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                <title>Rescue Operation - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Rescue Operation RSS Feed</description>
                
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                <title>इंडोनेशिया में 243 लोगों से भरे जहाज से संपर्क टूटा, खराब मौसम के बीच जावा सागर में खोज एवं बचाव अभियान शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[इंडोनेशिया के जावा सागर में 243 लोगों को ले जा रहा यात्री जहाज 'वर्गो ट्रांसपोर्ट 8' खराब मौसम के कारण लापता हो गया है। सुराबाया से बंजारमासिन जा रहे इस जहाज से संपर्क टूटने के बाद बचाव एजेंसियों ने खोज अभियान शुरू कर दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/indonesia-loses-contact-with-ship-carrying-243-people-search-and/article-165514"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-09/java.png" alt=""></a><br /><p>सुमात्रा। जावा सागर 243 लोगों को ले जा रही एक इंडोनेशियाई जहाज से रविवार को संपर्क टूट गया जिसके बाद देश ने खोज एवं बचाव अभियान शुरू किया है। यह जानकारी बीबीसी ने दी। इंडोनेशिया की खोज एवं बचाव एजेंसी ने कहा कि 'वर्गो ट्रांसपोर्ट 8' जहाज़ रात के समय सुराबाया से दक्षिण कालीमंतन के शहर बंजारमासिन जा रहा था तभी उसने खराब मौसम की सूचना दी। जहाज़ से संपर्क नहीं हो पा रहा है और उसकी स्थिति या स्थान का पता नहीं चल पा रहा है।</p>
<p>अधिकारियों ने बताया कि छह लोगों की बचाव टीम को जहाज़ की आखिरी ज्ञात जगह तक पहुंचने में लगभग पांच घंटे लगेंगे। रविवार को स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 2:00 बजे, जहाज़ के आखिरी बार बंजारमासिन से लगभग 150 किलोमीटर दक्षिण में जावा सागर में होने की सूचना मिली थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 11:40:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>दिल्ली के सत्य निकेतन में अचानक गिरी इमारत: मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका, दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं</title>
                                    <description><![CDATA[दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार दोपहर एक इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया और कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और पुलिस टीमें मौके पर पहुंचीं तथा युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/many-people-are-feared-buried-under-the-debris-of-a/article-164822"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-09/delhi.png" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd">नई दिल्ली। दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को एक इमारत अचानक गिर गई। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया।</p>
<p class="isSelectedEnd">रेस्क्यू टीमों ने मलबे को हटाकर उसमें फंसे लोगों की तलाश शुरू कर दी है। हादसे के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है। घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है। पुलिस और अन्य संबंधित एजेंसियां भी मौके पर मौजूद हैं तथा स्थिति पर नजर रख रही हैं।</p>
<p>फिलहाल मलबे में कितने लोग फंसे हैं और हादसे में कितने लोग घायल हुए हैं, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। बचाव अभियान पूरा होने के बाद ही हादसे में हुए नुकसान की स्पष्ट तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 14:33:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>नेपाल में भीषण बाढ़ से मचा हाहाकार: मृतकों की संख्या बढ़कर 1,127 पहुंची, 4,858 लोग लापता</title>
                                    <description><![CDATA[नेपाल में भीषण बाढ़ आपदा में मृतकों की संख्या बढ़कर 1,127 हो गई है, जबकि 4,858 लोग अभी भी लापता हैं। भोटेकोशी नदी में ग्लेशियर टूटने और भूस्खलन के बाद आई इस तबाही से प्रभावित इलाकों में सुरक्षा बलों ने राहत और बचाव अभियान चलाकर 6,541 लोगों को सुरक्षित बचाया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/massive-flood-creates-havoc-in-nepal-death-toll-rises-to/article-164460"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-09/111200-x-600-px)-(2)4.png" alt=""></a><br /><p>काठमांडू। नेपाल में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,127 हो गई है और 4,858 लोग अभी भी लापता हैं। रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को पुलिस के हवाले से यह जानकारी दी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि बाढ़ प्रभावित इलाकों से 6,541 लोगों को बचाया गया है और 4,858 लोग अभी भी लापता हैं।</p>
