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                <title>indian cinema - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>indian cinema RSS Feed</description>
                
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                <title>बॉलीवुड की वो अभिनेत्रियाँ, जिन्होंने अपने ‘लड़की होना’ को बनाई अपनी ताकत, जानें अभिनेत्रियों और उनसे जुड़े किरदारों के बारे में </title>
                                    <description><![CDATA[हिंदी सिनेमा में विद्या बालन, काजोल, रानी मुखर्जी, कंगना रनौत, आलिया भट्ट, दीपिका पादुकोण, प्रियंका चोपड़ा, तापसी पन्नू और जान्हवी कपूर जैसी अभिनेत्रियों ने सशक्त महिला किरदारों के जरिए ‘लड़की होना’ की परिभाषा बदली। इन कलाकारों ने संवेदनशीलता, आत्मनिर्भरता और साहस को ताकत के रूप में स्थापित कर महिला-केंद्रित सिनेमा को नई दिशा दी।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/movie-fun/those-bollywood-actresses-who-made-their-girlhood-their-strength-know/article-140615"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/1200-x-600-px)-(1200-x-600-px)-(4)26.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। हिंदी सिनेमा में एक समय था जब ‘लड़की होना’ सीमाओं और समझौतों से जुड़ा माना जाता था, लेकिन कुछ अभिनेत्रियाँ ऐसी रहीं, जिन्होंने अपने किरदारों, सोच और बेबाकी से यह परिभाषा ही बदल दी और यह साबित किया कि संवेदनशीलता कमजोरी नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, निर्णय लेने की क्षमता और साहस का ही दूसरा नाम है।</p>
<p>विद्या बालन ने यह मिथक तोड़ा कि हीरोइन बनने के लिए एक तय ढांचा जरूरी नहीं है। ‘कहानी’, ‘द डर्टी पिक्चर’ और ‘शेरनी’ जैसी फिल्मों में उन्होंने आत्मनिर्भर, मजबूत और सोचने वाली स्त्री को बिना किसी समझौते के केंद्र में रखा।</p>
<p>काजोल ने 90 के दशक में ही सशक्त महिला किरदारों को मुख्यधारा में जगह दिलाई। ‘दुश्मन’ और ‘फना’ जैसी फिल्मों में उनकी भावनात्मक ताकत और निर्णय लेने की क्षमता ने यह दिखाया कि मां, प्रेमिका या पत्नी, हर रूप में स्त्री मजबूत हो सकती है।</p>
<p>रानी मुखर्जी ने ‘ब्लैक’, ‘मर्दानी’ और ‘हिचकी’ जैसी फिल्मों में स्त्री शक्ति को नई परिभाषा दी। उनके किरदार नेतृत्व, करुणा और द्दढ़ संकल्प का प्रतीक बने, जहां ‘लड़की होना’ खुद में एक ताकत बनकर उभरा।</p>
<p>‘क्वीन’ से लेकर ‘तनु वेड्स मनु’ तक, कंगना रनौत ने ऐसी महिलाओं को परदे पर जिया, जो खुद अपनी जिंदगी की दिशा तय करती हैं। उनकी बेबाकी ने ‘लड़की होना’ को निडरता और आत्मनिर्भरता की पहचान दी।</p>
<p>‘धड़क’ से लेकर ‘गुंजन सक्सेना : द कारगिल गर्ल’ और ‘मिली’ जैसी फिल्मों में जान्हवी कपूर ने उन किरदारों को चुना जो भावनात्मक रूप से मजबूत हैं, डर से लड़ते हैं और हालात के आगे झुकते नहीं। ‘गुंजन सक्सेना’ में उन्होंने यह दिखाया कि एक लड़की का सपना आसमान छू सकता है, जबकि ‘मिली’ में सर्वाइवल और मानसिक द्दढ़ता को बेहद सादगी से पेश किया।</p>
<p>आलिया भट्ट ने कम उम्र में ही यह साबित कर दिया कि भावनात्मक गहराई भी एक बड़ी ताकत है। ‘हाईवे’, ‘राजी’ और ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ में उनके किरदार संवेदनशील होते हुए भी बेहद मजबूत नजर आते हैं।</p>
<p>दीपिका ने ‘छपाक’ और ‘पद्मावत’ जैसी फिल्मों के जरिए साहस, गरिमा और आत्मसम्मान की मिसाल पेश की। मानसिक स्वास्थ्य पर खुलकर बात कर, वे असल जिंदगी में भी लाखों लड़कियों के लिए सशक्त आवाज बनीं।</p>
<p>प्रियंका चोपड़ा ने भारतीय सिनेमा की सीमाओं से बाहर निकलकर ग्लोबल मंच पर अपनी जबरदस्त पहचान बनाई। साथ ही ‘मैरी कॉम’ जैसी फिल्म के जरिए यह भी दिखाया कि एक लड़की सपने देखने और उन्हें पूरा करने की पूरी हकदार है और वो चाहे तो कुछ भी कर सकती है।</p>
<p>‘पिंक’ और ‘थप्पड़’ जैसी फिल्मों में तापसी पन्नू ने उस स्त्री को आवाज दी, जो चुप नहीं रहती, सवाल करती है और अपने आत्मसम्मान के लिए खड़ी होती है।</p>
<p>इन सभी अभिनेत्रियों ने अपने-अपने दौर में यह साबित किया कि स्त्री को परिभाषित करने का हक सिर्फ उसी का है। ऐसे में आज हिंदी सिनेमा की महिला सिर्फ कहानी का हिस्सा नहीं, बल्कि कहानी की दिशा तय करने वाली शक्ति है, क्योंकि अब ‘लड़की होना’ कमजोरी नहीं, बल्कि ताकत है।</p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मूवी-मस्ती</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 23 Jan 2026 15:04:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मशहूर अभिनेता धर्मेंद्र के निधन पर जताया दु:ख</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बॉलीवुड अभिनेता धर्मेंद्र के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि भारतीय सिनेमा ने एक बहुमूल्य सितारा खो दिया है। पद्मभूषण सम्मानित धर्मेंद्र ने अपने अद्भुत अभिनय और सादगी से दर्शकों के दिलों पर अमिट छाप छोड़ी। खरगे ने परिवार और प्रशंसकों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/congress-president-mallikarjun-kharge-expressed-grief-over-the-demise-of/article-133470"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/kharge1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मशहूर बॉलीवुड अभिनेता धर्मेंद्र के निधन पर दुख जताया है। श्री खरगे ने सोशल मीडिया पर अपने पोस्ट में कहा, भारतीय फिल्म जगत ने आज एक बहुमूल्य सितारा खो दिया। वर्ष 2012 में पद्मभूषण से सम्मानित धर्मेंद्र ने दशकों तक सिनेमा प्रेमियों के दिलों पर राज किया और अपने अभूतपूर्व अभिनय तथा सादगीपूर्ण जीवन से एक गहरी छाप छोड़ी।</p>
<p>उन्होंने आगे कहा, मशहूर अभिनेता धर्मेंद्र अब हमारे बीच नहीं रहे। उनका निधन एक युग का अंत है। दु:ख की इस घड़ी में, मैं उनके परिवार और करोड़ों प्रशंसकों को गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूँ। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 24 Nov 2025 17:05:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title> Happy Birthday: ड्रीम गर्ल बनकर हेमा ने दर्शकों का जीता दिल, फिल्मी परदे से लेकर संसद तक का तय किया सफ़र </title>
