख को ब्रिक्स महिला व्यापार गठबंधन और व्यापक ब्रिक्स व्यापार गतिविधियों में शामिल करना चाहेगा। उन्होंने कहा कि भारत ने महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ शिक्षा, कौशल और जीवन की बेहतर गुणवत्ता के माध्यम से उन्हें सशक्त बनाने पर ध्यान केंद्रित किया है, ताकि उन्हें देश की प्रगति का मुख्य चालक बनाया जा सके।</p>
<p>महिलाओं के बीच वित्तीय समावेश को बढ़ाने में भारत के अनुभव पर प्रकाश डालते हुए गोयल ने कहा कि लगभग 12 साल पहले, अधिकांश महिलाओं, विशेषकर ग्रामीण भारत में महिलाओं के पास बैंक खाते, अपने नाम पर संपत्ति या कर्ज लेने का कोई अधिकृत रिकॉर्ड नहीं थी और वे अक्सर ऋण के लिए पात्र नहीं होती थीं। उन्होंने कहा कि तब से भारत ने महिलाओं के नाम पर घर उपलब्ध कराए हैं, उनके लिए लगभग 30 करोड़ बैंक खाते खोले हैं और अपना काम शुरू करने की इच्छुक महिलाओं को बिना किसी गारंटी के ऋण उपलब्ध कराए हैं, जिनमें वित्तीय रिकार्ड न रखने वाली महिलाएं भी शामिल हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि आज लगभग 10 करोड़ ग्रामीण महिलाएं 90 लाख स्वयं-सहायता समूहों, छोटी सहकारी समितियों या महिलाओं के ऐसे समूहों की सदस्य हैं, जो अलग-अलग विचारों और कारोबार पर मिलकर काम कर रही हैं। अपनी निजी कमाई से एक लाख रुपये से ज्यादा कमाने वाली महिलाओं की संख्या तीन करोड़ से ज्यादा हो गई है।उन्होंने कहा कि इन महिलाओं को लखपति दीदी कहा जाता है और भारत को उम्मीद है कि इनकी संख्या और कमाई, दोनों में बढ़ोतरी होती रहेगी।</p>
<p>गोयल ने कहा कि भारत ने लघु उद्यमियों को लगभग 56 करोड़ ऋण प्रदान किए हैं, जिनमें से 68 प्रतिशत से ज्यादा ऋण महिला उद्यमियों को मिले हैं। उन्होंने कहा कि मकसद यह सुनिश्चित करना है कि महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनें और परिवार के दूसरे सदस्यों पर निर्भर न रहें। उन्होंने आगे कहा कि जब महिलाएं अपने पैरों पर खड़ी होती हैं, तो वे भारत के विकास इंजन की चालक बन सकती हैं। उन्होंने बताया कि लगभग एक दशक पहले तक भारत में महिलाओं की कार्यबल में भागीदारी करीब 19 प्रतिशत थी। उन्होंने भरोसा जताया कि जैसे-जैसे आय का स्तर बढ़ेगा, शिक्षा बेहतर होगी, कौशल विकसित होंगे और प्रतिभाएं सामने आएगी, यह संख्या बढ़कर 50 प्रतिशत या उससे ज्यादा हो जाएगी। उन्होंने कहा कि विकसित समाजों में औपचारिक कार्यबल में महिलाओं का अनुपात 50 प्रतिशत से ज्यादा हो गया है। गोयल ने इस बात पर जोर दिया कि जैसे-जैसे ज्यादा महिलाएं औपचारिक कार्यबल में शामिल होंगी, भारत आर्थिक विकास में बड़ी बढ़त हासिल कर सकता है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि किसी व्यक्ति को काम-धंधा शुरू करने या परिवार की कमाई का हिस्सा बनने के लिए जरूरी साधन और समान अवसर मिलें। उन्होंने कहा कि यही महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास का मूल है, जो सिर्फ महिलाओं के विकास से अलग है। गोयल ने कहा कि महिला को शिक्षित या कुशल बनाने से पूरे परिवार को मदद मिलती है, क्योंकि वह परिवार को आगे बढ़ाती है और बच्चों को बेहतर भविष्य देने में मदद करती है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के विकास और महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास पर केंद्रित विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों में महिलाओं को सिर्फ लाभार्थी के तौर पर नहीं, बल्कि नए भारत के निर्माता के तौर पर देखा जाना चाहिए।</p>
<p>अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुँच बढ़ाने पर, गोयल ने पिछले महीने जयपुर में हुई ब्रिक्स वाणिज्य और उद्योग मंत्रियों की बैठक का जिक्र किया, जहाँ मंत्री छोटे निर्यातकों के मूल्यांकन के लिए स्वैच्छिक सिद्धांतों पर सहमत हुए। उन्होंने कहा कि मूल्यांकन सिर्फ बिल और भुगतान पर आधारित नहीं होना चाहिए, बल्कि उद्यमी की क्षमता और अतीत से वर्तमान और भविष्य में आए बदलाव पर भी आधारित होना चाहिए। उन्होंने कहा कि विदेशी व्यापार को सिर्फ गिरवी-आधारित व्यापार के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि समाजों और व्यवसायों को जोडऩे और हाशिए पर रहने वाले उन वर्गों को अवसर प्रदान करने के एक मौके के तौर पर देखा जाना चाहिए, जो शायद कभी विदेश जाने की सोच भी नहीं सकते। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देशों ने जयपुर सहमति में अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए एक साझा ब्रिक्स प्लेटफार्म तलाशने पर भी सहमति व्यक्त की थी, जो उद्यमियों के सामने आने वाली दूसरी चुनौती, यानी बाजारों और खरीदारों तक पहुँच, को हल करने में मदद कर सकता है।</p>
<p>गोयल ने कहा कि एक बार ऐसा मंच बन जाने के बाद, किसी एक ब्रिक्स सदस्य देश में उत्पाद की जरूरत के बारे में दूसरे सदस्यों को पता चल सकेगा, साथ ही इसमें शामिल लोगों के बीच जारी किए गए बिल को भी इस मंच पर सार्वजनिक और सभी की जानकारी में लाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे ब्रिक्स देशों के बीच व्यापार बढ़ेगा, महिला उद्यमियों और छोटे उद्यमियों की मदद के लिए कई वित्तीय मध्यस्थ इस मंच से जुड़ सकेंगे। वैश्विक मूल्य श्रृंखला पर सदस्य देशों की आपसी समझ के लिए ब्रिक्स कार्य योजना का जिक्र करते हुए गोयल ने सरकारों से आग्रह किया कि वे महिलाओं के स्वामित्व वाले उद्यमों को अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों, सम्मेलनों, सेमिनारों और बिजनेस फोरम में ज्यादा सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा कि इससे कई मंचों पर जुड़ाव संभव हो सकेगा। उन्होंने ब्रिक्स देशों से क्षेत्रों के आधार पर महिलाओं के नेतृत्व वाले व्यापारिक प्रतिनिधिमंडलों पर विचार करने का आग्रह किया। उन्होंने सुझाव दिया कि ब्रिक्स देश क्षेत्र-विशिष्ट महिला-नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल आयोजित कर सकते हैं, जैसे कि पूरी तरह से महिलाओं के नेतृत्व वाला वस्त्र प्रतिनिधिमंडल, जो एक ब्रिक्स सदस्य देश से दूसरे देश की यात्रा करे। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रतिनिधिमंडलों को ज्यादा समर्थन मिल सकता है और वे मूल्य श्रृंखला को जोडऩे में मदद कर सकते हैं, साथ ही महिला उद्यमियों के लिए ब्रिक्स से परे बाजारों से जुडऩे के अवसर भी पैदा कर सकते हैं।</p>
<p>व्यापार करने के लिए अनुमानित नियमों की तीसरी चुनौती पर, गोयल ने कहा कि पर्याप्त अनुमान और निश्चितता, खुली सीमाओं और मुक्त व्यापार को बढ़ावा देने वाले माहौल के बिना व्यापार नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सभी ब्रिक्स सदस्यों ने डब्ल्यूटीओ के व्यापार नियमों के तहत बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली की रक्षा और उसे मजबूत करने का संकल्प लिया है, जिससे कम विकसित और विकासशील देशों को भी नीतिगत गुंजाइश मिलेगी। गोयल ने कहा कि ब्रिक्स सदस्यों को एक ऐसे साझा प्लेटफॉर्म के लिए काम करना चाहिए, जो इलेक्ट्रॉनिक व्यापार दस्तावेज, ई-इनवॉइस, इलेक्ट्रॉनिक बिल ऑफ लैडिंग और ई-कस्टम्स डिक्लेरेशन की सुविधा दे। उन्होंने उन स्वैच्छिक सिद्धांतों का भी जिक्र किया, जिन पर हर देश के कानूनों का सम्मान और सुरक्षा करते हुए सीमाओं के पार ऑनलाइन सर्विस देने की सुविधा के लिए सहमति बनी थी।</p>
<p>ब्रिक्स देशों के बीच ज्यादा जुड़ाव का आह्वान करते हुए, गोयल ने कहा कि बातचीत और कूटनीति ही सदस्य देशों, सहयोगी देशों और दुनिया के लिए ज्यादा समृद्ध भविष्य की ओर बढऩे का रास्ता है। ऐसे समय में जब वैश्विक व्यापार पर दबाव दिख रहा है और दुनिया अस्थिरता और अनिश्चितता वाले वीयूसीए के माहौल में बड़ी चुनौतियों का सामना कर रही है और अभी दो युद्ध भी चल रहे हैं, उन्होंने बाकी दुनिया के साथ जुड़ते हुए ब्रिक्स देशों के बीच व्यापार बढ़ाने के लिए सामूहिक प्रयासों के महत्व पर जोर दिया।</p>