<p>गौरतलब है कि 26 अगस्त की सुबह उत्तरी नेपाल में उस समय भीषण बाढ़ आ गई जब चीन की तरफ से पानी का एक विशाल सैलाब भोटेकोशी नदी में आकर मिल गया था। यह बाढ़ एक बड़े ग्लेशियर के टूटने और उसके बाद हुए भूस्खलन के कारण आई थी।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 02 Sep 2026 15:52:17 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>नेपाल में बाढ़ का कहर: अब तक 1,000 से अधिक लोगों की मौत, सैकड़ों अभी भी लापता</title>
                                    <description><![CDATA[नेपाल में भीषण बाढ़ और भूस्खलन से मरने वालों की संख्या 1,000 पार कर गई है, जबकि सैकड़ों लोग लापता हैं। इसमें कई विदेशी नागरिक और जलविद्युत परियोजनाओं की सुरंगों में फंसे मजदूर शामिल हैं। सेना और अंतरराष्ट्रीय बचाव दल राहत कार्यों में जुटे हैं तथा लावारिस शवों का डीएनए सुरक्षित रख अंतिम संस्कार किया जा रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/flood-wreaks-havoc-in-nepal-more-than-1000-people-dead/article-164409"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/nepal3.png" alt=""></a><br /><p>काठमांडू। नेपाल में बुधवार को अचानक आयी बाढ़ की आपदा में मरने वालों की संख्या 1,000 के आंकड़े को पार कर गयी है, जबकि चीन में भी कई लोगों की जानें गयीं है और सैकड़ों लोग लापता हैं। नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, देश में बाढ़ के कारण कम से कम 1,003 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा 3,916 लोग अब भी लापता हैं। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह के अनुसार बाढ़ आपदा के बाद से अब तक 11,379 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है।</p>
<p>नेपाल पर्यटन बोर्ड के अनुसार, लापता लोगों में 583 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। राहत कार्यों के दौरान हालांकि भारत, चीन, जर्मनी, बुल्गारिया, तुर्की, इटली, अमेरिका, माल्टा, स्विट्जरलैंड, रूस, पुर्तगाल और ओमान सहित विभिन्न देशों के 315 विदेशी नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया है। वहीं, स्पेन, बेल्जियम और अमेरिका के पांच अन्य विदेशी नागरिक स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में हैं। चीन में भी बाढ़ ने भारी तबाही मचायी है। चीन के सरकारी बयान में कहा गया है कि बाढ़ के कारण कम से कम 16 लोगों की मौत हो चुकी है और 546 से अधिक लोग लापता हैं।</p>
<p>चीन के सरकारी ब्रॉडकास्टर सीसीटीवी ने चीन के जल संसाधन मंत्रालय का हवाला देते हुए बताया है कि हिमालयी इलाके में आयी भीषण और जानलेवा बाढ़ के कुछ दिनों बाद भी, नेपाल में टकराव से बने गड्ढे के आस-पास मौजूद ग्लेशियर ‘गिर सकते हैं, जिससे बड़ा खतरा हो सकता है।’ यह लगातार दूसरा दिन है जब मंत्रालय ने ग्लेशियरों के गिरने की संभावना जतायी है। इससे पहले चीन के सरकारी ब्रॉडकास्टर ने बताया था कि पहाड़ के किनारे बने उस गढ्ढे के पास जमा पानी वाले इलाके ‘लबालब’ की स्थिति में थे। यह गढ्ढा पिछले सप्ताह ग्लेशियर के गिरने से बना था। मंगलवार सुबह लिये गये नये ड्रोन फ़ुटेज के आधार पर, चीनी मंत्रालय ने आकलन किया कि नेपाल की छोचेन खोला नदी के इम्पैक्ट क्रेटर में जमा पानी ‘काफ़ी हद तक निकल चुका है’ और नदी का बहाव सामान्य है। मंत्रालय ने हालांकि चेतावनी दी है कि ग्लेशियर के गिरने का खतरा अभी भी बना हुआ है।</p>
<p>नेपाल में जलविद्युत परियोजनाओं की सुरंगों में फंसे लोगों को निकालने के लिए बचाव अभियान अभी भी जारी है। रसुवा जिले के ‘अपर त्रिशूली-1’ प्रोजेक्ट में लगभग 300 मजदूरों के टनल में फंसे होने की आशंका जतायी गयी थी। वहीं, 'त्रिशूली-3ए' प्रोजेक्ट के पावरहाउस और टनल में फंसे लगभग 42 तकनीकी कर्मियों तक पहुंचने के लिए नेपाली सेना ड्रिलिंग और ब्लास्टिंग का सहारा ले रही है। सुरंग के भारी मलबे को हटाने के साथ-साथ वेंटिलेशन पाइप के जरिए अंदर ऑक्सीजन पहुंचाई जा रही है और कैमरों की मदद से फंसे हुए लोगों की स्थिति का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।</p>
