<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/beautiful/tag-24748" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>beautiful - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/24748/rss</link>
                <description>beautiful RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मैं चंबल गार्डन हूं... कभी कोटा का दिल था, आज टूटे सपनों का मंजर हूं मैं, क्या फिर लौटेंगे मेरे सुनहरे दिन?</title>
                                    <description><![CDATA[कभी मेरी हरियाली, लक्ष्मण झूला और चंबल की लहरें लोगों को मोह लेती थीं ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/i-am-chambal-garden----i-was-once-the-heart-of-kota--today--i-am-a-scene-of-shattered-dreams--will-my-golden-days-ever-return/article-160210"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/1200-x-600-px)-(1)65.png" alt=""></a><br /><p>कोटा । मैं चंबल गार्डन हूं । कभी कोटा का दिल था,आज टूटे सपनों का मंजर हूं मैं । इसीलिए आज मैं अपनी ही बदहाली की कहानी सुनाने जा रहा हूं। आज मेरी हालत उस घायल व्यक्ति जैसी हो गई है, जो सड़क दुर्घटना के बाद अस्पताल के बिस्तर पर इलाज का इंतजार कर रहा हो। फर्क सिर्फ इतना है कि उस मरीज के पास डॉक्टर पहुंच जाते हैं, लेकिन मुझे अब तक कोई ऐसा डॉक्टर नहीं मिला जो मेरी टूटी हुई खूबसूरती को फिर से संवार सके। एक समय था जब कोटा आने वाला हर पर्यटक कहता था कि यदि चंबल गार्डन नहीं देखा तो मानो कोटा देखा ही नहीं। परिवार, बच्चे, बुजुर्ग, नवविवाहित जोड़े और दूर-दराज से आने वाले पर्यटक सबसे पहले मेरी ओर ही कदम बढ़ाते थे। मेरी हरियाली, रंग-बिरंगे फूल, सजे हुए लॉन, ठंडी हवाएं और मेरे पास से बहती चंबल नदी हर किसी का मन मोह लेती थी। मेरे किनारे बहती चंबल नदी मेरी सबसे बड़ी पहचान रही है। नदी की कल-कल करती लहरें और शाम के समय पड़ती सुनहरी किरणें मेरी सुंदरता में चार चांद लगा देती थीं। लोग घंटों बैठकर इस नजारे को अपनी आंखों में कैद करते थे। बच्चों की खिलखिलाहट, बुजुर्गों की सैर और परिवारों की हंसी मेरे अस्तित्व की सबसे बड़ी ताकत थी। </p>
<p>फिर बात आती थी मेरे सबसे खास आकर्षण लक्ष्मण झूले की। जब उस पर कोई चलता था तो उसे हरिद्वार की याद आ जाती थी। हवा के साथ झूले का हल्का कंपन लोगों के चेहरे पर रोमांच और खुशी ले आता था। कितने ही पर्यटक यहां फोटो खिंचवाकर अपने सफर को यादगार बनाते थे। यह झूला केवल लोहे और तारों का पुल नहीं था, बल्कि मेरी पहचान का सबसे मजबूत प्रतीक था। मेरे म्यूजिक सिस्टम की मधुर धुनें भी लोगों को अपनी ओर खींचती थीं। शाम ढलते ही जब संगीत की स्वर लहरियां वातावरण में गूंजती थीं तो लगता था जैसे पूरा गार्डन जीवंत हो उठा हो। बच्चे दौड़ते थे, युवा तस्वीरें लेते थे और बुजुर्ग सुकून के पल बिताते थे। मेरे फव्वारे, सुंदर कुंज, बैठने की जगहें और सजे-संवरे रास्ते लोगों को घंटों रोक लेते थे।</p>
<p><strong>आज मेरी बदहाली देखकर हर कोई हो जाता है मायूस</strong><br />आज मेरी हालत ऐसी हो गई है कि जो लोग मुझे देखने आते हैं, वे मेरी सुंदरता की नहीं, बल्कि मेरी दुर्दशा की चर्चा करते हैं। उनके सवाल मुझे चीर देते है। मैं उनकी आंखों में निराशा साफ देखता हूं। कितनी ही फिल्मों, एल्बमों, प्री-वेडिंग शूट और पारिवारिक तस्वीरों का मैं गवाह रहा हूं। कितने ही बच्चों ने मेरे आंगन में दौड़ना सीखा और कितने ही परिवारों ने यहां अपने जीवन के खूबसूरत पल बिताए।</p>