<p>गोयल ने कहा कि ब्रिक्स देशों ने वैश्विक शांति और सामान तथा सेवाएं दोनों के अंतरराष्ट्रीय व्यपार को समर्थन देने के लिए एक साझा समझ के तहत देशों को एक साथ लाने की दिशा में काम किया है। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स सदस्यों के बीच सेवा व्यापार पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया है। वैश्विक सेवा व्यापार लगभग 10 लाख करोड़ डालर  होने के बावजूद, उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देशों के बीच सेवा व्यापार का अपेक्षाकृत कम स्तर विकास की बड़ी संभावनाओं को दिखाता है। उन्होंने कहा कि महिलाएं गतिशीलता और अलग-अलग तरह की सेवाओं के साथ-साथ तेजी से बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था में भी अहम भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि ब्रिक्स देशों के पास सेवा वितरण को बेहतर बनाने और महिला उद्यमियों तथा एमएसएमई को सेवाओं और डिजिटल अर्थव्यवस्था में शामिल होने में मदद करने के लिए मिलकर काम करने की बहुत संभावना है।</p>
<p>गोयल ने कहा कि ब्रिक्स व्यापार मंत्रियों ने नेताओं द्वारा मंजूरी के लिए ब्रिक्स आर्थिक साझेदारी 2030 की रणनीति की भी सिफारिश की थी। उन्होंने उम्मीद जताई कि ब्रिक्स नेताओं के शिखर सम्मेलन से ज्यादा ठोस एजेंडा, कार्य योजनाएं और नतीजे सामने आएंगे और 2030 आने वाले सालों और दशकों में लंबी अवधि की साझेदारी की दिशा में पहला कदम साबित होगा। गोयल ने 2030 तक के लिए विचार करने के लिए चार ठोस सुझाव रखे। कर्ज सुविधा तक पहुंच के मामले में, उन्होंने ब्रिक्स महिला व्यापार गठबंधन से कहा कि वे अनंत गोयनका और उनके सहयोगियों के नेतृत्व वाली ब्रिक्स व्यापार परिषद के साथ मिलकर यह सुनिश्चित करें कि इनवॉइस डिस्काउंटिंग प्लेटफॉर्म पर होने वाले अध्ययन में महिला निर्यातकों की असल जरूरतों को शामिल किया जाए। </p>
<p>उन्होंने सरकारों, बैंकों और एक्जिम बैंकों से भी ऋण देने का फ़ैसला करते समय ऐसे इनवॉइस पर विचार करने का आग्रह किया और जयपुर सहमति में जोर दिए गए महिला उन्नति कोष के प्रस्ताव को एक ठोस पहल में बदलने की बात कही। उन्होंने  खरीदारों तक पहुँच के बारे में बात करते हुए ब्रिक्स के सदस्य और सहयोगी देशों की महिलाओं के स्वामित्व वाले उद्यमों से आग्रह किया कि वे ब्रिक्स की प्रदर्शनियों, मेलों और मंचों के साथ-साथ खरीदार-विक्रेता बैठकों में भी ज्यादा हिस्सा लें। उन्होंने सुझाव दिया कि हर साल प्रगति की रिपोर्ट दी जानी चाहिए, जिसमें यह बताया जाए कि कौन से कारोबार सफल रहे, कौन से नहीं और किन क्षेत्रों पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भारत, ब्रिक्स देशों के बीच आपसी जुड़ाव को बढ़ावा देने वाली महिलाओं के नेतृत्व वाली पहलों पर अपना अनुभव साझा करने के लिए तैयार है।</p>
<p>गोयल ने गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (जीईएम) के जरिए सरकारी खरीद में भारत के अनुभव का भी जिक्र किया। इस प्लेटफॉर्म पर केंद्र, राज्य और स्थानीय सरकारों को पारदर्शी तरीके से सामान और सेवाएँ खरीदने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है और खरीद के अवसर सभी के देखने के लिए उपलब्ध होते हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र और स्थानीय स्तर पर सरकार को सामान और सेवाएँ उपलब्ध कराने के लिए महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यमों पर विशेष ध्यान दिया जाता है और उन्हें प्रोत्साहित किया जाता है, इन उद्यमों की सरकारी खरीद में बहुत बड़ी हिस्सेदारी है।</p>
<p>महिला उद्यमियों की बढ़ती पहुँच का उदाहरण देते हुए, गोयल ने कहा कि नई दिल्ली से लगभग 2,500 किलोमीटर दूर स्थित महिला उद्यमी अब वाणिज्य मंत्रालय या प्रधानमंत्री कार्यालय को छोटे-छोटे ऑर्डर (कभी-कभी लगभग 100 डॉलर मूल्य के) भी मुहैया कराने में सक्षम हैं। उन्होंने कहा कि यह महिला उद्यमियों द्वारा तय किए गए लंबे सफर को दर्शाता है। भारत की एक जिला, एक उत्पाद पहल का जिक्र करते हुए गोयल ने कहा कि भारत में लगभग 780 जिले हैं और हर जिले में बढ़ावा देने के लिए एक, दो या तीन उत्पादों की पहचान की गई है। उन्होंने कहा कि यह पहल अब सेवाओं के क्षेत्र में भी आगे बढ़ रही है। उन्होंने उत्तर प्रदेश की खास खान-पान की पहचान करने वाली पहल का जिक्र करते हुए कहा कि भारत में थोड़ी-थोड़ी दूरी पर खान-पान और स्वाद में बदलाव देखने को मिलता है, यहाँ के अलग-अलग उत्पाद, स्वाद, मसाले और उनके मेल में दुनिया भर के बाजारों में कारोबार का बड़ा मौका है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग जिलों में पहचाने गए उत्पादों, सेवाओं और खान-पान को राज्य सरकारों और स्थानीय प्रशासन द्वारा बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि वैश्विक बाजार विकसित किए जा सके और जिलों को निर्यात का हब बनाया जा सके।</p>
<p>गोयल ने कहा कि ताजे भारतीय फलों और सब्जियों की विश्व भर में बढ़ती मांग, खासकर खाड़ी देशों से, जहाँ लगभग एक करोड़ भारतीय रहते हैं, छोटे किसानों और महिला उद्यमियों के लिए वैश्विक बाजार के हिसाब से खाद्य उत्पादों की क्वालिटी पैकेजिग, डिजाइनिंग और प्रोसेसिंग के बड़े मौके देती है। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देशों के बीच ज्यादा जुड़ाव से महिलाओं के समूह और महिलाओं के नेतृत्व वाले बाजार बनाने में मदद मिल सकती है, ताकि उनके उत्पादों और सेवाओं को बढ़ावा दिया जा सके।</p>
<p>गोयल ने नियमों और प्रक्रियाओं के बारे में हिस्सा लेने वालों से कहा कि वे उन दस्तावेजों, प्रमाणपत्रों, प्रक्रियाओं और तौर-तरीकों की पहचान करें, जो उन्हें कारोबार करने या अपना काम करने से रोकते हैं या उनमें रुकावट डालते हैं। उन्होंने कहा कि उनके अनुभव पर आधारित व्यावहारिक जानकारी सरकारों और नीति-निर्माताओं को प्रक्रियाओं तथा तौर-तरीकों को सही आकार देने, कागज़ी कार्रवाई कम करने और नीतियों को बेहतर बनाने में मदद करेगी, जिससे कारोबार करना आसान हो सकेगा। उन्होंने प्रतिभागियों से कहा कि वे न सिर्फ समस्या के बारे में बताएं, बल्कि उस समाधान के बारे में भी बताएं, जो वे देखना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि अगर समस्या के साथ कोई सुझाव या कार्रवाई का प्रस्ताव भी हो, तो सरकारों के लिए उस पर काम करना आसान हो जाएगा। उन्होंने भरोसा जताया कि अपने साझेदारों के साथ भारत के सामान के व्यापार में बढ़ोतरी की बहुत गुंजाइश है और आने वाले सालों में जो महिलाएं निर्यात का काम कर रही हैं, वे अपने कारोबार को कई गुना बढ़ा लेंगी।</p>
<p>उद्यमियों से चुनौतियों को मौकों में बदलने का आह्वान करते हुए गोयल ने कहा कि दुनिया में उथल-पुथल और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में सुस्ती के बावजूद, वित्त वर्ष के शुरुआती पांच महीनों (अप्रैल से अगस्त) में भारत के सामान निर्यात में 15 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई। उन्होंने कहा कि भारत ने वैश्विक चुनौतियों को अपने रास्ते की रुकावट नहीं बनने दिया, बल्कि उनमें मौके तलाशे और मौजूदा मुश्किल हालात के बावजूद इस साल के लिए बड़े लक्ष्य तय किए।</p>
<p>गोयल ने भारत की आर्थिक वृद्धि का भी जिक्र किया और बताया कि अप्रैल से जून की पहली तिमाही में स्थिर कीमतों पर अर्थव्यवस्था में 7.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो दुनिया में सबसे ज्यादा विकास दर है। उन्होंने कहा कि भारत अपनी असली क्षमता को पहचान रहा है और मजबूती और आत्मविश्वास के साथ दुनिया के साथ काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत अब दुनिया के साथ जुडऩे से नहीं डरता और वैश्वीकरण और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए अपने दरवाजे और ज्यादा खोलना चाहता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत ईमानदारी से व्यापार करने और व्यापार में ऊँचे नैतिक मानक अपनाकर, वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मक माहौल में बड़े अवसर देखता है।</p>
