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                <title>representation - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>मतदाता अधिकारों पर कांग्रेस का बड़ा बयान, वोटिंग को  मौलिक अधिकार का दर्जा देने की मांग </title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने 'मतदान के अधिकार' को वैधानिक के बजाय मौलिक अधिकार बनाने की वकालत की। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि इससे मतदाताओं को सर्वोच्च संवैधानिक और न्यायिक संरक्षण मिलेगा, जिससे मनमाने ढंग से अयोग्य ठहराने और मतदाता दमन जैसी कोशिशों पर रोक लगेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/congresss-big-statement-on-voter-rights-advocating-for-making-voting/article-157658"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/jairam-ramesh-2-(2).png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस ने मतदान के अधिकार को मौलिक अधिकार का दर्जा देने की मांग करते हुए रविवार को कहा कि इससे इस अधिकार को सर्वोच्च स्तर का संवैधानिक और न्यायिक संरक्षण प्राप्त होगा। कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने सोशल मीडिया 'एक्स' पर एक बयान में कहा कि भारत में मतदान का अधिकार फिलहाल मौलिक नहीं बल्कि वैधानिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 326 में सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार का प्रावधान किया गया है जबकि मतदान की व्यवस्था जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 और 1951 के तहत संचालित होती है।</p>
<p>रमेश ने कहा कि पिछले सात दशकों से इस बात पर बहस जारी है कि मतदान का अधिकार केवल वैधानिक अधिकार है अथवा इसे मौलिक अधिकार का दर्जा मिलना चाहिए। उन्होंने मार्च 2023 में 'अनूप बरनवाल बनाम भारत संघ' मामले में न्यायमूर्ति अजय रस्तोगी के असहमति वाले फैसले का उल्लेख करते हुए कहा कि उसमें मतदान के अधिकार को मौलिक अधिकार माना गया था। उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय मतदाताओं को उम्मीदवारों के आपराधिक मामलों, वित्तीय हितों और राजनीतिक चंदे के स्रोतों के बारे में जानने के अधिकार, मतपत्र की गोपनीयता तथा 'नोटा' के माध्यम से सभी उम्मीदवारों को अस्वीकार करने के अधिकार को मान्यता दे चुका है। ऐसे में मतदान के अधिकार को केवल वैधानिक अधिकार बने रहना विसंगति है।</p>
<p>कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि मतदान के अधिकार को मौलिक अधिकार का दर्जा दिए जाने से मतदाता दमन अथवा मनमाने ढंग से अयोग्य ठहराए जाने जैसे मामलों के खिलाफ अधिक प्रभावी संवैधानिक सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 21 Jun 2026 17:45:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>राजस्थान राज्यसभा चुनाव : भाजपा ने किया उम्मीदवारों के नामों का ऐलान ; सतीश पूनिया और अलका गुर्जर को बनाया प्रत्याशी, 18 जून को होंगे चुनाव</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान की 3 राज्यसभा सीटों के लिए भाजपा ने सतीश पुनिया और अलका गुर्जर के नामों की घोषणा कर दी है। 18 जून को होने वाले मतदान के लिए नामांकन 8 जून तक भरे जाएंगे। रवनीत सिंह बिट्टू, राजेंद्र गहलोत और नीरज डांगी का कार्यकाल समाप्त होने से ये सीटें खाली हो रही हैं, लेकिन कांग्रेस ने अभी पत्ता नहीं खोला है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/bjp-announced-the-names-of-candidates-for-rajasthan-rajya-sabha/article-156020"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/rajya-sabha-election.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान की 3 सीटों के लिए होने वाले राज्यसभा चुनाव में भाजपा ने सतीश पुनिया और अलका गुर्जर के नामों की घोषणा कर दी हैं।  फिलहाल, अभी तक कांग्रेस की ओर से किसी भी प्रत्याशी के नाम की घोषणा नहीं हुई है, जो कि एक संशय को विषय है। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरूण सिंह ने इन दोनों के नामों की घो​षणा की। राज्यसभा की 3 सीटों के लिए 18 जून को मतदान होगा। इसके लिए 8 जून तक नामांकन पत्र दाखिल किए जाएंगे।</p>
