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                <title>असर खबर का : केडीए ने शुरु किया सड़क मरम्मत का काम</title>
                                    <description><![CDATA[अन्य स्थानों पर हो रहे गड्ढ़ों पर भी पेचवर्क किया जाएगा।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news--kda-begins-road-repair-work/article-160561"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/1200-x-600-px)89.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। बरसात शुरु होने से पहले ही कोटा विकास प्राधिकरण ने खस्ताहाल सड़कों की मरम्मत का काम शुरु कर दिया है।शहर में कई मुख्य सड़कें ऐसी हैं जो बरसात से पहले ही खस्ताहाल हो गई है। कई जगह पर सड़कों में बड़े-बड़े गड्ढ़े हो रहे हैं तो कहीं सड़क का डामर व सीसी ही उखड़ा हुआ है। जिससे अभी वाहन चालकों को इन गड्ढ़ों पर हिचकोले खाते हुए निकलना पड़ रहा है। जिससे वाहनों के असंतुलित होकर हादसे होने का खतरा बना हुआ है। ऐसे में बरसात शुरु होने पर उन गड्ढ़ों में पानी भरने पर उनकी गहराई का पता नहीं चलने से हादसे होने का खतरा अधिक बना हुआ है।इसे देखते हुए कोटा विकास प्राधिकरण की ओर से सड़कों के पेचवर्क व मरम्मत का काम मंगलवार को शुरु कर दिया है।</p>
<p>केडीए की ओर से सरोवर टॉकीज के सामने स्थित मंदिर के पीछे व तालाब किनारे की सड़क को सही करने का काम शुरु कर दिया है। केडीए की ओर से सरोवर पार्किंग के सामने से ही रास्ता बंद कर ट्रैफिक को डायवर्ट किया गया है। वहीं सरोवर टॉकीज मोड से वाहनों को डायवर्ट किया गया है। केडीए की ओर से सड़क की खुदाई कर उसे नई सड़क बनाई जा रही है। जिससे बरसात के समय में वाहन चालकों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।<br />इसके अलावा भी अन्य स्थानों पर हो रहे गड्ढ़ों पर भी पेचवर्क किया जाएगा। जिसमें अभय कमांड सेंटर से दादाबाड़ी रोटरी के बीच स्थित एलबीएस मार्ग पर हो रहे गड्ढ़ों और दादाबाड़ी छोटा चौराहा स्थित गड्ढ़ों को भी सही किया जाएगा।</p>
<p><strong>नवज्योति ने किया था मामला प्रकाशित</strong><br />गौरतलब है कि शहर में कई सड़कों पर हो रहे गड्ढ़ों व उनसे लोगों को होने वाली परेशानी का मामला दैनिक नवज्योति ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। समाचार पत्र में 20 जून को पेज 4 पर' बरसात से पहले ही सड़कों का हुआ बुरा हाल शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। इसमें सरोवर टॉकीज के सामने मंदिर के पीछे की बदहाल सड़क समेत अन्य स्थानों की सड़कों के बारे में बताया गया था। इनके कारण वाहन चालकों को होने वाली परेशानी को भी उजागर किया था। इसके बाद 8 जुलाई को पेज 8 पर' गड्ढणे और मवेशी, बरसात में खतरा शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें भी सड़कों की बदहाल स्थिति को उजागर किया था। इसके बाद कोटा विकास प्राधिकरण की ओर से इन सड़कों की मरम्मत का काम शुरु कर दिया गया है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Jul 2026 14:27:20 +0530</pubDate>
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                <title>6 करोड़ की लागत से तैयार मोर्चरी, अब 40 लाख के काम से अटकी</title>
                                    <description><![CDATA[बाहरी कामों व रास्ते के लिए अभी एक महीने से ज्यादा का लग सकता है समय ।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/state-of-the-art-morgue--built-at-a-cost-of-6-crore--stalled-due-to-pending-work-worth-40-lakh/article-157730"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/1200-x-600-px)-(1)1.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा विकास प्राधिकरण (केडीए) की लेट-लतीफी के चलते स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत संभाग के सबसे बड़े एमबीएस अस्पताल में बनी अत्याधुनिक मोर्चरी का काम अधरझूल में अटका हुआ है। लगभग 6 करोड़ रुपये की लागत से हाड़ौती की सबसे आधुनिक मोर्चरी बनकर पूरी तरह तैयार है, लेकिन बाहरी निर्माण कार्यों के अटके होने से इसका लाभ मेडिकल स्टूडेंट्स और आमजन को नहीं मिल पा रहा है। वर्तमान में अस्पताल की पुरानी मोर्चरी में कई बार ज्यादा शव होने के कारण मृतकों के परिजनों को पोस्टमार्टम के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है।</p>
<p><strong>यह काम बाकी, लिखे पत्र अब 40 लाख मंजूर</strong><br />अस्पताल प्रशासन की ओर से केडीए को काम जल्द पूरा करने के लिए पत्र भी भेजा जा चुका है। नई मोर्चरी में अभी एप्रोच रोड का काम बाकी है, जिससे शवों को लाने-ले जाने के लिए ट्रॉली और स्ट्रेचर आसानी से आ सकें। इसके अलावा बाहर रेलिंग व सड़क का निर्माण होना है। इन बाहरी कामों के लिए केडीए द्वारा अलग से 40 लाख रुपये का टेंडर जारी किया गया था, जिसमें से पाइपलाइन शिफ्टिंग का काम तो पूरा हो चुका है, लेकिन सड़क और रेलिंग का काम अभी भी बाकी है। ठेकेदार फर्म ने इसके लिए 50 दिन का समय मांगा था, जिसमें से 15 दिन गुजर चुके हैं।</p>
<p><strong>छात्र देख सकेंगे लाइव पोस्टमार्टम</strong><br />केडीए ने इस मॉडर्न मोर्चरी को पोस्टमार्टम के साथ-साथ मेडिकल स्टूडेंट्स की पढ़ाई को ध्यान में रखकर तैयार किया है। इसके ऊपर एक सेंट्रल एसी डेमोंस्ट्रेशन रूम बनाया गया है, जहां बड़ी एलईडी स्क्रीन, सीसीटीवी, इंटरनेट और वाई-फाई की सुविधा है। यहाँ दो टेबल पर एक साथ पोस्टमार्टम के दौरान लगभग 75 छात्र लाइव एनाटॉमी देख सकेंगे। शवों को ऊपर लाने के लिए लिफ्ट की व्यवस्था की गई है। इस नई मोर्चरी में एक साथ 15 से 20 शवों को सुरक्षित रखने की आधुनिक व्यवस्था है, जबकि खराब हो चुके शवों के लिए अलग आउटर रूम बनाया गया है।</p>
