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                <title>thackeray - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>ठाकरे के साथ नहीं हुई कोई गुप्त बैठक : इस तरह के दावे राजनीतिक रूप से प्रेरित, फडणवीस ने कहा- हमारे बीच छिपाने जैसा कुछ नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[फडणवीस ने उद्धव ठाकरे से गुप्त मुलाकात की अटकलों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा, “मुलाकात होगी तो खुलकर होगी, छिपाने जैसा कुछ नहीं।” फडणवीस ने अफवाहों को राजनीतिक साजिश बताते हुए सोशल मीडिया पर झूठ फैलाने वालों को चेताया और कहा कि ऐसे लोगों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/there-was-no-secret-meeting-with-thackeray-such-claims-are/article-151702"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/6622-copy96.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शिवसेना (यूबीटी) अध्यक्ष उद्धव ठाकरे के साथ किसी भी तरह की गुप्त बैठक से इनकार करते हुए शनिवार को कहा कि इस तरह के दावे निराधार और राजनीतिक रूप से प्रेरित हैं। फडणवीस ने अटकलों पर विराम लगाते हुए स्पष्ट किया कि दोनों नेताओं के बीच ऐसा कोई मुद्दा नहीं है, जिसके लिए गुप्त रूप से बातचीत करनी पड़े। उन्होंने कहा कि अगर कोई बैठक होती है, तो खुलकर होगी और उसे गोपनीय नहीं रखा जाएगा। फडणवीस ने कहा कि अगर मैं उद्धव ठाकरे से मिलूंगा, तो इस बात को छिपाने की कोई जरूरत नहीं होगी। इस तरह की बैठक सार्वजनिक रूप से हो सकती है। हमारे बीच ऐसा कुछ नहीं है, जिसे छिपाने की जरूरत है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;">उन्होंने इस तरह की अफवाहों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि कुछ सोशल मीडिया अकाउंट और मीडिया घराने जानबूझकर झूठी सूचना फैला रहे है, ताकि राजनीतिक भ्रम उत्पन्न किया जा सके। उन्होंने अंदेश दिया कि सरकार इस तरह की हरकतों को बर्दाश्त नहीं करेगी। फडणवीस ने कहा कि बनावटी बातें फैलाने के लिए ऐसे झूठे लोगों को कानूनी नोटिस जारी किए जाएंगे।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';color:#222222;background:#FFFFFF;"> </span></p>
<p class="MsoNormal"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Sat, 25 Apr 2026 17:05:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>निशिकांत दुबे के भाषा संबंधी बयान पर आदित्य ठाकरे का बड़ा हमला : बिहार में तेजस्वी यादव की संभावित जीत से डरी बीजेपी, कहा- समाज को बांट रही भाजपा</title>
                                    <description><![CDATA[इंडिया गठबंधन के साथ-साथ महाराष्ट्र के स्थानीय मुद्दों पर भी विचार-विमर्श चल रहा है। चाहे उद्योगपतियों की भूमिका हो या महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) जैसे दलों के रुख की, इन सभी पर चर्चा हो रही है। ठाकरे ब्रदर्स के एक साथ आने से जनता में जोश और उत्साह है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/aditya-thackerays-big-attack-on-nishikant-dubeys-language-statement-bjp/article-119881"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/untitled-design-(10).png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। महाराष्ट्र में मराठी बनाम हिंदी भाषा विवाद को लेकर सियासत गरमा गई है। इसे लेकर शिवसेना (यूबीटी) के नेता और विधायक आदित्य ठाकरे ने भारतीय जनता पार्टी पर हमला बोला है। आदित्य ठाकरे ने महाराष्ट्र में महा विकास अघाड़ी (एमवीए) की रणनीति पर कहा कि महाराष्ट्र में कई दल और समूह हमारे साथ जुड़ने को तैयार हैं। महा विकास अघाड़ी एक मजबूत गठबंधन बनकर उभर रही है।</p>
<p>इंडिया गठबंधन के साथ-साथ महाराष्ट्र के स्थानीय मुद्दों पर भी विचार-विमर्श चल रहा है। चाहे उद्योगपतियों की भूमिका हो या महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) जैसे दलों के रुख की, इन सभी पर चर्चा हो रही है। ठाकरे ब्रदर्स के एक साथ आने से जनता में जोश और उत्साह है।</p>
