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                <title>Kota University - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Kota University RSS Feed</description>
                
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                <title>18 दिन बाद भी पोर्टल पर शो नहीं हो रहे परिणाम, फर्स्ट ग्रेड एग्जाम की पात्रता पर लटकी तलवार  </title>
                                    <description><![CDATA[ कोटा यूनिवर्सिटी ने यूजी व पीजी के सैकंड और फोर्थ सेमेस्टर के  परिणाम तो जारी कर दिए लेकिन रिवोलेशन के रिजल्ट पोर्टल पर शो नहीं हो रहे]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/results-not-showing-on-portal-even-after-18-days/article-118102"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/news-(1)42.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा यूनिवर्सिटी ने यूजी व पीजी के सैकंड और फोर्थ सेमेस्टर के  परिणाम तो जारी कर दिए लेकिन रिवोलेशन के रिजल्ट पोर्टल पर शो नहीं हो रहे। जबकि, विवि ने इन्हीं सेमेस्टर के एग्जाम फॉर्म भी निकाल दिए हैं। ऐसे में विद्यार्थी असमंजस में है कि पुन:मूल्यांकन में नंबर बढ़ने पर पास होते हैं तो अगले सेमेस्टर की तैयारी करें या फेल होने पर इसी सेमेस्टर के एग्जाम फॉर्म फिर से भरें। यह तय नहीं हो पा रहा। विवि की लेटलतीफी से परेशान विद्यार्थियों को यूनिवर्सिटी के चक्कर काटने को मजबूर हो रहे हैं। </p>
<p><strong>रात 9.30 बजे तक भी अपलोड नहीं हुए रिजल्ट </strong><br />विश्वविद्यालय ने 2 जून को पीजी में सैकंड व फोर्थ सेमेस्टर  के पुन:मूल्यांकन का परिणाम जारी किया था। इसके बाद 12 जून को यूजी के सैकंड सेमस्टर रिवोलेशन का रिजल्ट जारी किया था, जो 20 जून की रात 9.30 बजे तक भी पोर्टल पर अपलोड नहीं हुए। ऐसे में 18 दिन से विद्यार्थी परेशान हो रहे हैं। </p>
<p><strong>40% विद्यार्थी हो रहे परेशान</strong><br />राजकीय महाविद्यालय कोटा के निर्वतमान छात्रसंघ अध्यक्ष आशीष मीणा का कहना है कि विवि की लेटलतीफी के कारण 40% विद्यार्थियों के परिणाम शो नहीं हो रहे। गत 8 व 9 जून को सवाईमाधोपुर सहित शहर के कई विद्यार्थी यूनिवर्सिटी के परीक्षा में स्थित शिकायत समाधान  विंडों पर गए तो वहां कार्यरत कर्मचारियों ने 15 जून तक पोर्टल पर रिजल्ट अपलोड किए जाने की बात कही थी लेकिन अब तक रिजल्ट का अता पता नहीं है। ऐसे में दूर-दराज से आने वाले विद्यार्थियों को परेशानियो का सामना करना पड़ रहा है। </p>
<p><strong>इधर, एग्जाम फॉर्म भरें या नहीं, असमंजस में विद्यार्थी </strong><br />यूनिवर्सिटी ने यूजी व पीजी के सैकंड व फोर्थ सेमेस्टर के एग्जाम फॉर्म निकाल दिए हैं। जिसकी अंतिम तिथि 26 जून है। ऐसे में विद्यार्थियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है कि वह परीक्षा फॉर्म भरे या नहीं। क्योंकि, जो विद्यार्थियों पुन:मूल्यांकन   के परिणाम का इंतजार कर रहे हैं, उनमें असमंजस बना हुआ है कि यदि, वह पास हो जाते हैं तो वे अगले सेमेस्टर के एग्जाम फॉर्म भरेंगे यदि फेल हो जाते हैं तो फिर से सेकंड व फोर्थ सेमेस्टर के परीक्षा फॉर्म भरेंगे। इसी कशमकश में आवेदन की अंतिम तिथि निकल गई तो यह विद्यार्थी न इधर के रहेंगे न उधर के।  </p>
<p><strong>रोल नंबर डालते ही पोर्टल बता रहा इनवेलिड </strong><br />छात्र कैलाश कुमार, योगेंद्र नथावत ने बताया कि विवि के पोर्टल पर सही रोल नंबर डालने पर भी इनवेलिड बता रहा है। जबकि, पूर्व में यूनिवर्सिटी जाकर बात की तो वहां कर्मचारियों ने जवाब दिया कि रिलोवेशन के रिजल्ट अभी कंप्लीट नहीं हुए हैं, कंप्लीट होने पर अपलोड कर दिए जाएंगे।  </p>
<p><strong>करौली व सवाई माधोपुर तक के विद्यार्थी काट रहे चक्कर </strong><br />विद्यार्थियों का कहना था कि यूनिवर्सिटी प्रशासन का कहना है कि हम चरणबद्ध तरीके से परिणाम जारी करते हैं, यदि, ऐसा है तो विवि को नोटिफिकेशन जारी करना चाहिए ताकि करौली,सवाई माधोपुर,गंगापुर सिटी,झालावाड़ दूर-दूराज से किराया लगाकर विवि आने वाले छात्रों को चक्कर नहीं काटने पड़े।</p>
<p><strong>फर्स्ट ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा से वंचित होने का खतरा</strong><br />राजस्थान लोकसेवा आयोग की ओर से माध्यमिक शिक्षा विभाग में फर्स्ट ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा का आयोजन 23 जून से होना है। जिसके लिए विद्यार्थियों की यूजी व पीजी दोनों की डिग्री कम्पलीट होना  जरूरी है। लेकिन, कई विद्यार्थी ऐसे हैं, जो एमए, एमएससी व एमकॉम के सैकंड व फोर्थ सेमेस्टर के पुन:मूल्यांकन का फॉर्म भरा था, जिनका परिणाम अब तक नहीं आने से उनकी डिग्री अधूरी पड़ी है।  यदि, नंबर बढ़ने पर पास होते हैं तो उनकी पीजी की डिग्री कम्पलीट हो जाएगी और वे भर्ती परीक्षा देने के पात्र हो सकेंगे। ऐसे में विवि को विद्यार्थियों के हितों को देखते हुए जल्द से जल्द पुन:मूल्यांकन के परिणाम अपलोड करने चाहिए। <br /><strong>-आशीष मीणा, निवर्तमान छात्रसंघ अध्यक्ष, राजकीय महाविद्यालय कोटा</strong></p>
<p><strong>एग्जाम फॉर्म भरुं या अगले सेमेस्टर की तैयारी करुं</strong><br /> मैं बीएससी फोर्थ सेमेस्टर का छात्र हूं। सेकंड सेमेस्टर में पुन:मूल्यांकन का फॉर्म भरा था। मेरा अभी तक भी रिजल्ट साइड पर अपलोड नहीं हुआ है। ऐसे में 7 दिन पूर्व सवाईमाधोपुर से कोटा आकर विवि गया था तो वहां कार्यरत कर्मचारियों ने एक-दो दिन में रिजल्ट अपलोड करने की बात कही थी। लेकिन अब तक नहीं हुआ। वहीं, यूनिवर्सिटी में हमारे एग्जाम फॉर्म भी निकल दिए हैं, अब असमंजस की स्थिति बनी हुई है कि मैं फिर से फोर्थ सेमेस्टर का एग्जाम फॉर्म भरुं या अगले सेमेस्टर कीतैयारी करुं। <br /><strong>-अभिषेक कुमार, छात्र सवाईमाधोपुर  </strong></p>
<p><strong> फर्स्ट ग्रेड के पेपर का क्या होगा</strong><br />मैं एमएससी फोर्थ सेमेस्टर की छात्रा हूं। मेरा थर्ड सेमेस्टर के रिवोलेशन का रिजल्ट अब तक नहीं आया। जबकि, मेरा फोर्थ सेमेस्टर क्लियर हो गया है। इन दिनों स्कूल भर्ती परीक्षा फर्स्ट ग्रेड की तैयारी कर रही हूं, जिसका पेपर 23 जून को है। ऐसे में जल्द से जल्द रिजल्ट अपलोड होना जरूरी है ताकि डिग्री कम्पलीट होने पर मैं एग्जाम के लिए पात्र हो सकूं।  <br /><strong>-नीतेश कुमारी, छात्रा एमएससी गवर्नमेंट साइंस कॉलज कोटा</strong></p>
<p>मेरा सेकंड सेमेस्टर का रिजल्ट 12 तारीख को आ चुका है। जिसमें एक विषय में बैक आई थी। इसलिए मैंने पुन:मूल्यांकन के लिए आवेदन किया था। लेकिन, अब तक रिजल्ट अपलोड नहीं हुआ। इस वजह से फोर्थ सेमेस्टर का एग्जाम फॉर्म भरने में दिक्कत आ रही है। विवि को जल्द रिजल्ट अपलोड करना चाहिए। <br /><strong>-लक्की नागर, छात्र गवर्नमेंट कॉलेज कोटा </strong></p>
<p>हमारी तरफ से सभी विद्यार्थियों के पुन:मूल्यांकन के परिणाम  शुक्रवार को ही वेबसाइड पर अपलोड कर दिए गए हैं। अब परिणाम शो हो रहे हैं। <br /><strong>-प्रवीण भार्गव, परीक्षा नियंत्रक कोटा यूनिवर्सिटी </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 21 Jun 2025 16:48:21 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का - कोटा विवि ने स्थगित की 12 अप्रेल की सभी सेमेस्टर परीक्षाएं</title>
                                    <description><![CDATA[सेमेस्टर एग्जाम स्थगित होने पर विद्यार्थियों ने नवज्योति का आभार जताया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-the-news---kota-university-postponed-all-semester-exams-of-12th-april/article-109742"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/news11.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड  की ओर से 12 अप्रेल को होने वाली जेल प्रहरी सीधी भर्ती परीक्षा के चलते कोटा यूनिवर्सिटी ने इसी तिथी पर होने वाली यूजी व पीजी की सेमेस्टर परीक्षाएं स्थगित कर दी है। दैनिक नवज्योति में 3 अप्रेल को सेमेस्टर एग्जाम से टकराई प्रतियोगी परीक्षा की तिथी, संकट में विद्यार्थी..., शीर्षक से खबर प्रकाशित होने के अगले ही दिन कोटा यूनिवर्सिटी ने छात्रहित में 12 अप्रेल को होने वाली विभिन्न सेमेस्टर परीक्षाएं स्थगित कर छात्रों को राहत पहुंचाई। प्रतियोगी परीक्षा से विवि की सेमेस्टर  परीक्षाएं टकराने से विद्यार्थी असमंजस में थे कि वह किस परीक्षा की तैयारी करें। इसी कशमकश के कारण स्टूडेंट्स दोनों ही परीक्षाओं पर फोकस नहीं कर पा रहे थे। सेमेस्टर एग्जाम स्थगित होने पर विद्यार्थियों ने नवज्योति का आभार जताया। </p>