<p>राजस्थान से राज्यसभा की तीन सीटें खाली होने जा रही हैं। केंद्रीय मंत्री Ravneet Singh Bittu, Rajendra Gehlot और कांग्रेस नेता Neeraj Dangi का कार्यकाल समाप्त होने के चलते ये सीटें रिक्त होंगी।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 18:22:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>FIFA World Cup में इतिहास रचने उतरेंगे भारतीय मूल के ये खिलाड़ी, जानें कौन किस टीम के​ लिए खेलेगा ?</title>
                                    <description><![CDATA[फीफा विश्व कप 2026 में भले ही टीम इंडिया न हो, लेकिन भारतीय मूल के चार खिलाड़ी अलग-अलग देशों से खेलते नजर आएंगे। कतर से तहसीन जमशीद, न्यूजीलैंड से सरप्रीत सिंह, कांगो से सैमुअल मुतुसामी और ऑस्ट्रेलिया से निशान वेलुपिल्ले इस 48 टीमों के महाकुंभ में भारतीय फैंस के उत्साह को दोगुना करेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/these-players-of-indian-origin-will-create-history-in-fifa/article-155962"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/fifa-world-cup-2026.png" alt=""></a><br /><p> <br />नई दिल्ली। फीफा विश्व कप 2026 में भले ही भारतीय फुटबॉल टीम हिस्सा नहीं ले रही हो, लेकिन भारतीय मूल के चार खिलाड़ी दुनिया के सबसे बड़े फुटबॉल मंच पर अपनी चमक बिखेरते नजर आ सकते हैं। सूत्रों के अनुसार इस बार टूर्नामेंट में 48 टीमें हिस्सा ले रही हैं और भारतीय फैंस की नजर खासतौर पर इन खिलाड़ियों पर रहेगी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कतर की टीम में केरल मूल के 19 वर्षीय विंगर तहसीन जमशीद को प्रारंभिक टीम में जगह मिली है। उनके अंतिम टीम में चयन की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं, न्यूजीलैंड की ओर से पंजाब मूल के सरप्रीत सिंह मैदान में उतरेंगे।</p>
<p>डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो की टीम में तमिल मूल के सैमुअल मुतुसामी शामिल हैं। इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया की टीम में भारतीय मूल के निशान वेलुपिल्ले भी खेलते नजर आएंगे। भारतीय मूल के खिलाड़ियों की मौजूदगी से भारतीय फुटबॉल प्रेमियों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 14:22:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महाराष्ट्र विधान परिषद के द्विवार्षिक चुनाव के लिए BJP ने की 10 उम्मीदवारों की घोषणा, 18 जून को होंगे मतदान</title>
                                    <description><![CDATA[भाजपा ने महाराष्ट्र विधान परिषद की स्थानीय निकाय सीटों के लिए 10 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी है। महायुति गठबंधन के तहत भाजपा 11, शिवसेना 4 और राकांपा 2 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। नागपुर उपचुनाव के लिए डॉ. राजीव पोतदार को टिकट दिया गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/bjp-announced-10-candidates-for-the-biennial-elections-of-maharashtra/article-155588"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/devendra-fadnavis.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने महाराष्ट्र विधान परिषद के द्विवार्षिक चुनाव के लिए रविवार देर रात 10 सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी। स्थानीय निकाय निर्वाचन क्षेत्रों से विधान परिषद की 16 सीटों के लिए 18 जून को चुनाव होना है। भाजपा ने नागपुर निर्वाचन क्षेत्र के उपचुनाव के लिए डॉ. राजीव पोतदार को भी उम्मीदवार बनाया है। पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति की रविवार को यहां हुई बैठक में इन नामों को मंजूरी दी गयी।</p>
<p>भाजपा 11 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जबकि सहयोगी दल शिवसेना चार और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) दो सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी। भाजपा की ओर से पूर्व मंत्री प्रवीण पोटे पाटिल को अमरावती सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। इसके अलावा अरुण लाखानी को वर्धा-चंद्रपुर-गढ़चिरौली, अविनाश ब्रह्मणकर को भंडारा-गोंदिया और पूर्व विधायक राजेंद्र राऊत को सोलापुर सीट से मैदान में उतारा गया है।</p>
<p>धैर्यशील कदम को सांगली-सतारा सीट से, प्राजक्त तनपुरे को अहिल्यानगर से, सुहास शिरसाट को छत्रपति संभाजीनगर-जालना से, अमर राजूरकर को नांदेड़ से, बसवराज पाटिल को धाराशिव-लातूर-बीड से और नंदकिशोर महाजन को जलगांव से उम्मीदवार बनाया गया है। ये सभी सीटें विभिन्न क्षेत्रों में फैली हुई हैं और इनके लिए स्थानीय स्वशासन संस्थाओं के निर्वाचित प्रतिनिधि निर्वाचन मंडल का हिस्सा होते हैं।</p>
