<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/dfo/tag-24858" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>dfo - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/24858/rss</link>
                <description>dfo RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>असर खबर का : कोटा वनमंडल के तत्कालीन  डीएफओ को चार्जशीट जारी,राज्यपाल से स्वीकृति मिलने के बाद जारी हुई चार्जशीट</title>
                                    <description><![CDATA[लखावा-8 प्लांटेशन में प्लोटिंग कटवाने और फर्जीवाड़ा कर प्लांटेशन फेल होने का माना दोषी।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news---charge-sheet-issued-to-the-then-dfo-of-kota-forest-division--action-taken-following-approval-from-the-governor/article-156319"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/1111200-x-600-px)-(2)10.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा वनमंडल की लाडपुरा रेंज के लखावा-8 प्लांटेशन में भ्रष्टाचार के चर्चित मामले में तत्कालीन डीएफओ पर रिटायरमेंट के तीन साल बाद गाज गिरी। राज्य सरकार ने तत्कालीन कोटा डीएफओ जयराम पांड्ेय को प्लांटेशन में अवैध रूप से प्लोटिंग कटवाने और फर्जीवाड़ा से प्लांटेशन फेल होने का दोषी मानते हुए गत शुक्रवार को चार्जशीट जारी कर दी है। दैनिक नवज्योति ने सिलसिलेवार खबरें प्रकाशित कर भ्रष्टाचार उजागर किया था। जिसके बाद वन विभाग ने जांच करवाई थी, जिसमें वन विभाग के उच्च स्तरीय जांच अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में न केवल नवज्योति में छपी खबर की पुष्ठी की बल्कि घोटाले व फर्जीवाड़ा खोलने के लिए दैनिक नवज्योति को आई ओपनर माना था। इसके बाद वन मुख्यालय ने चार्जशीट के प्रस्ताव बनाकर राज्यपाल को भेजे थे, जहां से स्वीकृति मिलने पर यह कार्रवाई की गई।</p>
<p><strong>वन भूमि पर ही कटवा दी प्लोटिंग</strong><br />सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, चार्जशीट में उल्लेख है कि तत्कालीन डीएफओ जयराम पाण्डेय ने कैंपा के मिटीगेटिव योजना के अंतर्गत लखावा प्लांटेशन-8 में वृक्षारोपण करवाया था। जिसमें वृक्षारोपण की ब्लास्टिंग पद्धति को अनदेखा कर बिना ब्लास्टिंग के जेसीबी से कम गहरे खड्ढ़े खुदवाएं और निर्धारित संख्या से बहुत कम पौधे लगवाए, जिससे प्लांटेशन फेल हो गया। वहीं, प्लांटेशन में वन भूमि पर अवैध रूप से प्लोटिंग कटवा दी। दोनों ही मामलों में दोषी मानते हुए सरकार द्वारा चार्जशीट जारी की गई।</p>
<p><strong>जमीन पर 2500, कागजों में 5500 खडढ़े खुदे थे</strong><br />लखावा प्लांटेशन-8 में वर्ष 2022 में पौधे लगाने के लिए 8000 खडढ़े किए जाने थे। चूंकि, पथरीला इलाका होने के कारण प्लांटेशन का अधिकांश भाग चट्टानी है। ऐसे में ऐसे में मेटिगेटिव मैजर्स मॉडल के तहत यहां 8 हजार खडढ़ों को दो हिस्सों में करना तय हुआ था। पहले हिस्से में मिट्टी की मौजूदगी वाली जगह को चिन्हित कर 2500 खडढ़े मैन्यूअल करना तथा शेष चट्टानी जमीन पर 5500 खडढ़े बलास्टिंग से किए जाना था। ऐसे में 5 जनवरी 2022 को 2500 खडढ़े मैन्यूअली खुदवाए गए। वहीं, 5500 खडढ़ों के लिए टेंडर किए गए लेकिन संबंधित फर्म अचानक काम छोड़कर चली गई। ऐसे में ब्लास्टिंग से खडढ़े नहीं हो सके। 6 जुलाई 2022 को तत्कालीन डीएफओ रवि मीणा का ट्रांसफर हो गया। इसके बाद 7 जुलाई को तत्कालीन डीएफओ जयराम पांडे ने कार्यभार ग्रहण किया। उन्होंने बिलों में 5500 खड्ढ़े खुदवाकर 8000 पौधे लगवाना बता दिया। जबकि, मौके पर न तो ब्लाटिंग से 5500 खडढ़े करवाए गए और न ही 8000 पौधे लगे। इस बात की पुष्ठि एपीसीसीएफ व पीएंडएम गणना दल की जांच रिपोर्ट से पहले ही हो चुका है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news---charge-sheet-issued-to-the-then-dfo-of-kota-forest-division--action-taken-following-approval-from-the-governor/article-156319</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news---charge-sheet-issued-to-the-then-dfo-of-kota-forest-division--action-taken-following-approval-from-the-governor/article-156319</guid>