<p><strong>1418 फीट का कूलिंग चैंबर</strong><br />मोर्चरी में पुराना रेफ्रिजरेटर सिस्टम हटाकर 1418 फीट का पूरा कमरा ही कूलिंग चैंबर के रूप में तैयार किया गया है। अब शवों को रेफ्रिजरेटर की स्लाइडिंग रेक में डालने और निकालने के लिए 2 से 4 लोगों की जरूरत नहीं पड़ेगी, बल्कि सीधे स्ट्रेचर सहित बॉडी को कमरे में रख दिया जाएगा। इससे लेबर की भी बचत होगी। विभाग के अध्यक्ष डॉ. अशोक मूंदड़ा ने बताया कि कूलिंग चैंबर को ठंडा रखने के लिए दो अलग-अलग यूनिट लगाई गई हैं, जो अभी अपनी आधी क्षमता पर काम कर रही हैं। यदि तकनीकी खराबी से एक यूनिट बंद भी हो जाए, तो दूसरी यूनिट लगातार काम करती रहेगी, जिससे शवों को कोई नुकसान नहीं होगा।</p>
<p><strong>परिजनों और पुलिस के लिए भी बेहतर सुविधाएं</strong><br />नई मोर्चरी में चिकित्सकों व स्टूडेंट्स के लिए अलग-अलग कक्ष, मृतकों के परिजनों के बैठने की सुव्यवस्थित जगह, ठंडे पानी के लिए वाटर कूलर, वाहन पार्किंग और पुलिसकर्मियों के बैठने के लिए अलग से व्यवस्था की गई है। पोस्टमार्टम विभाग के अध्यक्ष ने बताया कि यहाँ सुबह 8 से 2 और दोपहर बाद दो पारियों में डॉक्टरों की ड्यूटी तय की गई है। सरकारी नियमानुसार सूर्यास्त के बाद पोस्टमार्टम नहीं होता, इसलिए रात को आने वाले शवों का पोस्टमार्टम सुबह ही किया जाएगा। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, काम जल्दी पूरा कराने के लिए डेली मॉनिटरिंग की जा रही है और ठेकेदार फर्म के साथ लगातार कॉर्डिनेशन जारी है ताकि इसे जल्द से जल्द शुरू किया जा सके।</p>
<p>आधुनिक मोर्चरी तकनीकी व मेडिकली रूप से तैयार हो गई थी, बाहर के कुुछ काम बाकी रह गए थे। इनके लिए अभी केडीए ने टेण्ड़र जारी किया था जिसके बाद काम शुरू हो गया है। अब जल्दी ही यह शुरू हो जाएगी।<br /><strong>-डॉ. अशोक मून्दड़ा, विभागाध्यक्ष</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 14:40:49 +0530</pubDate>
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                <title>बदहाली का शिकार हुआ करोड़ों का अंडरपास, हादसों का भी बढ़ा खतरा</title>
                                    <description><![CDATA[गोबरिया बावड़ी चौराहे पर अंडरपास का निर्माण करीब 5 साल पहले हुआ था।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/multi-crore-underpass-falls-into-a-state-of-disrepair/article-157729"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/1200-x-600-px)-(2)2.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर के बीच से निकल रहे झालावाड़ रोड हाइवे पर करोड़ों की लागत से बना गोबरिया बावड़ी अंडरपास बदहाली का शिकार हो रहा है। यह अंडरपास अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। इसकी नालियों से लोहे की जाली और दीवारों से सजावटी लाइटें तक गायब हो गई है। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय में तत्कालीन नगर विकास न्यास द्वारा करीब 25 से 30 करोड़ रुपए की लागत से गोबरिया बावड़ी चौराहे पर अंडरपास का निर्माण कराया गया था। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत बने इस अंडरपास से एरोड्राम से अनंतपुरा की तरफ वाहनों का आवागमन आसानी से हो रहा है। वहीं इस चौराहे पर इस तरह से अंडरपास बनाया गया है जिससे इंडस्ट्रीयल एरिया से नए कोटा शहर में भी वाहनों का आवागमन आसानी से हो सके। कोरोना काल में करीब 5 साल पहले बना यह अंडरपास आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है।</p>
<p>सरकार व केडीए की ओर से शहर को ट्रैफिक सिग्नल फ्री बनाने की दिशा में यह एक बेहतर प्रयास किया गया। शहर वासियों के साथ ही इस हाइवे से निकलने वाले वाहनों का आवागमन सुविधा जनक हो सके। लेकिन कुछ असामाजिक तत्वों व नशा करने वालों को यह रास नहीं आया। अंडरपास से वाहनों के साथ ही यहां बरसात के समय पानी नहीं भरे इसके लिए नालियां भी बनाई गई। उन नालियों को लोहे की जालियों से ढका गया। जिससे उन नालियों में कचरा व गंदगी नहीं जा सके। साथ ही वाहनों को भी परेशानी नहीं हो। लेकिन हालत यह है कि अंडरपास के दोनों तरफ एरोड्राम से अनंतपुरा जाने वाले व अनंतपुरा से एरोड्राम आने वाले रास्ते पर आधे से अधिक हिस्से की नालियों की जालियां गायब हो गई है। कई जगह पर तो टुकड़ों में बीच-बीच से जालियां चोरी हो गई है।</p>
<p><strong>कचरे से अटी, पत्थर भी टूटे</strong><br />हालत यह है कि नालियों की जाली चोरी करने वाले असामाजिक तत्वों व नशेडिय़ों ने उन जालियों को इस तरह से चोरी किया कि उन्हें उखाडऩे के लिए उसके आस-पास के पत्थर तक उखड़े हुए हैं। पूरी नालियां क्षतिग्रस्त हो गई है। साथ ही नालियां खुली होने से ये कचरे से अटी पड़ी हैं। इनकी हालत देखने से ऐसा लग रहा है मानो बरसों से इनकी सफाई ही नहीं हुई हो। मानसून सीजन शुरु होने वाला है। ऐसे में अंडरपास की नालियों से पानी की निकासी नहीं होने पर यहां पानी भरने और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।</p>
<p><strong>हादसों का भी बढ़ा खतरा</strong><br />इधर नालियों के बीच-बीच में उनकी सफाई के लिए जोड़ भी छोड़े गए थे। लेकिन उन्हें भी लोहे की जालियों से ढका गया था। हालत यह है कि उन जोड़ तक के ढकान से लोहे की जालियां गायब हो गई। जिससे इन जोड़ का बड़े-बड़े हिस्से खुले पड़े हैं। कई जगह पर तो उनमें लोगों ने गद्दे, कपड़े व अन्य कचरा तक भरा हुआ है। ये जोड़ खुले होने से अचानक व तेज गति से आने वाले वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने से इनमें गिरने पर बड़ा हादसा होने का खतरा बना हुआ है।</p>
