<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/fire-department/tag-25244" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>fire department - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/25244/rss</link>
                <description>fire department RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>टेक्सास रिफाइनरी में भीषण विस्फोट: लोगों को करीबी ठिकाने में शरण लेने की सलाह, प्रशासन ने जारी किया अलर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका के पोर्ट आर्थर स्थित वैलेरो रिफाइनरी में भीषण विस्फोट के बाद आग और काले धुएं का तांडव देखा गया। प्रशासन ने निवासियों के लिए 'शेल्टर-इन-प्लेस' अलर्ट जारी किया है। गनीमत रही कि हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ। वायु गुणवत्ता की निगरानी जारी है, जबकि वैश्विक तेल आपूर्ति पर इसके असर की आशंका जताई जा रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/massive-explosion-in-texas-refinery-administration-issued-alert-advising-people/article-147695"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/texox.png" alt=""></a><br /><p>ह्यूस्टन। अमेरिका के टेक्सास राज्य के पोर्ट आर्थर में वैलेरो एनर्जी की रिफाइनरी में सोमवार को जोरदार विस्फोट हुआ, जिसके बाद इलाके में आग की लपटें और घना धुआं उठता दिखाई दिया। स्थानीय प्रशासन ने आसपास के निवासियों को एहतियातन घरों में रहने की सलाह दी है। अधिकारियों के अनुसार, विस्फोट का संभावित कारण एक औद्योगिक हीटर बताया जा रहा है, हालांकि मामले की जांच जारी है। प्रशासन ने 'शेल्टर-इन-प्लेस' अलर्ट जारी करते हुए लोगों से कहा है कि वे घरों के भीतर रहें, दरवाजे-खिड़कियां बंद रखें और बाहरी गतिविधियों से बचें।</p>
<p>शहर प्रशासन ने बयान में कहा, "आपकी सुरक्षा के लिए कृपया तब तक अपने स्थान पर बने रहें जब तक आपातकालीन कर्मियों द्वारा 'ऑल क्लियर' की घोषणा नहीं की जाती।" टेक्सास के राज्य प्रतिनिधि क्रिश्चियन मैनुअल ने बताया कि टेक्सास कमीशन ऑन एनवायरनमेंटल क्वालिटी ने स्थल पर वायु गुणवत्ता की निगरानी के लिए उपकरण तैनात किए हैं और स्थानीय तथा राज्य एजेंसियों के साथ मिलकर पर्यावरणीय प्रभाव का आकलन किया जा रहा है।</p>
<p>पोर्ट आर्थर फायर डिपार्टमेंट ने विशेष रूप से शहर के पश्चिमी हिस्से में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और घरों में रहने की सलाह दी है। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो और तस्वीरों में रिफाइनरी परिसर से उठती आग की लपटें और काला धुआं देखा जा सकता है। जेफरसन काउंटी की शेरिफ जेना स्टीफेंस ने बताया कि आपातकालीन दल तुरंत मौके पर पहुंच गए और क्षेत्र को सुरक्षित करने तथा स्थिति का आकलन करने में जुटे हैं।</p>
<p>पोर्ट आर्थर की मेयर शार्लोट एम. मोसेस ने कहा कि विस्फोट के बावजूद किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है और रिफाइनरी के सभी कर्मचारी सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा, "विस्फोट हुआ है, लेकिन सभी लोग सुरक्षित हैं और आग पर जल्द काबू पाने की कोशिश की जा रही है।"</p>
<p>उल्लेखनीय है कि, वैलेरो की यह रिफाइनरी प्रतिदिन लगभग 4.35 लाख बैरल कच्चे तेल के प्रसंस्करण करने की क्षमता रखती है और पेट्रोल, डीजल तथा जेट ईंधन का उत्पादन करती है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम एशिया में तनाव के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर चिंताएं पहले से बढ़ी हुई हैं और ईंधन कीमतों पर दबाव बना हुआ है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/massive-explosion-in-texas-refinery-administration-issued-alert-advising-people/article-147695</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/massive-explosion-in-texas-refinery-administration-issued-alert-advising-people/article-147695</guid>
                <pubDate>Tue, 24 Mar 2026 14:54:38 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/texox.png"                         length="1718502"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कोटा को अभी तक नहीं मिली मोटर बाइक दमकल</title>
                                    <description><![CDATA[पुराने शहर में गलियां इतनी तंग कि  आग लगने  पर दमकल  नहीं पहुंच सकती।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-has-not-yet-received-motorcycle-fire-engines/article-140616"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/1200-x-600-px)-(1200-x-600-px)-(5)19.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम के फायर अनुभाग में बड़ी दमकलों से लेकर फायर टंडर और हाईड्रोलिक लेडर समेत करीब तीन दर्जन दमकलें हैं जो बड़ी से बड़ी और बहुमंजिला आग को बुझाने में सहायक है। लेकिन शहर को बरसों से जिन छोटी दमकलों व मोटर बाइक दमकल की आवश्यकता है वह अभी तक भी नहीं मिली।<br />शहर में जहां नई कॉलोनियों व इलाकों का विस्तार हो रहा है। बहुमंजिला इमारतें बन रही हैं। उनमें किसी भी तरह की आग जनित दुर्घटनाएं होने पर उन पर आसानी से काबू पाने के लिए निगम के पास पर्याप्त संसाधन हैं। जिनमें हर तरह की दमकलें शामिल हैं।</p>
<p><strong>पुराने शहर में हैं तंग इलाके</strong><br />लेकिन हालत यह है कि कोटा में पुराने शहर के कई इलाके ऐसे भी हैं जहां रास्ते संकरे हैं और गलियां इतनी तंग हैं कि वहां आग लगने की घटना होने पर दमकल तक नहीं पहुंच सकती।बुधवार देर रात को मोखापाड़ा के एक मकान में आग लगने पर ऐसा ही मामला सामने आया। जहां दमकल तो पहुंची लेकिन मकान का रास्ता व गली संकरी होने से घटना स्थल तक नहीं पहुंच सकी। ऐसे में यदि छोटी दमकल या मोटर बाइक होती तो आसानी से मकान तक पहुंच सकती थी। हालांकि पूर्व में भी पुराने शहर में इस तरह की घटना हो चुकी है जहां आग लगने पर दमकल मकान तक नहीं पहुंच सकी थी।</p>