<p>नेपाल के रसुवा और नुवाकोट जिलों में आयी भीषण आपदा के दौरान करीब 600 से अधिक मजदूरों के फंसे होने की जानकारी सामने आयी थी। त्रिशूली और भोटेकोशी नदी घाटी में लगभग 10 से 12 अलग-अलग जलविद्युत परियोजनाएं काम कर रही थीं। इनमें 'अपर त्रिशूली-1', 'त्रिशूली-3ए' और 'रसुवागढ़ी' प्रमुख हैं। बाढ़ और भूस्खलन के कारण इन सभी परियोजनाओं की सुरंगों, काम करने वाली जगहों और पावरहाउस में अलग-अलग जगहों पर मजदूर फंस गये थे।</p>
<p>नेपाली सेना, सशस्त्र पुलिस बल और अंतरराष्ट्रीय रेस्क्यू टीमें एक साथ कई अलग-अलग जगहों पर राहत एवं बचाव अभियान चला रही हैं। भारी मलबे, कीचड़ और रास्ते बंद होने की वजह से रेस्क्यू टीमों को ड्रिलिंग करके टनल तक पहुंचना पड़ रहा है। कई सुरंगों में वेंटिलेशन पाइप के जरिए ऑक्सीजन और पानी पहुंचाया जा रहा है तथा कैमरों की मदद से अंदर फंसे लोगों की स्थिति का पता लगाने की कोशिशें लगातार जारी हैं।</p>
<p>नेपाल में बरामद शवों की पहचान और उनके अंतिम संस्कार को लेकर प्रशासनिक स्तर पर प्रक्रिया जारी बनी हुयी है। लगातार हो रही बारिश और नदी के तेज बहाव के कारण बहकर आये शवों की स्थिति काफी खराब) हो गयी है। अस्पतालों के शवगृहों में जगह कम पड़ने और सड़ते शवों से बीमारी फैलने की आशंका को देखते हुए अधिकारियों ने अनाम और लावारिस शवों को दफनाना शुरू कर दिया है। चितवन जिले के देवघाट के जंगलों में अस्थायी तौर पर गड्ढे खोदकर शवों को दफनाया जा रहा है।</p>
<p>जल्दबाजी में दफनाये जाने के बावजूद भविष्य में परिजनों द्वारा पहचान स्थापित करने की पूरी व्यवस्था की गयी है। शवों को दफनाने से पहले उनके डीएनए सैंपल एकत्र किये जा रहे हैं। साथ ही, शवों पर मौजूद खास निशानों (जैसे अंगूठी, टैटू, या कपड़े)और चेहरे के फोटो खींचकर एक स्पेशल रेफरेंस नंबर के साथ जियो-टैग किया जा रहा है। अगर बाद में कोई परिवार दावा करता है, तो डीएनए मैच कराकर शव को उनके सुपुर्द किया जा सकेगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक अस्थायी व्यवस्था है, ताकि स्वास्थ्य संकट न पैदा हो।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 01 Sep 2026 17:33:06 +0530</pubDate>
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                <title>नेपाल की बाढ़ में फंसे नागपुर के 106 लोग सुरक्षित: काठमांडू के पशुपतिनाथ मंदिर में ली शरण, घर वापसी शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[नेपाल में आई भीषण बाढ़ और तबाही के बीच नागपुर के 106 पर्यटक पूरी तरह सुरक्षित हैं। उन्होंने काठमांडू के पशुपतिनाथ मंदिर क्षेत्र में शरण ली थी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पहल और अधिकारियों से समन्वय के बाद सभी नागरिकों की सुरक्षित स्वदेश वापसी का मार्ग प्रशस्त हो गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/106-people-of-nagpur-trapped-in-nepal-flood-took-shelter/article-164064"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/nepal-floods.png" alt=""></a><br /><p>नागपुर। महाराष्ट्र में नागपुर के 106 लोग नेपाल में अचानक आयी बाढ़ से सुरक्षित हैं। उन्होंने काठमांडू के पशुपतिनाथ मंदिर इलाके में शरण ली है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह समूह नेपाल के कई हिस्सों में आयी भयानक बाढ़ के बाद फंस गया था। बाढ़ से परिवहन और संचार नेटवर्क में रुकावट आयी है। प्रदेश के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बाढ़ में फंसे हुए यात्रियों और उनके परिवारों की अपील के बाद हस्तक्षेप करते हुए उनकी सुरक्षित वापसी के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय किया। उन्होंने बताया कि फंसे हुए नागपुर के लोगों ने तब से स्थानीय अधिकारियों और आपातकालीन प्रतिक्रिया टीमों की देखरेख में अपने घर वापसी का सफर शुरू कर दिया है।</p>
<p>गौरतलब है कि नेपाल-तिब्बत सीमावर्ती इलाके में अचानक आयी भारी बाढ़ से बड़े पैमाने पर तबाही हुई है और इसके कारण पूरे देश में बड़े पैमाने पर बचाव अभियान चलाये गये हैं। अधिकारी स्थिति पर नज़र रख रहे हैं और प्रभावित भारतीय नागरिकों की मदद कर रहे हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Fri, 28 Aug 2026 11:56:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>तारापीठ मंदिर के पास होटल में लगी भीषण आग: 7 लोगों की दर्दनाक मौत, कई श्रद्धालु कमरों में फंसे ; रेस्क्यू जारी</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल के बीरभूम स्थित तारापीठ मंदिर के पास एक होटल में भीषण आग लगने से सात तीर्थयात्रियों की मौत हो गई और चार घायल हो गए। शॉर्ट सर्किट के कारण लगी इस आग के दौरान 22 लोगों को सुरक्षित बचाया गया। पुलिस और दमकल विभाग की टीम ने राहत