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                <title>poles - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>असर का  खबर : झूलती 11 केवी लाइन का खतरा टला, नए पोल लगाकर ऊंचे किए तार </title>
                                    <description><![CDATA[प्रशासन के निर्देश पर विद्युत विभाग ने मौके पर समस्या का तुरंत समाधान कर दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/impact-of-the-report--threat-posed-by-sagging-11-kv-line-averted--wires-raised-by-installing-new-poles/article-152632"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)-(3)6.png" alt=""></a><br /><p>सारथल। सारथल उपखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत गांगटी में मुख्य सड़क मार्ग पर झूल रही 11 केवी विद्युत लाइन से बना बड़ा खतरा अब टल गया है। 2 मई को दैनिक नवज्योति में “हाई वोल्टेज लाइन से खतरा” शीर्षक से खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन हरकत में आया और गांगटी ग्राम पंचायत में झूल रही 11 केवी विद्युत लाइन की समस्या का त्वरित समाधान करते हुए तारों को ऊंचा कर आमजन के लिए मार्ग को सुरक्षित बना दिया। ग्रामीणों की शिकायत पर प्रशासन ने त्वरित संज्ञान लेते हुए विद्युत विभाग को आवश्यक निर्देश दिए, जिसके बाद मौके पर समस्या का समाधान कर दिया।</p>
<p><strong>उपखंड अधिकारी ने दिए शीघ्र कार्यवाही के निर्देश </strong><br />ग्रामीणों ने पूर्व में छीपाबड़ौद उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर गांगटी से पाडलिया जाने वाले मुख्य मार्ग पर झूलते बिजली तारों से उत्पन्न खतरे से अवगत कराया था। इस पर उपखंड अधिकारी अभिमन्यु सिंह कुंतल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विद्युत विभाग हरनावदाशाहजी के सहायक अभियंता को शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए। सहायक अभियंता विकास कुमार महावर ने बताया कि आमजन की सुरक्षा से जुड़े इस मामले में तत्परता दिखाते हुए रविवार को कनिष्ठ अभियंता मदनलाल मीणा के नेतृत्व में विभागीय टीम मौके पर पहुंची। टीम ने मार्ग के दोनों ओर नए विद्युत पोल खड़े कराकर तारों को ऊंचा कराया, जिससे आवागमन सुरक्षित हो गया।</p>
<p><strong>पहले विद्युत लाइन नीचे झूलने से बना रहता था खतरा </strong><br />पीडब्ल्यूडी द्वारा मार्ग पर नई पुलिया निर्माण के कारण विद्युत लाइन की ऊंचाई कम हो गई थी। इस संबंध में विद्युत विभाग ने फरवरी माह में ही पीडब्ल्यूडी विभाग को पत्र लिखकर सचेत किया था, लेकिन समय पर ध्यान नहीं दिए जाने से समस्या उत्पन्न हुई। ग्रामीणों के अनुसार, पहले खाल के समीप विद्युत लाइन काफी नीचे झूल रही थी, जिससे ट्रैक्टर, स्कूल बस सहित बड़े वाहनों के गुजरने में खतरा बना रहता था। अब समस्या के समाधान के बाद गांगटी और पाडलिया के ग्रामीणों ने दैनिक नवज्योति का आभार जताया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 04 May 2026 15:17:25 +0530</pubDate>
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                <title> कोटा दक्षिण  वार्ड 9: गंदगी और सुविधाओं का अभाव बढ़ा रहा परेशानी, वार्ड में स्मार्ट सिटी की झलक नहीं दिखाई देती </title>