<p><strong>आदित्य ठाकरे ने क्या कहा?</strong><br />आदित्य ठाकरे ने बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे के भाषा संबंधी बयान पर कहा कि वह न तो महाराष्ट्र के प्रतिनिधि हैं, न ही हिंदी भाषा के। वह सिर्फ बीजेपी की विचारधारा के प्रवक्ता हैं। उसमें नफरत, विभाजन और नकारात्मकता भरी हुई है। महाराष्ट्र विविधताओं का प्रदेश है। यहां उत्तर से लेकर दक्षिण भारत के लोग रहते हैं और सब मिलकर काम करते हैं। हमारा हिंदी भाषा या किसी समुदाय से कोई झगड़ा नहीं है। हमारा विरोध सिर्फ उस सत्ता से है। जो मराठी अस्मिता को ठेस पहुंचाती है।</p>
<p><strong>बीजेपी समाज को बांट रही</strong><br />आदित्य ठाकरे ने कहा कि निशिकांत दुबे को बिहार चुनाव की जिम्मेदारी दी गई है और उन्हें तेजस्वी यादव की संभावित जीत का डर सता रहा है। यही वजह है कि वे महाराष्ट्र में भाषा विवाद खड़ा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोविड के दौरान उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री थे और उन्होंने सबका साथ दिया। आज वही लोग मराठी भाषा पर सवाल उठा रहे हैं। जब बीजेपी हार की ओर बढ़ती है, तब यह पार्टी समाज को भाषा, जाति और धर्म के नाम पर बांटने लगती है। </p>
<p><strong>आनंद दुबे का दिया हवाला</strong><br />महाराष्ट्र में आनंद दुबे जैसे लोग मराठी की सेवा कर रहे हैं और सभी को उनसे सीख लेनी चाहिए। मैं अपने सभी कार्यकर्ताओं से कहूंगा कि ऐसे बयानों का जवाब भावनाओं से नहीं, बल्कि राजनीतिक तरीके से दें। सामाजिक मुद्दों को राजनीतिक बहाना बनाना ठीक नहीं है।</p>
<p><strong>निशिकांत दुबे ने क्या कहा?</strong><br />दरअसल गुवाहाटी में निशिकांत दुबे ने कहा था कि आप लोग हमारे पैसे पर जी रहे हैं। आपके पास कौन से उद्योग हैं? अगर आपमें हिम्मत है और आप हिंदी बोलने वालों को पीटते हैं। तो आपको उर्दू, तमिल और तेलुगु बोलने वालों को भी पीटना चाहिए। अगर आप इतने बड़े बॉस हैं, तो महाराष्ट्र से बाहर आइए। बिहार, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु आइए - तुमको पटक पटक के मारेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Wed, 09 Jul 2025 12:30:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मेरी हालत जापान जैसी : हर दिन धमाकों की आती है सूचनाएं, मैं अब शॉकर मैन बन गया हूं, ठाकरे ने कहा - हमारा समय आएगा </title>
                                    <description><![CDATA[मैं शॉकर मैन बन गया हूं। कोई जितना चाहे उतना झटका दे, जब हमारा समय आएगा और हम झटका देंगे, वह अविस्मरणीय होगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/my-condition-comes-from-blasts-every-day-like-japan-thackeray/article-105003"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/257rtrer-(16)4.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। शिवसेना यूबीटी पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने गुरुवार को कुर्ला और कलिना के पदाधिकारियों से मुलाकात की। सोमनाथ सापले को विभाग क्रमांक 6 का प्रमुख नियुक्त किए जाने के बाद कुछ पदाधिकारी उद्धव ठाकरे से मिलने गए। इस अवसर पर उद्धव ठाकरे ने कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन किया। इस दौरान उद्धव ठाकरे ने एक बड़ा बयान दिया। ठाकरे ने सरल भाव से कहा कि हर दिन झटकों और धमाकों की सूचनाएं आती रहती हैं। मैं अब एक शॉकरमैन बन गया हूं।</p>
<p>उद्धव ठाकरे ने कहा कि मेरी हालत बिल्कुल जापान जैसी हो गई है। आपको पता ही होगा कि जापान की स्थिति बिल्कुल अलग है। ऐसा कहा जाता है कि अगर किसी दिन जापान में भूकंप नहीं आता है, तो लोग आश्चर्य व्यक्त करते हैं। इसी तरह उद्धव ठाकरे को हर दिन झटके के बाद झटके मिलते हैं। मैं शॉकर मैन बन गया हूं। कोई जितना चाहे उतना झटका दे, जब हमारा समय आएगा और हम झटका देंगे, वह अविस्मरणीय होगा।</p>
<p><strong>लड़ाई अकेले की नहीं है</strong><br />उद्धव ठाकरे ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि निर्णय लेने के बाद थोड़ी सहमति और थोड़ी नाराजगी होती है। अब किसी को इस तरह नाराज मत होने दीजिए। सोमनाथ जी आपको नए सिरे से पेश करने की जरूरत नहीं है। शिवसेना प्रमुख से लेकर शिवसैनिकों तक, पुराना अनुशासन है। शायद कठोर अनुशासन। लेकिन अब जब सैनिकों की बात आती है, तो अनुशासन आना चाहिए। कुछ गुस्सा और हताशा हो सकती है, यह लड़ाई अकेले मेरे लिए नहीं है। यह लड़ाई हमारी है।</p>
