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                <title>marksheet - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                            <item>
                <title>सीबीएसई ने जारी किया री-इवैल्यूएशन परिणाम ; ऐसे डाउनलोड करें मार्कशीट, जानें </title>
                                    <description><![CDATA[सीबीएसई ने कक्षा 12वीं के पुनर्मूल्यांकन और सत्यापन के परिणाम जारी कर दिए हैं। बोर्ड ने 87% आवेदनों का निस्तारण कर दिया है। संशोधित अंकतालिकाएं डिजीलॉकर पर अपलोड हो रही हैं। अंकों में बदलाव न होने पर छात्रों को क्षेत्रीय कार्यालयों में उत्तर पुस्तिकाओं के निरीक्षण का मौका मिलेगा। अफवाहों से बचें।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/cbse-released-re-evaluation-results-download-marksheet-like-this-know/article-157693"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/cbse.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। सीबीएसई ने 12वीं कक्षा के छात्रों के लिए पुनर्मूल्यांकन (री-इवैल्यूएशन) और उत्तर पुस्तिकाओं में त्रुटियों के सत्यापन (वेरिफिकेशन) के परिणाम जारी करने शुरू कर दिए हैं। बोर्ड के अनुसार, इन सेवाओं के लिए आवेदन करने वाले करीब 87 प्रतिशत विद्यार्थियों के मामलों का निस्तारण कर दिया गया है, जबकि शेष आवेदनों की प्रक्रिया जल्द पूरी कर ली जाएगी। संशोधित परिणाम और अंकतालिकाएं चरणबद्ध तरीके से डिजीलॉकर पर अपलोड की जा रही हैं।</p>
<p>बोर्ड ने बताया कि जिन छात्रों के अंकों में जांच के दौरान बदलाव पाया गया है, उन्हें नई मार्कशीट उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं, जिन आवेदनों में कोई बदलाव नहीं हुआ है, उन्हें भी उत्तर पुस्तिकाओं के निरीक्षण का अवसर दिया जाएगा। इसके लिए क्षेत्रीय कार्यालयों में विशेष व्यवस्था की जाएगी।</p>
<p>इसके साथ ही सीबीएसई ने छात्रों और अभिभावकों से अपील करते हुए कहा है कि सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों से बचे और केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही भरोसा करें। बोर्ड ने कहा कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराई जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                            <category>अजमेर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 12:32:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लापरवाही : 2 साल बाद भी 5 छात्राओं को नहीं मिली 10 वीं की अंक तालिका, भविष्य अधर में</title>
                                    <description><![CDATA[ 