<p><strong>अब 23 अप्रेल को होगी सेमेस्टर परीक्षाएं</strong><br />कोटा विवि के परीक्षा नियंत्रक प्रवीण भार्गव ने बताया कि यूनिवर्सिटी द्वारा  स्थगित की गई 12 अप्रेल को होने वाली विभिन्न सेमेस्टर की परीक्षाएं  अब 23 अप्रेल को आयोजित की जाएगी। उन्होंने परीक्षार्थियों से आग्रह किया है कि वे अपने परीक्षा प्रवेश पत्र में पूर्व में निर्धारित परीक्षा केंद्र व निर्धारित समय पर केंद्र पर उपस्थिति दर्ज कराएं।</p>
<p><strong>विद्यार्थियों ने जताया नवज्योति का आभार</strong><br />गवर्नमेंट कॉलेज कोटा के निवृतमान छात्रसंघ अध्यक्ष आशिष मीणा ने छात्रों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाने व परेशानियों का समाधान करवाने के लिए दैनिक नवज्योति का आभार जताया। उन्होंने कहा कि हजारों विद्यार्थी लंबे समय से प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे थे, लेकिन परीक्षा की तिथी से सेमेस्टर एग्जाम की तिथि टकराने से विद्यार्थी अवसाद में आ गए थे। ऐसे में कोटा यूनिवर्सिटी द्वारा 12 अप्रेल को होने वाली सभी यूजी-पीजी की सेमेस्टर परीक्षाएं स्थगित करने से विद्यार्थियों को बड़ी राहत मिली है। साथ ही परीक्षा तैयारी का समय भी मिल पाएगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 05 Apr 2025 15:29:42 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>छात्रवृति के लिए दो सरकारी विभागों के बीच 5 माह से पिस रहे हजारों विद्यार्थी, सामाजिक अधिकारिता विभाग ने रोकी छात्रवृति </title>
                                    <description><![CDATA[स्कोलरशिप नहीं मिलने से हजारों विद्यार्थियों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी बीएड कॉलेज के अभ्यर्थियों को हो रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/thousands-of-students-are-being-torn-between-two-government-departments-for-scholarship-for-the-last-5-months/article-106618"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/2557rtrer1.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। हाड़ौती के हजारों विद्यार्थी इन दिनों दो सरकारी विभागों के बीच पिस रहा है। इधर, कोटा विश्वविद्यालय बीए, बीएससी व बीकॉम फर्स्ट और सैकंड सेमेस्टर के परिणाम जारी होने के 5 माह बाद भी मार्कशीट जारी नहीं कर रहा। उधर, अंकतालिका के अभाव में सामाजिक अधिकारिता विभाग ने छात्रवृति नहीं दे रहा। पिछले पांच महीने से विद्यार्थी दोनों विभागों के बीच चक्कर काट रहा लेकिन  उन्हें न तो अपना हक मिल रहा और नहीं उच्च शिक्षा में प्रोत्साहन। सेमेस्टर एग्जाम व एडमिशन फीस तक भरना मुश्किल हो गया। जबकि, अधिकांश स्टूडेंट्स की पढ़ाई छात्रवृत्ति पर निर्भर रहती है। ऐसे में विद्यार्थी कॉलेज से लेकर सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग के चक्कर काट-काट चक्कर घन्नी हो गए। दरअसल, सरकार की ओर से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को प्रोत्साहन देने के लिए उत्तर मैट्रिक छात्रवृति योजना चलाई जा रही है। जिसके तहत इन वर्गों के विद्यार्थियों को हर साल छात्रवृति दी जाती है। लेकिन, पिछले 5 माह से इन्हें स्कोलरशिप नहीं दी गई। ऐसे में विद्यार्थी कर्जा लेकर फीस जमा करवाने को मजबूर हो रहे हैं। </p>
<p><strong>अधिकारिता विभाग ने रिजेक्ट की नेट की मार्कशीट</strong><br />छात्रों का कहना है, बीए, बीएससी व बीकॉम प्रथम ईयर के दोनों समेस्टर एग्जाम पहले ही हो चुके हैं, जिनके परिणाम आए 5 माह बीत गए, इसके बावजूद कोटा यूनिवर्सिटी ने मार्कशीट जारी नहीं की। जबकि, छात्रवृति के फॉर्म के साथ आॅरिजनल मार्कशीट की आवश्यकता होती है। जब यूनिवर्सिटी जाते हैं तो वहां इंटरनेट की अस्थाई अंकतालिका पर सील लगाकर दे देते हैं, जिसे सामाजिक अधिकारिता विभाग रिजेक्ट कर देता है।  </p>
<p><strong>उधार लेकर भर रहे टयूशन व एग्जाम फीस  </strong><br />स्कोलरशिप नहीं मिलने से हजारों विद्यार्थियों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी बीएड कॉलेज के अभ्यर्थियों को हो रही है। कई अभ्यर्थियों को बीएड प्रथम तो किसी को द्वितीय वर्ष की फीस भरने के लिए छात्रवृति का इंतजार है। वहीं, साल में दो बार होने वाले सेमेस्टर एग्जाम की फीस भरने के लिए भी दूसरों से कर्जा मांगना पड़ रहा है।  </p>
<p><strong>क्या कहते हैं विद्यार्थी </strong><br />मैंने पिछले साल सत्र 2023-24 में बीए फाइनल इटावा कॉलेज से किया था। रिजल्ट में सप्लीमेंट्री थी, जब रिवेल करवाया तो नंबर बड़े और पास हो गई। अब मैंने वर्तमान में कोटा विश्वविद्यालय के चित्रकला विभाग में एमए में एडमिशन है और छात्रवृत्ति का फॉर्म भर रखा है, जिसमें मूल  अंकतालिका मांग रहे हैं लेकिन अभी तक मेरे रिवेल की मार्कशीट नहीं आई है। <br /><strong>-कृष्णा मीणा, छात्रा एमए </strong></p>
<p>राजकीय कला महाविद्यालय कोटा में एमए समाजशात्र में एडमिशन लिया है। अभी तक फोर्थ सेमेस्टर पास हो चुकी हूं लेकिन थर्ड व फोर्थ सेमेस्टर की मार्कशीट नहीं आने से मुझे दूसरी शैक्षणिक संस्था में एडमिशन नहीं मिल पा रहा। जिसकी वजह से काफी परेशानी हो रही है।  <br /><strong>-शिल्पा चौधरी, छात्रा एमए </strong></p>
<p>कोटा यूनिवर्सिटी न तो परीक्षा समय पर करवा रही और न ही मार्कशीट जारी कर रही। इधर, छात्रवृत्ति के आवेदन में सामाजिक अधिकारिता विभाग मार्कशीट के अभाव में आॅब्जेक्शन लगा रहा है, उधर विश्वविद्यालय  नेट की अस्थाई अंकतालिका पर सील लगाकर दे रहा है, जिसे अधिकारिता विभाग निरस्त कर रहा है। यदि, छात्रवृति का आॅब्जेक्शन क्लियर नहीं करवाया तो फॉर्म आॅटो रिजेक्ट हो जाएगा। <br /><strong>-रोहिताश मीणा, महानगर सहमंत्री एबीवीपी कोटा महानगर </strong></p>
<p>मैं कोटा विवि में एमए भूगोल का छात्र हूं। थर्ड सेमेस्टर चल रहा है लेकिन अभी तक 1 व 2 सेमेस्टर की मार्कशीट नहीं आई। छात्रवृत्ति फॉर्म में मार्कशीट का आॅब्जेक्शन आया है। जब विवि में 101 रूम पर पूछा तो कार्मिकों ने नेट की मार्कशीट को सील लगाकर दे दी, जिसे सामाजिक अधिकारिता विभाग ने अमान्य कर दिया।  <br /><strong>-दीपक कुमार, छात्र  </strong></p>
<p>मेरा एमए फोर्थ सेमेस्टर पूरा हो चुका है, लेकिन अभी तक यूनिवर्सिटी द्वारा मार्कशीट नहीं दी जा रही। ऐसे में कॉलेज प्रशासन ने टीसी देने से माना कर दिया। जिसकी वजह से मुझे दूसरी जगह एडमिशन नहीं मिल पा रहा।  <br /><strong>-भुनेश सुमन, छात्र पीजी कॉलेज झालावाड़ </strong></p>
<p>पिछले पांच महीने से विवि के चक्कर काट रही हूं, मार्कशीट नहीं आने से छात्रवृति का फॉर्म नहीं भर पा रही। साथियों के फॉर्म आॅब्जेक्शन की वजह से रिजेक्ट हो गए। छात्रवृति नहीं मिलने से ट्यूशन फीस देना मुश्किल हो रहा है।  <br /><strong>-खुशी मीणा, जेडीबी आर्ट्स </strong></p>
<p>मैं एम इतिहास का थर्ड सेमेस्टर का छात्र हूं। छात्रवृत्ति के फॉर्म में अंकतालिका के अभाव में आॅब्जेक्शन आया है, यूनिवर्सिटी गया तो वहां से मार्कशीट प्रिंट होने की प्रोसेज चलने की बात कहीं गई। जिसमें कितना समय लगेगा, यह भी नहीं बताया जा रहा। अब बिना मार्कशीट के आॅब्जेक्शन कैसे क्लियर करवाऊं। <br /><strong>-अशोक मीणा, छात्र एमए  </strong></p>
<p>समय पर मार्कशीट जारी नहीं हुई तो विद्यार्थियों का फॉर्म रिजेक्ट हो जाएगा। वहीं, लेट लतीफी के कारण  छात्रवृति का बजट खत्म हो गया तो उन्हें आगे की पढ़ाई  में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। अधिकतर विद्यार्थियों की पढ़ाई स्कोलरशिप पर निर्भर होती है। <br /><strong>-देवकी नंदन, छात्रनेता कोटा विवि </strong></p>
<p>यूनिवर्सिटी में सैंकड़ों विद्यार्थियों से मूल अंकतालिका  जारी नहीं होने की शिकायत मिलती है। ग्रामीण अंचल के विद्यार्थी शहर में रूम लेकर कॉलेजों में पढ़ाई करते हैं। जिन्हें छात्रवृति नहीं मिलने से आर्थिक परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। <br /><strong>-जितेश मीणा, छात्र नेता कोटा यूनिवर्सिटी </strong></p>
<p>छात्रवृति के आवेदन में विद्यार्थियों को ओरिजनल  मार्कशीट ही लगानी होगी। नेट की मार्कशीट मान्य नहीं है। इस संबंध में विभाग के  की स्पष्ट गाइड लाइन है। <br /><strong>-सविता कृष्णैया, संयुक्त निदेशक सामाजिक अधिकारिता विभाग </strong></p>
<p>नए फोर्मेट के अनुरूप मार्कशीट तैयार करने में थोड़ा समय लगा है। शीघ्र ही संबंधित महाविद्यालयों को अंकतालिकाएं प्रेषित कर दी जाएगी। विद्यार्थियों को किसी भी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए कार्य प्रगति से किया जा रहा है। <br /><strong>-प्रवीण भार्गव, परीक्षा नियंत्रक, कोटा विवि </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 06 Mar 2025 16:25:21 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का-कोटा विवि में 1 फरवरी से शुरू होगी केंटीन, 6 माह में बनेगी पानी की टंकी</title>
