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                <title>मधुमक्ख्यिों ने किया हमला तो मची भगदड़</title>
                                    <description><![CDATA[करीब आधा दर्जन लोग एमबीएस अस्पताल में उपचार करवाने भी पहुंचे।  ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/there-was-a-stampede-when-the-bees-attacked/article-72850"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-03/ph-(6).jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। कलक्ट्रेट चौराहे पर शुक्रवार को दिन में उस समय अचानक भगदड़ मच गई जब मधुमक्खियों का झुंड आया और लोगों पर हमला बोल दिया। उनसे बचने के लिए किसी ने कोट ओढ़ा तो किसी ने रूमाल ढका। यहां तक कि मधु मक्खियों से बचने के प्रयास में दो बाइक सवार आपस में भिड़ गए। कई लोग उनकी चपेट में आने से अस्पताल तक पहुंचे। जानकारों के अनुसार सुबह कलक्ट्रेट पर कांग्रेस का प्रदर्शन था। प्रदर्शन समाप्त होने के बाद जब अधिकतर लोग वहां से चले गए थे। कई पुलिस कर्मी व राहगीर और अन्य लोग ही वहां मौजूद थे। इसी दौरान कलक्ट्रेट के मुख्य द्वार के पास अचानक से मधुमक्खियों का झुंड आया और लोगों पर हमला कर दिया। एक साथ झुंड में आई मधु मक्खियों से बचने के लिए कलक्ट्रेट पर भगदड़ मच गई। पैदल जा रहे वकील, पुलिस कर्मी, स्थानीय लोग और वाहन चालक सभी ने उनसे बचने का प्रयास किया। वकीलों ने तो कोट मुंह पर ढका और भागने लगे। </p>
<p><strong>हेलमेट के अंदर भी नहीं छोड़ा</strong><br />किसी ने रूमाल चेहरे पर ढका तो कोई बेल्ट निकालकर मक्खियों को हटाते हुए भागने लगा।  प्रत्यक्ष दर्शियों ने बताया कि स्टेशन की तरफ से आ रहे और कलक्ट्रेट से स्टेशन की तरफ जा रहे दो बाइक सवार आपस में भिड़ गए। यहां तक कि वाहन चालकों के हैलमेट में और वाहन पर पीछे बैठी महिलाओं के कपड़ों तक में मधुमक्खियां घुस गई।  हालत यह थी कि कलक्ट्रेट गेट से लेकर अदालत चौराहे तक मधु मक्खियों ने लोगों का पीछा किया। करीब आधा घंटे तक भगदड़ मचती रही। कैंटीन व चाय की थड़ी पर बैठे लोग आधी अधूरी चाय तक छोड़कर भागते नजर आए। जब तक उस क्षेत्र में मधु मक्खियां रहीं तब तक वहां लोग नजर नहींं आए। करीब आधा से पौन घंटे बाद जब मधु मक्ख्यिां वहां से चली गई तब लोगों ने राहत महसूस की। जानकारों के अनुसार कलक्ट्रेट गेट के पास कहीं मधु मक्खी का छत्ता होगा। जिसे किसी ने छेड़ दिया जिससे वे एक साथ बाहर आ गई और हमला कर दिया। मधु मक्खियो के हमले में कई पुलिस कर्मी व आमजन चपेट में आए। उनके काटने व डंक मारने से कई लोगों के चेहरे सूज गए। करीब आधा दर्जन लोग एमबीएस अस्पताल में उपचार करवाने भी पहुंचे।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 16 Mar 2024 18:39:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
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                <title>मधुमक्खियों का भीड़ पर हमला, एक महिला की मृत्यु</title>
                                    <description><![CDATA[पुलिस सूत्रों के अनुसार भिंड देहात थाना क्षेत्र के तहत वरकापुरा गांव में एक धार्मिकस्थल के समीप सामूहिक भोजन कार्यक्रम कल आयोजित किया गया था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/one3-women-killed-in-the-attack-of-bees/article-40513"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-03/546465465.jpg" alt=""></a><br /><p>भिंड। मध्यप्रदेश के भिंड के पास वरकापुरा गांव में सामूहिक भोजन कार्यक्रम के दौरान मधुमक्खियों ने महिलाओं पर हमला कर दिया, जिससे एक की मृत्यु हो गयी चार पांच अन्य घायल हो गयीं। पुलिस सूत्रों के अनुसार भिंड देहात थाना क्षेत्र के तहत वरकापुरा गांव में एक धार्मिकस्थल के समीप सामूहिक भोजन कार्यक्रम कल आयोजित किया गया था। किसी शरारती व्यक्ति ने पास ही वृक्ष पर मधुमक्खियों के छत्ते पर पत्थर फेंक दिया। इसके बाद मधुमक्खियों ने वहां मौजूद भीड़ पर हमला कर दिया, जिसकी चपेट में कुछ महिलाएं भी आ गयीं। </p>