 मिश्रोली विद्यालय राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में अध्ययन कर पास हुई 5 बालिकाओं का भविष्य विद्यालय प्रशासन की लापरवाही के चलते अधर में है। इन छात्राओं को दो साल बाद भी 10 वीं की अंकतालिका नहीं मिली है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/negligence--even-after-2-years--5-girl-students-did-not-get-10th-mark-sheet--future-in-balance/article-15882"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/2-saal-baad-bhi-10th-marksheet.jpg" alt=""></a><br /><p>मिश्रोली । मिश्रोली विद्यालय राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में अध्ययन कर पास हुई 5 बालिकाओं का भविष्य विद्यालय प्रशासन की लापरवाही के चलते अधर में है। इन छात्राओं को दो साल बाद भी 10 वीं की अंकतालिका नहीं मिली है। इसके चलते अभिभावकों में रोष है और नाराज परिजनों ने स्कूल पर ताला जड़ने की चेतावनी दी है।<br /><br />जानकारी के अनुसार ज्योति गुर्जर पुत्री कैलाशचंद्र गुर्जर, मनीषा पुत्री बालाराम गुर्जर, सानिया बी पुत्री मुबारिक, शिवानी पुत्री जगदीश मेघवाल और तब्बसुम पुत्री अनवर हुसैन को दो साल बाद भी स्कूल प्रबंधन की लापरवाही के चलते दसवीं की अंकतालिका नहीं मिल पाई है। मिश्रौली निवासी छात्रा ज्योति गुर्जर ने बताया कि उसने चार सहपाठियों के साथ सन 2020-21 सितंबर को में कक्षा दसवीं के व्यवसायिक शिक्षा में ब्यूटी एंड वैलनेस विषय की सप्लीमेंट्री प्रायोगिक परीक्षा दी थी जिसका परीक्षा परिणाम अजमेर बोर्ड द्वारा 2 साल बाद तक भी जारी नहीं किया गया। वहीं स्थानीय विद्यालय में बालिकाओं का अध्ययन जारी रखते हुए बालिकाओं ने 12वीं कक्षा भी पास कर ली लेकिन वही जब  बालिकाएं आगे अध्ययन करना व प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग लेना चाहती है तो हर जगह उनसे दसवीं कक्षा की अंक तालिका मांगी जा रही है, जिसके लिए बालिकाओं व उनके परिजनों द्वारा कई बार विद्यालय के चक्कर काटे जा चुके हैं। विद्यालय द्वारा कई बार आश्वासन देने के बाद आखिर में विद्यालय प्रशासन द्वारा कई बार बोर्ड से पत्राचार भी किए गए। वही बालिका के परिजन जब बोर्ड कार्यालय अजमेर गए थे उन्हें डाटा नहीं मिलने की बात कह कर टाल दिया गया जिसके चलते उन्हें निराश होकर खाली हाथ लौटना पड़ा। जिस पर प्रधानाचार्य के मामला संज्ञान में आने पर विद्यालय से प्रतिनिधि के तौर पर व्याख्याता को अजमेर बोर्ड भेजा गया।<br /> <br />जहां से भी कोई संतोषप्रद जवाब नहीं मिला। जिस पर बालिकाओं के परिजनों ने परेशान होकर एक माह के भीतर अंक तालिका प्राप्त नहीं होने पर स्कूल पर ताला जड़ने और आंदोलन करने की चेतावनी दी गई। वही संपूर्ण घटनाक्रम में विद्यालय की लापरवाही सामने आया। जहां विद्यालय के नवीन प्रधानाचार्य लाखन शर्मा द्वारा मई 2021 में पदभार ग्रहण किया गया किंतु इससे  पूर्व 29 नवम्बर 2020 में विद्यालय से संबंधित अवार्ड सीट एव पेक्ट्रिकल री असाइमेंट  बोर्ड आॅफ  सेकंडरी एजुकेशन राजस्थान पत्राचार में भी प्रधानाचार्य प्रभुलाल के स्थान पर लाखन शर्मा के हस्ताक्षर देखने को मिले। वही पिछले 2 वर्षों से बिना प्रधानाचार्य के संज्ञान में मामला आये ही विद्यालय प्रशासन द्वारा अजमेर बोर्ड से अंक तालिकाओं के संबंध में पत्राचार किया जा रहा था। जहां एक ओर तो विद्यालय प्रशासन की लापरवाही बालिकाओं के भविष्य पर भारी पड़ रही है वहीं यह लापरवाही तो विद्यालय की कार्यप्रणाली का एक छोटा सा नमूना मात्र है, जहां इसके साथ ही विद्यालय के दस्तावेजों में भी गड़बडी देखने को मिल रही है।