<p><strong>मार्केट में भी भीड़भाड़ व रास्ते संकरे</strong><br />पुराने शहर में पाटनपोल, सरायकायस्थान, रेतवाली, मोखापाड़ा, घंटाघर, चश्मे की बावड़ी, हिरण बाजार, शनि मंदिर, बजाज खाना समेत कई इलाके और इंद्रा मार्केट, शास्त्री मार्केट, ठठेरा गले, सब्जीमंडी, चौथ माता बाजार, मकबरा समेत कई ऐसे मार्केट हैं जहां दिन के समय भीड़भाड़ होने से वहां बड़ी दमकलें नहीं पहुंच सकती। रात के समय भी गलियां व रास्ते संकरे होने पर वहां दमकलों का पहुंचना मुश्किल है। ऐसे में इन जैसी जगहों के लिए छोटी दमकलों की दरकार शहर को है।</p>
<p><strong>छोटी दमकलें भी होनी चाहिए</strong><br />इधर शहर वासियों का कहना है कि जिस तरह से शहर में बहुमंजिला इमारतें बनने पर हाईड्रोलिक लेडर दमकलें क्रय की गई है। उसी तरह से मोटर बाइक दमकलें भी क्रय की जानी चाहिए।<br />इंद्रा मार्केट निवासी रमेश सोनी का कहना है कि नगर निगम व सरकार जब करोड़ों रुपए की बड़ी दमकलें खरीद सकती है तो लाखों रुपए की छोटी दमकलें क्रय करने में क्या समस्या है।</p>
<p><strong>प्रस्ताव भेजे हुए हैं मुख्यालय</strong><br />कोटा शहर में तंग इलाकों व संकरे रास्तों में और मार्केट में आग लगने की घटनाओं को देखते हुए यहां छोटी दमकलों विशेष रूप से मोटर बाइक दमकलों की आवश्यकता है। उसे देखते हुए काफी समय पहले जब दो नगर निगम थे उस समय ही करीब चार मोटर बाइक दमकलों के प्रस्ताव बनाकर मुख्यालय को भेजे हुए हैं। हालांकि सरकार के स्तर पर आश्वासन दिया गया है कि शीघ्र ही मोटर बाइक दमकलें क्रय कर भेजी जाएंगी। लेकिन अभी तक नहीं मिली है। वैसे निगम के फायर अनुभाग में पर्याप्त दमकलें व संसाधन हैं।<br /><strong>- राकेश व्यास, सीएफओ, नगर निगम कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-has-not-yet-received-motorcycle-fire-engines/article-140616</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-has-not-yet-received-motorcycle-fire-engines/article-140616</guid>
                <pubDate>Fri, 23 Jan 2026 16:00:09 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-01/1200-x-600-px%29-%281200-x-600-px%29-%285%2919.png"                         length="638499"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शहर में खड़ी हैं लापरवाही की सैकड़ों बहुमंजिला इमारतें, फायर अनुभाग भी नोटिस देकर कर रहा इतिश्री</title>
                                    <description><![CDATA[मल्टी स्टोरियों में आग से सुरक्षा के इंतजाम तक नहीं।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/hundreds-of-negligent-multi-story-buildings-stand-in-the-city--and-the-fire-department-is-content-with-issuing-notices/article-128244"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/copy-of-news-(3)26.png" alt=""></a><br /><p>कोटा । अनंतपुरा थाना क्षेत्र स्थित ट्रांसपोर्ट नगर की जिस दीपश्री मल्टीस्टोरी के फ्लैट में आग लगी और दम घुटने से दो बच्चों की मौत हुई। उस मल्टी स्टोरी में पिछले करीब 5 साल से अधिक समय से फायर एनओसी तक नहीं ली गई है। उसके बाद भी वहां किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। इतना ही नहीं शहर में लापरवाही की ऐसी सैकड़ों बहुमंजिला इमारतें खड़ी हैं जिनमें आग से सुरक्षा के नाम पर कोई व्यवस्था तक नहीं है। नगर निगम का फायर अनुभाग भी जांच के बाद केवल नोटिस देकर इतिश्री कर रहा है। जिसका खामियाजा आमजन को जान गंवाने के रूप में भुगतना पड़ रहा है। शिक्षा नगरी कोटा में जहां हर साल लाखों बच्चे कोचिंग के लिए आते हैं। वहां बच्चों के कोचिंग से लेकर उनके रहने के लिए हॉस्टलों की व्यवस्था तक की गई। ऐसे में शहर के हर क्षेत्र में बहुमंजिला हॉस्टल बनने की शुरुआत हुई। इस शुरुआत ने इतना बड़ा रूप ले लिया कि अब कोटा में भी महानगरों की तर्ज पर जहां देखो वहां मल्टी स्टोरी ही नजर आने लगी है। वह भी 8 से 18 मंजिला तक की बिल्डिंगें है।  आवासीय सोसायटी हो या हॉस्टल। व्यवसायिक बिल्डिंग हो या मॉल। उन्हें बनाने में बिल्डर लाखों करोड़ों रुपए खर्च कर रहे हैं और उनसे कमाई भी कर रहे हैं। लेकिन हालत यह है कि उन बिल्ड़िंग में सुरक्षा के नाम पर कोई व्यवस्था या सुविधा नहीं की जा रही है। फायर सेफ्टी के नाम पर सिर्फ दिखावा और औपचारिकता की जा रही है।  नए कोटा शहर में तलवंडी से लेकर राजीव गांधी नगर,इंद्र विहार, महावीर नगर विस्तार योजना, महावीर नगर प्रथम, जवाहर नगर डिस्ट्रिक्ट सेंटर,विज्ञान नगर, दादाबाड़ी, कोरल पाकर, नया नोहरा, बोरखेड़ा, नदी पार लैंडमार्क सिटी, बूंदी रोड समेत कई जगह पर एक से बढ़कर एक बहुमंजिला इमारतें खड़ी हो गई है। जिनमें से अधिकतर में या तो फायर उपकरण ही नहीं है। या फिर फायर एनओसी नहीं है। </p>
<p><strong>पहले भी हो चुके कई हादसे</strong><br />मल्टी स्टोरी के फ्लैट में आग लगने का यह पहला मामला नहीं है। इस तरह के हादसे शहर में कई बार हो चुके हैं। हालांकि आग लगने के बाद धुएं से दम घुटने पर दो बच्चों की मौत का संभवत: यह पहला मामला है।  कुन्हाड़ी क्षेत्र स्थित हॉस्टल, बोरखेड़ा रोड स्थित कोरल पार्क, तलवंडी स्थित हॉस्टल,जवाहर नगर समेत शहर में अन्य जगहों पर पूर्व में कई हॉस्टलों में आग लगने की घटनाएÞं हो चुकी है। जिनमें से अधिकतर में फायर अनुभाग ने नोटिस देकर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर ली। उसके बाद उन पर ध्यान तक नहीं दिया। हालांकि कई हॉस्टलों को निगम के फायर अनुभाग ने सीज भी किया है।  </p>
<p><strong>12 सौ से अधिक को नोटिस जारी</strong><br />शहर में जहां सैकड़ों बहुमंजिला इमारतें हैं और लगातार नई बनती जा रही है। उनमें से अधिकतर में फायर सिस्टम तक नहीं है। शहर में कोई भी बड़ा हादसा होने के बाद ही प्रशाशन हरकत में आता है। पूर्व में हॉस्टल व मल्टी स्टोरी में आग लगने की घटनाएं होने के बाद नगर निगम के फायर अनुभाग द्वारा मल्टी स्टोरी बिल्डिंग का सर्वे कराया गया। नगर निगम कोटा उत्तर व दक्षिण क्षेत्र में सर्वे के दौरान कमियां पाए जाने पर निगम की ओर से करीब 12 सौ से अधिक मल्टी स्टोरी संचालकों को नोटिस जारी किए गए। जिनमें उनके यहां लायर सिस्टम लगाने, उन्हें कार्यशील करने और फायर एनओसी लेने के लिए पाबंद किया गया। लेकिन निगम के नोटिस के बावजूद बहुत कम लोग ऐसे हैं जिन्होंने उन नोटिस को गम्भीरता से लेते हुए उनके यहां सिस्टम में सुधार किया। वरना निगम प्रशासन नोटिस देता रहता है और संबंधित सोसायटी व संचालक उस पर ध्यान तक नहीं देते। जिसके कारण होने वले हादसों का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। </p>
