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                <title>बेसमेंट में अब भी चल रही लाइब्रेरियां</title>
                                    <description><![CDATA[नवज्योति की टीम ने मंगलवार को भी शहर के अंदर बेसमेंट में संचालित इन लाइब्रेरियों का रियलिटी चैक किया। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/libraries-still-running-in-basements/article-88872"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/13.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। <strong>लाइब्रेरी 1 - </strong>जवाहर नगर स्थित रतलाम नमकीन के पास मौजूद लाइब्रेरी अभी भी बेसमेंट में संचालित हो रही है। जहां मंगलवार को भी बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद थे। इतना ही नहीं निगम की कारवाई के बाद संचालक ने यहां मौजूद लाइब्रेरी के नाम का बोर्ड तक हटा दिया है। केवल एक छोटे स्थान पर लाइब्रेरी की जानकारी प्रदर्शित की हुई है। किसी प्रकार की कारवाई से बचने के लिए पहले ही बाहर एक व्यक्ति खड़ा होता है केवल वही आने वाले लोगों से बातचीत करता है। नवज्योेति टीम ने संचालक आशीष बंसल से जब लाइब्रेरी के बारे अवैध रूप से चलने के बारे में जानकारी ली तो संचालक ने साफ इनकार कर दिया और लाइब्रेरी के पूरी तरह से अनुमति के साथ चलाने की बात कही।</p>
<p><strong>लाइब्रेरी 2 -</strong> राजीव गांधी नगर में रूंगटा पार्क के सामने भी दो लाइब्रेरियां बेसमेंट में संचालित हो रही हैं। दोनों लाइब्रेरियों के संचालकों ने तो बिना किसी डर के बाहर ही आॅफिस बनाया हुआ है। जहां पर ही ये विद्यार्थियों से बातचीत करते हैं। मंगलवार को भी यहां कई विद्यार्थी पढ़ने आए हुए थे। ये लाइब्रेरी सातों दिन पूरे 24 घंटे चलती है। वहीं संचालक हेमराज शर्मा से लाइब्रेरी  बेसमेंट में चलाने को लेकर सवाल पूछा तो उन्होंने इसे लेकर कोई दिक्कत नहीं होना बताया। संचालक ने कहा कि निगम के यहां से कोई कारवाई नहीं होगी हम पूरी सेफ्टी के साथ ये लाइब्रेरी चला रहे हैं, आपको लेना हो तो ले सकते हो नहीं तो कोई दिक्कत नहीं है।</p>
<p>दिल्ली में बेसमेंट में संचालित लाइब्रेरी में बरसात के दौरान पानी भर जाने से तीन विद्यार्थियों की मौत के बाद कोटा में भी प्रशासन ने इस तरह से संचालित लाइब्रेरियों पर कारवाई कर उन्हें नोटिस दिया था। साथ ही जिन लाइब्रेरियों में अनियमितताएं पाई गई थी उन्हें बंद भी कराया गया था। नवज्योति की टीम ने मंगलवार को भी शहर के अंदर बेसमेंट में संचालित इन लाइब्रेरियों का रियलिटी चैक किया। जहां निगम की टीम की ओर से कार्रवाई के बाद भी कई लाइब्रेरियां अभी भी बेसमेंट में संचालित होती पाई गई। इनकी संख्या सबसे ज्यादा राजीव गांधी नगर, केशवपुरा, तलवंडी, जवाहर नगर, महावीर नगर, इंद्रा विहार, लैंडमार्क सिटी और कुन्हाड़ी जैसे कोचिंग एरिया में हैं।</p>
<p><strong>निगम में करीब 100 लाइब्रेरियों को दिया था नोटिस</strong><br />निगम की टीम की ओर से इन लाइब्रेरियों पर कारवाई के दौरान करीब 100 लाइब्रेरियों को नोटिस दिया गया था। जिसके बाद अधिकतर लाइब्रेरियों का संचालन बंद हो गया था। लेकिन अभी भी बेसमेंट के अंदर बड़ी में लाइब्रेरियां संचालित हो रही हैं। जिनमें कभी भी हादसा हो सकता है और सैंकड़ों लोगों की जान खतरे में आ सकती है।</p>