<br /><br /><strong>पीड़ित छात्रा और परिजनों की पीड़ा</strong><br />बालिका ज्योति गुर्जर ने बताया कि उसने कई बार परीक्षा प्रभारी और प्रधानाचार्य से रिजल्ट के बारे में पूछा तो बताया कि आ जाएगा, प्रोसेस में है। उसके बाद 2021 लास्ट में पूछने पर विद्यालय प्रभारी  द्वारा विद्यालय के लेटर पेड पर माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर के नाम परिणाम जारी करने के सम्बन्ध में लेटर लिखकर मुझे दिया जिसे मेरा भाई दुर्गा लाल गुर्जर सहित हम अजमेर जाकर आये जिस पर बोर्ड स्टाफ द्वारा लेटर पर मोहर लगाकर दे दिया। उसके बाद भी आठ महीने गुजर जाने पर भी कोई रिजल्ट नही मिला और न ही कोई संतोषजनक जवाब मिल रहा है। 2साल से अंकतालिका नहीं मिलने आगे की पढ़ाई नहीं कर पा रही है। भाई दुर्गा लाल गुर्जर ने बताया कि मैं बहन को लेकर गया था। जहां बोर्ड अजमेर स्टाफ ने कंप्यूटर फाइल में खोजकर देखा तो नही मिला। वहां बोला कि इसका डाटा तो नही मिल रहा है लेकिन स्टाफ को आने के बाद दिखवाते है। आप जाओ विद्यालय में अंकतालिका भेज दी जाएगी। अजमेर से भी हमें खाली हाथ निराशा लौटना पड़ा। मेरी बहिन का परीक्षा परिणाम दो साल बाद भी बोर्ड द्वारा अभी तक जारी नही हुआ या  विद्यालय प्रभारी द्वारा संतुष्टि भरी कार्रवाही नही की गई जबकि बालिकाएं प्रायोगिक परीक्षा में उत्तीर्ण है जिसके सभी दस्तावेज हमारे पास है। उसके आधार पर ही मेरी बहिन ने ग्यारवीं बाहरवीं कक्षा उत्तीर्ण की है। विद्यालय प्रभारी लाखन शर्मा से हार्ड कॉपी को लेकर बात करने  पर हमे गुमराह किया जा रहा है।<br /><br /><strong>इनका कहना है</strong> <br /> मेरा 1 वर्ष पूर्व ही विद्यालय में पदस्थापन हुआ है, जिसके चलते मामला उनके संज्ञान में नहीं आ पाया। मामले के संज्ञान में आते ही कार्रवाई शुरू कर दी गई है। बोर्ड से अंक तालिका अथवा किसी प्रकार की जानकारी आने पर बालिका को सूचित कर दिया जाएगा। <br /><strong>-लाखन शर्मा, प्रधानाचार्य, मिश्रोली विद्यालय राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय</strong><br /><br />पिछले 2 वर्षों में कोरोना काल में विद्यार्थियों के प्रमोट होने के चलते विद्यालय प्रशासन को अंक तालिकाओं के संबंध में गलतफहमी हुई। जिसके बाद भी विद्यालय प्रशासन द्वारा लापरवाही दिखाते हुए इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की। जिसके चलते हैं मामला अधर में लटका रहा किंतु  अभी 15 दिन पहले परिजन ने आकर मामला बताया। तभी से शिक्षा विभाग के मामला संज्ञान में आते ही इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले को लेकर विद्यालय स्टाफ संतोष कुमार दस्तावेज के साथ  अजमेर बोर्ड भिजवाया गया है। इससे पहले मामला हमारे संज्ञान में नही था। जल्द ही कार्रवाई कर शीघ्र ही बालिकाओं को अंक तालिका दिलवाने के प्रयास किए जा रहे हैं। वही विद्यालय प्रशासन की ओर से यदि कोई गलती सामने आती है तो उन पर भी उचित कार्रवाई की जाएगी।