<p><strong>फिल्म छावा जरूर देखें</strong><br />उद्धव ठाकरे ने अपील की कि मैं जानबूझकर हर किसी से कह रहा हूं कि वे फिल्म छावा देखें। अब दिल्ली से खबरें आ रही हैं कि लोग आंखें बंद करके जा रहे हैं। आप भी आंखें बंद करके मत जाइए, बल्कि अपनी आंखें खोलकर जाइए।</p>
<p><strong>मराठी लोगों की जड़ों पर हमले का प्रयास</strong><br />ठाकरे ने कहा यह लड़ाई सिर्फ हमारी नहीं है। जो लोग हमारी जड़ों पर हमला कर रहे हैं, उनकी हिम्मत कैसे हुई और वे अपनी ही लकड़ी को कुल्हाड़ी की तरह इस्तेमाल करके शिवसेना यानी मराठी लोगों की जड़ों पर हमले की कोशिश कर रहे हैं। अगर हम एक नहीं रहे, तो इससे बड़ा दुर्भाग्य और कुछ नहीं होगा।</p>
<p><strong>प्रत्येक शाखा में अपनी जिम्मेदारी स्वयं लें </strong><br />उद्धव ठाकरे ने अपील की कि ये संगठन निर्माण के दिन हैं। सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने की संभावना है। 227 या 236 का फैसला आएगा। अप्रैल-मई में नगर निगम चुनाव होने की प्रबल संभावना है। आपके पास जो भी समय है, प्रत्येक शाखा में अपनी जिम्मेदारी लें। मुझे विश्वास है कि पिछले विधानसभा चुनाव में जो अनुभव हुआ, जो भी गलतियां हुईं, वे फिर नहीं होंगी, कृपया तीनों वार्ड मेरे लिए भगवा कर दें।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 21 Feb 2025 13:40:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महाराष्ट्र में नए समीकरण के आसार : उद्धव ठाकरे ने फड़नवीस की प्रशंसा कर दिए भाजपा से जुड़ने के संकेत</title>
                                    <description><![CDATA[उनकी पार्टी ने बीएमसी का चुनाव अकेले लड़ने का फैसला किया है। उद्धव संभवत: भाजपा के साथ गठबंधन का रास्ता दोबारा ढूंढ रहे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/chances-of-a-new-equation-in-maharashtra-uddhav-thackeray-praises/article-99650"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-01/6622-copy11.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई। महाराष्ट्र में बीते दिनों कुछ ऐसा हुआ, जिससे अटकलों का नया दौर शुरू हो गया। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना के मुखपत्र सामना में मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस की तारीफ में कुछ बातें लिखी गईं। उधर, राकांपा नेता सुप्रिया सुले ने भी फड़णवीस की प्रशंसा में एक बयान दे दिया। ऐसे में सवाल उठा कि क्या महाराष्ट्र में कुछ नया सियासी घटनाक्रम देखने को मिल सकता है। उद्धव ठाकरे ने एक बार यह बयान दिया था कि या तो देवेंद्र फडणवीस रहेंगे या मैं रहूंगा। नतीजों के बाद विपक्ष की काफी बुरी स्थिति हो गई। अब उद्धव अपने बेटे का राजनीतिक भविष्य तय करना चाहते हैं। उधर, राकांपा प्रमुख शरद पवार भी उम्रदराज हो चुके हैं। उनके सामने भी उनकी पार्टी के भविष्य का सवाल है। केंद्र की तरफ से अजीत पवार को यह स्पष्ट कर दिया गया था कि एक सांसद के बूते उन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिल पाएगी। ऐसे में राकांपा के दोनों खेमों की कोशिश है कि पार्टी दोबारा एक हो जाए। इससे महाराष्ट्र विधानसभा के साथ-साथ लोकसभा और राज्यसभा में राकांपा की ताकत बढ़ जाएगी। वहीं, उद्धव यह जान गए हैं कि उनका कोर वोटर तभी साथ रहेगा, जब वे कांग्रेस और राकांपा से दूरी बनाकर रखेंगे। इसलिए उनकी पार्टी ने बीएमसी का चुनाव अकेले लड़ने का फैसला किया है। उद्धव संभवत: भाजपा के साथ गठबंधन का रास्ता दोबारा ढूंढ रहे हैं।</p>
