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                <title>jams - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>बीस लाख की आबादी, चार लाख वाहन सड़कों पर हर साल बढ़ रहे 25 से 30 हजार वाहन</title>
                                    <description><![CDATA[जाम में घुटता हाड़ौती शहर, एक माह में ही बढ़ गए 2 से 3 हजार वाहन। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/2-million-population--400-000-vehicles-on-the-roads--25-000-to-30-000-vehicles-increasing-every-year/article-131416"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/ews-(6)4.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शिक्षा नगरी के नाम से प्रसिद्ध कोटा अब प्रदूषण नगरी बनती जा रही है। स्थिति यह है कि कोटा में 15.50 लाख मतदाता है। लगभग बीस लाख की जनसंख्या है। ऐसे हालात में अकेले वाहनों की संख्या वर्तमान में चार लाख से ज्यादा है। चार लाख वाहन वर्तमान में सड़कों पर दौड़ रहे हैं। यह स्थिति हर वर्ष बदल जाती है अर्थात प्रतिवर्ष शहर की सड़कों पर 25 से 30 हजार वाहन बढ़ जाते हैं।  जिससे वायुमंडल लगातार दूषित होता जा रहा है। आबादी के साथ-साथ वाहनों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। परिवहन विभाग के अनुसार, वर्तमान में कोटा में चार लाख से अधिक वाहन पंजीकृत हैं। इनमें 15 से 25 हजार वाहन ऐसे हैं जो 15 साल से ज्यादा पुराने हैं और प्रदूषण के सबसे बड़े कारण बन चुके हैं। इन वाहनों से निकलने वाला धुआं न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहा है बल्कि लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा बन गया है। आरटीओ अधिकारी मनीष कुमार शर्मा ने बताया कि शहर की सड़कों पर 2 लाख 65 हजार 548 टू-व्हीलर, 58 हजार 126 कारें, 7,678 भारी वाहन और 7,308 थ्री-व्हीलर दौड़ रहे हैं। पुराने वाहन जिनका पुन: पंजीकरण नहीं हुआ, वे प्रदूषण फैलाने में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं।</p>
<p><strong>कोटा का आसमां अब धुएं की चादर</strong><br />बढ़ता प्रदूषण, धुआं, जाम और बीमारियां अब चिंता का विषय बन चुकी हैं। वहीं अब हाड़ौती शहर के आसमां पर अब धुएं की चादर छाने लगी है। कोटा की सड़कों पर दौड़ती यह रफ्तार, शहर की बढ़ती तरक्की का प्रतीक जरूर है, लेकिन इसके साथ यदि समय रहते प्रशासन और आमजन दोनों ने मिलकर ठोस कदम नहीं उठाए, तो आने वाले वर्षों में में लिपटा रहेगा स्वच्छता को ग्रहण लगने के साथ घर-घर में बीमारियां बढ़ेगी।</p>
<p><strong>रफ्तार से बढ़ रहे वाहन, पंजीकरण जारी</strong><br />कोटा परिवहन विभाग के अनुसारअकेले 2024 में  नॉन ट्रांसपोर्ट में टू व्हीलर 16716 रजिस्टर्ड हुए थे जबकि 2025 में 12650 हुए है । इसमें भी सितंबर तक गिरावट रही। वहीं चौपहिया वाहनों में 21490 वाहन  रजिस्ट्रर्ड हुए तथा 2025 में 17670 ही हुए थे। दीपावली के दौरान 2024 में जहां 700 से अधिक वाहन रजिस्टर्ड हुए थे, वहीं इस वर्ष 2025 में 1000 से 1500 नए वाहन अतिरिक्त बिके हैं। केवल हाड़ौती क्षेत्र की बात करें तो दीपावली के दौरान ही 2 से 3 हजार नए वाहन बिक चुके हैं, जिनका पंजीकरण अब भी प्रक्रिया में है। वाहन विक्रेताओं का कहना है कि शहर में बढ़ती क्रय शक्ति और सुविधा की चाह के कारण लोग व्यक्तिगत वाहन खरीदने को प्राथमिकता दे रहे हैं, लेकिन यही प्रवृत्ति कोटा जैसे शिक्षण एवं औद्योगिक शहर की सड़कों पर जाम और प्रदूषण की बड़ी वजह बन चुकी है।</p>