                                    <description><![CDATA[दो साल से बंद पड़ी लाखों की केंटीन शुरू होने जा रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-effect-of-the-news---canteen-will-start-in-kota-university-from-february-1--water-tank-will-be-built-in-6-months/article-102475"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-01/7813.png" alt=""></a><br /><p> कोटा। कोटा विश्वविद्यालय में दो साल से बंद पड़ी 34 लाख की केंटीन का संचालन एक फरवरी से शुरू किया जाएगा। केंटीन शुरू होने से विद्यार्थियों, अभिभावकों व शिक्षकों को राहत मिल सकेगी। विद्यार्थियों को अब अल्पहार के लिए एक किमी दूर दुकानों के चक्कर काट भटकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। दैनिक नवज्योति द्वारा छात्रहित में लगातार खबरें प्रकाशित कर विद्यार्थियों की ज्वलंत समस्याओं के प्रति विवि के अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया। इसी का नतीजा है कि दो साल से बंद पड़ी लाखों की केंटीन शुरू होने जा रही है। वहीं, परीक्षाओं व परिणामों से संबंधित समस्याओं के समाधान का भी मार्ग प्रशस्त्र किया। दरअसल, विश्वविद्यालय में बुधवार को विभिन्न समस्याओं के समाधान को लेकर कुलसचिव डॉ. भावना शर्मा की अध्यक्षता में सभी विभागों-अनुभागों के अधिकारियों व प्रभारियों की बैठक आयोजित हुई। जिसमें विश्वविद्यालय व अन्य महाविद्यालयों में अध्ययनरत नियमित एवं स्वयंपाठी छात्र-छात्राओं से जुड़ी समस्याओंं पर चर्चा की गई। साथ ही समाधान को लेकर महत्वपूर्ण निम्नलिखित निर्णय लिए गए।  </p>
<p><strong>बैठक में यह लिए निर्णय</strong><br />- विवि परिसर में केंटीन का संचालन 1 फरवरी से शुरू किया जाएगा।  <br />- परीक्षा विभाग से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए परीक्षा नियंत्रक द्वारा एजेंसी कार्मिकों की नियमित बैठक लिए जाने पर सहमति बनी।<br />- निमार्णाधीन पानी की टंकी का काम आगामी 6 माह में पूर्ण करवा दिया जाएगा। <br />- कन्या छात्रावास अधीक्षक द्वारा फर्नीचर खरीद व पानी की समस्या को लेकर अभी कन्या छात्रावास शुरू करने में असहमति व्यक्त की गई।  <br />- विवि में फर्नीचर की कमी है। जल्द ही 1000 टेबल-कुर्सी खरीद किए जाने पर सहमति बनी। <br />- विवि के नियमित कार्मिकों के लिए रजिस्टेÑशन किया हुआ है और अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के रजिस्ट्रेशन के लिए विभागाध्यक्ष की सहमति आवश्यक बताई।<br />- कम्प्यूटर एवं लैपटॉप को शीघ्र क्रय करने के लिए दोनों पत्रावली क्रय समिति की बैठक में रखी जाए। <br />- सभी विभागों-अनुभागों के लिए विभिन्न उपापन के लिए तैयार करवाकर क्रय समिति से स्वीकृत कराये जाने पर सहमति बनी।  <br />- नागार्जुन भवन में द्वितीय तल पर स्थापित दो वाटर कूलर में से एक  प्रथम तल पर रसायन शास्त्र एवं भौतिक शास्त्र विभाग दोनों विभागों के स्तर पर समन्वय किया जाए। <br />- विवि  सम्पदा अधिकारी व कुलानुशासक को सम्पूर्ण विवि परिसर का निरीक्षण कर पाई गई खामियों के समाधान किए जाने की सख्त हिदायत दी गई।   </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Jan 2025 13:30:13 +0530</pubDate>
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                <title>34 लाख की कैंटीन दो साल से खा रही धूल, विद्यार्थियों व शिक्षकों को करना पड रहा परेशानी का सामना</title>
                                    <description><![CDATA[छात्राएं हो रहीं परेशान, थड़ियों पर छेड़खानी का रहता डर।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/canteen-worth-34-lakhs-is-gathering-dust-for-two-years/article-102409"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-01/0002.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा विश्वविद्यालय में लाखों की लागत से बनी कैंटीन दो साल से धूल खा रही है। जबकि, इसका लोकार्पण तत्कालीन राज्यपाल पहले ही कर चुके हैं। इसके बावजूद अब तक कैंटीन चालू नहीं हो सकी। जिसके चलते विद्यार्थियों व शिक्षकों को अल्पाहार के लिए एक किमी दूर मेडिकल कॉलेज चौराहे पर जाना पड़ता है। इनमें सबसे ज्यादा परेशानी छात्राओं के साथ है। उनके पैदल जाने और वापस आने में क्लास का वक्त निकल जाता है। ऐसे में छात्राएं नहीं जा पाती। उन्हें अधिकतर समय भूखा ही रहना पड़ता है। दरअसल, कोटा यूनिवर्सिटी में 34 लाख की लागत से कैंटीन का निर्माण करवाया गया था। जिसका लोकार्पण 28 फरवरी 2023 को दीक्षांत समारोह के समय तत्कालीन राज्यपाल ने किया था। इसके बावजूद तब से कैंटीन ताले में बंद पड़ी है।</p>
<p><strong>अल्पाहार के लिए एक किमी की दौड़</strong><br />कैंटीन की सुविधा नहीं होने से विद्यार्थियों को एक किमी दूर मेडिकल कॉलेज चौराहे पर जाना-आना पड़ता है। वहीं, गर्मियों में इनती लंबी दूरी तय करना छात्र-छात्राओं के लिए चुनौतीभरा रहता है। हालात यह हैं, आने-जाने में ही इतना समय बर्बाद हो जाता है कि छात्रों की क्लास का समय निकल जाता है। यूनिवर्सिटी के बाहर थड़ियां लगी हैं, जहां लोगों की भीड़ रहती है। ऐसे में वहां जाने में छात्राएं असहज महसूस करती हैं।</p>
<p><strong>बाहर से आने वाले विद्यार्थियों को परेशानी</strong><br />विद्यार्थियों ने बताया कि कैंटीन बंद होने से सबसे ज्यादा परेशानी कोटा विवि में दूरदराज से आने वाले विद्यार्थियों को उठानी पड़ती है। एडमिशन के दौरान फॉर्म जमा करवाने व परीक्षा के दिनों में यूजी व पीजी एग्जाम फॉर्म भरने व आॅफलाइन करेक्शन का कार्य करवाने के लिए विद्यार्थी सुबह से ही यूनिवर्सिटी पहुंच जाते हैं। उन्हें फॉर्म सहित अन्य कार्य करवाने में पूरा दिन बीत जाता है।  ऐसे में उन्हें दिनभर भूखे रहना पड़ता है।   </p>
<p><strong>नो प्रोफिट नो लॉस पर चले कैंटीन</strong><br />कोटा यूनिवर्सिटी के छात्र रोहिताश मीणा ने बताया कि दो साल से कैंटीन चालू नहीं होने का सबसे प्रमुख कारण महंगा किराया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने कैंटीन का 29 हजार किराया तय किया था। वहीं, नल-बिजली का अलग चार्ज शामिल है। इसकी वजह से किसी ने भी टैंडर डालने में रुची नहीं दिखाई। जबकि, विश्वविद्यालय प्रशासन को नो प्रोफिट नो लॉस पर कैंटीन का संचालन करवाकर विद्यार्थियों को सुविधा का लाभ देना चाहिए। देश की कई यूनिवर्सिटीज में इसी तर्ज पर कैंटीन का संचालन किया जाता है। </p>
<p>मेरी क्लास सुबह 9 से शाम 5 बजे तक चलती है। गांव से दूर रूम लेकर रहती हूं। सुबह जल्दी उठकर नाश्ता नहीं बना पाती हूं। ऐसे में सुबह यूनिवर्सिटी पहुंच जाती हूं, इसके बाद दिनभर यहीं रहती हूं, कैंटीन नहीं होने से दिनभर भूखा रहना पड़ता है।  <br /><strong>- कृष्णा कुमारी, छात्रा चित्रकला</strong></p>
<p>कैंटीन एक फरवरी से शुरू हो जाएगी। जिससे विद्यार्थियों व शिक्षकों को राहत मिलेगी। <br /><strong>- डॉ. भावना, कुल सचिव कोटा विश्वविद्यालय</strong></p>
<p>मैं विश्वविद्यालय का नियमित छात्र हूं, सुबह से शाम तक क्लास रहती है। कई बार बीच में लंच करने घर जाता हूं तो आने-जाने में इतना समय गुजर जाता है कि एक क्लास तो छूट जाती है। यदि, विश्वविद्यालय में बनी कैंटीन शुरू हो जाती है तो मेरे जैसे कई विद्यार्थियों को भूखा नहीं रहना पड़ेगा और न ही लंच के फेर में क्लास छुटेगी।  <br /><strong>- दीपक मीणा, छात्र  </strong></p>
<p>मेरी विवि में सुबह 10 से शाम 5 बजे तक कक्षाएं रहती है। दोपहर को लंच का समय मिलता है लेकिन एक किमी जाने-आने में इतना समय बीत जाता है कि कक्षाएं छूट जाती है। ऐसे में चाहकर भी कैम्पस से बाहर नहीं जा पाते। मजबूरी में शाम तक भूखा रहना पड़ता है। कैंटीन होने के बावजूद चालू नहीं करवाना छात्र हितों पर कुठाराघात है। <br /><strong>- हर्षिता मीणा, छात्रा</strong></p>
<p>विवि में प्रतिदिन दूसरे जिलों से बड़ी संख्या में विद्यार्थी मार्कशीट या माइग्रेशन लेने आते हैं तो कोई दस्तावेजों में  संशोधन करवाने आते हैं। उन्हें यहां कैंटीन की सुविधा नहीं मिलने से परेशान होना पड़ता है। अव्यवस्थाओं का असर विश्वविद्यालय के नामांकन पर पड़ रहा है। मैं रोजाना विवि आता हूं। विद्यार्थी कैंटीन के अभाव में बहुत परेशान हैं। <br /><strong>- जितेश मीणा, छात्र </strong></p>
<p>विवि में लंबे समय से 34 लाख की लागत से बनी कैंटीन शुरू करवाने की मांग की जा रही है। इसके लिए ज्ञापन देने से लेकर धरने-प्रदर्शन तक भी किए। इसके बावजूद विवि प्रशासन द्वारा कैंटीन शुरू नहीं की गई। जबकि, अल्पाहार के लिए विद्यार्थियों को कैंपस के एक किमी दूर मेडिकल चौराहा या अहिंसा सर्किल पर जाना पड़ता है। यदि, जल्द ही कैंटीन शुरू नहीं की गई तो छात्र हित में आंदोलन किया जाएगा।<br /><strong>- रोहिताश मीना, छात्र, कोटा विवि  </strong></p>