                <pubDate>Mon, 08 Jun 2026 13:25:13 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-06/1111200-x-600-px%29-%282%2910.png"                         length="1775321"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वन विभाग की लापरवाही, डेढ़ माह में 6 बाघों की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[ रणथंभौर में मिस मैंनेजमेंट के चलते महज डेढ़ माह में 6 बाघों की मौत हो चुकी है। रणथंभौर में इस समय ट्रेंकिग नहीं होने की वजह से वन विभाग सवालों के घेरे में है। वन विभाग पिछले 25 दिनों में बाघिन टी.39 नूर के दोनों शावकों की तलाश करने में नाकाम रहा है। हाल ही में हुए घटनाक्रम से  वन विभाग की मॉनिटरिंग और ट्रेकिंग पर सवाल खड़े कर रहे है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/tonk/forest-department-s-negligence--6-tigers-died-in-one-and-a-half-month/article-12537"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/tonk.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>सवाईमाधोपुर।</strong>  रणथंभौर में मिस मैंनेजमेंट के चलते महज डेढ़ माह में 6 बाघों की मौत हो चुकी है। रणथंभौर में इस समय ट्रेंकिग नहीं होने की वजह से वन विभाग सवालों के घेरे में है। वन विभाग पिछले 25 दिनों में बाघिन टी.39 नूर के दोनों शावकों की तलाश करने में नाकाम रहा है। हाल ही में हुए घटनाक्रम से  वन विभाग की मॉनिटरिंग और ट्रेकिंग पर सवाल खड़े कर रहे है।</p>
<p><br /><strong>केस नं एक :</strong> शहर के राजबाग से आगे वन क्षेत्र में आम चौकी स्थित बाबाजी का कुआं के पास 2 जून 2022 को एक बुजुर्ग महिला रामकन्या का 15 दिन पुराना कंकाल मिला। महिला को किसी जंगली जानवर के खाने की आशंका जताई गई थी। जिसके बाद यह सवाल खड़े होने लगे की 15 दिन तक वन विभाग को महिला का शव क्यों नहीं मिल पाया।</p>
<p><br /><strong>केस नं दो :</strong> रणथंभौर के जोन नम्बर 6 में 5 जून 2022 को वन कर्मियों को गश्त के दौरान 7 दिन पुराना बाघ टी.34 कुंभा का शव मिला। जिसके बाद वन विभाग की मॉनिटरिंग और ट्रेकिंग सवालों के घेरे में आई। वन विभाग के अनुसार बाघ का शव एक सप्ताह पुराना था। बाघ का शव पुरी तरह से सूख चुका था। बाघ के शव को मेगेट्स पूरी तरह से नष्ट कर चुके थे।</p>
<p><br /><strong>केस नं तीन :</strong> बाघिन.39 नूर के दो शावक 25 दिनों से गायब है। जिनकी तलाश करने में वन विभाग पूरी तरह से नाकाम रहा है। इसके बाद बाघिन टी.39 बाघ टी.101 के साथ मेटिंग करती हुई दिखाई दी थी। जिसके बाद शावकों की मौत होने की संभावना जताई जा रही है, लेकिन वन विभाग इन्हें खोजने में पूरी तरह से नाकाम रहा है। वन विभाग को शावकों के शव या शावक अभी तक नहीं मिल पाए है।</p>
<p><br /><strong>केस नं चार :</strong> 16 जून 2022 को बाघिन सुल्ताना के एक शावक की गोमुखी में गिरने से मौत संभावना जताई गई है कि शावक  गोमुखी में मौजूद मगरमच्छ का शिकार शावक बन गया लेकिन इस केस में बी वन विभाग की मॉनिटरिंग और ट्रेकिंग पर सवाल खड़े हो रहे है। बाघिन की ओर से जब शावकों को यहां से शिफ्ट किया जा रहा था। जब विभाग की ओर से गुफा का होल बन्द क्यों नहीं किया गया।</p>
<p><br />यदि पिछले एक साल यानी जून 2021 से जून 2022 तक की बात की जाए तो ये आंकड़ा 9 तक पहुंच जाता है। 1 अप्रैल 2021 को गंधार देह में बाघिन टी 60 के शावक का शव मिला था। साल 2021 के मई माह में तांबाखान वन क्षेत्र में बाघिन टी 102 के शावक का शव मिला था। 6 जुलाई 2021 को खंडार रेंज में पानी में बाघ टी 65 का शव मिला। 13 मई 2022 को जामोदा के नाले में बाघिन टी 61 का शव मिला। 24 मई 2022 को खंडार रेंज में बाघिन टी 69 के मादा शावक का शव मिला। 5 जून 2022 को आरओपीटी रेंज में बाघ टी 34 का शव मिला। रणथंभौर में यह सभी मौते डीएफओ महेन्द्र शर्मा के कार्यकाल के दौरान हुई है। सूत्रों की माने तो वनाधिकारी वन्यजीव सुरक्षा से ज्यादा विकास कार्यों को तहरीज दे रहे है। जिसके चलते मॉनिटरिंग और ट्रेकिंग सिस्टम गड़बड़ा गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>टोंक</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/tonk/forest-department-s-negligence--6-tigers-died-in-one-and-a-half-month/article-12537</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/tonk/forest-department-s-negligence--6-tigers-died-in-one-and-a-half-month/article-12537</guid>
                <pubDate>Sat, 18 Jun 2022 15:14:42 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-06/tonk.jpg"                         length="41292"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        