<p><strong>नियमानुसार होगी कार्रवाई </strong><br />मल्टी स्टोरी बिल्डिंग में फायर सिस्टम लगा होना व एनओसी लेना आवश्यक है। लेकिन यदि दीपश्री बिल्ड़िंग में फायर एनओसी नहीं होने की जानकारी नहीं है। यदि ऐसा है तोे सीएफओ से पता कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। <br /><strong>-</strong> <strong>ओम प्रकाश मेहरा, आयुक्त नगर निगम कोटा दक्षिण</strong></p>
<p><strong>नियम पालन नहीं तो करेंगे निरस्तीकरण</strong><br />बच्चों की मौत जलने से नहीं दम घुटने से हुई है। हालांकि एफएसएल की टीम जांच कर रही है। मल्टी स्टोरी में फायर सिस्टम व एनओसी होना आवश्यक है। सभी सोसायटी व बिल्डरों को आग से सुरक्षा के सिस्टम लगाने के नियमों की पालना करना आवश्यक है। यदि कोई ऐसा नहीं कर रहा है तो उनके संबंध में नगर निगम व केडीए अधिकारियों से उन बिल्ड़िंग के निरस्तीकरण की कार्यवाही करवाई जाएगी। <br /><strong>- तेजस्विनी गौतम, पुलिस अधीक्षक, कोटा शहर </strong></p>
<p><strong>फायर सिस्टम है लेकिन एनओसी नहीं</strong><br />ट्रांसपोर्ट नगर की जिस मल्टी स्टोरी के फ्लैट में देर रात को आग लगी। उसके बारे में फायर अनुभाग को न तो पुलिस ने सूचना दी और न ही सोसायटी या अन्य लोगों ने सूचना दी।  जिससे मौके पर फायर बिग्रेड नहीं पहुंची। सुबह जानकारी मिलने पर मौके पर जाकर देखा तो हादसा काफी दर्दनाक लगा। बच्चों की मौत जलने से नहीं दम घुटने से होना बताया गया है। बिल्ड़िंग पुरानी है। जिसमें मौके पर जाकर देखा तो फायर सिस्टम लगे हुए हैं और कार्यशील भी है। आग लगने पर उसी सिस्टम से उसे काबू किया गया था। लेकिन पिछले करीब 5 साल से अधिक समय से सोसायटी ने फायर एनओसी नहीं ले रखी है। ऐसे में सोसायटी को नोटिस जारी किया जाएगा। <br /><strong>- राकेश व्यास, मुख्य अग्निशमन अधिकारी, नगर निगम कोटा उत्तर दक्षिण</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/hundreds-of-negligent-multi-story-buildings-stand-in-the-city--and-the-fire-department-is-content-with-issuing-notices/article-128244</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/hundreds-of-negligent-multi-story-buildings-stand-in-the-city--and-the-fire-department-is-content-with-issuing-notices/article-128244</guid>
                <pubDate>Mon, 29 Sep 2025 17:20:14 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-09/copy-of-news-%283%2926.png"                         length="338946"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रेस्पोंस टाइम कम करने को बनेगा नया फायर स्टेशन</title>
                                    <description><![CDATA[नगर निगम कोटा दक्षिण के सीएफओ राकेश व्यास का कहना है कि आग लगने पर उसे बुझाने के लिए दमकलों का रेस्पोंस टाइम सबसे महत्वपूर्ण होता है। दमकलें जितनी जल्दी मौकेी पर पहुंचेंगी आग से नुकसान को उतना ही कम किया जा सकता है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/new-fire-station-to-be-built-to-reduce-response-time/article-43042"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-04/response-time-kum-karne-ko-banega-naya-fire-station...kota-news..17.4.2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । शहर के विकास और विस्तार के साथ ही नई-नई कॉलोनियां बन रही हैं। जो दूर-दूर होने के साथ ही उनमें लाखों लोग रह रहे हैं। ऐसे में उन क्षेत्रों में आग जनित दुर्घटनाएं होने पर वहां दमकलों के पहुंचने के रेस्पोंस टाइम को कम करने के लिए फायर स्टेशनों की दरकार है। उसी के तहत कोटा उत्तर निगम क्षेत्र का नया फायर स्टेशन कुन्हाड़ी में थर्मल कॉलोनी के सामने बनाया जाएगा। कुन्हाड़ी में फायर स्टेशन की जगह पर सैद्धांतिक सहमति बनने पर नगर निगम कोटा उत्तर के अधिकारियों ने उसका प्रस्ताव बनाकर पत्र नगर विकास न्यास को भिजवा दिया है। वहां से स्वीकृति मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू होगी। इस जगह के लिए नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल ने भी सैद्धांतिक सहमति दे दी है। </p>
<p><strong>पहले उस जगह पर बनना था भामाशाह भवन</strong><br />थर्मल कॉलोनी के सामने जिस जगह को कोटा उत्तर निगम के नए फायर स्टेशन के लिए चिन्हित किया गया है। वहां पहले भामाशाह भवन बनाया जाना था। निगम अधिकारियों के अनुसार अब भामाशाह भवन डाइट में बनाया जाएगा। इसलिए पहले वाली जगह निरस्त हो गई है। इसकी जानकारी मिलने पर निगम अधिकारियों ने उस जमीन को निगम के फायर स्टेशन के लिए आवंटित करने का सुझाव मंत्री धारीवाल के सामने रखा था। उसके बाद मंत्री धारीवाल ने सहमति प्रदान कर दी है। </p>
<p><strong>कोटा उत्तर में तीन फायर स्टेशनों के हैं प्रस्ताव</strong><br />नगर निगम कोटा उत्तर क्षेत्र का विकास भी तेजी हो रहा है। नदी पार कुन्हाड़ी का क्षेत्र हो या पटरी पार रेलवे कॉलोनी का या फिर बारां रोड पर नया नोहरा क्षेत्र। उसे देखते हुए नगर निगम के तत्कालीन भाजपा बोर्ड में ही कोटा में 5 नए फायर स्टेशन बनाने के प्रस्ताव बजट में पारित किए गए हैं। जिनमें से तीन फायर स्टेशन कोटा उत्तर के नदी पार, पटरी पार व बारां रोड के हैं। कोटा उत्तर निगम क्षेत्र में वर्तमान में एक मात्र सब्जीमंडी में फायर स्टेशन है। </p>
<p><strong>कोटा दक्षिण के रानपुर में बना नया फायर स्टेशन</strong><br />नगर निगम कोटा उत्तर के 70 वार्डों में जहां वर्तमान में मात्र एक ही फायर स्टेशन है। वहीं कोटा दक्षिण के 80 वार्डों में तीन फायर स्टेशन हैं। एक श्रीनाथपुरम् में, दूसरा भामाशाह मंडी में और तीसरा रानपुर औद्योगिक क्षेत्र में। रानपुर औद्योगिक क्षेत्र में रीको की सहाता से कुछ समय पहले ही नया फायर स्टेशन बनकर तैयार हुआ है। वहीं सीएडी चौराहे पर अम्बेडकर भवन के आस-पास भी दमकलों को खड़ा करने की निगम की योजना है। </p>
