<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/west-bengal-election/tag-249" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>West Bengal Election - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/249/rss</link>
                <description>West Bengal Election RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>सीएम योगी का ममता बनर्जी पर तीखा हमला: कोई माई का लाल बंगाल की अस्मिता से नहीं कर सकता खिलवाड़, 4 मई को राज्य में लहराएगा भाजपा का “भगवा ध्वज”</title>
                                    <description><![CDATA[कोलकाता में योगी आदित्यनाथ ने ममता सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए दावा किया कि 4 मई को बंगाल में भगवा ध्वज लहराएगा। उन्होंने 'बुआ-भतीजा' की राजनीति पर कटाक्ष किया और यूपी मॉडल का उदाहरण देते हुए कानून-व्यवस्था और विकास का वादा किया। योगी ने युवाओं से 'सोनार बांग्ला' बनाने के लिए डबल इंजन सरकार चुनने की अपील की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/cm-yogis-sharp-attack-on-mamata-banerjee-no-one-can/article-151339"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/mamata-banerjee.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कोलकाता के जोरासांको में अपनी पहली जनसभा को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि 4 मई को चुनाव परिणाम आने पर राज्य में भाजपा का “भगवा ध्वज” लहराएगा। सभा में बड़ी संख्या में समर्थक “योगी जी बुलडोजर लाओ, हम तुम्हारे साथ हैं” लिखे पोस्टर लेकर पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि 23 अप्रैल को होने वाले पहले चरण के मतदान में भाजपा करीब 80 प्रतिशत सीटें जीतने जा रही है और राज्य में परिवर्तन की लहर साफ दिखाई दे रही है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि “कोई माई का लाल बंगाल की अस्मिता से खिलवाड़ नहीं कर सकता” और जनता को अपने वोट का सही इस्तेमाल करने की अपील की। सीएम योगी ने आरोप लगाया कि टीएमसी के लोग बंगाली अस्मिता से खिलवाड़ कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि “बंगाल की पहचान काबा से नहीं, मां कालीबाड़ी से है।” साथ ही इशारों में ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी पर निशाना साधते हुए उन्हें “बुआ-भतीजा” बताते हुए कहा कि वे राज्य के अस्तित्व को कमजोर कर रहे हैं।</p>
<p>मुख्यमंत्री योगी ने जोरासांको स्थित रवींद्र नाथ टैगोर की ठाकुरबाड़ी का उल्लेख करते हुए कहा कि यह क्षेत्र बंगाल की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। उन्होंने आरोप लगाया कि यहां जहां गुरुदेव और भारत माता की तस्वीरें होनी चाहिए थीं, वहां टीएमसी कार्यकर्ताओं ने जबरन ममता बनर्जी की तस्वीर लगा दी, जो बंगाल की अस्मिता का अपमान है। सीएम योगी ने राज्य की आर्थिक स्थिति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कभी रोजगार के लिए देशभर के लोग बंगाल आते थे, लेकिन अब हालात बदल गए हैं। उनके अनुसार, बीते वर्षों में हजारों उद्योग और एमएसएमई इकाइयां बंद हो चुकी हैं और लाखों युवा बेरोजगार हो गए हैं।</p>
<p>अपने संबोधन में योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के “कानून-व्यवस्था मॉडल” का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले यूपी में अराजकता थी, लेकिन अब राज्य “नो कर्फ्यू, नो दंगा” की स्थिति में है और धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर उनकी संपत्तियों पर गरीबों के लिए आवास बनाए गए हैं। सभा के अंत में मुख्यमंत्री ने जोरासांको से विजय ओझा, मानिकतला से तापस रॉय, चौरंगी से संतोष पाठक, श्यामपुकुर से पूर्णिमा चक्रवर्ती, बेलेघाटा से पार्थ चौधरी और एंटाली से प्रियंका टिबरेवाल के पक्ष में मतदान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि “डबल इंजन सरकार” ही विकास और विरासत दोनों को सुरक्षित रख सकती है और बंगाल को फिर से ‘सोनार बांग्ला’ बनाने का समय आ गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/cm-yogis-sharp-attack-on-mamata-banerjee-no-one-can/article-151339</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/cm-yogis-sharp-attack-on-mamata-banerjee-no-one-can/article-151339</guid>