कार्य चलाया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/massive-fire-breaks-out-in-hotel-near-tarapeeth-temple-painful/article-163160"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/west-bengal.png" alt=""></a><br /><p>तारापीठ। पश्चिम बंगाल के बीरभूम में सोमवार को तारापीठ मंदिर के पास एक होटल में आग लगने से कम से कम सात लोगों की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए। बीरभूम के पुलिस अधीक्षक विदित राज भुंडेश ने कहा, "हमें जानकारी मिली है कि तारापीठ के एक होटल में लगी आग में सात लोगों की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी हालत स्थिर है। अब तक 22 लोगों को बचाया जा चुका है। बचाव अभियान अभी भी जारी है।" बताया जा रहा है कि ये लोग सावन के पवित्र महीने में पूजा-अर्चना के लिए तारापीठ आए थे।</p>
<p>उन्होंने बताया कि आग आज सुबह करीब 4.30 बजे 'होटल विदेशिनी' में लगी, जो एक तालाब के पास और तारापीठ पुलिस स्टेशन से थोड़ी दूरी पर स्थित पांच मंजिला इमारत है। शुरुआती जांच से पता चलता है कि आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी हो सकती है। होटल के मालिक कल्याण पाल के अनुसार, आग इलेक्ट्रिकल सर्किट ब्रेकर के अचानक फटने के बाद लगी। उन्होंने कहा, "रात्रि ड्यूटी पर मौजूद लोगों ने तुरंत आग बुझाने वाले यंत्र का इस्तेमाल किया और बिजली की सप्लाई काट दी। लेकिन तब तक होटल की अंदरूनी सजावट में इस्तेमाल किए गए फाइबर मटीरियल में आग लग चुकी थी, जिससे लपटें फैल गईं।" जब आग और घना धुआं पूरी इमारत में तेजी से फैल रहा था, तब ज्यादातर लोग सो रहे थे।</p>
<p>आग में बच्चे समेत कई लोग अपने कमरों में फंस गए। बाहर निकलने का रास्ता खोजने की कोशिश में लोगों में अफरातफरी मच गई। उन्होंने बताया कि सूचना मिलने के तुरंत बाद तारापीठ और रामपुरहाट की पुलिस होटल पहुंची, जबकि अग्निशमन दल के कर्मचारी भी मौके पर पहुंचे और आग पर काबू पाया। हालांकि, निचली मंजिल का एक बड़ा हिस्सा जलकर खाक हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार लोगों ने स्वागत कक्ष एरिया से बाहर निकलने की कोशिश की क्योंकि अंधेरे में उन्हें पीछे का निकास द्वार नहीं मिल रहा था।</p>
<p>पाल ने कहा, "धुआं पांचवीं मंजिल तक पहुंच गया था। लोग घबराहट में अपने कमरों से बाहर निकलने लगे और कुछ लोग रिसेप्शन से बाहर निकलने की कोशिश के दौरान आग की चपेट में आ गए।" कई लोग आग से झुलस गए जबकि कुछ लोग धुआं अंदर जाने से बीमार पड़ गए। घायलों को बचाकर इलाज के लिए रामपुरहाट मेडिकल कॉलेज और अस्पताल ले जाया गया। बीरभूम के पुलिस अधीक्षक और जिलाधिकारी हालात का जायज़ा लेने के लिए तुरंत मौके पर पहुँचे। बचाव कार्य जारी था। एक व्यक्ति ने बताया कि सुबह करीब चार बजे बाहर ज़ोरदार आवाज़ सुनाई दी। वह और उनका परिवार होटल के कमरा नंबर दो में ठहरे हुए थे, जबकि उनकी माँ और बहन कमरा नंबर एक में थीं।</p>
<p>उन्होंने आगे कहा, "जब हमने दरवाज़ा खोला, तो देखा कि आग अंदर आ रही थी, इसलिए हमने उसे फिर से बंद कर दिया। कमरे में कोई खिड़की नहीं थी। हमने बाथरूम के ऊपर बनी खुली जगह से निकलने की कोशिश की। मेरी पत्नी, हमारे दो बच्चे और मैं लगभग 45 मिनट तक फँसे रहे। मैंने बार-बार तारापीठ पुलिस स्टेशन में फ़ोन किया। आखिरकार पुलिस ने दरवाज़ा तोड़कर हमें बाहर निकाला।" उन्होंने बताया कि उनकी माँ बेहोश थीं और उनकी बहन को भी चोटें आई थीं। ऊपर की मंज़िलों पर ठहरे कई लोग भी फँस गए थे क्योंकि आग ने नीचे जाने का रास्ता रोक दिया था। बताया जा रहा है कि कुछ लोग घबराहट में अपना सामान नीचे फेंकने लगे थे। ऊपर की मंज़िलों पर मौजूद लोगों में से किसी को गंभीर चोट लगने की रिपोर्ट नहीं है। मालदा और अलीपुरद्वार के तीर्थयात्री भी होटल में ठहरे हुए थे। मृतकों की अभी तक शिनाख्त नहीं हो सकी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 17 Aug 2026 17:40:41 +0530</pubDate>
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                <title>लातेहार हादसा: मौत के मलबे में अपनों को तलाशते लोगों के बीच पहुंचे सांसद बैद्यनाथ राम, दर्द देख नम हुईं आंखें ; राज्यसभा सांसद ने लिया राहत-बचाव कार्य का जायजा</title>