                                    <description><![CDATA[पानी की लाइन डालने के बाद भी पानी के लिए कनेक्शन नहीं होने से लोग  निजी ट्यूबवैल का सहारा ले रहे है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-south-ward-9--filth-and-lack-of-facilities-are-increasing-problems--no-sign-of-smart-city-development-in-the-ward/article-135569"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/etws-(3).png" alt=""></a><br /><p>कोटा। यह गांव नहीं, कोटा शहर के नगर निगम दक्षिण के वार्ड 9 के हिस्से से जुड़ा रेत्या चौकी, शांति नगर है, जहाँ क्षेत्रवासी सुबह घर से निकलते हैं तो उन्हें इस दलदल भरे रास्ते से गुजरना पड़ता है। और यदि निकलते समय उनसे थोड़ी सी भी चूक हो जाए तो वे कीचड़ में गिर जाते हैं। यह कहना है रेत्या चौकी निवासी धनराज व आशीष का। उन्होंने बताया कि हमारी तरफ अभी तक रोड का निर्माण नहीं किया गया, जिससे कीचड़ में निकलना हम लोगों की मजबूरी है। अनेक बार रात्रि में हम कीचड़ में गिर गए। बारिश के दिनों में हमारी समस्या और बढ़ जाती है। पानी के लिए लाइन डाली हुई है, पर अभी तक उनके कनेक्शन नहीं हुए। वहीं वार्ड के कुछ हिस्से में नियमित टीपर नहीं आने की वजह से परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं वार्ड में रेत्या चौकी में पानी की लाइन डालने के बाद भी पानी के लिए कनेक्शन नहीं होने की वजह से लोगों को निजी ट्यूबवैल का सहारा लेना पड़ता है। विद्युत पोल पर लाइटें लगाने के बावजूद भी पर्याप्त रोशनी नहीं होने की वजह से परेशानी का सामना करना पड़ता है। </p>
<p>वहीं वार्ड के रानपुर में  टीपर नियमित रूप से आते हैं। पूनिया देवरी निवासी विशाल कुमार व अजय ने बताया कि हमारी तरफ भी पानी के लिए परेशानी का सामना करना पड़ता है। साथ ही सार्वजनिक रोशनी नहीं होने की वजह से भी रात्रि के समय दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। वहीं वार्ड में सामुदायिक भवन, कॉम्पलेक्स व पार्क का अभाव होने की वजह से वार्डवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।</p>
<p><strong>टीपर नहीं आते, कचरा खुले में डालने की मजबूरी</strong><br />वार्ड के निवासी दिनेश बंजारा व लोकेश ने बताया कि हमारी तरफ तो टीपर नियमित नहीं आते हैं। वहीं रेत्या चौकी निवासी देशराज व मुकेश ने बताया कि हमारी तरफ तो टीपर भी नहीं आते हैं, जिससे हमें मजबूरन कचरा खुले में डालकर आना पड़ता है। कई बार बारिश के दिनों में यह समस्या और बढ़ जाती है। इस कचरे से बदबू आने के कारण बीमारियाँ फैलने का अंदेशा बना रहता है।</p>
<p><strong>सामुदायिक भवन,पार्क, कॉम्पलेक्स का अभाव</strong><br />वार्ड में सामुदायिक भवन का अभाव होने की वजह से वार्ड के लोगों को महंगी दर पर भवनों की बुकिंग करनी पड़ती है। रेत्या निवासी प्रेमचंद ने बताया कि सामुदायिक भवन नहीं होने की वजह से हम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। साथ ही भवन तक जाने के लिए निजी वाहनों को किराये पर लेना पड़ता है, जिससे हमारे ऊपर दोहरी मार पड़ती है। सार्वजनिक स्नानघर नहीं होने की वजह से महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है।</p>
<p><strong>रेत्या चौकी की कीचड़ भरी राह, ड्रेनेज सिस्टम फेल</strong><br />वार्ड के हिस्से से जुड़ा रेत्या चौकी में रोड नहीं बनने की वजह से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। रोड नहीं बनने से जगहझ्रजगह कीचड़ हो रहा है, जिससे वार्डवासियों को होकर जाना पड़ता है। वार्डवासी सुनील कुमार ने बताया कि घरों से निकलने वाला गंदा पानी सड़क पर एकत्रित हो जाता है, जिससे कीचड़ फैल रहा है एवं पानी भरा रहता है। क्षेत्रवासियों ने बताया कि लंबे समय से यह समस्या बनी हुई है। रास्ते में पानी भरा रहने से मच्छर पैदा हो रहे हैं। मौसमी बीमारी बढ़ने का अंदेशा बना रहता है।</p>
<p>शांति नगर निवासी दीनू कुमार व बंटी ने बताया कि हमारे तरफ रोड तो बना दिया गया, पर नालियों का ड्रेनेज सिस्टम सही ढंग से नहीं होने से गंदा पानी इनमें ही जमा रहता है, जिससे बीमारियाँ होने का अंदेशा बना रहता है।</p>