<p><strong>फैक्ट फाइल अप्रेल-सितंबर (2024-25)</strong><br /><strong>ट्रांसपोर्ट</strong><br />थ्री व्हीलर    1556    703<br />टू व्हीलर    15    10<br />चौपहिया वाहन    592    648<br />कुल    2163    1361</p>
<p><strong>नॉन ट्रांसपोर्ट</strong><br />टू व्हीलर    16716    12650<br />चौपहिया वाहन    4774    17670<br />कुल    21490    17670<br />बूंदी, बारां, झालावाड</p>
<p><strong>ट्रांसपोर्ट</strong><br />थ्री व्हीलर    2130    1278<br />टू व्हीलर    16    10<br />चौपहिया वाहन    1462    1572<br />कुल    3608    2870</p>
<p><strong>नॉन ट्रांसपोर्ट</strong><br />टू व्हीलर    44918    35679<br />चौपहिया वाहन    12657    12790<br />कुल    57575    48479</p>
<p><strong>ये है एक्टिव वाहन</strong><br />2 व्हीलर    265548<br />4 व्हीलर प्राइवेट    56824<br />4 व्हीलर टैक्सी    1302<br />बस    513<br />भार वाहन    7165<br />थ्री व्हीलर    7308</p>
<p><strong>एक्सपर्ट व्यू</strong><br /><strong>टू व्हीलर वाहनों का बढ़ा दबाव, शाम को जाम</strong><br />शहर की सड़कों पर टू व्हीलर वाहनों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। वर्तमान में 2,65,548 टू व्हीलर सड़कों पर दौड़ रहे हैं, जो अन्य वाहनों से कहीं अधिक हैं। टैक्सी के मुकाबले निजी कारों की संख्या में भी तेजी से इजाफा देखा जा रहा है। शाम के समय शहर की प्रमुख सड़कों पर जाम लगना अब आम बात बन चुकी है। आरटीओ विभाग समय-समय पर पुराने व मानकों से बाहर चल रहे वाहनों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई करता है। विभाग का पूरा प्रयास रहता है कि कोई भी वाहन बिना निर्धारित मापदंडों के सड़क पर न उतरे। यदि लापरवाही पाई जाती है तो सख्त कार्रवाई की जाती है। उन्होंने बताया कि अप्रैल से सितंबर 2025 के बीच वाहनों की संख्या में पिछले वर्ष की तुलना में गिरावट दर्ज की गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में वाहनों के उपयोग में भी वृद्धि हुई है।<br /><strong>-मनीष कुमार शर्मा, आरटीओ, परिवहन कार्यालय, कोटा</strong></p>
<p><strong>जाम और प्रदूषण से सांस के मरीजों के लिए खतरा</strong><br />पेट्रोलियम पदार्थों से निकलने वाली मोनोआॅक्साइड, सल्फर आॅक्साइड जैसी गैसें सांस और हृदय रोगियों के लिए खतरनाक हैं। अस्थमा, सीओपीडी या क्रॉनिक बीमारियों से ग्रस्त लोगों में यह प्रदूषण सूजन और पल्मोनरी हाइपर रेस्पॉन्सिवनेस जैसी स्थिति पैदा कर सकता है। बार-बार जाम में फंसने वाले लोग अधिक प्रभावित होते हैं और लंबे समय तक दवाइयों पर निर्भर रहना पड़ता है। प्रदूषण के बढ़ते स्तर से श्वांस संबंधी बीमारियों की आशंका भी बढ़ गई है।<br /><strong>-डॉ. निर्मल शर्मा, वरिष्ठ चिकित्सक, यूनिट हेड, मेडिकल कॉलेज, कोटा</strong></p>
<p>इस बार एक्यूआई शहर के कोटड़ी इलाके में 900 तक पहुंच गया था। शुक्र मनाइए बरसात हो गई वरना हालात बेकाबू जैसे हो सकते थे। प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ने से अस्पतालों में मरीजों की भीड़ बढ़ रही है। श्वांस और फैंफड़ों की तकलीफ लोगों में लगातार बढ़ रही है। वाहन प्रदूषण इसमें एक बड़ा कारण उभर कर आ रहा है। शहर के सभी लोगों को इस पर ध्यान देने की जरूरत है।<br /><strong>- डॉ. केवल कृष्ण डंग, श्वास रोग विशेषज्ञ  </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 04 Nov 2025 16:33:29 +0530</pubDate>
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                <title>लापरवाही: गड्ढों से भरी सड़क का सफर खतरनाक, राहगीरों की बढ़ी मुश्किल</title>