<p><strong>अब मुझे नया जीवन चाहिए, ताकि फिर लौटे मेरी पुरानी रौनक</strong><br />आज सिर्फ मरम्मत नहीं, बल्कि नए जीवन की जरूरत है। जैसे किसी गंभीर घायल मरीज को अनुभवी डॉक्टर, बेहतर इलाज और देखभाल की आवश्यकता होती है, वैसे ही मुझे भी संवेदनशील योजना, नियमित रखरखाव और आधुनिक सुविधाओं की जरूरत है। यदि समय रहते मेरा उपचार नहीं हुआ तो आने वाली पीढ़ियां केवल मेरी पुरानी तस्वीरें देखकर ही अंदाजा लगा पाएंगी कि कभी मैं कितना सुंदर हुआ करता था। मैं प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और शहरवासियों से सिर्फ इतना कहना चाहता हूं कि मुझे फिर से वही पहचान लौटा दीजिए। मेरी हरियाली फिर महके, मेरे रास्ते फिर मुस्कुराएं, मेरा लक्ष्मण झूला फिर रोमांच जगाए, मेरे संगीत की धुनें फिर गूंजें और चंबल नदी के किनारे फिर परिवारों की हंसी सुनाई दे। मैं आज भी उसी चंबल नदी के किनारे खड़ा हूं, लेकिन अब मेरी आंखें उस दिन का इंतजार कर रही हैं जब कोई मेरी ओर देखकर यह नहीं कहेगा कि यह गार्डन बदहाल हो गया है, बल्कि गर्व से कहेगा—यही है कोटा का चंबल गार्डन... हाड़ौती की धड़कन, शहर की असली पहचान और हर पर्यटक की पहली पसंद।</p>
<p><strong>पर्यटकों की जुबानी: चंबल गार्डन को फिर चाहिए नई पहचान</strong><br />बचपन से चंबल गार्डन को देखता आया हूं। पहले यहां परिवार के साथ पूरा दिन निकल जाता था। हरियाली, संगीत, फव्वारे और लक्ष्मण झूला इसकी खास पहचान थे। अब यहां पहले जैसी रौनक नजर नहीं आती। अगर इसका आधुनिक तरीके से पुनर्विकास हो जाए तो यह फिर से कोटा का सबसे बड़ा पर्यटन केंद्र बन सकता है।<br /><strong>-माेहित गौतम, निवासी नांता, कोटा</strong></p>
<p>जब भी हमारे रिश्तेदार बाहर से आते थे तो सबसे पहले उन्हें चंबल गार्डन घुमाने लेकर जाते थे। लेकिन अब उन्हें यहां लाकर वैसी खुशी महसूस नहीं होती जैसी पहले होती थी। यह सिर्फ एक पार्क नहीं, बल्कि कोटा की पहचान है। प्रशासन को इसकी सुंदरता लौटाने के लिए प्राथमिकता से काम करना चाहिए।<br /><strong>-स्वाति जैन, निवासी सरस्वती कॉलोनी, कोटा</strong></p>
<p>हम बचपन में कई बार पिकनिक मनाने चंबल गार्डन आते थे। उस समय यहां की खूबसूरती देखते ही बनती थी। लंबे समय बाद दोबारा आया तो काफी बदलाव की उम्मीद थी, लेकिन बदहाली देखकर निराशा हुई। अगर इसे अच्छी तरह विकसित किया जाए तो बूंदी और आसपास के जिलों के लोग भी बड़ी संख्या में यहां घूमने आएंगे।<br /><strong>-प्रदीप मेघवाल, निवासी बूंदी</strong></p>
<p>सोशल मीडिया और लोगों से चंबल गार्डन की बहुत तारीफ सुनी थी, इसलिए परिवार के साथ घूमने आई हू। चंबल नदी का प्राकृतिक सौंदर्य आज भी आकर्षित करता है, लेकिन गार्डन वेसा बिल्कुल नहीं जैसा सुना और बताया गया था। यह जगह राष्ट्रीय स्तर का पर्यटन स्थल बनने की क्षमता रखती है। यदि सुविधाएं और सौंदर्यीकरण बेहतर हो जाए तो मध्यप्रदेश से भी बड़ी संख्या में पर्यटक यहां आएंगे।<br /><strong>-मुस्कान, निवासी मध्यप्रदेश</strong></p>