<p> प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यकाल में कुछ नेताओं को उससे ज्यादा सम्मान दिया, जिसके वे हकदार थे। इनमें शरद पवार शामिल हैं। पवार के 75वें जन्मदिन पर प्रधानमंत्री ने जिस तरह उनकी तारीफ की थी, वैसी तारीफ किसी दूसरे नेता ने नहीं की। हालांकि, 2019 में अजीत पवार जब एक बार भाजपा को समर्थन देकर पलट गए, तब स्थिति बदल गई। भाजपा खेमे ने यही माना कि शरद पवार सब कुछ जानते थे। पवार को शायद अब यह एहसास हो रहा है कि उनसे अतीत में कुछ गलतियां हुई हैं। उधर, इंडिया गठबंधन में यह धारणा मजबूत हो रही है कि अगर कांग्रेस के ज्यादा नजदीक रहे तो खुद बर्बाद हो जाएंगे। उद्धव ठाकरे की शिवसेना और शरद पवार की राकांपा के सामने यह चुनौती है कि अगर संतुलन न साधा गया तो उनकी पार्टी के बचे हुए विधायक और सांसद टूटकर एनडीए में चले जाएंगे। यह सच है कि अभी उद्धव ठाकरे की शिवसेना और शरद पवार की राकांपा में पुनर्विचार का दौर शुरू हो गया है। पवार परिवार चाहता है कि अजीत गुट और शरद गुट दोबारा एक हो जाए। उधर, उद्धव ठाकरे और भाजपा के बीच अहम का टकराव है। हालांकि, शिवसेना-उद्धव ठाकरे यह जान गई है कि विचारधारा के मामले में वह इंडिया गठबंधन में सहज नहीं है। संभवत: उद्धव ठाकरे को अपना राजनीतिक भविष्य एनडीए में ज्यादा सुरक्षित नजर आ रहा है। उधर, कुछ बयानों को छोड़ दें तो शरद पवार कभी खुलकर प्रधानमंत्री मोदी के विरोध में नहीं उतरे। अदाणी और सावरकर मुद्दे पर उन्होंने उस तरह साथ नहीं दिया, जैसा साथ कांग्रेस चाहती थी। कांग्रेस को महाराष्ट्र में अब अपनी जगह बनानी पड़ेगी।  राजनीति में कब-कौन-क्या फैसला करेगा, यह उसकी हैसियत पर निर्भर करता है। </p>
<p>उद्धव ठाकरे को यह समझ में आ गया है कि बालासाहेब ठाकरे के वैचारिक सिद्धांत से अलग जाने पर उनका भविष्य नहीं है। भाजपा और आरएसएस उनकी पार्टी की नैसर्गिक वैचारिक सहयोगी रही है। महाराष्ट्र की राजनीति में एक नए नक्षत्र का उदय देवेंद्र फडणवीस के रूप में पहले ही हो चुका है। फडणवीस एक बड़ी पारी के लिए सभी को जोड़े रखना चाहते हैं। उनकी कोशिशों में उद्धव ठाकरे भी शामिल हैं। शरद पवार का अपना जनाधार काफी कम क्षेत्रों तक सीमित है, फिर वे भारतीय राजनीति के चाणक्य बने रहे। उनकी राजनीति हमेशा विचित्र समझौतों की रही है। महाराष्ट्र की राजनीति कभी भी उत्तर प्रदेश या दक्षिण के राज्यों की तरह प्रतिशोधात्मक नहीं रही है। इसलिए यहां बदलाव देखने को मिल सकता है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Sun, 05 Jan 2025 12:34:19 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>महाराष्ट्र में सत्ता खोने के बाद अब शिवबंधन बनाएंगे उद्धव ठाकरे </title>
                                    <description><![CDATA[शिवसेना अध्यक्ष एवं महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे राज्य की सत्ता खोने के बाद शिवबंधन बनाने का विचार कर रहे है, जिससे नेता एवं कार्यकर्ता पार्टी के प्रति वफादार रहे। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/uddhav-thackeray-will-now-make-shivbandhan/article-13443"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/4654654656.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई। शिवसेना अध्यक्ष एवं महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे राज्य की सत्ता खोने के बाद शिवबंधन बनाने का विचार कर रहे है, जिससे नेता एवं कार्यकर्ता पार्टी के प्रति वफादार रहे। सूत्रों के मुताबिक पार्टी को मजबूत करने के लिए शिवबंधन के तहत शिवसेना विधायकों, नगरसेवकों और अन्य पदाधिकारियों को ठाकरे के नेतृत्व में अपना विश्वास व्यक्त करते हुए एक हलफनामा लिखना होगा। हलफनामे में लिखना होगा कि उन्हें ठाकरे के नेतृत्व में दृढ़ विश्वास है और उनका बिना शर्त समर्थन जारी रहेगा।</p>
<p>पार्टी ने कहा कि शिवसैनिकों, पदाधिकारियों, पार्षदों और विधायकों के लिए भी हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा।। एकनाथ ङ्क्षशदे के नेतृत्व में विधायकों के विद्रोह के बाद शिवसेना ने एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। उनके नेतृत्व में शिवसेना के 39 विधायकों ने विद्रोह किया, जिससे श्री ठाकरे को मुख्यमंत्री पद से हाथ धोना पड़ा। शिवसेना नेतृत्व ने बड़ी संख्या में पार्टी विधायकों को ङ्क्षशदे खेमे में जाने से रोकने के लिए यह फैसला किया है। इस बीच शिवसेना ने श्री ङ्क्षशदे को पार्टी से बर्खास्त कर दिया गया है। बर्खास्तगी के निर्णय की घोषणा शुक्रवार की रात की गयी थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 02 Jul 2022 13:18:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>उद्धव ठाकरे का इस्तीफा</title>
