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                <title>uranium - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>ईरान के साथ युद्ध तब तक खत्म नहीं होगा जब तक परमाणु मुद्दों का समाधान नहीं हो जाता : पीएम नेतन्याहू</title>
                                    <description><![CDATA[इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट किया है कि ईरान के साथ युद्ध तब तक समाप्त नहीं होगा, जब तक उसके परमाणु केंद्रों को नष्ट और यूरेनियम भंडार को बाहर नहीं किया जाता। उन्होंने कूटनीति विफल होने पर सैन्य विकल्प के संकेत दिए हैं। ट्रंप द्वारा ईरानी प्रस्ताव ठुकराने के बाद क्षेत्रीय तनाव चरम पर है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/war-with-iran-will-not-end-until-nuclear-issues-are/article-153456"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/benjamin-netanyahu.png" alt=""></a><br /><p>तेल अवीव। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दोहराया है कि ईरान के साथ युद्ध तब तक 'खत्म नहीं होगा', जब तक कि प्रमुख रणनीतिक मुद्दों का समाधान नहीं हो जाता जिनमें ईरान के संवर्धित यूरेनियम के भंडार को हटाना, परमाणु केंद्रों को नष्ट करना और ईरान के क्षेत्रीय प्रभाव पर अंकुश लगाना शामिल है। मीडिया से रूबरू होते हुए नेतन्याहू ने कहा, "यह अभी खत्म नहीं हुआ है, क्योंकि अब भी वहां परमाणु सामग्री और संवर्धित यूरेनियम मौजूद है। इसे ईरान से बाहर निकालना होगा। अब भी वहां संवर्धन केंद्र हैं, जिन्हें नष्ट करना बाकी है।" उन्होंने कहा कि ईरान क्षेत्रीय प्रॉक्सी समूहों का समर्थन करना जारी रख रहा है और अपनी बैलिस्टिक मिसाइल क्षमताओं को बढ़ा रहा है।</p>
<p>अमेरिका-इजरायल के ईरान पर किये गये हमलों के बाद हुई प्रगति को स्वीकार करते हुए नेतन्याहू ने इस बात पर जोर दिया कि अब भी बड़ी चुनौतियां बनी हुई हैं, विशेष रूप से ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर। उन्होंने सुझाव दिया कि किसी भी व्यावहारिक व्यवस्था के तहत संवर्धित यूरेनियम को वहां से से हटाना होगा। उन्होंने कहा, "अगर आपके पास कोई समझौता है और आप अंदर जाकर उसे बाहर निकाल लेते हैं, तो क्यों नहीं? यही सबसे अच्छा तरीका है।"</p>
<p>पीएम नेतन्याहू इस बात से सहमत हैं कि समझौता होना चाहिए, लेकिन परमाणु मुद्दा समझौता-योग्य नहीं है । उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय में आयी है, जब अमेरिका का रुख है कि किसी भी व्यापक शांति ढांचे के तहत ईरान को यूरेनियम संवर्धन पूरी तरह से रोकना होगा। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में शांति प्रस्ताव पर ईरान की नवीनतम प्रतिक्रिया को 'पूरी तरह से अस्वीकार्य' बताया था। वहीं ईरान ने संवर्धन को पूरी तरह से रोकने की मांगों को खारिज कर दिया है। खबरों के अनुसार, ईरानी अधिकारियों ने अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम के भंडार को कम करने और अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के तहत कुछ सामग्री को किसी तीसरे देश में स्थानांतरित करने का सुझाव दिया है।</p>
<p>पीएम नेतन्याहू ने एक संभावित दृष्टिकोण की रूपरेखा भी पेश की है। इसमें कूटनीति अगर विफल रहती है तो संवर्धित यूरेनियम को भौतिक रूप से हटाया जा सकता है, लेकिन उन्होंने 'सैन्य विकल्पों' का खुलासा करने से इनकार कर दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने सीमित अवधि के लिए संवर्धन स्थगित करने की इच्छा जतायी है, हालांकि यह अमेरिका के प्रस्तावित 20 साल के प्रतिबंध की तुलना में कम अवधि के लिए है। साथ ही ईरान ने अपने परमाणु बुनियादी ढांचे को नष्ट करने की बात को खारिज कर दिया है। खबर है कि दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थों के जरिये बातचीत जारी है, लेकिन यूरेनियम संवर्धन और सत्यापन तंत्र पर गहरे मतभेदों के बीच एक व्यापक समझौता फिलहाल दूर नजर आ रहा है।</p>