<p>हमारी तरफ ना तो कचरा गाड़ी आती है और ना ही नालियों की सफाई होती है। हमें तो केवल नगर निगम में जोड़ दिया गया है।<br /><strong>- प्रेमचंद, वार्डवासी</strong></p>
<p>रोड निर्माण तो किया गया पर गंदा पानी नालियों में जमा रहता है, जिससे बीमारियाँ होने का अंदेशा बना रहता है। रोड लाइटें पर्याप्त नहीं होने की वजह से रात्रि में अंधेरा रहता है।<br /><strong>- सूआ बाई</strong></p>
<p>कचरा गाड़ी आती है जो मेन रोड से कचरा लेती है, अंदर की तरफ नहीं जाती। सफाई करने वाले रोड के साइड में ही कचरा डाल देते हैं, जो परेशानी का सबब बना हुआ है।<br /><strong>- जितेंद्र, वार्डवासी</strong></p>
<p>वार्ड में रोड निर्माण के लिए टेंडर हो चुके हैं। नल कनेक्शन की डिमांड राशि अधिक होने की वजह से अभी तक कनेक्शन नहीं करवाए गए हैं। हमने जनप्रतिनिधियों को डिमांड राशि कम करने के लिए लिखित में सूचना दे रखी है।<br /><strong>- रतन बाई, वार्डवासी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Thu, 11 Dec 2025 14:55:55 +0530</pubDate>
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                <title>कोटा दक्षिण वार्ड 63 - पार्कों में लगे कचरे के ढेर, लाइटें खराब, श्वानों के आतंक से जूझ रहे वार्डवासी</title>
                                    <description><![CDATA[खाली प्लॉट में उग  रही झाड़ियों के कारण दिनभर इसमें जानवर विचरण करते हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/-kota-south-ward-63---residents-struggling-with-garbage-piles-in-parks--broken-lights--and-the-menace-of-stray-dogs/article-131785"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/ews-(3)11.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम दक्षिण के वार्ड 63, शहर के बीच में स्थित होने के साथ ही पॉश इलाकों में माना जाने वाला वार्ड है, में रात को बढ़ता श्वानों का आतंक वार्डवासियों के लिए अब परेशानी का कारण बना हुआ है। वहीं वार्डवासियों ने बताया कि पार्षद द्वारा वार्ड में समय-समय पर सीसी रोड निर्माण, सीसी नालियों का निर्माण करवाना व रोड लाइटों की मरम्मत करवाना सहित अन्य कार्य करवाए गए हैं। साथ ही पार्कों में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हुए हैं व पार्कों में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था नहीं होने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं वार्डवासियों ने बताया कि कचरा गाड़ी आती है, साथ ही साफ-सफाई व्यवस्था चकाचक है। वहीं वार्ड में स्थित सामुदायिक भवन संत रैदास भवन का अभी जीर्णोद्धार कार्य चल रहा है।</p>
<p><strong>लाइटें खराब, पार्क में घूमने वाले परेशान</strong><br />वार्ड में स्थित पार्कों में बिजली के पैनल खुले हुए हैं, वहीं बिजली के पोल पर लगी लाइटें खराब होने के कारण पर्याप्त रोशनी नहीं हो पाती, जिस कारण से घूमने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। रानी लक्ष्मी पार्क में घूमने वाले सुरेशचंद, दिनेश कुमार सहित अन्य ने बताया कि रात्रि में पर्याप्त रोशनी व्यवस्था नहीं होने के कारण शाम होते ही परेशानी आती है।</p>
<p><strong>खाली प्लॉट बने मुसीबत</strong><br />वार्ड में आबादी के बीच स्थित खाली प्लॉट वार्डवासियों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। वार्डवासी धर्मेंद्र कुमार व बजरंग लाल ने बताया कि खाली प्लॉट हमारे लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। इसमें से आए दिन जलीय जानवर निकलते हैं, साथ ही इसमें झाड़ियां उगी होने के कारण दिनभर इसमें जानवर विचरण करते हैं, जिससे परेशानी का सामना करना पड़ता है।</p>