<p>हमले में घायल छह महिलाओं को इलाज के लिए देर शाम यहां जिला अस्पताल में लाया गया। रात्रि में नेतराम नाम की महिला की मृत्यु हो गयी। एक अन्य महिला ओमवती की हालत गंभीर है। इसके अलावा तीन-चार अन्य महिलाओं का इलाज चल रहा है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Mar 2023 13:07:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ऑस्ट्रेलिया ने महामारी को रोकने के नाम पर मार दी करोड़ों मधुमक्खियां</title>
                                    <description><![CDATA[कैनबरा। ऑस्ट्रेलिया दुनिया का वो देश, जहां पर सबसे ज्यादा शहद का उत्पादन होता है। जहां से दुनिया के दूसरे देशों को शहद निर्यात होता है। अब यहां पर शहद बनाने वाली मधुमक्खियों पर आफत आ गई है। यहां पर इंडस्ट्री को बचाने के लिए मधुमक्खियों को मारा जा रहा है। अब आप सोच रहे होंगे कि मधुमक्खियों को मार कर इंडस्ट्री कैसे बचेगी?]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/australia-killed-millions-of-bees-in-the-name-of-stopping-the-epidemic/article-13726"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/bees.jpg" alt=""></a><br /><p>कैनबरा। ऑस्ट्रेलिया दुनिया का वो देश, जहां पर सबसे ज्यादा शहद का उत्पादन होता है। जहां से दुनिया के दूसरे देशों को शहद निर्यात होता है। अब यहां पर शहद बनाने वाली मधुमक्खियों पर आफत आ गई है। यहां पर इंडस्ट्री को बचाने के लिए मधुमक्खियों को मारा जा रहा है। अब आप सोच रहे होंगे कि मधुमक्खियों को मार कर इंडस्ट्री कैसे बचेगी? दरअसल इसकी वजह है एक खतरनाक बीमारी और अगर इसे नहीं रोका गया तो फिर पूरी इंडस्ट्री चौपट हो जाएगी। ऑस्ट्रेलिया की शहद इंडस्ट्री पर इस समय वारोआ मिटे प्लेग का साया मंडरा रहा है और इसलिए ही रोजाना मधुमक्खियां मारी जा रही हैं।<br /><br /><strong>नहीं था कोई और विकल्प</strong><br />अब तक 600 छत्तों में मौजूद कई मधुमक्खियों को मारा जा चुका है। वहीं कई लाखों मधुमक्खियों को मारे जाने का प्लान तैयार किया जा चुका है। आॅस्ट्रेलिया में अथॉरिटीज का मानना है कि अगर बीमारी को आगे बढ़ने से रोकना है तो फिर मधुमक्खियों को मारना ही पड़ेगा। इसके अलावा कोई और आॅप्शन फिलहाल नहीं है। छह मील के दायरे में इन मधुमक्खियों को मारने के लिए इरैडिकेशन जोन बनाया गया है। अथॉरिटीज का मकसद है कि दुनिया को इस खतरनाक प्लेग से किसी तरह बचाया जा सके।</p>
<p><br /><strong>18 मिलियन मधुमक्खियों की मौत</strong><br />न्यू साउथ वेल्स के चीफ प्लांट प्रोटेक्शन ऑफिसर सतेंद्र कुमार ने बताया कि ऑस्ट्रेलिया वो अकेला सबसे बड़ा शहद उत्पादक देश है जो इस समय वारोआ मिटे प्लेग से मुक्त हो चुका है। उन्होंने जानकारी दी कि ये प्लेग ऑस्ट्रेलिया की शहद इंडस्ट्री को 70 मिलियन डॉलर का चूना लगा सकता है। डैनी ले फ्यूवेरे जो ऑस्ट्रेलिया की शहद इंडस्ट्री काउंसिल के कार्यवाहक मुखिया हैं, उन्होंने बताया कि उनकी टीम ने पहले ही 600 छत्तों को खत्म कर दिया है और हर छत्ते में 30,000 मधुमक्खियां थीं। कम से कम इन छत्तों में कुल 18 मिलियन मधुमक्खियां मौजूद थीं। जो प्लेग ऑस्ट्रेलिया में मधुमक्खियों को शिकार बना रहा है, उसकी वजह से उनकी उड़ने, भोजन जुटाने और शहद का उत्पादन करने की क्षमता पर खासा असर पड़ता है। इस प्लेग की वजह से ऑस्ट्रेलिया में मधुमक्खियों की संख्या खासी प्रभावित हुई है।<br /><br /> जून के अंत में सबसे पहले ऑस्ट्रेलिया में इस प्लेग का पता चला था और तब से ही शहद उत्पादकों ने पूरी तरह से लॉकडाउन लगा दिया है। ऑस्ट्रेलिया में सन 1822 में सबसे पहली मधुमक्खी एपिस मेलीफेरा लाई गई थी। अब ऑस्ट्रेलिया में बड़े पैमाने पर मधुमक्खी पालक मौजूद हैं और गांवों के हर घर में मधुमक्खियों को पाला जाता है। आज मधुमक्खियां और शहद यहां की अर्थव्यवस्था का मुख्य सोर्स है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 06 Jul 2022 14:20:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शुद्ध के लिए युद्ध अभियान:  हेल्थ डिपार्टमेंट ने मैन्युफेक्चरिंग फैक्ट्री में खीरमोहन में लगे कीड़े</title>