<p>ईरानी नेताओं का कहना है कि उनके प्रस्ताव जायज हैं और उनका उद्देश्य एक संतुलित समझौता सुनिश्चित करना है। पीएम नेतन्याहू की ये टिप्पणियां इस सप्ताह के अंत में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की संभावित चीन यात्रा से पहले आयी हैं, जहां उनके चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मिलने की उम्मीद है। युद्ध और उसके बाद ईरान के होर्मुज जलडमरूमध्य बंद किये जाने से वैश्विक ऊर्जा लागत में उछाल आया है और अमेरिका में गैस की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 11 May 2026 18:44:44 +0530</pubDate>
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                <title>क्या फिर बढ़ेगा टकराव! अमेरिका के शांति प्रस्ताव पर ईरान के जवाब को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने किया खारिज, बोले- हम दुश्मन के सामने कभी सिर नहीं झुकाएंगे</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के युद्ध समाप्ति प्रस्ताव को "पूरी तरह अस्वीकार्य" बताया है। तेहरान ने नाकाबंदी हटाने और हमलों पर गारंटी मांगी थी, जिसे ट्रंप ने खारिज कर दिया। वहीं, बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट किया कि जब तक ईरान के यूरेनियम भंडार नष्ट नहीं होते, युद्ध समाप्त नहीं माना जाएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/will-the-conflict-increase-again-president-donald-trump-rejected-irans/article-153377"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/iran9.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने युद्ध समाप्त करने के अमेरिकी प्रस्तावों पर ईरान की प्रतिक्रिया को "पूरी तरह अस्वीकार्य" करार दिया है। मीडिया रिपोर्ट में यह जानकारी दी गयी। ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी तसनीम ने बताया कि पाकिस्तान के माध्यम से भेजे गए तेहरान के प्रस्ताव में सभी मोर्चों पर युद्ध की तत्काल समाप्ति, अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी को रोकना और ईरान पर आगे कोई हमला न करने की गारंटी शामिल है।</p>
<p>अमेरिका और इज़रायल द्वारा फरवरी में शुरू किए गए युद्ध को समाप्त करने के लिए वार्ता को सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से किए गए युद्धविराम का, छिटपुट गोलीबारी के बावजूद, काफी हद तक पालन किया गया है। इस सप्ताह की शुरुआत में, ट्रम्प ने दोहराया कि ईरान में युद्ध "जल्द ही समाप्त हो जाएगा"। लेकिन इज़रायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि ईरान के खिलाफ युद्ध को समाप्त मानने से पहले ईरान के समृद्ध यूरेनियम भंडार को "नष्ट" किया जाना चाहिए।</p>
<p>सीबीएस के '60 मिनट्स' कार्यक्रम में दिए एक साक्षात्कार में नेतन्याहू ने कहा, "अभी भी ऐसे संवर्धन स्थल हैं जिन्हें नष्ट करना बाकी है।"<br />रविवार को ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने तेहरान के प्रस्ताव का सीधा जिक्र तो नहीं किया, लेकिन कहा, "हम दुश्मन के सामने कभी सिर नहीं झुकाएंगे, और अगर बातचीत या समझौता करने की बात उठती है, तो इसका मतलब आत्मसमर्पण या पीछे हटना नहीं है।" ट्रम्प ने 'ट्रुथ सोशल' पर पोस्ट किया: "मैंने अभी-अभी ईरान के तथाकथित 'प्रतिनिधियों' का जवाब पढ़ा है। मुझे यह पसंद नहीं आया - बिल्कुल अस्वीकार्य।"</p>
<p>मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, एक पृष्ठ के 14 सूत्रीय अमेरिकी ज्ञापन में ईरानी परमाणु संवर्धन पर रोक, प्रतिबंधों को हटाना और होर्मुज जलडमरूमध्य से निर्बाध आवागमन बहाल करने जैसे प्रावधान शामिल हैं। इसमें दो अमेरिकी अधिकारियों और दो अन्य सूत्रों का हवाला दिया गया है - सभी के नाम गुप्त रखे गए हैं - जिन्हें मुद्दों की जानकारी दी गई थी। इन सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि ज्ञापन में बताई गई कई शर्तें अंतिम समझौते पर पहुंचने पर ही लागू होंगी। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को अवरुद्ध करना जारी रखा है, जिससे विश्व स्तर पर तेल की कीमतों में वृद्धि हुई है।</p>