<p><strong>आग लगने पर रेस्पोंस टाइम महत्वपूर्ण</strong><br />अप्रैल का महीना शुरू हो चुका है। ऐसे में अप्रैल से  जून तक गर्मी अधिक होने पर आग लगने की घटनाएं भी इसी दौरान अधिक होने की संभावना रहती है। नगर निगम कोटा दक्षिण के सीएफओ राकेश व्यास का कहना है कि आग लगने पर उसे बुझाने के लिए दमकलों का रेस्पोंस टाइम सबसे महत्वपूर्ण होता है। दमकलें जितनी जल्दी मौकेी पर पहुंचेंगी आग से नुकसान को उतना ही कम किया जा सकता है। जबकि फायर स्टेशन पर आग  की सूचना मिलते ही दमकलें तुरंत रवाना हो जाती हैं। लेकिन आग वाली जगह की दूरी अधिक होने पर रास्ते में समय अधिक लगता है। इसे देखते हुए जितनी जल्दी नए फायर स्टेशन तैयार होंगे उतना शहर के लिए बेहतर होगा। </p>
<p><strong>संसाधनों व फायरमैन की पर्याप्तता</strong><br />नगर निगम कोटा उत्तर व कोटा दक्षिण में दमकलों से लेकर आग बुझाने के संसाधनों तक की पर्याप्त उपलब्धता है। साथ ही फायरमैन व सिविल डिफेंस के स्वयं सेवक भी लगाए हुए हैं। दोनों नगर निगमों में छोटी-बड़ी दमकलों के अलावा 44 मीटर व 60 मीटर ऊंचाई तक आग बुझाने वाली हाइड्रोलिक लेडर दमकलें तक मौजूद है। हालांकि पुराने शहर की तंग गलियों व बाजारों में आग बुझाने के लिए बाइक दमकलों की आवश्यकता है। दोनों नगर निगमों की ओर से दो-दो बाइक दमकलों के प्रस्ताव काफी समय पहले ही डीएलबी को भेजे जा चुके हैं। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong></p>
<p>कोटा उत्तर निगम क्षेत्र में तीन नए फायर स्टेशन बनाने के प्रस्ताव काफी समय पहले ही भेजे जा चुके हैं। जिनके लिए उचित जगह की तलाश की जा रही है। हालांकि एक फायर स्टेशन के लिए  जगह पर सहमति बनी है। उसकी प्रक्रिया चल रही है। निगम के फायर अनुभाग में वर्तमान में संसाधन तो पर्याप्त हैं आवश्यकता सिर्फ फायर स्टेशनों की है। जिससे दमकलों को पहुंचने का रेस्पोंस टाइम कम हो सकेगा। <br /><strong>- अजहर खान, सीएफओ नगर निगम कोटा उत्तर</strong></p>
<p>नगर निगम कोटा उत्तर में एक नया फायर स्टेशन बनाने के लिए कुन्हाड़ी में थर्मल कॉलोनी के सामने जमीन पर सैद्धांतिक सहमति बनी है। उस जमीन के संबंध में स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल को भी अवगत कराया गया था। उन्होंने भी उस पर सहमति दे दी है। उसके बाद उसका प्रस्ताव पत्र बनाकर नगर विकास न्यास को भजा जा चुका है। वहां से स्वीकृति मिलने के बाद फायर स्टेशन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। वहीं बारां रोड पर नया नोहरा में भी जमीन के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। <br /><strong>- गजेन्द्र सिंह, अतिरिक्त आुक्त नगर निगम कोटा उत्तर </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/new-fire-station-to-be-built-to-reduce-response-time/article-43042</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/new-fire-station-to-be-built-to-reduce-response-time/article-43042</guid>
                <pubDate>Mon, 17 Apr 2023 15:36:02 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-04/response-time-kum-karne-ko-banega-naya-fire-station...kota-news..17.4.2023.jpg"                         length="514655"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आग पर काबू पाने के लिए तैयार हैं हम...</title>
                                    <description><![CDATA[शहर के विकास व विस्तार को देखते हुए निगम के अग्निशमन बेडे में संसाधन व मैन पावर तो भरपूर हो गई है। व्यवस्था की दृष्टि से भे ही शहर को कोटा उत्तर व दक्षिण निगम में बांट दिया गया है। लेकिन आग जैसी आपात स्थिति में दोनों निगम एक साथ मिलकर काम कर रहे हैं। लेकिन कोटा उत्तर में अभी भी फायर स्टेशनों की दरकार है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/we-are-ready-to-fight-the-fire/article-38072"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-02/aag-par-kaaboo-pane-k-liye-taiyaar-hai-hum..kota-news..23.2.2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। जिस तरह से फरवरी में ही गर्मी ने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। उस हिसाब से मार्च से जून के बीच गर्मी अधिक पड़ने की संभावना है। ऐसे में  आग जनित घटनाओं के भी अधिक होने की आशंका बनी हुई है। जिसे देखते हुए आग जनित घटनाओं पर काबू पाने के लिए निगम का अग्निशमन बेड़ा पूरी तरह से तैयार है। बेड़े में न तो संसाधनों की कमी है और न ही मैन पावर की।  पिछले काफी समय से संसाधनों व मैन पावर की कमी से जूझ रहे नगर निगम का अग्निशमन बेड़ा वर्तमान में काफी मजबूत स्थिति में है। गर्मी का मौसम शुरू होने के साथ ही शहर व ग्रामीण क्षेत्र में आग जनित घटनाएं भी बढ़ने की आशंका रहती है। इसे देखते हुए निगम के अग्निशमन बेड़े ने अभी से तैयारी पूरी कर ली है। मार्च से ही गर्मी का मौसम शुरू हो जाता है। उसके साथ ही जून तक करीब चार महीने कड़ाके की गर्मी पड़ती है। जिसमें जगह-जगह पर आग लगने की घटनाएं भी अधिक होती हैं। हालांकि पूर्व के वर्षों में कई बार संसाधनों की कमी व पुरानी दमकलें होने से आग वाली घटना पर पहुंचने में समय अधिक लगने समेत कई समस्याओं का सामना करना पड़ता था। लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा। निगम का अग्निशमन बेड़ा पूरी तरह से मजबूत स्थिति में है। फायरमैन ने अभी से इसकी तैयारी भी शुरू कर दी है। छोटे उपकरणों की सार संभाल के साथ ही दमकलों को भी सही करवा लिया गया है। </p>
<p><strong>32 दमकलें और 140 फायरमैन हैं बेड़े में</strong><br />शहर के विकास व विस्तार के साथ ही निगम के अग्निशमन बेड़े को भी मजबूृत किया गया है। व्यवस्था की दृष्टि से भे ही शहर को कोटा उत्तर व दक्षिण निगम में बांट दिया गया है। लेकिन आग जैसी आपात स्थिति में दोनों निगम एक साथ मिलकर काम कर रहे हैं। नगर निगम कोटा उत्तर व दक्षिण में वर्तमान में कुल छोटी बड़ी 32 दमकलें है। जिनमें दोनों में 16-16 हैं। साथ ही एक-एक 44 मीटर व 60 मीटर वाली हाइड्रोलिक लेडर भी है। वहीं दोनों निगमों में 70 स्थायी फायरमैन और 70 सिविल डिफेंस के स्वयं सेवक  लिए हुए हैं। दोनों निगमों में 5-5 स्थायी ड्राइवर, 30 संविदा वाले व 4 स्थायी गोताखोर भी आपात स्थिति में आग बुझाने में भी उपयोग लिए जाते हैं।  हालांकि अग्निशमन बेड़े में अभी भी पुराने शहर की तंग गलियों में आग लगने की घटना पर काबू पान के लिए मोटर बाइक दमकलों की कमी  बनी हुई है।  </p>
