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                <title>drainage - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>भण्डेड़ा में जलभराव समस्या पर किसानों की मांग तेज, जानें पूरा मामला </title>
                                    <description><![CDATA[पाइप बंद होते ही ऊपरी क्षेत्र के खेतों में जलभराव हो जाता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/farmers-in-bhandeda-intensify-demands-regarding-waterlogging-issue/article-156656"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/111200-x-600-px)-(4)3.png" alt=""></a><br /><p>भण्डेड़ा। क्षेत्र में आगामी बरसात को देखते हुए किसानों ने मुख्य सड़कों पर बरसाती पानी निकासी के लिए लगाए गए पाइप बंद करने वाले लोगों के खिलाफ समय रहते सख्त कार्रवाई की मांग की है। किसानों का कहना है कि यदि विभाग पहले से ही ऐसे लोगों को पाबंद कर दे, तो खरीफ फसलों को हर साल होने वाले भारी नुकसान से बचाया जा सकता है। जानकारी के अनुसार बांसी-कालानला मार्ग एवं भण्डेड़ा-सादेड़ा मुख्य मार्ग पर सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा सड़क निर्माण के दौरान पानी निकासी के लिए पाइप लगाए गए थे, ताकि बारिश का पानी खेतों में जमा न होकर आगे निकल सके। लेकिन कई स्थानों पर निचले क्षेत्र के किसान अपने खेतों में पानी जाने से रोकने के लिए इन पाइपों को बंद कर देते हैं। पाइप बंद होते ही ऊपरी क्षेत्र के खेतों में जलभराव की स्थिति बन जाती है और लगातार बारिश के कारण फसलें पूरी तरह खराब हो जाती हैं।</p>
<p> पिछले तीन वर्षों से यही स्थिति बनी हुई है, जिससे हजारों बीघा फसल हर साल बर्बाद हो रही है। किसानों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद विभाग केवल औपचारिक कार्रवाई करता है और मौके पर जाकर स्थिति देखकर लौट जाता है। इससे ऐसे लोगों का हौसला बढ़ता जा रहा है और पाइप बंद करने की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि आगामी बरसात से पहले ही ऐसे लोगों को चिन्हित कर पाबंद किया जाए तथा पाइपलाइन व्यवस्था को सुचारू रखा जाए, ताकि किसानों की मेहनत और लाखों की फसल बर्बाद होने से बच सके।</p>
<p><strong>अधिकारी का कहना है </strong><br />क्षेत्र में इस तरह पानी निकासी के पाइप को बन्द करने वाले किसानों को समय से पहले ही पाबंद करवाया जाएगा। फिर भी किसी व्यक्ति ने पाइप बन्द किया, तो उसी समय पुलिस साथ लेकर बंद पाइप को खुलवाया जाएगा। संबंधित व्यक्ति पर कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।<br /><strong>- हरिराम मीणा, अधिशाषी अभियंता, सार्वजनिक निर्माण विभाग, नैनवां </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 14:38:39 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर खबर का - एमबीएस एवं जे.के.लोन परिसर में ड्रेनेज समस्या का होगा समाधान, संभागीय आयुक्त की अध्यक्षता में दिए निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[दैनिक नवज्योति में पांच फरवरी को प्रमुखता से उठाया था मामला ।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news---drainage-problems-in-the-mbs-and-jk-lon-complexes-will-be-resolved/article-143016"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/(12200-x-600-px)-(6)8.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। संभागीय आयुक्त अनिल कुमार अग्रवाल की अध्यक्षता में गुरुवार को सीएडी सभागार में आयोजित बैठक में एमबीएस हास्पीटल एवं जे.के.लोन चिकित्सालय परिसर में वर्षा जल भराव की समस्या के समाधान के लिए ड्रेनेज सिस्टम के निर्माण तथा एक एमएलडी के एसटीपी के निर्माण के लिए आरयूआईडीपी से डिजाईन बनवाने के निर्देश दिए गए। बैठक में संभागीय आयुक्त ने निर्देश दिए कि एमबीएस एवं जेके लोन हॉस्पिटल परिसर की क्षतिग्रस्त दीवार का शीघ्र निर्माण कराया जाए। उन्होंने एमबीएस एवं जे.के.लोन चिकित्सालय परिसर में स्थित पुराने, अनुपयोगी, जर्जर एवं नकारा घोषित स्ट्रक्चर को नियमानुसार गिराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने नवीन आईपीडी के मॉड्यूलर आॅपरेशन थियेटर में पानी के लीकेज, सीपेज एवं टाइल्स उखडने से मरीजों एवं अस्पताल स्टाफ को हो रही समस्या के समाधान के लिए पीडब्ल्यूडी के अभियंताओं को मौका निरीक्षण करने एवं समस्या का स्थाई समाधान निकालने के निर्देश दिए।</p>
<p><strong>आरएमआरएस में उपलब्ध फंड की भी समीक्षा</strong><br />उन्होंने नवीन आईपीडी एवं पुराने भवन को जोड़ने के लिए कनेक्टिंग कोरिडोर का कार्य शीघ्र पूरा करने तथा चिकित्सालय परिसर में लगी हुई खराब लाइटों का ठीक करने के भी निर्देश दिए। बैठक में आरएमआरएस में उपलब्ध फंड एवं प्रगतिरत कार्यों के बारे में भी समीक्षा की गई। बैठक में जिला कलक्टर पीयूष समारिया, केडीए आयुक्त ममता तिवारी, केडीए सचिव मुकेश चौधरी, मेडिकल कॉलेज कोटा की प्राचार्य डॉ. संगीता सक्सेना,एमबीएस हॉस्पिटल अधीक्षक डॉ. धर्मराज मीणा, जेके लोन हॉस्पिटल की अधीक्षक निर्मला शर्मा, निदेशक अभियात्रिंकी केडीए रविन्द्र माथुर, अधिशाषी अभियंता पीडब्ल्यूडी अशोक सनाढय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि इस सम्बंध में दैनिक नवज्योति में गत पांच फरवरी को प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Feb 2026 15:06:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>किराड़ी में जलभराव के लिए 'आप' जिम्मेदार: 11 वर्षो में नहीं बनाई सीवर व्यवस्था, भाजपा मंत्री ने केजरीवाल पर साधा निशाना</title>
                                    <description><![CDATA[पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश सिंह ने किराड़ी जलभराव के लिए पूर्व आप सरकार को जिम्मेदार ठहराया, कहा वर्षों तक सीवर और ड्रेनेज नहीं बने, अब परियोजनाएं तेज़ी से पूरी होंगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/aap-is-responsible-for-waterlogging-in-kirari-sewer-system-has/article-140505"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/1200-x-600-px)-(1200-x-600-px)-(2)44.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। दिल्ली के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने किराड़ी विधानसभा क्षेत्र में लगातार हो रहे जलभराव को लेकर पूर्ववर्ती आम आदमी पार्टी (आप) सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुये आरोप लगाया कि पिछले 11 वर्षों में इलाके में न तो सीवर व्यवस्था बनाई गई और न ही समुचित जल निकासी प्रणाली विकसित किया गया।</p>
