<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/dry/tag-24855" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>dry - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/24855/rss</link>
                <description>dry RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>असर खबर का : नगर परिषद बैठक में  डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण समय-सारणी बदली, घर-घर जाकर दी जा रही जानकारी </title>
                                    <description><![CDATA[स्वच्छता व्यवस्था सुदृढ करने के लिए सख्ती बढाई, वार्डों एवं व्यावसायिक क्षेत्रों में समय निर्धारित किया ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/-impact-of-the-news--door-to-door-waste-collection-schedule-revised-during-municipal-council-meeting/article-151447"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/111200-x-600-px)-(2)34.png" alt=""></a><br /><p>बूंदी। शहर के विभिन्न वार्डों में बदहाल सफाई व्यवस्था और कचरा संग्रहण की अनियमितता को लेकर प्रकाशित समाचारों के बाद नगर परिषद प्रशासन सक्रिय हो गया है। जनहित में उठाए गए मुद्दों का संज्ञान लेते हुए परिषद ने स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए विशेष बैठक आयोजित कर डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण की समय-सारणी में महत्वपूर्ण बदलाव किया है।</p>
<p>नई व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए सूचना, शिक्षा एवं संचार (आईईसी) टीम को मैदान में उतारा गया है। आईईसी एक्सपर्ट कपिल गुप्ता के निर्देशन में टीम सदस्य अमन और विष्णु वार्डों में घर-घर जाकर नागरिकों को नई समय-सारणी की जानकारी दे रहे हैं। पंपलेट वितरित कर लोगों से स्वच्छता अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की जा रही है। परिषद ने शहर को विभिन्न समूहों में बांटकर कचरा संग्रहण का समय निर्धारित किया है। समूह-1 के वार्डों में सुबह 6 बजे से 11 बजे तक, समूह-2 के वार्डों में सुबह 7 बजे से 11 बजे तक तथा व्यावसायिक क्षेत्रों में शाम 4 बजे से रात 9 बजे तक कचरा संग्रहण किया जाएगा। नगर परिषद प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कचरा संग्रहण वाहन आने पर ही कचरा दिया जाए तथा गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग डिब्बों में रखना अनिवार्य होगा। नियमों का उल्लंघन करने पर 500 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। जो नागरिक निर्धारित समय पर उपस्थित नहीं रह पाते, वे कचरे को बंद डिब्बे में सुरक्षित बाहर रख सकते हैं।सफाई व्यवस्था से जुड़ी शिकायतों के लिए परिषद ने हेल्पलाइन नंबर 9251654739 जारी किया है, जिस पर नागरिक संपर्क कर सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/-impact-of-the-news--door-to-door-waste-collection-schedule-revised-during-municipal-council-meeting/article-151447</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/-impact-of-the-news--door-to-door-waste-collection-schedule-revised-during-municipal-council-meeting/article-151447</guid>
                <pubDate>Thu, 23 Apr 2026 14:59:20 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/111200-x-600-px%29-%282%2934.png"                         length="1650339"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूखी घास व कचरा, गर्मी में आग का खतरा </title>