<p>कोटा यूनिवर्सिटी संभाग की सबसे बड़ी यूनिवर्सिटी है। इससे सवाईमाधोपुर तक के कॉलेज एफीलेटेड हैं। ऐसे में प्रतिदिन हजारों विद्यार्थियों का यहां आना होता है। उन्हें चाय नाशते के लिए इधर-उधर थड़ियों पर भटकना पड़ता है। जबकि, पूर्व में भी धरने-प्रदर्शन के माध्यम से विवि प्रशासन से कैंटीन शुरू करवाने का आग्रह कर चुके हैं। <br /><strong> - मेघना बोहावत, छात्रा माइक्रोबायोलॉजी</strong></p>
<p>विवि में लाखों की लागत से कैंटीन बनी होने के बावजूद तालों की कैद से आजाद नहीं हो सकी। लिखित व मौखिक रूप से विवि अधिकारियों को समस्या से अवगत करा चुके हैं। इसके बावजूद ध्यान नहीं दिया जा रहा। कई विद्यार्थी गांवों से शहर में आकर रूम लेकर रहते हैं। किसी की कक्षाएं दोपहर तक तो किसी की शाम 4 बजे तक रहती है। भूखा रहना पड़ता है।<br /><strong>- देवकी नंदन, छात्र प्रतिनिधि  </strong></p>
<p>कई विद्यार्थी दूर दराज से बस व आॅटों से आते हैं। समय पर पहुंचने के कारण अल्पहार लेकर नहीं आ पाते। कैंटीन नहीं होने के कारण दिनभर भूखे रहने की मजबूरी रहती है, क्योंकि एक किमी तक पैदल जाने-आने में क्लास छूटने का डर रहता है। <br /><strong>- श्रेया घोष,माइक्रोबायोलॉजी छात्रा </strong></p>
<p>कैम्पस में कैंटीन संचालित होना बेहद जरूरी है। यहां विभिन्न विषयों की सुबह से शाम तक कक्षाएं लगती हैं। लंच बॉक्स साथ नहीं ला पाते। हमारे पास वाहन भी नहीं है। ऐसे में एक किमी दूर मेडिकल कॉलेज स्थित दुकानों पर पैदल आना-जाना हमारे लिए मुश्किल भरा रहता है। <br /><strong>- तनुश्री मालव, छात्रा एमएससी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Jan 2025 18:01:27 +0530</pubDate>
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                <title>सफलता की मिसाल बनी लाडो : 58 में से 43 गोल्ड मेडल पर बेटियों का कब्जा</title>
                                    <description><![CDATA[बालिका दिवस पर दीक्षांत समारोह में होगा बालिकाओं का सम्मान ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/laado-becomes-an-example-of-success--43-out-of-58-gold-medals-are-won-by-girls/article-101832"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-01/257rtrer-(1)33.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। सामाजिक ताने-बाने के बंधनों व घर-परिवार की बंदिशों से आजादी मिली तो बेटियों ने आसाान की बुलंदियों पर कामयाबी का परचम लहरा दिया। हौसलों और मजबूत इरादों से संघर्ष और चूनौतियों से भरा दरिया पार कर सफलता की मिसाल बन गई। बुनियादी शिक्षा हो या उच्च शिक्षा, हर जगह दीमागी प्रतिस्पर्द्धा में बेटियां ही अव्वल रहीं। जिसका प्रत्यक्ष उदारहण हर साल आयोजित होने वाले दीक्षांत समारोह में देखने को मिल रहे हैं। पिछले 7 सालों से कोटा विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में सर्वाधिक गोल्ड मेडल बेटियों के ही नाम रहे। इस बार भी स्वर्ण पदक पर बालिकाओं का ही कब्जा रहेगा। दरअसल, 24 जनवरी को केडीए ओडिटोरियम में आयोजित हो रहे कोटा विश्वविद्यालय के 11वें दीक्षांत समारोह में कुल 58 स्वर्ण पदकों में से 43 गोल्ड मेडल बेटियों को मिलेंगे। खास बात यह है, लाडों को यह सम्मान राष्टÑीय बालिका दिवस पर मिलेगा।  खास बात यह है, दीक्षांत समारोह राष्टÑीय बालिका दिवस पर होने से लाडों को मिलने वाला सम्मान माता-पिता के लिए और विशेष रहेगा। </p>
<p><strong>56 गोल्ड मेडल में से 41 बेटियों के नाम </strong><br />कोटा विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में इस बार 56 गोल्ड मेडल प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को वितरित किए जाएंगे। जिसमें से 41 स्वर्ण पदक बेटियों को मिलेंगे। जबकि, बेटों की संख्या मात्र 15 ही है। यदि,  गत वर्ष की बात करें तो वर्ष 2023 में कुल 60 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल से नवाजा गया था। जिसमें  से 42 स्वर्ण पदक बेटियों को मिले थे। </p>
<p><strong>58 में से 36 पीएचडी उपाधियां छात्राओं को </strong><br />अनुसंधान के क्षेत्र में भी बेटियां अपना लौहा मनवा रही है। इस बार कोटा विवि के दीक्षांत समारोह में कुल 58 पीएचडी उपाधियां अर्वाड होंगी। जिसमें से सर्वाधिक 36 डिग्रियां बालिकाओं को दी जाएंगी। जबकि, छात्रों की संख्या मात्र 22 ही है। पीएचडी उपाधियां विभिन्न संकाय कला, समाज विज्ञान, विज्ञान, वाणिज्य, विधि, शिक्षा, जीव विज्ञान में वितरित की जाएगी। </p>
<p><strong>चांसलर व वाइस चांसलर गोल्ड पर भी  कब्जा</strong><br />दीक्षांत समारोह में पिछले साल की तरह इस बार भी कुलाधिपति व कुलपति गोल्ड मेडल पर लाडों का ही कब्जा रहेगा। इस बार समाज विज्ञान संकाय में अधिकतम अंक अर्जित करने वाली पीजी की छात्रा हिमांगी अग्रवाल तथा कुलपति स्वर्ण पदक कला संकाय में सर्वोच्चय अंक हासिल करने वाली यूजी की छात्रा शालिनी मालव को दिया जाएगा। जबकि, गत वर्ष 2023 में विज्ञान संकाय की पीजी छात्रा साक्षी जैन को कुलाधिपति पदक एवं समाज विज्ञान संकाय यूजी में पूजा साहू को कुलपति पदक मिला था। </p>
<p><strong>गोल्ड मेडल पाने वाले छात्र-छात्राओं की संख्या</strong><br /><strong>संकाय    छात्र    छात्राएं    कुल</strong><br />कला    02    07    09<br />समाज विज्ञान    03    08    11<br />विज्ञान    05    06    11<br />वाणिज्य    01    08    09<br />विधि    01    01    02<br />शिक्षा    02    07    09<br />जीव विज्ञान    01    04    05</p>
<p><strong>पीएचडी उपाधि पाने वाले छात्र-छात्राओं की संख्या</strong><br /><strong>संकाय    छात्र    छात्राएं    कुल</strong><br />कल    04    15    19<br />समाज विज्ञान    08    06    14<br />विज्ञान    07    09    16<br />वाणिज्य    01    05    06<br />विधि    01    01    02<br />शिक्षा    01    -    01<br />जीव विज्ञान    -    -    -</p>
<p><strong>92,192 विद्यार्थियों को मिलेगी डिग्रियां </strong><br />कोटा विवि के दीक्षांत समारोह में वर्ष 2022 सत्र की विभिन्न संकायों में 92 हजार 192 विद्यार्थियों को डिग्रियां वितरित की जाएगी। जिसमें कला में 61,335, समाज विज्ञान में 6878, विज्ञान में 8458, वाणिज्य में 4401, विधि में 400, शिक्षा में 10634 तथा जीव विज्ञान में 92 विद्यार्थियों को डिग्रियां बांटी जाएगी। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br /> कोटा विवि का 11वां दीक्षांत समारोह 24 जनवरी को केडीए के ओडिटोरियम में होगा। जिसमें वर्ष 2022 की कुल 92,192 डिग्रियां वितरित की जाएगी। इसमें 56 गोल्ड मेडल व 58 पीएचडी डिग्रियों से प्रतिभाओं को नवाजा जाएगा। दीक्षांत समारोह की रिहर्सल गुरुवार को की जाएगी।<br /><strong>- प्रवीण भार्गव, परीक्षा नियंत्रक </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Jan 2025 15:47:13 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर खबर का - कोटा यूनिवर्सिटी में शुरू हुई ट्यूरिज्म एंड ट्रैवल मैनेजमेंट की कक्षाएं </title>
                                    <description><![CDATA[फैकल्टी परीक्षा से पहले कोर्स पूरा करवाने की जद्दो जहद में लगी है।  ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-the-news---tourism-and-travel-management-classes-started-in-kota-university/article-100382"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-01/257rtrer-(1)16.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा विश्वविद्यालय में शुरू किए गए मास्टर ऑफ ट्यूरिज्म एंड ट्रैवल मैनेजमेंट कोर्स  की कक्षाएं शुरू हो गई हैं। विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए फैकल्टी व क्लास रूम भी मिल गए हैं। कैम्पस में प्रतिदिन डेढ़ से दो घंटे की क्लासें लगाई जा रही हैं। हालांकि, कक्षाएं शुरू होने में काफी वक्त लगा है। फरवरी में सेमेस्टर एग्जाम होने हैं। ऐसे में फैकल्टी परीक्षा से पहले कोर्स पूरा करवाने की जद्दो जहद में लगी है।  इसके लिए एक्सट्रा क्लासें भी लगाई जा रही हैं। मास्टर ऑफ ट्यूरिज्म एंड ट्रैवल मैनेजमेंट कोर्स की कन्वीनर डॉ. अनुकृति शर्मा ने बताया कि 23 दिसम्बर को ऑफिशियली रूप से कक्षाएं शुरू कर दी गई थीं। अब परीक्षा से पहले सिलेबस पूरा करवाना चुनौति है। हालांकि, एक्सट्रा क्लासें लगवाकर कोर्स पूरा करवाने का प्रयास किया जा रहा है। </p>