                                    <description><![CDATA[लातेहार जिले की डेढ़टंगवा घाटी में हुए भीषण सड़क हादसे के बाद राज्यसभा सांसद बैद्यनाथ राम ने घटनास्थल और चंदवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया तथा शासन-प्रशासन की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/latehar-accident-mp-baidyanath-ram-reached-among-the-people-searching/article-163121"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/latehar.png" alt=""></a><br /><p>लातेहार। झारखंड के लातेहार जिले डेढ़टंगवा घाटी में हुए हृदयविदारक सड़क हादसे ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। सड़क पर बिखरा मलबा, क्षतिग्रस्त वाहन और अपनों को खोने के बाद बिलखते स्वजन... शनिवार की शाम का यह मंजर किसी को भी भीतर तक हिला देने वाला था। हादसे की सूचना मिलते ही राज्यसभा सांसद बैद्यनाथ राम अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। मौत के मलबे के बीच अपनों को तलाशते लोगों का दर्द उन्होंने करीब से देखा तो माहौल और भी भावुक हो गया।</p>
<p>सांसद ने घटनास्थल पर चल रहे राहत एवं बचाव कार्य का जायजा लिया। पुलिस, प्रशासन और ग्रामीणों से घटना की जानकारी ली। उन्होंने बचाव कार्य में जुटे लोगों से बात कर आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने की स्थिति भी जानी। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता था कि क्षतिग्रस्त आटो को हटाने और उसमें फंसे शवों को निकालने में बचाव दल को काफी मशक्कत करनी पड़ रही थी। घटनास्थल के बाद सांसद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चंदवा पहुंचे। अस्पताल में हादसे से प्रभावित लोगों और मौजूद ग्रामीणों से घटना की जानकारी ली।</p>
<p>यहां पीड़ित परिवारों के स्वजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। अपनों को खोने का दर्द शब्दों में बयां नहीं हो रहा था। किसी की आंखों में आंसू थे तो किसी की जुबान पर सिर्फ एक सवाल आखिर यह कैसे हो गया। बैद्यनाथ राम ने पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुखद हादसा है। इस कठिन घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ प्रशासन और जनप्रतिनिधि खड़े हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 17 Aug 2026 17:40:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>जिम्बाब्वे में भीषण हादसा: करिबा झील में नाव डूबने से 15 यात्रियों की मौत, कई लापता; राहत एवं बचाव कार्य शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[जिम्बाब्वे की करिबा झील में यात्रियों से भरी एक नाव तेज लहरों की चपेट में आकर पलट गई, जिससे कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई और कई लापता हैं। ओवरलोडिंग को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है। बचाव दल ने 77 यात्रियों को सुरक्षित निकाला है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/horrific-accident-in-zimbabwe-15-passengers-dead-many-missing-as/article-162762"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/1200-x-60-px)-(youtube-thumbnail)12.png" alt=""></a><br /><p>हरारे। जिम्बाब्वे की प्रसिद्ध करिबा झील में यात्रियों से भरी एक नाव के दुर्घटनाग्रस्त होकर पलटने से कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य यात्री लापता हैं। स्थानीय प्रशासन ने घटना के तुरंत बाद बड़े पैमाने पर राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया है। यह दर्दनाक हादसा मंगलवार को उस समय हुआ जब नाव तेज लहरों की चपेट में आ गई और अनियंत्रित होकर पानी में पलट गई। </p>
<p>अधिकारियों के अनुसार, क्षमता से अधिक यात्रियों के सवार होने को इस हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है। नाव की क्षमता लगभग 90 यात्रियों की थी लेकिन पंजीकृत टिकट बिक्री के अनुसार उस पर 114 वयस्क और चालक दल के पांच सदस्य सवार थे। इसके अलावा नाव में कई ऐसे बच्चे भी शामिल थे, जिनकी कोई टिकट नहीं ली गयी थी। कुछ मीडिया रिपोर्टों में नाव पर कुल 160 से भी अधिक लोग सवार होने की आशंका जताई जा रही है।</p>
<p>बचाव दल ने अब तक 77 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल कर उन्हें झील के एक पास के द्वीप पर पहुंचाया है, जबकि 15 शवों को बरामद कर शवगृह भेज दिया गया है। लापता लोगों की तलाश के लिए गोताखोरों की मदद से खोज अभियान लगातार जारी है। स्थानीय नागरिक करिबा शहर तक पहुंचने के लिए नियमित रूप से इस पांच घंटे लंबी जल-यात्रा का सहारा लेते हैं। जिम्बाब्वे और जाम्बिया की सीमा पर स्थित करिबा झील दुनिया के सबसे बड़े मानव निर्मित जलाशयों में से एक है, जो परिवहन और जलविद्युत आपूर्ति का मुख्य स्रोत है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 12 Aug 2026 16:17:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मुंबई में भीषण हादसा: भूस्खलन से 2 लोगों की मौत, 2 अन्य घायल; कई के मलबे में दबे होने की आशंका</title>