                                    <description><![CDATA[शिवसेना विधायकों की बगावत से शुरू हुआ महाराष्ट्र के सियासी खेल का पटाक्षेप हो गया। साढ़े तीन घंटे की सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने रात नौ बजे राज्यपाल के 30 जून को शक्ति परीक्षण के निर्देश पर रोक से इंकार कर दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/resign-of-uddhav-thackeray/article-13351"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/46545465.jpg" alt=""></a><br /><p>शिवसेना विधायकों की बगावत से शुरू हुआ महाराष्ट्र के सियासी खेल का पटाक्षेप हो गया। साढ़े तीन घंटे की सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने रात नौ बजे राज्यपाल के 30 जून को शक्ति परीक्षण के निर्देश पर रोक से इंकार कर दिया। इस फैसले के कुछ देर बाद ही उद्धव ठाकरे ने एक भावुक बयान के बाद मुख्यमंत्री पद और विधान परिषद की सदस्यता छोड़ने की घोषणा कर दी। इसके बाद रात ग्यारह बजे उद्धव ठाकरे ने राज्यपाल भगत सिंह को अपना इस्तीफा सौंप दिया। इसके बाद गुवाहाटी से गोवा पहुंचे एकनाथ शिंदे गुट के विधायक गुरुवार की दोपहर मुंबई लौट आए। ये सभी विधायक अब भाजपा के पूर्व मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस व एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में राज्यपाल से मिले और सरकार बनाने का दावा पेश किया। माना जा रहा था कि फडणवीस एक जुलाई को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे, लेकिन भाजपा ने अचानक अपनी रणनीति बदलते हुए एकनाथ शिंदे को मुख्यमंत्री बनाने की घोषणा कर दी। शिंदे गुट के विधायकों को भी मंत्री पद की शपथ दिलाई जाएगी। 21 जून की रात को एकनाथ शिंदे की अगुवाई में शिवसेन के बागी विधायक पहले सूरत में एकत्रित हुए, फिर यह गुवाहाटी चले गए।</p>
<p>इसके बाद महाराष्ट्र में नौ दिन तक सत्ता का संघर्ष चलता रहा। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने धमकियों का सिलसिला शुरू कर दिया, लेकिन शिंदे गुट के 3 विधायकों व ग्यारह निर्दलीयों पर इसका कोई असर नहीं पड़ा। आखिर मातोश्री की कींगमेकर की परम्परा को तोड़कर मुख्यमंत्री बने उद्धव ठाकरे 946 दिन बाद पद छोड़ने को मजबूर हो गए। भाजपा-शिवसेना ने 2019 में साथ चुनाव लड़ा था, लेकिन मुख्यमंत्री पद को लेकर विवाद खड़ा हो गया। शिवसेना ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री पद मांगा, लेकिन भाजपा को यह मंजूर नहीं था। आखिर उद्धव ठाकरे एनसीपी और कांग्र्रेस के साथ गठबंधन कर मुख्यमंत्री बन गए। नई सरकार का गठन हो जाएगा, लेकिन एकनाथ शिंदे की राह में कुछ चुनौतियां भी सामने आ सकती है। फिर सवाल यह भी पैदा होगा कि असली शिवसेना कौनसी होगी। अब संगठन की दावेदारी का संघर्ष भी शुरू होगा और यह विवाद उद्धव ठाकरे गुट व एकनाथ शिंदे के बीच शुरू हो गया है। शिंदे गुट ने चुनाव आयोग में शिवसेना पर अपनी दावेदारी का दावा कर दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 01 Jul 2022 11:17:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>फ्लोर टेस्ट के आदेश के बाद उद्धव ठाकरे ने दिया इस्तीफा </title>
                                    <description><![CDATA[सुप्रीम कोर्ट ने शिवसेना की दलीलों को खारिज करते हुए फ्लोर टेस्ट कराने का आदेश दिया। इसके कुछ देर बाद ही सीएम उद्धव ठाकरे ने पद से इस्तीफा देने की घोषणा की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/uddhav-thackeray-give-resign-after-floor-test-order/article-13258"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/q-4-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई। सुप्रीम कोर्ट ने शिवसेना की दलीलों को खारिज करते हुए फ्लोर टेस्ट कराने का आदेश दिया। इसके कुछ देर बाद ही सीएम उद्धव ठाकरे ने पद से इस्तीफा देने की घोषणा की। रात करीब 11 बजे उद्धव ठाकरे इस्तीफा देने स्वयं राजभवन पहुंचे। उनके साथ कार में आदित्य और तेजस ठाकरे भी मौजूद थे। इधर बागी विधायक भी देर शाम गोवा पहुंच गए। इसके बाद बागी गुट के नेता एकनाथ शिंदे ने भाजपा नेता और पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से फोन पर बात की।</p>