<p>प्रवेश सिंह ने संवाददाता सम्मेलन में गुरूवार को कहा कि पिछले एक सप्ताह से किराड़ी में जलभराव के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। किराड़ी की कॉलोनियों में नालियों और सीवर का पानी भरने की समस्या बीते 10 वर्षों से लगातार सामने आती रही है, जिसकी मीडिया रिपोर्ट मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि जब अरविंद केजरीवाल मुख्यमंत्री बने थे, तब शर्मा कॉलोनी जैसे इलाकों में जलभराव नहीं होता था, लेकिन वर्ष 2022 तक वहां नालियों का पानी जमा होने लगा। शर्मा कॉलोनी एक निचले क्षेत्र में स्थित है और किराड़ी विधानसभा क्षेत्र में लगभग 10 लाख की आबादी रहती है। यह कॉलोनी वर्ष 2000 से पहले विकसित हुई थी, लेकिन कांग्रेस और आप, दोनों ही सरकारों ने यहां सीवर लाइन बिछाने का कोई ठोस काम नहीं किया।</p>
<p>उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षा जल और सीवर के पानी की निकासी के लिए उचित आउटलेट न होने के कारण निचले इलाकों में जलभराव होता है। उन्होंने दावा किया कि आप सरकार ने अपने कार्यकाल में किराड़ी में सीवर से जुड़े कार्यों पर मात्र 43 लाख रुपये खर्च किए। इसके आगे उन्होंने बताया कि दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने वर्ष 2020 में 100 करोड़ रुपये की लागत से एक ड्रेनेज परियोजना की योजना बनाई थी, जिस पर अब काम शुरू हो चुका है। इसके बाद दिल्ली जल बोर्ड ने किराड़ी सहित 114 अनधिकृत कॉलोनियों में 480 करोड़ रुपये की लागत से सीवर लाइन परियोजनाएं शुरू कीं, लेकिन सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से कनेक्टिविटी की योजना नहीं बनाई गई। सीवर का यह कार्य दिसंबर 2024 तक पूरा होना था, लेकिन भुगतान न होने के कारण ठेकेदारों ने काम रोक दिया। उन्होंने कहा हमारी सरकार आने के बाद काम दोबारा शुरू हुआ है और इसे जून 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा।</p>
<p>पीडब्ल्यूडी मंत्री ने बताया कि गंदे पानी को रोहिणी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचाने के लिए तीन सीवेज पंपिंग स्टेशन बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग द्वारा 220 करोड़ रुपये की लागत से 4.5 किलोमीटर लंबा नया नाला बनाया जा रहा है, जिसे डेढ़ साल में पूरा किया जाएगा। उन्होंने बताया कि किराड़ी में जमीन की भराई कर लेवल ऊंचा किया जा रहा है और सीवर लाइनें जमीन के स्तर से ऊपर बिछाई जा रही हैं। उन्होंने दावा किया कि छह महीने के भीतर किराड़ी में सीवर ओवरफ्लो की समस्या नहीं दिखेगी।</p>
<p>उन्होंने कहा कि देओली, बदरपुर, नजफगढ़ और तुगलकाबाद में भी सीवर नेटवर्क परियोजनाएं शुरू की गई हैं। उन्होंने आप पार्टी को चुनौती देते हुए पूछा कि क्या उसके शासनकाल में इन इलाकों में कोई सीवर नेटवर्क, ड्रेनेज सिस्टम या ट्रीटमेंट प्लांट बनाया गया था।</p>
<p>प्रवेश सिंह ने बताया कि किराड़ी से वर्षा जल की निकासी के लिए 112 करोड़ रुपये के अतिरिक्त कार्य भी चल रहे हैं, जबकि शर्मा कॉलोनी में ड्रेनेज का काम सांसद निधि से शुरू किया गया है। उल्लेखनीय है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को एक्स पर किराड़ी की स्थिति को लेकर टिप्पणी करते हुए आरोप लगाया था आज हर आम भारतीय की जिंदगी नर्क की यातना बन गयी है। देश में लालच की महामारी फैल चुकी है, शहरी सडऩ जिसका सबसे डरावना चेहरा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 22 Jan 2026 17:06:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लापरवाही: दहीखेड़ा व डुंडी गाडरवाड़ा रोड पर गहरे गड्ढे बने जानलेवा, हादसे की आशंका</title>
                                    <description><![CDATA[निकासी नहीं होने से कारण नालियों का पानी सड़क के गड्ढों में जमा हो रहा है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/negligence--deep-potholes-on-the-dahikheda-and-dundi-gadarwara-roads-have-become-life-threatening--raising-the-risk-of-accident/article-127340"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/_4500-px)-(2)14.png" alt=""></a><br /><p>खानपुर। खानपुर क्षेत्र में एक ऐसी भी सड़क है जो दुर्दशा का शिकार हो गई है इस सड़क पर इतने बड़े बडेÞ गड्ढे हो गए है कि कभी भी कोई भी राहगीर गिरकर चोटिल हो सकता है। यह सड़क दहीखेड़ा व डुंडी गाडरवाड़ा रोड खानपुर से जुड़ी हुई है और अधिकतर गांवों के व्यक्ति इसी रोड से खानपुर आते जाते हैं। इस रोड से दहीखेड़ा पनवाड़ व कोटा जाने वाला रास्ता भी जुड़ा हुआ है और इधर कई कालोनियां बसी हुई है जिनका आना-जाना भी इसी रोड से है और भी कई दुकानदार जो यहां से जाते वह आते हैं इनको बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता है। मुख्य बात यह है कि यहां से डुंडी गाडरवाड़ा पर प्रसिद्ध मंदिर श्री गणेश जी का है जहां पर हर बुधवार श्रद्धालु जाते हैं और वहां भीड़ लगती है तो उन श्रद्धालुओं के लिए यह रोड परेशानी का सबब बना हुआ है। इस सड़क से राहगीर , वाहन चालक और स्कूल के विद्यार्थियों का रोजाना आना जाना रहता है लेकिन ऊबड़ खाबड़ होने के कारण परेशानी उठानी पड़ती है। इस खस्ताहाल सड़क से गिट्टी निकल कर फैल गई है वहीं पानी की निकासी न होने के कारण नालियों का पानी सड़क के गड्ढों में जमा हो गया है। इस जमा पानी से दिखाई नहीं देता कि गड्ढा कितना गहरा है जिसके चलते कई बार वाहन चालक गिरकर चोटिल हो जाते है। ग्रामीणों ने मांग की है कि जल्द से जल्द समस्या का समाधान कर खस्ताहाल सड़Þक को दुरूस्त करवाया जाए। </p>
<p>मैं डुंडी गाडरवाड़ा का निवासी हूं और रोजाना ही इस रोड से आना-जाना लगा रहता है मेरे रोजाना के निजी काम इसी रोड से होते हैं और मेने खानपुर में वेल्डिंग की दुकान लगा रखी है जो मैं घर से निकलता हूं तो रात को दुकान बढा कर जब वापस घर आता हूं तो कभी कभार ऐसा लगता है कि गिर जाएंगे गड्ढे इतने हो रहे हैं कि इनसे बचकर चलना पड़ता है।<br /><strong> - नुपेश राठौर, कस्बेवासी </strong></p>
<p>यह दहीखेड़ा रोड बहुत ही दिनों से खराब है ऐसा कहा जा रहा है कि यह रोड बनेगा लेकिन पता नहीं कब बनेगा। निवेदन है कि कृपया इसकी मरम्मत की जाए।<br /><strong>- संदीप शर्मा, कस्बेवासी </strong></p>