<p><strong>सजावटी लाइटें गायब होने से अंधेरा</strong><br />नालियां ही नहीं अंडरपास के दोनों तरफ दीवारों पर लगाई गई सजावटी लाइटों में से कई लाइटें गायब हो गई है। उन लाइटों को चोरी करने के लिए लगाए गए फ्रेम तक तोड़ दिए हैं। वहीं दीवारों पर लाइटों की चमक के लिए लगाए गए फ्रेम तक की हालत खराब हो रही है। विशेष रूप से अनंतपुरा से एरोड्राम जाने वाले रास्ते पर अंडरपास के मुहाने की हालत अधिक खराब हो रही है। लाइटें गायब होने से यहां रात के समय अंधेरा तक रहने लगा है।</p>
<p><strong>सुरक्षा के हो इंतजाम</strong><br />लोगों का कहना है कि केडीए की ओर से करोड़ों रुपए खर्च कर शहर में आमजन व वाहन चालकों की सुविधा के लिए बेहतर चीज बनाई है। लेकिन लोग उसे नुकसान पहुंचा रहे हैं। अनंतपुरा निवासी मोहम्मद रईस खान का कहना है कि केडीए ने काम अच्छा कराया है। शुरुआत में यहां सुरक्षा के लिए गार्ड भी लगाए थे। लेकिन सरकार बदलने के बाद गार्ड हट गए। जिससे नशेडिय़ों व चोरों को मौका मिल गया। नशे की एक पुडिय़ा के लिए व असामाजिक तत्वों द्वारा नुकसान पहुंचाने का मौका मिल गया। ऐसे में केडीए को यहां सुरक्षा के इंतजाम करने चाहिए।</p>
<p>विज्ञान नगर निवासी विवेक नायक का कहना है कि लोगों को समझना होगा कि शहर में जो भी काम हो रहे हैं वह जनता के पैसे से ही हो रहे है। उनकी सुरक्षा करना सभी की जिम्मेदारी है। लेकिन चीज की कद्र करने वाले कम और नुकसान पहुंचाने वाले लोग अधिक हैं। जो चीज एक बार बन गई उसे दोबारा बनाना मुश्किल है। लेकिन जो नुकसान हुआ है उसे सही करवाने के साथ ही यहां सुरक्षा के लिए गार्ड व सीसीटीवी कैमरे भी लगाने चाहिए।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />शहर में छावनी व विज्ञान नगर फ्लाई ओवर से लाइटें चोरी होने की शिकायत मिल रही थी। इस पर संबंधित थानों में रिपोर्ट दी है। गोबरिया बावड़ी अंडरपास से जाली व लाइटें चोरी होने की रिपोर्ट एसपी को दे रखी है। वहीं एक रिपोर्ट संबंधित थाने में भी दे देंगे। जिससे वहां चोरी करने वालों पर निगाह रखी जा सके। साथ ही केडीए की ओर से भी यहां गार्ड लगाए जाएंगे।<br /><strong>- मुकेश कुमार चौधरी, सचिव केडीए</strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 14:39:07 +0530</pubDate>
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                <title>असर का खबर - नाला निर्माण का तेज हुआ काम</title>
                                    <description><![CDATA[पिछले दिनों नाले को खोदकर खुला छोड़ दिया गया था। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-report-%E2%80%93-work-on-drain-construction-accelerated/article-157553"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/111200-x-600-px)-(6)8.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। बसंत विहार क्षेत्र में चल रहे नाले का निर्माण कार्य तेज हो गया है। नाले को सीसी बनाने के लिए सरियों को ढकने का काम किया जा रहा है। कोटा विकास प्राधिकरण की ओर से बसंत विहार क्षेत्र में नाला निर्माण का काम किया जा रहा है। इसके लिए पिछले दिनों नाले को खोदकर खुला छोड़ दिया गया था। जिससे कई घरों के आगे ऐसी स्थिति हो गई थी कि लोग घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे थे। घरों के आगे लकड़ी के पाटे लगाकर वाहन निकलना पड़ रहा है। जिससे कभी भी हादसा होने का खतरा बना हुआ है।</p>
<p><strong>नवज्योति ने किया था मामला प्रकाशित</strong><br />गौरतलब है कि बसंत विहार में नाला निर्माण के दौरान उसे खुला व अधूरा छोडऩे का मामला दैनिक नवज्योति ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। समाचार पत्र में 16 जून के अंक में पेज 7 पर 'हादसे के बाद भी नहीं चेता प्रशासन' शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें नाला निर्माण के दौरान उसे अधूरा छोडऩे से स्थानीय लोगों को हो रही पीड़ा को उजागर किया था। समाचार प्रकाशित होने के बाद केडीए अधिकारी व संवेदक सक्रिय हुए। उसके बाद नाला निर्माण के काम में तेजी से काम शुरु किया गया।</p>
<p>स्थानीय निवासी अरविंद विजय ने बताया कि एक साथ कई श्रमिक आकर काम कर रहे हैं। नाले में लगे सरियों को कवर करने का काम किया गया। जिस तरह से काम किया जा रहा है। उससे स्पष्ट है कि नाला जल्दी ही बनकर तैयार हो जाएगा। जिससे लोगों की परेशानी कम होने के साथ ही हादसों का खतरा भी नहीं रहेगा।</p>
<p>इधर केडीए अधिकारियों का कहना है कि संवेदक को निर्देश दिए हुए हैं कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा के पूरे इंतजाम किए जाएं। साथ ही काम ऐसे किया जाए जिससे लोगों को परेशानी नहीं हो। बसंत विहार में नाले का काम तेजी से किया जा रहा है। शीघ्र ही काम पूरा हो जाएगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 20 Jun 2026 14:15:36 +0530</pubDate>
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                <title>दो पल के सुकून का मिटा दिया नामो-निशां, जानें पूरा मामला </title>