<br /><strong>-कल्याणमल मेघवाल, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 23 Jul 2022 17:17:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शिक्षा बोर्ड के फेल अभ्यर्थी ने बना ली फर्स्ट डिविजन की मार्कशीट! </title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की परीक्षा में फेल हुए एक अभ्यर्थी ने बोर्ड से न केवल पास की डुप्लीकेट मार्कशीट बनवा ली, बल्कि फर्स्ट डिविजन मार्क्स भी प्राप्त कर लिए, लेकिन प्रमाण-पत्र लेना भूल गया। जब प्रमाण-पत्र की आवश्यकता हुई और डुप्लीकेट के लिए आवेदन किया तो पकड़ा गया। फर्जी तरीके से पास की मार्क्सशीट लेने पर बोर्ड कार्मिकों ने उसके खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज कराने की चेतावनी दी तो वह बिना प्रमाण-पत्र लिए ही भाग छूटा। सूत्रों के मुताबिक बोर्ड प्रशासन ने इस प्रकरण की जांच शुरू कर दी है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/failed-candidate-of-the-board-of-education-made-the-marksheet-of-the-first-division/article-13482"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/ajmer.jpg-logo.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"> अजमेर। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की परीक्षा में फेल हुए एक अभ्यर्थी ने बोर्ड से न केवल पास की डुप्लीकेट मार्कशीट बनवा ली, बल्कि फर्स्ट डिविजन मार्क्स भी प्राप्त कर लिए, लेकिन प्रमाण-पत्र लेना भूल गया। जब प्रमाण-पत्र की आवश्यकता हुई और डुप्लीकेट के लिए आवेदन किया तो पकड़ा गया। फर्जी तरीके से पास की मार्क्सशीट लेने पर बोर्ड कार्मिकों ने उसके खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज कराने की चेतावनी दी तो वह बिना प्रमाण-पत्र लिए ही भाग छूटा। सूत्रों के मुताबिक बोर्ड प्रशासन ने इस प्रकरण की जांच शुरू कर दी है।  </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>दो संविदाकर्मियों से की पूछताछ </strong></p>
<p style="text-align:justify;">दो संविदाकर्मी संदेह के घेरे में हैं। जानकारी के मुताबिक परीक्षा सेल में संविदा पर कार्यरत दो कम्प्यूटर कार्मिकों से इस सिलसिले में पूछताछ की जा रही है कि फेल अभ्यर्थी ने  बोर्ड परीक्षा पास होने की मार्कशीट कैसे और किस माध्यम से प्राप्त की। इस प्रकरण ने बोर्ड की विश्वसनीयता और पारदर्शिता पर भी गंभीर सवाल खडेÞ कर दिए हैं। हालांकि इस सेल से जुड़े अधिकारी अब सफाई दे रहे हैं कि बोर्ड द्वारा छपवाई गई ब्लैंग प्रिंटेड मार्कशीट गलती से एकसाथ चिपककर चली गई होगी। </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>सत्यापन के दौरान पकड़ा गया फर्जीवाड़ा</strong></p>
<p style="text-align:justify;">विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक सत्र 2020-21 की परीक्षा में सम्मिलित एक परीक्षार्थी ने फेल होने के बाद भी फर्स्ट डिविजन से पास होने की मार्कशीट प्राप्त कर ली। लेकिन जब सर्टिफिकेट के लिए आवेदन किया तो परीक्षा सेल के सहायक निदेशक अनिल पाटनी ने सत्यापन के दौरान मामले को पकड़ लिया। सूत्रों के मुताबिक पाटनी ने अभ्यर्थी को बुलाकर पूछताछ की और फर्जी तरीके से मार्कशीट प्राप्त करने पर पुलिस में मुकदमा दर्ज कराने की चेतावनी दी तो वह भाग छूटा। अब उसके आवेदन फार्म में लिखे मोबाइल नम्बर और अन्य जानकारी से उसके बारे में पड़ताल की जा रही है। </p>