                                    <description><![CDATA[खस्ताहाल सड़क के चलते जाम की स्थिति बन जाती है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/negligence--pothole-filled-roads-make-travel-dangerous--increasing-difficulties-for-pedestrians/article-127218"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/_4500-px)-(3)7.png" alt=""></a><br /><p> खानपुर।  खानपुर उपखंड के सारोला ग्राम में खानपुर से अंदर सरोल में जाने वाले मार्ग में सड़क मार्ग पर इतने ऊबड खाबड गड्ढे हो रहे हैं कि राहगीर को परेशानी उठानी पड़ रही है। इन गड्ढों से कई बार वाहन पलटी खा सकते है। वहीं कई बार खस्ताहाल सड़क के चलते जाम की स्थिति बन जाती है। इस सड़क मार्ग से कस्बेवासी, वाहन चालक, स्कूल के विद्यार्थी आदि का प्रतिदिन गुजरना होता है, कई बार जान जोखिम में डालकर खस्ताहाल सड़क से निकलना पड़ता है।  वहीं नजदीक में पुलिस थाना बना हुआ है जिस तक जाने में भी परेशानी होती है। विभाग के अधिकारियों को कई बार खस्ताहल सड़क के बारे में अवगत करवा दिया लेकिन किसी प्रकार का कोई समाधान नहीं हुआ। सड़क पर गड्ढों से हादसे का भय बना रहता है। </p>
<p>इस सड़क मार्ग दुर्दशा को देखकर परेशानी और बढ़ जाती है। चंद मिनटों के सफर में कई घंटे लग जाते है। <br /><strong>-नलिन जैन, कस्बेवासी</strong></p>
<p>यह सड़क मार्ग कभी भी दुर्घटना को अंजाम दे सकता है, पहले भी कई बार दुर्घटना घटित हो चुकी है। सड़क मार्ग को जल्द से जल्द दुरूस्त करवाया जाए। <br /><strong>-लालचंद लखारा, कस्बेवासी </strong></p>
<p>उबड खाबड सड़क मार्ग से निकलने में परेशानी होती है , कई बार जाम के हालात बन जाते है। <br /><strong>-पूरी लाल सुमन, कस्बेवासी </strong></p>
<p> यह सारोला का मुख्य मार्ग है इस सड़क मार्ग पर कई बार वाहन चालक गिरकर चोटिल हो गए है। <br /><strong>-महावीर जोशी, कस्बेवासी</strong></p>
<p>इस रोड को बने हुए वर्षों बीत गए लेकिन यह रोड वैसा का वैसा ही है ऊबड खाबड। आम आदमी को बहुत ही परेशानी का सामना करना पड़ता है। <br /><strong>-सियाराम नेकाडी, कस्बेवासी </strong></p>
<p>यह खानपुर से सारोला के अंदर आने वाला मुख्य मार्ग है या मुख्य मार्ग की हालत इतनी बिगड़ी हुई है कि कभी भी दुर्घटना होने का खतरा बना रहता है। <br /><strong>-प्रमोद सुमन, कस्बेवासी </strong></p>
<p>गौरव पथ बनेगा हमारे यहां से एनआइटी निकल चुकी है और टेंडर भी पास हो चुका है जल्दी ही रोड बन जाएगा।<br /><strong>   -विश्वेंद्र, पीडब्लूडी जेईएन खानपुर</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Sep 2025 15:04:25 +0530</pubDate>
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                <title>सड़क पर वाहन खड़े करने से लग रहा जाम, वाहन चालकों को रोजाना परेशानी का करना पड़ता है सामना </title>
                                    <description><![CDATA[ शहर में वाहन चालकों के द्वारा सड़को के किनारे वाहन पार्किंग करने से कई  इलाकों में जाम कि समस्या उत्पन्न हो गई है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/jams-are-caused-by-parking-vehicles-on-the-road/article-118794"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/rtroer144.