<p>नागपुर सीट रिक्त होने के बाद उपचुनाव कराया जा रहा है। यह सीट भाजपा नेता चंद्रशेखर बावनकुले के विधानसभा के लिए निर्वाचित होने के कारण खाली हुई थी। <br />भाजपा के लिए इन चुनावों में सफलता महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इससे बड़े शहरी क्षेत्रों के अलावा स्थानीय जनप्रतिनिधियों के बीच भी पार्टी के समर्थन का आकलन होगा। इस बीच, पार्टी सूत्रों के अनुसार बैठक के दौरान विभिन्न राज्यों से राज्यसभा चुनावों के लिए उम्मीदवारों के नामों पर भी चर्चा की गयी। बैठक प्रधानमंत्री आवास पर हुई थी और इसमें कई राज्यों के वरिष्ठ नेता भी आमंत्रित थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 01 Jun 2026 14:08:00 +0530</pubDate>
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                <title>आज होगा बंगाल में मंत्रिमंडल का विस्तार : 35 नए मंत्री लेंगे शपथ, जानें सीएम शुभेंदु ने अपनी कैबिनेट में किन्हें दी जगह?</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी सोमवार को मंत्रिमंडल का बड़ा विस्तार करेंगे, जिसमें 35 नए चेहरे शामिल होंगे। राजभवन में राज्यपाल आरएन रवि सुबह 11 बजे इन्हें शपथ दिलाएंगे। क्षेत्रीय संतुलन और जिलों के प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखकर गठित इस नए मंत्रिपरिषद की कुल संख्या 41 हो जाएगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/cabinet-will-be-expanded-in-bengal-today-35-new-ministers/article-155587"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/bengal-cm.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार सोमवार को मंत्रिमंडल का बड़ा विस्तार करने जा रही है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने घोषणा की है कि लोक भवन में 35 नये मंत्री शपथ लेंगे। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर कहा कि जनता द्वारा चुनी गयी राष्ट्रवादी सरकार का पूर्ण मंत्रिमंडल सोमवार को गठित होगा। राज्यपाल आरएन रवि सुबह 11 बजे मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। भाजपा ने हालिया विधानसभा चुनाव में 294 सदस्यीय सदन में 208 सीटें जीतकर पहली बार पश्चिम बंगाल में सरकार बनायी थी। मुख्यमंत्री अधिकारी ने नौ मई को शपथ ली थी। उस समय उनके साथ केवल पांच अन्य मंत्रियों को शामिल किया गया था और मंत्रियों की संख्या छह थी।</p>
<p>नये मंत्रियों के शामिल होने के बाद मंत्रिपरिषद की कुल संख्या 41 हो जाएगी, जो संवैधानिक सीमा के भीतर है। संविधान के अनुसार 294 सदस्यीय विधानसभा में मंत्रियों की अधिकतम संख्या 44 हो सकती है। सूत्रों के अनुसार मंत्रिमंडल विस्तार में देरी क्षेत्रीय संतुलन और विभिन्न जिलों के प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखते हुए की गयी। भाजपा नेतृत्व का मानना है कि पार्टी की चुनावी सफलता राज्य के लगभग हर ज़िले के समर्थन से मिली है, इसलिए अलग-अलग क्षेत्रों के प्रतिनिधियों को मंत्रिमंडल में समायोजित करने के प्रयास किये गये। राजनीतिक हलकों की नजर अब इस बात पर है कि किन विधायकों को मंत्रिमंडल में जगह मिलती है और महत्वपूर्ण विभाग किसे सौंपे जाते हैं। माना जा रहा है कि शपथ ग्रहण के तुरंत बाद विभागों का बंटवारा भी घोषित किया जा सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 01 Jun 2026 10:25:44 +0530</pubDate>
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                <title>पीडब्ल्यूवाला के छात्र संचीत पटेल अंतरराष्ट्रीय जूनियर साइंस ओलंपियाड में करेंगे भारत का प्रतिनिधित्व</title>