<p><strong>प्रतिदिन 2 घंटे लग रही कक्षाएं</strong><br />मास्टर ऑफ ट्यूरिज्म एंड ट्रैवल मैनेजमेंट के प्रथम सेमेस्टर की कक्षाएं प्रतिदिन डेढ़ से दो घंटे लगाई जा रही है। इस दौरान विद्यार्थियों को न केवल किताबी ज्ञान पढ़ा रहे हैं बल्कि प्रेक्टिकली ट्यूरिज्म एंड ट्रैवल के बारे में बताया जा रहा है। इस कोर्स में देश के ऐतिहासिक  स्थल, इमारतों व ट्यूरिज्म स्पोट्स के बारे में पढ़ाया जा रहा है। जल्द ही भर सकेंगे एग्जाम फॉर्म : डॉ. अनुकृति ने बताया कि एग्जाम फॉर्म भरने की तिथि निकल चुकी है। लेकिन, इस कोर्स के विद्यार्थियों के लिए अलग से एग्जाम फॉर्म भरने के लिए पोर्टल खोला जाएगा। जल्द ही विद्यार्थी फॉर्म भर सकेंगे। हालांकि, इनकी परीक्षा अन्य संकायों के सेमेस्टर एग्जाम समाप्त होने के कुछ दिनों बाद करवाए जाने की संभावना है। </p>
<p><strong>यह आ रही थी समस्या</strong><br />कोटा विवि ने वर्तमान सत्र से मास्टर ऑफ ट्यूरिज्म एंड ट्रैवल मैनेजमेंट पीजी कोर्स लॉन्च किया था। लेकिन, कोर्स के लिए अलग से कोई डिपार्टमेंट नहीं बनाया। जबकि, यूजीसी नियमानुसार इस कोर्स के संचालन के लिए अलग से डिपार्टमेंट होना जरूरी है। लेकिन, विभाग नहीं बनने से न तो फैकल्टी मिली और न ही कक्षाएं लग पा रही थी। ऐसे में विद्यार्थियों में कोर्स को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई थी। विद्यार्थियों की शिकायत पर दैनिक नवज्योति ने 17 दिसम्बर को खबर प्रकाशित कर छात्रों की समस्या को प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कोर्स के लिए फैकल्टी व क्लासरूम की परमिशन दी। जिसके बाद 23 दिसम्बर को कक्षाएं शुरू हो गई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Jan 2025 17:40:54 +0530</pubDate>
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                <title>यूनिवर्सिटी ने दर्जनों विद्यार्थियों को थमाई बैक, गोल्ड मेडलिस्ट रही छात्रा को भी मिली बैक </title>
                                    <description><![CDATA[मैथ्स के टोपोलॉजी विषय में अधिकतर विद्यार्थियों के आई बैक। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-university-handed-back-to-dozens-of-students/article-100281"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-01/257rtrer-(2)11.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा यूनिवर्सिटी ने बुधवार देर रात एमए, एमएससी व एमकॉम-4 सेमेस्टर का परिणाम जारी कर दिया है। एमएसएसी गणित  के टोपोलॉजी विषय में अधिकतर विद्यार्थियों के बैक आई है। वहीं, कई विद्यार्थियों को 100 में से 8 नंबर तो किसी को 5 नंबर ही मिले हैं। हैरानी की बात यह है कि बीएससी में गोल्ड मेडलिस्ट रही छात्रा को भी बैक मिली है। वहीं, जेडीबी आर्ट्स की छात्राओं द्वारा एमए इकोनोमिक्स के इंटरनल असाइनमेंट के मार्क्स नहीं भिजवाए जाने से परिणाम रोके जाने की बात कही गई। इसके अलावा एमए समाजशास्त्र में भी कई विद्यार्थियों के बैक दी गई। परिणाम को लेकर एमए, एमएससी व एमकॉम के विद्यार्थियों में विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। परिणाम से असंतुष्ट छात्र-छात्राओें ने विश्वविद्यालय पर कोपी चेकिंग में लापरवाही बरती जाने का आरोप लगाया है।  </p>
<p><strong>यूजी फर्स्ट सेमेस्टर में थमाए थे 70 में 0 अंक </strong><br />निवृतमान छात्रसंघ अध्यक्ष मीणा ने आरोप लगाया कि कोविड़ के बाद से ही कोटा यूनिवर्सिटी द्वारा  जारी परिणामों में गड़बड़ियां देखने को मिल रही है।  गत वर्ष अगस्त माह में  बीए, बीएससी व बीकॉम के फर्स्ट सेमेस्टर का परिणाम जारी किया गया था। जिसमें एक दर्जन छात्रों को 70 में से 0 अंक दिए गए थे। जबकि, इनमें ऐसे छात्र भी शामिल थे जिनके 12वीं में 90%अंक हैं। वहीं, मिर्ड-टर्म में उपस्थित होते हुए भी विश्वविद्यालय ने कई छात्राओं को परिणाम में अनुपस्थित दर्शा दिया। रिजल्ट में अव्यवस्थाओं से कोटा यूनिवर्सिटी की कार्यशैली  सवालों के कठघरे में आ गई। </p>
<p><strong>एमएससी मैथ्स में टोपोलॉजी में 70% बैक </strong><br />गवर्नमेंट साइंस कॉलेज के निवृतमान छात्रसंघ अध्यक्ष आशिष मीणा ने बताया कि कोटा विवि ने एमएससी मैथ्स के टोपोलॉजी सब्जेक्ट में 70 फीसदी विद्यार्थियों को बैक थमा दी है। जबकि, इनमें सबसे ज्यादा विद्यार्थी वो हैं जिनके यूजी में 80 प्रतिशत नंबर रहे हैं। इसके अलावा कई विद्यार्थियों को तो 100 में 5 से 10 नंबर ही दिए गए हैं। हैरानी की बात तो यह है, बीएससी में गोल्ड मेडलिस्ट रही छात्रा को भी बैक दी गई है। यूनिवर्सिटी द्वारा कोपियां बिना जांच ही परिणाम जारी किया जा रहा है। छात्र-छात्राओं का भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। छात्रहित में कोपियों की दोबारा जांच करवाई जानी चाहिए।</p>
<p><strong>गोल्ड मेडलिस्ट हूं, बैक नहीं आ सकती</strong><br />कोटा विवि ने पहले ही मेरा एमएससी थर्ड सेमेस्टर का परिणाम बिगाड़ दिया था। अब फोर्थ सेमेस्टर  में भी बैक देकर बिगाड़ दिया। मेरा पेपर बहुत ही अच्छा गया है, किसी भी सूरत में बैक नहीं आ सकती। जबकि, मैं बीएससी में गोल्ड मेडलिस्ट रहीं हूं। पेपर इतना भी बूरा नहीं गया कि मुझे 70 में से 8 नम्बर मिले। हमारी कोपियां दोबारा जांची जाए और संशोधित रिजल्ट जारी किए जाएं।<br /><strong>- मनीता मीणा, छात्रा एमएससी </strong></p>
<p>कोटा विवि द्वारा हर बार परीक्षा परिणाम में गड़बड़ियां की जा रही है। मुझे थर्ड सेमेस्टर के बाद फोर्थ सेमेस्टर में भी गणित विषय के टोपोलॉजी विषय में बैक दी गई है। हर बार री-चेकिंग करवानी पड़ रही है। जबकि, मेरा पेपर इतना तो ठीक गया है कि मुझे पासिंग मार्क्स तो मिल सकते हैं। लेकिन, बैक आना बिलकुल समझ से परे हैं। <br /><strong>- चिराग मीणा, छात्र एमएससी गवर्नमेंट कॉलेज कोटा</strong></p>
<p>मुझे समाज शास्त्र के संस्थापक व विवाह परिवार विषय में बैक दे दी गई। जबकि, दोनों विषयों के पेपर बहुत अच्छे गए हैं। इसके अलावा हमारे बैच में अधिकतर विद्यार्थियों को ही बैक दी गई है। हमारे प्रथम से थर्ड सेमेस्टर तक में अच्छी परसेंटेज बनी है। कोपियों की दोबारा जांच करवाकर संशोधित परिणाम जारी किया जाना चाहिए।<br /><strong>- फिजा, छात्रा जेडीबी आर्ट्स कॉलेज </strong></p>
<p>मैं कोटा यूनिवर्सिटी में एमएससी की छात्रा हूं। लगातार  यूनिवर्सिटी की लापरवाही से मेरा रिजल्ट बिगड़ रहा है। पहले एमएससी थर्ड सेमेस्टर में बैग दे रखी है, हालांकि  री-चेकिंग करवाने का आवेदन किया है। जिसका परिणाम अब तक नहीं आया। वहीं, थर्ड सेम में सीबीसीएस प्रेक्टिकल में हम उपस्थित थे फिर भी एबसेंट बता दिया। <br /><strong>- मनीषा कुमारी, छात्रा कोटा विवि</strong></p>
<p><strong>एमएससी-2 सेमेस्टर का रिजल्ट नहीं हो रहा शो</strong><br />विवि द्वारा 4 जनवरी को एमएससी सैकंड सेमेस्टर का परिणाम जारी किया था। लेकिन, गवर्नमेंट कॉलेज कोटा के मैथ्स सब्जेक्ट के एक भी स्टूडेंट्स का यूनिवर्सिटी की वेबसाइड पर रिजल्ट शो नहीं हो रहा। विद्यार्थियों ने यूनिवर्सिटी गए तो वहां कॉलेज द्वारा असाइनमेंट के नम्बर नहीं भेजे जाने का हवाला दिया गया। जबकि, कॉलेज से नंबर भेजे जा चुके थे। इसके अलावा फिजिक्स वालों का भी परिणाम रोक रखा था, जो गत बुधवार देर शाम को जारी किया गया। मैथ्स वालों का परिणाम अभी तक वेबसाइड पर शो नहीं किया गया। जिससे विद्यार्थियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। <br /><strong>- आशीष मीणा, निवृतमान छात्रसंघ अध्यक्ष, गवर्नमेंट कॉलेज कोटा</strong></p>
<p>विश्वविद्यालय ने नियमानुसार परीक्षा परिणाम जारी किए हैं। यदि, स्टूडेंट्स को किसी तरह की कोई शंका हो तो  वह री-चेकिंग या आरटीआई के तहत आवेदन कर कॉपी मंगवाकर चेक कर सकते हैं। रही बात रिजल्ट शो नहीं होने की तो ऐसे स्टूडेंट्स की संख्या बहुत ही कम है, जल्द ही समाधान हो जाएगा। <br /><strong>- प्रवीण भार्गव, परीक्षा नियंत्रक कोटा विवि</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Jan 2025 15:58:45 +0530</pubDate>
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                <title>शुरू होने से पहले ही एमए एमएससी पर लगा ब्रेक </title>
                                    <description><![CDATA[विद्यार्थियों को अगले सत्र 2025-26 तक करना होगा इंतजार ।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/ma-msc-brakes-applied-even-before-starting/article-99087"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/555457.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय में नॉन इंजीनियरिंग एमए-एमएससी डिग्री कोर्सेज के शुरू होने से पहले ही ब्रेक लग गए। यह कोर्स अब इस वर्ष से शुरू नहीं हो पाएंगे। आरटीयू प्रशासन 4 महीने बाद भी एडमिशन पॉलिसी नहीं बना सका। जिसकी वजह से प्रवेश प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी। जबकि,  गत सितम्बर माह से ही विद्यार्थी आरटीयू से एमए इंग्लिश व एमएससी कोर्सेज करने की राह ताक रहे थे। लेकिन, अफसरों की लेटलतीफी के कारण एडमिशन गाइड लाइन नहीं बन पाई। आखिरकार, आरटीयू प्रशासन ने सत्र 2024-25 से नॉन इंजीनियरिंग कोर्सेज शुरू करने से हाथ खड़े कर दिए।</p>
