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                <title>bank loan - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                            <item>
                <title>ग्रामीण महिलाओं को 1.5 प्रतिशत वार्षिक दर पर मिलेगा लोन, डिजिटल आवेदन और न्यूनतम कागजी कार्यवाही </title>
                                    <description><![CDATA[सूक्ष्म उद्यम, कृषि, पशुपालन, छोटे कारोबार और सामाजिक जरूरतों के लिए आर्थिक सहायता  ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rural-women-will-get-loan-at-15-percent-annual-rate/article-127100"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/_4500-px)-(12).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजीविका के समूहों से जुड़ी महिलाएं 40 हजार रुपए तक का लोन मात्र 48 घंटे में प्राप्त कर सकती हैं, जबकि इससे अधिक राशि 15 दिनों में स्वीकृत होती है। यह योजना राजस्थान के सभी 41 जिलों में लागू है और लगभग 4 लाख एसएचजी समूहों व करीब 45 लाख ग्रामीण परिवारों तक पहुंच चुकी है। राज्य मिशन निदेशक राजीविका नेहा गिरी ने बताया कि गरीब, निराश्रित और वंचित महिलाओं को विशेष प्राथमिकता दी जाती है। डिजिटल आवेदन और न्यूनतम कागजी कार्यवाही होने से प्रक्रिया बेहद सरल है। योजना के विस्तार के लिए राज्य सरकार ने नेशनल को ऑपरेटिव डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एनसीडीसी) से तीन हजार करोड़ रुपए की लोन सुविधा हासिल की है।</p>
<p>इस राशि का चेक प्रदान किए जाने के अवसर पर उप प्रबंध निदेशक एनसीडीसी रोहित गुप्ता और राजस्थान महिला निधि सीईओ डॉ. पूजा शर्मा उपस्थित थे। योजना के अंतर्गत महिलाओं को केवल 1.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज पर लोन उपलब्ध हो सकेगा। यह राशि महिलाओं को सूक्ष्म उद्यम, कृषि, पशुपालन, छोटे कारोबार और सामाजिक जरूरतों के लिए आर्थिक सहायता के रूप में होगी। इस अवसर पर क्षेत्रीय निदेशक एनसीडीसी सुनील कुमार छापोला, निदेशक सी,आईसी और एससी विकास उपाध्याय और उपनिदेशक मीनाक्षी यादव, राजस्थान महिला निधि डीपीएम शंभू दयाल कुमावत भी मौजूद रहे।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Sep 2025 13:24:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>फर्जी लोन मंजूर कर करोड़ों की हेराफेरी</title>
                                    <description><![CDATA[ सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक के सीमलवाड़ा शाखा प्रबंधक व दरियाटी लेम्पस के कैशियर के खिलाफ कुआं पुलिस थाने में केवाईसी के बहाने से साढें चार सौ से ज्यादा लोगों के लोन मंंजूर कर हड़पने का मामला दर्ज किया गया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/dungarpur/misappropriation-of-crores-by-sanctioning-fake-loans-in-the-dungarpur-central-co-operative-bank-fake-loan-hindi-news/article-55731"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-08/dungarpur-fake-bank-loan.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">डूंगरपुर। सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक के सीमलवाड़ा शाखा प्रबंधक व दरियाटी लेम्पस के कैशियर के खिलाफ कुआं पुलिस थाने में केवाईसी के बहाने से साढें चार सौ से ज्यादा लोगों के लोन मंंजूर कर हड़पने का मामला दर्ज किया गया।<br /><br />पुलिस के अनुसार ताराचन्द भगोरा, अमरा डामोर, कांति डामोर, शंकरलाल रोत, बापुलाल रोत एवं शंकरलाल डामोर ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि सीमलवाड़ा शाखा में करीब 450 लोगों के खाते में अनाधिकृत रूप से केवाईसी के नाम पर ऋण स्वीकृत कर ऋण की राशि फर्जी रूप से अंगूठा लगवा कर विड्रोल किया गया। छंह सात बैंक खातेदारों को छोड़कर स्भी की पासबुक लौटाई नहीं जा रही है। पुलिस ने इस मामले में कैशियर दरियाटी लेम्पस सुरेश डेण्डोर तथा ा सीमलवाड़ा शाखा प्रबंधक के खिलाफ कुंआ पुलिस थाना कुंआ में एक प्रकरण दर्ज करवाया गया है।