                                    <description><![CDATA[संचीत पटेल का चयन इंटरनेशनल जूनियर साइंस ओलंपियाड के लिए भारतीय टीम में हुआ। बुल्गारिया के सोफिया में आयोजित होने वाली इस वैश्विक प्रतियोगिता के लिए देश से केवल 6 सर्वश्रेष्ठ छात्र चुने गए । अलख पांडे ने संचीत को इस ऐतिहासिक गौरवपूर्ण उपलब्धि पर बधाई दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/sanchit-patel-student-of-pwwala-vidyapeeth-will-represent-india-in/article-155247"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1200-x-60-px)-(youtube-thumbnail)-(2)1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। शिक्षा कंपनी पीडब्ल्यूवाला के ऑफलाइन विद्यापीठ सेंटर के साथ-साथ ऑनलाइन कोर्सेज के छात्र, संचीत पटेल ने अपनी शानदार शैक्षणिक मेहनत और निरंतर समर्पण के दम पर आगामी इंटरनेशनल जूनियर साइंस ओलंपियाड के लिए भारतीय टीम में स्थान हासिल किया है। यह प्रतियोगिता इस वर्ष बुल्गारिया की राजधानी सोफिया में आयोजित की जाएगी। संचीत उन चुनिंदा छात्रों में शामिल हैं जिन्हें वैश्विक मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला है। राष्ट्रीय स्तर पर इस टीम में केवल 6 छात्रों का चयन किया जाता है।</p>
<p>संचीत की तैयारी का सफर लगातार सीखने, अभ्यास और कठिन परिश्रम से भरा रहा। उन्होंने शुरुआती फाउंडेशन बैचों से अपनी तैयारी शुरू की और धीरे-धीरे एडवांस्ड कॉन्सेप्ट क्लासेस, क्वालिफायर बैचों और इंटेंसिव ट्रेनिंग कैंप्स तक पहुँचे। लगातार बेहतर प्रदर्शन करते हुए उन्होंने चयन की सभी कठिन प्रक्रियाएँ सफलतापूर्वक पार कीं और आखिरकार टीम इंडिया में अपनी जगह बनाई। संचीत अपने परिवार से काफी प्रेरित रहे हैं। उनके पिता सशस्त्र बलों के पूर्व सैनिक हैं और उनकी माता गृहिणी हैं।</p>
<p>संचीत पटेल ने कहा, “राष्ट्रीय स्तर पर विज्ञान प्रतियोगिता में हिस्सा लेना चुनौतीपूर्ण होने के साथ-साथ बेहद प्रेरणादायक अनुभव भी रहा। फिज़िक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी जैसे विषयों को एक साथ संतुलित करना काफी मेहनत और एकाग्रता मांगता है। इस उपलब्धि का सबसे बड़ा श्रेय मैं अपने माता-पिता को देता हूँ, जिनके निरंतर समर्थन ने मुझे हमेशा प्रेरित किया। साथ ही मैं पीडब्ल्यू का भी दिल से धन्यवाद करता हूँ। शुरुआती बैचों से लेकर अंतिम कैंप तक शिक्षकों ने कठिन कॉन्सेप्ट्स को बेहद सरल तरीके से समझाया। उन्होंने मुझे आत्मविश्वास और गहरी समझ दी, जिसकी बदौलत मैं इस स्तर तक पहुँच सका।”</p>
<p>पीडब्ल्यू के संस्थापक एवं सीईओ,अलख पांडे ने कहा,“संचीत की सफलता इस बात का प्रमाण है कि सही मार्गदर्शन और मजबूत इरादों के साथ कोई भी छात्र बड़ी उपलब्धि हासिल कर सकता है। आईजेएसओ जैसे प्रतिष्ठित मंच तक पहुँचने के लिए जिस समर्पण और मेहनत की आवश्यकता होती है, संचीत ने उसे पूरी लगन से साबित किया है। हम उन्हें इस शानदार उपलब्धि के लिए बधाई देते हैं और वैश्विक मंच पर उनके उज्ज्वल प्रदर्शन की कामना करते हैं।”</p>
<p>जूनियर साइंस ओलंपियाड की चयन प्रक्रिया बेहद प्रतिस्पर्धी और चुनौतीपूर्ण होती है। इसकी शुरुआत नेशनल स्टैंडर्ड एग्ज़ामिनेशन इन जूनियर साइंस से होती है, जिसमें देशभर के हजारों छात्र हिस्सा लेते हैं। इसके बाद केवल लगभग 300–350 छात्रों का चयन अगले चरण इंडियन नेशनल जूनियर साइंस ओलंपियाड के लिए किया जाता है। इस स्तर पर गहन विश्लेषणात्मक क्षमता का परीक्षण होता है और अंततः लगभग 35 छात्र चुने जाते हैं। इसके बाद होमी भाभा सेंटर फॉर साइंस एजुकेशन द्वारा आयोजित ओरिएंटेशन-कम-सेलेक्शन कैंप में अंतिम चयन प्रक्रिया होती है, जहाँ से सिर्फ 4 से 6 छात्रों की टीम भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुनी जाती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 27 May 2026 16:51:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>'कॉकरोच जनता पार्टी' पर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर: सीबीआई जांच की मांग; उच्चतम न्यायालय का सुनवाई से इंकार, कहा- इतना भावुकता से न लें</title>
                                    <description><![CDATA[सुप्रीम कोर्ट ने "कॉकरोच जनता पार्टी" आंदोलन के खिलाफ सीबीआई जांच की मांग वाली याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की पीठ ने कहा कि इसे इतनी भावुकता से न लें। यह व्यंग्यात्मक सोशल मीडिया आंदोलन अदालत की एक टिप्पणी के बाद फर्जी वकीलों और डिग्रियों के विरोध में शुरू हुआ था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/petition-filed-in-supreme-court-on-cockroach-janata-party-demand/article-154971"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/cockroach1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने 'कॉकरोच जनता पार्टी' से जुड़े व्यक्तियों की गतिविधियों की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) जांच की मांग वाली याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। यह व्यंग्यात्मक सोशल मीडिया आंदोलन भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की हालिया "कॉकरोच" टिप्पणी के बाद उभरा था। याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए अधिवक्ता एन के गोस्वामी ने सोमवार को तर्क दिया कि "कॉकरोच जनता पार्टी" न्यायपालिका की छवि को नुकसान पहुंचा रही है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और वी एम पंचोली की पीठ ने जवाब देते हुए कहा, "इसे इतना भावुकता से न लें।"</p>