<p><strong>इनका कहना</strong><br />यहां कार्यभार संभाले करीब ढाई वर्ष हो चुके हैं। इस दौरान उन्होंने कई बार उच्च अधिकारियों को गार्डन की जर्जर होती स्थिति, रखरखाव की कमी और आवश्यक मरम्मत कार्यों के संबंध में अवगत कराया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। सभी महत्वपूर्ण फैसले उच्च अधिकारियों के स्तर से ही होते हैं। ऐसे में हम चाहकर भी अपनी ओर से कोई बड़ा कदम उठाने में असमर्थ हैं। हांलाकि हमारे द्वारा ढाई साल के अंदर यहां पर कोई विकास कार्य नहीं किया गया, यह भी सत्य है।<br /><strong>-गोविंद दिलावर, अधीक्षक चंबल गार्डन</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/i-am-chambal-garden----i-was-once-the-heart-of-kota--today--i-am-a-scene-of-shattered-dreams--will-my-golden-days-ever-return/article-160210</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/i-am-chambal-garden----i-was-once-the-heart-of-kota--today--i-am-a-scene-of-shattered-dreams--will-my-golden-days-ever-return/article-160210</guid>
                <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 15:01:04 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-07/1200-x-600-px%29-%281%2965.png"                         length="1549081"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> विश्व पर्यटन दिवस आज : टूर ऑपरेटर्स के प्लान में शामिल नहीं होने से नहीं बढ़ पा रहा विदेशी पर्यटकों का ग्राफ</title>
                                    <description><![CDATA[2025 में अभी तक साढ़े छह लाख पर्यटक शहर में आए। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/world-tourism-day-today--foreign-tourists-are-not-increasing-due-to-tour-operators-not-being-included-in-their-plans/article-128059"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/copy-of-news45.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। चंबल नदी के किनारे व प्राकृतिक सौन्दर्य से भरपूर शहर में चंबल रिवर फ्रंट, ऑक्सीजोन सिटी पार्क, आच्छादित दुर्लभ भीतरिया कुंड, अनोखी अधर शिला, किशोर सागर के गहरे तालाब में खड़ा जगमंदिर, चंबल की कराइयों के बीच बसा गरड़िया महादेव, और शहर के बीच स्थित राजकीय संग्रहालय व मुकुंदरा हिल्स नेशनल पार्क तथा रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व सहित शहर में एक दर्जन से अधिक ऐतिहासिक व सौन्दर्य स्थल होने के बावजूद भी शहर में विदेशी पर्यटकों की संख्या नहीं बढ़ पा रही है। शहर में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हर तरह से सौन्दर्यीकरण किया गया। जिसमें मुकुंदरा को टाइगर रिजर्व के रूप में विकसित किया गया। विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए चंबल रिवर फ्रंट और आॅक्सीजोन सिटी पार्क विकसित किए गए। इनको बने करीब दो वर्ष हो चुके हैं, पर अभी तक शहर में विदेशी पर्यटकों की संख्या के ग्राफ को हम नहीं बढ़ा पाए। शहर में वर्ष 2023 में विदेशी पर्यटक 705, वर्ष 2024 में 1107 व 2025 में अगस्त तक 499 पर्यटक आए। वहीं देशी पर्यटकों में वर्ष 2023 में करीब साढ़े नौ लाख, 2024 में दस लाख व 2025 में अभी तक साढ़े छह लाख पर्यटक शहर में आए। कोटा में जब भी पर्यटकों की संभावना की बात होती है तो कहा जाता है एयरपोर्ट नहीं होना सबसे बड़ी कमी है। कोटा पर्यटन विभाग के अधिकारियों से मिले आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2023 से लेकर अगस्त 2025 तक कोटा में कुल 2311 विदेशी पर्यटक आए।</p>