                                    <description><![CDATA[यह कैसा सिविक सैंस: सड़क किनारे फुटपाथ पर लगाई अधिकतर बैंचे हुई गायब।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/all-traces-of-a-peaceful-respite-have-been-wiped-out/article-156884"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/111200-x-600-px)-(5)8.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। तत्कालीन नगर विकास न्यास(केडीए) की ओर से राहगीरों की सुविधा के लिए सड़क किनारे फïुटपाथ पर लगाई गई लकड़ी की अधिकतर बैंचे गायब हो गई है। हालत यह है कि बैंचों को चोरी करने वालों ने उनके नामो निशां तक मिटा दिए हैं। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय में तत्कालीन नगर विकास न्यास की ओर से शहर में विकास व सौन्दर्यीकरण के कार्य करवाए गए थे। जिसके तहत चौराहों व मुख्य मार्गों पर भी आमजन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जहां रोशनी के लिए डेकोरेटिव लाइटें लगाई थी। वहीं राहगीरों को कुछ समय आराम से बैठने के लिए फुटपाथ पर लकड़ी की बैंचे भी लगाई थी। जिनका फ्रेम लोहे का था। स्टेशन रोड पर सर्किट हाउस से सूचना केन्द्र व राजकीय महाविद्यालय के सामने से होते हुए आकाशवाणी कॉलोनी मुख्य मार्ग से बड़ तिराहे तक और किशोर सागर तालाब के किनारे समेत कई जगह पर ऐसी दर्जनों बैंच लगाई गई थी। जिन पर उस समय लाखों रुपए खर्च किए गए थे।</p>
<p><strong>धीरे-धीरे हुई दुर्दशा</strong><br />इन बैंचों को लोहे की एंगल से जमीन में गाड़कर फिïक्स किया गया था। जिससे कोई इन्हें नुकसान नहीं पहुंचा सके। लेकिन इनके लगने के कुछ समय तक तो ये सभी रही। लोगों ने इन बैंचों पर दोनों तरफ बैठने का आनंद भी लिया। तालाब किनारे तो लोग इन बैंच पर बैठकर पानी की लहरों, फव्वारों व तालाब में तैरे घोड़ों तक का आनंद लेते रहे हैं। कुछ समय तक तो ये बैंचे सही रही। लेकिन समय के साथ धीरे-धीरे इनकी दुर्दशा होने लगी। सबसे पहले तालाब किनारे लगी बैंचों के पहले एक दो लकड़ी के पाटे गायब हुए। फिर उनकी एंगल गायब हुई। कई जगह से तो आधी बैंच गायब हुई। लेकिन इस पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। नतीजा रह रहा है कि शहर का मुख्य व व्यस्ततम मार्ग होने के बावजूद स्टेशन रोड पर सर्किट हाउस से बड़ तिराहे तक और केएसटी के फुटपाथ पर लगी सभी बैंचें फ्रेम समेत जड़ से ही गायब हो गई हैं। इन्हें चोरी करने वालों ने इनके नामों निशां तक मिटा दिए हैं। जिससे पहले इन बैंचों पर बैठने का आनंद ले चुके लोग तक हैरान हैं।</p>
<p><strong>अनदेखी के चलते हुए जनता के धन की हुई बर्बादी</strong><br />लोगों का कहना है कि कोटा विकास प्राधिकरण ने तो शहर वासियों को बैठने व कुछ देर आराम करने की सुविधा दी थी। जिससे सुबह के समय गार्डन में सैर करने आने वाले लोग तक इन बैंचों पर बैठने का आनंद लेते थे। लेकिन शुरुआत में इनकी दुर्दशा होने पर ही ध्यान नहीं दिया गया। जिससे अनदेखी के चलते जनता की कमाई से खर्च किए गए लाखों रुपए बर्बाद हो गए।</p>
<p>आकाशवाणी कॉलोनी निवासी महेश शर्मा ने बताया कि नगर निगम व कोटा विकास प्राधिकरण लोगों की सुविधा पर व शहर को सुनदर बनाने पर लाखों-करोड़ों रुपए खर्च कर रहा है। लेकिन लोग विशेष रूप से असामाजिक तत्व व स्मैकची इन्हें नुकसान पहुंचा रहे हैं।</p>
<p>नयापुरा निवासी लालचंद नागर ने बताया कि उन्होंने इन बैंचों पर कई बार बैठकर आराम किया है। लेकिन अब वे नजर ही नहीं आ रही है। पुलिस व प्रशासन को चाहिए कि सीसीटीवी कैमरों के आधार पर सरकारी सप्ति को नुकसान पहुंचाने वालों का पता लगाकर उन्हें दंडित किया जाए। साथ ही उनके नाम सार्वजनिक किए जाएं। जिससे लोगों को पता चले कि आखिर ऐसा कौन कर रहे हैं।</p>
<p><strong>कई बार पुलिस को दी शिकायत</strong><br />कोटा विकास प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि सरकारी सम्पति को विशेष रूप से लोहे की रैलिंग,डेकोरेटिव लाइटें व बिजली की केबल समेत अन्य को चोरी व नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस अधिकारियों को कई बार लिखित शिकायत दी जा चुकी है। लेकिन अभी तक किसी के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। जिससे ऐसा करने वालों को हौंसले बुलंद हो रहे हैं।</p>
<p><strong>अधिकारियों ने साधी चुप्पी</strong><br />शहर के मुख्य मार्गों व फुटपाथ पर लगाई गई बैंचों के गायब होने के बारे में जब केडीए अधिकारियों से बात करनी चाहिए तो किसी ने भी स्पष्ट जानकारी नहीं दी। सभी ने इस संबंध में चुप्पी साध ली।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 15:29:00 +0530</pubDate>
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                <title>अब एआई जला रहा कोटा की  रोड लाइट्स</title>
                                    <description><![CDATA[सूर्यास्त होते ही जलती हैं और सूर्योदय के साथ ही बंद हो रही लाइटें।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/now--ai-powers-kota-s-streetlights/article-155645"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/ab-ai-jala-rha-kota-ki-road-lights...kota-news-01.06.2026.jpg.jpeg" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर में अभी तक जहां कई जगह पर रात को अंधेरा होने पर भी रोड लाइटें नहीं जलती थी और सुबह दिन निकलने के बावजूद बंद नहीं होती थी। वहीं अब ऐसा नहीं होगा। वरन् सूर्यास्त होते ही रोड लाइटें स्वत:जलने लगी हैं और सूर्योदय के साथ ही लाइटें बंद हो रही है। यह सभव हुआ है एआई बेस्ड बिजली पैनल से। शहर में नगर निगम और कोटा विकास प्राधिकरण की ओर से हजारों रोड लाइटें लगाई हुई है। केडीए की ओर से अधिकतर मुख्य मार्गों पर और केडीए एरिया में लाइटें लगाई गई है। जबकि नगर निगम की ओर से वार्डों के अंदरूनी इलाकों में लाइटें लगाई गई है।</p>
<p>हमेशा से रोड लाइटों को मेनुअल ही संचालित किया जा रहा था। जिसमें शाम होने से पहले कर्मचारी लाइटों के पैनल चालू करते थे और सुबह होने के बाद पैनल बंद करते थे। जिससे कई बार अंधेरा होने के बाद तक भी लाइटें चालू नहीं होती थी और दिन निकलने के बाद भी लाइटें जलती रहती थी। जिससे बिजली की खपत अधिक हो रही थी और लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इसके बाद टाइमर वाले पैनल से लाइटों को जोड़ा गया। जिससे भी काफी समय से लाइटें सही चली लेकिन बाद में इसमें भी समस्या होने लगी।</p>