<p>इस रोड पर में दिन-रात चलता हूं और मेरे को ऐसा लगता है कि जैसे कोई जिंदगी का खतरा बना हुआ हो। <br /><strong>- उग्रसेन नागर, कस्बेवासी</strong></p>
<p>गड्ढे इतने गहरे है कि कभी भी वाहन चालक इससे गिरकर चोटिल हो सकते है। <br /><strong>- दिनेश मेहता, कस्बेवासी</strong></p>
<p>बरसात आने पर इस खस्ताहाल सड़क पर पानी भर जाता है। दुपहिया वाहन को भी फिसलने का खतरा रहता है, इस रोड की मरम्मत की जाए।<br /><strong>- रमेश मेहता, कस्बेवासी </strong></p>
<p>इस खस्ताहल सड़क  से हादसे की आश्ांका बनी रहती है। जल्द से जल्द समस्या का समाधान किया जाए।  <br /><strong>- राजेंद्र मेहरा, कस्बेवासी</strong></p>
<p>हमारे यहां से एनआइटी लग चुकी है लेकिन अभी द्वितीय स्वीकृति नहीं मिली है। इसके पहले बरसात हो रही थी तो रोड बन ही नहीं सकता था जैसे ही द्वितीय स्वीकृति आ जाएगी तो रोड का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। <br /><strong>- विश्वेंद्र, पीडब्लूडी जेईएन खानपुर</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Sep 2025 16:56:26 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का - मोहल्लेवासियों को जलभराव से मिली राहत </title>
                                    <description><![CDATA[ दो जेसीबी मशीनों से रोड कटिंग कर डाले पाइप, हुई पानी की निकासी  ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/effect-of-the-news---residents-of-the-locality-got-relief-from-waterlogging/article-122368"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/1ne1ws-(2)4.png" alt=""></a><br /><p>सीसवाली।  सीसवाली क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश से क्षेत्रवासियों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। वहीं शुक्रवार को मौसम साफ रहा। वहीं बादल छाये रहे। कई दिनों से लगातार  हो रही बरसात से कस्बे के आसन मौहल्ले में पानी की निकासी नहीं होने के कारण मकानों व बाडियो में पानी भर गया है। इस समस्या को लेकर 31 जुलाई को प्रमुखता से खबर को दैनिक नवज्योति में प्रकाशित किया गया था। खबर प्रकाशित होने के बाद शुक्रवार को प्रशासन हरकत में आया। जिसके बाद शुक्रवार को दो जेसीबी मशीनों से रोड कटिंग करके पाइप डालकर पानी की निकासी की गई। कुछ महिने पहले भैरुपुरा रोड से कालूपुरा खाडी पुलिया तक लगभग दो करोड रुपए की लागत से  सीसी रोड का निर्माण  किया गया था। जहां राजनैतिक पेंच फंसने के कारण आसन मोहल्ले अन्ता रोड पर बरसाती पानी निकासी के लिए सार्वजनिक निर्माण विभाग ने  पानी निकासी के लिए पाइप नहीं डाले थे जबकि आसन मोहल्ले के लोगो ने पाईप डालने की मांग की थी वहीं धरना प्रदर्शन भी किया गया था। सार्वजनिक निर्माण विभाग की हठधर्मिता  का नतीजा आसन बस्ती के लोगो को भुगतना पड़ रहा था।  बारिश का  पानी कई महीनों तक भरा रहता है। आसन बस्ती बरसात के दिनों में जल मग्न रहती थी। वही मकानों में पानी भर जाने से खाने पीने के सामान तक खराब हो जाते है। खेत में पानी भरा रहने से मकान तक जाना भी भारी पड  रहा था। वहीं कई महिनों तक बरसात का पानी भरा रहने से परिवार के लोग बीमार तक रहते थे। </p>
<p><strong>समस्या से कई बार जिम्मेदारों को करवाया था अवगत </strong><br />सुरेश खण्डेलवाल व्यापार संघ अध्यक्ष ने आसान बस्ती में भरे हुए बारिश के पानी की निकासी के लिए  मुख्यमंत्री ,मुख्य सचिव, पीडब्ल्यूडी मंत्रीÑ, राजस्थान सरकार तथा सांसद, संभागीय आयुक्त, जिला कलेक्टर ,पीडब्लूडी अधिशासी अभियंता तथा नगर पालिका अधिशासी अभियंता सभी को पत्र स्पीड पोस्ट द्वारा दिए गए थे। साथ ही राजस्थान संपर्क में दो बार परिवाद दर्ज करवाया गया था।वहीं पूर्व भाजपा जिला संगठन महामंत्री रामशंकर वैष्णव के अथक प्रयासों के बाद शुक्रवार को प्रशासन की मौजूदगी में रोड कटिंग करके दो मशीनों की सहायता से पाइप डालकर पानी की निकासी की गई। वहीं आसन मौहल्ले के लोगो ने पानी कम होने पर अपनों मकानों की सार संभाल ली। वहीं प्रशासन व भाजपा नेताओं का आभार व्यक्त किया।</p>
<p><strong>वाटर पम्प से अन्य बस्तियों का भी निकाला जा रहा पानी </strong><br />वहीं कस्बे  के गढ़ के पीछे की बस्तियों में जल भराव को वाटर पम्प की सहायता से निकाला जा रहा है।  इस मौके पर भाजपा के वरिष्ठ नेता रामशंकर वैष्णव, लक्ष्मण सिंह हाड़ा, किशनबिहारी यादव, श्याम सोनी, व्यापार महासंघ के अध्यक्ष सुरेश खंडेलवाल, दिनेश दाधीच रायथल, लक्ष्मीचंद सुमन, युवा मोर्चा के सत्यनारायण सोनी, महावीर कहार, राहुल कोड़प,आयुष नागर  समेत अनेक कार्यकर्ता बचाव राहत कार्य में जुटे रहे और मौके पर उपखण्ड अधिकारी सौरभ भांबू मांगरोल, तहसीलदार मांगरोल नरोत्तम  मीणा,नायब तहसीलदार लोकेन्द ्रसिंह सोलंकी,काननूगो दिलशेर, पटवारी भारत भूषण शर्मा, हिमांशु वैष्णव, पीडब्ल्यूडी कनिष्ठ अभियंता नितेश मीणा,नगर पालिका सहायक अभियन्ता महेन्द्र सिंह जाटव, थानाधिकारी बाबूलाल मीणा जाप्ते के साथ मौके पर मौजूद रहे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 02 Aug 2025 14:45:41 +0530</pubDate>
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                <title>बड़ा सवाल : कौन बनाएगा बस स्टैण्ड ?</title>
                                    <description><![CDATA[खानपुर बाईपास पर मेगा हाइवे के समीप सासंद व विधायक कोष से करीब 35 लाख रुपए की लागत से बस स्टैंड का निर्माण करीब तीन साल से अधिक समय से अधूरा पड़ा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/the-big-question--who-will-build-the-bus-stand/article-99819"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-01/257rtrer-(4)4.png" alt=""></a><br /><p>खानपुर। खानपुर बाईपास पर मेगा हाइवे के समीप सासंद व विधायक कोष से करीब 35 लाख रुपए की लागत से बस स्टैंड का निर्माण करीब तीन साल से अधिक समय से अधूरा पड़ा है। नवनिर्मित बस स्टैंड पर चारदीवारी निर्माण में लगी जालियां टूटी हैं। परिसर में बबूल के पेड़ व कंटीली झाड़ियां उगी है तथा कई जहरीले पौधे उग चुके हैं, जिनको जानवर खाकर मर सकते हैं। 20 हजार से अधिक आबादी होने के बावजूद भी स्थाई बस स्टैंड निर्माण नहीं होने से यात्री परेशान है। खानपुर को स्मार्ट सिटी बनाने को लेकर तैयार किए खाके में सार्वजनिक बस स्टैंड, मुख्य मार्गों पर सीसी सड़कें, मुख्य नालों पर ड्रेनेज सिस्टम से गन्दे पानी की निकासी आदि विकास कार्यों का निर्माण करवाया जाना था, लेकिन आधे अधूरे निर्माण कार्य होने से खानपुरवासियों के लिए स्मार्ट सिटी बनने का सपना अधूरा ही रह गया। स्मार्ट सिटी बनाने को लेकर मुख्य नालों के ऊपर बने अतिक्रमण हटाने की आधी अधूरी कार्रवाई कर इतिश्री कर दी थी। इससे कस्बे के मुख्य नाले साफ सफाई के अभाव में गंदगियों से अटके हैं। कस्बेवासियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। </p>