<p><strong>उत्तर निगम में फायर स्टेशनों की दरकार</strong><br />शहर के विकास व विस्तार को देखते हुए निगम के अग्निशमन बेडे में संसाधन व मैन पावर तो भरपूर हो गई है। लेकिन कोटा उत्तर में अभी भी फायर स्टेशनों की दरकार है। कोटा दक्षिण निगम क्षेत्र में तो भामाशाह मंडी, श्रीनाथपुरम् व रानपुर में तीन फायर स्टेशन है। जबकि कोटा उत्तर में मात्र एक सब्जीमंडी फायर स्टेशन है। जबकि कोटा उत्तर के नदी पार कुन्हाड़ी, पटरी पार रेलवे कॉलोनी और बारां रोड पर नया नोहरा क्षेत्र में फायर स्टेशनों की आवश्कता महसूस की जा रही है।</p>
<p><strong>अधिकतर आग शॉर्ट सर्किट से</strong><br />मार्च से जून के बीच में आग लगने की घटनाएं अधिक होती है। इसका कारण अधिकतर शॉर्ट सर्किट सामने आता है। गर्मी में एसी चलने पर उनमें लोड अधिक होने से शॉर्ट सर्किट हो जाता है। फैक्ट्रियों व ’वलन शील पदार्थ वाली जगहों में आग अधिक लगती है। ग्रामीण क्षेत्रों में पराल और खेतों में खड़ी फसल में भी आग लगने की अधिक घटनाएं होती हैं। </p>
<p><strong>तीन साल में हुई करीब 2 हजार घटनाएं</strong><br />शहर में पिछले तीन साल में आग लगने की करीब 2 हजार घटनाएं हुई हैं। इस हिसाब से हर साल करीब 650 से 700 घटनाएं आग लगने की होती हैं। नगर निगम के अग्निशमन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्ष 2020-21 में 681 घटनाएं हुई थी। जिनमें से उत्तर में 278 व दक्षिण में 403 घटनाएं हुई। 2021-22 में कुल 600 घटनाएं हुई। जिनमें से उत्तर में 375 व दक्षिण में 225 घटनाएं हुई। इसी तरह वर्ष 2022-23 में कुल 702 घटनाएं हुई। जिनमें से उत्तर में 484 व दक्षिण में 218 घटनाएं हुई। इस तरह से पिछले तीन साल में कुल 1983 घटनाएं हुई। इनमें से अधिकतर घटनाएं निगम क्षेत्र में और कई घटनाएं ग्रामीण क्षेत्रों की भी शामिल हैं। </p>
<p><strong>इनका कहना</strong><br />मार्च से जून के बीच आग लगने की घटनाएं अधिक होती हैं। शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में हर साल 600 से अधिक घटनाएं होती हैं।  उन पर काबू पाने के लिए निगम का अग्निशमन बेड़ा काफी मजबूत हो गया है। दमकलों से लेकर फायरमैन तक पर्याप्त हैं। सिविल डिफें स के स्वयं सेवक की फायरमैन के रूप में लिए हुए हैं। मोटर बाइक दमकलों का प्रस्ताव सरकार को भेजा हुआ है। शीघ्र ही उनके भी आने की संभावना है। कोटा उत्तर क्षेत्र के विकास व विस्तार को देखते हुए यहां नदी पार, पटरी पार व बारां रोड पर फायर स्टेशनों की आवश्यकता है। जिससे आग लगने की घटना होने पर दमकलों के पहुंचने का रेस्पींस समय कम हो सके।  <br /><strong>-राकेश व्यास, सीएफओ, नगर निगम कोटा दक्षिण</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/we-are-ready-to-fight-the-fire/article-38072</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/we-are-ready-to-fight-the-fire/article-38072</guid>
                <pubDate>Thu, 23 Feb 2023 14:42:49 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-02/aag-par-kaaboo-pane-k-liye-taiyaar-hai-hum..kota-news..23.2.2023.jpg"                         length="454377"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>असर खबर का - सीएफओ ने दोबारा की हॉस्टलों की जांच </title>
                                    <description><![CDATA[आग लगने व हादसे होने  पर नगर निगम द्वारा हॉस्टल संचालकों को नोटिस देने के बाद उन हॉस्टलों की दोबारा जांच नहीं करने का मुद्दा  नवज्योति ने प्रमुखता से उठाया था। 18 फरवरी के अंक में पेज दो पर ‘संचालकों को नोटिस देकर भूला निगम, नहीं की ठोस कार्रवाई’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। जिसके बाद निगम के फायर अधिकारी हरकत में आए। उन्होंने दोबारा से हॉस्टलों की जांच की। जिसमें फायर सिस्टम लगना पाया गया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/asar-khabar-ka---cfo-re-examined-the-hostels/article-37795"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-02/asar-khaber-ka--cfo-nei-dobara-ki-hostels-ki-jaanch..kota-news..20.2.2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम के फायर अनुभाग द्वारा नोटिस देने के बाद आखिरकार हॉस्टल संचालक हरकत में आए और अपने हॉस्टलों में फायर सिस्टम लगवा लिए। फायर एनओसी के लिए आवेदन भी कर दिए। शहर में बिना अनुमति के बहुमंजिला हॉस्टलों की भरमार हो गई है। जिनमें आए दिन आग लगने और वहां से गिरकर छात्रों की मौत के मामले लगातार हो रहे हैं। इन हादसों के बाद नगर निगम के फायर अनुभाग ने उन हॉस्टलों की जांच की तो उनमें फायर सिस्टम तक  लगे हुए नहीं मिले थे। इस पर नगर निगम द्वारा उन हॉस्टल संचालकों को नोटिस जारी किए गए थे। जवाहर नगर डिस्ट्रिक्ट सेंटर स्थित वात्सल्य रेजीडेंसी  की छठी मंजिल से गिरकर एलन कोचिंग संस्थान के एक छात्र की मौत हो गई थी। उस हॉस्टल का निर्माण बिना स्वीकृति होने और उसमें कमजोर रैलिंग लगना तो पाया ही गया। साथ ही फायर अनुभाग की जांच में भी वहां फायर सिस्टम लगे हुए नहीं मिले थे। इस पर नगर निगम कोटा दक्षिण के सीएफओ राकेश व्यास ने हॉस्टल संचालक को 7 दिन में अपने यहां फायर सिस्टम लगवाने का नोटिस जारी किया था।</p>
<p> इसी तरह से जवाहर नगर स्थित एक गर्ल्स हॉस्टल में भी गत दिनों आग लगने की घटना हुई थी। जिसमें हॉस्टल में रहने वाली एलन कोचिंग संस्थान की 49 छात्राओं का जीवन संकट में पड़ गया था। उस हॉस्टल में भी जांच करने पर फायर सिस्टम लगे हुए नहीं मिले थे। जिस पर निगम के फायर अनुभाग ने उसके संचालक को भी 7 दिन का नोटिस दिया था। नगर निगम कोटा दक्षिण के सीएफओ राकेश व्यास ने बताया कि नोटिस मिलने पर हॉस्टल संचालकों अपने यहां फायर सिस्टम लगवाने का जवाब पेश कर दिया था। नोटिस की मियाद पूरी होने व जवाब की पुष्टि करने के लिए उन्होंने दोबारा से उन हॉस्टलों की जांच की है। जिसमें वहां फायर सिस्टम से संबंधित जो भी सिस्टम लगे हुए नहीं थे उन्हें लगवा लिया है। साथ ही उन्होंने फायर एनओसी के लिए आवेदन भी कर दिए हैं। </p>