<p><strong>अब सनराइज व सनसैट से हो रहे पैनल संचालित</strong><br />कोटा विकास प्राधिकरण की ओर से शहर में मुख्य मार्गों पर अधिकतर डेकोरेटिव लाइटें लगाई गई है। वहीं अधिकतर लाइटें एलईडी कर दी गई है। जिससे बिजली की बचत तो की जा रही है। साथ ही बिजली के पैनल को भी एआई बेस्ड किया गया है। जिसे सनराइज व सनसैट से जोड़ा गया है। अब रोजाना ऑनलाइन सनसैट होने पर रोड लाइटें जल रही हैं और सनराइज होने पर लाइटें बंद हो रही हैं।</p>
<p><strong>94 पैनल जुड़े, 250 जुडऩे हैं</strong><br />केडीए के अधिशाषी अभियंता(विद्युत) ललित कुमार मीणा ने बताया कि केडीए की ओर से रोड लाइटों के पैनल को एआई बेस्ड बनाया गया है। अभी तक 94 पैनल तो जुड़ चुके हैं। जिससे 5 हजार डेकोरेटिव समेत करीब 9 हजार लाइटें एआई बेस्ड पैनल से संचालित हो रही है। जबकि करीब 250 पैनल जोडऩे हैं। जिससे मुख्य मार्गों के साथ ही केडीए की सभी लाइटें इससे कनेक्ट हो जाएंगी।</p>
<p><strong>यह हो रहा फायदा</strong><br />एक्सईएन ललित मीणा ने बताया कि एआई बेस्ड पैनल से संचालित हो रही रोड लाइटों से एक तो समय पर सभी लाइटें जल रही हैं और समय पर ही बंद हो रही हैं। इससे मेनुअल चालू बंद करने में लगने वाले समय की समस्या समाप्त हो गई है। वहीं दिन के समय अनावश्यक रूप से जलने वाली लाइटों से अधिक हो रही बिजली की खपत की भी बचत हो रही है। साथ ही लोगों को भी परेशानी नहीं हो रही। अब शाम को सूर्यास्त होते ही स्वत: लाइटें जल रही हैं और सुबह सूर्योदय होते ही लाइटें बंद हो रही है।</p>
<p><strong>ऑनलाइन हो रही मॉनिटरिंग</strong><br />ललित मीणा ने बताया कि रोड लाइटों के जलने व बंद होने की प्रक्रिया की ऑनलाइन ही मॉनिटरिंग की जा रही है। संबंधित अधिकारी व कर्मचारी द्वारा लाइटों के चालू बंद होने की जानकारी ऑनलाइन की जा रही है। जिससे यदि कहीं लाइटों के जलने व बंद होने की समस्या आती है तो उसका पता चल जाता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 01 Jun 2026 15:35:17 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का... सड़क सीमा में निकाले सभी दरवाजे किए बंद</title>
                                    <description><![CDATA[ थर्मल की दीवार तोड़कर कुछ लोगों ने सड़क सीमा की ओर अवैध अतिक्रमण कर दरवाजे निकाल लिए थे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-report----all-doorways-opened-within-road-limits-have-been-sealed/article-155027"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)-(2)75.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। सकतपुरा से नांता तिराहे के बीच नहर के समानांतर रोड पर थर्मल की दीवार तोड़कर सड़क सीमा में निकाले गए सभी 9 अवैध दरवाजों को अतिक्रमियों ने स्वयं ही बंद कर दिया। सकतपुरा नाव चौराहे से नांता तिराहे की तरफ जाने वाले मार्ग पर थर्मल की दीवार तोड़कर कुछ लोगों ने अवैध रूप से अतिक्रमण किया हुआ था। जिसमें 9 लोगों ने सड़क सीमा की तरफ दरवाजे निकाल लिए थे। जहां से वे व्यवसायिक गतिविधियों का संचालन कर रहे थे। जिससे यातायात बाधित हो रहा था।इस संबंध में कोटा विकास प्राधिकरण की ओर से सभी 9 लोगों को नोटिस जारी कर उन अवैध दरवाजों को तीन दिन में स्वयं के स्तर पर ही बंद करने को कहा था। यदि वे स्वयं ऐसा नहीं करते हैं तो केडीए की ओर से उनके खिलाफ सख्त कारवाई की जानी थी।</p>
<p>केडीए सचिव मुकेश कुमार चौधरी ने बताया कि इन सभी 9 अतिक्रमियों को पूर्व में मौखिक रूप से आदेश दिया था। लेकिन उसके बाद उन्होंने कार्रवाई नहीं की तो 22 मई को सभी को लिखित नोटिस जारी किए गए। जिसमें उनहें तीन दिन का समय दिया गया था। आयुक्त बचनेश कुमार अग्रवाल के निर्देश पर दिए नोटिस की अतिक्रमियों ने स्वयं ही अपने स्तर पर पालना की। जिस पर सभी ने ईटों से चुनवाकर उन दरवाजों को बंद करवा दिया।नोटिस अवधि समाप्त होने पर सोमवार को केडीए तहसीलदार सुरेन्द्र शर्मा, भू अभिलेख निरीक्षक हरीश कुमार गुप्ता, मुरलीधर पारेता, पटवारी राम निवास मेघवाल, अनिल कुमार व केडीए का पुलिस जाब्ता मौके पर पहुंचा तो वहां अवैध दरवाजों व शटर को बंद करने की कार्यवाही की जा रही थी।</p>
<p><strong>नवज्योति ने किया था मामला प्रकाशित</strong><br />गौरतलब है कि इस मामले को दैनिक नवज्योति ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। समाचार पत्र में 24 मई के अंक में पेज 6 पर' थर्मल की दीवार तोड़कर अवैध रूप से बनाई 9 दुकानें शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें जानकारी दी गई थी कि इन लोगों ने अपने मकान की दूसरी तरफ  सीमा में शटर खोलकर दुकानें बना ली हैं। जहां से व्यवसायिक गतिविधियां संचालित हो रही है। ऐसे में नहर के किनारे से नांता तिराहे तक जाने वाली संकरी सड़क पर यातायात बाधित हो रहा है। साथ ही केडीए के नोटिस के बाद अतिक्रमी हरकत में आए और स्वयं के स्तर पर ही दुकानों को बंद करना शुरु कर दिया है।सोमवार तक सभी लोगों ने अवैध शटर को बंद कर दिया है।</p>
<p>केडीए आयुक्त बचनेश अग्रवाल ने कहा कि अतिक्रमण हटाने का अभियान लगातार जारी रहेगा। जिन भी लोगों ने सरकारी या केडीए की भूमि पर अतिक्रमण किया हुआ है वे स्वयं ही अपना कब्जा हटा लें वरना अतिक्रमी के खिलाफ संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 26 May 2026 14:16:25 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का : आरओबी से हटाया झुका हुआ खम्बा, बंद लाइटें फिर से जल उठेंगी</title>