                <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 18:40:00 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/mamata-banerjee.png"                         length="1546101"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पश्चिम बंगाल चुनावः तृणमूल की आक्रामक चुनावी अभियान की तैयारी; 24 मार्च को मैदान में उतरेंगी ममता, जन सभा को करेगी संबोधित</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री ममता बनर्जी 24 मार्च से उत्तर बंगाल के भाजपा गढ़ में आक्रामक चुनाव अभियान शुरू करेंगी। अभिषेक बनर्जी दक्षिण बंगाल और नंदीग्राम जैसे महत्वपूर्ण युद्धक्षेत्रों में कमान संभालेंगे। 23 अप्रैल को होने वाले पहले चरण के मतदान से पूर्व, तृणमूल कांग्रेस जनसंपर्क और रैलियों के जरिए अपनी खोई जमीन वापस पाने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/west-bengal-elections-trinamool-preparing-for-aggressive-election-campaign-mamata/article-147369"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/mamta-banarji.jpg" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। पश्चिम बंगाल में 23 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान में मुश्किल से एक महीना बचा है और ऐसे में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व में पार्टी एक आक्रामक राज्यव्यापी अभियान की तैयारी कर रही है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, सीएम ममता के 24 मार्च को माटीगाड़ा, मयनागुड़ी और अलीपुरद्वार में रैलियों के साथ अपने उत्तर बंगाल अभियान की शुरुआत करने की संभावना है। अलीपुरद्वार परेड ग्राउंड में एक बड़ी जनसभा के साथ-साथ उसी दिन दो अतिरिक्त रैलियों की भी उम्मीद है।</p>
<p>सूत्रों ने कहा, तृणमूल सुप्रीमो रविवार को अपने निर्वाचन क्षेत्र भवानीपुर से कार्यकर्ताओं की बैठक के साथ अपना अभियान शुरू करेंगी और इसके बाद सीधे उत्तर बंगाल जाएंगी, जहां 23 अप्रैल को पहले चरण में सभी निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान होगा। लगभग एक महीना शेष है और पार्टी नेतृत्व इस क्षेत्र में जनसंपर्क प्रयासों को तेज कर रहा है। यह क्षेत्र पारंपरिक रूप से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का गढ़ रहा है, हालांकि, 2024 के लोकसभा चुनावों में सत्तारूढ़ दल को बढ़त मिली थी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सुश्री बनर्जी का खुद मैदान में उतरना खोई हुई जमीन वापस पाने और समर्थन को मजबूत करने का संकेत है।</p>
<p>इस बीच, अभिषेक बनर्जी 24 मार्च को दक्षिण 24 परगना के पाथरप्रतिमा में एक जनसभा के साथ दक्षिण बंगाल में अभियान का नेतृत्व करेंगे। वह पूर्वी और पश्चिमी मेदिनीपुर में प्रचार करेंगे, दासपुर, केशयारी और नारायणगढ़ में रैलियों को संबोधित करेंगे और इसके बाद नंदीग्राम में कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगे।</p>