<p>एक अन्य अधिवक्ता ने दलील दी कि याचिकाकर्ता फर्जी कानून की डिग्रियों के मामले में सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं, साथ ही यह भी तर्क दिया कि अदालत में होने वाली बातचीत का व्यावसायिक रूप से दुरुपयोग नहीं किया जाना चाहिए। इस दलील पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्य न्यायाधीश ने कहा, "ऐसी कोई गंभीर आवश्यकता नहीं है। हम देखेंगे।" "कॉकरोच जनता पार्टी" इस महीने की शुरुआत में एक व्यंग्यात्मक ऑनलाइन आंदोलन के रूप में उभरी, जिसने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर, विशेष रूप से युवाओं के बीच लोकप्रियता हासिल की। इस आंदोलन की शुरुआत 15 मई को उच्चतम न्यायालय में हुई कार्यवाही से हुई, जिसमें मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने बेरोजगार युवा वकीलों के वकालत छोड़कर सोशल मीडिया और आरटीआई सक्रियता की ओर रुख करने पर चिंता व्यक्त की थी।</p>
<p>मुख्य न्यायाधीश ने टिप्पणी की थी, "ऐसे युवा तिलचट्टों की तरह हैं जिन्हें इस पेशे में रोजगार नहीं मिल रहा है। कुछ सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं, कुछ आरटीआई कार्यकर्ता बन गये हैं।" मुख्य न्यायाधीश ने बाद में स्पष्ट किया कि उनकी टिप्पणी फर्जी योग्यताओं और फर्जी डिग्रियों के माध्यम से पेशे में प्रवेश करने वाले व्यक्तियों पर लक्षित थी, न कि सामान्य रूप से बेरोजगार युवाओं पर।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 25 May 2026 18:10:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>दक्षिण एशिया राउंड टेबल में बोले टिम कर्टिस, यूनेस्को चेयर्स को बताया शिक्षा और नवाचार की सबसे बड़ी ताकत</title>
                                    <description><![CDATA[अमृता विश्व विद्यापीठम में आयोजित दो दिवसीय राउंड टेबल में यूनेस्को के क्षेत्रीय निदेशक टिम कर्टिस ने हिस्सा लिया। भारत, नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका के प्रतिनिधियों ने 'ट्रिपल प्लैनेटरी क्राइसिस' और नैतिक एआई जैसे नीतिगत विषयों पर चर्चा की। अमृता विश्वविद्यालय तीन यूनेस्को चेयर्स वाला भारत का एकमात्र संस्थान है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/speaking-at-the-south-asia-round-table-tim-curtis-called/article-154953"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1200-x-600-px4.png" alt=""></a><br /><p>केरल। यूनेस्को के दक्षिण एशिया क्षेत्रीय कार्यालय के निदेशक टिम कर्टिस ने अमृता विश्व विद्यापीठम में आयोजित दो दिवसीय राउंड टेबल के दौरान कहा कि यूनेस्को चेयर्स संगठन के वैश्विक नेटवर्क का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और नीति-स्तर की चर्चाओं को गहराई से प्रभावित करती हैं। इस कार्यक्रम में भारत, नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका से 22 से अधिक प्रतिनिधियों, यूनेस्को चेयरधारकों और शिक्षाविदों ने भाग लिया। चर्चाओं का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय शोध और सामुदायिक पहलों को यूनेस्को की 2026–2027 की प्राथमिकताओं के साथ जोड़ना था। प्रमुख विषयों में जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता में कमी और प्रदूषण जैसी “ट्रिपल प्लैनेटरी क्राइसिस”, डिजिटल परिवर्तन, नैतिक एआई, लैंगिक समानता और युवाओं की भागीदारी शामिल रहे।</p>