<p><strong>रुफटॉप रेस्टोरेनट बंद, अतिक्रमण हटाया</strong><br />सीएफओ राकेश व्यास ने बताया कि गत दिनों जिस रूफटॉप रेस्टोरेंट में आग लगी थी। उसे भी नोटिस दिया गया था। उसके बाद उसने रूफटॉप रेस्टोरेंट तो बंद कर दिया। साथ ही उसके रेस्टोरेंट के आगे जो अतिक्रमण किया हुआ था उसे भी हटा दिया है। </p>
<p><strong>फायर सिस्टम लगे लेकिन प्रवेश निकास एक ही</strong><br />हॉस्टल संचालकों ने अपने यहां फायर सिस्टम तो लगवा लिए। लेकिन अभी भी अधिकतर हॉस्टलों में प्रवेश व निकास एक ही है। बहुमंजिला हॉस्टलों में जहां बड़ी संख्या में कमरे बने हुए हैं और उनमें रहने वाले विद्यार्थियों की संख्या भी अधिक है।  ऐसे में उन हॉस्टलों में किसी भी तरह का हादसा होने पर एक साथ विद्यार्थियों के बाहर निकलने में परेशानी हो सकती है। व्यास ने बताया कि अधिकतर हॉस्टलों में प्रवेश व निकास एक ही है। </p>
<p><strong>दैनिक नवज्योति ने उठाया था मुद्दा</strong><br />आग लगने व हादसे होने  पर नगर निगम द्वारा हॉस्टल संचालकों को नोटिस देने के बाद उन हॉस्टलों की दोबारा जांच नहीं करने का मुद्दा  नवज्योति ने प्रमुखता से उठाया था। 18 फरवरी के अंक में पेज दो पर ‘संचालकों को नोटिस देकर भूला निगम, नहीं की ठोस कार्रवाई’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। जिसके बाद निगम के फायर अधिकारी हरकत में आए। उन्होंने दोबारा से हॉस्टलों की जांच की। जिसमें फायर सिस्टम लगना पाया गया। </p>
<p><strong>यूडी टैक्स बन सकता है एनओसी में बाधक </strong><br />हॉस्टल संचालकों ने अपने यहां फायर से सेफ्टी के सिस्टम तो लगवा लिए हैं और एनओसी के लिए निगम में आवेदन भी कर दिए हैं। लेकिन एनओसी  मिलने में यूडी टैक्स बाधक बन सकता है। राज्य सरकार के नियमानुसार फायर एनओसी लेने के लिए सबसे पहले उस हॉस्टल व संस्थान का यूडी टैक्स निगम में जमा होना चाहिए। लेकिन हालत यह है कि अधिकतर हॉस्टल संचालक यूडी टैक्स जमा नहीं करवाने के लिए ही एनओसी के लिए आवेदन नहीं करते हैं। जवाहर नगर स्थित वात्सल्य रेजीडेंसी हॉस्टल संचालक पर तो करीब 7 लाख रुपए से अधिक का यूडी टैक्स बकाया है। ऐसे में बिना यूडी टैक्स जमा करवाए उन्हें फायर एनओसी मिलना संभव नहीं है। इधर सीएफओ राकेश य्यास ने बताया कि दोनों निगमों में दिए गए करीब 15 सौ नोटिसों में से एक तिहाई ने सिस्टम लगवाने के बाद फायर एनओसी के लिए आवेदन भी कर दिए। लेकिन उनकी एनओसी में यूडी टैक्स बाधक बना हुआ है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/asar-khabar-ka---cfo-re-examined-the-hostels/article-37795</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/asar-khabar-ka---cfo-re-examined-the-hostels/article-37795</guid>
                <pubDate>Mon, 20 Feb 2023 15:06:42 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-02/asar-khaber-ka--cfo-nei-dobara-ki-hostels-ki-jaanch..kota-news..20.2.2023.jpg"                         length="265604"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>संचालकों को नोटिस देकर भूला निगम,नहीं की ठोस कार्रवाई</title>
                                    <description><![CDATA[निगम के फायर अनुभाग द्वारा ये तीन ही नहीं इस तरह के सैकड़ों नोटिस जारी किए जा चुके हैं। लेकिन उनमें से किसी के भी खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। जिससे किसी भी हॉस्टल संचालक  पर कोई असर ही नहीं हो रहा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/corporation-forgot-to-take-concrete-action-by-giving-notice-to-the-operators/article-37625"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-02/sanchalko-ko-notice-dekar-bhoola-nigam,-nahi-ki-karvaai...kota-news..18.2.2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । शहर में एक ओर जहां बिना अनुमति के बहुमंजला हॉस्टल खड़े हो गए हैं। वहीं दूसरी तरफ उनमें आग से सुरक्षा के  इंतजाम तक नहीं है। ऐसे में  गत दिनों  हॉस्टलों में हुई आग लगने की घटन व हॉस्टल से गिरकर छात्र की मौत मामले में निगम की ओर से नोटिस देकर इतिश्री कर ली गई। उसके बाद दोबारा से उन हॉस्टलों की जांच तक नहीं की गई। जवाहर नगर डिस्ट्रिक्ट सेंटर स्थित 10 मंजिला वात्सल्य रेजीडेंसी हॉस्टल की छठी मंजिल से एक छात्र की गिरकर मौत हो गई थी। यह छात्र एलन कोचिंग संस्थान में कोचिंग कर रहा था। हादसे के बाद जाच में एक तो उस हॉस्टल की बालकनी में लगी रैलिंग कमजोर होने की कमी पाई गई। साथ ही बिना परमीशन के इतना बड़ा हॉस्टल खड़ा हो गया। जिसमें आग से सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम नहीं पाए गए थे। इतना ही नहीं हॉस्टल संचालक द्वारा निगम में यूडी टैक्स तक जमा नहीं करवाकर लाखों रुपए राजस्व का भी नुकसान किया जा रहा है। नगर निगम के फायर अनुभाग की ओर से हादसे के बाद 7 फरवरी को हॉस्टल सचालक को नोटिस जारी किया गया था। जिसमें 7 दिन का समय देकर हॉस्टल में फायर सिस्टम लगाने को कहा था। उस नोटिस की मियाद पूरी हो चुकी है। लेकिन उसके बाद भी अभी तक निगम अधिकारियों ने दोबारा उस हॉस्टल की न तो जांच की है और न ही उसके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई की। इसी तरह से  एक रूफ टॉप रेस्टोरेंट में आग लगने के बाद उसे भी 7 दिन का नोटिस 7 फरवरी को ही दिया गया था। जिसकी भी मियाद पूरी हो चुकी है।  इतना ही नहीं एक गर्ल्स हॉस्टल में भी आग लगी थी। जिसके बाद निगम  के फायर अनुभाग ने उसे भी नोटिस जारी किया था। निगम के फायर अनुभाग द्वारा ये तीन ही नहीं इस तरह के सैकड़ों नोटिस जारी किए जा चुके हैं। लेकिन उनमें से किसी के भी खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। जिससे किसी भी हॉस्टल संचालक  पर कोई असर ही नहीं हो रहा है। </p>