<p>मैं हिन्दुस्तान को पसन्द करती हूं, इंडिया आ चुकी हूं, काफी सुन्दर है। पुष्कर और वृन्दावन तो मैं कई कई दिन रुकी हूं। कोटा नहीं देखा है। मौका मिला तो आउंगी। आई लाइक इंडिया। <br /><strong>- स्टेला मेकरूफ, फ्रांसिसी पर्यटक नाइस </strong></p>
<p>टूर आॅपरेटर्स ने अपने टूर प्लान में बूंदी व जयपुर को शामिल कर रखा है, जिसके चलते शहर में खूबसूरत इमारतें होने के बावजूद भी बहुत ही कम तादाद में विदेशी पर्यटक आते हैं।<br /><strong>- अख्तर हुसैन रेलवे कॉलोनी कोटा </strong></p>
<p>शहर में विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ाने के लिए आगामी जनवरी में हाड़ौती ट्रैवल मार्ट का आयोजन किया जा रहा है, जिसके लिए अभी से ही टूर आॅपरेटर्स सहित अन्य लोगों से संपर्क किया जा रहा है।<br /><strong>- अशोक माहेश्वरी, महासचिव व्यापार संघ</strong></p>
<p>शहर में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हमने दशहरा मेले को विभिन्न आॅनलाइन प्लेटफार्म पर लाया है। साथ ही गरड़िया महादेव को जापान व फ्रांस के ट्रैवल मार्ट में प्रदर्शित किया है। साथ ही विभाग के सोशल मीडिया पेज पर समय-समय पर शहर की ऐतिहासिक जानकारी अपडेट करते हैं।<br /><strong>- संदीप श्रीवास्तव, सहायक निदेशक पर्यटन, कोटा</strong></p>
<p>शहर में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए शहर में सिटी पार्क, आॅक्सीजोन पार्क सहित अन्य विभिन्न स्थान हैं। साथ ही शहर में ट्रैवल मार्ट का आयोजन किया जा रहा है, जिससे शहर में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। शहर में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विश्व पर्यटन दिवस पर विभिन्न आयोजन आयोजित होंगे। साथ ही हमारा मार्केटिंग विभाग भी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए काम कर रहा है।<br /><strong>-विकास पांड्या, डायरेक्टर टूरिज्म विभाग</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/world-tourism-day-today--foreign-tourists-are-not-increasing-due-to-tour-operators-not-being-included-in-their-plans/article-128059</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/world-tourism-day-today--foreign-tourists-are-not-increasing-due-to-tour-operators-not-being-included-in-their-plans/article-128059</guid>
                <pubDate>Sat, 27 Sep 2025 17:00:05 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-09/copy-of-news45.png"                         length="649459"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वर्ल्ड पॉपुलेशन डे: जिंदगी खूबसूरत है, लेकिन जब ये बोझ बन जाए तो!</title>
