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                <title>coordination - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>तेजी से बदलते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य में पुराने तरीकों पर निर्भर नहीं रह सकते: राजनाथ सिंह</title>
                                    <description><![CDATA[रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 'कलम और कवच' संवाद में राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आत्मनिर्भरता को अनिवार्य बताया। उन्होंने कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में साइबर खतरों और हाइब्रिड युद्ध से निपटने के लिए नवाचार और रणनीतिक समन्वय जरूरी है। भारत अब रक्षा प्रणालियों के स्वदेशी डिजाइन और विनिर्माण पर केंद्रित है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/rajnath-singh-cannot-depend-on-old-methods-in-the-rapidly/article-153829"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/rajnath-singh.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रक्षा विनिर्माण के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर जोर देते हुए विभिन्न हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय को मजबूत करने का आह्वान किया है और कहा है कि तेजी से बदलते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य के बीच राष्ट्रीय सुरक्षा अब पुराने तरीकों पर निर्भर नहीं रह सकती। राजनाथ सिंह ने गुरुवार को यहां प्रमुख रणनीतिक संवाद 'कलम और कवच' में अपने वर्चुअल संदेश में कहा कि इस मंच का नाम ही देश के भविष्य के सुरक्षा ढांचे की सशक्त दृष्टि को दर्शाता है।</p>
<p>रक्षा मंत्री ने कहा , "कलम विचारों, तर्क और आगे की सोच रखने के साहस का प्रतीक है। कवच शक्ति, सुरक्षा और राष्ट्र की रक्षा करने की क्षमता का प्रतीक है। जो देश स्पष्ट रूप से सोच सकता है और मजबूती से अपनी रक्षा कर सकता है, वही दुनिया में ऊंचा खड़ा होता है। हम ऐसे ही भारत के निर्माण की दिशा में काम कर रहे हैं।" वैश्विक संघर्षों के बदलते स्वरूप पर राजनाथ सिंह ने कहा कि दुनिया भर में रणनीतिक परिदृश्य लगातार अधिक अनिश्चित, प्रतिस्पर्धी और प्रौद्योगिकी-आधारित होता जा रहा है। उन्होंने भू-राजनीतिक तनाव, संघर्ष, साइबर खतरे, आपूर्ति श्रृंखला की कमजोरी और हाइब्रिड युद्ध के उभरते स्वरूपों को देशों के सामने मौजूद प्रमुख चुनौती बताया।</p>
<p>उन्होंने कहा, "ऐसी दुनिया में राष्ट्रीय सुरक्षा पुराने आयामों पर आधारित नहीं रह सकती। इसके लिए हमारी तैयारी, लचीलापन, नवाचार और रणनीतिक आत्मविश्वास आवश्यक है।" रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत के महत्व पर जोर देते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि आत्मनिर्भरता केवल आर्थिक लक्ष्य नहीं बल्कि भारत के लिए रणनीतिक आवश्यकता है। उन्होंने कहा, "जो राष्ट्र महत्वपूर्ण रक्षा क्षमताओं के लिए अत्यधिक रूप से दूसरों पर निर्भर रहता है, वह संकट के समय कमजोर बना रहता है। हमें अपने राष्ट्रीय तंत्र के भीतर ही प्रमुख प्रणालियों का डिज़ाइन, विकास, उत्पादन, रखरखाव और उन्नयन करना होगा। इसी तरह हम अपनी रणनीतिक स्वायत्तता को सुरक्षित रख पाएंगे।"</p>
<p>रक्षा मंत्री ने विभिन्न हितधारकों के बीच अधिक समन्व्य की आवश्यकता पर भी बल दिया और कहा कि आधुनिक युद्ध में कई क्षेत्रों के बीच निरंतर समन्वय जरूरी है। उन्होंने कहा, "आधुनिक युद्ध पारंपरिक सीमाओं का सम्मान नहीं करता। सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि हम अपनी थल, जल, वायु, साइबर और अंतरिक्ष सेनाओं को कितनी दक्षता से एक साथ ला पाते हैं। यह इस पर भी निर्भर करेगा कि हमारी प्रयोगशालाएं, उद्योग, स्टार्टअप, नीति निर्माता और सैन्य संस्थान कितनी निकटता से मिलकर काम करते हैं।"</p>