                                    <description><![CDATA[ वर्ष 2000 में हेमा मालिनी पद्मश्री सम्मान से भी सम्मानित की गयीं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/movie-fun/%C2%A0happy-birthday-hema-won-the-hearts-of-the-audience-by-becoming-a-dream-girl--traveled-from-the-film-screen-to-the-parliament/article-93222"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-10/44427rtrer2.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। बॉलीवुड की जानी-मानी अभिनेत्री हेमा मालिनी आज 76 वर्ष की हो गयी। 16 अक्टूबर 1948 को तमिलनाडु के आमानकुंडी में जन्मीं हेमा मालिनी की मां जया चक्रवर्ती फिल्म निर्माता थीं। हेमा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा चेन्नई से पूरी की। वर्ष 1961 में हेमा मालिनी को एक लघु नाटक पांडव वनवासम में बतौर नर्तकी काम करने का अवसर मिला। वर्ष 1968 में हेमा मालिनी को सर्वप्रथम राजकपूर के साथ सपनों का सौदागर में काम करने का मौका मिला। फिल्म के प्रचार के दौरान हेमा मालिनी को ड्रीम गर्ल के रूप में प्रचारित किया गया। बदकिस्मती से फिल्म टिकट खिडकी पर असफल साबित हुई लेकिन अभिनेत्री के रूप में हेमा मालिनी को दर्शकों ने पसंद किया गया।</p>
<p>हेमा मालिनी को पहली सफलता वर्ष 1970 में प्रदर्शित फिल्म जॉनी मेरा नाम से हासिल हुयी। इसमें उनके साथ अभिनेता देवानंद मुख्य भूमिका में थे। फिल्म में हेमा और देवानंद की जोड़ी को दर्शकों ने सिर आंखों पर लिया और फिल्म सुपरहिट रही।इसके बाद रमेश सिप्पी की वर्ष 1971 में प्रदर्शित फिल्म अंदाज में भी हेमा मालिनी ने अपने अभिनय से दर्शको को मंत्रमुग्ध कर दिया। वर्ष 1972 में हेमा मालिनी को रमेश सिप्पी की ही फिल्म सीता और गीता में काम करने का अवसर मिला जो उनके सिने कैरियर के लिये मील का पत्थर साबित हुयी। इस फिल्म की सफलता के बाद वह शोहरत की बुंलदियों पर जा पहुंचीं। उन्हें इस फिल्म में दमदार अभिनय के लिये सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के फिल्म फेयर पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया।</p>
<p>हेमा मालिनी ने जब फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा ही था तब एक तमिल निर्देशक श्रीधर ने उन्हें अपनी फिल्म में काम देने से यह कहते हुए इन्कार कर दिया कि उनमें स्टार अपील नहीं है। बाद में सत्तर के दशक में इसी निर्माता.निर्देशक ने उनकी लोकप्रियता को भुनाने के लिए उन्हें लेकर 1973 में (गहरी चाल) फिल्म का निर्माण किया।सिल्वर स्क्रीन पर हेमा मालिनी की जोडी धर्मेन्द्र के साथ खूब जमी। यह फिल्मी जोडी सबसे पहले फिल्म शराफत से चर्चा में आई। वर्ष 1975 में प्रदर्शित फिल्म शोले में धर्मेन्द्र ने वीरू और हेमामालिनी ने बसंती की भूमिका में दर्शकों का भरपूर मनोंरजन किया। हेमा और धमेन्द्र की यह जोड़ी इतनी अधिक पसंद की गई कि धर्मेन्द्र की रील लाइफ की ड्रीम गर्ल, हेमामालिनी उनके रीयल लाइफ की ड्रीम गर्ल बन गईं। बाद में इस जोड़ी ने ड्रीम गर्ल, चरस, आसपास,  प्रतिज्ञा, राजा जानी, रजिया सुल्तान, अली बाबा चालीस चोर, बगावत, आतंक, द बर्निंग ट्रेन, दोस्त आदि फिल्मों में एक साथ काम किया।</p>
<p>सत्तर के दशक में हेमा मालिनी पर आरोप लगने लगे कि वह केवल ग्लैमर वाले किरदार ही निभा सकती हैं लेकिन उन्होंने खुशबू,किनारा, और मीरा जैसी फिल्मों में संजीदा किरदार निभाकर अपने आलोचकों का मुंह हमेशा के लिये बंद कर दिया ।इस दौरान हेमा मालिनी के सौंदर्य और अभिनयका जलवा छाया हुआ था।इसी को देखते हुये निर्माता प्रमोद चक्रवर्ती ने उन्हें लेकर फिल्म ड्रीम गर्ल का निर्माण तक कर दिया।</p>
<p>वर्ष 1990 में हेमा मालिनी ने छोटे पर्दे की ओर भी रूख किया और धारावाहिक नुपूर का निर्देशन भी किया। इसके बाद वर्ष 1992 में फिल्म अभिनेता शाहरूख खान को लेकर उन्होंने फिल्म दिल आशना है का निर्माण और निर्देशन किया ।वर्ष 1995 में उन्होंने छोटे पर्दे के लिये मोहिनी का निर्माण और निर्देशन किया। फिल्मों में कई भूमिकाएं निभाने के बाद हेमा मालिनी ने समाज सेवा के लिए राजनीति में प्रवेश किया। वर्ष 2000 में हेमा मालिनी पद्मश्री सम्मान से भी सम्मानित की गयीं। हेमा मालिनी ने अपने पांच दशक के सिने करयिर में लगभग 150 फिल्मों में काम किया। हेमा मालिनी मथुरा संसदीय सीट से भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव जीतकर तीसरी बार संसद पहुंची है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मूवी-मस्ती</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 16 Oct 2024 15:18:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>70th National Film Awards : ऋषभ शेट्टी बेस्ट एक्टर, अवॉर्ड मिलने पर बोले एआर रहमान - मुझे इस पर गर्व</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रीय राजधानी के विज्ञान भवन में 70वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में पुरस्कार प्रदान किए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/70th-national-film-awards/article-92660"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-10/4427rtrer14.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारतीय सिनेमा जगत के दिग्गज संगीतकार ए.आर. रहमान ने कहा है कि वह राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित किये जाने के लिये फिल्म निर्देशक मणिरत्नम और पूरी टीम के आभारी हैं। ए.आर: रहमान को मणिरत्नम निर्देशित फिल्म 'पोन्नियिन सेलवन: भाग 1' के लिये सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशक का पुरस्कार मिला। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रीय राजधानी के विज्ञान भवन में 70वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में एआर रहमान को प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किया।</p>