<p>गोयल ने कहा कि भारत ने आज की चार लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था से बढ़कर 2047 तक 30 लाख करोड़ डॉलर  की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य रखा है, जब देश अपनी आजाद के 100 साल पूरे करेगा। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को एक रोडमैप का समर्थन मिला है, जिसमें हर हिस्से के लिए जिम्मेदारियां तय की गई हैं और उन्होंने इसे 1.4 अरब भारतीयों की सामूहिक प्रतिबद्धता बताया। उन्होंने कहा कि देश महिलाओं के नेतृत्व वाली पहलों के जरिए इसे हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध है।</p>
<p>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जिक्र करते हुए गोयल ने कहा, जब महिलाएँ तरक्की करती हैं, तो दुनिया तरक्की करती है। उन्होंने कहा कि महिलाएँ तेजी से अपनी कहानियाँ दुनिया को खुद बता रही हैं और उन्होंने भरोसा जताया कि युवा महिलाएँ दुनिया भर के नागरिकों के लिए ज्यादा खुशहाली और बेहतर भविष्य की ओर बढऩे के सफर को आकार देंगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 10 Sep 2026 18:06:38 +0530</pubDate>
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                <title>जापान दौरे पर पीयूष गोयल: व्यापारिक रिश्तों को मिलेगी नई रफ्तार; वाणिज्य और उद्योग मंत्री टोक्यो, नागोया और ओसाका में करेंगे अहम बैठकें</title>
                                    <description><![CDATA[केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल 200 से अधिक सदस्यों वाले व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल के साथ चार दिवसीय जापान यात्रा पर टोक्यो, नागोया और ओसाका का दौरा करेंगे। इस दौरान वे जापानी उद्योगपतियों, 'कीडानरेन' के प्रतिनिधियों और जापान के अर्थव्यवस्था मंत्री अकाज़ावा रयोसेई के साथ द्विपक्षीय बैठकों में भाग लेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/piyush-goyal-on-japan-tour-trade-relations-will-get-new/article-163659"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/111200-x-600-px)-(10)2.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल 24 से 27 अगस्त तक जापान की यात्रा पर रहेंगे और इस दौरान वह टोक्यो, नागोया और ओसाका का दौरा करेंगे। उनके साथ इस दौरे में अब तक उस देश का दौरा करने वाला भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल भी होगा। वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार इस व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल में 200 से अधिक व्यापार प्रतिनिधि शामिल हैं जो विनिर्माण, सेमीकंडक्टर, स्वच्छ ऊर्जा और इस्पात से लेकर ऑटोमोटिव, वित्तीय सेवाएं, स्वास्थ्य सेवा और स्टार्टअप जैसे विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े हैं। यह यात्रा दोनों देशों की विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी के प्रति उनकी महत्वाकांक्षा को दर्शाती है और यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत और जापान व्यापार और निवेश संबंधों को और अधिक मजबूत करने की दिशा में प्रयासरत हैं।</p>
<p>मंत्रालय का कहना है कि मंत्री गोयल टोक्यो में भारत के विकास में लंबे समय से भागीदार रहे प्रमुख जापानी समूहों और औद्योगिक घरानों के शीर्ष नेतृत्व के साथ कई बैठकें करेंगे। इसके साथ ही, वे 1,500 से अधिक अग्रणी जापानी कंपनियों का प्रतिनिधित्व करने वाली सर्वोच्च संस्था, कीडानरेन (जापान बिजनेस फेडरेशन) के साथ एक गोलमेज सम्मेलन में भी भाग लेंगे। सेमीकंडक्टर और कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्टार्टअप और विदेशी संस्थागत निवेशकों के साथ जुड़ाव पर विशेष सत्रों की योजना बनाई गई है। यह निवेश और नवाचार गंतव्य के रूप में भारत के बढ़ते आकर्षण को दर्शाता है।</p>
<p>पीयूष गोयल वहां के व्यापार मंत्री अकाज़ावा रयोसेई, अर्थव्यवस्था, व्यापार और उद्योग मंत्री (एमईटीआई) के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगे और जापान सरकार और संसद के वरिष्ठ सदस्यों से भेंट करने के साथ साथ जापान में भारतीय समुदाय के साथ भी बातचीत करेंगे। मंत्री मध्य जापान के औद्योगिक केंद्र नागोया में चुकेरेन (मध्य जापान आर्थिक संघ) और नागोया चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के साथ एक रोड शो का नेतृत्व करेंगे और आइची प्रान्त के नेतृत्व और ऑटोमोटिव और इस्पात क्षेत्रों के प्रमुख विनिर्माण निवेशकों के साथ बातचीत करेंगे। यह यात्रा ओसाका में निवेशकों और व्यापार रोड शो के साथ समाप्त होगी जिसमें इलेक्ट्रॉनिक्स, औद्योगिक और उपभोक्ता क्षेत्रों की अग्रणी जापानी कंपनियों के साथ बैठकें होंगी जिनका उद्देश्य भारत के विनिर्माण, स्वच्छ ऊर्जा और उपभोक्ता बाजारों में मौजूद अवसरों के बारे में बताना है।</p>
<p>जापान निवेश, प्रौद्योगिकी और औद्योगिक सहयोग के क्षेत्र में हमेशा से भारत के सबसे भरोसेमंद साझेदारों में से एक रहा है। भारत के ऑटोमोटिव, इस्पात, इलेक्ट्रॉनिक्स, वित्तीय सेवाओं और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में जापानी उद्यमों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। विभिन्न क्षेत्रों से आए 200 से अधिक प्रतिनिधियों के अभूतपूर्व व्यापार प्रतिनिधिमंडल द्वारा समर्थित इस यात्रा से द्विपक्षीय व्यापार और निवेश संबंधों को नई गति मिलने और उच्च-प्रौद्योगिकी विनिर्माण और अगली पीढ़ी के उद्योगों में सहयोग के नए द्वार खुलने की उम्मीद है। ये क्षेत्र भारत के आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के दृष्टिकोण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 23 Aug 2026 15:43:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>सिंगापुर: निर्मला सीतारमण ने की पीएम लॉरेंस वोंग से मुलाकात, भारत की व्यापक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर चर्चा</title>
                                    <description><![CDATA[केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सिंगापुर में प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग से मुलाकात की। डॉ. एस. जयशंकर और पीयूष गोयल की मौजूदगी में हुई इस बैठक में व्यापक रणनीतिक साझेदारी, डिजिटलीकरण, आर्थिक सहयोग और कनेक्टिविटी को मजबूत करने पर चर्चा हुई। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/singapore-nirmala-sitharaman-meets-pm-lawrence-wong-to-discuss-strengthening/article-163380"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/singapor.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को सिंगापुर में वहां के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग से मुलाकात की। इस बैठक में उनके साथ विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी तथा वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद भी मौजूद थे। दोनों पक्ष के नेताओं ने इस अवसर पर भारत-सिंगापुर 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' की वृहद योजना को लागू करने में हुई प्रगति पर चर्चा की।</p>
<p>साथ ही, उन्होंने आर्थिक सहयोग, डिजिटलीकरण, कनेक्टिविटी, कौशल विकास और स्थिरता जैसे क्षेत्रों में आपसी सहयोग को और मजबूत करने के तरीकों पर भी बातचीत की। भारतीय मंत्रियों का यह दल दोनों देशों के बीच नियमित मंत्री स्तरीय वार्ताओं के सिलसिले में सिंगापुर गया हुआ है।</p>]]></content:encoded>
                
