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                <title>compromise - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>compromise RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>गाज़ा शांति रोडमैप योजना : हमास ने फ़िलिस्तीनी गुटों का जवाब संयुक्त राष्ट्र को सौंपा, ट्रंप योजना पर दिया सकारात्मक जवाब</title>
                                    <description><![CDATA[हमास और अन्य फिलिस्तीनी गुटों ने गाजा शांति रोडमैप पर अपनी संयुक्त प्रतिक्रिया संयुक्त राष्ट्र को सौंप दी है। काहिरा बैठक के बाद तैयार इस रुख में मानवीय सहायता, सैन्य कार्रवाई रोकने, इजरायली सेना की पूर्ण वापसी और गाजा पुनर्निर्माण को पहले चरण में पूरी तरह लागू करने की मांग की गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/gaza-peace-roadmap-plan-hamas-submits-response-to-palestinian-factions/article-157021"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/111200-x-600-px)-(1)19.png" alt=""></a><br /><p>काहिरा। फिलिस्तीनी संगठन हमास ने कहा है कि उसने गाजा शांति रोडमैप योजना पर फिलिस्तीनी गुटों की संयुक्त प्रतिक्रिया संयुक्त राष्ट्र के पश्चिम एशिया शांति प्रक्रिया के विशेष समन्वयक निकोलाय म्लादेनोव को सौंप दी है। हमास ने यमन की मीडिया को जारी बयान में कहा कि पिछले सप्ताह काहिरा में मिस्र, कतर और तुर्की के मध्यस्थों की मौजूदगी में विभिन्न फिलिस्तीनी गुटों के साथ कई दौर की बैठकें हुईं। इन बैठकों के बाद एक साझा राष्ट्रीय रुख तैयार किया गया, जिसे एक दिन पहले औपचारिक रूप से पेश कर दिया गया।</p>
<p>हमास ने कहा कि फिलिस्तीनी गुटों ने इस रोडमैप को "जिम्मेदारी और सकारात्मक सोच" के साथ देखा है। संगठन के अनुसार सभी गुटों ने इस बात पर जोर दिया कि योजना के पहले चरण को पूरी तरह लागू किया जाए, खासकर मानवीय सहायता व्यवस्था और गाजा पट्टी में फिलिस्तीनी जनता के खिलाफ सभी प्रकार की सैन्य कार्रवाई रोकने के मामले में। बयान में कहा गया, "फिलिस्तीनी गुटों ने राष्ट्रपति ट्रंप की योजना के दूसरे चरण को लागू करने संबंधी रोडमैप पर गंभीरता और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ विचार किया। उन्होंने पहले चरण के सभी प्रावधानों को पूरी तरह लागू करने की आवश्यकता पर बल दिया, विशेष रूप से मानवीय सहायता और गाजा में सभी तरह की आक्रामक कार्रवाइयों को समाप्त करने के मुद्दे पर।"</p>
<p>हमास ने कहा कि गुटों ने रोडमैप में शामिल अन्य बिंदुओं पर भी अमल की मांग की है। इनमें प्रशासनिक समिति की तैनाती, गाजा से इजरायली सेना की पूर्ण वापसी और पुनर्निर्माण प्रक्रिया शामिल है। बयान में कहा गया, "फिलिस्तीनी गुटों ने इस बात पर भी जोर दिया कि रोडमैप में उल्लिखित प्रशासनिक समिति के प्रवेश, गाजा पट्टी से पूर्ण इजरायली वापसी और पुनर्निर्माण की प्रक्रिया को लागू किया जाए, ताकि फिलिस्तीनी जनता अपने राज्य की स्थापना और आत्मनिर्णय के अधिकार के लक्ष्य को हासिल कर सके।"</p>