<p>नंदीग्राम में इस चुनाव में कड़ा मुकाबला होने की उम्मीद है, जहां विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी का सामना तृणमूल उम्मीदवार पबित्रा कर से होगा। कर श्री अधिकारी के पूर्व करीबी सहयोगी रहे हैं और हाल ही में अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व में पार्टी में शामिल हुए हैं। यह निर्वाचन क्षेत्र 2021 के विधानसभा चुनावों में भी केंद्र बिंदु रहा था और इस बार भी एक प्रमुख युद्धक्षेत्र बना हुआ है। इसके अतिरिक्त, अभिषेक बनर्जी ने उत्तर बंगाल में एक व्यापक अभियान कार्यक्रम तैयार किया है, जिसमें 26, 28 और 31 मार्च को नौ निर्वाचन क्षेत्रों में रैलियों और रोड शो की योजना है। उनके पूरे महीने कई जिलों में निरंतर जनसंपर्क कार्यक्रम चलाने की भी उम्मीद है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/west-bengal-elections-trinamool-preparing-for-aggressive-election-campaign-mamata/article-147369</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/west-bengal-elections-trinamool-preparing-for-aggressive-election-campaign-mamata/article-147369</guid>
                <pubDate>Sat, 21 Mar 2026 17:27:25 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2021-12/mamta-banarji.jpg"                         length="86478"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भाजपा का मिशन बंगाल शुरू : 5 प्रमुख जोनों में सिपहसालार तैनात </title>
                                    <description><![CDATA[बिहार में एनडीए की बड़ी जीत के बाद भाजपा ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए व्यापक रणनीति लागू कर दी है। केंद्र ने छह राज्यों के संगठन मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं को बंगाल के पाँच जोनों में तैनात किया है। ये नेता पाँच महीनों तक बूथ नेटवर्क, सामाजिक समीकरण और जमीनी राजनीति पर काम कर चुनावी रणनीति तैयार करेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/bjps-mission-bengal-started-in-5-major-zones/article-133156"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/bengal-mission-2026.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। बिहार में एनडीए सरकार की प्रचंड जीत के बाद अब केंद्र की भाजपा सरकार ने पश्चिम बंगाल में आने वाले विधानसभा चुनाव के लिए कमर कस ली है और इसके लिए मेगा ऑपरेशन भी शुरू कर दिया है। सूत्रों की मानें तो, केंद्र सरकार ने करीब 6 माह पहले ही बंगाल के 6 राज्यो के संगठन मंत्रियों और 6 वरिष्ठ नेताओं को पश्चिम बंगाल के करीब 5 प्रमुख जोनों में रणनीतिक रूप से तैनात कर दिया है ताकि वहां पर होने वाली हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके और बिहार की तरह बंगाल को भी जीता जा सके।</p>
<p>बताया जा रहा है कि, ये सभी नेता अगले पांच महीनों तक वहां रूककर बूथ नेटवर्क, सामाजिक समीकरण और जमीनी राजनीति पर काम करेंगे और आने वाले चुनावों के लिए रणनीति तैयार करेंगे। इसके साा ही बता दें कि, ये पहला ऐसा मौका है जब भाजपा ने इतने बड़े स्तर पर बाहरी राज्यों के नेताओं के साथ मिलकर लॉन्ग टर्म में तैनाती की हैं।</p>
<p><strong>कहां किसकी तैनाती ?</strong></p>
<p>उत्तर बंगा के लिए अनंत नारायण मिश्र, सिलीगुड़ी में अरुण बिन्नाडी और कैलाश चौधरी को काम करने के लिए कहा गया है।</p>
<p>राढ़बंगा ज़ोन के लिए पवन साई और धन सिंह रावत को पुरुलिया, बांकुड़ा, वर्धमान इलाके में लगाया गया है।</p>
<p>हावड़ा–हुगली जोन के लिए पवन राणा के साथ संजय भाटिया हावड़ा और हुगली में बूथ नेटवर्क, सामाजिक समीकरण और जमीनी स्तर पर काम करेंगे।</p>
<p>मेदिनीपुर जोन के लिए यूपी मंत्री जेपीएस राठौर को शुभेंदु अधिकारी वाले क्षेत्र में तेज़ राजनीतिक मोर्चा संभालने के आदेश जारी किए गए है।</p>
<p>कोलकाता–दक्षिण 24 परगना जोन के लिए एम. सिद्धार्थन और सीटी रवि को टीएमसी के गढ़ में सेंध मारने के लिए कहा गया है ताकि आने वाले चुनाव में कोई कसर नहीं रह जाए।</p>