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                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 20 Aug 2026 14:04:01 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>नितिन नवीन की नई टीम की घोषणा: वसुंधरा राजे उपाध्यक्ष, स्मृति ईरानी महासचिव और पीयूष गोयल बन कोषाध्यक्ष</title>
                                    <description><![CDATA[भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपनी नई केंद्रीय टीम की घोषणा कर दी है। इसमें पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया सहित 13 नेताओं को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को कोषाध्यक्ष तथा अनिल बलूनी को मीडिया संयोजक की जिम्मेदारी दी गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/nitin-naveens-new-team-announced-vasundhara-raje-as-vice-president/article-163151"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/nitin-nabin.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष नितिन नवीन ने सोमवार को अपनी नयी टीम घोषणा की, जिसमें राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तथा पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को महासचिव बनाया गया है। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह की ओर से जारी सूची के अनुसार नवीन ने वसुंधरा राजे सिंधिया सहित 13 लोगों को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है। </p>
<p><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-08/bjp2.png" alt="bjp" width="1200" height="600"></img></p>
<p>केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल को पार्टी का कोषाध्यक्ष बनाया गया है। नवीन ने अनिल बलूनी पर विश्वास व्यक्त करते हुए उन्हें फिर से मीडिया संयोजक की जिम्मेदारी सौंपी है और बी एल संतोष को राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) बनाये रखा गया है। इसके अलावा अनिल बलूनी मीडिया संयोजक बने रहेंगे। नई टीम में उत्तर प्रदेश से आठ नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं। इनमें चार राष्ट्रीय पदाधिकारी और दो राष्ट्रीय मोर्चा अध्यक्ष शामिल हैं। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा की इस नियुक्ति को सामाजिक और राजनीतिक समीकरण साधने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है। खासतौर पर अन्य पिछड़ा वर्ग के नेताओं को प्रमुख जिम्मेदारी देकर पार्टी समाजवादी पार्टी ( सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव के पीडीए यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक समीकरण की काट तैयार करने की कोशिश करती दिखाई दे रही है।</p>
<p>नई टीम में रेखा वर्मा और प्रो. तारिक मंसूर को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। वहीं पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और बस्ती के पूर्व सांसद हरीश द्विवेदी को राष्ट्रीय महामंत्री की जिम्मेदारी मिली है। डॉ. भोला सिंह और संगीता यादव को राष्ट्रीय मंत्री बनाया गया है। इसके अलावा भाजपा ने उत्तर प्रदेश के राज्यसभा सदस्य अमरपाल मौर्य को राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा का अध्यक्ष बनाया है। अमरपाल मौर्य लंबे समय तक संगठन में सक्रिय रहे हैं और पिछड़े वर्ग में पार्टी की पकड़ मजबूत करने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है।</p>
<p>अल्पसंख्यक समुदाय को संदेश देने की कोशिश के तहत कुंवर बासित अली को राष्ट्रीय अल्पसंख्यक मोर्चा का अध्यक्ष बनाया गया है। बासित अली उत्तर प्रदेश भाजपा में अल्पसंख्यक चेहरा रहे हैं। पार्टी के इस फैसले को मुस्लिम समुदाय के बीच संगठन की पहुंच बढ़ाने की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश से आठ नेताओं को राष्ट्रीय संगठन में जगह मिलना विधानसभा चुनाव 2027 से पहले राज्य के महत्व को भी रेखांकित करता है। जानकारों की मानें तो भाजपा की कोशिश संगठनात्मक विस्तार के साथ-साथ अलग-अलग सामाजिक वर्गों में अपनी राजनीतिक पकड़ को मजबूत करने की है।</p>
<p> </p>
<p> </p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 17 Aug 2026 15:56:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल का दावा: ईंधन की कोई कमी नहीं, पश्चिम एशिया संकट पर सरकार की पैनी नजर; एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में वृद्धि और आपूर्ति में कमी की आशंकाओं को किया खारिज</title>
                                    <description><![CDATA[केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने आश्वस्त किया कि खाड़ी युद्ध के बावजूद भारत में ईंधन की कोई कमी नहीं होगी। रिफाइनरियों को उत्पादन बढ़ाने और घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, तमिलनाडु में अन्नाद्रमुक के साथ गठबंधन पर चर्चा अंतिम चरण में है, जिससे द्रमुक को सत्ता से बाहर करने का दावा किया गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/union-minister-piyush-goyal-claims-no-shortage-of-fuel-government/article-146116"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/piyuesh-goyal.png" alt=""></a><br /><p>चेन्नई। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को देशवासियों को आश्वस्त किया कि खाड़ी देशों में अमेरिका-ईरान संघर्ष के कारण कच्चे तेल के उत्पादन पर पड़े असर के बावजूद भारत में ईंधन की कोई कमी नहीं है। तमिलनाडु के तिरूचिरापल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रमों से पहले पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार वैश्विक ऊर्जा व्यवधानों की बारीकी से निगरानी कर रही है। घरेलू और वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में वृद्धि और आपूर्ति में कमी की आशंकाओं को खारिज करते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने और घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। </p>
<p>उनके इस बयान से उन होटल और रेस्तरां मालिकों को बड़ी राहत मिलने की आशा है, जिन्हें वाणिज्यिक एलपीजी की कमी के कारण अपना कारोबार बंद होने का डर सता रहा था। पीयूष गोयल ने तमिलनाडु की सत्ताधारी पार्टी द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) पर भ्रष्टाचार और कुशासन का आरोप लगाते हुए तीखा हमला भी किया। अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) के महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी के साथ सीट बंटवारे पर औपचारिक बातचीत के बाद श्री गोयल ने विश्वास जताया कि श्री पलानीस्वामी के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) आगामी चुनावों में द्रमुक को सत्ता से बाहर कर देगा। </p>
<p>उन्होंने स्पष्ट किया कि गठबंधन के सहयोगियों के बीच सीट बंटवारे को लेकर कोई भ्रम या बाधा नहीं है और चर्चा अंतिम चरण में है। तमिलनाडु में राजग का नेतृत्व पलानीस्वामी कर रहे हैं, जिसमें पीएमके, एएमएमके और तमिल मानिला कांग्रेस जैसे दल शामिल हैं। दूसरी ओर, पूर्व मुख्यमंत्री ओ. पनीरसेल्वम के लिए राजग के दरवाजे बंद होने के बाद उन्होंने राजनीतिक अस्तित्व बचाने के लिए द्रमुक का रुख किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Mar 2026 18:44:08 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>भारत-US ट्रेड डील कब होगी लागू: पीयूष गोयल ने दिए संकेत, UK और ओमान FTA भी शुरू होने की उम्मीद</title>