<p>हमास ने बताया कि उसका प्रतिनिधिमंडल काहिरा में मध्यस्थों और अन्य फिलिस्तीनी गुटों के साथ आगे भी बैठकें जारी रखेगा, ताकि सहमति वाले बिंदुओं को लागू करने की दिशा में प्रगति हो सके। उल्लेखनीय है कि निकोलाय म्लादेनोव ने मई में "राष्ट्रपति ट्रंप की व्यापक गाजा शांति योजना के पूर्ण क्रियान्वयन के लिए रोडमैप" सार्वजनिक किया था। 15 बिंदुओं वाली इस योजना में सुरक्षा व्यवस्था, अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल की तैनाती, इजरायली सैनिकों की वापसी और युद्ध के बाद पुनर्निर्माण जैसे मुद्दे शामिल हैं। अक्टूबर 2025 से लागू युद्धविराम समझौते के तहत शुरुआती चरण में कैदियों की अदला-बदली, गाजा में मानवीय सहायता की आपूर्ति और कुछ इलाकों से इजरायली सैनिकों की आंशिक वापसी शामिल थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 18:32:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>जयराम रमेश का बड़ा बयान: हॉर्मुज खुलने से भारत को फायदा, लेकिन अर्थव्यवस्था की चुनौतियां बरकरार</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने अमेरिका-ईरान शांति समझौते का स्वागत करते हुए इसे सकारात्मक कदम बताया। उन्होंने कहा कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य खुलने से भारत को ऊर्जा और व्यापार में बड़ी राहत मिलेगी। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि इससे भारत की सुस्त निजी निवेश और रिकॉर्ड व्यापार घाटे जैसी ढांचागत समस्याएं हल नहीं होंगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/big-statement-of-jairam-ramesh-india-benefits-from-opening-of/article-157004"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/jairam-ramesh.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने अमेरिका और ईरान के बीच 19 जून को जिनेवा में प्रस्तावित समझौते का स्वागत करते हुए कहा है कि पश्चिम एशिया में शत्रुता समाप्त करने की दिशा में यह एक सकारात्मक और आवश्यक कदम है। रमेश ने आशा व्यक्त की, कि अमेरिका, ईरान और इजराइल इस समझौते का पालन करेंगे तथा यह पहल क्षेत्र में स्थायी शांति और सामान्य संबंधों की दिशा में मार्ग प्रशस्त करेगी। उन्होंने कहा कि हॉर्मुज जलडमरुमध्य के बिना किसी प्रतिबंध के पुनः खुलने से भारत को निश्चित रूप से राहत मिलेगी, विशेष रूप से ऊर्जा आपूर्ति और व्यापारिक गतिविधियों के संदर्भ में। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि इससे भारतीय अर्थव्यवस्था की मौजूदा संरचनात्मक समस्याओं का समाधान नहीं होगा।</p>
<p>कांग्रेस महासचिव ने कहा कि पश्चिम एशिया संकट से पहले ही भारतीय अर्थव्यवस्था कई चुनौतियों का सामना कर रही थी। उनके अनुसार रुपया लंबे समय से दबाव में है, डॉलर की मांग और आपूर्ति के बीच अंतर लगातार बढ़ रहा है तथा निजी निवेश की दरें कई वर्षों से सुस्त बनी हुई हैं, जबकि यही निवेश आर्थिक विकास का प्रमुख आधार है। कांग्रेस नेता ने मांग में कमजोरी के लिए तीन प्रमुख कारण बताए।</p>
<p>उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में वास्तविक मजदूरी में ठहराव रहा है, चीन से आयात की डंपिंग पर रोक लगाने में केंद्र सरकार विफल रही है जिससे रिकॉर्ड व्यापार घाटा पैदा हुआ है और रोजगार सृजित करने वाले एमएसएमई क्षेत्र पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने आरोप लगाया कि कर अधिकारियों और जांच एजेंसियों को दी गई अत्यधिक शक्तियों के कारण निवेश का समग्र वातावरण प्रभावित हुआ है।</p>