<p><strong>रात्रि में बना नशेडियों का अड्डा</strong><br />रात्रि में तो बस स्टैण्ड भूमि पर शराबी व नशेडियों का अड्डा बन गया है। कस्बे में करीब आधा दर्जन से अधिक अस्थाई बस स्टैंड के भरोसे से ही यात्रियों को बिना किसी मूलभूत सुविधा के घंटों तक इंतजार करना पड़ता है। जहां यात्रियों के बैठने की भी व्यवस्था नहीं है। ऐसे में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।   यहां पर अस्थायी बस स्टैंड में पुराना बस स्टैंड, सारोला रोड, पुराना बैंक तिराहर, शहीद स्मारक अटरू रोड, बारां रोड, कृषि उपज मंडी के सामने, मेगा हाइवे स्थित दहीखेड़ा चौराहा, काली तलाई सहित कई नाम से अस्थाई बस स्टैंड बने हुए हैं। अस्थाई बस स्टैण्ड से सवारियों को परिवहन करना पड़ता है। इनकी जगह करीब एक से दो किलोमीटर दूरी होने से अलग-अलग रूटों से आने-जाने वाले यात्रियों को अपने साथ लेकर आए सामान को लेकर पैदल गन्तव्य मार्ग से पहुंचना पड़ता है। यहां तक की घंटे तक बैठे यात्री बसों का इंतजार करते रहते हैं। यहां पर दुकान व फल फ्रूट वाले है जो यह बताते हैं कि यह बस किस समय आएगी, इससे यात्रियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तिराहर, शहीद स्मारक अटरू रोड, बारां रोड, कृषि उपज मंडी के सामने, मेगा हाइवे स्थित दहीखेड़ा चौराहा, काली तलाई सहित कई नाम से अस्थाई बस स्टैंड बने हुए हैं। अस्थाई बस स्टैण्ड से सवारियों को परिवहन करना पड़ता है। इनकी जगह करीब एक से दो किलोमीटर दूरी होने से अलग-अलग रूटों से आने-जाने वाले यात्रियों को अपने साथ लेकर आए सामान को लेकर पैदल गन्तव्य मार्ग से पहुंचना पड़ता है। यहां तक की घंटे तक बैठे यात्री बसों का इंतजार करते रहते हैं ।  यहां पर अस्थाई रूप से बस स्टैंड बन चुके हैं जिनका अधूरा निर्माण कार्य रह गया है खानपुर बार रोड स्थित महावीर कॉलोनी में बस स्टैंड बनाया था जो वह भी अधूरा पड़ा हुआ है व खानपुर आबादी से अत्यधिक दूर होने के कारण या कोई और सुविधा न होने के कारण वहां पर कोई यात्री आता जाता ना था इसलिए वह बस स्टैंड भी निरस्त हो गया। </p>
<p> खानपुरवासी दर- दर भटक रहे  है, जल्द बस स्टैंड शुरू होना चाहिए। कस्बेवासियों के लिए यह एक मूलभूत आवश्यकता है, ताकि एक जगह से ही बसों का संचालन शुरू हो। <br /><strong>- गजेंद्र राठौर, व्यापारी</strong></p>
<p> खानपुर में स्थाई बस स्टैंड न होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है और जो बसें बंद चल रही है उन्हें चालू किया जाए। <br /><strong>- कमल मालव, व्यापारी</strong></p>
<p> बस स्टैंड का कार्य अधूरा पड़ा होने से यात्री परेशान हो रहे हैं और वह इधर- उधर भटकते रहते हैं, जल्द ही बस स्टैंड का निर्माण हो ताकि यात्री परेशान ना हो। <br /><strong>- रामबाबू वैष्णव, समाजसेवी </strong></p>
<p>खानपुर से जुड़े हुए आसपास के छोटे गांव के छात्र व छात्राओं को आने- जाने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है, इसलिए यथावत बस स्टैंड का निर्माण होना चाहिए, ताकि छात्रों को परेशानी ना आए। <br /><strong>- दिनेश नागर, मैकेनिक</strong></p>
<p>खानपुर में शहीद मुकुट बिहारी कॉलेज स्थित है, जहां पर आसपास गांव से विद्यार्थी आते हैं। इन विद्यार्थियों को भी बस स्टैंड ना होने के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। <br /><strong>-नितेश शर्मा, छात्र </strong></p>
<p> कई वर्षों से कस्बेवासी बस स्टैंड का इंतजार कर रहे हैं। व्यापारियों को व्यापार के लिए आने जाने के लिए परेशानी उठानी पड़ती है। <br /><strong>-सत्यनारायण, व्यापारी </strong><br /> <br />सार्वजनिक निर्माण विभाग को इसका टेंडर दिया गया था , उन्होंने इसकी खाली चार दीवारें करके इसके अलावा इसका कोई काम नहीं हुआ । हमें भी अलॉट नहीं हुआ अगर तैयार हो जाता है तो हम बस स्टैंड प्रारंभ कर सकते हैं, हम भी चाहते हैं कि यात्रियों को बस स्टैण्ड सुविधा मिले। <br /><strong>- प्रतीक मीणा, यातायात प्रबंधक (झालावाड़)</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Jan 2025 17:54:09 +0530</pubDate>
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                <title>बस स्टैंड पर जमा हो रहा गंदा पानी, आवागमन में परेशानी </title>
                                    <description><![CDATA[ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन समस्या को गंभीरता से लेते हुए जल्द ही समाधान करवाकर समस्या से निजात दिलवाए। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/dirty-water-accumulating-at-bus-stand--traffic-disturbance/article-98852"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/5554-(23).png" alt=""></a><br /><p>सांवतगढ़। हिण्डोली तहसील की ग्राम पंचायत सांवतगढ़ के मुख्य बस स्टैंड पर गंदा पानी जमा होने से स्कूली बच्चों सहित सैकड़ों की संख्या में आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है लेकिन सांवतगढ़ ग्राम पंचायत प्रशासन और स्वच्छ भारत मिशन के पदाधिकारियों को इस बात से कोई फर्क ही नहीं पड़ रहा है। समस्या को लेकर ग्रामीणों ने कई बार ग्राम पंचायत प्रशासन को भी अवगत करवाया लेकिन ग्राम पंचायत प्रशासन आज दिन तक भी समस्या का समाधान नहीं कर पाया है। सोरण, खोड़ी, निमोद, बड़ोदिया, सहित स्थानीय जनता और निजी और सरकारी विद्यालय में आने वाले स्कूली बच्चे इसी गंदे पानी से होकर रोज गुजरते हैं। कई बार छोटे नौनिहाल गंदे पानी में गिर जाते हैं। जिससे उनकी वेशभूषा भी गंदी हो जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन समस्या को गंभीरता से लेते हुए जल्द ही समाधान करवाकर समस्या से निजात दिलवाए। </p>
<p>दोनों तरफ नाली निर्माण नहीं होने के कारण समस्या उत्पन्न हो रही है। ामस्या को लेकर कई बार मैंने ग्राम पंचायत को अवगत करवाया है। जनसुनवाई में भी लिखित में दिया था। यहां तक कि विकास अधिकारी हिंडोली और मुख्य कार्यकारी अधिकारी बूंदी को भी इसकी शिकायत लिखित में दे चुका हूं लेकिन आज दिन तक भी कोई समाधान नहीं हुआ है।     <br /><strong>- लटूरलाल बैरवा, उपसरपंच, ग्राम पंचायत  सांवतगढ़।</strong></p>