                                    <description><![CDATA[सोचने पर मजबूर है दुनियां दानिश, जिंदगी तेरा वजूद क्या, आबाद है देश वही जो बढ़ती आबादी का ख्याल रखे। जनसंख्या पर नियंत्रण या घटते हुए संसाधनों पर चिंता करने से क्या ये सवाल, ये समस्या हल हो जाएगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/world-population-day-life-is-beautiful-but-when-it-becomes/article-14020"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/world-population-new.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जयपुर।</strong> सोचने पर मजबूर है दुनियां दानिश, जिंदगी तेरा वजूद क्या, आबाद है देश वही जो बढ़ती आबादी का ख्याल रखे। जनसंख्या पर नियंत्रण या घटते हुए संसाधनों पर चिंता करने से क्या ये सवाल, ये समस्या हल हो जाएगी। समय-समय पर ये सवाल उठता रहा है, जिन्हें फिल्मों ने अपने तरीके से आम लोगों के सामने रखा। आज हम ऐसी ही कुछ फिल्मों का जिक्र करेंगे, जो परिवार  के माध्यम से देश को जागरूक करती हैं।</p>
<p><strong>दंगल:</strong> ये फिल्म इस सोच का खंडन करती है कि बेटे की चाहत में बेटियां पैदा करते जाओ क्योंकि बेटा न हुआ तो वंश, नाम खत्म हो जाएगा। बेटियां भी ये काम गर्व के साथ कर सकती हैं।</p>
<p><strong>परिवार:</strong> बढ़ते परिवार का बोझ जब बढ़ता जाता है तो इंसान टूट जाता है। सीमित परिवार ही सुखी परिवार होता है, उसे रोकने के लिए जो भी कदम उठाने पड़े उठाने चाहिए।</p>
<p><strong>पिया का घर:</strong> ये फिल्म भी छोटे घरों में बड़े परिवार की समस्या को उजागर करती है। अपनी इच्छाओं को मार के जीना भी कोई जीना है। परिवार छोटा तो देश का हर परिवार सुखी।</p>
<p><strong>जल: </strong> पानी की समस्या और पर्यावरण को बढ़ती हुई आबादी की दुविधा से जोड़ के दर्शाती है ।</p>
<p><strong>कड़वी हवा:</strong> आबादी और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के बीच असंतुलन के दुष्प्रभाव ये फिल्म दिखाती है।</p>
<p><strong>कृष 3:</strong> ये फिल्म वायरस और घनी आबादी वाले देशों में होने वाले भयंकर दुष्परिणामों पर इसके पड़ने वाले सीधे असर को दिखाती है, जो हमने कोरोना काल में भी देखा कि घनी आबादी के बीच कोई भी महामारी कितनी आसानी से फैलती है और किस तरह पूरा देश श्मशान घाट बन जाता है। वर्ल्ड पॉपुलेशन डे इसलिए बनाया जाता है कि इसकी गंभीरता को लोग समझे, जागरूक हो और अपनी सेहत, भविष्य व देश की खुशहाली का ख्याल रखे।</p>
<p>ऐसी कुछ और भी हैं फिल्में ताकि लोग ये समझे के ‘बच्चे एक या दो ही अच्छे’, इसलिए कई फिल्में हेलमेट, छतरी, पोस्टर बॉयज और जन हित में जारी, जागरूक करती हैं, हर उम्र के आदमी-औरत को कि कंडोम खरीदना या उसका उपयोग करना गलत या शर्म की बात नहीं है बल्कि अपने परिवार, अपने समाज, अपने देश के प्रति जिम्मेदारी है, जिसे उठाकर हर देशवासी देश के लिए, दुनिया के लिए, अपना योगदान करे तो ये दुनिया खूबसूरत और बहुत अच्छी बन सकती है, जहां हर जीवन, भुखमरी, बेरोजगारी, लाचारी और बेगारी से निजात पा सकता है। शुरुआत कहीं से भी हो, होगी तो ही बदलाव आएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/world-population-day-life-is-beautiful-but-when-it-becomes/article-14020</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/world-population-day-life-is-beautiful-but-when-it-becomes/article-14020</guid>
                <pubDate>Sun, 10 Jul 2022 15:24:31 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-07/world-population-new.jpg"                         length="157768"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>खुद को खूबसूरत बनाए रखती है काजोल </title>