<p>पुरस्कार प्राप्त करने पर रहमान ने अपनी भावनाओं को मीडियकर्मियों के साथ साझा किया और कहा कि जब भी वह मणिरत्नम के साथ काम करते हैं तो यह उनके लिये विशेष होता है क्योंकि मणिरत्नम हर किसी में सर्वश्रेष्ठ लाते हैं। उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार विशेष है क्योंकि यह मेरा 7वां राष्ट्रीय पुरस्कार है। मेरा पहला राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मणिरत्नम के साथ फिल्म 'रोजा' के लिए था। यह फिल्म भी उनके साथ है। जब भी मैं उनके साथ काम करता हूं तो यह बहुत खास होता है, उन्हें सर्वश्रेष्ठ मिलता है। और चूंकि यह एक राष्ट्रीय पुरस्कार है, मुझे वास्तव में इस पर गर्व है।</p>
<p>पुरस्कार प्राप्त करने के रहमान ने अपने इंस्टाग्राम पर पुरस्कार समारोह का वीडियो साझा किया और लिखा कि पोन्नियिन सेलवन-भाग 1 के लिए 70वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशन पुरस्कार प्राप्त करने के लिए आभारी हूं। इस मान्यता से सम्मानित महसूस कर रहा हूं और इस महाकाव्य को जीवंत करने वाली अविश्वसनीय टीम के साथ इस क्षण को साझा करने के लिए आभारी हूं।</p>
<p><strong>ऋषभ शेट्टी ने कांतारा के लिये मिले राष्ट्रीय पुरस्कार को कर्नाटक के लोगों को समर्पित किया<br /></strong>दक्षिण भारतीय फिल्मों के जानेमाने अभिनेता ऋषभ शेट्टी ने कांतारा के लिये मिले राष्ट्रीय पुरस्कार को कर्नाटक के लोगों को समर्पित किया है।ऋषभ शेट्टी को फिल्म कांतारा के लिये सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार मिला है। राष्ट्रीय पुरस्कार जीतने पर ऋषभ शेट्टी ने खुशी जताई है। ऋषभ शेट्टी ने कहा कि यह मेरी पूरी टीम की वजह से संभव हो पाया है। मैं सिर्फ फ़िल्म का चेहरा हूं, यह सब उनकी कड़ी मेहनत की वजह से है। प्रोडक्शन हाउस, डीओपी, तकनीशियन, यह सब उनकी वजह से है। मैं कर्नाटक के लोगों को धन्यवाद देना चाहता हूं। मैं फ़िल्म कांतारा को मान्यता देने के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार पैनल को धन्यवाद देना चाहता हूं। लोगों ने इस फ़िल्म को हिट बनाया है, मैं बहुत खुश हूं। मैं इस जीत को कर्नाटक के लोगों को समर्पित करना चाहता हूं।</p>
<p>ऋषभ शेट्टी ने कहा कि हर फिल्म का प्रभाव होता है। हमारा उद्देश्य ऐसी फिल्में बनाना है जो समाज में बदलाव या प्रभाव लाएं। मैं दर्शकों का आभार व्यक्त करता हूं। राष्ट्रीय पुरस्कार एक कलाकार के लिए बहुत ही प्रतिष्ठित पुरस्कार है।</p>
<p><strong>'गुलमोहर' के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार पाना बड़ी उपलब्धि : मनोज वाजपेयी<br /></strong>बॉलीवुड अभिनेता मनोज वाजपेयी का कहना है कि फिल्म 'गुलमोहर'के लिये राष्ट्रीय पुरस्कार पाना उनके लिये बड़ी उपलब्धि है। 70वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में मनोज वाजपेयी को फिल्म गुलमोहर के लिये स्पेशल मेंशन पुरस्कार मिला है। राष्ट्रीय पुरस्कार जीतने पर मनोज बाजपेयी ने खुशी जताई और खुद को भाग्यशाली कहा।</p>
<p>उन्होंने कहा कि अच्छा महसूस कर रहा हूं। क्योंकि नेशनल अवॉर्ड समारोह जैसी जगह पर आकर, एक ऐसी छोटी सी फिल्म जिस तरह से अपनी उपस्थिति दर्ज कराती है तो ये अपने आपमें बहुत बड़ी बात है हमारे लिए। 'शर्मिला टैगोर जी हमारे साथ थीं शूटिंग के समय। उनका आशीर्वाद हमेशा साथ रहा। मुझे हमेशा लगता था कि जिस तरह की फिल्म गुलमोहर है, उसे वो मुकाम अब तक हासिल नहीं हुआ जो होना चाहिए। ठीक उसी समय ये अच्छी खबर मिलती है कि गुलमोहर को तीन नेशनल अवॉर्ड मिले हैं। इससे बड़ी खुशी हमलोगों के लिए हो नहीं सकती थी।</p>
<p>मनोज वाजपेयी ने कहा कि मैं सम्मानित महसूस कर रहा हूं। मैं सारा श्रेय खुद नहीं ले सकता। मैं अपने निर्देशक का शुक्रिया अदा करता हूं, जिन्होंने मुझे यह फिल्म ऑफर की और मेरे साथ काम करने वाले सभी लोगों, सभी सह-कलाकारों का जिन्होंने मेरे काम का समर्थन किया। मैं अपने दर्शकों का भी धन्यवाद करता हूं, जिन्होंने मुझे प्यार दिया।</p>
<p><strong>पिता मुकेश गौतम को पहला राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिलने पर यामी गौतम ने जतायी खुशी<br /></strong>बॉलीवुड अभिनेत्री यामी गौतम ने अपने पिता और फिल्म निर्माता मुकेश गौतम को पहला राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिलने पर खुशी जाहिर की है।  यामी गौतम के पिता मुकेश गौतम को उनकी फिल्म बागी दी धी के लिए 70वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ पंजाबी फिल्म का पुरस्कार मिला है। यामी गौतम ने इंस्टाग्राम पर अपने पिता के लिए एक भावुक पोस्ट शेयर किया है।</p>
<p>यामी गौतम इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सकीं, लेकिन उन्होंने अपने पिता को पुरस्कार लेते हुए देखने के इस खास पल को कैद कर लिया और अपने इंस्टाग्राम पर क्लिप पोस्ट कर दी। टेलीविजन पर समारोह देख रही यामी ने लाइव टेलीकास्ट की तस्वीरें साझा कीं। उन्होंने कहा कि अपने पिता को मंच पर देखकर वह बहुत भावुक हो गईं, साथ ही उन्होंने कहा कि उन्हें अपने पिता पर बहुत गर्व है। </p>
<p>यामी गौतम ने लिखा, यह बहुत भावुक पल था, क्योंकि मेरे पिता मुकेश गौतम को उनकी फिल्म बागी दी धी के लिए निर्देशक के रूप में पहला राष्ट्रीय पुरस्कार मिला। भावनाओं को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। मुझे उनकी बेटी होने पर गर्व है। मेरे पिता का यहां तक का सफर मेरे द्वारा देखे गए सबसे कठिन सफरों में से एक रहा है, फिर भी यह उन्हें काम के प्रति उनकी मेहनत और नैतिकता में अपार ईमानदारी से नहीं रोक सका। आपके परिवार को आप पर गर्व है, पापा।</p>
<p><strong>फिल्म ऊंचाई ने मुझे नई ऊंचाईयों पर पहुंचाया : सूरज बडज़ात्या<br /></strong>बॉलीवुड के जानेमाने फिल्मकार सूरज बडज़ात्या का कहना है कि फिल्म उंचाई ने उन्हें नई ऊंचाईयों पर पहुंचाया है। सूरज बडज़ात्या को फिल्म उंचाई के लिये सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का पुरस्कार मिला है। राष्ट्रीय पुरस्कार जीतने पर सूरज बडज़ात्या ने खुशी जताई है।</p>