                                    <description><![CDATA[मुंबई के कुर्ला वेस्ट स्थित चिराग नगर में बुधवार तड़के भीषण भूस्खलन होने से दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई और दो घायल हो गए। मलबे में 6 से 8 अन्य लोगों के दबे होने की आशंका है। एनडीआरएफ, फायर ब्रिगेड और बीएमसी की टीमें बचाव कार्य में जुटी हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/horrific-accident-in-mumbai-2-people-died-due-to-landslide/article-162717"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/mumbai.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। मुंबई के कुर्ला वेस्ट स्थित चिराग नगर में बुधवार तड़के हुए भीषण भूस्खलन में दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गए। अधिकारियों के मुताबिक, मलबे में अभी भी 6 से 8 लोगों के दबे होने की आशंका है। गौशिया चाल में राठौड़ मेडिकल के पास हुए इस हादसे की सूचना मुंबई फायर ब्रिगेड को सुबह करीब 3:48 बजे मिली, जब पहाड़ी का मलबा चाल के दो-तीन कमरों पर आ गिरा। घटना की गंभीरता को देखते हुए सुबह 4:32 बजे इसे 'स्तर-2' का आपातकाल घोषित किया गया।</p>
<p>मृतकों की पहचान साहिल अंसारी (28) और मोहम्मद समीर (14) के रूप में हुई है। दोनों को राजावाड़ी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घायलों में सोहेल अंसारी (18)और मोहम्मद अंसारी (14) शामिल हैं। दोनों को इलाज के लिए कुर्ला भाभा अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। मलबे में दबे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए बड़े पैमाने पर खोज एवं बचाव अभियान शुरू किया गया है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), मुंबई फायर ब्रिगेड और बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) की टीमें राहत कार्य में जुटी हुई हैं।</p>
<p>घटनास्थल पर बीएमसी के करीब 50 मजदूरों को तैनात किया गया है। फायर ब्रिगेड ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ फायर टेंडर, रेस्क्यू व्हीकल, वाटर टैंकर और विशेष बचाव उपकरणों को मौके पर तैनात किया है। इसके अलावा पुलिस बल, 108 एम्बुलेंस सेवा और बीएमसी वार्ड के कर्मचारी भी बचाव कार्य और भीड़ नियंत्रण में सहयोग कर रहे हैं। मुंबई की महापौर ऋतु तावड़े और अतिरिक्त नगर आयुक्त (पूर्वी उपनगर) डॉ. अविनाश ढाकने ने घटनास्थल का दौरा कर जारी बचाव कार्यों का जायजा लिया। अधिकारियों ने बताया कि मलबे को सावधानीपूर्वक हटाने और जीवित बचे लोगों की तलाश के लिए आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है। राहत और बचाव कार्य अभी जारी है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 12 Aug 2026 13:23:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>भिवंडी में चार मंजिला इमारत भरभराकर गिरी: 9 लोगों की दर्दनाक मौत, कई मलबे में दबे, राहत और बचाव कार्य जारी</title>
                                    <description><![CDATA[महाराष्ट्र के भिवंडी में मरम्मत कार्य के दौरान चार मंजिला इमारत गिरने से नौ लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। मलबे के नीचे कई अन्य नागरिकों के फंसे होने की आशंका है। सूचना मिलते ही एनडीआरएफ, फायर ब्रिगेड और डॉग स्क्वाड की टीम मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन में जुट गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/four-storey-building-collapses-in-bhiwandi-9-people-die-tragically/article-161515"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/maharashtra.png" alt=""></a><br /><p>भिवंडी। महाराष्ट्र के ठाणे जिले के भिवंडी में गुरुवार की देर रात चार मंजिला इमारत के एक हिस्सा के ढ़हने से 9 लोगों की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए। अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि मलबे के नीचे अभी भी कई लोगों के दबे होने की आशंका है। यह घटना भंडारी परिसर के गंगारामवाड़ी स्थित कोहिनूर अपार्टमेंट में हुई, जब इमारत के 'बी-विंग' का एक हिस्सा अचानक ढह गया। अधिकारियों ने बताया कि बचाव दलों ने अब तक सात शव बरामद किए हैं जबकि मलबे से तीन घायलों को निकालकर पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।</p>