                                    <description><![CDATA[हर साल हो रही आग लगने की घटनाएं,शहर में ट्रांसफार्मरों के पास लगा है कचरे का अम्बार।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/dry-grass-and-waste-pose-fire-hazard-during-summer/article-147989"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/1200-x-60-px)-(3)41.png" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span lang="en" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="en">कोटा। आने वाले तीन महीने अप्रैल से जून में तापमान अधिक होने पर गर्मी भी भीषण पड़ती है। ऐसे में शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में आग लगने की घटनाएं भी अधिक होती है। ऐसे में ट्रांसफार्मरों में लगने वाली आग से आमजन अधिक प्रभावित होते हैं। हालत यह है कि ट्रांसफार्मरों के आस-पास कचरा व सूखी घास आग का बढ़ना कारण बनते हैं। शहर में आमजन की सुविधा के लिए बिजली कम्पनी ने एक निर्धारित दूरी पर ट्रांसफार्मर लगाए हुए हैं। वहीं आमजन को इसके खतरे से बचाने के लिए सभी ट्रांसफार्मर को जमीन से काफी ऊंचाई पर रखा गया है। साथ ही इनकी सुरक्षा के लिए उनके चारों तरफ लोहे की जाली की फेसिंग भी की हुई है। लेकिन हालत यह है कि अधिकतर ट्रांसफार्मर के आस-पास लोगों द्वारा कचरा डालने व वहां उगी सूखी घास गर्मी में आग लगने का बड़ा कारण बन रही हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin-bottom:0.0001pt;"><strong><span lang="en" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="en">यहां है बुरी स्थिति</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="margin-bottom:0.0001pt;"><span lang="en" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="en">शहर में वैसे तो सैकड़ों की संख्या में ट्रांसफार्मर हैं। उनमें से कई जगह ऐसी हैं जहां ट्रांसफार्मर के आस-पास कचरा व सूखी घास है। जिनमें थोक फल सब्जीमंडी के बाहर हो या फर्नीचर मार्केट शॉपिंग सेंटर, नई धानमंडी के पास मोटर मार्केट हो या किशोर सागर तालाब की पाल। बंगाली कॉलोनी छावनी समेत कई अन्य स्थानों पर यही हालत है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin-bottom:0.0001pt;"><span lang="en" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="en"> </span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin-bottom:0.0001pt;"><strong><span lang="en" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="en">मुख्य मार्गों पर लगा रही सीमेंट जाली</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="en" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="en">कोटा विकास प्राधिकरण की ओर से शहर में मुख्य मार्गों पर लगे ट्रांसफार्मरों पर तो सीमेंट की जाली लगाई जा रही है। जिससे न तो कोई उनमें आसानी से घुस सकेगा। साथ ही उन जालियों से कचरा भी अंदर नहीं फेका जा सकता। जिससे आग लगने का खतरा भी कम हो गया है। लेकिन कॉलोनियों व अंदरूनी क्षेत्रों के ट्रांसफार्मरों के लिए अभी भी खतरा बना हुआ है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin-bottom:0.0001pt;"><strong><span lang="en" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="en">सभी जगह सुरक्षा, सफाई निगम का जिम्मा</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="margin-bottom:0.0001pt;"><span lang="en" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="en">निजी बिजली कम्पनी के अधिकारियों का कहना है कि सभी ट्रांसफार्मरों पर कम्पनी की ओर से लोहे की रैलिंग से सुरक्षा की हुई है। ट्रांसफार्मर भी जमीन से ऊपर हैं। जिससे करंट का खतरा भी नहीं है। लेकिन इनके आस-पास सूखी घास व कचरा लोग ही डाल रहे हैं। कई बार कचरे में आग लगने पर वह पैनल के माध्यम से ट्रांसफार्मर तक पहुंच जाती है। जिससे नुकसान का खतरा रहता है। कचरा व घास की सफाई का जिम्मा निगम कर्मचारियों का है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin-bottom:0.0001pt;"> </p>