<p>सूरज बडज़ात्या ने कहा कि ऊंचाई उस तरह की फिल्म नहीं थी, जिसकी लोग मुझसे उम्मीद करते थे। इसमें मेरे पिछले कामों जैसी भव्यता नहीं थी, लेकिन यह विषय मेरे दिल से आया था। मैंने उंचाई को नहीं चुना बल्कि ऊंचाई ने मुझे चुना। यह पुरस्कार उस यात्रा की सही पराकाष्ठा है। इस फ़िल्म ने मुझे शाब्दिक और रचनात्मक दोनों तरह से नई ऊंचाइयों पर पहुँचाया। ऊंचाई के निर्माण के दौरान मेरी पूरी कास्ट मेरी रीढ़ थी। मुझ पर और फिल्म पर उनका विश्वास और ऐसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों को सहने की, उनकी इच्छा ने,इस यात्रा को अविस्मरणीय बना दिया।मैंने अभी तक काम पूरा नहीं किया है कहने के लिए और भी कई कहानियाँ हैं और पहुँचने के लिए और भी कई ऊंचाईयां हैं। मैं यह पुरस्कार राजश्री प्रोडक्शंस को समर्पित करता हूं, जो अपनी 75वीं वर्षगांठ मना रहा है।</p>
<p><strong>मुर्मु से राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार पाकर सम्मानित महसूस कर रही हूं: नीना गुप्ता<br /></strong>बॉलीवुड की अनुभवी अभिनेत्री नीना गुप्ता ने कहा है कि राष्ट्रपति से राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार पाकर वह सम्मानित महसूस कर रही हैं। नीना गुप्ता को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री का पुरस्कार प्रदान किया। नीना गुप्ता को यह पुरस्कार फिल्म ऊंचाई में उनकी सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री की भूमिका निभाने के लिये दिया गया। पुरस्कार प्राप्त करने के बाद नीना गुप्ता ने इंस्टाग्राम पर नेशनल अवॉर्ड्स 2024 में अपनी बड़ी जीत की जानकारी दी। </p>
<p>उन्होंने तस्वीरें साझा करते हुये लिखा कि भारत की माननीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से अपना चौथा राष्ट्रीय पुरस्कार पाकर सम्मानित महसूस कर रही हूं।</p>
<p>इस अवसर पर  बेहद आकर्षक दिख रहीं नीना गुप्ता ने गुलाबी साड़ी पहन रखी थी, जो उन पर बहुत जच रही थी। </p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>मूवी-मस्ती</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 09 Oct 2024 15:46:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Devra-Part 1: Jr. NTR का दिखा क्रेज़, वीकेंड में जमकर की कमाई</title>
                                    <description><![CDATA[फिल्म ने तीन दिनों में बॉक्स ऑफिस पर धुआंधार कलेक्शन किया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/movie-fun/devra-part-1-jr-ntr-craze-shows-huge-earnings-in-the/article-91975"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-08/devra.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। मैन ऑफ मासेस जूनियर एनटीआर की फिल्म देवरा-पार्ट 1 ने अपने पहले वीकेंड के दौरान भारतीय बाजार में 160 करोड़ रूपये से अधिक की कमाई कर ली है।</p>
<p>निर्देशक कोराटाला शिवा की एक्शन थ्रिलर फिल्म 'देवरा-पार्ट 1' लंबे समय से सुर्खियों में रही। जूनियर एनटीआर, जाह्नवी कपूर और सैफ अली खान की फिल्म 'देवरा-पार्ट 1' 27 सितंबर को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज की गई है। जूनियर एनटीआर 6 साल के लंबे इंतजार के बाद अपनी सोलो फिल्म के जरिए एक बार फिर से छा गए हैं। इस फिल्म में जूनियर एनटीआर डबल रोल में हैं। इस फिल्म ने तीन दिनों में बॉक्स ऑफिस पर धुआंधार कलेक्शन किया है।</p>
<p>सैकनिल्क की रिपोर्ट के अनुसार, फिल्म देवरा पार्ट 1 ने पहले दिन 82.5 करोड़ दूसरे दिन 38.2 करोड़ और तीसरे दिन 39.9 करोड़ रूपये की शानदार कमाई की है। इस तरह देवरा पार्ट 1 भारतीय बाजार में अपने पहले वीकेंड के दौरान तीन दिनों 160.6 करोड़ रूपये की शानदार कमाई कर चुकी है। उम्मीद जताई जा रही है कि यह फिल्म जल्द ही भारतीय बॉक्स ऑफिस पर 200 करोड़ का आंकड़ा पार कर लेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मूवी-मस्ती</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 30 Sep 2024 14:21:32 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>'ऊं अंटावार' गाने से नेशनल क्रश बनी सामंथा रूथ प्रभु, अब जीता सबसे लोकप्रिय महिला फिल्म स्टार का टाइटल</title>
                                    <description><![CDATA[सामंथा रूथ प्रभु जल्द ही सिटाडेल: हनी बनी में नज़र आएंगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/movie-fun/samantha-ruth-prabhu-who-became-a-national-crush-with-the/article-91429"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/samantha-ruth-prabhu.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। दक्षिण भारतीय फिल्मों की जानीमानी अभिनेत्री सामंथा रूथ प्रभु ने भारत में सबसे लोकप्रिय महिला फिल्म स्टार का खिताब अपने नाम कर लिया है। ऑरमैक्स की एक रिपोर्ट के अनुसार सामंथा रूथ प्रभु ने आलिया भट्ट, दीपिका पादुकोण, नयनतारा और श्रद्धा कपूर को पीछे छोड़ते हुए 'भारत में सबसे लोकप्रिय महिला फिल्म स्टार' का खिताब अपने नाम कर लिया है।</p>
<p>ब्लॉकबस्टर फिल्म पुष्पा के सुपरहिट गाना 'ऊं अंटावा' से नेशनल क्रश बनीं सामंथा जहां पहले स्थान पर हैं, वहीं आलिया भट्ट दूसरे स्थान पर हैं।इस सूची में दीपिका पादुकोण, नयनतारा, काजल अग्रवाल, श्रद्धा कपूर, त्रिशा, कैटरीना कैफ, रश्मिका मंदाना और कियारा आडवाणी शामिल हैं।सामंथा के प्रशंसक यह देखकर उत्साहित हैं कि वह सूची में शीर्ष पर हैं। सामंथा रूथ प्रभु जल्द ही सिटाडेल: हनी बनी में नज़र आएंगी। उन्होंने रक्त ब्रह्मांड की शूटिंग भी शुरू कर दी है। इसे राही अनिल बर्वे ने निर्देशित किया है और राज और डीके ने इसे बनाया है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मूवी-मस्ती</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 Sep 2024 13:00:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>फिल्म लापता लेडीज़ भारत में प्रशंसा बटोरने के बाद अब जापान में होगी रिलीज़</title>