<p>इससे पूर्व उद्धव ने शिंदे गुट के गिले-शिकवों पर अपनी बात रखी और कहा कि आपको अपनी बात ठीक तरह से रखनी चाहिए थी। उद्धव ने कहा कि जिनसे धोखे की आशंका थी वे साथ रहे। उन्होंने कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष सोनिया गांधी और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी प्रमुख शरद पवार का आभार व्यक्त किया। इस बीच </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Jun 2022 10:14:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उद्धव ठाकरे ने बागी विधायकों से की मुंबई लौटने की अपील</title>
                                    <description><![CDATA[महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने अपनी पार्टी शिव सेना के बागी विधायकों से मुंबई लौटने और उनसे बात करने की अपील की और कहा कि बातचीत से अब भी कोई रास्ता निकल सकता है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/uddhav-thackeray-appeals-to-rebel-mlas-to-return-to-mumbai/article-13199"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/46544653.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने अपनी पार्टी शिव सेना के बागी विधायकों से मुंबई लौटने और उनसे बात करने की अपील की और कहा कि बातचीत से अब भी कोई रास्ता निकल सकता है। मुख्यमंत्री ने एक बयान में कहा अब भी बहुत देर नहीं हुई है। मैं आपसे अपील करता हूं कि आप वापस आएं और मेरे साथ बैठें और शिवसैनिकों तथा लोगों के बीच (आपके कार्यों से निर्मित) भ्रम को दूर करें। उन्होंने बयान में कहा कि यदि आप लौट आएं और मेरे सामने बैठे, तो कोई रास्ता मिल सकता है। पार्टी अध्यक्ष और परिवार के मुखिया के रूप में मुझे अब भी आपकी चिंता है।</p>
<p><strong>जल्दी ही मुंबई लौटेंगे : शिंदे</strong><br />इस बीच बागी विधयकों के नेता एकनाथ शिंदे ने मंगलवार को कहा कि वह जल्दी ही मुंबई लौटने वाले हैं। उन्होंने एक बयान में कहा कि जल्द ही मुंबई लौटूंगा। 50 विधायक गुवाहाटी में मेरे साथ है। वह अपनी मर्जी से और हिंदुत्व के लिए आए हैं।</p>
<p><strong>मेरे साथी विधायक उनके सम्पर्क में नहीं</strong><br />शिंदे ने शिव सेना के ठाकरे गुट के इस दावे को निराधार बताया कि गुवाहाटी गए 20 विधायक उनके संपर्क में हैं। उन्होंने कहा कि मेरे समूह के उन विधायकों के नाम बताएं जो आपके संपर्क में हैं।</p>
<p><strong>शिंदे समर्थकों ने वीडियो सोशल मीडिया पर डाले</strong> <br />गुवाहाटी में जमे बागी गुट के कई सदस्यों ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी करके कहा है कि वे पार्टी के विचारधारा के आधार पर शिंदे के साथ हैं और उनके बारे में अफवाहों पर विश्वास नहीं किया जाना चाहिए। इन विधायकों ने वीडियो संदेश में कहाकि हम स्वेच्छा से आदरणीय हिंदू हृदय सम्राट शिवसेना प्रमुख बालासाहेब के विचारक एकनाथ शिंदे के साथ गुवाहाटी आए हैं। हम एकनाथ शिंदे के अलावा किसी नेता या पार्टी पदाधिकारी के संपर्क में नहीं हैं। मैं लोगों और सभी शिवसैनिकों से अनुरोध करता हूं कि इस बारे में फैलाई जा रही किसी भी भ्रांति का शिकार न हों।</p>
<p><strong>फडणवीस दिल्ली पहुंचे</strong><br />उधर भाजपा के नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस मंगलवार को दिल्ली पहुंचे और पार्टी अध्यक्ष से उनके निवास पर मुलाकात की। यह मुलाकात करीब एक घंटा चली, जिसमें महाराष्ट्र की राजनीतिक हादसों के बीच पार्टी के आगे के कदमों के बारे में चर्चा की गई। सूत्रों के अनुसार राजधानी में फडणवीस गृह मंत्री अमित शाह सहित पार्टी के अन्य नेताओं के साथ मुलाकात कर सकते हैं।  </p>
<p><strong>राज्यपाल से मिले फडणवीस</strong><br />देर शाम फडणवीस राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मिलने गर्वनर हाउस पहुंचे। चंद्रकांत पाटिल और गिरीश महाजन भी उनके साथ थे। फडणवीस ने राज्यपाल से कहा कि उद्धव सरकार अभी अल्पमत में है। 8 निर्दलीय विधायकों ने महाराष्ट्र के राज्यपाल के ऑफिशियल ईमेल आईडी पर एक मेल भेजकर तत्काल फ्लोर टेस्ट की मांग की है। फडणवीस ने भी राज्यपाल से मिलकर इस पर आगे की कार्रवाई की मांग की है।<br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Jun 2022 11:50:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>संकट में उद्धव</title>