<p>विदेश नीति के मुद्दे पर रमेश ने कहा कि 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के बाद जिस पाकिस्तान को भारत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग करने में सफलता प्राप्त की थी, वह अब क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर नया प्रभाव हासिल करता दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के रणनीतिक ढांचे में चीन की बढ़ती भूमिका भारत के लिए एक गंभीर भू-राजनीतिक चुनौती बन चुकी है। उन्होंने केंद्र सरकार की पश्चिम एशिया नीति की आलोचना करते हुए कहा कि भारत के राष्ट्रीय हित संतुलित कूटनीतिक दृष्टिकोण की मांग करते हैं। रमेश के अनुसार, मानवीय सरोकारों और भारत की पारंपरिक विदेश नीति प्रतिबद्धताओं को ध्यान में रखते हुए सरकार को अधिक संतुलित रुख अपनाना चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 12:50:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>किसानों और छोटे उत्पादकों के हितों के साथ समझौता नहीं करेंगे, बोले- अन्य क्षेत्रों में सहयोग के संबंध बरकरार</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका से कोई ‘कुट्टी’ थोड़े ही गई है! विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शनिवार को यहां एक टेलीविजन चैनल के एक परिचर्चा कार्यक्रम में एक सवाल के जवाब में ये बात कही]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/will-not-compromise-with-the-interests-of-farmers-and-small/article-124579"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/1ne1ws-(11)11.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। अमेरिका से कोई ‘कुट्टी’ थोड़े ही गई है! विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शनिवार को यहां एक टेलीविजन चैनल के एक परिचर्चा कार्यक्रम में एक सवाल के जवाब में ये बात कही। बातचीत के दौरान पूछे गए सवाल, क्या अब भी जबकि अब अमेरिका से व्यापार वार्ता के लिए आने वाला दल अब नहीं आ रहा है। इस पर विदेश मंत्री ने कहा कि कोई कुट्टी थोड़े ही हुई। वार्ताकार दल की यात्रा स्थगित होने का मतलब यह थोड़े है कि हमारी बातचीत बंद हो गई है। व्यापार के क्षेत्र में वर्तमान में उठे मुद्दे को लेकर अन्य क्षेत्रों में अमेरिका के साथ सहयोग के संबंध बरकरार है। उन्होंने कहा कि व्यापार के मामले में भारत की सरकार के रूप में अपने देश के किसानों और छोटे उत्पादकों के हित हमारे लिए ‘ लक्षमण रेखा है।’ इस पर हम कोई समझौता नहीं करेंगे। </p>
<p><strong>पाक के साथ मुद्दों पर तीसरे देश की मध्यस्थता मंजूर नहीं</strong><br />उन्होंने कहा कि इसी तरह रणनीतिक स्वायत्तता के मामले में भारत की पिछली 50 साल की यही नीति रही है कि हमें पाकिस्तान के साथ मुद्दों को लेकर किसी तीसरे देश की मध्यस्थता मंजूर नहीं। इस समय जो लोग हमारी आलोचना कर रहे हैं उनसे मेरा उल्टा सवाल है कि क्या हम किसानों के हित को छोड़ दे, क्या हम अपनी रणनीति स्वायत्तता को छोड़ दें।</p>
<p><strong>ट्रम्प का दुनिया में व्यवहार अलग-अलग</strong><br />यह पूछे जाने पर कि क्या यह अजीब नहीं है कि अमेरिका भारत जैसे एक रणनीतिक भागीदार पर राष्ट्रीय सुरक्षा के बहाने आयात शुल्क लगा रहा है? विदेश मंत्री का कहना था कि शुल्क की घोषणा तो दूर अमेरिका ने इससे पहले सार्वजनिक बयानों के जरिये विदेश नीति का संचालन नहीं किया। ट्रम्प अपने देश और बाहरी दुनिया के साथ जिस ढंग से व्यवहार कर रहे हैं वह अलग ही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 24 Aug 2025 14:07:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>शरिया से कोई समझौता नहीं करेगा तालिबान, सामने आया सुप्रीम लीडर अखुंदजादा, बोला- हमें ऑर्डर न दें!</title>