                                    <description><![CDATA[ काजोल आज एक फैशन सेंसेशन बन चुकी हैं। वेस्टर्न से लेकर ट्रेडिशनल तक हर अंदाज में वो कमाल लगती हैं। इसके अलावा काजोल अपनी खूबसूरत और यंग स्किन को लेकर भी महिलाओं के लिए इंस्पिरेशन बनी हुई हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/movie-fun/kajol-keeps-herself-beautiful/article-12454"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/k-1.jpg" alt=""></a><br /><p>चुलबुली, नटखट और बेहतरीन अदाकारा काजोल अपनी अदाओं और खूबसूरती के लिए जानी जाती हैं। उनकी हर अदा के करोड़ों दीवाने हैं। काजोल आज एक फैशन सेंसेशन बन चुकी हैं। वेस्टर्न से लेकर ट्रेडिशनल तक हर अंदाज में वो कमाल लगती हैं। इसके अलावा काजोल अपनी खूबसूरत और यंग स्किन को लेकर भी महिलाओं के लिए इंस्पिरेशन बनी हुई हैं। उनकी खूबसूरत और  खिली त्वचा का राज जानने के लिए महिलाएं भी बेकरार रहती हैं। काजोल अपनी त्वचा का ख्याल रखने के लिए बहुत आसान स्किन केयर रूटीन फॉलो करती हैं जिसे कोई भी महिला फॉलो कर सकती है। <br />उम्र बढ़ने पर त्वचा से जुड़ी समस्याएं होने लगती हैं क्योंकि एक उम्र के बाद नए स्किन सेल्स बनना बंद हो जाते हैं। बेहतर यही है कि शुरू से ही त्वचा का ही ख्याल रखा जाए। काजोल ने एक इंटरव्यू में बताया था कि वह पहले अपनी त्वचा का उतना ध्यान नहीं रखती थीं लेकिन बाद में उन्हें समझ आया कि सेहत के  साथ त्वचा पर ध्यान देना भी बेहद जरूरी है।<br />त्वचा को साफ रखना बेहद जरूरी है, इसके लिए सीटीएम बेस्ट है। सीटीएम का मतलब है क्लीन्जिंग, टोनिंग और मॉइस्चराइजिंग। इससे चेहरा ना सिर्फ साफ रहेगा बल्कि कई तरह की समस्याएं भी त्वचा से दूर रहेंगी। काजोल दिन में दो बार चेहरा जरूरी साफ करती हैं ताकि स्किन पोर्स खुले रहें और त्वचा सांस ले सके।</p>
<p>बॉडी को टॉक्सिन फ्री करने और चेहरे के ग्लो को बरकरार रखने के लिए दिन में कम से कम 8 ग्लास पानी जरूर पीना चाहिए। काजोल भी हाइड्रेशन का खास ख्याल रखती हैं। इसके अलावा वो ऐसी चीजें भी लेती हैं जिनसे पानी की पूर्ति हो सके।<br />कहीं भी बाहर जाने से पहले काजोल सनस्क्रीन लगाना नहीं भूलती हैं। यह ना सिर्फ सूरज की हानिकारक किरणों से बचाता है बल्कि वातावरण में मौजूद और कई चीजों से भी त्वचा को होने वाले नुकसान से बचाता है। काजोल कभी भी सनस्क्रीन लगाना नहीं भूलती काजोल वर्कआउट की जगह डांस और कार्डियो करना पसंद करती हैं। ऐसा करने से उनकी बॉडी फिट रहती है बल्कि उन्हें तनाव को कम करने में भी मदद मिलती है। यह उनकी त्वचा को भी स्वस्थ बनाए रखता है।<br /><br /><br /><br /><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मूवी-मस्ती</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/movie-fun/kajol-keeps-herself-beautiful/article-12454</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/movie-fun/kajol-keeps-herself-beautiful/article-12454</guid>
                <pubDate>Fri, 17 Jun 2022 15:35:27 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-06/k-1.jpg"                         length="36404"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        