<p>कार्यक्रम में बांग्लादेश के लिए यूनेस्को प्रतिनिधि सुसान वाइज और नेपाल के लिए यूनेस्को प्रतिनिधि जैको डु टॉइट भी शामिल हुए। हाइब्रिड प्रारूप में आयोजित इस बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय की कुलाधिपति माता अमृतानंदमयी देवी से भी मुलाकात की। अमृता विश्व विद्यापीठम भारत का एकमात्र विश्वविद्यालय है, जहां तीन यूनेस्को चेयर्स स्थापित हैं—जेंडर इक्वैलिटी एंड वीमेन एम्पावरमेंट (डॉ.भवानी राव के नेतृत्व में), एक्सपीरिएंशियल लर्निंग फॉर सस्टेनेबल इनोवेशन एंड डेवलपमेंट (डॉ.मनीषा वी.रमेश के नेतृत्व में) और असिस्टिव टेक्नोलॉजीज़ इन एजुकेशन (डॉ.प्रेमा नेदुंगाडी के नेतृत्व में)</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 25 May 2026 12:28:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>ओबीसी की वंचित जातियों को राज्यसभा में प्रतिनिधित्व देने की मांग, कांग्रेस नेतृत्व को लिखा पत्र </title>
                                    <description><![CDATA[ओबीसी एडवाइजरी काउंसिल के सदस्य राजेंद्र सेन ने कांग्रेस नेतृत्व को पत्र भेजकर वंचित ओबीसी जातियों को राज्यसभा में अवसर देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सैन, सुनार, कुम्हार और दर्जी जैसे उपेक्षित समाजों को राजनीतिक भागीदारी मिलने से सामाजिक न्याय मजबूत होगा और आगामी चुनावों में पार्टी को बड़ा समर्थन मिलेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/letter-written-to-congress-leadership-demanding-representation-in-rajya-sabha/article-154662"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/rajendra-sen.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। ओबीसी एडवाइजरी काउंसिल सदस्य राजेन्द्र सेन ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेतृत्व को पत्र लिखकर ओबीसी वर्ग की वंचित जातियों को राज्यसभा में प्रतिनिधित्व देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी यदि उन ओबीसी जातियों को राजनीतिक भागीदारी देती है जिन्हें आज तक लोकसभा और विधानसभा में पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिला, तो इससे सामाजिक और राजनीतिक न्याय को मजबूती मिलेगी। राजेन्द्र सेन ने कहा कि राहुल गांधी द्वारा अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को भागीदारी देने का जो विजन रखा गया है, उसे धरातल पर उतारने के लिए वंचित ओबीसी समाजों को राज्यसभा में अवसर दिया जाना आवश्यक है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि प्रदेश और देश में कई मेहनतकश एवं सेवा आधारित ओबीसी समाज आज भी राजनीति में उपेक्षित हैं। उन्होंने अपने पत्र में सैन समाज, सुनार समाज, लुहार समाज, दर्जी समाज, जांगिड समाज, कुम्हार समाज, तेली समाज, कलाल समाज, रावणा राजपूत समाज एवं धाकड़ समाज सहित अनेक जातियों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन समाजों को आज तक विधानसभा और लोकसभा में पर्याप्त टिकट नहीं दिए गए हैं। इससे इन वर्गों में राजनीतिक भागीदारी की भावना कमजोर हुई है।</p>
<p>यदि कांग्रेस पार्टी इन वंचित ओबीसी समाजों से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय नेतृत्व को राज्यसभा में भेजती है, तो इससे इन समाजों में कांग्रेस के प्रति विश्वास मजबूत होगा तथा आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों में पार्टी को व्यापक समर्थन प्राप्त होगा। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से मांग की कि राज्यसभा में वंचित ओबीसी वर्ग के प्रतिनिधियों को अवसर देकर सामाजिक न्याय एवं भागीदा</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 22 May 2026 19:01:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>महिला आरक्षण पर यूपी विधानसभा में हंगामा : सत्ता पक्ष-विपक्ष आमने-सामने, जानबूझकर जनता को गुमराह करने लगाया आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तर प्रदेश विधानसभा में महिला आरक्षण को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार टकराव हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे महिलाओं के सम्मान की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया। वहीं, विपक्ष ने इसे केंद्र का मुद्दा बताकर विरोध किया। विधानसभा अध्यक्ष ने चर्चा को संवैधानिक करार देते हुए विपक्ष के हंगामे को दुर्भाग्यपूर्ण कहा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/uproar-in-up-assembly-over-womens-reservation-ruling-party-and/article-152165"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/up.png" alt=""></a><br /><p>लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र में महिला आरक्षण संशोधन विधेयक को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस और टकराव देखने को मिला। नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने साफ तौर पर कहा कि यह मुद्दा केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र का है, इसलिए इस पर राज्य विधानसभा में चर्चा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सरकार के प्रस्ताव का विरोध करते हुए आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है । उनके इस बयान के बाद सदन में माहौल गरमा गया। वहीं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने विपक्ष के रुख पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण को लेकर सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है और यह मुद्दा पूरे देश व प्रदेश की महिलाओं के सम्मान और अधिकारों से जुड़ा है। विपक्ष द्वारा इस पर सवाल उठाना दुर्भाग्यपूर्ण है।</p>
<p>स्थिति को संभालने के लिए विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी विषय पर सदन में चर्चा कराई जा सकती है और अध्यक्ष को विशेष अधिकार प्राप्त हैं, जिनका प्रयोग करते हुए इस विषय पर चर्चा कराई जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि अभी चर्चा शुरू भी नहीं हुई है और विपक्ष पहले से ही उतावला दिखाई दे रहा है। उन्होंने विशेष सत्र के आयोजन के लिए सभी सदस्यों का अभिनंदन किया।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वर्ष 2023 में केंद्र सरकार द्वारा पारित महिला वंदन अधिनियम महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि इस प्रावधान के तहत महिलाओं की हिस्सेदारी 33 प्रतिशत सुनिश्चित की जा रही है, जो अन्य प्रतिनिधित्व को जोड़ने पर लगभग 40 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। उन्होंने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि आधी आबादी के लिए उठाए जा रहे सकारात्मक कदम भी उन्हें स्वीकार नहीं हैं, जो उनके दृष्टिकोण को दर्शाता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Apr 2026 12:18:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>महिलाओं के आरक्षण पर बीजद का केंद्र पर निशाना : सत्ताधारी पार्टी इस मुद्दे पर लोगों को कर रही गुमराह, 'राजनीतिक ड्रामा' करने का लगाया आरोप,</title>
                                    <description><![CDATA[ओडिशा में बीजू जनता दल (BJD) ने महिला आरक्षण विधेयक को केंद्र का 'राजनीतिक ड्रामा' करार दिया है। सांसद सुलता देव ने आरोप लगाया कि सरकार सशक्तिकरण के नाम पर जनता को गुमराह कर रही है। उन्होंने मांग की कि परिसीमन का इंतजार किए बिना 33% आरक्षण तुरंत लागू किया जाए, ताकि राज्यों का प्रतिनिधित्व कम न हो।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/bjd-targets-center-on-womens-reservation-ruling-party-accused-of/article-151849"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/sulta-dev.webp" alt=""></a><br /><p>भुवनेश्वर। ओडिशा में बीजू जनता दल (बीजद) ने केंद्र सरकार पर महिला आरक्षण विधेयक को लेकर 'राजनीतिक ड्रामा' करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि सत्ताधारी पार्टी इस मुद्दे पर लोगों को गुमराह कर रही है। बीजद की राज्यसभा सांसद सुलता देव और वरिष्ठ महासचिव लेखाश्री सामंतसिंहार ने केंद्र के इस कदम की कड़ी आलोचना करते हुए इसे 'झूठा प्रचार' करार दिया, वहीं महिला आरक्षण की आड़ में उस पर परिसीमन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का आरोप लगाया। उन्होंने तर्क दिया कि अगर केंद्र सरकार सचमुच महिला सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्ध है, तो उसे 543 सांसदों के बीच तुरंत 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करना चाहिए।</p>
<p>सुलता देव ने बताया कि महिला आरक्षण बिल को 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023' के रूप में पेश किया गया था और वह संसद के दोनों सदनों से पारित हो चुका है तथा उसे राष्ट्रपति की मंजूरी भी मिल चुकी है। इसके बावजूद उसे 2024 के आम चुनावों के दौरान लागू नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र अब देशव्यापी विरोध-प्रदर्शन आयोजित करते हुए देरी के लिए विपक्ष को दोषी ठहराने की कोशिश कर रही है, जिसे उन्होंने जनता का ध्यान भटकाने के लिए एक 'राजनीतिक ड्रामा' बताया।</p>