ग्र्रामीणों ने जिला पुलिस अधीक्षक कुंदन कवारियां को उक्त मामले में परिवाद सौपते हुए बताया कि एक खाते में करीब साढे तीन लाख रुपए   मंजूर कर उसे निकाला गया है और करोड़ों का घवला किया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>डूंगरपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 29 Aug 2023 09:52:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Ajmer]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ऋण लेने वालों को औजार एवं टूलकिट के लिए मिलेगी 5 हजार रुपये की सहायता</title>
                                    <description><![CDATA[प्रार्थी राजस्थान का मूल निवासी होना चाहिए। अनुसूचित जाति एवं वाल्मीकि समुदाय के बीपीएल या समकक्ष वार्षिक आय (शहरी क्षेत्र के लिये 60120 रुपये एवं ग्रामीण क्षेत्र के लिये 54300 रुपये निर्धारित है) वाले लाभार्थी पात्र होंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/udaipur/borrowers-will-get-assistance-of-rs-5000-for-tools-and/article-55390"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-08/pradhan-mantri-mudra-loan-yojana1.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">उदयपुर। अनुसूचित जाति विकास कोष एवं वाल्मीकि समुदाय विकास कोष के तहत प्रधानमंत्री मुद्रा योजना में बैंकों से ऋण प्राप्त करने वाले व्यक्तियों को स्वरोजगार के लिये औजार एवं टूलकिट आदि के 5 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">अनुजा निगम के परियोजना प्रबंधक गिरीश भटनागर ने बताया कि इस योजना में वर्ष 2023-24 में ऋण प्राप्त करने वाले अनुसूचित जाति एवं वाल्मीकि समुदाय के लाभार्थी जो अपने स्वरोजगार में औजारों का उपयोग करते हैं, ऐसे पात्र ऋणियों द्वारा औजार खरीदने का मूल बिल एवं औजारों के साथ खुद का फोटो प्रस्तुत करने पर अधिकतम 5 हजार रुपये की सहायता राशि उनके बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से जमा करायी जायेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने यह भी बताया कि प्रार्थी राजस्थान का मूल निवासी होना चाहिए। अनुसूचित जाति एवं वाल्मीकि समुदाय के बीपीएल या समकक्ष वार्षिक आय (शहरी क्षेत्र के लिये 60120 रुपये एवं ग्रामीण क्षेत्र के लिये 54300 रुपये निर्धारित है) वाले लाभार्थी पात्र होंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>उदयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 24 Aug 2023 19:24:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>RBI की मौद्रिक नीति समिति की बैठक : नीतिगत दरें यथावत, किस्तों में नहीं होगी वृद्धि</title>
                                    <description><![CDATA[महंगाई को लक्षित दायर में रखने के लक्ष्य पर नजर टिकाये रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति ने आज विकास अनुमान को यथावत बनाये रखने और महंगाई के अनुमान को बढ़ाते हुये नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं करने का निर्णय लिया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/rbi-monetry-policy-meeting-policy-rate-of-rbi-hindi-news/article-54207"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-08/630-400-size-की-कॉपी-(1)9.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। महंगाई को लक्षित दायर में रखने के लक्ष्य पर नजर टिकाये रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति ने आज विकास अनुमान को यथावत बनाये रखने और महंगाई के अनुमान को बढ़ाते हुये नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं करने का निर्णय लिया, जिससे आम लोगों के घर, कार और अन्य प्रकार के ऋणों की किस्तों में बढोतरी नहीं होगी। समिति ने रेपो दर को 6.5 प्रतिशत पर यथावत रखने का निर्णय लिया है।</p>