<p><strong>कई संचालकों ने हटाए बोर्ड</strong><br />बेसमेंट में संचालित होने वाली इन लाइब्ररियों के संचालकों ने निगम की कारवाई से बचने के लिए पहले से बाहर मौजूद बोर्ड और पम्पलेटों को हटा दिया है। जिससे किसी भी इस तरह से संचालित होने वाली लाइब्रेरी को ढंूढना बहुत मुश्किल हो गया है। साथ ही किसी तरह की कारवाई से बचने के लिए संचालक हर समय एक व्यक्ति को बाहर बिठाए रखते हैं। वही व्यक्ति आने जाने वालों से बात करता है और जो भी जानकारी लेनी हो उसके बारे में भी वही बात करता है वहीं आश्वस्त होने के बाद ही वो व्यक्ति लाइब्रेरी के अंदर लेकर जाता है।</p>
<p>हम प्रशासन के नियमानुसार ही काम कर रहे हैं।  निगम के यहां से कोई कारवाई नहीं होगी हम पूरी सेफ्टी के साथ ये लाइब्रेरी चला रहे हैं, किसी को एडमिशन लेना हो तो ले सकते हैं,नहीं तो कोई दिक्कत नहीं है।<br /><strong>- हेमराज शर्मा लाइब्रेरी संचालक राजीव गांधी नगर में रूंगटा पार्क के सामने</strong></p>
<p>जब लाइब्रेरी के बारे अवैध रूप से चलने के बारे में जानकारी ली तो संचालक ने साफ इनकार कर दिया और कहा कि  लाइब्रेरी पूरी तरह अनुमति से चला रहे हैं। सबनियमों की पूर्ति करके ही काम कर रहे हैं। <br /><strong>- आशीष बंसल लाइब्रेरी संचालक</strong></p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />दिल्ली की घटना के बाद शहर में भी इस तरह से संचालित होने वाले मैस, गेम जोन, लाइब्रेरी और कोचिंग संस्थाओं पर कारवाई कर तुरंत ही बंद करा दिया गया था। अभी भी कहीं पर इस प्रकार से कोई गतिविधि हो रही है तो उस पर कारवाई करेंगे। बेसमेंट में लाइब्रेरी और कोचिंग से संबंधित किसी भी प्रकार की गतिविधि संचालित होना अवैध है। अगर नोटिस के बाद भी कहीं पर ऐसी गतिविधि हो रही है तो उस पर कारवाई करेंगे।<br /><strong>- राकेश व्यास, सीएफओ, नगर निगम कोटा उत्तर दक्षिण</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 28 Aug 2024 16:29:02 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>प्रशासन की भी नहीं मान रहे, बेसमेंट में चल रही लाइब्रेरियां</title>
                                    <description><![CDATA[नवज्योति ने किया रियलिटी चैक तो दिखा आईना।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/even-the-administration-is-not-being-listened-to--libraries-are-being-run-in-the-basement/article-88871"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/prashasan-ki-bhi-nhi-man-rhe,-basement-me-chl-rhi-librariya...kota-news-28-08-2024.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। <strong>केस 1 -</strong> राजीव गांधी नगर में एक कोचिंग संस्थान के बाद  रेजीडेंसी के बेसमेंट में अभी भी लाइब्रेरी संचालित हो रही है। यह लाइब्रेरी पूरे सप्ताह 24 घंटे चल रही है। सचालक को न तो कार्रवाई का डर है और न ही यहां आने वाले बच्चों की जान की परवाह। सोमवार को भी यहां दिन के समय बड़ी संख्या में बच्चे मौजूद थे।</p>