<p><strong>ग्रामीणों का कहना है </strong><br />ग्राम पंचायत को इस पर ध्यान देकर सड़क के दोनों तरफ नाली निर्माण करवाना चाहिए। जिससे स्कूली बच्चों सहित आमजन को राहत मिल सके।<br /><strong>- रामदेव नागर, पूर्व सरपंच, सांवतगढ़।</strong><br /> <br />सफाई व्यवस्था को लेकर सरकार करोड़ों रुपए खर्च करती है लेकिन ग्राम पंचायत के गैर जिम्मेदार रवैये से ऐसी समस्याएं उत्पन्न हो रही है जो कि चिंता का विषय है। प्रशासन को ध्यान देकर समस्या का निराकरण जल्द ही करवाना चाहिए।<br /><strong>- महावीर जैन, स्थानीय दुकानदार, सांवतगढ़।</strong></p>
<p>इस गंदे पानी से होकर सरकारी और गैर सरकारी विद्यालय के एक हजार से ज्यादा स्कूली बच्चे सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों से आमजन का आवागमन है लेकिन ग्राम पंचायत प्रशासन फिर भी इस समस्या को गंभीरता से नहीं ले रहा है।<br /><strong>- राकेश किराड, स्थानीय दुकानदार सांवतगढ़।</strong></p>
<p><strong>इनका कहना है </strong><br />पंचायत के सरपंच को भी ध्यान देकर समस्याओं का निराकरण करना चाहिए। नाली निर्माण के लिए सेक्शन निकालकर वर्क आर्डर जारी करवा दिया है। जल्द ही कार्य शुरू करवा दिया जाएगा।<br /><strong>- पीयूष जैन, विकास अधिकारी, हिण्डोली।</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/dirty-water-accumulating-at-bus-stand--traffic-disturbance/article-98852</link>
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                <pubDate>Fri, 27 Dec 2024 14:28:27 +0530</pubDate>
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                <title>गुजरियाखेड़ा में खेत और रास्ते हो रहे पानी-पानी</title>
                                    <description><![CDATA[प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत कराया पर नहीं हुआ समाधान। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/fields-and-roads-in-gujariyakheda-are-getting-flooded/article-91342"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/427rtrer-(3)6.png" alt=""></a><br /><p>भण्डेड़ा। क्षेत्र में गुजरियाखेडा के धरतीपुत्रों के चार से पांच हजार बीघा भूमि में पानी की उचित निकासी नही होने से फसलें तो पूरी तरह नष्ट हो चूकी है। क्षेत्र में बारिश हुए लगभग ग्यारह दिन बीत गए है। पर अभी भी खेत तो तालाब बने हुए है। वही आम रास्ते के भी यही हाल बने हुए है। हर रोज आवाजाही करने पर एक से डेढ़ फीट बरसाती पानी से होकर गुजरने को मजबूर होना पड़ रहा है। क्षेत्र के धरतीपुत्रों ने नैनवां उपखंड स्तर के अधिकारियों से लेकर जिला प्रशासनिक अधिकारियों तक लिखित पत्र देकर पानी निकासी की मांग कर चूके है। पर अभी तक समस्या का समाधान के नाम पर सभी चुप्पी साधे हुए है। जिससे ग्रामीणों में जिम्मेदारों के प्रति काफी रोष व्याप्त नजर आया है। </p>
<p>जानकारी के अनुसार क्षेत्र के गुजरियाखेड़ा के एक तरफ के माल में लगभग चार से पांच हजार बीघा भूमि में क्षेत्र में पहली भारी बारिश होते ही पानी भर जाता है। जो पूरे बारिश के समय ही पानी बढ़ता जाता है। इस समय हाल यह बने हुए है जो किसान परिवार सहित खेत व कुओं पर निवास करते है। उन्हें घर छोड़ते ही पानी से होकर गुजरना पड़ता है। बच्चों को स्कूल आवाजाही के दौरान पारिवारिक सदस्यों को साथ आवागमन करना पड़ता है। स्कूल से आने का समय होते ही बरसाती पानी की जगह बच्चें नही आए उससे पहले परिवार के सदस्यों को गांव के पास पहुंचना पड़ता है। खेतों का पानी सड़कों पर टकराकर फैला हुआ है। रास्ते की ऊंचाई कम होने से रास्ते भी तरबतर हो रहे है। यहां से गुजरते समय पानी में कंटीली कांटे नजर नही आते है। जो कीचड़ व पानी में कांटे तक चुभ जाते है। हर रोज पानी से गुजरते हुए दो माह से भी अधिक समय हो गया पैरो की चमड़ी गल गई। जो दिनरात दर्द दे रही है। खाने पीने की आवश्यक सामग्री के लिए भी गांव व कस्बों में आना जाना पड़ता है। </p>
<p>फसलें बर्बाद हो गई, अभी भी खेतों में बरसाती पानी भरा हुआ है। खेत व कुएं पर रहते समय जहरीले जीव-जंतुओं का भी खतरा बना हुआ है। एक फसल तो बर्बाद हो गई। आगे की फसल के लिए खेतों में भरा पानी इस हाल में तो लगभग एक माह से भी अधिक समय तो पानी कम होने में लग जाएगा। फिर कब हंकाई जुताई कर खेतों को तैयार किया जाएगा। इस बीच एक बारिश हल्की-फुल्की भी होती है। तो इस क्षेत्र में फसलों की बुवाई होना संभव नहीं होने की चिंताएं सताने लगी है। क्षेत्र में लगभग नब्बे प्रतिशत खेती पर निर्भर: धरतीपुत्रों का कहना है कि क्षेत्र में खेती के अलावा यहां व आसपास में मजदूरी का उचित स्त्रोत नही है। जो क्षेत्र के लगभग नब्बे प्रतिशत ग्रामीण खेती पर निर्भर है। जो हर वर्ष बारिश के होते ही धरतीपुत्र अच्छी उपज की आस लगाकर मंहगे दामों में उचित बीज खरीदकर बुवाई करते है। </p>
<p><strong>अन्नदाताओं की पीड़ा से अनजान प्रशासनिक अधिकारी </strong><br />खेतों में पानी को भरे हुए दो महिनों से अधिक समय गुजर गया। खरीफ फसलें पूर्णत: नष्ट हो चुकी है। कुएं पर मकान के चौतरफा पानी ही पानी भरा हुआ है। दोतरफा बने ग्रेवल की सड़कों में पानी निकासी नही होने से हमारे परिवार का जीना दूभर हो गया है। पानी निकासी को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों को भी लिखित-पत्र देकर अवगत कराया जा चूका है। मगर अधिकारी नही जाने किसके दबाव में है। जो इस क्षेत्र की पानी निकासी से अवगत करवाया जाने के बाद भी चुप्पी साधे हुए है। जिसका खामियाजा हम भुगत रहे है। <br /><strong>- सत्यनारायण मीणा, निवासी गुजरियाखेड़ा</strong></p>
<p>गांव में जगह का अभाव होने से लंबे समय से ही कुएं पर मकान बनाकर परिवार सहित निवासरत है। ग्रेवल की सड़कों पर पानी निकासी पूर्णतया बंद होने से हर वर्ष बारिश के होते ही यही हाल बन जाते है। खेत पर उचित सीढ़ी लेकर मकान बना रखे है। जिनके चहूंओर पानी भरा हुआ है। घर से निकलते ही एक से दो फीट पानी से गुजरना पड रहा है। सड़क पर पानी की उचित निकासी करे तो परिवार भी सुरक्षित रहे व खेती को भी बचाया जा सकता है।  विभागीय अधिकारी नही जाने किस दबाव में है। जो जब-जब भी इस समस्या को लेकर जाते है, तो पत्र तो लेते है। पर मौके पर आकर नही देखा जाता है। विभागीय अधिकारी जल्द पानी की निकासी नही करवाएंगे, तो ग्राम पंचायत पर पहुंचकर आक्रोश जताया जाएगा।<br /><strong>- गिलेरीराम गुर्जर, निवासी गुजरियाखेड़ा </strong></p>