<p>सुलता देव के अनुसार यह अधिनियम 2023 में सभी राजनीतिक दलों के समर्थन से पारित किया गया था, जिससे यह उम्मीद जगी थी कि इसे अगले आम चुनावों में तुरंत लागू किया जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ। केंद्र सरकार का कहना था कि जनगणना पूरी होने और उसके बाद निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन के बाद ही इसे लागू किया जाएगा। सुलता देव ने हालांकि दावा किया कि पांच राज्यों में चुनावों के दौरान संसद का एक विशेष सत्र बुलाया गया था ताकि आरक्षण प्रस्ताव के साथ-साथ 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन को आगे बढ़ाया जा सके। </p>
<p>उन्होंने तर्क दिया कि इस तरह के कदम से ओडिशा और कई दक्षिणी तथा पूर्वी राज्यों जैसे राज्यों का प्रतिनिधित्व कम हो जाएगा, जिसके चलते विपक्षी दलों ने अपना समर्थन वापस ले लिया। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव विफल होने के बाद भाजपा ने विपक्षी दलों को महिला-विरोधी के रूप में पेश करना शुरू कर दिया। सुलता देव ने केंद्र सरकार पर इस मुद्दे पर 'न्याय में देरी' करने के बावजूद खुद को महिला-समर्थक के रूप में पेश करने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया और कहा कि मतदाता ऐसे दावों के पीछे की सच्चाई को पहले ही समझ चुके हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 15:14:00 +0530</pubDate>
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                <title>कांग्रेस ने चार दशकों से महिलाओं को उनके अधिकार से वंचित रखा, जनता उन्हें कभी माफ नहीं करेगी : अरूण साव  </title>
                                    <description><![CDATA[छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम अरुण साव ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्षी दलों ने दशकों तक महिलाओं को अधिकारों से वंचित रखा। उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के खिलाफ कांग्रेस के रुख को विश्वासघात बताया। साव ने विधानसभा के विशेष सत्र के माध्यम से महिलाओं की आवाज बुलंद करने और प्रधानमंत्री मोदी के संकल्प को पूरा करने की प्रतिबद्धता दोहराई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/congress-deprived-women-of-their-rights-for-four-decades-public/article-151227"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/arun-saw.png" alt=""></a><br /><p>रायपुर। छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने मंगलवार को कहा कि कांग्रेस ने चार दशकों से महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित रखा है और इस गलती के लिए जनता उन्हें कभी माफ नहीं करेगी। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने आज रायपुर के न्यूज सर्किट हाउस में पत्रकारों से चर्चा करते हुए यह बातें कहीं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और विपक्षी दलों ने पिछले चार दशकों से महिलाओं को उनके अधिकार से वंचित रखा है। वास्तव में यह देश की आधी आबादी के साथ अन्याय और धोखा है। उन्होंने कहा कि जब नगरीय निकायों एवं पंचायतों में महिलाओं को आरक्षण मिला हुआ है तो उन्हें विधानसभा और लोकसभा में आरक्षण क्यों नहीं मिलना चाहिए।</p>
<p>उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार ने प्रयत्न किया कि आधी आबादी को उनका अधिकार मिले। लेकिन कांग्रेस और इंडिया गठबंधन ने षड्यंत्र करके नारी शक्ति को फिर से उनके अधिकार से वंचित किया है। उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से उनकी आवाज को और बुलंद करने के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने महिलाओं को अधिकार संकल्प लिया है। इसे पूरा करने हम लड़ाई पूरी मजबूती से लड़ेंगे। साव ने कहा कि ये कितनी हास्यास्पद बात है कि छत्तीसगढ़ के तीन करोड़ लोगों की उपेक्षा करके जिस रंजीता रंजन को राज्यसभा में भेजा गया, वही रंजीता रंजन जी आज छत्तीसगढ़ आ रही हैं। जिसने संसद में बिल के खिलाफ समर्थन कर छत्तीसगढ़ के माताएं और बहनों को अधिकार से वंचित किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Apr 2026 17:28:52 +0530</pubDate>
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