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर में वाहन चालकों के द्वारा सड़को के किनारे वाहन पार्किंग करने से कई  इलाकों में जाम कि समस्या उत्पन्न हो गई है। बजारों में पार्किंग स्पेस नहीं होने से खरीदारी करने के लिए आने वाले ज्यादातर वाहनधारी अपने वाहन को सड़क पर ही वाहन खड़े कर देते हैं। इस कारण बार-बार जाम लगने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। शहर के मुख्य मार्गो पर बने बैंक, दुकानें व होटलें चल रही है। लेकिन वाहनों की पार्किंग के लिए जगह नहीं है। जबकि शहर के गुमानपुरा व जयपुर गोल्डन क्षैत्र में वाहनों के लिए पार्किंग बनाये जाने के बाद भी वाहन चालकों द्वारा वाहनों को पार्किंग में खड़े नहीं करने से शहर कि सड़कों पर वाहनों को कहीं भी खड़ा कर देते हैं। जिससें सड़क का स्पेस कम हो जाता है। और शहर में जाम के हालात बन जाते हैं।</p>
<p><strong>यहां रहते हैं जाम के हालात</strong><br />शहर में सबसे ज्यादा जाम के हालात कोटड़ी से छावनी रोड़, गुमानपुरा, सोपिंग सेन्टर रोड़, रावतभाटा रोड़ इन जगहों पर सड़क पर वाहन खड़े करने से सुबह से शाम तक जाम कि स्थित बनी रहती है। जिससे वाहन चालको रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ता है। </p>
<p><strong>यातायात व्यवस्था में हो सुधार </strong><br />शहर में पार्किं व्यवस्था नही होने से कई मुख्य बाजारो में वाहन सड़क पर खड़े रहते है। यातायात पुलिस को इस ओर भी ध्यान देना चाहिए, जो भी वाहन चालक अगर अपनें वाहन को सड़क पर अवैध रूप से खड़ा करते है तो उनके वाहनों का यातायात पुलिस के द्वारा जुर्माना किया जाना चाहिए। <br /><strong>-दिपक सिंह, विज्ञान नगर निवासी</strong></p>
<p><strong>वाहनों की पार्किंग  की हो प्रोपर व्यवस्था</strong><br />शहर में पार्किंग व्यवस्था सही से होनि चाहिए। वाहन चालकों को  बाजारों में बनी पार्किंग के बारे में भी पूर्ण रूप से जानकारी उपलब्ध होनि चाहिए। जिससे वह अपने वाहनों को सड़क पर इधर उधर खड़ा करने के बजाए। पार्किंग स्थल पर अपने वाहन को खड़ा करे। <br /><strong>-रोहन, नयापुरा निवासी</strong></p>
<p>हम वाहन चालको से समझाइस कर पार्किंग स्थल के बारे में जानकारी देते है। फिर भी अगर कोई वाहनधारी अपने वाहन को सड़क पर अवैधरूप से खड़ा करते है तो हम उन पर जुर्माने कि कार्यवाही भी करते हंै। <br /><strong>-पूरण सिंह, यातायात निर्रिक्षक  </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 28 Jun 2025 15:14:11 +0530</pubDate>
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                <title>थोक फल सब्जीमंडी: अतिक्रमण का दंश पड़ रहा भारी </title>
                                    <description><![CDATA[गर्मी में ग्राहकों और विक्रेताओं को होती है परेशानी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/wholesale-fruit-and-vegetable-market--encroachment-is-taking-a-heavy-toll/article-81046"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/thok-fal-sazbzimandi--atikraman-ka-dansh-pd-rha-bhari...kota-news-10-06-2024.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर में एरोड्राम के पास स्थित थोक फल सब्जी मंडी में अव्यवस्था के बीच कारोबार हो रहा है। माल की ज्यादा आवक होने और मंडी परिसर छोटा होने के कारण रोजाना जाम की स्थिति बनी रहती है। शहर के बीच में स्थित थोक फल सब्जीमंडी में सुबह से शाम तक बार-बार जाम लगता रहता है। ऐसे में फल सब्जी व्यापारियों, किसानों और ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं मंडी परिसर के बाहर फल और सब्जी विक्रेताओं ने अतिक्रमण कर रखा है। जिससे माल लेकर आने वाले जाम में फंस जाते हैं। इससे मंडी का कारोबार प्रभावित होता है।   </p>