<p>इस क्षेत्र में जब से ग्रेवल सड़क बनी है। तब से लंबा समय गुजर गया बारिश के समय की फसलें की बुवाई हो जाती है। दवाइयां लग जाती है। जब तेज बारिश होते ही पूरे क्षेत्र में पानी ऊपर से भी आ जाता है। दोनों तरफ ग्रेवल सड़कें इस क्षेत्र के धरतीपुत्रों के लिए आफत बन जाती है। हर रोज खेत व कुएं से गांव तक पहुंचने के लिए कमर तक पानी से गुजर रहे है। जो दो माह बीत चूके है। अभी भी पानी कम नही हो रहा है। अभी तक ऊपर की तरफ से पानी आ रहा है। हमारे खेतों का पानी कम नही हो रहा है। परिवार का भरणपोषण में भी समस्या बनती जा रही है। आखिर करें तो क्या करें इन्हें छोड़कर कहां जाए। संबंधित जिम्मेदार हमारी समस्या को संज्ञान में लेकर जल्द निराकरण करें।<br /><strong> - भगवान सिंह, निवासी गुजरियाखेड़ा</strong></p>
<p>एक तरफ सरकार शिक्षा जरूरी बता रही है। हमारे नौनिहालों को स्कूल जाने के लिए एक किमी दूरी तक ताल-तलैया बने खेतों की पानी भरी मेढ़ के रास्ते से गुजरना पड़ता है। इस पानी में बच्चों के कपड़े तक भीग जाते है। रास्ता पार के दौरान कही फिसलने पर पूरी यूनिफॉर्म गंदी हो जाती है। यह समस्या हर रोज की दो माह से बनी हुई है, जो अभी भी एक माह तक बनी रहेगी। इस दरमियान बारिश हो जाती है, तो अधिक समय तक पानी से होकर ही गुजरने को मजबूर होना पड़ेगा। आगामी समय में फसलों की बुवाई भी समय पर नही होगी। एक चिंता यह भी सताने लगी है। <br /><strong>- सीताराम मीणा, निवासी गुजरियाखेड़ा </strong></p>
<p>ग्रामीणों ने हमे अवगत नही करवाया  था। पंचायत समिति में अवगत कराया गया है। विभाग मौके पर आकर देखे, जहां पर पानी की निकासी होती है। वहीं से इस पानी की निकासी करवानी चाहिए।<br /><strong>- कैलाश सैनी, सरपंच ग्राम पंचायत सादेड़ा</strong></p>
<p>मामला मेरी जानकारी में नही आया है। ग्रामीण देकर गए होंगे तो मैं मोके पर नही था। अब मामला जानकारी में आया है, तो एईएन को भेजकर मौका दिखाया जाएगा। <br /><strong>- ग्यारसीलाल मीणा, बीडीओ पंचायत समिति नैनवां    </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Sep 2024 18:00:13 +0530</pubDate>
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                <title>भारी बारिश ने अन्नदाताओं के अरमानों पर फेरा पानी</title>
                                    <description><![CDATA[नालों में बनी पानी की आवक से खेतों में फसलें जलमग्न, फसले हो गई चौपट।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/heavy-rains-ruined-the-wishes-of-the-farmers/article-88776"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/1rer20.png" alt=""></a><br /><p>भण्डेड़ा। लगातार बारिश से बांसी क्षेत्र में खेत जलमग्न हो गए है। जिससे किसानों की फसल चौपट हो गई है। किसान अपनी फसलों पर अपना सारा पैसा खर्च चुके है। अब केवल फसल की पैदावार होनी बाकी थी। लेकिन लगातार बरसात से अन्नदाताओं के अरमानों पर पानी फेर दिया।  बांसी तालाब से होकर नालो में पानी की निकासी एक तरफ अधिक हो रही है, जो इस समय अधिक निकासी वाले भण्डेड़ा मार्ग पर नाले में आए उफान से नाले के क्षेत्र के लगभग तीन-चार किमी के क्षेत्र नाले के दोनों तरफ खेत जलमग्न हो गई है। जिससे इस नाले के दोनो तरफ के क्षेत्र में अन्नदाताओ की फसलें दो फीट से चार फीट तक फसलों में बरसाती पानी भरा होने से चौपट होती नजर आ रही है। किसानों का कहना है कि तालाब के पानी निकासी इस तरफ से कम किया जाए व दूसरी तरफ की कम निकासी को अधिक किया जाए। इस समस्या को लेकर सोमवार को आक्रोशित किसानों ने बांसी-भण्डेड़ा मुख्य मार्ग पर एक घंटे तक आक्रोश जताया गया है। कुछ किसानों की पहले ही फसलें खराब हो चुकी थी। शेष बचे किसानों की अब इस दो दिन से चल रही बारिश के चलते पानी से गलकर नष्ट होने की कगार पर पहुंच रही है। क्षेत्रीय अन्नदाताओ का कहना है कि दो बांध की पानी निकासी बांसी के तालाब में है, जो एक तरफ कम मात्रा में हो रही है। दूसरी तरफ अधिक होने से इस क्षेत्र में किसानों की फसलें जलमग्न हो चूकी है। पानी की निकासी इस तरफ कम की जाए व दूसरी तरफ अधिक की जाएं। जिससे किसानों को हर वर्ष होने वाले नुकसान से बचाया जा सके। इस समस्या को लेकर एक घंटे तक बांसी-भण्डेड़ा मुख्य मार्ग पर आक्रोश जताया गया है। </p>
<p>इस बार अच्छी ग्रोथ पर फसले चल रही थी। मक्का में पास माजरे आ रहे थे, वहीं उड़द की फसलों में फूल व फलियां बन रही है। इस बारिश से किसानों की फसलें चौपट होती जा रही है।<br /><strong>- हेमराज माली, किसान निवासी बांसी</strong></p>
<p>किसान का कहना है कि गांव के किसानों की फसलों में बरसाती पानी लंबे समय से भरा होने से फसलें चौपट हो चूकी है। फसलों में पहले दो से तीन बार दवाओं का छिड़काव कर चूके है। अच्छी फसलें नजर आ रही थी, पर बारिश ने सब नष्ट कर दिया है। <br /><strong>- रामप्रकाश मीणा, किसान निवासी गुजरियाखेड़ा</strong></p>
<p>नाले मे आए उफान से खेतो की फसलें जलमग्न हो गई है, जो कम पानी की फसलें अधिक बुवाई गई थी। उड़द की फसल गल चूकी है। तालाबों की चादर के पानी की निकासी से कुएं व खेत फूल भरे हुए है। <br /><strong>- अंबाशकर माली, किसान निवासी बांसी </strong></p>
<p>दो बांधों की चादर का पानी नाले से होकर गुजर रहा है। एक तरफ कम मात्रा में पानी निकासी होने से दूसरी तरफ भण्डेड़ा रोड की तरफ के किसानों के खेतों की फसलें नष्ट होने जा रही है। वही मकानों में भी पानी पहुंच चूका है। यह समस्या सुनने वाले कोई नही है।  <br /><strong>- राधेश्याम माली, किसान  निवासी बांसी </strong></p>
<p>मेरे खेत में चार बीघा उड़द की फसल है, अधिक बारिश के होने से नाले में आए पानी के उफान के चलते यह फसल गल चूकी है। फसल खराब होने से भरणपोषण के लिए भी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। <br /><strong>- सुखपाल गुर्जर, किसान निवासी रामगंज </strong></p>
<p>इस सप्ताह में चल रही हवा से उड़द की फसल खेतों में आडी पड गई है।ऊपर से बारिश चल रही है, जो फसल बरसाती पानी से गलने लग गई हैं।<br /><strong>- हेमराज माली, किसान निवासी बांसी</strong></p>
<p>बारिश के साथ हवा के चलने से उड़द की अच्छी फसल थी, जो तेज हवा व बारिश से फसल आडी पड़ गई है। जो इस समय सड़ने लगी है। पैदावार मे भी बहुत कमी आएगी। <br /><strong>- भोजराज माली, किसान निवासी बांसी</strong></p>