                                    <description><![CDATA[गंगापुर सिटी। हेल्थ डिपार्टमेंट ने शुद्ध के लिए युद्ध अभियान में गुरुवार को गंगापुरसिटी और वजीरपुर में बड़ी कार्रवाई की। टीम ने गर्ग मिल्क एंड फूड प्रोडक्ट की वजीरपुर स्थित मैन्युफेक्चरिंग फैक्ट्री कृष्णा चिलिंग सेंटर पर खीरमोहन में कीड़े लगने, मधुमक्खी और झींगुर पड़े हुए होने पर करीब 1 लाख रुपए का 300 किलो खीरमोहन को मौके पर ही नष्ट करवाया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/tonk/war-campaign-for-the-net/article-12911"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/shudh-ke-liye-yudd.jpg" alt=""></a><br /><p>गंगापुर सिटी। हेल्थ डिपार्टमेंट ने शुद्ध के लिए युद्ध अभियान में गुरुवार को गंगापुरसिटी और वजीरपुर में बड़ी कार्रवाई की। टीम ने गर्ग मिल्क एंड फूड प्रोडक्ट की वजीरपुर स्थित मैन्युफेक्चरिंग फैक्ट्री कृष्णा चिलिंग सेंटर पर खीरमोहन में कीड़े लगने, मधुमक्खी और झींगुर पड़े हुए होने पर करीब 1 लाख रुपए का 300 किलो खीरमोहन को मौके पर ही नष्ट करवाया। फैक्ट्री में मावा बहुत पुराना दिखाई देने पर करीब 75 हजार रुपए का 300 किलो मावा और करीब 82 हजार रुपए का 165 लीटर लूज घी सीज किया गया। सीएमएचओ डॉ. तेजराम मीना ने बताया कि गंगापुर सिटी और वजीरपुर में अलग-अलग ब्रांड के घी और अन्य सामग्रियों के सैंपल लिए गए।</p>
<p>विभाग के फूड सेफ्टी अधिकारी विरेन्द्र कुमार और उनकी टीम ने गंगापुर सिटी स्थित मैसर्स गर्ग मिल्क एंड फूड प्रॉडक्ट्स के यहां से 4 सैम्पल लिए। 1 सैम्पल लूज घी, 1 सैम्पल पनीर, 1 सैम्पल मावा और 1 सैम्पल खीरमोहन के लिए गए। साथ ही 165 लीटर लूज घी सीज किया गया जिसकी कीमत करीब 82 हजार 500 रुपए है। गंगापुर सिटी की गर्ग मिल्क एंड फूड प्रोडक्ट की वजीरपुर स्थित मैन्युफेक्चरिंग फैक्ट्री कृष्णा चिलिंग सेंटर पर भी विभाग ने कार्रवाई की। फैक्ट्री में खीरमोहन में कीड़े लगे हुए थे, मधुमक्खी, झींगुर पड़े हुए होने पर करीब 1 लाख रुपए का 300 किलो खीरमोहन मौके पर ही नष्ट करवाया गया, साथ ही चाशनी को भी नष्ट करवाया गया।</p>
<p>फैक्ट्री में ही मौजूद मावा बहुत पुराना दिखाई देने के संदेह पर और मावे की क्वालिटी को देखते हुए करीब 75 हजार रुपए का 300 किलो मावा सीज किया गया। सैम्पल की रिपोर्ट आने के पश्चात फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड एक्ट 2006 के सीज किए गए घी और मावे पर कार्रवाई की जाएगी। सीएमएचओ डॉ. तेजराम मीना ने सभी लोगों से अपील की लूज या खुला हुआ घी काम में नहीं लें। यह किसी भी प्रकार से सेहत के लिए फाय्देमंद नहीं है। इस लूज घी में पाम आॅयल अथवा अन्य प्रकार के तेल होते हैं, जो हानिकारक हैं। दुकानदार वनस्पति तेल, पाम आॅयल को घी, पूजा-दीया बाती के लिए काम में आने वाला घी बता कर बेचते हैं।</p>
<p>बहुत ही कम कीमत में बाजार में मिलने वाला घी, घी ना होकर नकली, मिलावटी वनस्पति अथवा पाम आॅयल होते हैं। इसलिए जब भी घी खरीदें हमेशा उस पर लिखे हुए लेबल, सामग्री आदि के बारे में पढ़कर जांच परख कर ही खरीदें। कम कीमत में मिलने वाले घी को कई परिवार जन अपने घर की गर्भवती महिलाओं, धात्री महिलाओं के लिए खरीद कर प्रयोग में लाते हैं, ऐसा घी गर्भवती महिलाओं, धात्री महिलाओं के लिए लाभदायक ना होकर अत्यधिक घातक है। साथ ही ऐसे पदार्थ युवा पीढ़ी के लिए भी घातक हैं। ऐसे पदार्थों का सेवन युवाओं की नस्ल भी खतरे में पड़ रही है। ऐसे में सभी लोग शुद्व घी का प्रयोग करें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टोंक</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Jun 2022 15:51:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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