<p class="MsoNormal" style="margin-bottom:0.0001pt;"><strong><span lang="en" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="en">सफाई होने के बाद डाला जाता है कचरा</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="en" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="en">नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी मोतीलाल चौधरी ने बताया कि बरसात के समय में ट्रांसफार्मर के आस-पास घास उग जाती है। साथ ही कचरा भी लोग डाल देते हैं। हालांकि निगम की ओर से उसकी सफाई की जाती है। लेकिन कई बार तारों में करंट के चलते सफाई कर्मी ट्रांसफार्मर के नजदीक सफाई नहीं कर पाते। प्रयास करेंगे कि ट्रांसफार्मर के आस-पास भी अच्छी तरह सफाई हो और वहां कचरा एकत्र ही नहीं हो जिससे आग का खतरा बने।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin-bottom:0.0001pt;"><strong><span lang="en" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="en">तापमान अधिक होने से लगती है आग</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="margin-bottom:0.0001pt;"><span lang="en" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="en">नगर निगम के सीएफओ राकेश व्यास का कहना है कि अप्रैल से जून के तीन महीने में तापमान अधिक होने से गर्मी पड़ती है। ऐसे में कई बार सूखी घास व कचरे में आग लग जाती है। घास व कचरा ट्रांसफार्मर के नजदीक होने से उससे ट्रांसफार्मर में आग लग जाती है। जिससे लाइट बंद कर आग बुझाने से क्षेत्र के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं कई बार लोग जलती वस्तु डाल देते हैं। जिससे भी आग लग जाती है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="margin-bottom:0.0001pt;"><span lang="en" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="en"> </span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/dry-grass-and-waste-pose-fire-hazard-during-summer/article-147989</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/dry-grass-and-waste-pose-fire-hazard-during-summer/article-147989</guid>
                <pubDate>Thu, 26 Mar 2026 16:21:08 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/1200-x-60-px%29-%283%2941.png"                         length="1239734"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सर्वेक्षण में जिन कामों के अधिक अंक, उनमें नहीं हुआ सुधार </title>
                                    <description><![CDATA[शहर को स्वच्छ व सुंदर बनाने के लिए नगर निगम कोटा उत्तर व दक्षिण की ओर से नियमित सफाई करवाई जाती है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/there-is-no-improvement-in-the-works-which-get-more-marks-in-the-survey/article-95020"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-11/6630400-sizee-(2)13.png" alt=""></a><br /><p>कोटा ।  स्वच्छ भारत मिशन के तहत हर साल केन्द्रीय शहरी विकास मंत्रालय की ओर से करवाए जाने वाले स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए केन्द्र की टीम के इस बार जनवरी में आने की संभावना है। टीम के आने से पहले हालांकि दोनों नगर निगमों ने  शहर में साफ सफाई करवाना शुरु कर दी है।  लेकिन सर्वेक्षण में जिन कामों के अधिक अंक मिलते हैं उनमें नगर निगम अभी तक भी सुधार नहीं कर पाए हैं।  शहर को स्वच्छ व सुंदर बनाने के लिए नगर निगम कोटा उत्तर व दक्षिण की ओर से नियमित सफाई करवाई जाती है। सफाई की शुरुआत दोनों निगमों द्वारा घर-घर कचरा संग्रहण के माध्यम से की जा रही है। कोटा उत्तर के सभी 70 वार्डों में पहले जहां नगर निगम के माध्यम से टिपरों का संचालन किया जा रहा था। वहीं अब यह काम निगम द्वारा संवेदक के माध्यम से कराया जा रहा है। हर वार्ड में दो-दो टिपर चलाए जा रहे है।जबकि पूर्व में यह काम तीन-तीन टिपरों से किया जा रहा था। हालांकि कोटा दक्षिण निगम के 80 वार्डों में अभी यह  घर-घर कचरा संग्रहण का काम नगर निगम द्वारा ही किया जा रहा है।  दोनों नगर निगमों की ओर से नियमित सफाई के अलावा विशेष अभियान चलाकर भी सफाई करवाई जा रही है। जिससे दो माह बाद आने वाली टीम को शहर साफ सुधरा नजर आ सके। </p>