                                    <description><![CDATA[बिजली के अस्त-व्यस्त तार ठीक किए जाएंगे, जिससे बंद लाइटें फिर से जल उठेंगी।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news---leaning-pole-removed-from-rob/article-153111"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)-(1)32.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। डीसीएम रोड स्थित संजय नगर आरओबी पर आंधी के दौरान झुके बिजली के खम्बे को केडीए की ओर से गुरुवार को हटवा दिया गया। शहर में तीन दिन पहले आई आंधी से आरओबी पर लगे खम्बों में से बिजली का एक खम्बा टेढ़ा होकर झुक गया था। जिससे उसके कभी भी गिरने पर हादसे का खतरा बना हुआ था। गुरुवार को केडीए की ओर से उस खम्बे को हटवा दिया।केडीए के अधिशाषी अभियंता विद्युत ललित कुमार मीणा ने बताया कि अज्ञात वाहन की टक्कर से खम्बा झुक गया था। उसे कटवाकर हटवा दिया है। उसके साथ ही दो अन्य खम्बों को भी हटाया गया है। वहीं इसकी जगह पर फेब्रिकेट करके नए सिरे से खम्बे लगाए जाएंगे। साथ ही बिजली के जो तार अस्त-व्यस्त हो रहे हैं उन्हें भी सही कर दिया जाएगा। जिससे यहां बंद लाइटें भी जल जाएंगी।</p>
<p><strong>नवज्योति ने किया था प्रकाशित</strong><br />गौरतलब है कि हादसों को न्यौता दे रहे इस बिजली के खम्बे का मामला दैनिक नवज्योति ने प्रकाशित किया था। समाचार पत्र में 7 मई के अंक में पेज 6 पर ' छतों पर लगे अवैध होर्डिग्स व वॉलड्रॉप से दुर्घटनाओं का खतरा शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें इस बिजली के खम्बे के टेढ़ा होने व उससे हादसों के खतरे की जानकारी दी गई थी। समाचार प्रकाशित होते ही केडीए अधिकारी हरकत में आए और गुरुवार को ही उस खम्बे को हटवा दिया। जिससे अब खतरा नहीं रहेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 08 May 2026 12:32:42 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का : छावनी में शुरु हुआ सीसी सड़क का निर्माण कार्य, हादसों व जाम से जल्द मिलेगी राहत</title>
                                    <description><![CDATA[पहले से बनी डामर की सड़क को कई दिन से खोदकर छोड़ा हुआ था। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news---construction-of-cc-road-begins-in-chhavani/article-152855"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)29.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। छावनी मेन रोड पर सीसी सड़क बनाने का काम संवेदक द्वारा मंगलवार को शुरु कर दिया है। जिससे जल्दी ही सड़क का काम पूरा होने पर यहां से गुजरने वाले वाहनों को न तो जाम का सामना करना पड़ेगा और न ही हादसों का खतरा रहेगा। कोटा विकास प्राधिकरण द्वारा संवेदक के माध्यम से छावनी मेन रोड स्थित डॉ. राम कुमार सर्किल पर सीसी सड़क का निर्माण कार्य शुरु कराया गया है। संवेदक द्वारा यहां सीसी सड़क बनाने के लिए पहले से बनी डामर की सड़क को कई दिन से खोदकर छोड़ा हुआ था। जिससे वहां सड़क उबड़ खाबड़ होने के साथ ही सीवरेज के चैम्बर भी बाहर की तरफ अधिक ऊपर निकल गए थे। जिससे वहां से गुजरने वाले वाहन दिन में हादसों का शिकार हो रहे हैं। साथ ही मेन रोड होने से यहां चारों तरफ से वाहनों के आने के कारण दिनभर में कई बार जाम की स्थिति बन रही थी।</p>
<p><strong>दैनिक नवज्योति ने उठाया था मामला</strong><br />छावनी में कई दिन से खुदी सड़क से स्थानीय निवासियों व राहगीरों और व्यापारियों को रही परेशानी को देखते हुए इस मामले को दैनिक नवज्योति ने उठाया था। समाचार पत्र में 5 मई के अंक में पेज 4 पर' सीसी के लिए खोदी सड़क, जाम व हादसों का खतरा ,शीर्षक से प्रकाशित किया था। जिसमें स्थानीय लोगों के साथ ही वहां से गुजरने वाले वाहन चालकों की पीड़ा को उजागर किया गया था।समाचार प्रकाशित होते ही केडीए अधिकारी व संवेदक हरकत में आए और मंगलवार को सुबह ही सीसी सड़क बनाने का काम शुरु कर दिया। केडीए अधिकारियों का कहना है कि सड़क का काम शुरु कर दिया है। मेन रोड होने से इस सड़क को सूखने में कई दिन का समय लगने से रास्ते को कुछ समय के लिए बंद करना पड़ सकता है। जल्दी ही सड़क का काम पूरा हो जाएगा। जिससे लोगों को राहत मिलेगी।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 06 May 2026 14:18:27 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>सीसी के लिए खोदी सड़क, जाम व हादसों का खतरा</title>
                                    <description><![CDATA[डाली गई सीवरेज लाइन के चैम्बर काफी बाहर तक निकल गए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/road-dug-up-for-concrete-paving--risk-of-traffic-jams-and-accidents/article-152724"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)22.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा विकास प्राधिकरण की ओर से छावनी मेन रोड पर डामर की जगह सीसी रोड बनायी जा रही है। लेकिन उसके लिए खोदी गई सड़क वहां से गुजरने वालों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। दिनभर जाम व हादसों का खतरा बना हुआ है। केडीए की ओर से छावनी में डॉ. रामकुमार चौराहे से मुख्य बाजार में होते हुए रामचंद्रपुरा तक सीसी रोड काफी समय पहले बनाई जा चुकी है। ऐसे में जहां डामर रोड बरसात के समय बार-बार गड्ढ़ो में तब्दील होने से लोगों के लिए हादसों कारण बन रही थी। उससे काफी राहत मिली है। वहीं अब मेन रोड पर चौराहे के आस-पास की सड़क पर जहां हर बार बरसात में पानी भरने से गड्ढ़े हो रहे थे। उसे भी सीसी किया जा रहा है। इसके लिए संवेदक द्वारा पिछले कई दिन से सड़क को खोदकर छोड़ा हुआ है। डामर सड़क को खोदने से वहां डाली गई सीवरेज लाइन के चैम्बर काफी बाहर तक निकल गए हैं। ऐसे में यह मार्ग काफी व्यस्त होने से यहां वाहनों का आवागमन बना रहता है। ऐसे में यहां दिनभर वाहनों का जाम व छोटे वाहनों विशेष रूप से ई रिक् शा के पलटने व दो पहिया वाहनों के संतुलन बिगडऩे से गिरने का खतरा बना हुआ है।</p>