<p><strong>वार्ड का एरिया :</strong> बसंत विहार</p>
<p><strong>इनका कहना</strong><br />पार्क में घूमने आए वृद्धजन ने बताया कि पार्क में पर्याप्त लाइट व्यवस्था नहीं होने के कारण शाम होते ही पार्क में घूमने में डर लगता है।<br /><strong> - राघुराज सिंह, वार्डवासी</strong></p>
<p>वार्ड में रात्रि के समय बाइक सवारों को श्वान उनके पीछे भगाते हैं, जिससे कई बार बाइक सवार गिर जाते हैं। रात्रि के समय राहगीरों के पीछे भी श्वान दौड़ते हैं, जिससे आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।<br /><strong>-कुंज बिहारी, वार्डवासी</strong></p>
<p>सिद्धि विनायक मंदिर गली के निवासियों ने बताया कि हमारी गली में कचरा गाड़ी आती है, पर रात्रि के समय आवारा श्वानों द्वारा राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।<br /><strong>- शिवकुमार, वार्डवासी</strong></p>
<p>नगर निगम द्वारा पार्क में लगी लेबर को हटा दिया गया है। अब टेंडर यूआईटी द्वारा पार्क में लेबर को लगाया जा रहा है, जिसके चलते पार्क में सफाई व्यवस्था नहीं हो पा रही है। वहीं श्वानों की समस्या के लिए हमने उच्चाधिकारियों को अवगत करा रखा है।<br /><strong>- पी. डी. गुप्ता, वार्ड पार्षद</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 08 Nov 2025 14:09:06 +0530</pubDate>
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                <title>इस बार औसत से अधिक व भारी बारिश बनी बैरन</title>
                                    <description><![CDATA[मकान, सड़क, सरकारी भवन व बिजली के पोल तक हुए क्षतिग्रस्त ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/this-time--above-average-and-heavy-rains-became-a-burden/article-125042"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/1ne1ws-(630-x-400-px)-(1)5.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। प्रदेश के अन्य जिलों के साथ ही इस बार कोटा संभाग में भी मानसून की अच्छी बरसात हुई है। औसत के काफी अधिक व भारी बारिश होने से बांध व जलस्रोत तो लबालब भर गए लेकिन भारी बारिश बैरन भी बन गई। संभाग के सभी जिलों में भारी बारिश से न केवल कच्ची पक्के मकान वरन् सड़क, पुलिया, सरकारी कार्यालय, स्कूल व आंगनबाड़ी तक के भवन क्षतिग्रस्त हुए हैं। बिजली के पोल व जीएसएस तक क्षतिग्रस्त होने से बिजली तंत्र गड़बड़ाया हुआ है। हालांकि सरकार व प्रशासन के स्तर पर बारिश से हुए नुकसान के सर्वे की प्रक्रिया चल रही है। लेकिन अभी तक के सर्वे के अनुसार संभाग में बारिश से करीब एक हजार करोड़ से अधिक का नुकसान होने का अनुमान है। संभाग में भारी बारिश का एक दौर तो जुलाई तक रहा। उसके बाद 15 अगस्त से हुई दूसरे दौर की भारी बारिश में भी काफी नुकसान हुआ है। बिजली तंत्र को करीब 20 से 25 करोड़ का नुकसान  होने व फसलों में खराबा करीब 100 करोड़ से ज्यादा आंका गया है. पशुधन और मकानों को भी करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ है।</p>
<p><strong>दर्जनों रास्ते बंद, गांवों का संपर्क टूटा</strong><br />वर्तमान में कोटा संभाग में करीब एक दर्जन से ज्यादा रास्ते बंद हैं। इसमें मेगा हाईवे, स्टेट हाईवे, मेजर डिस्टिक रोड शामिल हैं. कोटा-दौसा-लालसोट मेगा हाईवे पर बूंदी जिले के बंबोरी के पास सड़क पूरी तरह उखड़ गई है, जिससे यातायात डायवर्ट करना पड़ा है। इसी हाईवे पर मेज नदी की पापड़ी की पुलिया भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। बूंदी जिले में मेंडोली-झालीजी का बराना, खटखट-नैनवा, बंबोरी-नंदपुरा और श्यामपुरा-हरिपुरा जैसे कई रास्ते बंद हैं. बारां जिले में जलवाड़ा-बराना और रामगढ़-मांगरोल का रास्ता बंद है।</p>