                                    <description><![CDATA[वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर मार्च में हस्ताक्षर हो सकते हैं। साथ ही, ब्रिटेन और ओमान के साथ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) अप्रैल 2026 में लागू होने की संभावना है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/when-will-india-us-trade-deal-be-implemented-piyush-goyal-hints/article-143929"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/piyush-goyal.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने संभावना जताई है कि भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते पर मार्च में हस्ताक्षर और अप्रैल में लागू हो सकता है। इसके आगे पीयूष गोयल ने मीडिया को बताया कि भारत के ब्रिटेन और ओमान के साथ मुक्त व्यापार समझौते यानी एफटीए भी अप्रैल में लागू हो सकता है। इसके साथ ही पीयूष गोयल ने बताया कि सितंबर में न्यूजीलैंड के साथ समझौता भी हो सकता है।</p>
<p>भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए 23 फरवरी को तीन दिवसीय बैठक का आयोजन अमेरिका में होगा। इसी महीने की शुरूआत में भारत और अमेरिका ने अंतरिम व्यापा समझौते को रूपरेखा तय कर ली थी ।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 Feb 2026 14:44:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>भारत-अमेरिका ट्रेड डील के बाद सस्ती होगी अमेरिकी दाल? कीमतों पर पड़ेगा बड़ा असर</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन ने "ऐतिहासिक" इंडिया-US ट्रेड डील की "मुख्य शर्तों" पर अपनी फैक्टशीट में बदलाव किया है, जिसमें यह दावा हटा दिया गया है कि नई दिल्ली "कुछ खास दालों" पर टैरिफ कम करेगी और $500 बिलियन की खरीद "कमिटमेंट" से जुड़े शब्दों में बदलाव किया गया है,]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/after-india-us-trade-deal-american-pulses-will-become-cheaper-there/article-142701"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)9.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली।  अमेरिका के डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने तथाकथित “ऐतिहासिक” इंडिया-US ट्रेड डील से जुड़ी व्हाइट हाउस फैक्टशीट में अहम बदलाव किए हैं। अपडेटेड दस्तावेज़ में उन दावों को हटा दिया गया है जिनमें कहा गया था कि भारत “कुछ खास दालों” पर टैरिफ कम करेगा। साथ ही $500 बिलियन से अधिक अमेरिकी सामान खरीदने के “कमिटमेंट” शब्द को बदलकर “इरादा” कर दिया गया है।</p>
<p>पहले जारी फैक्टशीट में सूखे डिस्टिलर्स ग्रेन (DDGs), लाल ज्वार, ट्री नट्स, ताजे और प्रोसेस्ड फल, सोयाबीन तेल, वाइन और स्पिरिट्स के साथ “कुछ खास दालों” पर टैरिफ कटौती का उल्लेख था। संशोधित संस्करण में दालों का जिक्र पूरी तरह हटा दिया गया है। कृषि आयात भारत के लिए राजनीतिक रूप से संवेदनशील मुद्दा है, क्योंकि देश दालों का सबसे बड़ा उत्पादक और उपभोक्ता है। किसानों के हितों की रक्षा के लिए इन श्रेणियों में ऊंचे टैरिफ लगाए जाते रहे हैं।</p>
<p>इसके अलावा, पहले के टेक्स्ट में भारत द्वारा $500 बिलियन से अधिक अमेरिकी ऊर्जा, ICT, कृषि और अन्य उत्पाद खरीदने का “वादा” बताया गया था। अब कृषि उत्पादों का उल्लेख हटाते हुए इसे केवल “इरादा” कहा गया है। डिजिटल सर्विसेज़ टैक्स हटाने संबंधी दावा भी संशोधित कर दिया गया है।</p>
<p>ये बदलाव कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की आलोचना के बाद सामने आए, जिन्होंने डील को “PR में लिपटा धोखा” बताया था। वहीं, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने दोहराया कि भारतीय किसानों और संवेदनशील सेक्टरों को पूरी तरह सुरक्षित रखा गया है और डील “फेयर, बराबर और बैलेंस्ड” है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Feb 2026 11:17:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत-GCC मुक्त व्यापार समझौते की ओर बड़ा कदम, व्यापार और रणनीतिक रिश्तों को मिलेगी नई गति</title>
                                    <description><![CDATA[भारत ने गुरुवार को गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) के साथ एक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के लिए टर्म्स ऑफ़ रेफरेंस पर साइन किए, ताकि 2004 से रुके हुए ट्रेड पैक्ट के लिए बातचीत फिर से शुरू हो सके।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/big-step-towards-india-gcc-free-trade-agreement-trade-and-strategic/article-142071"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(10)4.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारत ने हाल ही में अमेरिका के साथ व्यापार समझौते किया, जिसके बाद अमेरिका ने अपने टेरिफ को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया था और अब भारत ने एक और कदम बढ़ाया है। जानकारी के अनुसार, भारत ने गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) के साथ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की दिशा में अहम प्रगति करते हुए गुरुवार को टर्म्स ऑफ़ रेफरेंस पर हस्ताक्षर कर दिए। इसके साथ ही वर्ष 2004 से रुकी हुई भारत-GCC व्यापार वार्ता को दोबारा औपचारिक रूप से शुरू करने का रास्ता साफ हो गया है। यह कदम न केवल आर्थिक बल्कि भू-राजनीतिक दृष्टि से भी भारत के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।</p>
<p>भारत और जीसीसी के बीच FTA वार्ता की शुरुआत 2004 में फ्रेमवर्क एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर के साथ हुई थी। इसके बाद 2006 और 2008 में दो दौर की बातचीत हुई, लेकिन 2011 में GCC ने वैश्विक स्तर पर सभी व्यापार वार्ताएं रोक दी थीं। नवंबर 2022 में GCC के सेक्रेटरी जनरल की भारत यात्रा के बाद इस प्रक्रिया में नई जान आई। अक्टूबर 2023 में GCC ने संशोधित टर्म्स ऑफ़ रेफरेंस साझा किए, जिन पर अब दोनों पक्षों की सहमति बन गई है।</p>
<p>GCC में सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कतर, कुवैत, ओमान और बहरीन शामिल हैं। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि इस समझौते से भारत और GCC देशों के बीच व्यापार, निवेश और रणनीतिक संबंध और मजबूत होंगे। इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा तथा वैश्विक स्तर पर भारत की आर्थिक स्थिति और सुदृढ़ होगी।</p>
<p>वित्त वर्ष 2024-25 में भारत-GCC द्विपक्षीय व्यापार 178.56 अरब डॉलर रहा, जो भारत के कुल वैश्विक व्यापार का लगभग 15.4 प्रतिशत है। इसमें भारत का निर्यात 56.87 अरब डॉलर और आयात 121.66 अरब डॉलर रहा। UAE के बाद सऊदी अरब भारत का दूसरा सबसे बड़ा GCC व्यापार साझेदार है।</p>
<p>विशेषज्ञों का मानना है कि यह FTA खाद्य प्रसंस्करण, बुनियादी ढांचा, पेट्रोकेमिकल्स, आईसीटी, ऊर्जा और विनिर्माण क्षेत्रों को बड़ा प्रोत्साहन देगा। साथ ही, कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस पर निर्भरता को संतुलित करने तथा निर्यात विविधीकरण में भी मदद करेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/big-step-towards-india-gcc-free-trade-agreement-trade-and-strategic/article-142071</link>
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                <pubDate>Thu, 05 Feb 2026 17:47:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पीयूष गोयल का संसद को आश्वासन, कहा भारत ने अमेरिका के साथ व्यापार समझौता में खाद्य, कृषि क्षेत्र की संवेदनशीलता का रखा ध्यान </title>