<p><strong>चौराहा है तो चार तरफ से आ रहा ट्रैफिक</strong><br />स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह चौराहा है इस कारण से यहां चार तरफ से वाहन निकल रहे हैं। छावनी अंदर की कॉलोनियों से चौराहे की तरफ जाने वाले, चौराहे से अंदर कॉलोनी में जाने वाले, बंगाली कॉलोनी की तरफ से आने व उधर की तरफ जाने वाले वाहनों के एक साथ आने से वहां दिनभर जाम की स्थिति बनी हुई है। इतना ही नहीं सुबह के समय तो थोक फल सब्जीमंडी के लोडिंग वाहन तक निकल रहे हैं। जिससे उनका कई बार संतुलन बिगड़ चुका है। वहीं सोमवार को बरसात होने से वहां खुदी सड़क में पानी भरने से कीचड़ हो गया। जिससे हादसों का खतरा अधिक बना रहा।</p>
<p><strong>काम होना अच्छा है लेकिन जल्दी हो</strong><br />छावनी निवासी देवेश तिवारी ने बताया कि केडीए की ओर से चौराहे की सड़क को सीसी किया जा रहा है। यह अच्छा काम होगा लेकिन उसे कई दिन तक खोदकर खुला छोड़ा हुआ है। जिससे मेन रोड होने से वहां से निकलने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।<br />छावनी निवासी राकेश जैन व मोहम्मद इसरार ने बताया कि केडीए द्वारा संवेदक से काम कराया जा रहा है तो उसकी मॉनिटरिंग भी होनी चाहिए। जिससे संवेदक काम को समय पर और बेहतर ढ़ंग से करे। जैन ने बताया कि सड़क खुदी होने से वहां रास्ता उबड़ खाबड़ हो रहा है। जिससे दो पहिया वाहन असंतुति होकर हादसों का शिकार हो रहे हैं। ऐसे में यह काम जितना जल्दी पूरा होगा उतना अच्छा रहेगा।</p>
<p><strong>बरसात के कारण देरी हुई, काम जल्दी पूरा होगा</strong><br />इधर केडीए अधिकारियों का कहना है कि चौराहे का कुछ हिस्सा डामर का है। जिससे वहा बरसात में पानी भरने पर बार-बार सड़क खराब हो रही है। उसे सही करने के लिए यहां सीसी रोड बनाया जा रहा है। इसका काम शुरु होना था लेकिन बरसात आने से काम अटक गया। मंगलवार को काम शुरु कर जल्दी ही पूरा कर दिया जाएगा। संवेदक का कहना है कि पहले एक तरफ की सड़क सीसी करने के बाद दूसरी तरफ की की जाएगी। जिससे आवागमन सुचारू रह सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 05 May 2026 14:14:50 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>टावर ऑफ लिबर्टी को रोशन रखना बना बड़ी चुनौती, लाइटें पिछले कई महीनों से बंद</title>
                                    <description><![CDATA[ऊपरी हिस्से तक पहुंच न होने से लाइट चालू करना मुश्किल है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/keeping-the--tower-of-liberty--illuminated-becomes-a-major-challenge/article-152631"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)-(7)3.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा विकास प्राधिकरण की ओर से करोड़ों रुपए खर्च कर शहर के मध्य एरोड्राम चौराहे पर टावर ऑफ लिबर्टी को बनाया गया लेकिन इसे रोशन रखना अब विभाग के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। टावर की लाइटें पिछले कई महीनों से बंद हैं। जिससे यहां अंधेरा पसरा हुआ है। तत्कालीन नगर विकास न्यास(केडीए) की ओर से शहर में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के साथ ही चौराहों का विकास व सौन्दर्यीकरण कराया गया। इसी के तहत एरोड्राम चौराहे पर अंडरपास बनाया गया। इसके बीच में टावर ऑफ लिबर्टी का निर्माण किया गया। </p>
<p>कोरोना काल में हुए इस कार्य के तहत जहां करीब 50 करोड़ की लागत से तो चौराहे पर अंडरपास बनाया गया और 25 करोड़ की लागत से टावर ऑफ लिबर्टी का निर्माण कराया या। सुंदरता के साथ ही आकर्षक बनाने के लिए यहां तीन बड़े टावर जिनकी ऊंचाई 32 मीटर, 38 मीटर व 40 मीटर है। इन पर सात तरह ही इफेक्ट लाइटिंग लगाई गई थी। करीब दो कि.मी. दूसर से ही चौराहा और इसकी लाइटिंग नजर आती है। विशेष अवसरों पर तो यह तिरंगे रंग में और अलग-अलग रंग बदलते हुए लोगों के लिए आकर्षण का केन्द्र है। झालावाड़ रोड हाइवे होने से कोटा शहर ही नहीं बाहर से आने वाले लोग भी इसकी लाइटिंग को देखकर बिना फोटो खींचे नहीं रह पाते हैं।लेकिन हालत यह है कि शहर के बीच इस आकर्षक स्थल की लाइटें पिछले काफी समय से बंद हैं। जिससे इसकी सुंदरता पर ग्रहण लगा हुआ है।</p>
<p><strong>लाइटें बंद होने पर चालू करना मुश्किल</strong><br />टावर ऑफ लिबर्टी को बनाते समय इस पर लगाई गई लाइटों का सिस्टम इस तरह से किया गया है कि नीचे तो इसकी केबल व पैनल दिया गया। जबकि इसके अलग-अलग फ्लोर पर ऐसी व्यवस्था की गई कि लाइट बंद होने पर वहां से ही उसे सही कर चालू किया जा सकता है। लेकिन इसके ऊपरी हिस्से में जाने की कोई व्यवस्था नहीं की गई। जिससे हर बार लाइटें बंद होने पर उसे चालू करना काफी मुश्किल होता है।</p>
<p><strong>पेड़ा बांधने व खोलने पर 4 लाख का खर्चा</strong><br />जानकारों के अनुसार शुरुआत में इस चौराहे व टावर का ओएंडएम किया हुआ था। जिससे जितनी बार भी लाइटें बंद हुई संवेदक फर्म द्वारा उन्हें सही कराया गया। लेकिन हालत यह है कि एक बार लाइट चालू करने के लिए टावर के ऊपरी हिस्से तक पहुंचने के लिए लोहे व लकड़ी का पेड़ा बांधना पड़ता है। जिसे बांधने में 15 दिन व खोलने में 10 दिन का समय लगता है। साथ ही कई दिन तक लाइटों की ट्रायल की जाती है। ऐसे में एक बार पेडा बांधकर लाइटें चालू करने पर करीब 4 लाख रुपए खर्च होना बताया जा रहा है। इस कारण से संवेदक फर्म ने कुछ समय तो इन लाइटों को सही किया लेकिन अब संवेदक फर्म ने भी हाथ खड़े कर दिए हैं। जिससे केडीए प्रशासन अभी तक इन लाइटों को चालू नहीं कर सका है।</p>