<p>रक्षा तैयारियों में तेज़ी से नवाचार पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि भविष्य के युद्धों में वही देश आगे रहेंगे जो विचारों को तेजी से परिचालन क्षमता में बदल सकें। उन्होंने कहा, "किसी राष्ट्र की शक्ति इस बात पर अधिक निर्भर करेगी कि उसकी प्रयोगशालाएं, उद्योग और सशस्त्र सेनाएं कितनी जल्दी एकजुट होकर सोच और कार्य कर सकती हैं। भविष्य के युद्धक्षेत्र उन देशों के लिए अनुकूल होंगे जो किसी विचार, प्रोटोटाइप और परिचालन तैनाती के बीच का समय कम कर सकें।" राजनाथ सिंह ने संयुक्तता, स्वदेशी विनिर्माण, उभरती प्रौद्योगिकियों और वैश्विक साझेदारियों पर होने वाली चर्चाओं को भारत की व्यापक रक्षा दृष्टि के परस्पर जुड़े स्तंभ बताया।</p>
<p>उन्होंने रक्षा क्षेत्र में भारत की प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि देश का रक्षा निर्यात बढ़ रहा है, निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ रही है और सशस्त्र सेनाओं का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। हालांकि, उन्होंने आत्मसंतोष से बचने की सलाह दी और हितधारकों से भारत के रक्षा तंत्र को लगातार मजबूत करते रहने का आग्रह किया। राजनाथ सिंह ने कहा, "कलम को और अधिक साहसी विचार लिखते रहना चाहिए। कवच को और अधिक मजबूत होते रहना चाहिए।" उन्होंने नीति निर्माताओं, विशेषज्ञों और रक्षा क्षेत्र से जुड़े हितधारकों को एक साझा मंच पर लाने के लिए आयोजकों की सराहना की और आशा व्यक्त की कि इन विचार-विमर्शों से ऐसे व्यावहारिक परिणाम निकलेंगे जो सशस्त्र सेनाओं और राष्ट्र दोनों के लिए लाभकारी होंगे।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 14 May 2026 18:01:13 +0530</pubDate>
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                <title>चंद शब्दों में खत्म की बात, शरद पवार ने कहा- अजित पवार से कोई तालमेल नहीं  </title>
                                    <description><![CDATA[ पिछले कुछ महीनों से ये चर्चा चल रही है कि राष्ट्रवादी कांग्रेस के दोनों गुट साथ आएंगे और शरद पवार और अजित पवार के बीच सुलह होगी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/sharad-pawar-said-in-a-few-words-no-coordination-with/article-117743"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/news-(1)37.png" alt=""></a><br /><p>पुणे। पिछले कुछ महीनों से ये चर्चा चल रही है कि राष्ट्रवादी कांग्रेस के दोनों गुट साथ आएंगे और शरद पवार और अजित पवार के बीच सुलह होगी। इस पर शरद पवार ने अब साफ कर दिया है कि वो बीजेपी के साथ गए लोगों को साथ नहीं ले सकते। उन्होंने पिंपरी-चिंचवड में कार्यकर्ताओं की एक मीटिंग में ये बात कही। उन्होंने ये भी कहा कि अगर कोई सत्ता के लिए बीजेपी के साथ जाने की बात करता है, तो ये राष्ट्रवादी कांग्रेस का विचार नहीं है।</p>
<p><strong>शरद पवार ने क्या कहा?</strong><br />शरद पवार ने पिंपरी-चिंचवड में एनसीपी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पार्टी के एक होने पर बात की। उन्होंने कहा कि सबको साथ लेने में कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन सब का मतलब क्या है? सब का मतलब गांधी, नेहरू, चव्हाण, फुले, शाहू और आंबेडकर के विचारों को मानने वाले लोग हैं, तो उन्हें ये मंजूर है। उन्होंने अजित पवार का नाम लिए बिना उन पर निशाना साधा जो उनके नेतृत्व में सरकार में शामिल हुए हैं।</p>