                                    <description><![CDATA[सरकार ने संसद को आश्वस्त किया कि भारत–अमेरिका व्यापार समझौते में कृषि और दुग्ध जैसे संवेदनशील क्षेत्रों के हित सुरक्षित रखे गए हैं, जिससे निर्यात और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/piyush-goyals-assurance-to-the-parliament-said-that-india-took/article-141934"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(9)3.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते की जानकारी संसद के बाहर दिये जाने पर विपक्ष के कड़े विरोध के बाद बुधवार को सरकार ने संसद को आश्वस्त किया कि इस समझौते में देश के खाद्य एवं कृषि क्षेत्र की प्रमुख संवेदनशीलताओं का पूरा ध्यान रखा है।     वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने संसद के दोनों सदनों में दिये गये वक्तव्यों में कहा कि भारत समझौते में अपने संवेदनशील क्षेत्रों, विशेषकर कृषि और दुग्ध क्षेत्रों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने में सफल रहा है। उन्होंने कहा कि इसी तरह अमेरिका के भी कुछ ऐसे क्षेत्र हैं जो उनके दृष्टिकोण से संवेदनशील हैं। उन्होंने कहा कि यह समझौता लघु एवं मध्यम उद्यमों, उद्यमियों, कुशल श्रमिकों और उद्योग के लिए नये अवसर खोलेगा, उन्नत प्रौद्योगिकियों तक पहुंच को सुगम बनाएगा और भारत के मेक इन इंडिया फॉर द विश्व, डिजाइन इन इंडिया फॉर द वल्र्ड और इन्नोवेट इन इंडिया फॉर द वल्र्ड के दृष्टिकोण को साकार करने में सहायक होगा।</p>
<p>उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पिछले वर्ष फरवरी की अमेरिका यात्रा के बाद से भारत और अमेरिका संतुलित और पारस्परिक रूप से लाभकारी द्विपक्षीय व्यापार समझौते को संपन्न करने के उद्देश्य से नियमित रूप से चर्चा करते रहे हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए, दोनों पक्षों के कारों ने पिछले एक वर्ष में विभिन्न स्तरों पर गहन बातचीत की है। दोनों पक्षों के महत्वपूर्ण और विविध हितों को देखते हुए यह स्वाभाविक है कि दोनों पक्ष अपनी-अपनी अर्थव्यवस्थाओं के महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों की रक्षा करते हुए सर्वोत्तम संभव परिणाम सुनिश्चित करना चाहेंगे।</p>
<p>पीयूष गोयल ने कहा कि इन के दौरान लगभग एक वर्ष तक चले कई दौर के विचार-विमर्श के बाद, दोनों कार दल द्विपक्षीय व्यापार समझौते के कई क्षेत्रों को अंतिम रूप देने में सफल रहे हैं। पीएम मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दो फरवरी को द्विपक्षीय और अंतरराष्ट्रीय महत्व के कई मुद्दों पर फोन पर चर्चा की। इसके बाद राष्ट्रपति ट्रम्प ने अमेरिका को किए जाने वाले भारतीय निर्यात पर टैरिफ की दर घटाकर 18 प्रतिशत करने की घोषणा की।</p>
<p>वाणिज्य मंत्री ने कहा, मैं इस बात पर जोर देना चाहता हूं कि यह अमेरिका द्वारा कई प्रतिस्पर्धी देशों पर लगाये गये आयात कर से कम है, जिससे अमेरिकी बाजार में भारत की निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता में वृद्धि होगी। यह समझौता भारतीय निर्यातकों को, विशेष रूप से श्रम-प्रधान क्षेत्रों और विनिर्माण में, महत्वपूर्ण तुलनात्मक लाभ भी प्रदान करता है। </p>
<p>उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक ढांचागत समझौता भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने और विकसित भारत 2047 की दिशा में हमारी यात्रा को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है तथा यह दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतांत्रिक देशों के बीच मजबूत जुड़ाव को भी दर्शाता है, जो स्वाभाविक साझेदार हैं और साझा समृद्धि के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।</p>
<p>वाणिज्य मंत्री ने कहा कि दोनों पक्ष व्यापार समझौते से संबंधित आवश्यक तकनीकी प्रक्रियाओं को पूरा करने और कागजी कार्यवाही को अंतिम रूप देने के लिए मिलकर काम करेंगे, ताकि इसकी पूरी क्षमता का शीघ्रता से लाभ उठाया जा सके। समझौते की विस्तृत रूपरेखा इन प्रक्रियाओं के समापन के पश्चात तुरंत घोषित की जायेगी।</p>
<p>पीयूष गोयल ने कहा, सदस्यों को भारत के ऊर्जा स्रोतों से संबंधित उन मुद्दों की जानकारी होगी, जो इस समझौते पर हुई चर्चाओं के दौरान उठाये गये हैं। मैं स्पष्ट करना चाहता हूं, जैसा कि सरकार ने कई बार सार्वजनिक रूप से कहा है, कि 140 करोड़ भारतीयों की ऊर्जा आवश्यकताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। वस्तुनिष्ठ बाजार स्थितियों और बदलते अंतरराष्ट्रीय परिदृश्यों के अनुरूप ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाना हमारी कार्यनीति का मूल आधार है। भारत की सभी कार्रवाइयां इसी बात को ध्यान में रखकर की जाती हैं। अत: मैं माननीय सदस्यों से इन मुद्दों को समुचित दृष्टिकोण से देखने का आग्रह करता हूं।</p>
<p>उन्होंने कहा, दोनों देशों के बीच भावी व्यापार अवसरों के संदर्भ में सदस्य इस बात को समझेंगे कि भारत और अमेरिका काफी हद तक एक-दूसरे की पूरक अर्थव्यवस्थाएं हैं। जैसे-जैसे भारत विकसित भारत के पथ पर अग्रसर हो रहा है, हमें ऊर्जा, उड्डयन, डेटा केंद्र, परमाणु ऊर्जा आदि सहित कई क्षेत्रों में अपनी क्षमताओं को बढ़ाने की आवश्यकता होगी। अमेरिका इन क्षेत्रों में दुनिया का अग्रणी देश है, इसलिए हमारे लिए इन क्षेत्रों में व्यापार की संभावनाओं पर ध्यान केंद्रित करना स्वाभाविक है, जिससे न केवल हमारी खरीद में बल्कि हमारे अपने निर्यात में भी विस्तार होगा। अत: हमारा अनुमान है कि तुलनात्मक लाभ के परिणामस्वरूप कई क्षेत्रों में भारत का निर्यात अमेरिका में भी काफी बढ़ेगा।</p>
<p>केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के साथ यह ढांचागत समझौता, जो आने वाले वर्षों में वैश्विक विकास और नवाचार को गति प्रदान करेगा, भारत की जनता एवं राष्ट्र के व्यापक हित में है। यह विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत दोनों को सशक्त बनाता है। सरकार देश के लिए प्रधानमंत्री के इस ²ष्टिकोण को साकार करने की दिशा में निरंतर कार्य करती रहेगी। </p>
<p>गौरतलब है कि, विपक्ष इस बात को लेकर हमलावर है कि संसद सत्र के दौरान इस समझौते के बारे में जानकारी संसद से बाहर सार्वजनिक की गयी। गोयल ने मंगलवार को एक संवाददाता सम्मेलन में इस समझौते के बारे में जानकारी दी थी। इससे पहले विपक्ष के सदस्यों ने संसद के दोनों सदनों में सरकार से समझौते के बारे में वक्तव्य देने की मांग की थी।  </p>
<p>वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को फिर कहा कि अमेरिका के साथ व्यापार समझौता (एजेंसी) के दौरान भारत ने देश के खाद्य एवं कृषि क्षेत्र की प्रमुख संवेदनशीलताओं का पूरा ध्यान रखा है। पीयूष गोयल ने लोक सभा में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के संबंध में दोनों देशों की ओर से की गयी घोषणाओं पर अपने एक वक्तव्य में कहा कि भारतीय पक्ष अपने संवेदनशील क्षेत्रों, विशेषकर कृषि और दुग्ध क्षेत्रों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने में सफल रहा है। अमेरिकी पक्ष के भी कुछ ऐसे क्षेत्र हैं, जो उनके दृष्टिकोण से संवेदनशील हैं।  </p>
<p>गौरतलब है कि, पीयूष गोयल ने मंगलवार को संवाददाता सम्मेलन में भी कहा था कि अमेरिका के साथ होने वाले व्यापार समझौते में भारत कृषि क्षेत्र की संवदेनशीलता का ध्यान रखेगा। इस बारे में की गयी में यह स्पष्ट भी किया गया है। उन्होंने कहा कि यह समझौता लघु एवं मध्यम उद्यमों, उद्यमियों, कुशल श्रमिकों और उद्योग के लिए नये अवसर खोलेगा, उन्नत प्रौद्योगिकियों तक पहुंच को सुगम बनाएगा और भारत के'मेक इन इंडिया फॉर द वल्र्ड, डिजाइन इन इंडिया फॉर द वल्र्ड और इन्नोवेट इन इंडिया फॉर द वल्र्ड के दृष्टिकोण को साकार करने में सहायक होगा।     </p>
<p>उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की फरवरी 2025 में अमेरिका यात्रा के बाद से भारत और अमेरिका एक संतुलित और पारस्परिक रूप से लाभकारी द्विपक्षीय व्यापार समझौते को संपन्न करने के उद्देश्य से नियमित रूप से चर्चा करते रहे हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए, दोनों पक्षों के कारों ने पिछले एक वर्ष में विभिन्न स्तरों पर गहन बातचीत की है। दोनों पक्षों के महत्वपूर्ण और विविध हितों को देखते हुए यह स्वाभाविक है कि दोनों पक्ष अपनी-अपनी अर्थव्यवस्थाओं के महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों की रक्षा करते हुए सर्वोत्तम संभव परिणाम सुनिश्चित करना चाहेंगे।</p>