<p>कुएं के पास से गुजर रहे नाले मे आए तेज पानी के उफान से पुरे कुएं पर पानी भरा हुआ है। रहने की जगह के चौतरफा पानी ही पानी है। इससे जहरीले जीव-जन्तुओ की भी समस्या बनी हुई है। व पशुओं के भूसा भी पानी अधिक आने से भीग चूका है। सड़क से मकान तक आनेजाने के लिए खतरे भरी राह से तीन से चार फीट पानी से होकर आनाजाना पड रहा है। पशुओं को बांधने की जगह तक नही बची जो सड़क पर बांधने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।<br /><strong>- हैमराज सैनी, किसान निवासी बांसी </strong></p>
<p>दो रोज की क्षेत्र में हुई बारिश से तालाब के आए अधिक पानी व पानी की निकासी तालाब में दोनों तरफ बराबर नही होने से भण्डेड़ा मार्ग वाले नाले के पासवाले किसान की फसलें चौपट होती जा रही है। फसलों पर सब खर्चकर चूके। अब पैदावार आनी बाकी थी। पर सबकुछ खत्म होता नजर आ रहा है। <br /><strong>- लक्ष्मण माली, किसान  निवासी बांसी </strong></p>
<p>तीन बीघा उड़द व तीन बीघा मक्का की फसल थी। फसल के ऊपर दवा सहित खाद का खर्चा हो चुका है। पैदावार आनी बाकी थी, पर नाले में आए अधिक पानी से सबकुछ नष्ट होने जा रहा है।<br /><strong>- भोलाशंकर माली, किसान निवासी बांसी </strong></p>
<p>मैंने पंद्रह बीघा जमीन आदोली ले रखी है। जिसमें उड़द, मक्का व दो बीघा शकरकंद की फसल थी। उड़द में तीन बाद दवाओं का छिड़काव कर दिया। मक्का में दवा लगा दी। दो बार मंहगें दामों में खाद खरीदकर छिड़काव कर दिया। लगभग दो महिने से अधिक समय की फसल हो चूकी पर नाले में अधिक पानी के आने से पूरी फसल नष्ट हो गई है।<br /><strong>- रामस्वरूप माली, किसान  निवासी बांसी</strong></p>
<p>तालाब की चादर का पानी निकासी हमारी तरफ के नाले में अधिक होने से पूरे कुएं की फसल में एक से दो फीट पानी भरा हुआ है। जो फसलें नष्ट हो चूकी है। कुएं पर पशुओं के लिए चारे के भी लाले पड़ चूके है। <br /><strong>- मनोज कुमार पालीवाल, किसान निवासी बांसी </strong></p>
<p>शकरकंद की चार बीघा, मक्का चार बीघा है। नाले में आए अधिक पानी से बहुत दूरी पर यह फसल थी, जो जलमग्न हो गई। फसल नष्ट होने की कगार पर हो चूकी है। भण्डेड़ा रोड में अम्बिका माता से होता हुआ पानी पेट्रोलपंप की तरफ तक फैला हुआ है। पंद्रह हजार का खर्चा शकरकंद में, बीस हजार रुपये का खर्चा मक्का फसल में हो चूका है। मगर पानी की ऐसी आफत आई, जो नष्ट हो गई है <br /><strong>- हैमराज माली, किसान निवासी बांसी</strong></p>
<p>किसानों की मांग  तालाब के दोनों तरफ पानी निकासी बराबर करने की तो मौके पर पहुंचकर देखा जाएगा। मैं बीडीओ साहब से बात करता हूँ, मौका स्थिति दिखवाएंगे।<br /><strong>- रामराय मीणा, तहसीलदार राजस्व विभाग नैनवां </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 27 Aug 2024 15:59:17 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का - गौरव पथ पर फैल रहे कीचड़ एवं गंदे पानी की निकासी करवाई </title>
                                    <description><![CDATA[ग्रामीणों ने पंचायत प्रशासन से गौरव पथ पर नालियां बनवाने की मांग की है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-news---drainage-of-mud-and-dirty-water-spreading-on-gaurav-path/article-84861"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/photo-size-(9)4.png" alt=""></a><br /><p>केबलनगर। आलनिया नदी समीप राजकीय उच्च माध्यमिक  विद्यालय की ओर जा रहे गौरव पथ पर फैल रहे कीचड़ व गंदे पानी से लोग परेशान हो रहे थे तथा नालियां नहीं बनने से पानी की निकासी  नहीं हो रही थी। जिससे आम रास्ते पर   कीचड़ व गन्दगी फैल रही थी। जिसके चलते आमजन व स्कूली छात्र छात्राएं परेशान हो रहे थे। इस समस्या को लेकर  दैनिक नवज्योति के 9 जुलाई के अंक में गौरव पथ पर फैल रहे कीचड़ व गंदगी से जनता परेशान शीर्षक से खबर का प्रमुखता से प्रकाशन किया गया था।  उसके बाद पंचायत प्रशासन हरकत में आया तथा पानी की निकासी की गई। ग्रामीणों ने बताया कि मुख्य रास्ते पर कीचड़ फैल रहा था जिससे छात्रों व ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ रही थी तथा लोग गंदगी से गुजरने को मजबूर हो रहे थे। ग्रामीणों ने बताया कि गौरव पथ निर्माण के समय नालियां नहीं बनाई गई। जिसके चलते पानी की निकासी नहीं हो रही थी तथा घरों से बहता पानी सड़क पर फैल रहा था। जिससे लोग गंदगी के बीच से गुजर रहे थे। वहीं कुछ वर्ष पूर्व हाट बाजार से आलनिया नदी तक गौरव पथ का निर्माण तो करवाया गया परंतु नाली निर्माण नहीं करवाया गया। जिससे घरों से निकलने वाला पानी रास्ते पर फैल रहा था। वही दुर्गंध के चलते बस्तीवासियों का जीना दुश्वार हो रहा था। ग्रामीणों ने पंचायत प्रशासन से गौरव पथ पर नालियां बनवाने की मांग की है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Jul 2024 16:00:48 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>आम रास्ते बने दरिया, लोग परेशान, जिम्मेदार अनजान</title>
                                    <description><![CDATA[ बारिश के पानी की निकासी की नहीं उचित व्यवस्था। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/common-roads-have-become-rivers--people-are-troubled--the-responsible-are-unaware/article-84582"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/aam-raste-bne-dariya,-log-preshan,-zimmedar-anjan...rajpur,-baran-news-13-07-2024.jpg" alt=""></a><br /><p>राजपुर। मुंडियर ग्राम पंचायत के शाहपुर सहरिया बस्ती के आम रास्ते इन दिनों बारिश के कारण दरिया बन चुके हैं। बरसात के पानी की निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण आम रास्तों पर जल भराव की स्थिति 12 महीने बनी रहती है। सबसे ज्यादा समस्या बरसात होने पर बन जाती है। इस पानी निकासी को लेकर बस्ती के लोग कई बार जिम्मेदारों अवगत भी कर चुके हैं लेकिन मामले को लेकर कोई भी गंभीर नजर नहीं आ रहा है। बारिश से पहले ही जिला प्रशासन द्वारा हर ग्राम पंचायत क्षेत्र के कर्मचारियों को निर्देशित किया जाता है कि बारिश के पानी का जल भराव नहीं हो पानी निकासी की और सफाई व्यवस्था को लेकर हर ग्राम पंचायत पहले से ही सतर्क रहे ताकि लोगों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े लेकिन शाहपुर बस्ती के आम रास्ते पर जल भराव की स्थिति बनी हुई है। इसके चलते सबसे ज्यादा परेशानी सहरिया बस्ती के लोगों को झेलनी पड़ रही है। देवी सिंह यादव, कैलाश जाटव, राहुल शिवहरे भोलाराम शिवहरे अनारी बाई रामप्यारी सहरिया ने बताया कि शाहपुर सहरिया बस्ती के लोग इसी रास्ते से  बस स्टैंड स्कूल, मंदिर , स्कूल रोजमर्रा खरीदारी के लिए बाजार में भी लोग पहुंचते हैं। स्कूल जाने वाले बच्चे भी और महिलाएं अब इस जलभराव वाले रास्ते से निकलने में डरने लगे हैं क्योंकि बीते 5 दिन पहले इसी जल भराव वाले रास्ते की अपने घर के सामने पानी निकासी करने का प्रयास करने के लिए पानी में गया हुआ था उसी समय अधेड़ की जहरीले कीड़े के काटने से मौत हो गई थी। </p>