                                    <description><![CDATA[निर्देशक किरण राव  ने कहा कि इसे जापान ले जाना एक रोमांचक अगला अध्याय है, और इसे संभव बनाने में उनका उत्साह और समर्थन महत्वपूर्ण रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/movie-fun/after-garnering-praise-in-india-the-film-missing-ladies-will/article-90883"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/lapata-ladies.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। जियो स्टूडियोज की फिल्म लापता लेडीज जापान में 04 अक्टूबर को रिलीज होगी। मार्च 2024 में रिलीज हुई फिल्म लापता लेडिज सिनेमाघरों में आकर्षित करने तथा ओटीटी पर दर्शकों से प्यार और प्रशंसा बटोरने में सफल हुई थी। अब यह फिल्म जापान में दर्शकों को लुभाने के लिए तैयार है, जिसकी रिलीज 04 अक्टूबर, 2024 को निर्धारित है।</p>
<p>यह फिल्म, एक ही ट्रेन में अलग हो जाने वाली दो युवा दुल्हनों के बारे में हल्की फुल्की एक मनोरंजक कॉमेडी है। नितांशी गोयल, प्रतिभा रांटा, स्पर्श श्रीवास्तव और रवि किशन अभिनीत, लापता लेडीज जापानी  दर्शकों को हसाने और मनोरंजक कहानी से मंत्रमुग्ध करने के लिए तैयार है।</p>
<p>निर्देशक किरण राव जापान से प्रतिक्रियाओं का बेसब्री से इंतजार कर रही हैं। अपनी खुशी को साझा करते हुए, उन्होंने कहा कि मैं रोमांचित हूँ कि लापता लेडीज़ जापान में रिलीज़ हो रही है। मैं जापानी सिनेमा की प्रशंसक रही हूं, मुझे हमेशा जापानी संस्कृति में गहरी दिलचस्पी रही है, और मुझे उम्मीद है कि फिल्म का भावनात्मक सार जापानी दर्शकों के साथ वैसा ही जुड़ेगा जैसा कि हमारे साथ था। यह रिलीज़ फिल्म के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है और यह दर्शाता है की कैसे यह सिनेमा कहानियों और भावनाओं के माध्यम से संस्कृतियों को कैसे जोड़ सकता है। मेरे दिल के इतने करीब रही इस फिल्म को नए दर्शकों तक पहुँचते देखना सपने से कम नहीं। मैं फिल्म की वैश्विक पहुँच बढ़ाने के लिए जियो स्टूडियोज और आमिर खान प्रोडक्शंस की आभारी हूँ। इसे जापान ले जाना एक रोमांचक अगला अध्याय है, और इसे संभव बनाने में उनका उत्साह और समर्थन महत्वपूर्ण रहा है।</p>
<p>जियो स्टूडियोज द्वारा प्रस्तुत, लापता लेडीज़ किरण राव द्वारा निर्देशित और आमिर खान, किरण राव और ज्योति देशपांडे द्वारा निर्मित है। यह फिल्म आमिर खान प्रोडक्शंस और किंडलिंग प्रोडक्शंस के बैनर तले बनाई गई है, जिसकी पटकथा बिप्लब गोस्वामी की एक पुरस्कार विजेता कहानी पर आधारित है। पटकथा और संवाद स्नेहा देसाई द्वारा लिखे गए हैं, जबकि अतिरिक्त संवाद दिव्यनिधि शर्मा द्वारा लिखे गए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मूवी-मस्ती</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 18 Sep 2024 15:49:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>Birth Anniversary: जन्म के समय पिता मीना को अनाथालय छोड़ आये थे</title>
                                    <description><![CDATA[अपने संजीदा अभिनय से दर्शकों के दिल पर राज करने वाली मीना कुमारी 31 मार्च 1972 को अलविदा कह गयी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/movie-fun/birth-anniversary-father-left-meena-at-the-orphanage-at-the/article-86534"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/ocean-blue-minimalist-holiday-beach-photo-collage-(630-x-400-px).png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। अपने दमदार और संजीदा अभिनय से सिने प्रेमियों के दिलों पर राज करने वाली ट्रेजडी क्वीन मीना कुमारी को उनके पिता अनाथालय छोड़ आए थे।</p>
<p>एक अगस्त 1932 का दिन था। मुंबई में एक क्लीनिक के बाहर मास्टर अली बक्श नाम के एक शख्स बड़ी बेसब्री से अपनी तीसरी औलाद के जन्म का इंतजार कर रहे थे। दो बेटियों के जन्म लेने के बाद वह इस बात की दुआ कर रहे थे कि अल्लाह इस बार बेटे का मुंह दिखा दे, तभी अंदर से बेटी होने की खबर आयी तो वह माथा पकड़ कर बैठ गये। मास्टर अली बख्श ने तय किया कि वह बच्ची को घर नहीं ले जायेंगे और वह बच्ची को अनाथालय छोड़ आये लेकिन बाद में उनकी पत्नी के आंसुओं ने बच्ची को अनाथालय से घर लाने के लिये उन्हें मजबूर कर दिया। बच्ची का चांद सा माथा देखकर उसकी मां ने उसका नाम रखा माहजबीं। बाद में यही माहजबीं फिल्म इंडस्ट्री में मीना कुमारी के नाम से मशहूर हुई।</p>
<p>वर्ष 1939 में बतौर बाल कलाकार मीना कुमारी को विजय भटृ की लेदरफेस में काम करने का मौका मिला। वर्ष 1952 मे मीना कुमारी को विजय भटृ के निर्देशन में ही बैजू बावरा मे काम करने का मौका मिला। फिल्म की सफलता के बाद मीना कुमारी बतौर अभिनेत्री फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाने मे सफल हो गई। वर्ष 1952 मे मीना कुमारी ने फिल्म निर्देशक कमाल अमरोही के साथ शादी कर ली।वर्ष 1962 मीना कुमारी के सिने कैरियर का अहम पड़ाव साबित हुआ। इस वर्ष उनकी आरती,मै चुप रहूंगी और साहिब बीबी और गुलाम जैसी फिल्में प्रदर्शित हुई। इसके साथ हीं इन फिल्मों के लिये वह सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के फिल्म फेयर पुरस्कार के लिये नामित की गई। यह फिल्म फेयर के इतिहास में पहला ऐसा मौका था जहां एक अभिनेत्री को फिल्म फेयर के तीन नोमिनेशन मिले थे।</p>
<p>वर्ष 1964 में मीना कुमारी और कमाल अमरोही की विवाहित जिंदगी मे दरार आ गई। इसके बाद मीना कुमारी और कमाल अमरोही अलग अलग रहने लगे। कमाल अमरोही की फिल्म पाकीजा के निर्माण में लगभग चौदह वर्ष लग गए। कमाल अमरोही से अलग होने के बावजूद मीना कुमारी ने शूटिंग जारी रखी क्योंकि उनका मानना था कि पाकिजा जैसी फिल्मों में काम करने का मौका बार बार नहीं मिल पाता है। मीना कुमारी के करियर में उनकी जोड़ी अशोक कुमार के साथ काफी पसंद की गई। मीना कुमारी को उनके बेहतरीन अभिनय के लिये चार बार फिल्म फेयर के सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के पुरस्कार से नवाजा गया है। इनमें बैजू बावरा,परिणीता,साहिब बीबी और गुलाम और काजल शामिल है।</p>