<p><strong>एडमिशन पॉलिसी नहीं बना सकी कमेटी</strong><br />राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय ने राष्टÑीय शिक्षा नीति 2020 के तहत गत अगस्त माह में ही नॉन इंजीनियरिंग पीजी कोर्स शुरू किए जाने की घोषणा की थी। इसके लिए एडमिशन प्रक्रिया व फीस निर्धारण के लिए कमेटी भी गठित कर दी गई और सितम्बर से कमेटी एडमिशन पॉलिसी बनाने में जुट गई। चूंकि, आरटीयू नॉन इंजीनियरिंग पीजी कोर्सेज पहली बार शुरू कर रही थी, ऐसे में एडमिशन गाइड लाइन बनाना उसके लिए चुनौतिपूर्ण रहा। आरटीयू की एडमिशन कमेटी कभी राजस्थान विश्वविद्यालय तो कभी कोटा विश्वविद्यालय का मॉडल अपनाने को लेकर असमंजस में रही। आखिरकार, दिसम्बर  तक कमेटी एडमिशन प्रक्रिया व कोर्सेज की फीस निर्धारण से संबंधित गाइड लाइन नहीं बना सकी तो इस वर्ष से कोर्स शुरू करवाने से हाथ खड़े कर दिए।</p>
<p><strong>4 माह तक असमंजस में रहे विद्यार्थी</strong><br />एमएससी व एमए में 30-30 सीटों पर एडमिशन दिए जाने थे। आरटीयू द्वारा सितम्बर माह के प्रथम सप्ताह से प्रवेश प्रक्रिया शुरू किए जाने के दावे किए जा रहे थे। ऐसे में विद्यार्थियों में एमए अंगे्रजी व एमएससी में दाखिला लेने की उत्सुकता बढ़ गई और एडमिशन ओपन होने का इंतजार करने लगे। लेकिन, अक्टूबर, नवम्बर तक भी प्रवेश प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई। ऐसे में विद्यार्थियों में असमंजस की स्थिति बन गई। इसी बीच दिसम्बर की शुरूआत में कोटा विवि द्वारा परीक्षा फॉर्म का पोर्टल खोल दिया गया। जब आरटीयू द्वारा साल के आखिरी महीने तक एमए व एमएससी कोर्स शुरू नहीं कर पाई तो छात्रों को मजबूरन स्वयंपाठी के रूप में कोटा विवि के एग्जाम  फॉर्म भरने पड़े। </p>
<p><strong>फिजिक्स, मैथ्स व कैमेस्ट्री में एमएससी</strong><br />आरटीयू द्वारा वर्तमान शिक्षा सत्र 2024-25  में  फिजिक्स, मैथ्स व कैमेस्ट्री में एमएससी शुरू की जानी थी। इसके लिए बड़ी संख्या में विद्यार्थी एडमिशन प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार कर रहे थे। क्योंकि, राजकीय महाविद्यालयों में सीटें सीमित होने के कारण रेगुलर एडमिशन नहीं मिल पाता। लेकिन, आरटीयू प्रशासन की लेटलतीफी के कारण हजारों विद्यार्थियों की उम्मीदों पर पानी फिर गया।  </p>
<p><strong>अंगे्रजी, हृयूनिटी में एमए</strong><br />राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय में 30-30 सीटों पर अंग्रेजी, ह्यूनिटी में एमए डिग्री कोर्स शुरू होना था। एमए इंग्लिश के प्रति विद्यार्थियों में खासा उत्साह नजर आया था। क्योंकि, शहर में मात्र गवर्नमेंट आर्ट्स कॉलेज में ही अंगे्रजी में एमए करवाई जाती है। लेकिन वहां सीटे सीमित होने के कारण छात्र-छात्राओं का रेगुलर एडमिशन नहीं मिल पाता। ऐसे में बड़ी संख्या में विद्यार्थी आरटीयू से उम्मीद लगाए बैठे थे लेकिन कोर्स शुरू नहीं होने से बड़ी संख्या में विद्यार्थी मायूस हो गए। </p>
<p><strong>क्या कहते हैं विद्यार्थी</strong><br />जब आरटीयू में इंग्लिश में एमए की जानकारी मिली थी तो हम एडमिशन लेने के लिए उत्साहित थे और बेसब्री से प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार कर रहे थे, क्योंकि कोटा शहर में मात्र राजकीय कला महाविद्यालय कोटा में ही एमए इंग्लिश करवाई जाती है लेकिन सीटें कम होने से मेरिट हाई जाती है, जिसकी वजह से अधिकतर विद्यार्थियों को रेगुलर एडमिशन नहीं मिल पाता। ऐसे में आरटीयू  से उम्मीद थी। लेकिन यहां भी अधिकारियों की लेटलतीफी के कारण कोर्स शुरू नहीं हो पाए। ऐसे में मजबूरी में स्वयंपाठी के रूप में कोटा विवि से एग्जाम फॉर्म भरना पड़ा। यदि, यह फॉर्म नहीं भरते तो आरटीयू के चक्कर में एक साल खराब हो जाता। <br /><strong> - हिमेश कुमावत, याज्ञेंद्र, राकेश नामा, छात्र </strong></p>
<p>टेक्नीकल यूनिवर्सिटी होने के नाते आरटीयू का इंफ्रास्ट्रेक्चर बेहतर है। ऐेसे में यहां से एमएससी करना चाहता था लेकिन दिसम्बर तक भी एडमिशन प्रोसेज शुरू नहीं होने से मजबूरी में गवर्नमेंट कॉलेज में ही प्राइवेट एडमिशन लेना पड़ा। यदि, नवम्बर तक भी प्रोसेज शुरू हो जाता तो एडमिशन ले सकते थे। आरटीयू प्रशासन की लापरवाही से कई विद्यार्थियों का साल खराब होने की नौबत आ गई।  <br /><strong>- हितेंद्र सिंह, विवेक अग्रवाल, छात्र </strong></p>
<p><strong>इनका कहना है </strong><br />विभिन्न कारणों से आरटीयू में एमए व एमएससी पीजी कोर्सेज वर्तमान सत्र 2024-25 से शुरू नहीं कर पाए। हालांकि, कोर्स को लेकर नीति निर्धारण हो चुका है। अब आगामी सत्र 2025-24 से यह नॉन इंजीनियरिंग कोर्सेज शुरू किए जाएंगे। <br /><strong>- प्रो. रंजन माहेश्वरी, चीफ प्रोक्टर आरटीयू</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 30 Dec 2024 18:58:12 +0530</pubDate>
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                <title>कोटा विवि : न फैकल्टी न डिपार्टमेंट का पता एडमिशन लेकर बुरे फंसे स्टूडेंट्स</title>
                                    <description><![CDATA[परीक्षा फॉर्म भी नहीं भर नहीं पा रहे स्टूडेंट्स ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-university--no-faculty--no-department-information--students-stuck-after-taking-admission/article-97893"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/257rtrer-(2)26.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा विश्वविद्यालय की लापरवाही से विद्यार्थियों का कॅरियर दांव पर लग गया है। विवि ने ट्यूरिज्म एंड ट्रैवल मैनेजमेंट में जॉब का सपना दिखाकर कोर्स लॉन्च कर दिया। जब छात्रों ने एडमिशन ले लिए तो पता चला कि विवि में इस कोर्स का कोई डिपार्टमेंट ही नही है। जिसकी वजह से न तो विद्यार्थी एग्जाम फॉर्म भर पा रहे और न ही उनकी कक्षाएं लग रहीं। ऐसे में मझधार में फंस छात्र खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। दरअसल, कोटा विवि ने आधी-अधूरी तैयारी के साथ वर्तमान सत्र से ट्यूरिज्म एंड ट्रैवल मैनेजमेंट पीजी कोर्स लॉन्च कर दिया। लेकिन, कोर्स को कोई अलग से डिपार्टमेंट नहीं बनाया। जबकि, यूजीसी नियमानुसार इस कोर्स के संचालन के लिए अलग से डिपार्टमेंट होना जरूरी है। लेकिन, विभाग नहीं बनने से न तो फैकल्टी मिल पा रही और न ही कक्षाएं लग पा रही। जबकि, जनवरी-2025 में प्रथम सेमेस्टर के एग्जाम होने हैं और अब तक कक्षाओं का खाता तक नहीं खुला। ऐसे में यह कोर्स चलेगा या बंद होगा। इसको लेकर विद्यार्थी असमंजस में है। </p>
<p><strong>कल लास्ट डेट, नहीं भर पाएंगे एग्जाम फॉर्म</strong><br />यूनिवर्सिटी ने यूजी व पीजी प्रथम सेमेस्टर के एग्जाम फॉर्म निकाल दिए हैं, जिसकी अंतिम तिथि 18 दिसम्बर है। लेकिन, विवि के पोर्टल पर ट्रैवल एंड ट्यूरिज्म मैनेजमेंट कोर्स का नाम ही नहीं है। ऐसे में स्टूडेंट्स ऑनलाइन परीक्षा फॉर्म नहीं भर पा रहे। क्योंकि, पोर्टल पर कोर्स का नाम डिपार्टमेंट वाइज होता है। जब डिपार्टमेंट ही नहीं है तो पोर्टल पर कोर्स का नाम कैसे आएगा। यूनिवर्सिटी की लापरवाही से विद्यार्थी मानसिक तनाव से जूझ रहे हैं।  </p>
<p><strong>कोर्स चलेगा या बंद होगा, असमंजस बरकरार </strong><br />दो वर्षीय ट्रैवल एंड ट्यूरिज्म मैनेजमेंट कोर्स 4 सेमेस्टर का है। प्रथम सेमेस्टर की परीक्षाएं जनवरी 2025 में होनी है। लेकिन, अब तक इस कोर्स का कोई डिपार्टमेंट नहीं बनाया गया। जबकि, कोर्स कंवीनर डॉ. अनुकृति शर्मा ने अलग से विभाग बनाने के लिए नोटशीट रजिस्ट्रार को दी हुई है। वहीं, फैकल्टी व स्टाफ लगाने की परमिशन के लिए डीन पीजी को भी नोटशीट भेज चुकी हैं। इसके बावजूद अब तक दोनों ही कार्यों के लिए अप्रूवल तक नहीं मिल सकी। फाइलों की सुस्तचाल से विद्यार्थियों का एक-एक दिन तनाव में बीत रहा है। सत्र समाप्ती के पड़ाव पर है और ट्रैवल एंड ट्यूरिज्म मैनेजमेंट पर अब तक कोई फैसला नहीं हुआ है। यह कोर्स चलेगा या बंद होगा, असमंजस बरकरार है। </p>