<p>चालू वित्त वर्ष में तीसरी द्विमासिक तीन दिवसीय बैठक के बाद आज जारी बयान में यह घोषणा की गयी है। रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने यह घोषणा करते हुये कहा कि वैश्विक और घरेलू अर्थव्यवस्था का उल्लेख करते हुये कहा कि फिलहाल नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं की जा रही है लेकिन नीतिगत दरों को यथावत बनाये रखने के बीच समिति ने समयोजन वाले रूख से पीछे हटने का निर्णय लिया है। </p>
<p>समिति के इस निर्णय के बाद फिलहाल नीतिगत दरों में बढोतरी नहीं होगी। रेपो दर 6.5 प्रतिशत, स्टैंडर्ड जमा सुविधा दर (एसडीएफआर) 6.25 प्रतिशत, मार्जिनल स्टैंडिंग सुविधा दर (एमएसएफआर) 6.75 प्रतिशत, बैंक दर 6.75 प्रतिशत, फिक्स्ड रिजर्व रेपो दर 3.35 प्रतिशत, नकद आरक्षित अनुपात 4.50 प्रतिशत, वैधानिक तरलता अनुपात 18 प्रतिशत पर यथावत है।</p>
<p>दास ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था और वित्तीय क्षेत्र  वैश्विक आर्थिक गतिविधियों में आयी सुस्ती के बीच सशक्त और मजबूत बना हुआ और यह महंगाई को काबू में करने में सक्षम है।। उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष में विकास अनुमान को 6.5 प्रतिशत पर यथावत रखा गया है। इसके आधार पर चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में यह 8.1 प्रतिशत, दूसरी तिमाही में 6.5 प्रतिशत, तीसरी तिमाही में छह प्रतिशत और चौथी तिमाही में यह 5.7 प्रतिशत रह सकती है। अगले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में यह 6.6 प्रतिशत रह सकती है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक पूरा ध्यान महंगाई को चार प्रतिशत के लक्षित दायरे में लाने का है। उन्होंने कहा कि टमाटर की कीमतों में उछाल के साथ ही अनाज और दालों की कीमतों में आयी तेजी से महंगाई बढ़ी है लेकिन अब सब्जियों की कीमतों में कमी आने का पूरी उम्मीद है। उन्होंने कहा कि इसके मद्देनजर चालू वित्त वर्ष में खुदरा महंगाई के अनुमान को 5.1 प्रतिशत से बढ़ाकर 5.4 प्रतिशत कर दिया गया है। दूसरी तिमाही में यह 6.2 प्रतिशत, तीसरी तिमाही में 5.7 प्रतिशत और चौथी तिमाही में 5.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है। अगले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में यह 5.2 प्रतिशत रह सकती है।      </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 10 Aug 2023 11:34:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पर्सनल लोन लेते समय कभी न करें ये गलतियां</title>
                                    <description><![CDATA[ कई लोग जल्दी लोन लेने के चक्कर में फर्जी ऑनलाइन वेबसाइट पर लोन के लिए अप्लाई कर देता है। इससे उनके साथ स्कैम भी हो जाता है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/while-taking-a-personal-loan/article-47592"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-06/lonn.png" alt=""></a><br /><p>घर खरीदने के लिए या बच्चों की पढ़ाई या शादी के लिए अगर आप पर्सनल लोन लेने वाली हैं तो उससे पहले आपको कोई ऐसी गलती नहीं करनी चाहिए, जिससे आपको आर्थिक नुकसान पहुंचे। आपको पर्सनल लोन लेते वक्त कौन-कौन सी गलतियां नहीं करनी चाहिए।