<p><strong>कई बार हो चुकी केबल चोरी</strong><br />सूत्रों के अनुसार टावर ऑफï लिबर्टी की लाइटों की नीबे लगी केबल व पैनल कई बार चोरी हो चुके हैं। जिनके संबंध में केडीए की ओर से पुलिस में कई बार शिकायत दी जा चुकी है। लेकिन न तो चोरों के खिलाफ कोई कार्रवाई हुई और न ही लाइटें चालू। नतीजा शहर के बीच का यह आकर्षण अंधेरे में डूबा हुआ है।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />एरोड्राम के टावर की लाइटें लम्बे समय से बंद हैं। मैने भी इन्हें देखा है। इन लाइटों को चालू करने के संबंध में अधिकारियों से चर्चा भी हो चुकी है। इन लाइटों को चालू करने के लिए अलग सिस्टम पर विचार किया जा रहा है। जिससे बार-बार ऊपर की तरफ नहीं जाना पड़े। नीचे से ही स्थायी समाधान हो सके। शीघ्र ही इन लाइटों को चालू करवाने के प्रयास किए जा रहे हैं।<br /><strong>-बचनेश कुमार अग्रवाल, आयुक्त कोटा विकास प्राधिकरण</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 04 May 2026 15:16:21 +0530</pubDate>
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                <title>अब नहीं होगी रोड लाइटों में भ्रम की स्थिति, केडीए लगा रहा नई लाइटें</title>
                                    <description><![CDATA[लाइट खराब होने पर निगम और केडीए के बीच जिम्मेदारी स्पष्ट नहीं रहती।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/no-more-confusion-regarding-streetlights/article-152613"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)-(8)2.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर में हजारों की संख्या में रोड लाइटें तो लगी हुई हैं लेकिन उन लाइटों के खराब या बंद होने पर सही करने में नगर निगम व केडीए में भ्रम की स्थिति रहती है। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।शहर में आधा एरिया नगर निगम के अधिकार क्षेत्र में हैं और आधा एरिया कोटा विकास प्राधिकरण के अधिकार क्षेत्र में। पुराना शहर अधिकतर नगर निगम क्षेत्र में आता है और नए कोटा शहर का अधिकतर क्षेत्र केडीए में आता है। शहर में वैसे तो मेन रोड व डिवाइडर साइट पर अधिकतर लाइटें केडीए ने लगाई हैं और गलियों व वार्डों में नगर निगम ने। लेकिन कई इलाके ऐसे हैं जहां कहीं निगम ने तो कहीं केडीए ने सुविधा की दृष्टि से लाइटें तो लगा दी लेकिन उनके खराब होने पर दोनों ही विभागों में भ्रम की स्थिति रहती है कि लाइट किस विभाग की है। उसे कौन सही करेगा। ऐसे में शिकायतकर्ता से वहां की लोकेशन व फोटो समेत कई तरह की जानकारी ली जाती है। उसके आधार पर तय होता है कि लाइट किस एरिया में है और वह किसके अधिकार क्षेत्र में है। जिससे उन बंद व खराब लाइटों को सही करने में काफी समय तक लग जाता है। लेकिन अब इस भ्रम की स्थिति को समाप्त किया जा रहा है।</p>
<p><strong>केडीए लगा रहा नई लाइटें</strong><br />कोटा विकास प्राधिकरण के अधिशाषी अभियंता(विद्युत) ललित मीणा ने बताया कि दोनों विभागों के बीच की इस भ्रम वाली स्थिति को समाप्त किया गया है। इसके लिए अब केडीए की ओर से जो भी नई रोड लाइटें लगाई जा रही हैं वह गोल्डन रंग की है। खम्बे तो एक जैसे हो सकते हैं लेकिन उनके ऊपर की तरफ लाइटें व आसपास का रंग गोल्डन रखा गया है। जिससे दूर से ही देखकर पता चल जाएगा कि ये लाइटें केडीए की है। साथ ही इन पर ऊपर की तरफ केडीए लिखा भी गया है।</p>
<p><strong>चोरी होने पर भी पहचान होगी आसान</strong><br />अधिशाषी अभियंता मीणा ने बताया कि शहर में बड़ी संख्या में रोड लाइटें चाहे वे सजावटी हों या सामान्य चोरी हो गई है। लाइटें चोरी होने के बाद भी पता नहीं चलता कि ये लाइटें किसकी हैं। लेकिन इन लाइटों पर केडीए लिखा गया है। जिससे इनके चोरी होने पर आसानी से पहचान हो सकेगी कि ये लाइटें केडीए की है।</p>
<p>जानकारी के अनुसार एसपी ऑफिस चौराहे से लेकर स्टेशन की तरफ जाने वाले रास्ते, जेडीबी कॉलज रोड, नयापुरा समेत कई जगह से तो रोड लाइटें चोरी हो चुकी हैं। यहां तक कि डेकोरेटिव लाइटें तक चोरी हो गई है। जिससे लाखों रुपए खर्च करने के बाद भी सड़कों पर अंधेरा ही छाया हुआ है।</p>
<p><strong>शहर में ऐसी 500 लाइटें लगाई</strong><br />केडीए अभियंता ने बताया कि शहर में अब नई लाइटें ही लगाई जा रही है। अब तक ऐसी करीब 500 रोड लाइटें लगाई जा चुकी हैं। जिनमें रायपुरा से कैथून रोड, के. पाटन तिराहे से जैन मंदिर तक और बारां रोड समेत कई जगह पर इस तरह की लाइटें लगाई गई हैं।</p>
<p><strong>निगम की करीब 56 हजार लाइटें</strong><br />इधर नगर निगम के अधिशाषी अभियंता(विद्युत) सचिन यादव ने बताया कि कोटा शहर में नगर निगम की करीब 56 हजार रोड लाइटें लगी हुई हैं। समय-समय पर इन लाइटों के बंद व खराब होने पर मेंटेनेंस की जा रही है। फिलहाल शहर में अधिकतर रोड लाइटें एलईडी ही हैं। जिससे कम से कम बिजली में अधिक से अधिक रोशनी लोगों को मिल सके।</p>
<p><strong>एसपी को लिखा है पत्र</strong><br />कोटा आने के बाद अधिकतर यही सुनाई में आता है कि रोड लाइटें अधिक चोरी हो रही है। कई जगह से लाइटें चोरी होने के मामले में तो पुलिस को फोटो व वीडियो तक उपलब्ध करवाए जा चुके हैं। यहा तक कि एसपी को भी पत्र लिखकर लाइटें व अन्य सामान चोरी के मामले में कार्रवाई करने के संबंध में कहा गया है। अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।<br /><strong>- बचनेश कुमार अग्रवाल, आयुक्त, कोटा विकास प्राधिकरण</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/no-more-confusion-regarding-streetlights/article-152613</link>
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                <pubDate>Mon, 04 May 2026 15:12:25 +0530</pubDate>
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