<p>मीना कुमारी यदि अभिनेत्री नहीं होती तो शायर के रूप में अपनी पहचान बनाती। हिंदी फिल्मों के जाने माने गीतकार और शायर गुलजार से एक बार मीना कुमारी ने कहा था , ये जो एक्टिग मैं करती हूं उसमें एक कमी है, ये फन, ये आर्ट मुझसे नही जन्मा है ख्याल दूसरे का किरदार किसी का और निर्देशन किसी का। मेरे अंदर से जो जन्मा है, वह लिखती हूं जो मैं कहना चाहती हूं वह लिखती हूं। मीना कुमारी ने अपनी वसीयत में अपनी कविताएं छपवाने का जिम्मा गुलजार को दिया जिसे उन्होंने नाज.. उपनाम से छपवाया। सदा तन्हा रहने वाली मीना कुमारी ने अपनी रचित एक गजल के जरिये अपनी जिंदगी का नजरिया पेश किया है।</p>
<p>चांद तन्हा है आसमां तन्हा<br />दिल मिला है कहां कहां तन्हा<br />राह देखा करेगा सदियों तक<br />छोड़ जायेगें ये जहां तन्हा</p>
<p>अपने संजीदा अभिनय से दर्शकों के दिल पर राज करने वाली मीना कुमारी 31 मार्च 1972 को अलविदा कह गयी। मीना कुमारी के करियर की अन्य उल्लेखनीय फिल्में है.. आजाद, एक हीं रास्ता, यहूदी, दिल अपना और प्रीत पराई, कोहीनूर, दिल एक मंदिर, चित्रलेखा, फूल और पत्थर, बहूबेगम, शारदा, बंदिश, भींगी रात, जवाब, दुश्मन आदि।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मूवी-मस्ती</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 01 Aug 2024 16:25:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>IMDB की लिस्ट में तृप्ति डिमरी टॉप पर</title>
                                    <description><![CDATA[तृप्ति डिमरी को उनके उल्लेखनीय अभिनय के लिए तारीफ और व्यावसायिक स्तर पर अपार प्रशंसा मिल रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/movie-fun/trupti-dimri-on-top-in-imdb-list/article-86409"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-02/tripti-dimri.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। बॉलीवुड अभिनेत्री तृप्ति डिमरी ने आईएमडीबी की लिस्ट में टॉप स्थान प्राप्त कर लिया है। तृप्ति डिमरी ने एक और उपलब्धि हासिल कर अपने नाम एक और उपलब्धि दर्ज कर ली है। तृप्ति ने जुलाई के लिए आईएमडीबी की सबसे लोकप्रिय भारतीय हस्तियों की लिस्ट में टॉप स्थान प्राप्त किया है। इस सप्ताह लिस्ट में टॉप पर रहीं तृप्ति डिमरी को उनके उल्लेखनीय अभिनय के लिए तारीफ और व्यावसायिक स्तर पर अपार प्रशंसा मिल रही है।</p>
<p> तृप्ति को हाल ही में आनंद तिवारी की फिल्म बैड न्यू•ा में विक्की कौशल और एमी विर्क के साथ देखा गया था। फिल्म में तृप्ति ने सलोनी बग्गा का किरदार निभाया था, जो एक महत्वाकांक्षी शेफ है जो प्यार और साथ की एक मजेदार स्थिति में फंस जाती है। यह तृप्ति की कॉमेडी शैली में पहली फिल्म भी थी, और वह निश्चित रूप से इसमें सफल रही हैं।</p>
<p>  तृप्ति डिमरी की फिल्म राजकुमार राव के साथ विक्की विद्या का वो वाला वीडियो, कार्तिक आर्यन के साथ भूल भुलैया 3 और सिद्धांत चतुवेर्दी के साथ धड़क 2 में दिखाई देंगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मूवी-मस्ती</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 31 Jul 2024 15:34:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>1100 करोड़ के क्लब में शामिल हुई कल्कि 2898 एडी</title>
                                    <description><![CDATA[ फिल्म की कहानी और विजुअल इफेक्ट्स ने भी दर्शकों को काफी प्रभावित किया। फिल्म भारत ही नहीं विदेश में भी अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं। यह फिल्म ताबड़तोड़ कमाई के साथ हर दिन नए रिकॉर्ड बना रही है।   ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/movie-fun/kalki-joins-the-1100-crore-club-2898-ad/article-85931"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/kalki1.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। फिल्म कल्कि 2898 एडी 1100 करोड़ के क्लब में शामिल हो गयी है। नाग अश्विन द्वारा निर्देशित, कल्कि 2898 एडी में अमिताभ बच्चन, कमल हसन, प्रभास, दीपिका पादुकोण और दिशा पाटनी सहित कई शानदार कलाकार हैं। वैजयंती मूवीज द्वारा निर्मित यह फिल्म 27 जून दुनिया भर के सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी।</p>
<p>रिलीज के साथ ही कल्कि 2898 एडी ने बॉक्स ऑफिस पर अपनी धाक जमाई।  क्रिटिक्स और ऑडियंस की तरफ से कल्कि 2989 एडी को पॉजिटिव रिस्पॉन्स मिला है। फिल्म की कहानी और विजुअल इफेक्ट्स ने भी दर्शकों को काफी प्रभावित किया। फिल्म भारत ही नहीं विदेश में भी अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं। यह फिल्म ताबड़तोड़ कमाई के साथ हर दिन नए रिकॉर्ड बना रही है।   </p>
<p>फिल्म कल्कि 2898 एडी ने वर्ल्डवाइड ग्रास 1100 करोड़ रूपये से अधिक की कमाई कर ली है। वर्ल्डवाइड 1100 करोड़ क्लब का हिस्सा बनने वाली 'कल्कि 2898 एडी' 6वीं भारतीय फिल्म बन गई है। इससे पहले 'दंगल', 'बाहुबली 2', 'आरआरआर', 'केजीएफ चैप्टर 2', और 'जवान' भी वर्ल्डवाइड 1100 करोड़ से अधिक की कमाई कर चुकी है।</p>
<p>कल्कि 2898 एडी के निर्माता वैजयंती मूवीज ने एक्स पर घोषणा की कि फिल्म ने 1100 करोड़ से अधिक की कमाई की है। क्लाइमेक्स के एक महत्वपूर्ण दृश्य में प्रभास और दीपिका पादुकोण का पोस्टर साझा करते हुए उन्होंने लिखा, बॉक्स ऑफिस पर एक शानदार घटना 1100 करोड़ और गिनती जारी है। कल्कि 2898 एडी ने 5वें सप्ताह में भी अपनी शानदार कमाई जारी रखी है।</p>
<p><img src="https://dainiknavajyoti.com/admin/post/post/" alt=""></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मूवी-मस्ती</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 26 Jul 2024 14:27:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>फिल्म जगत की ब्यूटी क्वीन थी नसीम बानो</title>
                                    <description><![CDATA[ लगभग चार दशक तक सिने प्रेमियों को अपनी दिलकश अदाओं से दीवाना बनाने वाली अद्धितीय सुंदरी नसीम बानो 18 जून 2002 को इस दुनिया से रूखसत हो गयी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/movie-fun/naseem-bano-was-the-beauty-queen-of-the-film-world/article-83663"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/naseem-bano.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। भारतीय सिनेमा जगत में अपनी दिलकश अदाओं से दर्शको को दीवाना बनाने वाली ना जाने कितनी अभिनेत्री हुयी, लेकिन चालीस के दशक में एक ऐसी अभिनेत्री भी हुयी जिसे ब्यूटी क्वीन कहा जाता था और आज के सिने प्रेमी उसे नहीं जानते वह थी नसीम बानो।</p>