<p><strong>जवाहर नगर में मात्र दो मंजिला की स्वीकृति</strong><br />जवाहर नगर डिस्ट्रिक्ट सेंटर जैसी जगह पर जहां नियमानुसार मात्र जी प्लस दो मंजिल तक ही निर्माण किया जा सकता है। वहां 8 से 10 मंजिला हॉस्टल बनकर तैयार हो गए हैं। वह भी एक दो नहीं बड़ी संख्या में। न्यास से प्राप्त जानकारी के अनुसार जवाहर नगर में जिस तरह के छोटे साइज के भूखंड हैं उन पर सिर्फ दो मंजिल से अधिक की निर्माण स्वीकृति ही नहीं है। इसी तरह से शहर में लैंडमार्क सिटी हो या अन्य जगह पर भूखंड की साइज और रोड की चौड़ाई के हिसाब से ही निर्माण किया जाता है। लेकिन उसके बाद भी जी प्लस तीन व चार मंजिल से अधिक की हॉस्टल निमाण की स्वीकृति कहीं भी जारी नहीं की गई है। जबकि शहर में कोई भी हॉस्टल 5 से 10 मंजिला से कम नहीं है। </p>
<p><strong>जानकारी दी, जांच नहीं की</strong><br />नगर निगम कोटा दक्षिण के सीएफओ राकेश व्यास ने बताया कि उन्होंने हाल ही में जिन हॉस्टल व रेस्टोरेंट संचालकों को आग से सुरक्षा के इंतजाम नहीं होने के नोटिस जारी किए थे। उन्होंने अपना जवाब तो पेश कर दिया है। साथ ही फार सिस्टम लगाने की जानकारी भी दी है। लेकिन दोबारा वहां जाकर जांच नहीं की गई है। जवाहर नगर स्थित हॉस्टल संचालक ने अपने यहां सिस्टम लगाना बताया है। रूफटाप रेस्टोरेंट संचालक ने उसके रेस्टोरेंट के आगे का अतिक्रमण हटाने और रूफटाप रेस्टोरेंट को बंद करने की जानकारी दी है।  व्यास ने बताया कि शािनवार को इन सभी जगहों पर जाकर मौका देखा जाएगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/corporation-forgot-to-take-concrete-action-by-giving-notice-to-the-operators/article-37625</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/corporation-forgot-to-take-concrete-action-by-giving-notice-to-the-operators/article-37625</guid>
                <pubDate>Sat, 18 Feb 2023 14:18:34 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-02/sanchalko-ko-notice-dekar-bhoola-nigam%2C-nahi-ki-karvaai...kota-news..18.2.2023.jpg"                         length="434546"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वात्सल्य हॉस्टल व रेस्टोरेंट संचालक को दिए नोटिस</title>
                                    <description><![CDATA[ नगर निगम कोटा दक्षिण के सीएफओ राकेश व्यास ने बताया कि  वात्सल्य रेजीडेंसी हॉस्टल की जांच में फायर सेल्टी के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। इस पर हॉस्टल संचालक को नगर पालिका एक्ट के प्रावधानों के तहत 7 दिन का नोटिस जारी किया है। रूफटॉप रेस्टोरेंट संचालक को भी 7 दिन का नोटिस जारी किया है। वहां भी  तीन दिन पहले आग लग गई थी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/notice-given-to-vatsalya-hostel-and-restaurant-operator/article-36831"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-02/vatsalya-hostel-va-restaurent-sanchalak-ko-diyr-notice..kota-news..8.2.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम के अग्निशमन विभाग की ओर से वात्सल्य हॉस्टल और रूफटॉप रेस्टोरेंट मन्नत के संचालकों को मंगलवार को नोटिस जारी किए गए। जिन्हें 7 दिन में उनके यहां फायर उपकरण नहीं लगाने पर सीज करने को कहा गया है।जवाहर नगर थाना क्षेत्र के तलंवंडी स्थित वात्सल्य रेजीडेंसी हॉस्टल की छठी मंजिल की बालकनी से गिरकर गत दिनों एलन कोचिंग संस्थान के एक छात्र ईशानशु भट्टाचार्य की मौत हो गई थी। हॉस्टल की बॉलकनी में कमजोर रैलिंग के कारण हुए हादसे के बाद निगम के अग्निशमन विभाग ने जब वहां आग से सुरक्षा के इंतजामों की जांच की तो वे भी पर्याप्त नहीं थे। नगर निगम कोटा दक्षिण के सीएफओ राकेश व्यास ने बताया कि  वात्सल्य रेजीडेंसी हॉस्टल की जांच में फायर सेल्टी के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। इस पर हॉस्टल संचालक को नगर पालिका एक्ट के प्रावधानों के तहत 7 दिन का नोटिस जारी किया है। जिसमें संचालक को स्पष्ट निर्देश हैं कि 7 दिन में अपने यहां फायर सेफ्टी उपकरण लगवाकर विभा को सूचित करें। साथ ही फायर एनओसी के लिए आवेदन भी करें। यदि निर्धारित समय में ऐसा नहीं किया गया तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवा करते हुए हॉस्टल को सीज भी किया जा सकता है।  व्यास ने बताया कि इसी तरह परिजात कॉलोनी स्थित मन्नत रूफटॉप रेस्टोरेंट संचालक को भी 7 दिन का नोटिस जारी किया है। वहां भी  तीन दिन पहले आग लग गई थी। जिससे सारा सामान जल गया था। वहां भी जाच करने पर किसी तरह के फायर सेफ्टी संसाधन नहीं थे। उस रेस्टोरेंट संचालक ने पास में अतिक्रमण भी किया हुआ है। रेस्टोरेंट संचालक को भी अपने यहां फायर सेफ्टी संसाधन लगाने के निर्देश दिए हैं। व्यास ने बताया कि यदि यहां भी इंतजाम नहीं होने पर 7 दिन बाद उसे सीज करने की कार्यवाही की जाएगी। </p>
<p><strong>फायर एनओसी के लिए यूडी टैक्स जमा करवाना आवश्यक</strong><br />नगर निगम से प्राप्त जानकारी के अनुसार फायर एनओसी लेने के लिए हॉस्टल व रेस्टोरेंट संचालकों को यूडी टैक्स जमा करवाना होगा। रा’य सरकार के नियमानुसार फायर एनओसी के लिए यूडी टैक्स जमा होने की रसीद लगानी पड़ती है। जबकि वात्सल्य रेजीडेंसी हॉस्टल संचालक पर करीब 7 लाख रुपए का यूडी टैक्स बकाया है। फायर एनओसी से पहले उसे यह टैक्स जमा करवाना होगा। </p>
<p><strong>बच्चों के जीवन से खिलवाड़</strong><br />बिना परमीशन व फायर संसाधनों के संचालित हो रहे हॉस्टलों में देशभर से आकर कोचिंग करने वाले बच्चों के जीवन से खिलवाड़ किया जा रहा है। आए दिन हॉस्टलों में आग लगने की घटनाएं हो रही हैं। उसके बाद भी न तो हॉस्टल संचालक गम्भीर हो रहे हैं और न ही प्रशासन। नगर निगम भी सिर्फ नोटिस देकर ही इतिश्री कर रहा है। हालांकि निगम अधिकारियों का कहना है कि हॉस्टल को सीज करना तो आसान है लेकिन उनमें रहने वाले बच्चों का क्या कसूर है। जो हजारों रुपए महीना फीस देकर वहां रह रहे हैं। सीज करने पर उन हॉस्टल में रहने वाले बच्चों को भी अन्य जगह पर शिफ्ट करना होगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/notice-given-to-vatsalya-hostel-and-restaurant-operator/article-36831</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/notice-given-to-vatsalya-hostel-and-restaurant-operator/article-36831</guid>