<p>अधिकारियों के अनुसार मलबे के नीचे अभी भी छह से सात लोगों के दबे होने की आशंका है। खोज और बचाव अभियान जारी है। इमारत में 48 कमरे थे, जिनमें से हर मंजिल पर 12 कमरे थे। नगर निकाय के अधिकारियों ने बताया कि इसे सी-1 श्रेणी के तहत असुरक्षित घोषित किया गया था, जिसके लिए तुरंत खाली कराने और गिराने की आवश्यकता होती है। प्रारंभिक खबरों से पता चलता है कि कुछ लोग मरम्मत का काम करने के लिए खाली इमारत में घुसे थे, तभी इमारत ढह गई। दमकल विभाग के कर्मचारी, पुलिस, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), आपदा प्रबंधन टीमें और नगर निकाय के अधिकारी मौके पर पहुंचे और बचाव अभियान शुरू किया। मलबा हटाने के लिए खुदाई करने वाली मशीनों और अन्य भारी मशीनों को भी तैनात किया गया है।</p>
<p>इमारत गिरने का सही कारण अभी पता नहीं चल पाया है। मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं। भिवंडी के विधायक महेश चौघुले ने कहा कि इमारत पुरानी थी और नगर निगम ने इसे खतरनाक घोषित किया था। उन्होंने कहा, "नगर निगम ने रहने वालों को दो-तीन बार नोटिस जारी किए थे और इमारत को खाली करा लिया गया था। कुछ लोग हालांकि बिना अनुमति के इमारत में घुस गए थे और अंदर मरम्मत का काम कर रहे थे।" भिवंडी-निजामपुर के मेयर नारायण चौधरी ने कहा कि मरम्मत के काम की कोई जरूरत नहीं थी क्योंकि इमारत को पहले ही खाली करा लिया गया था। उन्होंने कहा, "हमारी आपदा प्रतिक्रिया टीम, फायर ब्रिगेड, एनडीआरएफ और पुलिस मौके पर मौजूद हैं। बचाव कार्य जोर-शोर से चल रहा है। हमें जानकारी मिली है कि मलबे के नीचे अभी भी छह से सात लोग फंसे हो सकते हैं।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 31 Jul 2026 11:29:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>बेंगलुरु में भयावह हादसा: पत्थर खदान में चट्टान गिरने से बिहार के 7 प्रवासी मजदूरों की मौत, कई अन्य घायल</title>
                                    <description><![CDATA[कर्नाटक के बेंगलुरु दक्षिण तालुक स्थित एक पत्थर खदान में विशाल चट्टान गिरने से बिहार के सात प्रवासी मजदूरों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। प्रारंभिक जांच में खुदाई के दौरान लापरवाही की आशंका जताई गई है। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/horrific-accident-in-bengaluru-7-workers-killed-many-others-injured/article-158672"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/04.gif" alt=""></a><br /><p>बेंगलुरु। कर्नाटक के बेंगलुरु दक्षिण तालुक में गुरुवार सुबह एक पत्थर की खदान में विशाल चट्टान गिरने से बिहार के सात प्रवासी मजदूरों की मौत हो गयी, जबकि कई अन्य घायल हो गये। प्रारंभिक जांच में खुदाई कार्य के दौरान लापरवाही की आशंका जतायी गयी है। यह हादसा मडापट्टना स्थित कावेरी कंपनी की स्टोन क्रशर इकाई में हुआ, जहां मजदूर खनन कार्य में लगे हुए थे। पुलिस के अनुसार सभी मृतक दिहाड़ी मजदूर थे। खदान के ऊपरी हिस्से से एक विशाल चट्टान टूटकर नीचे आ गिरी, जिसकी चपेट में आने से उनकी मौके पर ही मौत हो गयी। प्रारंभिक जांच के अनुसार दुर्घटना के समय कार्यस्थल से करीब 100 फुट ऊपर नये क्रशर संयंत्र की स्थापना के लिए एक हिताची अर्थमूवर मशीन से खुदाई का कार्य किया जा रहा था। इसी दौरान विशाल चट्टान ढलान से लुढ़ककर नीचे काम कर रहे मजदूरों पर गिर गयी।</p>
<p>हादसे के समय खदान में 15 से 20 मजदूर काम कर रहे थे। जांचकर्ताओं को आशंका है कि मशीन चालक ने खुदाई क्षेत्र के नीचे काम कर रहे मजदूरों पर ध्यान नहीं दिया, जिससे सुरक्षा मानकों के पालन और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे हैं। घटना में घायल कई मजदूरों को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने कहा कि घायलों की सही संख्या का सत्यापन किया जा रहा है। सूचना मिलने पर पुलिस, बचाव दल और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचा तथा राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। पूरे क्षेत्र को सील कर भारी मशीनों की सहायता से मलबा हटाया गया, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई अन्य मजदूर मलबे में फंसा न हो।</p>