<p>04 जुलाई 1916 को जन्मी नसीम बानो की परवरिश शाही ढ़ंग से हुयी थी और वह स्कूल पढ़ने के लिये पालकी से जाती थी। नसीम बानो की सुंदरता का अंदाज इस बात से लगाया जा सकता है कि उसे किसी की नजर ना लगे। इसलिये उसे पर्दे में रखा जाता था। फिल्म जगत में नसीब बानो का प्रवेश संयोगवश हुआ। एक बार नसीम बानो अपनी स्कूल की छुटियों के दौरान अपनी मां के साथ फिल्म सिल्वर किंग की शूटिंग देखने गयी। फिल्म की शूटिंग को देखकर नसीम बानो मंत्रमुग्ध हो गयी और उन्होंने निश्चय किया कि वह बतौर अभिनेत्री अपने सिने करियर बनायेगी।इधर स्टूडियों में नसीम बानो की सुंदरता को देख कई फिल्मकारो ने नसीम बानो के सामने फिल्म अभिनेत्री बनने का प्रस्ताव रखा, लेकिन उनकी मां ने यह कहकर सारे प्रस्ताव ठुकरा दिये कि नसीम अभी बच्ची है साथ ही नसीम की मां नसीम को अभिनेत्री नहीं डॉक्टर बनाना चाहती थी।</p>
<p>इसी दौरान फिल्म निर्माता सोहराब मोदी ने अपनी फिल्म हैमलेट के लिये बतौर अभिनेत्री नसीम बानो को काम करने के लिये प्रस्ताव रखा, लेकिन इस बार भी नसीम बानो की मां ने इंकार कर दिया। लेकिन इस बार नसीम बानो अपनी जिद पर अड़ गयी कि उसे अभिनेत्री बनना ही है इतना ही नहीं नसीम ने अपनी बात मनवाने के लिये भूख हड़ताल भी कर दी। बाद में नसीम की मां को नसीम बानो की जिद के आगे झुकना पड़ा और उन्होंने नसीम को इस शर्त पर काम करने की इजाजत दे दी कि वह केवल स्कूल की छुट्टियों के दिन फिल्मों मे अभिनय करेगी। वर्ष 1935 में जब फिल्म हैमलेट प्रदर्शित हुयी तो वह सुपरहिट हुयी, लेकिन दर्शको को फिल्म से अधिक पसंद आयी नसीम बानो की अदाकारी और सुंदरता। फिल्म हैमलेट की कामयाबी के बाद नसीम बानो की ख्याति पूरे देश में फैल गयी। सभी फिल्मकार नसीम को अपनी फिल्म में काम करने की गुजारिश करने लगे। इन सब बातों को देखते हुये नसीम बानो ने स्कूल छोड़ दिया और खुद को सदा के लिये फिल्म इंडस्ट्री को समर्पित कर दिया।</p>
<p>फिल्म हैमलेट के बाद नसीम बानो की जो दूसरी फिल्म प्रदर्शित हुयी वह थी खान बहादुर फिल्म के प्रचार के दौरान नसीम बानो को ब्यूटी क्वीन के रूप में प्रचारित किया गया। फिल्म ब्यूटी क्वीन भी सुपरहिट साबित हुयी। इसके बाद नसीम बानो की एक के बाद डायवोर्स, मीठा जहर और वासंती जैसी कामयाब फिल्में प्रदर्शित हुयी।</p>
<p>वर्ष 1939 में प्रदर्शित फिल्म पुकार नसीम बानो के सिने करियर की अहम फिल्म साबित हुयी। फिल्म में चंद्रमोहन सम्राट जहांगीर की भूमिका में थे, जबकि नसीम बानो ने नूरजहां की भूमिका निभायी थी। ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर बनी फिल्म में नसीम बानो ने अपने सारे गाने खुद ही गाये थे और इसके लिये उन्हें लगभग दो वर्ष तक रियाज करना पड़ा था। नसीम बानो का गाया यह गीत 'जिंदगी का साज भी क्या साज है' आज भी श्रोताओं के बीच लोकप्रिय है।</p>
<p>फिल्म पुकार में नसीम बानो को परी चेहरा के रूप में प्रचारित किया गया। फिल्म पुकार की सफलता के बाद नसीम बानो बतौर अभिनेत्री शोहरत की बुलंदियों पर जा पहुंची। इसके बाद नसीम बानो ने जितनी भी फिल्में की वह सफल रही और सभी फिल्म में उनके दमदार अभिनय को दर्शको द्वारा सराहा गया। इस बीच नसीम बानो ने चुनौतीपूर्ण भूमिका निभानी शुरू कर दी। इसी क्रम में नसीम बानो ने फिल्म शीश महल में एक जमींदार की स्वाभिमानी लड़की की भूमिका को भावपूर्ण तरीके से रूपहले पर्दे पर पेश किया। इसके अलावा फिल्म उजाला में उन्होंने रंगमंच की अभिनेत्री की भूमिका निभायी, जिसे शास्त्रीय नृत्य और संगीत पसंद है। इसके बाद नसीम बानो ने बेताब, चल चल रे नौजवान, बेगम, चांदनी रात, मुलाकातें, बागी जैसी सुपरहिट फिल्मों के जरिये सिने प्रेमियों का मन मोहे रखा।</p>
<p>साठ के दशक में प्रदर्शित फिल्म अजीब लड़की बतौर अभिनेत्री नसीम बानो के सिने करियर की अंतिम फिल्म थी। इस फिल्म के बाद नसीम बानो ने अपने सफलतापूर्वक चल रहे सिने करियर से संयास ले लिया। इसकी मुख्य वजह यह रही कि उस समय उनकी पुत्री सायरा बानो फिल्म इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाने के लिये संघर्ष कर रही थी और अपनी बेटी से नसीम बानो अपनी तुलना नहीं करना चाहती थी। इसलिये नसीम बानो ने निश्चय किया कि वह अपनी बेटी के सिने करियर को सजाने संवारने के लिये के लिये अब काम करेगी।</p>
<p>साठ और सत्तर के दशक में नसीम बानो ने बतौर ड्रेस डिजायनर फिल्म इंडस्ट्री में काम करना शुरू कर दिया। अपनी पुत्री सायरा बानो की अधिकांश फिल्मों मे ड्रेस डिजायन नसीम बानो ने ही किया। इन फिल्मों में अप्रैल फूल, पड़ोसन, झुक गया आसमान, पूरब और पश्चिम, ज्वार भाटा, विक्टोरिया नंबर 203, पॉकेटमार, चैताली, बैराग और काला आदमी शामिल है। लगभग चार दशक तक सिने प्रेमियों को अपनी दिलकश अदाओं से दीवाना बनाने वाली अद्धितीय सुंदरी नसीम बानो 18 जून 2002 को इस दुनिया से रूखसत हो गयी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मूवी-मस्ती</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 04 Jul 2024 17:11:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>दमदार अभिनय से दर्शकों के दिलों पर राज किया राजकुमार ने</title>
                                    <description><![CDATA[चार दशक तक दर्शकों के दिल पर राज करने वाले महान अभिनेता राजकुमार 3 जुलाई 1996 को इस दुनिया को अलविदा कह गये।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/movie-fun/rajkumar-ruled-the-hearts-of-the-audience-with-his-powerful/article-83525"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/u1rer-(2)5.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। संवाद अदायगी के बेताज बादशाह कुलभूषण पंडित उर्फ राजकुमार का नाम फिल्म जगत की आकाश गंगा में ऐसे धुव्रतारे की तरह है,जिन्होंने अपने दमदार अभिनय से दर्शकों के दिलों पर राज किया।</p>