<p><strong>दूसरे फेज में हुआ अधिक नुकसान</strong><br />एडीएम सीलिंग कृष्णा शुक्ला ने बताया कि पहले फेज में जुलाई के अंतिम सप्ताह में भारी बारिश से बाढ़ आई थी। इसके बाद दूसरे फेज में 15 से 25 अगस्त के बीच भारी बारिश ने और तबाही मचाई। इस दौरान दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे तक पानी पहुंच गया।  एनएचएआई, आरएसआरडीसी, रिडकोर, पीडब्ल्यूडी, स्थानीय निकायों और पंचायत राज विभाग की करीब 1000 किलोमीटर सड़कें प्रभावित हुई हैं व दो दर्जन पुलियाएं भी क्षतिग्रस्त हो गईं।  एडीएम शुक्ला ने बताया कि दूसरे फेज में निमोदा हरिजी में अधिक नुकसान हुआ है। अभी तक नुकसान के सर्वे की प्रक्रिया चल रही है। नुकसान के जो प्रस्ताव अभी तक प्राप्त हो चुके हैं उन्हें सरकार को भेजा जा चुका है। सर्वे की प्रक्रिया अभी भी जारी है। </p>
<p><strong>25 करोड़ का बिजली तंत्र प्रभावित</strong><br />इधर जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड कोटा के मुख्य अभियंता  जी. एस. बैरवा ने बताया कि  अतिवृष्टि से करीब 450 से अधिक विद्युत पोल टूट गए। इनमें ्33 केवी व 11 केवी और एलटी लाइन के पोल शामिल हैं। 76 सिंगल फेज, 62 थ्री फेज लाइनें और 2 पावर ट्रांसफार्मर खराब हुए। 8 से अधिक जीएसएस में पानी भरने से सप्लाई ठप है। घाट का बराना, नौताड़ा, गेंडोली, पापड़ी और बड़ा खेड़ा जीएसएस में पानी भरा होने से 15 से 20 हजार आबादी में बिजली सप्लाई बंद है। उनमें से कुछ को तो सही करवा दिया है। शेष को सही करने का काम किया जा रहा है। </p>
<p><strong>मरम्मत के प्रस्ताव हो रहे तैयार</strong><br />पीडब्ल्यूडी कोटा के अतिरिक्त मुख्य अभियंता निशु गुप्ता ने बताया कि बारिश से संभाग में सड़कों को काफी नुकसान हुआ है। उनकी तत्काल मरम्मत के लिए एसडीआरएफ के तहत प्रस्ताव भेजे गए हैं। पहले 750 करोड़ रुपए के स्थाई मरम्मत प्रस्ताव भेजे गए थे। अब दोबारा  आंकलन किया जा रहा है ताकि खराब सड़कों की संख्या जोड़ी जा सके। वहीं  हाड़ौती संभाग में करीब  कई लोगों की मौत जलजनित हादसों और आकाशीय बिजली से हुई है। 100 से ज्यादा पशुधन की हानि और करीब 1 हजार मकानों को क्षति पहुंची है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 28 Aug 2025 15:10:42 +0530</pubDate>
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                <title>आंधी से टूटे बिजली के पोल अघोषित कटौती से परेशानी</title>
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/sikar/troubled-by-unannounced-cut-of-electric-poles-broken-by-storm/article-13271"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/q-9.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>चिड़ावा।</strong> शहर व आसपास के इलाकों में इन दिनों अघोषित कटौती से लोग परेशान हैं तो वहीं जगह-जगह पोल व तार टूटने से भी काफी परेशानी हो रही है। अरडावतिया कॉलोनी में वार्ड 16 में एक पोल आंधी में टूट गया। करीब 18 घंटों से काफी घरों में बिजली नहीं आई। सूचना के काफी समय बाद बिजली विभाग ने नया पोल भेजा। अब उसे लगाने के बाद सप्लाई बहाल की जाएगी। इधर पिछले तीन दिन में भीषण गर्मी और उमस ने लोगों की हालत पस्त कर दी है। क्षेत्र में देर शाम तक अच्छी बारिश हुई है। इससे किसानों के मायूस चेहरे फिर खिल उठे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सीकर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Jun 2022 13:15:23 +0530</pubDate>
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