<p><strong>अब तक एक भी कक्षा नहीं लगी</strong><br />छात्रों का कहना है कि गत अगस्त माह में मास्टर ऑफ ट्यूरिज्म एंड ट्रैवल मैनेजमेंट में एडमिशन ओपन किए गए थे, जो अक्टूबर तक जारी रहे। दाखिला लेने के बाद अब तक एक भी कक्षाएं नहीं लगी। जबकि विवि ने 12 दिसम्बर से ही एग्जाम फॉर्म निकाल दिए हैं। करीब एक माह बाद प्रथम सेमेस्टर की परीक्षाएं होंगी, लेकिन अभी तक न तो पढ़ाने वाले हैं और न ही पेपर स्कीम समझाने वाले। शिक्षक ही नहीं मिले तो क्लासें कैसे लगेंगी। इस कोर्स  में एडमिशन लेकर पछता रहे हैं। यदि, कोर्स  चलता है तो एक माह में छह माह के सेमेस्टर की तैयारी कैसे करेंगे। विवि को कोर्स लॉन्च करने से पहले तैयारी पूरी कर लेनी चाहिए थी।</p>
<p><strong>ट्यूरिज्म एंड ट्रैवल में मात्र 5 एडमिशन</strong><br />मास्टर ऑफ ट्यूरिज्म एंड ट्रैवल मैनेजमेंट कोर्स में मात्र 5 ही एडमिशन हुए हैं। हालांकि, कोर्स चलाने के लिए न्यूनतम पांच विद्यार्थियों का प्रवेशित होना जरूरी है। कोर्स कन्वीनर डॉ. अनुकृति शर्मा ने बताया कि कोटा यूनिवर्सिटी प्रदेश की पहली यूनिवर्सिटी है, जहां यह कोर्स खुला है। हालांकि, प्रवेश प्रक्रिया देरी से शुरू होने के कारण ज्यादा एडमिशन नहीं आए हैं लेकिन अगले वर्ष इसमें अधिक एडमिशन होने की संभावना है। हालांकि, अभी डिपार्टमेंट ऑफ ट्यूरिज्म स्टडीज नाम से विभाग बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके बाद ही कक्षाओं को संचालन हो पाएगा। </p>
<p><strong>क्या कहते हैं विद्यार्थी </strong><strong>एडमिशन लेकर पछता रहे हैं</strong><br />हम पर आसमान से टपके और खजूर पर अटके वाली कहावत चरितार्थ हो रही है। विवि ने अधूरी तैयारियों के बीच कोर्स लॉन्च कर दिया। अब एडमिशन ले लिया तो कक्षाएं ही नहीं लग रही। कोर्स कंवीनर से बात की तो पता चला की डिपार्टमेंट ही नहीं बना। अब तक यह भी पता नहीं है कि यह कोर्स किस डिपार्टमेंट में चलेगा। विभाग के अभाव में न तो फैकल्टी मिलेगी और न ही स्टाफ तो कक्षाएं कैसे लगेंगी। हमारा साल बर्बाद होने की कगार पर है। <br /><strong>-यतीश मेहता, (परिवर्तित नाम) छात्र, कोटा विवि.</strong></p>
<p><strong>उधार मांग भरी फीस, कोर्स बंद हुआ तो बर्बाद होगा साल</strong><br />परिवार की स्थिति अच्छी नहीं है। चार लोगों से उधार मांग कर फीस भरी है। यदि एग्जाम फॉर्म नहीं भर पाए तो साल बर्बाद हो जाएगा। एग्जाम फॉर्म की अंतिम तिथि समाप्त होने में एक दिन शेष है। लेकिन, एडमिशन लेने के बावजूद हम फॉर्म नहीं भर पा रहे। डेट निकलने के बाद फॉर्म भरना पड़ा तो हमें अतिरिक्त शुल्क देना पड़ेगा। वहीं, कोर्स बंद हो गया तो हमारा एक साल बर्बाद हो जाएगा। विवि प्रशासन को विद्यार्थियों के हित में जल्द से जल्द ट्यूरिज्म एंड ट्रैवल मैनेजमेंट कोर्स का डिपार्टमेंट बनाना चाहिए और फैकल्टी व स्टाफ लगाने की अप्रूवल देनी चाहिए।<br /><strong>-कैलाश विजयवर्गीय छात्र कोटा विवि</strong></p>
<p><strong>इनका कहना</strong><br />यूजीसी के नियमानुसार मास्टर ऑफ ट्यूरिज्म एंड ट्रैवल मैनेजमेंट कोर्स का संचालन तभी हो सकता है जब इसका अलग से डिपार्टमेंट बने। यह कोर्स कॉर्मस मैनेजमेंट या सोशल साइंस डिपार्टमेंट में नहीं चल सकता। ऐेसे में हमने  डिप्टी डायरेक्टर एकेडमिक व फैकल्टी और स्टाफ लगाने की परमिशन के लिए डीन पीजी को नोटशीट भेज चुके हैं। कुलपति से अप्रूव्ल मिलने के बाद ही कोर्स संचालित हो सकेगा।<br /><strong>-डॉ. अनुकृति शर्मा, कन्वीनर एमटीटीएम कोटा विवि.</strong></p>
<p>मैं, इस बारे में कुछ भी कहने के लिए अधिकृत नहीं हूं। इस संबंध में विवि के जनसम्पर्क अधिकारी, कुलपति या रजिस्ट्रार से बात कर सकते हैं। <br /><strong>-जोली भंडारी, डिप्टी डायरेक्टर अकेडमिक कोटा विवि</strong></p>
<p>अभी हमारे यहां टैंडर कमेटी की मिटिंग चल रही है, इसके बारे में आपको कल ही कुछ बता पाएंगे।<br /><strong>-डॉ. भावना शर्मा, कुल सचिव, कोटा विवि</strong></p>
<p>कुछ दिनों पहले नोटशीट मिली थी, जो प्रोपर फॉरमेट में नहीं थी, जिसे वापस लौटाया था। आज ही दोबारा नोटशीट मिली है, जिसे आगे बढ़ा दिया है। कोर्स बिलकुल चलेगा, तीन दिन बाद से कक्षाएं संचालित होंगी। वीसी साहब अभी बाहर हैं, उनके आने पर फैकल्टी व स्टाफ रखने की अप्रूवल मिल जाएगी।<br /><strong>-घनश्याम वर्मा, डीन पीजी, कोटा विवि </strong></p>
<p>विद्यार्थियों का कोई नुकसान नहीं होने देंगे। जल्द से जल्द समस्याओं का निस्तारण करेंगे।<br /><strong>-प्रो. कैलाश सोडाणी, कुलपति कोटा विवि </strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 Dec 2024 15:30:04 +0530</pubDate>
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                <title>प्रेक्टिकल में पे्रजेंट फिर भी कोटा विवि ने सैंकड़ों विद्यार्थियों को मार्कशीट में कर दिया एब्सेंट </title>
                                    <description><![CDATA[एमएससी बोटनी, जूलॉजी, मैथ्स थर्ड सेमेस्टर रिजल्ट में खामियां। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/even-though-they-were-present-in-practicals--kota-university-marked-hundreds-of-students-as-absent-in-the-marksheet/article-93570"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-10/27rtrer2.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा विश्वविद्यालय द्वारा जारी किए एमएससी थर्ड सेमेस्टर बोटनी, जूलॉजी व मैथ्स के परीक्षा परिणाम में सैंकड़ों विद्यार्थियों को प्रेक्टिकल में अनुपस्थित घोषित कर दिया। जबकि, सभी स्टूडेंट्स प्रेक्टिकल में उपस्थित रहे थे। इसके बावजूद पूरी क्लास को एप्सेंट कर देने से यूनिवर्सिटी की कार्यप्रणाली फिर से सवालों के घेरे में आ गई। हालात यह हैं, परिणाम देख विद्यार्थी ही नहीं शिक्षक भी चकरा गए। जेडीबी साइंस व गवर्नमेंट साइंस कॉलेजों ने आॅनलाइन पोर्टल व ईमेल के जरिए समय से पहले ही विद्यार्थियों के प्रेक्टिल व सीबीसीएस  के नम्बर विवि को भेज दिए थे। जिन्हें रिजल्ट बनाने से पहले जोड़े नहीं गए और आपाधापी में अनियमितापूर्ण परिणाम जारी कर दिया।  जिससे सैंकड़ों छात्र-छात्राएं मानसिक अवसाद में आ गए। </p>
<p><strong>जेडीबी में पूरी क्लास को कर दिया एप्सेंट</strong><br />जेडीबी साइंस कॉलेज से मिली जानकारी के अनुसार, एमएससी बोटनी थर्ड सेमेस्टर में 26 छात्राएं अध्ययनरत हैं। जिन्होंने सत्र दिसम्बर 2023 के मेन पेपर अप्रेल-मई 2024 में दिए थे और जून माह में प्रेक्टिकल करवाकर नम्बर विवि के आॅनलाइन पोर्टल पर गत 28 जून को भेज दिए थे। इसके बाद विवि द्वारा फिर से मांगे जाने पर 8 अक्टूबर को ई-मेल के जरिए प्रेक्टिल मार्क्स की हार्डकॉपी भी विवि को भेज दी थी। इसके बावजूद शनिवार रात जारी हुए परिणाम में कक्षा की सभी छात्राओं को ही अनुपस्थित कर दिया। परिणाम देख छात्राओं के होश उड़ गए। </p>
<p><strong>जूलॉजी, बोटनी व मैथ्स में भी अनुपस्थित</strong><br />गवर्नमेंट कॉलेज कोटा में एमएससी थर्ड सेमेस्टर जूलॉजी, बोटनी व मैथ्स में भी विद्यार्थियों को परिणाम में अनुपस्थित घोषित कर दिया। जबकि, शिक्षकों का कहना है कि समय से पूर्व ही विवि को प्रेक्टिल, असाइनमेंट व च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम के नम्बर भेज दिए थे। इसके बावजूद रिजल्ट बनाने से पहले नम्बर नहीं जोड़े गए और  तीनों विषयों के बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं को एप्सेंट कर दिया। हालात यह है, मार्कशीट में किसी को फिश बायोलॉजी-प्रथम व द्वितीय तो किसी को लेब कोर्स में अनुपस्थित दर्शा रखा है।   </p>
<p><strong>लगातार छात्रों के भविष्य से खिलवाड़</strong><br />कोटा विवि द्वारा अब तक जारी किए यूजी व पीजी के विभिन्न सेमेस्टर एग्जाम विवादों से घिरे रहे हैं। शनिवार को जारी हुए एमससी थर्ड समेस्टर के बॉटनी में 19 तो मैथ्स में 70  विद्यार्थियों सहित को अनुपस्थित घोषित कर दिया। स्टूडेंट्स जब शिकायत लेकर विवि जाते हैं तो उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं दिया जाता।  यूनिवर्सिटी द्वारा पीजी प्रथम व थर्ड सेमेस्टर के रिवेल के फॉर्म भी अब तक नहीं निकाले गए। कोटा ही नहीं झालावाड़ व सवाईमाधोपुर के विद्यार्थी भी विवि के चक्कर काटने को मजबूर हैं। <br /><strong>- आशीष मीणा, निर्वमान छात्रसंघ अध्यक्ष, गवर्नमेंट कॉलेज कोटा </strong></p>
<p><strong>क्या कहते हैं शिक्षक-प्राचार्य</strong><br />हमने समय पर ही प्रेक्टिकल के नम्बर कोटा विवि को 28 जून को भेज दिए थे। इसके बाद 8 अक्टूबर को फिर से ई-मेल के जरिए हार्डकॉपी भेजी थी। फिर भी विवि प्रशासन ने बच्चों के प्रेक्टिकल में मार्क्स नहीं जोड़े और मार्कशीट में सभी को अनुपस्थित कर दिया। यह गलत है, सोमवार को इस संबंध में कोटा विवि के एग्जाम कंट्रोलर को पत्र भेज सुधार का आग्रह करेंगे।<br /><strong>- प्रो. अजय विक्रम सिंह चंदेल, प्राचार्य जेडीबी कॉलेज</strong></p>