<p><strong>केस 2 -</strong> महावीर नगर द्वितीय स्थित सम्राट चौराहे के पास बेसमेंट में अभी भी लाइब्रेरी का संचालन हो रहा है। यहां सोमवार को दिन के समय बड़ी संख्या में बच्चों के आने-जाने का सिलसिला बना हुआ था। </p>
<p><strong>केस 3 - </strong>दादाबाड़ी छोटा चौराहे के पास शॉपिंग कॉम्पलेक्स के बेसमेंट में भी लाइब्रेरी का सचालन हो रहा है। यहां दिन के समय बच्चों का आना-जाना बना हुआ था। </p>
<p><strong>केस 4 -</strong> जवाहर नगर थाने के नजदीक भी एक मकान के बेसमेंट में लाइब्रेरी है। जिसमें भी बच्चे दिन के समय पढ़ने के लिए आ रहे थे। </p>
<p>ये तो उदाहरण हैं शहर के उन हालातों को बताने के लिए जिसमें लाइब्रेरी संचालकों को न तो प्रशासन का डर है और न ही बच्चों की जान की परवाह। शहर में इस तरह से अभी भी दर्जनों स्थानों पर बेसमेंट में लाइब्रेरी व गेम जोन का संचालन हो रहा है।  नवज्योति ने सोमवार को इनका रियलिटी  चैक किया तो आईना नजर आया। दिल्ली और जयपुर में बेसमेंट में संचालित लाइब्रेरी में बरसात के सीजन में हुए हादसे से अभी भी कोटा में लाइब्रेरी संचालकों ने सबक नहीं लिया है। जिला प्रशासन के निर्देश के बाद नगर निगम की फायर टीम द्वारा की गई कार्रवाई को अभी भी कई लाइब्रेरी संचालक धता बताकर संचालन कर रहे हैं। जबकि अभी कोटा में मानसून का सीजन समाप्त नहीं हुआ है। सितम्बर के पहले सप्ताह में फिर से मध्यम से भारी बाशिर होने की संभावना है। निगम ने की कार्रवाई तो दिखावे को बंद की: दिल्ली व जयपुर की घटनाओं के बाद कोटा में जिला प्रशासन के निर्देश पर नगर निगम कोटा उत्तर व दक्षिण की फायर टीमों ने कई दिन तक बेसमेंट में संचालित कोचिंग,लाइब्रेरी  और गेम जोन व मैस के खिलाफ जांच अभियान चलाया था। टीमों ने जहां भी जांच की वहां बड़ी संख्या में बेसमेंट में लाइब्रेरियां संचालित होती पाई गई थी। जिनमें से अधिकतर तो मौके पर ही बंद करवाकर संचालकों को पाबंद भी किया गया था। साथ ही दोनों निगम क्षेत्रों में करीब सौ से अधिक लाइब्रेरी संचालकों को नोटिस भी जारी किए गए थे। साथ ही चेतावनी दी थी कि यदि दोबारा से संचालन होता पाया गया तो उन्हें सीज तक किया जा सकता है। लेकिन हालत यह है कि निगम की कार्रवाई के दौरान दिखावे के तौर पर कुछ दिन तो लाइबेरियां बंद रही। लेकिन जैसे ही निगम ने ध्यान देना बनद किया फिर से बेसमेंट में लाइब्रेरियों का संचालन शुरू हो गया। सबसे अधिक बेसमेंट लाइब्रेरियां कोचिंग एरिया में चल रही हैं। जिनमें तलवंडी, जवाहर नगर, राजीव गांधी नगर, इंद्र विहार, कोरल पार्क, लैंडमार्क व दादाबाड़ी समेत कई इलाके शामिल हैं। </p>
<p><strong>नवज्योति टीम ने किया चैक</strong><br />प्रशासन की कार्रवाई के असर को जानने के लिए नवज्योति की टीम ने सोमवार को शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर बेसमेंट में संचालित लाइब्रेरियों का रीयल चैक किया। जिसमें अधिकतर जगह पर लाइब्रेरी संचालित होती पाई गई। हालांकि कई जगह पर यह चोरी छिपे संचालित हो रही है। बाहर से दिखावे के तौर पर मुख्य द्वार पर बंद ताला लटकाया हुआ है। जिससे बाहर से वह बंद दिखे। काउंटर रखे हैं तो उन पर कोई बैठा हुआ नहीं है। कर्मचारी या सचालक अनदर बेसमेंट में बैठे रहे हैं। जैसे ही कोई ग्राहक या बच्चा आता है तो संचालक निकलकर बाहर ही आकर उससे बात करते हैं। हालत यह है कि कई लाइब्रेरियां तो दिन ही नहीं पूरी रात संचालित हो रही है। राजीव गांधी नगर में तो एक बेसमेंट लाइब्रेरी पूरे सप्ताह 24 घंटे  चल रही है। जिसमें सुबह 6 से दोपहर 2, दोपहर 2 से रात 10 और रात 10 से सुबह 6 बजे तक संचालित हो रही है। ऐसे में सवाल उठता है कि पूरेी रात इन लाइब्रेरियों में कौन से बच्चे और क्या पढ़ाई कर रहे हैं। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />दिल्ली की घटना के बाद अगले ही दिन से बेसमेंट में लाइब्रेरी, ेम जोन, मैस व कोचिंग की जांच शुरु कर दी थी। कोटा उत्तर व दक्षिण क्षेत्र में जहां भी ऐसा पाया गया वहां उन्हें तुरंत बंद करवा दिया था। दोनों निगम क्षेत्रों में करीब 100 नोटिस जारी कर संचालकों को पाबंद भी किया गया था। यदि फिर से बेसमेंट में लाइब्रेरी या अन्य गतिविधि का सचालन हो रहा है तो यह गलत है। उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यदि पूर्व में नोटिस देने के बाद भी वहां संचालन हो रहा है तो उनके खिलाफ सीजिंग तक की कार्रवाई की जा सकती है।  <br /><strong>- राकेश व्यास, सीएफओ नगर निगम कोटा उत्तर दक्षिण</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 28 Aug 2024 15:13:55 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>538 संचालित कोचिंग संस्थानों एवं लाइब्रेरियों की जांच में मिली 69 में अनियमितता</title>
                                    <description><![CDATA[उपमुख्यमंत्री और उच्च शिक्षामंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने कोचिंग सेंटर्स में जो भी खामी है, उन्हें दूर करने के लिए एक जांच कमेटी गठित की है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/in-the-investigation-of-538-operated-coaching-institutes-and-libraries/article-86467"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/4111u1rer-(9).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। दिल्ली में कोचिंग में हुए हादसे के बाद जयपुर कमिश्नरेट पुलिस ने कोचिंग संस्थानों की सख्ती से जांच शुरू कर दी है। दो दिन में पुलिस ने 538 की जांच की। जांच में 69 संस्थानों में सुरक्षा मानकों की अनियमितता पाई गई, जिसमें 31 संस्थानों को नोटिस एवं 38 संस्थानों की सील की कार्रवाई की गई।</p>
<p>जयपुर पुलिस आयुक्त  बीजू जॉर्ज जोसफ के निर्देशानुसार जयपुर आयुक्तालय क्षेत्र में संचालित कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा मानकों की जांच के लिए सभी थाना अधिकारियों को निर्देश दिए गए थे। इनमें कोचिंग संस्थान भवन के बेसमेंट, अग्निशमन सुरक्षा संबंधित एवं किसी भी प्रकार की आपातकालीन स्थिति में भवन से निकासी की समुचित व्यवस्था साथ ही नियमानुसार संबंधित सरकारी संस्थाओं से सुरक्षा प्रमाण पत्र प्राप्त किया है या नहीं। बुधवार को आयुक्तालय क्षेत्र में 538 संचालित कोचिंग संस्थानों एवं लाइब्रेरियों का पुलिस द्वारा निरीक्षण कर उक्त मानकों की जांच की गई।  सुरक्षा मानकों की जांच की प्रक्रिया निरंतर जारी रहेगी।</p>