<p>पीयूष गोयल ने कहा कि इन (एजेंसी)ओं के दौरान लगभग एक वर्ष तक चले कई दौर के विचार-विमर्श के बाद, दोनों (एजेंसी)कार दल द्विपक्षीय व्यापार समझौते के कई क्षेत्रों को अंतिम रूप देने में सफल रहे हैं। दो फरवरी 2026 को पीएम मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने द्विपक्षीय और अंतरराष्ट्रीय महत्व के कई मुद्दों पर फोन पर चर्चा की। इसके बाद राष्ट्रपति ट्रम्प ने अमेरिका को किए जाने वाले भारतीय निर्यात पर टैरिफ की दर घटाकर 18 प्रतिशत करने की घोषणा की।</p>
<p>उन्होंने कहा, मैं इस बात पर जोर देना चाहता हूं कि यह अमेरिका द्वारा कई प्रतिस्पर्धी देशों पर लगाये गये आयात कर से कम है, जिससे अमेरिकी बाजार में भारत की निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता में वृद्धि होगी। यह समझौता भारतीय निर्यातकों को, विशेष रूप से श्रम-प्रधान क्षेत्रों और विनिर्माण में, महत्वपूर्ण तुलनात्मक लाभ भी प्रदान करता है। </p>
<p>उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक ढांचागत समझौता भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने और विकसित भारत 2047 की दिशा में हमारी यात्रा को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है तथा यह दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतांत्रिक देशों के बीच मजबूत जुड़ाव को भी दर्शाता है, जो स्वाभाविक साझेदार हैं और साझा समृद्धि के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।</p>
<p>वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री ने कहा कि दोनों पक्ष व्यापार समझौते से संबंधित आवश्यक तकनीकी प्रक्रियाओं को पूरा करने और कागजी कार्यवाही को अंतिम रूप देने के लिए मिलकर काम करेंगे, ताकि इसकी पूरी क्षमता का शीघ्रता से लाभ उठाया जा सके। समझौते की विस्तृत रूपरेखा इन प्रक्रियाओं के समापन के पश्चात तुरंत घोषित की जायेगी।</p>
<p>उन्होंने कहा, सदस्यों को भारत के ऊर्जा स्रोतों से संबंधित उन मुद्दों की जानकारी होगी, जो इस समझौते पर हुई चर्चाओं के दौरान उठाये गये हैं। मैं स्पष्ट करना चाहता हूं, जैसा कि सरकार ने कई बार सार्वजनिक रूप से कहा है, कि 140 करोड़ भारतीयों की ऊर्जा आवश्यकताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। वस्तुनिष्ठ बाजार स्थितियों और बदलते अंतरराष्ट्रीय परिदृश्यों के अनुरूप ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाना हमारी कार्यनीति का मूल आधार है। भारत की सभी कार्रवाइयां इसी बात को ध्यान में रखकर की जाती हैं। अत: मैं माननीय सदस्यों से इन मुद्दों को समुचित दृष्टिकोण से देखने का आग्रह करता हूं।</p>
<p>पीयूष गोयल ने कहा, दोनों देशों के बीच भावी व्यापार अवसरों के संदर्भ में सदस्य इस बात को समझेंगे कि भारत और अमेरिका काफी हद तक एक-दूसरे की पूरक अर्थव्यवस्थाएं हैं। जैसे-जैसे भारत विकसित भारत के पथ पर अग्रसर हो रहा है, हमें ऊर्जा, उड्डयन, डेटा केंद्र, परमाणु ऊर्जा आदि सहित कई क्षेत्रों में अपनी क्षमताओं को बढ़ाने की आवश्यकता होगी। अमेरिका इन क्षेत्रों में दुनिया का अग्रणी देश है, इसलिए हमारे लिए इन क्षेत्रों में व्यापार की संभावनाओं पर ध्यान केंद्रित करना स्वाभाविक है, जिससे न केवल हमारी खरीद में बल्कि हमारे अपने निर्यात में भी विस्तार होगा। अत: हमारा अनुमान है कि तुलनात्मक लाभ के परिणामस्वरूप कई क्षेत्रों में भारत का निर्यात अमेरिका में भी काफी बढ़ेगा।</p>
<p>उन्होंने कहा कि विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के साथ यह ढांचागत समझौता, जो आने वाले वर्षों में वैश्विक विकास और नवाचार को गति प्रदान करेगा, भारत की जनता एवं राष्ट्र के व्यापक हित में है। यह विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत दोनों को सशक्त बनाता है। हम अपने देश के लिए माननीय प्रधानमंत्री जी के इस दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में निरंतर कार्य करते रहेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 04 Feb 2026 16:47:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>उत्तर प्रदेश भाजपा में नए प्रदेशाध्यक्ष के निर्वाचन प्रक्रिया की आधिकारिक घोषणा, जल्द दाखिल किए जाएंगे नामांकन</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तर प्रदेश BJP में नए प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया आधिकारिक रूप से शुरू हो गई है। 13 दिसंबर को लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में नामांकन दाखिल होंगे और 14 दिसंबर को चुनाव प्रक्रिया पूरी कर औपचारिक घोषणा की जाएगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/official-announcement-of-the-election-process-for-the-new-state/article-135739"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/up-news.png" alt=""></a><br /><p>लखनऊ। उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में संगठनात्मक चुनाव की औपचारिक प्रक्रिया अब आधिकारिक रूप से शुरू हो गई है। परिस्थितियां बयां कर रही हैं कि 16 दिसंबर खरमास से पहले भाजपा अपना प्रदेश अध्यक्ष चुन लेगी। पार्टी के वरिष्ठ नेता महेंद्र नाथ पांडेय ने बताया कि 13 दिसम्बर को प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल किए जाएंगे। नामांकन प्रक्रिया दोपहर एक बजे से दो बजे तक भाजपा के राज्य मुख्यालय, लखनऊ में आयोजित होगी। </p>
<p>केंद्रीय चुनाव पर्यवेक्षक विनोद तावड़े की मौजूदगी में नामांकन पत्र लिए जाएंगे। वहीं, केंद्रीय चुनाव अधिकारी पीयूष गोयल 14 दिसम्बर को निर्वाचन प्रक्रिया पूरी कराएंगे। उसी दिन प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव की औपचारिक घोषणा भी कर दी जाएगी। भाजपा के भीतर लंबे समय से चल रही अध्यक्ष चयन प्रक्रिया अब निर्णायक चरण में पहुंच गई है, और पार्टी नेतृत्व 2027 विधानसभा चुनावों को दृष्टिगत रखते हुए नए अध्यक्ष के नाम को अंतिम रूप देने जा रहा है।</p>
<p>गौरतलब है कि, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चुनने की संवैधानिक प्रक्रिया के तहत सबसे पहले प्रांतीय परिषद के सदस्य तय किए जाते हैं। 403 विधानसभा क्षेत्रों से एक-एक सदस्य चुना जाता है। हालांकि, यह वहीं से चुने जाते हैं जहां के जिलाध्यक्ष घोषित हो चुके होते हैं। भाजपा ने 98 जिलों में प्रदेश को बांटा हुआ है।</p>
<p>प्रदेश अध्यक्ष चुनाव के लिए केवल 50 प्रतिशत से अधिक जिलाध्यक्षों का चयन जरूरी था, जबकि वर्तमान में 86 प्रतिशत जिलाध्यक्षों का चयन हो चुका है। इसी प्रकार 1918 मंडलों में से 1600 से अधिक में चुनाव संपन्न हो चुके हैं। प्रदेश अध्यक्ष के नामांकन में प्रस्तावक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दोनों उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक और संगठन के प्रमुख नेता शामिल हो सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/official-announcement-of-the-election-process-for-the-new-state/article-135739</link>
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                <pubDate>Fri, 12 Dec 2025 15:16:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>ईवी कार से एक हजार रुपए में दिल्ली से मुंबई पहुंच जाएंगे, जयपुर से दिल्ली के दो घंटे ही लगेंगे : पीयूष गोयल</title>