<p><strong>गीला-सूखा कचरा नहीं हो सका अलग-अलग</strong><br />नगर निगम की ओर से हर साल सफाई पर करोड़ों रुपए खर्च करने के बाद भी घरों से एकत्र किए जा रहे गीले-सूखे कचरे को अभी तक भी अलग-अलग नहीं किया जा सका है। हालांकि ट्रेचिंग ग्राउंड में उस कचरे की छटनी की जा रही है। बाजारों में भी कचरा पात्र तो रखवाए गए हैं लेकिन उनमें भी एक साथ ही कचरा डाला जा रहा है। जबकि स्वच्छता सर्वेक्षण में गीला-सूखा कचरा अलग-अलग करने(सेग्रीगेशन) के अंक निर्धारित हैं। कोटा के दोनों नगर निगम इस श्रेणी में हमेशा पिछड़ते हैं। </p>
<p><strong>ट्रेचिंग ग्राउंड का कचरा बड़ी समस्या</strong><br />नगर निगम के लिए नांता स्थित ट्रेचिंग ग्राउंड का कचरा बड़ी समस्या बना हुआ है। यहां शहर से रोजाना निकलने वाले करीब 450 टन से अधिक  कचरा आने से कचरे के बड़े-बड़े पहाड़ लग रहे है। हालांकि निगम कीओर से पूर्व में करीब 16 करोड़ रुपए का टेंडर कर 5 लाख क्यूविक मेट्रिक टन कचरे का निस्तारण कर उसे साफ कराया जा चुका है। लेकिन उसके बाद बजट के अभाव में शेष कचरे का समाधान नहीं हो सका है। जबकि ट्रेचिंग ग्राउंड के साफ होने के भी अंक सर्वेक्षण में शामिल होते है। कोटा नगर निगम इसमें भी हमेशा पिछड़ता रहा है। </p>
<p><strong>सिटीजन फीडबैक के भी अंक</strong><br />सर्वेक्षण में जहां केन्द्रीय टीम द्वारा मौके पर आकर शहर की सफाई व्तवस्था, सार्वजनिक शौचालयों कीसफाई, मार्केट कीसफाई, रात्रि कालीन सफाई व कचरे का निस्तारण संबंधी काम देखे जाते है। वहीं सिटीजन फीड बैक भी सर्वेक्षण का महत्वपूर्ण भाग है। इसमें शहर के लोगों से आॅनलाइन कई सवाल पूछे जाते हैं। जिनके आधार पर अंक मिलते है और रैकिंग में उपयोगी रहते हैं। शुरुआती सर्वेक्षण में तो कोटा नगर निगम को इस श्रेणी में सबसे अधिक अंक मिले थे लेकिन उसके बाद लोगों को इस बारे में जानकारी नहीं होने व निगम कीओर से प्रचार-प्रसार का अभाव रहने से इस श्रेणी में भीनिगम  को अपेक्षा अनुरूप अंक नहीं मिल पा रहेहैं। स्वच्छता सर्वेक्षण में हर नगर निगम को 9500 में से अंक दिए जाते हैं। लेकिन पिछले कई सालों से दोनों नगर निगम रैकिंग में ऊपर बढ़ने की जगह नीचे हीजाते जा रहे हैं। हालांकि निगम अधिकारी व महापौर दावा तो करतेहैं कि रैकिंग में सुधार होगा लेकिन हो नहीं पा रहा है। </p>
<p><strong>पूरे साल सही तरीके से हो सफाई</strong><br />लोगों का कहना है कि केवल टीम को दिखाने और नम्बर बढ़ाने के लिए ही नहीं नगर निगम  पूरे साल इसी तरह से सफाई करवाए।  बल्लभबाड़ी निवासी गिरधारी लाल मालव का कहना है कि शहर की पॉश कॉलोनियों में ही जगह-जगहपर कचरे के ढेर दिनभर पड़े रहतेहैं। नगर निगम सही ढंग सेसफाई करवाए तो शहर साफ दिख सकता है। हालांकि लोगों को भीइस बारे में जागरूक होना पड़ेगा। गुमानपुरा निवासी रमेश खत्री का कहना है कि नगर निगम की ओर से विशेष अवसरों पर तो सफाई के लिए अभियान चलाकर पूरे संसाधन लगा दिए जाते हैं। या किसी वीआईपी केआने पर तो शहर में सफाई दिखने लगतीहै। लेकिन सामान्य दिनों में उतनीसफाई नजर नहीं आती। जबकि सफाई का काम नियमित हो तो अभियान चलाने  की जरूरत हीनहीं रहेगी।</p>
<p><strong>दस्तावेज अपलोड में तकनीकी टीम का अभाव</strong><br />नगर निगम को ओर से शहर को स्वच्छ बनाने संबंधी जो भीकाम व प्रयास किए जा रहे है। उनसे संबंधित दस्तावेजों को स्वच्छ भारत मिशन की वेबसाइड पर अपलोड करना होता है। नगर निगम  के पास तकनीकीटीम का अभाव होनेसे इस बार कोटा दक्षिण द्वारा यह काम निजी फर्म के माध्यम से कराया जाएगा।जिसके लिए करीब 5 लाख रुपए का टेंडर भी  जारी किया जाना है।  दस्तावेज अपलोड होने के बाद केन्द्रीय टीम द्वाार उसका भौतिक सत्यापन किया जाता है। </p>