<p><strong>कमेटी कोचिंग सेंटर्स का निरीक्षण कर कमियों की रिपोर्ट सरकार को पेश करे</strong><br />प्रदेश में कोचिंग सेंटर में पढ़ रहे छात्रों की सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार ने भी चिंता जाहिर की है। उपमुख्यमंत्री और उच्च शिक्षामंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने कोचिंग सेंटर्स में जो भी खामी है, उन्हें दूर करने के लिए एक जांच कमेटी गठित की है, जो कोचिंग सेंटर्स का निरीक्षण कर कमियों की रिपोर्ट राज्य सरकार को पेश करेगी। यही नहीं यदि नॉन कमर्शियल प्लेस पर कोचिंग संचालित हो रही है, तो उसकी भी जांच की जाएगी, ताकि दिल्ली जैसा कोई हादसा राजस्थान में ना हो। उन्होंने इस पर राजस्थान के उन सभी जिलों में जांच की बात कही है, जहां नॉन कमर्शियल स्पेस पर कोचिंग सेंटर संचालित हो रहे हैं। सरकार भी इस संबंध में चिंता जाहिर कर चुकी है और निश्चित रूप से दिल्ली जैसी कोई घटना ना हो, इसके लिए एक कमेटी का गठन किया गया है। ये कमेटी जांच कर ये बताएगी कि क्या कमियां हैं। </p>
<p><strong>कोचिंग सेंटर्स की जांच शुरू</strong><br />नगर निगम जयपुर ग्रेटर की आयुक्त के निर्देश पर मानसरोवर जोन की टीम ने बुधवार को कोचिंग सेंटर्स का सर्वे किया। मानसरोवर जोन की टीम ने गोपालपुरा क्षेत्र में कोचिंग सेंटर्स की जांच की, जहां अनियमितताएं पाई गई। टीम रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय को सौंपेगी। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। </p>
<p><strong>कोचिंग सेंटर्स की जांच के लिए कमेटी गठित<br /></strong>कोचिंग सेन्टर्स की जांच के लिए गठित कमेटी में नगर निगम ग्रेटर मुख्यालय की गठित कमेटी में उपायुक्त मुख्यालय को अध्यक्ष, उपायुक्त आयोजना प्रथम, उपायुक्त फायर, अतिरिक्त मुख्य नगर नियोजक व मुख्य अग्निशमन अधिकारी को सदस्य बनाया गया है। साथ ही संबंधित जोन उपायुक्त सदस्य सचिव रहेंगे। जोन की गठित कमेटी में जोन उपायुक्त अध्यक्ष, राजस्व अधिकारी, सहायक नगर नियोजक, सहायक अग्निशमन अधिकारी और कनिष्ठ अभियंता भवन निर्माण शाखा सदस्य रहेंगे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 01 Aug 2024 14:51:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>प्रशासन की अनदेखी के चलते कई वर्षों से शहर के पुस्तकालयों का हुआ बुरा हाल</title>
                                    <description><![CDATA[ प्रशासन की अनदेखी के चलते कई वर्षों से शहर के पुस्तकालय दुर्दशा का शिकार हो रहे हैं। एक मे एक भी पुस्तक नहीं है तो वही दूसरे में स्टाफ के अभाव के कारण ताला लगा रहता है। नाम मात्र के इन पुस्तकालयों का वर्षों से उपयोग नहीं हो रहा है जिसके कारण नगर में खुली आधुनिक लाइब्रेरियों में युवाओं को फीस देकर अध्ययन करने को मजबूर होना पड़ रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/dholpur/due-to-the-neglect-of-the-administration--the-libraries-of-the-city-were-in-bad-condition-for-many-years/article-12848"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/libaray.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बाड़ी।