<br /><br /><strong>सही से रिसर्च न करना-</strong> कई लोग जल्दी लोन लेने के चक्कर में फर्जी ऑनलाइन वेबसाइट पर लोन के लिए अप्लाई कर देता है। इससे उनके साथ स्कैम भी हो जाता है। ध्यान रखें कि जब कभी भी आप लोन के लिए अप्लाई करें ,तो आपकी रिसर्च बिल्कुल सही से होनी चाहिए। सही से रिसर्च करने पर आप उन बैंकों की भी सूची बना पाएंगी जो आपको कम ब्याज पर लोन दे सकते हैं। इससे आपका पैसा भी बचेगा और साथ ही आप किसी भी प्रकार के स्कैम में फंसने से बच जाएंगी। <br /><br /><strong>ईएमआई के बारे में- </strong>आपको जितना लोन चाहिए उसकी ईएमआई के बारे में बैंक से जरूर पता कर लें। यह बैंक की साइट पर ईएमआई कैलकुलेटर से पता किया जा सकता है। इसके अलावा बैंक ब्रांच से इसका हिसाब लगवा सकते हैं।  कई बैंक या नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनियां जीरो परसेंट ईएमआई स्कीम का ऑफर देती हैं। इसका मतलब है कि आपको ईएमआई में कोई ब्याज नहीं देना पड़ेगा। ऐसा ऑफर मिले तो पहले इसे सही से चेक करें उसके बाद ही अप्लाई करें। <br /><br /><strong>लंबी अवधि का लोन-</strong> लंबी अवधि के लिए लोन लेने से बचें ,क्योंकि इससे आपकी किस्त बेशक छोटी हो जाएगी, लेकिन इसके बदले में आपको ज्यादा ब्याज देना पड़ेगा। कम समय की किस्त बड़ी होगी, लेकिन इससे अधिक ज्यादा ब्याज नहीं जाएगा लोन लेने के बाद ईएमआई को समय पर चुकाएं। <br /><br />अगर बीच में किसी तरह का गैप आएगा तो इससे आपके क्रेडिट स्कोर पर असर पड़ सकता है, भविष्य में लोन लेने में परेशानी आ सकती है। पर्सनल लोन लेते समय आपको ये सभी गलतियां नहीं करनी चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/business/while-taking-a-personal-loan/article-47592</link>
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                <pubDate>Sat, 03 Jun 2023 11:44:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत में बढ़ती महंगाई और महंगा ऋण</title>
                                    <description><![CDATA[यदि रेपो दर ओर बढ़ती है, लेकिन जमा पर ब्याज दर भी तो बढ़ती है, जो कि जमाकर्ताओं के लिए एक राहत की बात है। लेकिन व्यवहार में ऐसा हो नहीं रहा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/rising-inflation-in-india/article-12300"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/4654654656.jpg" alt=""></a><br /><p>यदि रेपो दर ओर बढ़ती है, लेकिन जमा पर ब्याज दर भी तो बढ़ती है, जो कि जमाकर्ताओं के लिए एक राहत की बात है। लेकिन व्यवहार में ऐसा हो नहीं रहा है। ऋण दरें पहले बढ़ती है, लेकिन जमा ब्याज दरें बाद में बढ़ती है। वर्तमान में घरेलू जमाकर्ता भी अधिक उत्साहित नहीं है, क्योंकि स्थाई जमा पर ब्याज दरें घट रही है। केंद्र सरकार ने भविष्य निधि पर ब्याज दर घटाकर 8.1 प्रतिशत कर दी है, डाकघर बचत योजनाओं पर ब्याज दर कम होने की संभावना रहती है। भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा घोषित मौद्रिक नीति में महंगाई को नियंत्रित करने को प्राथमिकता प्रदान की है तथा इसी दिशा में नीतिगत निर्णय लिए गए हैं। भारतीय रिजर्व बैंक के लिए महंगाई चिंता का विषय है। एक तरफ  की विकास दर के कम होने के संकेत हैं तो दूसरी तरफ मुद्रास्फीति दर के बढ़ने के संकेत है, जो कि भारत को अप-मुद्रास्फीति की तरफ ले जा रही है। भारतीय रिजर्व बैंक का अनुमान है कि विकास दर 7.2 प्रतिशत अपरिवर्तित रहेगी, लेकिन उपभोक्ता मूल्य सूचकांक 6.7 प्रतिशत रहेगा, जो कि 6 प्रतिशत की सीमा से अधिक होगा । नई मौद्रिक नीति का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय रेपो दर में 0.5 प्रतिशत की वृद्धि का है, जो कि महंगाई को रोकने का नीतिगत निर्णय है तथा देश में व्याप्त तरलता को कम करने में मददगार होगा, जो कि महंगाई का एक कारण माना जाता है। रेपो दर वह दर होती है, जो कि केंद्रीय बैंक व्यापारिक बैंकों से अल्पकालीन ऋण के बदले में वसूलता है जिसमें गत एक माह में 0.9 प्रतिशत की वृद्धि हो गई है तथा इसी अनुपात में रिवर्स रेपो दर वृद्धि हुई है, जो कि व्यापारिक बैंक अपने तरल कोषों को रिजर्व बैंक में रखने के बदले में प्राप्त करता है।</p>