                <pubDate>Wed, 08 Feb 2023 14:22:56 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-02/vatsalya-hostel-va-restaurent-sanchalak-ko-diyr-notice..kota-news..8.2.jpg"                         length="254508"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अस्सी फीसदी भवन मालिकों के कान पर जूं तक नहीं रेंगी </title>
                                    <description><![CDATA[नगर निगम कोटा दक्षिण के अग्निशमन विभाग द्वारा दिए गए एक हजार नोटिसों में से मात्र 20 फीसदी पर ही अमल हुआ है। उनमें भी किसी ने निगम में जवाब पेश किया है तो किसी ने उपकरण लगवाए हैं। जबकि अभी भी 80 फीसदी  भवन मालिकों के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी है। साथ ही निगम ने भी उन्हें दिए गए नोटिसों पर कोई कार्रवाई नहीं की है। शहर में गर्मी के समय में तो आग लगने की घटनाएं होती ही हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/eighty-percent-of-the-building-owners-are-not-affected-by-the-notice/article-12856"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/80-fisadi-bhavan-maliko-ke-..kota.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम कोटा दक्षिण के अग्निशमन विभाग द्वारा दिए गए एक हजार नोटिसों में से मात्र 20 फीसदी पर ही अमल हुआ है। उनमें भी किसी ने निगम में जवाब पेश किया है तो किसी ने उपकरण लगवाए हैं। जबकि अभी भी 80 फीसदी  भवन मालिकों के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी है। साथ ही निगम ने भी उन्हें दिए गए नोटिसों पर कोई कार्रवाई नहीं की है। शहर में गर्मी के समय में तो आग लगने की घटनाएं होती ही हैं। उसके अलावा भी कभी भी आग लगने की घटना कहीं भी हो सकती है। इसे देखते हुए शहर में निर्मित होने वाले भवनों विशेष  रूप से बहुमंजिला इमारतों आवासीय व व्यवसायिक, हॉस्टल, मॉल, अस्पताल व कोचिंग संस्थान  सभी के लिए  फायर उपकरण लगवाकर एनओसी लेना आवश्यक किया हुआ है। उसके बावजूद हालत यह है कि लाखों-करोड़ों रुपए भवन निर्माण पर खर्च करने के बाद भी अधिकतर भवनों में फायर के उपकरण तक नहीं लगे हुए हैं। निगम के अग्निशमन विभाग ने जब इसका सर्वे किया तो चौकाने वाले तथ्य सामने आए थे। उसके बाद निगम की ओर से ऐसे सभी भवन मालिकों को नोटिस जारी किए गए। जहां न तो फायर उपकरण लगे हुए हैं या फिर वहां उपकरण तो लगे हुए हैं लेकिन वे कार्यशील नहीं हैं। कहीं पर भवन के हिसाब से प्रवेश व निकास के अलग-अलग द्वार नहीं हैं। उन सभी को निगम ने नोटिस जारी कर व्यवस्थाओं को सही करने के निर्देश दिए थे। हालत यह है कि उसके बाद भी अभी तक बड़ी संख्या में हॉस्टल व कोचिंग संस्थान समेत आवासीय व व्यवसायिक भवन ऐसे हैं जहां न तो फायर उपकरण लगे हैं और न ही उनके मालिकों ने निगम के नोटिसों का कोई जवाब दिया है। आवासीय व व्यवसायिक सभी बहुमंजिला इमारतों के यही हाल हैं। <br /><br /><strong>एनओसी के लिए यूडी टैक्स जमा करवाना अनिवार्य</strong><br />नगर निगम द्वारा एक निर्धारित वर्ग मीटर के भूखंड व भवनों पर नगरीय विकास कर(यूडी टैक्स) वसूल किया जाता है। नगर निगम का हर साल इसका बजट में लक्ष्य निर्धारित होता है। लेकिन निगम उसे कभी भी पूरा नहीं कर पाता। उस लक्ष्य को पूरा करने के लिए स्वायत्त शासन विभाग द्वारा एक शर्त जोड़ दी। जिसमें फायर एनओसी लेने वालों के लिए यूडी टैक्स जमा करवाना अनिवार्य कर दिया है। जिससे टैक्स भी बढ़ा है। निगम के राजस्व अनुभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस वित्तीय वर्ष में 7 करोड़ रुपए लक्ष्य की तुलना में अभी तक करीब एक करोड़ रुपए टैक्स जमा हो चुका है। जबकि गत वर्ष जून तक मात्र 11 लाख रुपए ही टैक्स जमा हुआ था। साथ ही गत वर्ष 7 करोड़ के लक्ष्य की एवज में 5 करोड़ 22 लाख रुपए जमा हुए थे। <br /><br /><strong>सीजिंग के बाद लगाए उपकरण, ली फायर एनओसी</strong><br />नगर निगम के अग्निशमन विभाग द्वारा दिए गए नोटिसों पर अमल नहीं करने वाले भवन मालिकों में से एरोड्राम चौराहा स्थित आकाश मॉल को सीज किया गया था। कई दिन तक सीज रहने के बाद मॉल मालिक ने उसे खुलवाने की अपील की। अपील पर उसे दस दिन का समय दिया गया। उस अवधि में मॉल मालिक ने न केवल फायर उपकरण लगवाए वरन् फायर एनओसी भी ली। इससे न केवल वह भवन वरन् उसमें काम करने वाले कर्मचारी और आने वाले लोग सभी सुरक्षित हो गए हैं।  <br /><br />कोटा दक्षिण क्षेत्र में फायर उपकरण नहीं होने व कमियों वाले एक हजार लोगों को नोटिस जारी किए गए थे। उनमें से अभी तक करीब 20 फीसदी लोगों ने ही निगम में सम्पर्क किया है। जिनमें नोटिस का जवाब देने, फायर उपकरण लगवाने, फायर एनओसी की औपचारिकताएं पूरी करने समेत कार्रवाई की गई है। उनमें एरोड्राम चौराहा स्थित आकाश मॉल भी शामिल है। जिसने मॉल के सीज होने के बाद ही सही फायर उपकरण भी लगवाए और एनओसी भी ली। जबकि अभी भी 80 फीसदी लोग ऐसे हैं जिन्होंने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं है। ऐसे लोगों से दोबारा सम्पर्क कर उनके खिलाफ फिर से कार्रवाई की जाएग़ी। यदि उन्होंने सुधार नहीं किया तो उन्हें नोटिस देने व सीजिंग भी की जा सकती है। <br /><strong>-दीपक राजौरा, सीएफओ, नगर निगम कोटा दक्षिण</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/eighty-percent-of-the-building-owners-are-not-affected-by-the-notice/article-12856</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/eighty-percent-of-the-building-owners-are-not-affected-by-the-notice/article-12856</guid>
                <pubDate>Thu, 23 Jun 2022 14:03:11 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-06/80-fisadi-bhavan-maliko-ke-..kota.jpg"                         length="57782"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        