                                    <description><![CDATA[काबुल। तालिबान का सुप्रीम लीडर मुल्ला हैबतुल्लाह अखुंदजादा शुक्रवार को काबुल में धार्मिक नेताओं के एक विशाल जलसे में शामिल हुआ। अनुमान है कि इस तीन दिवसीय जलसे में 3000 लोग शामिल हो सकते हैं जिसकी शुरूआत गुरुवार को काबुल की पॉलिटेक्निक यूनिवर्सिटी में हुई है। पिछले साल अगस्त में तालिबान के सत्ता में आने के बाद से अखुंदजादा पहली बार सार्वजनिक रूप से सामने आया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/taliban-will-not-compromise-with-sharia--supreme-leader-akhundzada-came-forward--said--do-not-order-us/article-13442"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/d-3.jpg" alt=""></a><br /><p>काबुल। तालिबान का सुप्रीम लीडर मुल्ला हैबतुल्लाह अखुंदजादा शुक्रवार को काबुल में धार्मिक नेताओं के एक विशाल जलसे में शामिल हुआ। अनुमान है कि इस तीन दिवसीय जलसे में 3000 लोग शामिल हो सकते हैं जिसकी शुरूआत गुरुवार को काबुल की पॉलिटेक्निक यूनिवर्सिटी में हुई है। पिछले साल अगस्त में तालिबान के सत्ता में आने के बाद से अखुंदजादा पहली बार सार्वजनिक रूप से सामने आया है। अफगानिस्तान के सरकारी रेडियो पर शुक्रवार को इस जलसे का प्रसारण किया गया। अल जजीरा की खबर के अनुसार जलसे में अफगानिस्तान इस्लामिक अमीरात जिंदाबाद जैसे नारे सुने गए। सरकारी न्यूज एजेंसी बख्तार के मुताबिक अखुंदजादा ने अपने भाषण में तालिबानी नेताओं को अफगानिस्तान पर कब्जे के लिए मुबारकबाद देते हुए कहा कि अफगान जिहाद की जीत सिर्फ अफगानों के लिए गर्व की बात नहीं है बल्कि दुनियाभर के मुसलमानों के लिए है। खबरों की मानें तो अखुंदजादा ने कहा कि दुनिया को तालिबान को यह नहीं बताना चाहिए कि देश कैसे चलाना है।</p>
<p><br /><strong>हमारे मामलों में क्यों दखल दे रहा विश्व</strong><br />तालिबानी सुप्रीम लीडर ने कहा कि दुनिया हमारे मामलों में दखल क्यों दे रही है? वे कहते हैं-आपने यह क्यों नहीं किया? आपने वह क्यों नहीं किया?- विश्व हमारे काम में इतना दखल क्यों देता है? इस दौरान अखुंदजादा ने पिछले महीने देश में आए भयानक भूकंप के पीड़ितों के लिए नमाज भी अदा की, जिसमें 1000 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी। पिछले कई दिनों से अखुंदजादा की मौजूदगी की अफवाहें उड़ रही थीं। मीडिया को इस इवेंट को कवर करने से रोक दिया गया है। इस जलसे में अखुंदजादा ने साफ कर दिया कि तालिबान राज शरिया कानून से कोई समझौता नहीं करेगा। अपने भाषण में तालिबानी नेता ने कहा कि शरिया में बताए गए नियमों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। तालिबान किसी के भी आदेशों को स्वीकार नहीं करेगा। अखुंदजादा तालिबान की जन्मस्थली कंधार में रहता और बेहद कम ही शहर से बाहर आता है। कुछ ऑडियो रिकॉर्डिंग और एक-दो तस्वीरों के अलावा अखुंदजादा के बारे में बेहद सीमित जानकारियां ही सार्वजनिक मंचों पर उपलब्ध है।  और वह एक रहस्यमय जीवन जीने के लिए जाना जाता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 02 Jul 2022 13:18:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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