<p>अमेरिका ने तेहरान पर दबाव बनाने के लिए ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी लागू कर दी है, जिससे ईरान बेहद नाराज है। इजरायली और अमेरिकी सेनाओं ने 28 फरवरी को ईरान पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले शुरू किए। ईरान युद्ध में पिछले महीने युद्धविराम लागू हुआ। अपने साक्षात्कार में नेतन्याहू ने कहा, "मैं इजरायल की सेना के लिए अमेरिकी वित्तीय सहायता को शून्य तक कम करना चाहता हूं।" उन्होंने कहा, "हमें प्रति वर्ष 3.8 अरब डॉलर मिलते हैं। और मुझे लगता है कि अब समय आ गया है कि हम शेष सैन्य सहायता से भी खुद को अलग कर लें।" उन्होंने आगे कहा, "आइए अभी से शुरुआत करें और इसे अगले दशक में पूरा करें।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
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                <pubDate>Mon, 11 May 2026 11:36:10 +0530</pubDate>
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                <title>अब राजस्थान में भी होगा यूरेनियम का खनन</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर। राजस्थान अब यूरेनियम के खनन में भी देश और दुनिया के मानचित्र पर शामिल होने जा रहा है। देश में झारखंड और आन्ध्र प्रदेश के बाद परमाणु ऊर्जा के लिए राजस्थान के सीकर की खंडेला तहसील के रोहिल गांव में यूरेनियम कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया खनन शुरू करने जा रहा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/now-uranium-will-be-mined-in-rajasthan-too/article-13077"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/mining.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान अब यूरेनियम के खनन में भी देश और दुनिया के मानचित्र पर शामिल होने जा रहा है। देश में झारखंड और आन्ध्र प्रदेश के बाद परमाणु ऊर्जा के लिए राजस्थान के सीकर की खंडेला तहसील के रोहिल गांव में यूरेनियम कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया खनन शुरू करने जा रहा है। कॉरपोरेशन के आवेदन के बाद प्रदेश सरकार ने इसके लिए उन्हें खनन पट्टे की एलओआई जारी कर दी है। कॉरपोरेशन यहां 3 हजार करोड़ रुपए का निवेश करेगी और साथ ही इतने ही लोगों को इससे रोजगार भी मिलेगा। यहां 108.46 हैक्टेयर में कॉरपोरेशन यूरेनियम का खनन करेगी। यहां 12  मिलियन टन यूरेनियम के भंडार संभावित हैं। एलओआई जारी होने के बाद कॉरपोरेशन अब परमाणु ऊर्जा विभाग, परमाणु खनिज अन्वेषण और अनुसंधान निदेशालय से खनन योजना का अनुमोदन कराएगा, पर्यावरण मंत्रालय से ईसी लेने की प्रक्रिया शुरू करेगा। इस खनन एरिया की 69.39 हैक्टेयर चरागाह भूमि को भी वे राजस्व विभाग से एनओसी लेंगे। इसके बाद खनन शुरू होगा।<br /><br /><strong>यूरेनियम खास क्यों</strong><br />दुनिया में अभी चुनिंदा देशों कजाकिस्तान, कनाड़ा, ऑस्ट्रेलिया, रूस, नामीबिया, उज्बेकिस्तान, अमेरिका में ही यूरेनियम के भंडार हैं। भारत में केवल झारखंड के सिंहभूमि के जादूगोड़ा और आन्ध्र प्रदेश में ही यह उपलब्ध है। अब राजस्थान भी यूरेनियम खनन में शामिल हो रहा है। इसका उपयोग परमाणु ऊर्जा से बिजली बनाने, रक्षा उपकरण बनाने, दवाइयों में इसका खास रोल है। <br /><br />सीएम के निर्देश पर यूरेनियम खोज को गति दी गई। अब यूरेनियम कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया को एलओआई जारी हुई है। राजस्थान में इससे खनन क्षेत्र को नया माइलेज मिलेगा। यह प्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि है। -<strong>डॉ. सुबोध अग्रवाल, एसीएस, खान विभाग</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Jun 2022 12:20:21 +0530</pubDate>
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