<p>राजकुमार का जन्म पाकिस्तान के ब्लूचिस्तान प्रांत में आठ अक्तूबर 1926 को एक मध्यम वर्गीय कश्मीरी बाह्मण परिवार में हुआ था। स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद राजकुमार मुंबई के माहिम पुलिस स्टेशन में बतौर सब इंस्पेक्टर काम करने लगे। राजकुमार मुंबई के जिस थाने में कार्यरत थे वहां अक्सर फिल्म उद्योग से जुड़े लोगों का आना-जाना लगा रहता था। एक बार पुलिस स्टेशन में फिल्म निर्माता कुछ जरूरी काम के लिए आए हुए थे और वह राजकुमार के बातचीत करने के अंदाज से काफी प्रभावित हुए। और उन्होंने राजकुमार से अपनी फिल्म 'शाही बाजार' में अभिनेता के रूप में काम करने की पेशकश की। राजकुमार सिपाही की बात सुनकर पहले ही अभिनेता बनने का मन बना चुके थे। इसलिए उन्होंने तुरंत ही अपनी सब इंस्पेक्टर की नौकरी से इस्तीफा दे दिया और निर्माता की पेशकश स्वीकार कर ली।</p>
<p>शाही बाजार को बनने में काफी समय लग गया और राजकुमार को अपना जीवनयापन करना भी मुश्किल हो गया। इसलिए उन्होंने वर्ष 1952 में प्रदर्शित फिल्म 'रंगीली' में एक छोटी सी भूमिका स्वीकार कर ली। यह फिल्म सिनेमा घरों में कब लगी और कब चली गयी। यह पता ही नहीं चला। इस बीच उनकी फिल्म 'शाही बाजार' भी प्रदर्शित हुई। जो बॉक्स ऑफिस पर औंधे मुंह गिरी। शाही बाजार की असफलता के बाद राजकुमार के तमाम रिश्तेदार यह कहने लगे कि तुम्हारा चेहरा फिल्म के लिये उपयुक्त नहीं है। और कुछ लोग कहने लगे कि तुम खलनायक बन सकते हो।</p>
<p>वर्ष 1952 से 1957 तक राजकुमार फिल्म इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाने के लिए संघर्ष करते रहे। 'रंगीली' के बाद उन्हें जो भी भूमिका मिली राजकुमार उसे स्वीकार करते चले गए। इस बीच उन्होंने 'अनमोल', 'सहारा', 'अवसर', 'घमंड', 'नीलमणि' और 'कृष्ण सुदामा' जैसी कई फिल्मों में अभिनय किया लेकिन इनमें से कोई भी फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं हुई। महबूब खान की वर्ष 1957 में प्रदर्शित फिल्म 'मदर इंडिया' में राजकुमार गांव के एक किसान की छोटी सी भूमिका में दिखाई दिए। हालांकि यह फिल्म पूरी तरह अभिनेत्री नर्गिस पर केन्द्रित थी। फिर भी वह अपने अभिनय की छाप छोडऩे में कामयाब रहे। इस फिल्म में उनके दमदार अभिनय के लिए उन्हें अंतर्राष्ट्रीय ख्याति भी मिली और फिल्म की सफलता के बाद वह अभिनेता के रूप में फिल्म इंडस्ट्री में स्थापित हो गए।</p>
<p>वर्ष 1959 में प्रदर्शित फिल्म 'पैगाम' में उनके सामने हिन्दी फिल्म जगत के अभिनय सम्राट दिलीप कुमार थे, लेकिन राज कुमार यहां भी अपनी सशक्त भूमिका के जरिये दर्शकों की वाहवाही लूटने में सफल रहे। इसके बाद 'दिल अपना' और 'प्रीत पराई', 'घराना', 'गोदान', 'दिल एक मंदिर' और 'दूज का चांद' जैसी फिल्मों मे मिली कामयाबी के जरिये वह दर्शकों के बीच अपने अभिनय की धाक जमाते हुए ऐसी स्थिति में पहुंच गए जहां वह अपनी भूमिकाएं स्वयं चुन सकते थे। वर्ष 1965 में प्रदर्शित फिल्म 'काजल' की जबरदस्त कामयाबी के बाद राजकुमार ने अभिनेता के रूप में अपनी अलग पहचान बना ली। बी.आर .चोपड़ा की 1965 में प्रदर्शित फिल्म 'वक्त' में अपने लाजवाब अभिनय से वह एक बार फिर से दर्शक का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने में सफल रहे। फिल्म में राजकुमार का बोला गया एक संवाद 'चिनाई सेठ, जिनके घर शीशे के बने होते हैं, वो दूसरों के घर पे पत्थर नहीं फेंका करते' या 'चिनाई सेठ ये छुरी बच्चों के खेलने की चीज नहीं, हाथ कट जाये तो खून निकल आता है' दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय हुए।</p>
<p>'वक्त' की कामयाबी से राजकुमार शोहरत की बुंलदियों पर जा पहुंचे। इसके बाद उन्होंने 'हमराज', 'नीलकमल', 'मेरे हुजूर', 'हीर रांझा' और 'पाकीजा' में रूमानी भूमिकाएं स्वीकार कीं. जो उनके फिल्मी चरित्र से मेल नहीं खाती थीं। कमाल अमरोही की फिल्म 'पाकीजा' पूरी तरह से मीना कुमारी पर केन्द्रित फिल्म थी। इसके बावजूद राजकुमार ने अपने सशक्त अभिनय के दम पर दर्शकों की वाहवाही लूटी। पाकीजा में उनका एक संवाद 'आपके पांव देखे बहुत हसीन हैं इन्हें जमीन पर मत उतारियेगा, मैले हो जायेगें' इस कदर लोकप्रिय हुआ कि लोग गाहे बगाहे उनके संवाद की नकल करने लगे। वर्ष 1978 में प्रदर्शित फिल्म 'कर्मयोगी' में राज कुमार के अभिनय और विविधता के नए आयाम दर्शकों को देखने को मिले। इस फिल्म में उन्होंने दो अलग-अलग भूमिकाओं में अपने अभिनय की छाप छोड़ी।</p>
<p>अभिनय में एकरूपता से बचने और स्वयं को चरित्र अभिनेता के रूप में भी स्थापित करने के लिए उन्होंने स्वयं को विभिन्न भूमिकाओं में पेश किया। इस क्रम में 1980 में प्रदर्शित फिल्म 'बुलंदी' में वह चरित्र भूमिका निभाने से भी नहीं हिचके। इस फिल्म में भी उन्होंने दर्शकों का मन मोहे रखा। वर्ष 1991 में प्रदर्शित फिल्म 'सौदागर' में राजकुमार के अभिनय के नए आयाम देखने को मिले। सुभाष घई की निर्मित इस फिल्म में राजकुमार 1959 में प्रदर्शित फिल्म 'पैगाम' के बाद दूसरी बार दिलीप कुमार के सामने थे और अभिनय की दुनिया के इन दोनों महारथियों का टकराव देखने लायक था। नब्बे के दशक में राजकुमार ने फिल्मों मे काम करना काफी कम कर दिया। इस दौरान उनकी 'तिरंगा', 'पुलिस और मुजिरम, 'इंसानियत के देवता, बेताज बादशाह, जवाब, गॉड और गन जैसी फिल्में प्रदर्शित हुयीं।</p>
<p>नितांत अकेले रहने वाले राजकुमार ने शायद यह महसूस कर लिया था कि मौत उनके काफी करीब है। इसीलिए अपने पुत्र पुरू राजकुमार को उन्होंने अपने पास बुला लिया और कहा ''देखो मौत और जिंदगी इंसान का निजी मामला होता है। मेरी मौत के बारे में मेरे मित्र चेतन आनंद के अलावा और किसी को नहीं बताना। मेरा अंतिम संस्कार करने के बाद ही फिल्म उद्योग को सूचित करना। 'अपने संजीदा अभिनय से लगभग चार दशक तक दर्शकों के दिल पर राज करने वाले महान अभिनेता राजकुमार 3 जुलाई 1996 को इस दुनिया को अलविदा कह गये।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मूवी-मस्ती</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Jul 2024 15:17:24 +0530</pubDate>
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