<p>नवद्वीप–उत्तर 24 परगना जोन के लिए एन. मधुकर व सुरेश राणा को संवेदनशील क्षेत्रों पर बारिकी से काम करने और जनता के बीच जाकर उनकी आवाज को केंद्र सरकार तक पहुंचाने का काम दिया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/bjps-mission-bengal-started-in-5-major-zones/article-133156</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/bjps-mission-bengal-started-in-5-major-zones/article-133156</guid>
                <pubDate>Fri, 21 Nov 2025 12:46:49 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-11/bengal-mission-2026.png"                         length="725785"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सतरंगी सियासत</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान कांग्रेस और भाजपा में फिलहाल एक समानता। दोनों ही दलों के आलाकमान ने साफ कर दिया कि विधानसभा चुनाव में कोई सीएम फेस नहीं होगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/india-gate/rainbow-politics/article-51990"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-07/india-gate02.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>एक तो समानता...</strong><br />राजस्थान कांग्रेस और भाजपा में फिलहाल एक समानता। दोनों ही दलों के आलाकमान ने साफ कर दिया कि विधानसभा चुनाव में कोई सीएम फेस नहीं होगा। अब तक जितने भी नेता इसकी आस लेकर चल रहे थे, उन्हें निराशा होगी। लेकिन कांग्रेस में यह अपने आप में संकेत। क्योंकि अशोक गहलोत सीएम। पार्टी उन्हीं की योजनाओं एवं उपलब्धियों को लेकर जनता के बीच जाएगी। जबकि भाजपा में सीएम फेस के लिए वसुंधरा राजे सबसे ज्यादा जोर लगा रहीं। फिलहाल अभी तक इसके संकेत नहीं। वैसे भाजपा में सारी कवायद अगले आम चुनाव को केन्द्र में रखकर हो रही। राजस्थान में कौनसा नेता लोकसभा की 25 सीटों में से अधिकतम जीतवाने में सक्षम होगा। इसका आकलन हो रहा। जबकि कांग्रेस में सचिन पायलट खुश! उन्होंने बीते तीन साल से खुले में चल रही राजनीतिक अदावत के चलते कम से कम यह काम तो कर ही दिया!</p>
<p><strong>सुगबुगाहट, असमंजस...</strong><br />सियासी लिहाज से यह सप्ताह बेहद अहम। विपक्षी संप्रग की बैठक 17-18 जुलाई को बेंगलुरु में हो रही। तो राजग भी 18 को जुट रहा। इसके बाद 20 जुलाई से संसद का मानसून सत्र। मतलब इन तीनों ही इवेंट्स से बहुत कुछ संकेत मिलने जा रहे। चर्चा यह कि संप्रग से कुछ दल दूर हो रहे। तो भाजपानीत राजग में नए दलों के शामिल होने की संभावना। फिर इसका असर मानसून सत्र में पड़ने के आसार। बिहार और महाराष्ट्र में सियासी उथल-पुथल की अटकलें रुक नहीं रहीं। राजस्थान समेत पांच राज्यों में ज्यों-ज्यों चुनाव नजदीक आ रहे। राजनीतिक गतिविधियां बढ़ रहीं और नेता मानो इसकी तैयारी में दिमागी वर्जिश कर रहे। इधर, पहले से केंद्रीय मंत्रिपरिषद में फेरबदल की चर्चा। पीएम मोदी राजग का कुनबा बढ़ाने की कवायद कर रहे। लेकिन अंत में होगा क्या? यह कोई पक्के तौर पर नहीं कह सकता!</p>
<p><strong>सबसे अलग!</strong><br />राजस्थान के चुनाव पर देशभर की नजरें रहेंगी। क्योंकि कांग्रेस एवं भाजपा के बीच असल राजनीतिक दंगल के आसार! जैसे कांग्रेस में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत एवं सचिन पायलट के बीच सियासी अदावत बनी हुई। हाईकमान को इसे सुलझाने में पसीना बहाना पड़ रहा। वैसे ही भाजपा में भी इससे कम हालात नहीं। वहां भी वसुंधरा राजे को लेकर कयास। तो आधा दर्जन पार्टी नेता अपने को अगले सीएम के रूप में देख रहे। लेकिन मोदी-शाह की जोड़ी किस नेता पर भरोसा करेगी। यह किसी को पता नहीं। असल में, जानकार मान रहे इस बार का चुनाव पूर्व के चुनावों से सबसे अलग होने जा रहा। क्योंकि प्रत्याशियों के पास केवल कांग्रेस और भाजपा ही विकल्प नहीं। बल्कि आरएलपी, बसपा, माकपा, बीटीपी एवं आप भी ताल ठोक रहे। इसमें भी यदि राजे एवं पायलट के मन की नहीं हुई तो और उलटफेर की संभावना।<br />पिक्चर बाकी!