<p style="text-align:justify;"> <strong>बोर्ड अधिकारियों से नहीं हो सका सम्पर्क</strong><br />इस संबंध में बोर्ड के प्रशासक लक्ष्मीनारायण मंत्री एवं सचिव मेघना चौधरी से बोर्ड प्रशासन का पक्ष जानने के लिए उनसे मोबाइल पर फोन कर सम्पर्क करने के प्रयास किए, लेकिन उनसे सम्पर्क नहीं हो सका। वहीं परीक्षा सेल के सहायक निदेशक अनिल पाटनी से सम्पर्क करने का प्रयास किया गया तो उनका मोबाइल भी लगातार स्वीच आॅफ मिला।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                            <category>अजमेर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/failed-candidate-of-the-board-of-education-made-the-marksheet-of-the-first-division/article-13482</link>
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                <pubDate>Sun, 03 Jul 2022 13:06:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Ajmer]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आरटीयू की बदइंतजामी: प्रदेशभर से मार्कशीट लेने आए छात्र खा रहे धक्के</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान टेक्निकल यूनिवर्सिटी में इन दिनों प्रदेशभर से हजारों छात्र प्रोविजनल डिग्री, मार्कशीट, माइग्रेशन सहित अन्य डॉक्यूमेंट लेने कोटा आ रहे हैं। लेकिन, आरटीयू की बदइंतजामी से छात्रों को तीन-तीन दिन तक दस्तावेज नहीं मिल रहे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/rtu-mis-management--students-who-came-to-collect-marksheet-from-all-over-the-state-are-getting-upset/article-12699"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/rtu.jpg" alt=""></a><br /><p> कोटा। राजस्थान टेक्निकल यूनिवर्सिटी में इन दिनों प्रदेशभर से हजारों छात्र प्रोविजनल डिग्री, मार्कशीट, माइग्रेशन सहित अन्य डॉक्यूमेंट लेने कोटा आ रहे हैं। लेकिन, आरटीयू की बदइंतजामी से छात्रों को तीन-तीन दिन तक दस्तावेज नहीं मिल रहे। वहीं, परीक्षा भवन में मार्कशीट वितरण कार्य में लगे संविदाकर्मियों की बदसलूकी से स्टूडेंटस आहत है। हालात यह है, सुबह से शाम तक दस्तावेज मिलने की उम्मीद लगाए बैठे विद्यार्थियों को संविदाकर्मी कल आने की बात कहकर टरका रहे हैं। ऐसे में दूर-दराज के जिलों से आए छात्र रातभर शहर में सिर छिपाने की जगह ढूंढते फिर रहे हैं। कोई होटल तलाशता तो कोई रेलवे स्टेशन पर ही रात बिताता। आरटीयू प्रशासन की लापरवाही से सैंकड़ों छात्र शारीरिक, मानसिक व आर्थिक रूप से प्रताड़ित हो रहे हैं।  