<p><strong>मलेरिया और जल जनित बीमारियों का खतरा</strong><br />बस्ती वासियों का कहना है कि जैसे ही तेज बारिश होती है तो जलभराव का पानी लोगों के घरों मे भरने की स्थिति बन जाती है जबकि अभी तो बारिश शुरू ही हुई है। उसके चलते अभी से परेशान हो रही है तो अभी तो 4 महीने बारिश होगी तो स्थिति और भी बिगड़ जाएगी। वहीं जल भराव रहने से पानी से दुर्गंध आ रही है और मच्छर पनप रहे हैं। इससे मलेरिया और जल जनित बीमारियां फैलने का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। इस मामले को लेकर सहरिया बस्ती के लोगों ने जिला कलक्टर को ज्ञापन भेजकर आम रास्ते पर हो रहे जलभराव के पानी  निकासी के पुख्ता इंतजाम करवाने की मांग की है ताकि आने वाले समय में लोगों को जल भराव की स्थिति से जूझना नहीं पड़े। अगर समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो सहरिया बस्ती के लोगों को मजबूरन आंदोलनात्मक कदम उठाना पड़ेगा।</p>
<p>मुंडियर ग्राम पंचायत की शाहपुर सहरिया बस्ती में जल भराव की स्थिति 12 महीने बनी रहती है। बरसात में समस्या विकट रूप धारण कर लेती है। समस्या को लेकर कई बार अधिकारियों कर्मचारियों को अवगत भी कराया है लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।<br /><strong>- कैलाश जाटव, ग्रामीण।</strong></p>
<p>शाहपुर सहरिया बस्ती में जल भराव की स्थिति आम रास्ते पर लंबे समय से बनी हुई है और यह समस्या बरसात में और परेशानी का सबब बन चुकी है।  रास्ते से गुजरने में भी डर लगने लगा है। इसके चलते बस्ती के लोगों में रोष बना हुआ है।<br /><strong>- देवी सिंह, ग्रामीण।</strong></p>
<p>मुंडियर ग्राम पंचायत के सहरिया बस्ती के आम रास्ते दरिया बने हुए हैं। पानी निकासी के नहीं होने के कारण पानी की दुर्गंध से लोग परेशान हो रहे हैं। जल भराव की स्थिति रहने से मच्छरों की तादाद में बढ़ोतरी हो रही है। मामले को लेकर जिला कलक्टर को ज्ञापन भी भेजा है ताकि समस्या का समाधान हो सके।   <br /><strong>- राहुल शिवहरे, ग्रामीण।</strong></p>
<p>जलभराव शाहपुर बस्ती के रास्ते में हो रहा है। ग्रामीणों ने समस्या बताई है। इसका जल्द ही समाधान करवाने के प्रयास किए जाएंगे।<br /><strong>- भोलाराम यादव, सरपंच, ग्राम पंचायत मुड़ियर।  </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 13 Jul 2024 14:49:00 +0530</pubDate>
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                <title>जल भराव की बनी स्थिति, नहीं हो रही पानी निकासी </title>
                                    <description><![CDATA[मुंडियर राजपुर सहित कई स्थानों पर आ रही मुसीबत।
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/waterlogging-situation--no-drainage/article-84064"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/8.png" alt=""></a><br /><p>राजपुर। सहरिया अंचल क्षेत्र में गुरुवार देर रात्रि से बारिश का दौर शुरू हुआ था जो शनिवार सुबह 10 बजे तक जारी रहा। उसके बाद बारिश का दौरा थम गया लगातार हुई बारिश से नदी नालों में पानी की आवक हो गई और कई स्थानों पर जल भराव की स्थिति अभी बनी हुई है। पानी निकासी के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं होने से आमजन जीवन को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मुड़ियर निवासी राहुल शिवहरे, भोलाराम ,हरिओम गर्ग, घनश्याम आदि ने बताया कि ग्राम पंचायत प्रशासन द्वारा नालियों की साफ-सफाई नहीं कराई गई है। ऐसे में पानी निकासी नहीं हो रही है और आम रास्ते बारिश के पानी के चलते तलाईयों में तब्दील हो रहे हैं। ऐसे में लोगों को काफी परेशानियों का सामना भी करना पड़ रहा है। ऐसी मार्ग से सहरिया बस्ती के लोगों का आम रास्ता है। ऐसे में पानी का भराव होने के चलते बस्ती वासियों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं राजपुर, आनंदपुरा कॉलोनी में जल भराव बना हुआ है। ग्राम पंचायत प्रशासन और जिम्मेदार सरपंच सचिव इसको लेकर गंभीर नहीं है। बस्ती के लोग काफी परेशान है। लोगों ने प्रशासन से बस्तियों में हो रहे जल भराव से राहत की मांग की है। इस संबंध में राजपुर सरपंच शोभा बंसल से संपर्क नहीं हो सका।</p>
<p>बस्ती में पानी निकासी व्यवस्था नहीं होने के कारण जल भराव की स्थिति बनी हुई है। सहरिया बस्ती के लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। संबंधित जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारियों को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए और पानी निकासी के पुख्ता इंतजाम करने चाहिए।<br /><strong>- राहुल शिवहरे, मुड़ियर निवासी। </strong></p>
<p>आनंदपुरा कॉलोनी में जल भराव की स्थिति जब से बारिश हुई है तब से बनी हुई है। लोगों को आने-जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के पानी की निकासी की व्यवस्था पंचायत प्रशासन को करवाना चाहिए।<br /><strong>- जितेंद्र कुमार, ग्रामीण, राजपुर।</strong></p>
<p>राजपुर आनंदपुरा कॉलोनी में जल भराव की स्थिति बनी हुई है पहले कच्ची नाली बनी हुई थी। उसको कुछ लोगों ने बंद कर दिया है। उसको दोबारा खुदवाकर पानी निकासी करवाई जाएगी।<br /><strong>- सुभाष कुमार, सहायक ग्राम विकास अधिकारी, राजपुर। </strong></p>
<p>शाहपुर कॉलोनी में जल भराव की स्थिति बनी हुई है। इसकी शिकायत ग्रामीणों द्वारा प्राप्त हुई है। पटवारी से वातार्लाप हो चुका है। कुछ लोगों ने रास्ते पर चबूतरे बनाकर अतिक्रमण कर रखा है। उसको हटवा कर नालियों का निर्माण करवा दिया जाएगा। जिससे पानी निकासी ठीक तरीके से हो सकेगी।<br /><strong>- भोलाराम यादव, सरपंच, मुड़ियर। </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 08 Jul 2024 16:11:00 +0530</pubDate>
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