<p>पुलिस ने बताया कि सभी सात मृतक बिहार के निवासी थे। उनके परिजनों को सूचना देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है। प्रशासन ने दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि खदान संचालक ने सुरक्षा नियमों या मानक संचालन प्रक्रिया का उल्लंघन किया था या नहीं। अधिकारियों ने कहा कि लापरवाही सिद्ध होने पर संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p>कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि मडापट्टना में क्रशर की दीवार ढहने से सात श्रमिकों की मृत्यु अत्यंत दुखद है। उन्होंने मृतकों की आत्मा की शांति, शोकाकुल परिवारों को इस दुख को सहने की शक्ति तथा घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि खदानों में कार्यरत मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करना खदान संचालकों की जिम्मेदारी है और सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सरकार कड़ी कार्रवाई करेगी।</p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 15:25:02 +0530</pubDate>
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                <title>वेनेजुएला में भूकंप का महाविनाश: मौतों का आंकड़ा 2,295  पहुंचा, 10,571 से ज्यादा घायल</title>
                                    <description><![CDATA[कराकास। वेनेजुएला में आए दो विनाशकारी भूकंपों के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 2,295 हो गई, जबकि 10,571 से अधिक लोग घायल हैं। राहत टीमों ने अब तक 6,461 लोगों को मलबे से सुरक्षित निकाला है। राजधानी काराकास समेत कई शहरों में इमारतें ढह गईं, बुनियादी ढांचा तबाह हुआ और बचाव अभियान लगातार जारी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/earthquake-devastation-in-venezuela-death-toll-reaches-1943-more-than/article-158633"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/venezuela.png" alt=""></a><br /><p>कराकास। वेनेजुएला में आये दो शक्तिशाली भूकंपों से मची तबाही में मृतकों की संख्या बढ़कर 2,295 हो गयी है। इस बीच, अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने देश में सात दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है। भूकंप की त्रासदी को एक सप्ताह पूरा होने पर सुश्री रोड्रिगेज कहा कि मानव जीवन की भारी क्षति से पूरे देश की आत्मा आहत हुई है। हजारों लोग अब भी लापता हैं और प्रभावित क्षेत्रों में भोजन सहित आवश्यक वस्तुओं का गंभीर संकट बना हुआ है।</p>
<p>गौरतलब है कि 24 जून को उत्तरी वेनेजुएला में 39 सेकंड के अंतराल पर 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो शक्तिशाली भूकंप आए थे। पिछले कई दशकों में यह देश में आए सबसे शक्तिशाली भूकंपों में शामिल हैं। इन दो भूकंपों से राजधानी काराकास, ला गुआइरा और उत्तरी क्षेत्रों में व्यापक तबाही हुई। सैकड़ों इमारतें ढह गईं या गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गईं। सड़कें, अस्पताल, स्कूल तथा अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा, जबकि बड़े क्षेत्रों में बिजली और दूरसंचार सेवाएं भी बाधित हुईं हैं।</p>
<p>राजधानी कराकास के उत्तर में स्थित सबसे अधिक प्रभावित शहर ला गुआइरा में ढही अधिकांश इमारतों पर 'डी' (डिसीज्ड) का निशान लगाया गया है, जिससे संकेत मिलता है कि वहां तलाश अभियान पूरा हो चुका है और किसी जीवित व्यक्ति के मिलने की संभावना नहीं है। स्पेन के बचाव दल के समन्वयक हावियर रोडेस ने कहा कि जहां किसी के जीवित मिलने की उम्मीद नहीं होती, वहां समय व्यर्थ नहीं किया जाता। उन्होंने बताया कि उनकी टीम और खोजी कुत्ते 'नाला' ने मलबे में जीवन के संकेत तलाशने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली।</p>
<p>इस सब के बीच मंगलवार को एक तीन वर्षीय बालक को भूकंप के छह दिन बाद जीवित निकाला गया, जिसे चमत्कारिक बचाव माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है  भूकंप के बाद मलबे में फंसे लोगों के 72 घंटे से अधिक जीवित रहने की संभावना बेहद कम होती है। वेनेजुएला की राष्ट्रीय विधानसभा के अध्यक्ष जॉर्ज रोड्रिगेज ने बताया कि अब तक 2,295 लोगों की मौत हो चुकी है, 11 हजार से अधिक लोग घायल हुए हैं और लगभग 13 हजार लोग बेघर हो गये हैं। संयुक्त राष्ट्र का अनुमान है कि करीब 50 हजार लोग अब भी लापता हैं।</p>
<p>पिछले सप्ताह 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो भूकंपों ने तेल समृद्ध वेनेजुएला के कई इलाकों को तबाह कर दिया। लंबे समय से आर्थिक संकट झेल रहे देश में बुनियादी ढांचे और स्वास्थ्य सेवाओं पर भी इसका गंभीर असर पड़ा है। अमेरिका समर्थित राजनीतिक परिवर्तन के लगभग छह महीने बाद संक्रमण के दौर से गुजर रहे वेनेजुएला में दुनिया के विभिन्न देशों से बचाव दल राहत एवं खोज अभियान में जुटे हैं। वहीं कई स्थानीय लोगों ने आपदा के बाद सरकारी सहायता में देरी को लेकर नाराजगी जतायी है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 11:45:08 +0530</pubDate>
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