यूनिवर्सिटी के परीक्षा भवन में छात्रों ने दैनिक नवज्योति से अपनी पीड़ा बयां की। <br /><br /><strong>दो दिन से धर्मशाला में रह रहा हूं</strong><br />बीटेक पासआउट छात्र कृपाशंकर मीणा कहते हैं, वे दौसा से कोटा आए हैं। फर्स्ट   ईयर की मार्कशीट खो गई, इसलिए डुप्लीकेट मार्कशीट लेने आया हूं। सुबह 10 बजे से आरटीयू के चक्कर काट रहे हैं। यहां डॉक्यूमेंट वितरण का कार्य करने वाले संविदाकर्मी दोपहर तक मार्कशीट देने की बात कहते हैं लेकिन शाम तक नंबर नहीं आता। किसी तरह नम्बर आ जाए तो रिजल्ट की स्लीप लाने की बात कहते हैं, तब तक ई-मित्र बंद हो जाती है और शाम 6 बजे तक काउंटर बंद कर देते हैं। यदि उन्हें किसी तरह की कोई स्लीप चाहिए तो कर्मचारी सुबह से दोपहर तक नहीं बताते। मजबूरी में दो दिन तक रामपुरा स्थित धर्मशाला में रूका रहा। अगले दिन शाम 5.30 बजे करीब मार्कशीट मिली प्रोविजनल नहीं दी गई। <br /><br /><strong> रेलवे स्टेशन पर कटी रात</strong><br />प्रोविजनल डिग्री लेने आए नागौर निवासी गजेंद्र बडीयास ने बताया कि सुबह 11 बजे परीक्षा भवन में स्थित काउंटर पर पहुंचे तो कर्मचारियों ने शाम को आने की बात कही। हमारे पास कोई साधन नहीं होने से भूखे-प्यासे यूनिवर्सिटी में ही बैठे रहे। शाम 4 बजे फिर से काउंटर पर गए तो कल आने की बात कही गई। संबंधित कर्मचारी से वजह पूछी तो बदतमीजी पर उतर आए। प्रोविजनल के लिए हमने फीस भी दी, इसके बावजूद चक्कर कटवा रहे हैं। आरटीयू से टांसपोर्ट का कोई साधन नहीं है। एग्जाम की वजह से आसपास की होटलों में भी रूम नहीं मिला। वहीं, कुछ होटलों में किराया इतना महंगा था जिसे वहन करना हमारे लिए मुश्किल था। रात 10.30 बजे आॅटो कर रेलवे स्टेशन पर पहुंचे, जहां मजबूरी में रात गुजारनी पड़ी। आरटीयू की बदइंतजामी से हमारे जैसे हजारों छात्र परेशान हो रहे हैं। <br /><br /><strong>बदतमीजी करतेहैं संविदाकर्मी</strong> <br />सीकर निवासी अदिश इंदौरिया ने बताया कि परीक्षा भवन में कार्यरत संविदाकर्मी छात्रों के साथ बदतमीजी करते हैं। इनका व्यवहार बहुत ही खराब है। डॉक्यूमेंट लेने से पहले 450 रुपए का चालान कटवाते हैं, पैसे लेने के बावजूद आरटीयू प्रशासन व्यवस्थाओं में सुधार नहीं कर रहा। रोजाना 100 से ज्यादा छात्र यहां मार्कशीट लेने आ रहे हैं। शुक्रवार सुबह 10 से शाम 5 बजे तक करीब 15 छात्रों को ही मार्कशीट पाई। शेष रहे बच्चों को अगले दिन देने को बोला जा रहा है। किसी को नौकरी तो किसी को इंटरव्यू के लिए मार्कशीट की आवश्यकता है। पिछले बीस दिनों से आरटीयू की ओर से दस्तावेज घरों पर नहीं पहुंचाए गए। ऐसे में मार्कशीट व प्रोविजनल लेने यहां आना पड़ा।  <br /><br /><strong>डेढ़ माह पहले ऑनलाइन प्रोसेज किया फिर भी करेक्शन नहीं हुआ</strong><br />बांसवाड़ा निवासी मंथन जोशी का कहना है, बीटेक की मार्कशीर्ट में उनका नाम गलत हो रहा है। जिसे सही करवाने के लिए डेढ़ माह पहले ऑनलाइन प्रोसेज किया था। एक माह में तो करेक्शन होकर मार्कशीट स्पीड पोस्ट के माध्यम से घर पहुंच जानी चाहिए थी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। मजबूरी में मुझे कोटा आना पड़ा। मैं सुबह 9 बजे से ही यहां हूं और अभी 5.30 बज गए। अभी तक मार्कशीर्ट में नाम सही नहीं हुआ। काउंटर बंद होने में आधा घंटा शेष है, काम होने की कोई संभावना नजर नहीं आती। ऐसे में मेरे पास दो ही विकल्प है, या तो मैं कोटा में ही कहीं होटल या धर्मशाला में रहूं या घर चला जाऊं। समझ में नहीं आ रहा, बहुत परेशान हूं। <br /><br /><strong>पहले ट्रेन में धक्के खाए अब आरटीयू में</strong><br />नागौर निवासी मनीष कुमार का कहना है, मार्कशीट में नाम सही करवाने को कोटा आए हैं। पहले ट्रेन में धक्के खाए अब आरटीयू में भी धक्के खा रहे हैं। 