<p>रेपो दर में वृद्धि का तत्काल प्रभाव यह होता है कि बैंकों से ऋण लेना महंगा हो जाता है तथा वर्तमान में लिए गए निर्णय अधिक ब्याज चुकाना होता है। बैंक ब्याज दरों को बढ़ाने में देरी नहीं करते हैं। सार्वजनिक एवं निजी बैंकों ने भी अपनी ऋण ब्याज दरों को 0.5 प्रतिशत से तत्काल बढ़ाने का निर्णय लिया है। बैंकों द्वारा दिए गए ऋणों की तीन प्रकार की दरें होती हैं। बैंकों द्वारा दिए गए ऋणों का लगभग 40 प्रतिशत ऋण ईबीएलआर पर आधारित है तथा 30 प्रतिशत सीमांत लागत तथा शेष 30 प्रतिशत स्थाई दर पर आधारित है। खुदरा एवं लघु तथा मध्यम उद्योगों को ऋण ईबीएलआर पर दिए जाते हैं। निगमों को सीमांत लागत पर दिए जाते हैं। सभी प्रकार के ऋणों में 0.9 प्रतिशत की वृद्धि हो गई है। ऋण ब्याज दरों में वृद्धि का असर यह हुआ है कि कार्यशील पूंजी, खुदरा, उपभोक्ता, ग्रह एवं ऑटो ऋण लेना तत्काल प्रभाव से महंगा हो गया है, जो कि उपभोक्ताओं की ऋण उठाव क्षमता को प्रभावित करेगा तथा उनकी मासिक ऋण पर ब्याज की किस्तों में वृद्धि हो जाएगी। आजकल अधिकांश ऋण परिवर्तित ब्याज दरों पर आधारित हो गया है, जो कि स्वत: है ईएमआई में वृद्धि कर देते हैं। उपभोक्ता के पास यह विकल्प होता है या तो वह पुन: भुगतान अवधि को बढ़ाए या अधिक ईएमआई दे।</p>
<p>खुदरा उपभोक्ता ऋण एवं गृह एवं आटो ऋण महंगे होने से इनसे संबंधित उत्पादों की मांग प्रभावित होगी तथा निवेश में भी गिरावट आएगी। इस समय जो अंतरराष्ट्रीय वित्तीय बाजार में उथल-पुथल एवं अनिश्चितता तथा जोखिम का माहौल व वातावरण चल रहा है। पूंजी व मुद्रा बाजार भी उथल-पुथल का शिकार है। अंतरराष्ट्रीय व घरेलू निवेशक कोषों का आवागमन तेजी से करते हैं तथा स्थिरता एवं वृद्धि खतरे में रहती है। उत्पादक एवं ऋण प्रदान करने वाली कंपनियां एवं निवेश सभी के निर्णय पर रेपो दर में हुए परिवर्तन का प्रभाव पड़ता है। महंगाई एक महत्वपूर्ण कारण है, ऋण उठाव क्षमता में कमी करने का।  इन कंपनियों के पास मांग को बनाए रखने का एक विकल्प है, अधिक आकर्षित बट्टा दरें तथा ऑफर। यदि रेपो दर ओर बढ़ती है, लेकिन जमा पर ब्याज दर भी तो बढ़ती है, जो कि जमाकर्ताओं के लिए एक राहत की बात है। लेकिन व्यवहार में ऐसा हो नहीं रहा है। ऋण दरें पहले बढ़ती है, लेकिन जमा ब्याज दरें बाद में बढ़ती है। वर्तमान में घरेलू जमाकर्ता भी अधिक उत्साहित नहीं है, क्योंकि स्थाई जमा पर ब्याज दरें कम रही है। केंद्र सरकार ने भविष्य निधि पर ब्याज दर कम होकर 8.1 प्रतिशत कर दी है, डाकघर बचत योजनाओं पर ब्याज दर कम करने की संभावना रहती है। इसका सबसे ज्यादा नुकसान सीनियर सिटीजन एवं पेंशन धारकों को उठाना पड़ता है।</p>
<p>बैंकों द्वारा देय जमाओं पर ब्याज दरों एवं सरकारी बांड्स में निवेश पर ब्याज दरों में 0.9 प्रतिशत से 1.5 प्रतिशत तक का अंतर है, जो कि सर्वाधिक हैं, लेकिन बांड्स में निवेश का लॉक इन समय होता है, जो कि कम से कम 3 वर्ष का होता है, उससे पहले किसी भी कीमत पर पैसा नहीं निकाला जा सकता है, जबकि बैंकों की स्थाई जमा तरलता बनी रहती है। परिपक्वता पूर्व निकासी का प्रावधान रहता है पेनल्टी के कारण ब्याज दर कम हो जाती है। यह अंतर कम हो तो घरेलू बचत कर्ता के लिए राहत की बात होगी। ब्याज दरें निर्णायक आधार होती है चाहे निवेश किया जाए या बचत।             </p>
<p><strong>- डॉ. सुभाष गंगवाल</strong><br /><strong>(ये लेखक के अपने विचार हैं)</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Jun 2022 10:47:57 +0530</pubDate>
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