                                    <description><![CDATA[महाराष्ट्र में शिवसेना के नेता एकनाथ शिंदे की बगावत के बाद महाराष्ट्र में सियासी संकट गहरा गया है। राज्य विधानसभा में शिवसेना के 55 विधायकों में से 34 विधायक शिंदे के साथ चले गए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/uddhav-thackeray-in-crisis/article-12901"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/454654653.jpg" alt=""></a><br /><p>महाराष्ट्र में शिवसेना के नेता एकनाथ शिंदे की बगावत के बाद महाराष्ट्र में सियासी संकट गहरा गया है। राज्य विधानसभा में शिवसेना के 55 विधायकों में से 34 विधायक शिंदे के साथ चले गए हैं। शिंदे गुट की तरफ से दावा किया जा रहा है चार निर्दलीय विधायक भी उनके साथ हैं। अभी शिवसेना के 34 विधायक गुवाहाटी डेरा डाले हुए हैं। शिंदे की मांग है कि उद्धव अब कांग्रेस और राकांपा का साथ छोड़ें और भाजपा के साथ मिलकर सरकार बनाएं। इसके अलावा शिंदे यह भी दावा कर रहे हैं कि वे ही असली शिवसेना हैं। उनका दावा है कि 47 विधायक उनके साथ हैं और बागी विधायकों ने शिंदे को अपना नेता चुन लिया है। परिस्थितियों को प्रतिकूल देखते हुए उद्धव ठाकरे ने परिवार सहित मुख्यमंत्री आवास वर्’ को खाली कर अपने निजी निवास मातोश्री चलेगए। अब सवाल है कि महाविकास आघाडी सरकार कितने दिन सत्ता में टिक पाएगी।</p>
<p>शिंदे काफी मजबूत स्थिति में हैं। यदि 37 से 37 विधायक उनके साथ हैं, तो उन पर दलबदल कानून भी लागू नहीं हो सकता। इतने विधायकों के साथ शिंदे दल बदलकर भाजपा में शामिल होते हैं, तो भाजपा बहुमत में आ जाएगी और उद्धव ठाकरे सत्ता से बाहर हो जाएंगे। शिंदे आगे की रणनीति पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं और जल्दी में कोई कदम नहीं उठाना चाहते। वर्तमान संकट पर गौर से विचार किया जाए तो शिवसेना दो फाड़ होने के कगार पर हैं। ऐसे हालात आखिर क्यों बनें, तो इसका जवाब भी साफ है कि शिवसेना पर ठाकरे की पकड़ कमजोर पड़ने लगी है। कैसे इतने विधायक सूरत पहुंच गए और किसी को भी कुछ पता नहीं चला। यह सब कुछ अचानक तो संभव नहीं हो सकता। इसके लिए लंबी तैयारी चल रही थी और आखिर एकनाथ शिंदे सत्ता बदलने की तैयारी में सफल रहे। भाजपा और शिवसेना ने गठबंधन के तहत चुनाव लड़ा था। गठबंधन को बहुमत भी मिल गया था, लेकिन मुख्यमंत्री पद को लेकर तकरार शुरू हो गई। आखिर शिवसेना ने राकांपा व कांग्र्रेस के साथ मिलकर सरकार बनाई। उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री बनकर अपनी महत्वाकांक्षा पूरी कर ली, लेकिन अब शिंदे की बगावत के बाद सरकार संकट में पड़ गई है। अब उद्धव सरकार का जाना लगभग संभव है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/opinion/uddhav-thackeray-in-crisis/article-12901</link>
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                <pubDate>Fri, 24 Jun 2022 10:33:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बागी विधायक यदि उनके सामने आकर कहे, तो वह इस्तीफा देने के लिए तैयार : ठाकरे</title>
                                    <description><![CDATA[महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि शिव सेना के बागी विधायक यदि उनके सामने आकर कहे, तो वह इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/uddhav-thackeray-ready-for-resign/article-12802"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/22junnk10u-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि शिव सेना के बागी विधायक यदि उनके सामने आकर कहे, तो वह इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं। इतना ही नहीं यदि बागी शिव सैनिक यह कहें कि वह शिव सेना का नेतृत्व करने के योग्य नहीं है, तो वह मुख्यमंत्री पद के साथ ही शिवसेना का अध्यक्ष पद भी छोड़ देंगे, लेकिन वह चाहते हैं कि शिव सैनिक उनके साथ गद्दारी नहीं करें। उन्होंने कहा कि उनकी ही पार्टी के विधायक यदि सूरत और गुवाहाटी में कुछ कहते है, तो यह उचित नहीं है, यदि उन्हें लगता है कि उन्हें (उद्धव ठाकरे) मुख्यमंत्री नहीं रहना चाहिए, तो उनके सामने आकर कहें, वह तुरंत इस्तीफा दे देंगे और अगर वे चाहें तो उनका इस्तीफा ले जाकर स्वयं राज्यपाल को दे दें।</p>