<p>हमने पहले ही सीबीसीएस के नम्बर विश्वविद्यालय को भेज दिए थे। इसके बावजूद उन्होंने नंबर नहीं जोड़े और मार्कशीट में विद्यार्थियों को अपस्थित होते हुए भी अनुपस्थित कर दिया। विवि को पत्र लिख मामले की शिकायत करेंगे और सुधार करवाने को कहेंगे। <br /><strong>- प्रो. अरुण कुमार, प्रोफेसर, गवर्नमेंट साइंस कॉलेज </strong></p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />इस संबंध में अभी तक कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। फिर भी मामला दिखवा लिया जाएगा।<br /><strong>- प्रवीण भागर्व, परीक्षा नियंत्रक कोटा विश्वविद्यालय</strong></p>
<p><strong>क्या कहते हैं विद्यार्थी </strong><br /><strong>पांच माह में रिजल्ट आया वह भी त्रुटिपूर्ण</strong><br />अप्रेल-मई माह में एमएससी थर्ड सेमेस्टर बोटनी के थ्यौरी पेपर हुए थे। इसके बाद जून में कॉलेज ने प्रेक्टिकल करवाकर नम्बर विवि को भेज दिए थे। 5 महीने बाद रिजल्ट जारी किया वह भी त्रुटिपूर्ण, हम 26 छात्राएं हैं और हम सभी को मार्कशीट में अनुपस्थित कर दिया। दिसम्बर में नेट एग्जाम है, आधी-अधूरी मार्कशीट के कारण परीक्षा में नहीं बैठ पाएंगे। विवि को जल्द ही अपनी गलती सुधार मार्कशीट सही करनी चाहिए। <br /><strong>- शिवानी मीणा, छात्रा जेडीबी साइंस कॉलेज</strong></p>
<p>परीक्षा परिणाम में सीबीसीएस में सभी विद्यार्थियों की मार्कशीट में अनुपस्थिति दर्शाई हुई है, जो विश्वविद्यालय प्रशासन की विफलता का प्रतीक है। इंटर्नल में 50 और एक्सटर्नल में 100  नम्बर में योग भी 150 की जगह 100 दे रखा है। अंकतालिका में त्रुटियां है और सभी स्टूडेंट्स के रिजल्ट में फनशनल एनालिसिस पेपर में 1 से 5 नंबर तक दे रखे है, जबकि यह सवाल हम अच्छे से करके आए थे। विवि को परिणाम में सुधार करवाना चाहिए।<br /><strong>- प्रिंस शर्मा, छात्र गवर्नमेंट कॉलेज कोटा</strong></p>
<p>विवि ने हमारा रिजल्ट पहले ही 5 महीने लेट दिया और उसमें भी खामियां बरती गई। जूलॉजी व बॉटनी में किसी विद्यार्थी को 1 तो किसी को 4 नम्बर तक दे रखे हैं, जो संभव नहीं है।  असाइनमेंट व वाइवा देने के बाद भी हमें अनुपस्थित कर दिया। हमारा रिजल्ट फिर से सही करवाया जाना चाहिए।<br /><strong>- मनीता कुमारी, छात्रा गवर्नमेंट कॉलेज साइंस</strong></p>
<p>मैथ्स थर्ड सेमेस्टर के परिणाम में बहुत गलतियां हैं। यह पेपर कुल 150 नंबर का था जबकि, विवि ने 100 में से ही विद्यार्थियों को नंबर दिए। वहीं, एनालिसिस के पेपर में करीब 75% बच्चों को फेल कर दिया। इस पेपर में अधिकतर को 1 से 3 नम्बर तक दिए गए हैं। विवि की लापरवाही से हमारा भविष्य अधरझूल में है। <br /><strong>- रोहित कुमार जाटव, छात्र गवर्नमेंट साइंस कॉलेज</strong></p>
<p>हमारे एमएससी थर्ड सेमेस्टर मैथ्स के रिजल्ट में जमकर अनियमिताएं बरती गई हैं। मैं सीबीसीएस  में मौजूद था, कॉलेज प्रशासन ने हमारे नम्बर भी भेजे फिर भी मार्कशीट में अनुपस्थित कर दिया।  अभी तक हमारे फोर्थ सेमेस्टर के परिणाम भी जारी नहीं हुए। जिसके कारण बीएड में एडमिशन लेने में परेशानी आ रही है। <br /><strong>- अमन गुर्जर, छात्र गवर्नमेंट कॉलेज कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 21 Oct 2024 16:02:34 +0530</pubDate>
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                <title>कोटा विवि ने परीक्षा से एनवक्त पर जारी किया प्रवेश पत्र, उसमें भी गड़बड़ियां</title>
                                    <description><![CDATA[विद्यार्थियों ने बताया कि रात 9 बजे से पहले तक कई छात्रों के प्रवेश पत्र यूनिवर्सिटी की वेबसाइड पर अपलोड नहीं हुए थे।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-university-released-admit-cards-before-the-exam--there-were-also-errors-in-it/article-89589"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/kota-vivi-ne-priksha-s-envakt-pr-jari-kiya-pravesh-patr,-usme-bhi-gadbadiya...kota-news-04-09-2024.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा।<strong> कोटा विश्वविद्यालय ने मंगलवार शाम एमए व एमएससी - </strong>4 सेमेस्टर ओल्ड स्कीम के प्रवेश पत्र परीक्षा के एनवक्त पर जारी कर दिया। जिसमें भी कई गड़बड़ियां नजर आई। किसी के प्रवेश पत्र में पेपर के नाम, पेपर का समय और सेंटर तक की जानकारी नहीं थी तो किसी के एडमिड कार्ड में आधी-अधूरी जानकारी थी। जिन्हें देख विद्यार्थियों में हड़कम्प मच गया। वे हैरान हो गए कि पेपर कब और कहां देने हैं, देर रात तक तमाम सवालों के जवाब तलाशते रहे। हालांकि, विवि प्रशासन ने रात 9.30 बजे तक प्रवेश प्रत्र से संबंधित खामियां दुरुस्त करवाई। </p>
<p><strong>केस 1 पेपर कब और कहां दें,जानकारी ही नहीं एमएससी - </strong>फोर्थ सेमेस्टर की छात्रा दीक्षा मालव का शाम को जारी किए प्रवेश पत्र में पेपर से संबंधित कोई डिटेल नहीं थी। उनका फंक्शनल ऐनालिसिस का पेपर कब, कहां और किस समय होगा, इसकी जरा भी जानकारी नहीं थी। जिसे रात 9 बजे करीब विवि प्रशासन ने त्रुटियां दुरस्त कर पेपर से संबंधित जानकारी जोड़ी तो पता चला कि उनका पेपर 25 सितम्बर को दोपहर 3 बजे से होगा। इसी तरह एमएससी के छात्र वसीम अकरम के प्रवेश पत्र में भी पेपर से संबंधित कोई जानकारी नहीं थी। जिसे भी बाद में विवि द्वारा दुरुस्त की करने पर पता चला कि उनका भी पेपर 25 को होना है। </p>
<p><strong>केस 2 दो पेपर में से एक की ही थी डिटेल - </strong>एमएससी मैथेमेटिक्स के छात्र शुभंम शाक्यवाल के पूर्व में दो पेपर में बैक थी। जिनका प्रवेश पत्र में एक ही पेपर की डिटेल थी। जबकि, दूसरा पेपर कब होना है, इसकी जानकारी नहीं थी। हालांकि, रात 9 से 9.30 बजे के बीच विवि ने रिवाइज प्रवेश पत्र अपलोड किया तो पता लगा कि उनका दूसरा पेपर भी 25 सितम्बर को होना है।</p>
<p><strong>परीक्षा का पहले टाइम टेबल भी नहीं दिया</strong><br />देवेंद्र व शैलेंद्र कुमार ने बताया कि पीजी-फोर्थ सेमेस्टर ओल्ड स्कीम के पेपर को लेकर विश्वविद्यालय द्वारा पूर्व में टाइम टेबल भी जारी नहीं किया गया और सीधे प्रवेश पत्र जारी कर दिए। अब बिना तैयारी के कैसे परीक्षा दें। इधर, राजकीय महाविद्यालय कोटा के छात्रसंघ अध्यक्ष आशीष मीणा ने बताया कि गत अप्रेल माह में एमएससी थर्ड सेमेस्टर (रेगुलर) एग्जाम का टाइम जारी किया था। जिसके कुछ दिन बाद अलग से ओल्ड स्कीम वालों के भी टाइम टेबल जारी किए थे।</p>
<p><strong>कोई देर रात तो कोई अल सुबह ट्रेन से पहुंचे कोटा</strong><br />छात्र दीपक वैष्णव ने बताया कि एमएससी-फोर्थ सेमेस्टर ओल्ड स्कीम वालों के पेपर होने की पूर्व में कोई जानकारी नहीं दी गई और न ही टाइम टेबल जारी किया। बुधवार दोपहर को मेरा कैमेस्ट्री-1 का पेपर है, जिसकी जानकारी मंगलवार शाम एनवक्त पर प्रवेश पत्र जारी होने पर लगी। वर्तमान में मैं जयपुर में आरएएस एग्जाम की तैयारी कर रहा हूं। ऐसे में आनन-फानन में सुबह 5 बजे की ट्रेन से कोटा पहुंचा हूं। वहीं, पुष्पेंद्र (प्रतिवर्तित नाम) रात 12.35 की ट्रैन से पेपर देने कोटा पहुंचे।</p>
<p><strong>रात तक प्रवेश पत्र खोजते रहे स्टूडेंट्स</strong><br />विद्यार्थियों ने बताया कि रात 9 बजे से पहले तक कई छात्रों के प्रवेश पत्र यूनिवर्सिटी की वेबसाइड पर अपलोड नहीं हुए थे। कैमेस्ट्री, बोटनी, जूलॉजी के स्टूडेंट्स अपने प्रवेश पत्र रात तक वेबसाइड पर तलाशते रहे। 9.30 बजे के बाद ही अधिकतर एडमिड कार्ट अपलोड हुए।  </p>
<p>कोटा विवि आनन-फानन में काम रही है। यह पहली बार देखने को मिल रहा है कि प्रवेश पत्र में कौनसा पेपर कब और कहां कितनी बजे होगा, इसकी जानकारी ही नहीं है। ऐसे में विद्यार्थी कब और कहां पेपर देगा, रात तक असमंजस्य की स्थिति बनी रही। परीक्षाओं को लेकर विवि द्वारा लगातार अव्यवस्थाएं बरती जा रही है, जिससे विद्यार्थी अनावश्यक तनाव से गुजर रहे हैं। <br /><strong>- रोहिताश मीणा, छात्रसंघ महासचिव, कोटा विवि</strong></p>
<p>यह ओल्ड स्कीम के विद्यार्थी हैं, इस स्कीम में कुल 7 से 8 विद्यार्थी हैं, जिनके प्रवेश पत्र में जो कमियां थी वो दुरुस्त कर दी गई हैं। साथ ही उन्हें परीक्षा को लेकर इन्फॉर्म कर चुके हैं। यदि, किसी स्टूडेंट्स की कोई समस्या है तो हमारे पास आए, उनका समाधान करवाएंगे। <br /><strong>- प्रवीण भार्गव, परीक्षा नियंत्रक, कोटा विवि</strong></p>
<p>आपके द्वारा ही मामला मेरे संज्ञान में आया है। स्टूडेंट्स  अपनी शिकायत देते हैं तो इसके बारे में परीक्षा नियंत्रक से बात की जाएगी। हालांकि, प्रवेश पत्र से संबंधित प्रक्रिया एग्जाम कंट्रोलर के द्वारा की जाती है। <br /><strong>- पूर्वा अग्रवाल, कुल सचिव, कोटा विवि</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 04 Sep 2024 17:26:19 +0530</pubDate>
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