<p><strong>मंडी के अन्दर और बाहर अतिक्रमण</strong><br />कोटा की थोक फल सब्जीमंडी संभाग की सबसे बड़ी मंडी है। यहां पर विभिन्न राज्यों से फल और सब्जियों की काफी मात्रा में आवक होती है। यहां से हाड़ौती के फुटकर फल-सब्जी विक्रेता माल खरीदकर ले जाते हैं और अपने-अपने क्षेत्रों में बेचते हैं। ऐसे में यहां फल-सब्जी की आवक काफी मात्रा में होती है। मंडी में सबसे बड़ी परेशानी अतिक्रमण की है। मंडी के अन्दर व्यापारियों ने अपने कार्टन जमा करके अतिक्रमण कर रखा है तो बाहर फल और सब्जी के ठेले लगाकर विक्रेताओं ने कब्जा जमा रखा है। मंडी परिसर में टीनशेड के व्यापारियों का माल जमा होने से ग्राहकों और विक्रेताओं को गर्मी में परेशानी होती है। वहीं बाहर ठेले वालों के कारण रोजाना जाम की स्थिति बनी रहती है।</p>
<p><strong>माल की आवक अधिक, परिसर छोटा</strong><br />थोक फल सब्जी मंडी के व्यापारियों के अनुसार मंडी में  महाराष्टÑ, गुजरात, मध्यप्रदेश, पुणे,उत्तर प्रदेश, जम्मू कश्मीर, बैंगलुरु से विभिन्न तरह के फल बिक्री के लिए आते हैं। इसके अलावा कोटा सहित हाड़ौती के जिलों से काफी मात्रा में सब्जियों की आवक होती है। माल की आवक लगातार बढ़ने के कारण अब मंडी परिसर छोटा पड़ने लगा है। मंडी में माल से भरे ट्रक, मिनी ट्रक और अन्य वाहनों के कारण दिनभर में कई बार जाम लगा रहता है। इससे एरोड्राम चौराहे के आसपास व डीसीएम रोड पर वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। बाहर से फलों और सब्जियों से भरे वाहन शाम को ही आना शुरू होते हैं। जो देर रात तक आते रहते हैं। सुबह फल और सब्जी बेचने का काम होता है। इसके बाद वाहन माल बेचकर वापस लौट जाते हैं।</p>
<p><strong>ठंडे बस्ते में मंडी शिफ्ट करने का मामला</strong><br />थोक फल सब्जीमंडी को दूसरी जगह शिफ्ट करने के प्रयास 2018 में हुए थे। उस समय चन्द्रेसल के पास मंडी स्थापित करने के लिए 72 बीघा जमीन चिहिन्त की गई थी, लेकिन जमीन घड़ियाल अभयारण्य क्षेत्र में होना बताकर  वन विभाग ने स्वीकृति जारी नहीं की। इस मामले में यूआईटी ने मंडी समिति से 19 करोड़ की डिमांड राशि मांगी थी, लेकिन मंडी प्रशासन इतनी राशि जमा कराने में असमर्थता जताई थी। इसके बाद पूरा मामला ठंडे बस्ते में चला गया। ऐसे में अव्यवस्था के बीच मंडी में कारोबार हो रहा है। </p>
<p>फल सब्जीमंडी में माल की आवक बढ़ने लगी है। जिससे मंडी परिसर छोटा पड़ने लगा है। बाहर से माल लेकर आने वाले वाहन जाम में फंस जाते हैं। इससे व्यापारियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस मंडी को विस्तार की दरकार है। तभी समस्या का समाधान हो सकेगा।<br /><strong>- शब्बीर वारसी, प्रमुख व्यापारी</strong></p>
<p>थोक फल सब्जीमंडी को चन्द्रसेल में शिफ्ट करने के लिए पूर्व में प्रयास हुए थे, लेकिन एनओसी नहीं मिलने से मामला अटका हुआ है। मंडी के अन्दर व्यापारियों के अतिक्रमण को हटवाया जाएगा। मंडी परिसर के बाहर हो रहे अतिक्रमण के मामले में नगर निगम ही कार्रवाई कर सकता है।<br /><strong>- शशिशेखर शर्मा, कार्यवाहक सचिव, थोक फल सब्जी मंडी कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 10 Jun 2024 15:14:46 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>ट्रैफिक लाइट सिग्नल फ्री शहर, फिर भी जाम और हादसों का खतरा </title>