                                    <description><![CDATA[समिट के ट्रांसर्फोमिंग मैन्यूफैक्चरिंग विद इंडस्ट्री सेशन में केन्द्रीय उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने निवेशकों से कहा कि राजस्थान बेहतर कनेक्टिविटी के चलते ही निवेशकों की पहली पसंद बनता जा रहा है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/piyush-goyal-will-reach-mumbai-from-delhi-in-one-thousand/article-97204"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/9930400-sizee-(9)3.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। समिट के ट्रांसर्फोमिंग मैन्यूफैक्चरिंग विद इंडस्ट्री सेशन में केन्द्रीय उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने निवेशकों से कहा कि राजस्थान बेहतर कनेक्टिविटी के चलते ही निवेशकों की पहली पसंद बनता जा रहा है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे बन रहा है। इससे दिल्ली से मुंबई का सफर अगर ईवी कार से किया जाए तो एक हजार रुपए में दिल्ली से मुंबई 12 घंटे में पहुंच जाएंगे। वहीं जयपुर से दिल्ली का सफर मात्र दो घंटे में तय होगा। इससे आर्थिक गतिविधियों को कितनी गति मिलेगी, खुद अंदाजा लगाया जा सकता है। प्रदेश में डेटा सेंटर के लिए डेडिकेटेड टाउनशिप भी बना सकते हैं। भजनलाल सरकार इसके लिए जमीन की तलाशने में लगी है। </p>
<p><strong>खनिज खोज में प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी बढ़ा रहे: रेड्डी</strong><br />माइनिंग एंड मिनरल प्रोसेसिंग सेशन में ही केन्द्रीय कोयल एवं खान मंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था को पांच ट्रिलियन बनाने में खनन का भी अहम रोल होगा। खनिज और खासकर क्रिटिकल खनिज खोज कार्य में प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी बढ़ा रहे हैं। इससे विदेशों पर निर्भरता कम हो सकेगी। मिनरल सेक्टर में रिफोर्म करते हुए पारदर्शिता व संस्टेनेबल खनन पर जोर दिया जा रहा है। </p>
<p><strong>डेनमार्क व जापान के साथ कंट्री सेशन हुए</strong><br />समिट में डेनमार्क के साथ जल प्रबन्धन, ऊर्जा दक्षता और औद्योगिक निवेश पर और जापान के साथ वर्सेटिलिटी ऑफ इंडस्ट्रीज-मैन्यूफैक्चरिंग एंड बियोंड विषय पर कंट्री सेशन हुए। डेनमार्क दुनिया में स्मार्ट तकनीक के जरिए जल प्रबन्धन के लिए जाना जाता है। ऐसे में जलदाय मंत्री कन्हैयालाल चौधरी ने सेशन में कहा कि डेनमार्क जलप्रबन्धन में राजस्थान में निवेश करे। उद्योग स्थापित करे। सरकार उन्हें हर संभव मदद देगी। वहीं जापान के साथ सेशन में विधि मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि जापान का प्रदेश में सालों से निवेश है। जायका-जेट्रो बढ़िया काम कर रहे हैं। नीमराना में जापान की 48 कंपनियां काम कर रही हैं। सरकार नया डेडीकेटेड फ्रैड कोरिडोर बना रही है। सेशन में केन्द्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी, मनोहर लाल खट्टर ने भी अन्य सेशन में अपनी बात रखी। पहले दिन इसके अलावा आठ विषयों पर थीमैटिक सेशन भी हुए।  </p>
<p><strong>संसद, राममंदिर, लालकिला ही नहीं विदेशों में भी हमारा पत्थर जा रहा, कारोबारी निवेश का फायदा सबको बताएं : भजनलाल शर्मा </strong></p>
<p>माइनिंग में निवेशकों और उससे जुड़े एक्सपर्ट्स का राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इंवेस्टमेंट समिट में इमेग्रेंस ऑफ सस्टेनेबल माइनिंग एंड मिनरल प्रोसेसिंग सेशन रखा गया जिसमें सीएम भजनलाल शर्मा ने प्रदेश में खनन में व्याप्त संभावनाओं और अवसरों के बारे में बताते हुए कहा कि प्रदेश में खनन से जुड़े कारोबारी बड़ा लाभ कमा रहे हैं। वे सभी को इसके बारे में बताएं ताकि और भी निवेशक प्रोत्साहित हों, नया निवेश आए। चुटकी लेते हुए कहा कि लेकिन वे बताते नहीं है। वे सभी को बताएं कि खनन में निवेश से नुकसान नहीं है। बहुत फायदा है। राजस्थान के पत्थर से लाल किला, राष्ट्रपति भवन, राममंदिर बना है। पुरानी और नई संसद में भी हमारा पत्थर है। आबूधाबी में बने मंदिर में भी यहीं से पत्थर गया है। लंदन के इंडिया हाऊस में भी हमारा पत्थर लगा है। लेकिन उम्मीद के मुताबिक खनन आज भी पीछे है। दुनिया में राजस्थान को खनन में बड़ा हब बनने की ताकत है। आप आएं, हम आपको खनन पट्टा देंगे। निवेश को नई खनन नीति बनाई है। कोयल मंत्री जी. किशन रेड्डी ने भी अपनी बात रखी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 Dec 2024 12:33:01 +0530</pubDate>
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                <title>गुणवत्ता नियंत्रण आदेश सूक्ष्म, लघु-मझोले उद्योगों की मदद के लिए : गोयल</title>
                                    <description><![CDATA[ वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री  पीयूष गोयल ने कहा कि क्यूसीओ सही अर्थ में घरेलू एमएसएमई को घटिया आयातित माल के साथ प्रतिस्पर्धा से बचा कर तथा उनकी प्रतिस्पर्धा क्षमता बढ़ा कर उनकी मदद के लिए है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/quality-control-order-to-help-micro-small-and-medium-industries/article-88533"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-11/piyush.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री  पीयूष गोयल ने शनिवार को यहां कहा कि गुणवत्ता नियंत्रण आदेश (क्यूसीओ) सही अर्थ में घरेलू सूक्षम, लघु और मझोले क्षेत्र (एमएसएमई) को घटिया आयातित माल के साथ प्रतिस्पर्धा से बचा कर तथा उनकी प्रतिस्पर्धा क्षमता बढ़ा कर उनकी मदद के लिए है।</p>
<p>उन्होंने यह भी कहा कि बड़े उद्योगों की सफलता के पीछे हजारों छोटी इकाइयों का योगदान महत्वपूर्ण है और उनके बिना उद्योग चल नहीं सकते। गोयल राजधानी में 10वें भारत अंतर्राष्ट्रीय एमएसएमई स्टार्टअप एक्सपो और शिखर सम्मेलन-2024 को संबोधित कर रहे थे।</p>
<p>क्यूसीओ के बारे में गोयल ने कहा कि गुणवत्ता नियंत्रण आदेश के माध्यम से सरकार एमएसएमई क्षेत्र की मदद कर रही है और उन्हें गुणवत्ता मानकों को पूरा करने के लिए पर्याप्त समय दिया जाता है। उन्होंने कहा कि हम एमएसएमई को जरूरतों को पूरा करने के लिए समय दे रहे हैं।</p>
<p>वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री ने कहा कि गुणवत्ता आदेश से एमएसएमई को दो तरह से लाभ होगा, एक तो क्यूसीओ से लागत से कम मूल्य पर घटिया वस्तुओं के आयात पर अंकुश लगेगा और देश की छोटी इकाइयां अनुचित प्रतिस्पर्धा से बचेंगी। दूसरे जब एमएसएमई मानकों को पूरा करते हैं, तो वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बन सकते हैं और लाभदायक बन सकते हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि ऐसे कई उदाहरण हैं कि क्यूसी ने कई क्षेत्रों को कैसे लाभ पहुंचाया है।</p>
<p>एमएसएमई को केवल एक छोटे उद्यम के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, इसकी सोच छोटी या नकारात्मक नहीं होनी चाहिए क्योंकि एमएसएमई एक बड़ी ताकत हैं। वे सफल हैं, वे देश की ताकत हैं, लाखों देशवासियों को रोजगार देने के साथ राष्ट्र निर्माण में योगदान दे रहे हैं। </p>
<p>गोयल ने कहा कि नवीन विचार और काम करने के नए तरीके एमएसएमई के उद्यमियों की पहचान हैं। उन्होंने कहा कि बड़े उद्योगों और उद्यमों के आसपास के पूरे परितंत्र में हजारों एमएसएमई शामिल हैं, जिनके बिना वे सफल नहीं हो सकते। उन्होंने कहा कि एमएसएमई बड़े उद्योगों के आपूर्तिकर्ता और ग्राहक दोनों के रूप में कार्य करते हैं।</p>
<p>वाणिज्य मंत्री ने बताया कि एमएसएमई देश के पर्यटन और बुनियादी ढांचे के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। भारत के निर्यात में उनकी बड़ी हिस्सेदारी है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र का विकास देश के लिए महत्वपूर्ण है और सरकार के लिए फोकस क्षेत्र है। उन्होंने कहा कि देश को भारत 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनने में सभी क्षेत्रों और सभी लोगों के योगदान की जरूरत है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 24 Aug 2024 19:06:01 +0530</pubDate>
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