<br />महाराष्ट्र में अभी कुछ होना बाकी। जिस तरह से अजित पवार ने भाजपानीत गठबंधन सरकार में महत्वपूर्ण मंत्रायल हथियाए, उससे शिंदे गुट असहज। जब अजित पवार सरकार में शामिल हो रहे थे तो यह भी सीएम शिंदे को तीन घंटे पहले बताया गया। आम चुनाव में अब एक साल से कम समय। कहीं विधानसभा चुनाव भी लोकसभा चुनाव के साथ ही न हो जाए। असल में, भाजपा एक अलग ही रणनीति पर काम कर रही। उसकी प्राथमिकता राज्य में सरकार चलाने से ज्यादा लोकसभा चुनाव में महाराष्ट्र में ज्यादा से ज्यादा सीटें जीतना। ताकि हिंदी पट्टी में होने वाले संभावित नुकसान की भरपाई की जा सकें। फिर अजित पवार मराठा क्षत्रप के नाम पर शिंदे से कहीं ज्यादा प्रभावशाली बताए जा रहे। इसीलिए अभी तक बीएमसी का चुनाव नहीं हो पा रहा। क्योंकि भाजपा जीत के प्रति आश्वस्त नहीं। मतलब पिक्चर अभी बाकी है।</p>
<p><strong>खेल न हो जाए!</strong><br />बिहार में लगातार अटकलों का दौर। महागठबंधन सरकार में सब कुछ ठीक नहीं। सीएम नीतीश कुमार चिढ़चिढ़ा रहे। सहयोगी राजद के नेता तेजस्वी यादव इशारों ही इशारों में मैसेज कर रहे। इसी बीच, दो दिन की बेंगलुरु में विपक्षी दलों की बैठक होने जा रही। लेकिन जिस तरह से 23 जून की पटना बैठक के बाद महाराष्ट्र में खेल हो गया। कहीं, वैसा ही खेल पटना में नहीं हो जाए। सो, नीतीश की निगाहें पटना में रहेंगी। बचा हुआ काम जहानाबाद के भाजपा महामंत्री की पटना में पार्टी के प्रदर्शन के दौरान मौत ने कर दिया।  इस घटना के बाद भाजपा सड़कों पर। वह नीतीश के प्रति बेहद आक्रामक। ऐसा एक अरसे बाद हो रहा। क्योंकि भाजपा लंबे समय तक जदयू के साथ सरकार में सहयोगी रही। इसलिए जरूरत नहीं पड़ी। लेकिन अब आमने-सामने। और इसी में खेल होने की संभावना!</p>
<p><strong>घायल लोकतंत्र...</strong><br />पश्चिम बंगाल के पंचायत चुनाव में करीब 55 लोगों का राजनीतिक हिंसा में मारा जाना मानो लोकतंत्र पर कलंक। भले ही वहां हिंसा रोकने एवं बूथ लूटने से रोकने के लिए केन्द्रीय बल तैनात किए गए। लेकिन सब बेमानी हो गया। मानो बंगाल में होने वाले किसी भी प्रकार के चुनाव में हिंसा एक सामान्य सी बात हो गई। यही हाल वामदलों के शासन में भी रहा। हालत यह कि हाईकोर्ट को भी ममता सरकार के खिलाफ सख्त टिप्पणियां करनी पड़ीं। हाईकोर्ट ने परिणाम रोक देने तक की बात कही। असल में, ममता बनर्जी के शासन में साल 2011 से ही चुनावों में हिंसा का आलम रहा। मई 2021 में तो मानो संगठित हिंसा हुई। इससे लाखों लोगों को पलायन करना पड़ा। लेकिन हालात बदले नहीं। ऐसे में क्या राष्ट्रपति शासन लगाना ही विकल्प? हां लोकतंत्र जरूर घायल हुआ। इसका जवाब कौन देगा?</p>
<p><strong>भांति-भांति का विपक्ष!</strong><br />इन दिनों बात भले ही विपक्षी दलों की एकता की हो रही। लेकिन कई दलों की हालत तो यह हो गई कि वह अपने अस्तित्व की अंतिम लड़ाई लड़ रहे। इनमें से किसी की पहचान व्यक्तिवादी की, तो किसी की पहचान जातिवादी की। कुछ दल क्षेत्रवादी एवं भाषाई भी। हालांकि क्षेत्रीय दलों में परिवारवादी पार्टियों की कमी नहीं। लेकिन इसी के साथ वह दल भी, जिनमें अभी अगली पांत का पता नहीं। नीतीश कुमार की जदयू और ओडिशा में नवीन पटनायक की बीजद इसी श्रेणी में। वामदल ऐसे, जहां परिवारवाद का नाम नहीं। शुद्ध कैडर आधारित विचारधारा आधारित दल। जबकि सपा, रालोद, टीडीपी, राजद, डीएमके, जेएमएम, एनसीपी, शिवसेना उद्धव गुट, एनसी, पीडीपी जैसे दलों पर परिवारवादी होने का आरोप चस्पा। फिर कांग्रेस तो भाजपा की नजर में वंशवाद का नायाब उदाहरण। लेकिन अब खुद भाजपा का भी कांग्रेसीकरण होने के आरोप लग रहे।     </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>इंडिया गेट</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/india-gate/rainbow-politics/article-51990</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/india-gate/rainbow-politics/article-51990</guid>