<p><strong>भतीजे के लिए शरद पवार ने किया इस शब्द का इस्तेमाल</strong><br />शरद पवार ने अजित पवार के लिए संधीसाधू शब्द का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि अगर कोई सत्ता के लिए बीजेपी के साथ जाकर बैठता है, तो ये उनकी पार्टी का विचार नहीं है। आप किसी से भी संबंध रखें, लेकिन बीजेपी से संबंध विचारों में नहीं हो सकता। हमें अवसरवादी राजनीति को बढ़ावा नहीं देना है। हमें उसी दिशा में कदम उठाने हैं। जब शरद पवार ने अजित पवार की एनसीपी के साथ जाने से इनकार कर दिया, तो अजित पवार से इस बारे में पूछा गया। उन्होंने जवाब दिया कि हर किसी को अपनी राय रखने का अधिकार है। उन्होंने एक वाक्य में जवाब देकर बात खत्म कर दी। शरद पवार ने साफ कहा है कि वो बीजेपी के साथ गए लोगों को वापस नहीं लेंगे। उन्होंने पिंपरी-चिंचवड में कार्यकर्ताओं से बात करते हुए ये बात कही। इसका मतलब है कि शरद पवार और अजित पवार के बीच सुलह की उम्मीद कम है।</p>
<p><strong>शरद पवार का मैसेज साफ</strong><br />शरद पवार का ये बयान एनसीपी के कार्यकर्ताओं के लिए एक बड़ा संदेश है। उन्होंने साफ कर दिया है कि पार्टी की विचारधारा उनके लिए सबसे ज्यादा जरूरी है और वो इससे समझौता नहीं करेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 18 Jun 2025 11:48:03 +0530</pubDate>
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                <title> पुलिस-जनता के बीच बनेगा समन्वय : 21 जून से शुरू होगा हॉफ-पिच क्रिकेट टूर्नामेंटबीट कांस्टेबल के नेतृत्व में हर थाने से बनेगी 24-24 टीम</title>
                                    <description><![CDATA[ सामाजिक समरसता और सांप्रदायिक सद्भाव कायम करने और पुलिस-आमजन के बीच बेहतर समन्वय बनाने के लिए जयपुर कमिश्नरेट की नॉर्थ जिला पुलिस के द्वारा हॉफ-पिच क्रिकेट टूर्नामेंट हीरो कप 21 जून से शुरू किया जाएगा। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/police-public-coordination-will-be-made-half-pitch-cricket-tournament-will-start/article-12442"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/police-p.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जयपुर।</strong> सामाजिक समरसता और सांप्रदायिक सद्भाव कायम करने और पुलिस-आमजन के बीच बेहतर समन्वय बनाने के लिए जयपुर कमिश्नरेट की नॉर्थ जिला पुलिस के द्वारा हॉफ-पिच क्रिकेट टूर्नामेंट हीरो कप 21 जून से शुरू किया जाएगा। टूर्नामेंट में नॉर्थ जिले के सभी पुलिस थानों की 24-24 टीमें बनाई जाएगी, ताकि थाने के सभी मोहल्लों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके। यह टीमे बीट प्रभारी के नेतृत्व में बनेगी, जिनमें 18 से 35 साल के युवा शामिल होंगे। इन टीमों के शुरुआती मैच गली, मोहल्ले और पार्क में होंगे। यह सभी मैच नॉकआउट होंगे। उसके बाद इन टीमों से थाने की एक सर्वश्रेष्ट विजेता टीम चुनी जाएगी। फिर सभी 14 पुलिस थानों की 1-1 विजेता टीम और 2 टीमें पुलिस उपायुक्त कार्यालय एवं सहायक पुलिस आयुक्त कार्यालय की होगी। इन दोनों टीमों में पुलिस अधिकारी और कांस्टेबल शामिल होंगे, जिनके मैच थाने की टीमों के साथ होंगे। इस प्रकार 16 टीमों में पुन: आपसी मुकाबला बड़े मैदान में होगा। सभी मैच के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी को पुरुस्कृत किया जाएगा। विजेता टीम को ट्रॉफी मिलेगी। गुरुवार को क्रिकेट टूर्नामेंट के लोगो का विमोचन किया गया। टूर्नामेन्ट का फाइनल मैच तीन जुलाई को होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Jun 2022 15:26:16 +0530</pubDate>
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