<p><strong>इनका  कहना है</strong><br />नगर निगम की ओर से सफाई नियमित रूप से करवाईजा रही है। जहां शिकायत आतीहै वहां विशेष रूप से  जन स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से स्वास्व्य निरीक्षक व जमादारों को कहकर सफाई करवा रहे हैं। सेक्टर दो को मॉडल सेक्टर के रूप में लेकर इसके 11 वार्डों में विशेष सफाई करवाई जाएगी। उसके बाद उसे पूरे क्षेत्र में लागू किया जाएगा। निगम केवल रैकिंग सुधार के लिए हीनहीं शहर को स्वच्छ व सुंदर बनाने केलिए सफाई करवाता है। <br /><strong>- राजीव अग्रवााल, महापौर नगर निगम कोटा दक्षिण</strong></p>
<p>शहर में नगर निगम की ओर से नियमित सफाई करवाई जा रहीहै। गत दिनों दस दिन का विशेष अभियान भी चलाया गया था। वर्तमान में भी सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहाहै।जहां भी गंदगी होने व कचरा नहीं उठने कीशिकायतें आ रहीहैं तो उनका स्वयं मौके पर जाकर समाधान कराया जा रहा है। गीला सूखे कचरे को अलग करने केभी प्रयास जारीहै। नए आने वाले कचरे के निस्तारण के लिए ट्रेचिंग ग्राउंड में काम शुरू कर दिया है।  जिससे  रोजाना निकलने वाले कचरे को एकत्र ही नहीं होने दिया जाए। हालांकि लीगेसी वेस्ट के लिए बजट नहीं होने से  वह काम अटका हुआ है। <br /><strong>-अशोक त्यागी, आयुक्त, नगर निगम कोटा उत्तर </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/there-is-no-improvement-in-the-works-which-get-more-marks-in-the-survey/article-95020</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/there-is-no-improvement-in-the-works-which-get-more-marks-in-the-survey/article-95020</guid>
                <pubDate>Thu, 14 Nov 2024 14:46:25 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-11/6630400-sizee-%282%2913.png"                         length="497106"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>70 फिट सूखे कुएं में गिरा चोर </title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर। कानोता इलाके में 70 फीट गहरे सूखे कुएं में शुक्रवार रात एक चोर गिर गया। कुएं में फेंका चोरी का सामान लेने उतरते समय रस्सी टूटने से चोर अंदर जा गिरा। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/thief-fell-in-70-feet-dry-well/article-12536"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/ccccc.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। कानोता इलाके में 70 फीट गहरे सूखे कुएं में शुक्रवार रात एक चोर गिर गया। कुएं में फेंका चोरी का सामान लेने उतरते समय रस्सी टूटने से चोर अंदर जा गिरा। शनिवार सुबह कुएं से चिल्लाने की आवाज सुनकर लोग इकट्‌ठा हुए। पुलिस ने सिविल डिफेंस टीम की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद उसे सुरक्षित कुएं से बाहर निकाल लिया गया। वहीं चोटिल होने पर उसे प्राथमिक उपचार के लिए तुरंत हॉस्पिटल भिजवाया गया।</p>
<p><br />पुलिस ने बताया कि कुएं में गिरने से जाहरा सवाई माधोपुर निवासी नरेश महावर (35) पुत्र मगन्य महावर चोटिल हो गया। सुबह करीब 8 बजे रघुनाथपुरा खातियों की ढाणी में स्थित 70 फीट गहरे कुएं से एक युवक के चिल्लाने की आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर कुएं में युवक के गिरे होने के पता चलने पर स्थानीय लोगों की भीड़ लग गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने तुरंत सिविल डिफेंस टीम को बुलाया। सिविल डिफेंस टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर करीब आधे घंटे की मशक्कत कर नरेश को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/thief-fell-in-70-feet-dry-well/article-12536</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/thief-fell-in-70-feet-dry-well/article-12536</guid>
                <pubDate>Sat, 18 Jun 2022 14:57:13 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-06/ccccc.jpg"                         length="44511"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        