                <pubDate>Mon, 17 Jul 2023 11:24:34 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-07/india-gate02.jpg"                         length="353716"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एक चोट भाजपा पर भारी</title>
                                    <description><![CDATA[लोकसभा चुनाव के बाद से ही बंगाल विधानसभा चुनाव की तैयारी कर रहे भाजपा के रणनीतिकारों को अब इस बात का बखूबी एहसास हो चला होगा कि ममता बनर्जी से निपटना किस कदर मुश्किल है। मुल्क के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ब्रिगेड मैदान की रैली में ममता बनर्जी के स्कूटी चलाने पर तंज कसते हुए कहा था कि दीदी की स्कूटी नंदीग्राम में गिरना तय है, हम इसमें क्या कर सकते हैं। संयोग देखिए कि संकेत के तौर पर कही गई ये बात अलग तरह से सच हो गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/india-gate/%E0%A4%8F%E0%A4%95-%E0%A4%9A%E0%A5%8B%E0%A4%9F-%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%AA%E0%A4%BE-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80/article-67"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-04/2021-03-13~sywur_nl.jpg" alt=""></a><br /><p>लोकसभा चुनाव के बाद से ही बंगाल विधानसभा चुनाव की तैयारी कर रहे भाजपा के रणनीतिकारों को अब इस बात का बखूबी एहसास हो चला होगा कि ममता बनर्जी से निपटना किस कदर मुश्किल है। मुल्क के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ब्रिगेड मैदान की रैली में ममता बनर्जी के स्कूटी चलाने पर तंज कसते हुए कहा था कि दीदी की स्कूटी नंदीग्राम में गिरना तय है, हम इसमें क्या कर सकते हैं। संयोग देखिए कि संकेत के तौर पर कही गई ये बात अलग तरह से सच हो गई। बुधवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी नंदीग्राम की एक रैली के दौरान घायल हो गईं। दर्द से कराहते हुए उनने बताया कि चार-पांच लोगों ने उनके साथ बदसलूकी की और उन्हें चोट लगी, जबकि इस दौरान पुलिस की सुरक्षा उनके पास नहीं थी। टीएमसी इसके पीछे विरोधियों को और खासतौर से भाजपा को जिम्मेदार ठहरा रही है। <br /> <br /> टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने आरोप लगाया है कि 9 मार्च को सूबे के डीजीपी को चुनाव आयोग ने हटाया और 10 को दीदी के साथ ये हादसा हो गया। उनने जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग करते हुए सवाल उठाया कि जेड प्लस सुरक्षा में होने के बावजूद एक मुख्यमंत्री और चुनाव प्रत्याशी पर हमला कैसे हुआ। सवाल वाजिब है क्योंकि किसी सूबे के मुख्यमंत्री की सुरक्षा में ऐसी चूक आखिर कैसे हुई। फिलहाल ममता बनर्जी अस्पताल में हैं, उनके पैर पर प्लास्टर चढ़ा हुआ है। शायद अगले कुछ दिनों तक वे चुनावी रैली भी न कर सकें। ममता इस हमले को साजिश बता रही हैं और इस घटना ने भाजपा को बचाव की मुद्रा में ला खड़ा किया है। वह सफाई देती घूम रही है कि उसने यह हमला नहीं करवाया है। गोदी मीडिया भी सफाई की कवायद में जुटा है। तमाम चैनलों पर घटना के कथित चश्मदीद गवाह पेश किए जा रहे हैं। जिनके मुताबिक ममता बनर्जी की कार का खुला दरवाजा एक खंभे से टकरा गया और ममता बनर्जी को इसमें चोट लग गई। <br /> <br /> इन गवाहों में से कुछ ने तो बाकायदा फैसला ही सुना दिया कि ये हादसा था, कोई साजिश नहीं। एक चैनल पर तो ये गवाह गवाही देते जयश्रीराम का नारा भी बुलंद कर बैठे। जो जाने अनजाने गवाहों की सच्चाई और निष्टा का खुद ही सवाल खड़ा करता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गालिबा चुनाव नतीजों के बाद ममता बनर्जी की स्कूटी गिरने की बात कही हो, मगर दीदी को चोट पहले लग गई। कमाल देखिए कि चोट दीदी को लगी है और दर्द भाजपा को हो रहा है। भाजपा ने मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है। ताकि साबित किया जा सके कि यह साजिश नहीं हादसा है। यानी ममता बनर्जी को लगी इस चोट ने भाजपा के रणनीतिकारों को सिर के बल ला खड़ा किया है। वरना यह हकीकत है कि पश्चिम बंगाल में भाजपा की सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की कोशिशें काफी हद तक सफल हुई है। भाजपा की ओर से ध्रुवीकरण की सियासत का ही नतीजा था कि ममता बनर्जी तक को देवी पूजा के श्लोक पढ़ने पड़ रहे थे। यानी जहां अब तक चुनाव में जनता से जुड़े मुद्दों की जिक्र होता था, वहां अब हिंदुत्व कार्ड के बरक्स ममता बनर्जी सरीखी नेताओं को भी खुलकर धार्मिक आस्था का प्रदर्शन करना पड़ रहा है। <br /> <br /> हालांकि पश्चिम बंगाल में सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की कोशिशें किसी मकाम तक पहुंचतीं। इससे पहले ममता के चोट ने सूबे की सियासत में एक नया मोड़ ला दिया है। फिलहाल ममता बनर्जी की चोट जेरेबहस है। विधानसभा चुनाव की अधिसूचना के साथ ही कानून व्यवस्था अब चुनाव आयोग के हाथों में हैं। कमाल देखिए कि इसी कानून-व्यवस्था की दुहाई देते हुए आठ चरणों में मतदान का ऐलान किया गया था। तब चुनाव आयोग की ओर से साफ तौर पर दलील दी गई थी कि सूबे की कानून व्यवस्था को देखते हुए ऐसा किया गया है। फिलहाल सूबे में कानून व्यवस्था चुनाव आयोग के हाथों में है और अब कानून व्यवस्था का आलम ये है कि राज्य की मुख्यमंत्री ही एक रैली के दौरान घायल हो जाती हैं। उनके पैर, कंधों में चोट आ जाती है और उनका कहना है कि उन पर साजिशन हमला किया गया है। ऐसे में कानून व्यवस्था से जुड़ा एक बड़ा सवाल पैदा होता है कि जब सूबे की मुख्यमंत्री खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर पा रहे हैं, तो आम आदमी की बिसात ही क्या है? वह भी एक ऐसे माहौल में, जहां जंग जैसी हालत बनी हुई है। <br /> <br /> गली मोहल्लों में रोजाना हिंसक झड़पें हो रही हैं। मरने मारने की बात खुलेआम मंचों से की जा रही है। अभी पिछले दिनों ही जिस ब्रिगेड मैदान की रैली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ममता बनर्जी की स्कूटी नंदीग्राम में गिरने का तंज कसा था, उसी मैदान में उनकी मौजूदगी में फिल्मी कलाकार मिथुन चक्रवर्ती ने खुद को कोबरा बताया था और कहा था कि कि यहां मारूंगा तो श्मशान में लाश मिलेगी। मुल्क के प्रधानमंत्री की मौजूदगी में ऐसी शब्दावली का इस्तेमाल साफ संकेत करता है कि बेशक तलवारें भले खुले आम न लहराई जा रही हों, चुनावों में धनबल, बाहुबल, छल-कपट, षड्यंत्रों का इस्तेमाल तो धड़ल्ले से हो रहा है। बहरहाल, ममता बनर्जी ने अस्पताल से संदेश जारी कर अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील की है। कहने की दरकार नहीं कि ममता बनर्जी के पैर में लगी चोट भाजपा पर भारी पड़ सकती है। फिलहाल तो वह बैकफुट पर है।<br /> <strong>-शिवेश गर्ग (ये लेखक के अपने विचार हैं)</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>इंडिया गेट</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/india-gate/%E0%A4%8F%E0%A4%95-%E0%A4%9A%E0%A5%8B%E0%A4%9F-%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%AA%E0%A4%BE-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80/article-67</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/india-gate/%E0%A4%8F%E0%A4%95-%E0%A4%9A%E0%A5%8B%E0%A4%9F-%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%AA%E0%A4%BE-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80/article-67</guid>
                <pubDate>Fri, 02 Apr 2021 17:24:12 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2021-04/2021-03-13~sywur_nl.jpg"                         length="51438"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        