                                    <description><![CDATA[वाहन चालकों को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/traffic-light-signal-free-city--still-there-is-danger-of-jams-and-accidents/article-63691"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-12/111-(1)4.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर के विकास व बढ़ते यातायात के दबाव को देखते हुए लोगों की सुविधा के लिए शहर को ट्रैफिक लाइट सिग्नल  फ्री तो कर दिया। लेकिन उससे शहर में बने नए चौराहों पर दिन और शाम के समय जाम के हालात तो बन ही रही हैं। हादसों का भी खतरा बना हुआ है। जिससे अधिकतर समय वाहन चालकों को रैंगते हुए वाहन निकालने को मजबूर होना पड़ रहा है। शहर में यातायात के बढ़ते दबाव को कम करने और जाम की समस्या को देखते हुए उसके समाधान  के लिए नगर विकास न्यास द्वारा स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत अंडरपास व फ्लाई ओवर बनाए गए हैं। </p>
<p>झालावाड़ रोड से स्टेशन तक के क्षेत्र को ट्रैफिक लाइट सिग्नल फ्री बना दिया है। इस रोड पर अब किसी भी चौराहे पर ट्रैफिक सिग्नल लाइटें नहीं है। जिससे अंडरपास व फ्लाई ओवर से वाहन चालक बिना रूके सीधे निकल सके। लेकिन उसके बाद भी अधिकतर समय लोगों को बीच-बीच में बने नए चौराहोंÞ पर जाम व हादसों के खतरे का सामना करना पड़ रहा है। न्यास द्वारा अनंतपुरा व सिटी मॉल के सामने ल्लाई ओवर, गोबरिया बावड़ी व एरोड्राम चौराहे पर अंडरपास, कोटड़ी में ग्रेड सेपरेटर व अंटाघर चौराहे पर अंडरपास का निर्माण किया गया है। साथ ही गुमानपुरा में फ्लाई ओवर बनाया गया है। डीसीएम रोड पर पॉलिटेक् नीक कॉलेज से झालावाड रोड तक बाईपास को चौड़ा किया गया है। उसके बाद भी हालत सुधरने की जगह बिगड़ रहे हैं। </p>
<p><strong>वल्लभ नगर व ज्वाला तोप पर भी खतरा</strong><br />वल्लभ नगर चौराहा हो या ’वाला तोप तिराहा। कोटड़ी पेट्रोल पम्प के सामने हो या छावनी व गुमानपुरा में इंदिरा गांधी सर्किल पर। यहां भी चारों तरफ से बिना किसी सिग् नल के दो पहिया व चार पहिया वाहनों के अस्त-व्यस्त आने से शाम के समय तो निकलना उतना आसान नहीं रहता है। एसे में कई बार तो सही चलने वाले वाहन चालकों को अपने वाहन रैंग-रैंग कर निकालने को मजबूर होना पड़ रहा है। धानमंडी चौराहे पर तो शाम के समय ही नहीं सुबह से दिनभर छोटे-बड़े वाहन रोंग साइड से निकलने के कारण हादसों का खतरा हमेशा बना रहता है। यहां दिन में कई बार वाहन आपस में टकराते रहते हैं। इस जगह पर डीसीएम, झालावाड़ रोड, एरोड्राम व धानमंडी समेत कई तरफ से एक साथ वाहन निकलते हैं। जिससे सीधे निकलने वाले वाहन चालकों को हादसों का खतरा बना रहता है। यहां दिन में कई बार जाम भी लगा रहता है। </p>
<p><strong>यहां अधिक समस्या</strong><br />शहर में झालावाड़ रोड पर विज्ञान नगर फ्लाई ओवर उतरने के बाद एयरपोर्ट गेट के सामने डीसीएम रोड की तरफ जाने वाली रोड पर तीन तरफ से वाहन आने से दिन में कई बार जाम के हालात बन रहे हैं। साथ ही शाम के समय यहां हादसों का खतरा बना रहता है और वाहनों को रैंग कर निकलना पड़ तहा है। इसी तरह की स्थिति घोड़ा चौराहे पर है। यहां भी चारों तरफ से अस्त-व्यस्त वाहन दिनभर निकलते हैं। जिससे सही रास्ते व सीधे चलने वाले वाहन चालकों को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जाम में फंसने के साथ ही हादसों का भी खतरा बना हुआ है। जिससे लोगों की जान सांसत में रहती है। </p>