</strong> प्रशासन की अनदेखी के चलते कई वर्षों से शहर के पुस्तकालय दुर्दशा का शिकार हो रहे हैं। एक मे एक भी पुस्तक नहीं है तो वही दूसरे में स्टाफ के अभाव के कारण ताला लगा रहता है। नाम मात्र के इन पुस्तकालयों का वर्षों से उपयोग नहीं हो रहा है जिसके कारण नगर में खुली आधुनिक लाइब्रेरियों में युवाओं को फीस देकर अध्ययन करने को मजबूर होना पड़ रहा है। देश में सदियों पहले नालन्दा जैसे विश्वविद्यालय में जिन पुस्तकालयों का इतिहास पुस्तको से ही पढ़ने को मिला था। देश की उस विश्व प्रसिद्ध लाइब्रेरी स्थापना की परंपरा अंग्रेजो से लेकर आजाद हिंदुस्तान में आज भी कायम है। आज भी लोग पुस्तकालयों की पुस्तकों में से ज्ञान का भंडार अर्जित करते हैं। <br />वर्तमान में पुस्तकालयों को आधुनिकी रूप दिया जा रहा है। यही कारण है कि आज भी युवा विशेष ज्ञान अर्जित करने के लिए पुस्तकालयों का सहारा लेते हैं। इसी परम्परानुसार बाड़ी को नगरपालिका द्वारा किला गेट स्थित नेहरू पार्क में एक पुस्तकालय संचालित किया था।</p>
<p>जिसमें उपखण्ड स्तर के लोग पुस्तकों व अखबारों का अध्ययन बड़ी संख्या में करते थे, लेकिन प्रशासन की बेरुखी व नगरपालिका की लापरवाही के चलते यह पुस्तकालय धीरे-धीरे दुर्दशा का शिकार हो गया। सैकड़ों की संख्या में पुस्तकें गायब हो गई। बैठने व पढ़ने का फर्नीचर जर्जर होकर टूट गया। दीवारें उन पर पुस्तकों को रखने के लिए बनी अलमारियों की खिड़कियां टूटकर कबाड़ हो गई। आज स्थिति यह है कि दो चार अखबारों के लिए इसका संचालन ऐसे किया जा रहा है। जैसे कोई धक्का देकर खींच रहा हो। दूसरी ओर राजस्थान का सार्वजनिक पंचायती पुस्तकालय जो लगभग 25 से 30 वर्ष पूर्व किराए के भवन में संचालित हुआ था, जिसमें हजारों पुस्तकें थी।</p>
<p>प्रतिदिन पत्र-पत्रकाओं का आवागमन होता था। पुस्तकालय के नगर में सैकड़ों स्थाई सदस्य थे, लेकिन वह भी कई किरायों के भवनों में बदल-बदल कर दुर्दशा का शिकार हो गया। पुस्तकें चोरी हो गई। विशेष रूप से स्टाफ का अभाव के चलते इस पुस्तकालय पर भी हर वक्त ताला ही जड़ा देखा जा सकता है। लगभग 2 वर्ष पूर्व इसे नए भवन में स्थानांतरित किया गया है, लेकिन जब से ही इसमे ताला लगा हुआ है जो आज तक नहीं खुला। जब इनसे या नगर पालिका से इस बारे में बात की जाती है तो वह कहते हैं कि अब कम्प्यूटर का जमाना है।</p>
<p>लोग अब पुस्तकालयों में रुचि नहीं रखते, जबकि पिछले एक वर्ष में नगर में तीन से चार आधुनिक लाइब्रेरी निजी स्तर पर लोगों ने खोली है जिनका प्रति माह पढ़ने वाले युवा किराया देते है, जिनमें लगभग 2000 से 3000 छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। ऐसे में पुस्तकालयो का अस्तित्व समाप्त होने की बात कहना बेमानी ही है। बल्कि प्रशासन व नगरपालिका का पुस्तकालयो के प्रति अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ना है।</p>
<p><br />आपके माध्यम से हमें जानकारी मिली है। इसको लेकर नगर पालिका व पुस्तकालय विभाग के संबंधित अधिकारियों से वार्ता कर जल्द ही इस ओर सुधार हेतु प्रयास किए जाएंगे। -<span style="background-color:#ffffff;color:#000000;"><strong>राधेश्याम मीणा, एसडीएम बाड़ी</strong></span><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                            <category>धौलपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Jun 2022 13:16:57 +0530</pubDate>
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