250 रुपए फीस देने के बावजूद काम नहीं हो रहा। वहीं, जयपुर निवासी वैभव सिंह कहा, बड़ी मुश्किल से ट्रेन का सफर पूरा कर यहां पहुंचे हैं। दिनभर से चक्कर कटवा रहे हैं। कर्मचारी कभी दोपहर तो कभी शाम को प्रोविजनल देने की बात कहते हैं लेकिन शाम होते होते कल आने को कहकर छात्रों को टरका रहे हैं। आरटीयू की लचर व्यवस्था से सैंकड़ों छात्र मानसिक व आर्थिक परेशानी से गुजर रहे हैं।  <br /><br /><strong>600 किलोवॉट का सौलर प्लांट, फिर भी बिजली बंद</strong><br />राजस्थान टेक्निकल यूनिवर्सिटी परिसर में 300-300 किलोवॉट के कुल 600 किलोवॉट के सौलर प्लांट लगे हुए हैं। जिनसे हर माह हजारों यूनिट बिजली का उत्पादन होता है। हर महीने 7 से 8 लाख रुपए की बचत होती है। जबकि, आरटीयू की औसत बिजली डिमांड 350 से 400 किलोवॉट रहती है। इसके बावजूद यूनिवर्सिटी में आए दिन बिजली गुल रहती है। शुक्रवार को परीक्षा भवन में कई बार बिजली की आंख-मिचौली चलती रही। इससे मार्कशीर्ट लेने आए विद्यार्थियों को गर्मी में परेशान होना पड़ा। <br /><br /><strong>डिप्टी रजिस्ट्रार की फटकार के बादमिली प्रोविजनल डिग्री</strong><br />जयपुर निवासी धैर्य दीक्षित कहते हैं, जयपुर स्थित कौटिल्य कॉलेज से बीटेक किया है। हैड आॅफ डिपार्टमेंट आरटीयू होने से डिग्री व प्रोविजनल यहीं से मिलती है। ऐसे में कोटा आए लेकिन यहां मार्कशीट देने वाले कर्मचारी सीधे मुंह बात तक नहीं करते। भीड़ अधिक होने पर व्यवस्थाएं बनाने के बजाए सभी कर्मचारी छात्रों से कल आने की बात कहने लगे। हमने परेशानी बताई तो उल्टा-सीधा बोलने लगे, विरोध करने पर धक्का-मुक्की पर उतर आए। इसके बाद हमने डिप्टी रजिस्ट्रार से शिकायत की तो उन्होंने संबंधित कर्मचारी को फटकार लगाई, इसके बाद ही हमें प्रोविजनल मिल पाया। <br /><br /><strong>इमरजेंसी में ही आएं छात्र</strong><br />मार्कशीर्ट लेनी हो या नाम में करेक्शन करवाना, इसके लिए ऑनलाइन प्रोसेज अपनानी होती है। हम संबंधित छात्र को दस्तावेज बायपोस्ट घर भिजवा देते हैं। इसके लिए उन्हें यहां आने की जरूरत नहीं होती। जिसे इमरजेंसी हो, उसे ही यहां आना चाहिए।  यह जरूरी नहीं कि जिस दिन छात्र आरटीयू आए उसी दिन काम हो जाए, क्योंकि कई चीजे होती हैं जो मौके पर उनके पास मौजूद नहीं होती है। यदि कोई कर्मचारी छात्रों से बदतमीजी करता है तो उन्हें मुझसे शिकायत करनी चाहिए। शिकायत मिलने पर ही हम कार्रवाई कर पाएंगे। वैसे, सभी कर्मचारियों को व्यवहार सही रखने की हिदायत देकर पाबंद कर देंगे। <br /><strong>-धीरेंद्र माथुर, परीक्षा नियंत्रक आरटीयू</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Jun 2022 14:44:36 +0530</pubDate>
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