<p><strong>विकास हुआ लेकिन ट्रैफिक नहीं सुधरा</strong><br />शहर वासियों का कहना है कि नगर विकास न्यास की ओर से स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत शहर में विकास तो कराया गया लेकिन जिस मकसद से शहर को ट्रैफिक लाइट सिग् नल फ्री किया गया था वह हालात नहीं सुधरे हैं। महावीर नगर निवासी राजेश नागर का कहना है कि शहर में चौराहों पर ट्रैफिक की हालत इतनी अधिक खराब हो गई है कि शाम के समय कार लेकर निकलना किसी परेशानी से कम नहीं है।   थोड़ी-थोड़ी दूरी पर चौराहों से निकलने में हादसों का खतरा बना रहता है। आमजन के लिए सबसे जरूरी ट्रैफिक है उसकी हालत सुधरनी चाहिए। खेख़्ली फाटक निवासी रमेश लोधा ने बताया कि दो पहिया वाहन से शहर में जाते समय चौराहों पर कोई भी वाहन कहीं से भी आ जाता है। अचानक वाहन आने से कई बार दुर्घटनाग्रस्त होते-होते बचे। पुलिस प्रशासन को चाहिए कि शहर की ट्रैफिक व्यवस्था सुधरनी चाहिए। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />शहर में जाम जैसे हालात नहीं है। शाम के समय कई बार ट्रैफिक अधिक होने से कभी-कभी परेशानी हो सकती है। लेकिन अधिक समय तक जाम में फंसे रहने जैसी कोई स्थिति नहीं बनी है। रोंग साइट से आने वालों से होने वाली समस्या के लिए चौराहों पर ट्रैफिक के जवान तैनात हैं। रोंग साइड वालों के चालान भी बनाए जा रहे हैं। सुगम यातायात के लिए लोगों को भी जागरूक होना पड़ेगा। <br /><strong>- पूरण सिंह,यातायात निरीक्षक</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 09 Dec 2023 11:52:57 +0530</pubDate>
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                <title>यमदूत बनकर दौड़ रहे ओवरलोड वाहन</title>
                                    <description><![CDATA[वर्तमान में नगर सहित क्षेत्र में फसलें कट चुकी है, उसमें से निकलने वाले भूसे को ओवरलोड वाहनों में भरकर के ले जाया जा रहा है, सबसे ज्यादा परेशानी तो जाम लगने से होती है क्योंकि अपनी क्षमता से कहीं गुना अधिक भूसा भरा होने के कारण मुख्य सड़कों पर जाम लग जाता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/overload-vehicles-running-as-yumdoot/article-35410"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-01/yamdoot-bankar-daud-rahe-overload-vaahan...sultanpur-news-kota..21.1.2023.jpg" alt=""></a><br /><p>सुल्तानपुर।नगर सहित क्षेत्र में इन दिनों ओवरलोड वाहन मौत के यमदूत बनकर दौड़ रहे है, ऐसे ओवरलोड वाहनों से हर समय दुर्घटना होने का खतरा बना रहता है। पूर्व में भी ऐसे वाहनों के कारण अनेकों घटनाएं हो चुकी है। दोपहर के समय जब यह ओवरलोड वाहन नगर के मुख्य बाजार में से होकर निकलते हैं तो बार-बार जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है, जिसके लिए ट्रैफिक पुलिस को मशक्कत करनी पड़ती है। इन वाहनों के कारण बाजार में खरीददारी करने आए क्षेत्रीय ग्रामीणों को भी समस्या का सामना करना पड़ता है। साथ ही व्यापारियों को भी समस्या होती है, सड़कों पर यह वाहन मौत का यमदूत बन रहे है। नगर के  पुलिस थाने के सामने से मुख्य बाजार से होकर यहाँ इन दिनों सड़को पर दिन रात यह चारे से भरे ओवरलोड वाहन दौड़ रहे है । इन वाहनों से आए दिन दुर्घटना घटित होने की आशंका बनी रहती है।</p>
<p> वर्तमान में नगर सहित क्षेत्र में फसलें कट चुकी है, उसमें से निकलने वाले भूसे को ओवरलोड वाहनों में भरकर के ले जाया जा रहा है, सबसे ज्यादा परेशानी तो जाम लगने से होती है क्योंकि अपनी क्षमता से कहीं गुना अधिक भूसा भरा होने के कारण मुख्य सड़कों पर जाम लग जाता है। साथ ही जाम लगने पर इन वाहनों के पीछे चलने वाले वाहन चालकों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई वाहनों में तो भरा हुआ भूसा उड़ता रहता है जिसके कारण वाहनों के पीछे चलने वाले बाइक सवारों को समस्याओं का सामना करना पड़ता है। रात्रि के समय ऐसे ओवरलोड वाहनों की संख्या अधिक हो जाती है, ऐसे में दुर्घटनाओं का खतरा भी अधिक बढ़ जाता है क्योंकि कई बार तो दूर से ऐसे वाहन दिखाई नहीं देते हैं जिससे भी दुर्घटनाएं हो जाती है, ओवरटेक करते समय भी इन वाहनों समस्याएं आती है। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />ऐसे वाहनों को सुनसान सड़कों पर निकालना चाहिए, जिससे अन्य चालकों को परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े या ऐसे समय पर इन वाहनों का परिवहन होना चाहिए, जब सड़कों पर अधिक वाहन ना हो।<br /><strong>- रवि शर्मा, ग्रामीण </strong> </p>
<p>सुल्तानपुर कस्बे से गुजर रहे स्टेट हाइवे 70 पर ऐसे वाहन देखना आम बात है, जबकि इस मार्ग पर आवागमन अधिक रहता है ऐसे में ऐसे वाहन आने से जाम लगने की समस्या बनी रहती है। ऐसे वाहन चालकों को ओवरलोड भूसा भरने पर रोक लगानी चाहिए। <br /><strong>-अजरूद्दीन खान</strong> </p>
<p>रात्रि के समय कई बार ऐसे वाहनों से दुर्घटनाएं होती रहती है, दूर से आने वाले वाहन चालकों को ऐसे ओवरलोड वाहन दिखाई नहीं देते हैं, ऐसे में दुर्घटनाएं होती है।<br /><strong>-संदीप शर्मा, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष</strong> </p>
<p>वाहन की क्षमता के अनुसार माल का भराव होना चाहिए, जिससे आम नागरिकों को भी परेशानियां ना हो और वाहन चालकों को भी समस्याओं का सामना ना करना पड़े।<br /><strong>- दिलीप शर्मा, महासचिव कांग्रेस देहात</strong></p>
<p>ऐसे वाहनों के खिलाफ नियमानुसार मोटर व्हीकल एक्ट में चालान बनाया जाता है साथ ही जो भी उचित कार्यवाही होती है वह की जाती है ।<br /><strong>-संदीप बिश्नोई, थाना अधिकारी</strong>  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 21 Jan 2023 15:25:59 +0530</pubDate>
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                <title>अग्निपथ की अग्निपरीक्षा: गुरुग्राम में दिल्ली-जयपुर मार्ग पर विरोध प्रदर्शन, जाम</title>
                                    <description><![CDATA[गुरुग्राम। सेना में संविदा भर्ती को लेकर लाई गई 'अग्निपथ' योजना के विरोध में आज गुरुग्राम में युवाओं ने बिलासपुर चौक पर राष्ट्रीय राजमार्ग-48 पर विरोध प्रदर्शन कर यातायात जाम कर दिया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/agneepath-s-ordeal-protests--jams-on-delhi-jaipur-road-in-gurugram/article-12384"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/qqqq.jpg" alt=""></a><br /><p>गुरुग्राम। सेना में संविदा भर्ती को लेकर लाई गई 'अग्निपथ' योजना के विरोध में आज गुरुग्राम में युवाओं ने बिलासपुर चौक पर राष्ट्रीय राजमार्ग-48 पर विरोध प्रदर्शन कर यातायात जाम कर दिया। <br /><br />हजारों की संख्या में युवा प्रदर्शनकारी राष्ट्रीय राजमार्ग पर एकत्रित हुए और यातायात अवरुद्ध कर दिया। भीड़ को देखते हुए पुलिस विभाग भी कोई कदम उठाने से कतराता रहा और राजमार्ग पर कई किलोमीटर लंबा वाहनों का काफिला जमा हो गया। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि अग्निपथ योजना युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है और सरकार को पहले मुख्य तौर पर रक्षा विभागों के युवाओं की भर्ती करनी चाहिए, जिसके बाद अग्निपथ जैसी योजनाओं को लागू करना चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Jun 2022 18:31:14 +0530</pubDate>
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