<p><strong>अपनों से ही घायल हो रहा हूं</strong><br />यदि कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के लोग इस्तीफा देने के लिए कहते तो उन्हें इतना कष्ट नहीं होता, लेकिन वह जिस कुल्हाड़ी से घायल हो रहे हैं, उसकी लकड़ी उनके ही पेड़ की है।</p>
<p><strong>शिव सेना और हिंदुत्व अलग-अलग नहीं</strong> <br />ठाकरे ने कहा कि मुझसे हिंदुत्व पर प्रश्न पूछा जा रहा है लेकिन मैं बताना चाहता हूं कि शिव सेना और हिंदुत्व अलग-अलग नहीं हैं। बाल ठाकरे और आज की शिव सेना में कोई फर्क नहीं है। मैने ऐसा कोई भी काम नहीं किया है जिससे पहले की शिव सेना और आज की शिव सेना में फर्क आया हो।</p>
<p><strong>मौका मिला तो बहुमत सिद्ध करेंगे: राउत</strong><br />शाम को शिव सेना नेता संजय राउत ने कहा है कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे इस्तीफा नहीं देंगे। यदि मौका मिला तो सदन में बहुमत सिद्ध करेंगे। राउत ने कहा कि ठाकरे के साथ राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के मुखिया शरद पवार, नाना पटोले, बालासाहब थोराट, कांग्रेस के पर्यवेक्षक कमलनाथ एवं अन्य नेता बैठक में उपस्थित थे।</p>
<p><strong>मातोश्री के बाहर शिवसैनिकों का जमावड़ा</strong> <br />रात करीब 9 बजे मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे अपने परिवार के साथ सरकारी बंगले वर्षा से निकलकर अपने पुश्तैनी घर मातोश्री पहुंचे। वे अपने साथ सारा सामान भी ले गए। जब यह खबर फैली तो मातोश्री के बाहर हजारों की संख्या में शिवसैनिक एकत्र हो गए।</p>
<p><strong>पार्टी का चीफ व्हिप बदला, 34 विधायकों के समर्थन वाली चिट्ठी राज्यपाल को भेजी</strong><br />उधर गुवाहाटी में बैठे एकनाथ शिंदे ने सरकार नहीं, सीधे पार्टी पर कब्जे की घोषणा कर दी। शिवसेना ने व्हिप जारी कर बुधवार शाम 5 बजे पार्टी विधायकों की बैठक बुलाई थी। उससे 50 मिनट पहले एकनाथ शिंदे ने पार्टी व्हिप को अवैध बता चीफ व्हिप सुनील प्रभु को हटाने की घोषणा कर दी। साथ ही भरत गोगावले को इस पद पर नियुक्त कर दिया। साथ ही शिंदे ने विधायक दल के नेता होने का दावा ठोकते हुए 34 विधायकों के समर्थन वाली चिट्ठी राज्यपाल को भेज दी। शिंदे दावा कर रहे हैं कि उनके पास 46 विधायक हैं। हालांकि, गुवाहाटी में अभी शिवसेना के 35 और 2 निर्दलीय विधायक हैं। 3 और विधायक महाराष्टÑ भाजपा अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल के साथ गुवाहाटी के लिए निकल चुके हैं। यानी कुल 40 विधायक।</p>
<p><strong>मुलाकात के लिए राज्यपाल को पत्र</strong><br />सूत्रों ने कहा कि शिंदे ने महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को सरकार बनाने के लिए शक्ति प्रदर्शन करने के लिए मुलाकात के लिए पत्र लिखा है। इधर राज्यपाल कोश्यारी का बुधवार से कोविड-19 का उपचार चल रहा है। उनकी अनुपस्थिति में गोवा के राज्यपाल पीएस श्रीधरन पिल्लई को महाराष्ट्र के राज्यपाल अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। इस तरह की पुख्ता सूचना है कि पिल्लई ने बागी नेता शिंदे को वीडियो कांफ्रेस के जरिए सरकार बनाने के लिए अपना संख्या बल दिखाने पर अपनी सहमति दे दी है।</p>
<p><strong>शिंदे खेमा ओर मजबूत</strong><br />उधर देर शाम करीब साढ़े आठ बजे 2 शिवसेना और 2 निर्दलीय विधायक गुवाहाटी शिंदे के पास होटल में पहुंच गए। ये विधायक हैं गुलाब राव पाटिल, योगेश कदम, मंजुला गाबित और चंद्रकांत पाटिल। इन विधायकों के पहुंचने के बाद कुल विधायकों की संख्या अब 39 पहुंच गई है।</p>
<p><strong>कौन हैं बगावत के एक-नाथ</strong><br />58 वर्षीय एकनाथ शिंदे चार बार विधायक रहे हैं। ठाकरे सरकार में वे अभी पीडब्ल्यूडी मंत्री पद संभाल रहे हैं। उनका बेटा डॉ. श्रीकांत शिंदे वर्तमान में कल्याण से सांसद है। सूत्रों की माने तो शिंदे के सीएम के बेटे आदित्य ठाकरे से अच्छे संबंध नहीं हैं।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Jun 2022 09:58:32 +0530</pubDate>
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