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                <title>supreme leader - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई पूरी तरह सुरक्षित, यूसुफ पेजेशकियन ने किया चोटिल होने की खबरों का खंडन </title>
                                    <description><![CDATA[ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के स्वास्थ्य पर जारी अटकलों को राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के बेटे ने खारिज कर दिया है। उन्होंने पुष्टि की कि मोजतबा पूरी तरह स्वस्थ हैं और हमलों में घायल होने की खबरें महज अफवाह हैं। नियुक्ति के बाद सार्वजनिक रूप से न दिखने के कारण सुरक्षा कारणों से उनकी गोपनीयता बरकरार रखी गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/irans-new-supreme-leader-mojtaba-khamenei-is-completely-safe-youssef/article-146085"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/iran4.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के स्वास्थ्य को लेकर जारी अटकलों के बीच को एक बड़ा स्पष्टीकरण सामने आया है। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के पुत्र, यूसुफ पेजेशकियन ने बुधवार को पुष्टि की कि नये सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ हैं।</p>
<p>पेजेशकियन ने अपने टेलीग्राम चैनल पर एक पोस्ट के माध्यम से यह जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि कुछ मित्रों, जिनके उच्च स्तर पर संपर्क हैं, उन्होंने उन्हें आश्वस्त किया है कि सर्वोच्च नेता स्वस्थ्य एवं सुरक्षित हैं उन्हें कोई नुकसान नहीं पहुँचा है। इससे पहले कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों में दावा किया जा रहा था कि पिछले दिनों ईरान पर हुए अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हवाई हमलों में मोजतबा खामेनेई घायल हो गए थे। नियुक्ति के 48 घंटों बाद भी उनके सार्वजनिक रूप से सामने न आने के कारण इन अफवाहों को और बल मिला था। हालांकि, राष्ट्रपति के परिवार की ओर से आए इस बयान के बाद अब उनके स्वास्थ्य को लेकर बनी अनिश्चितता समाप्त होने की उम्मीद है।</p>
<p>मोजतबा खामेनेई को हाल ही में उनके पिता आयतुल्लाह अली खामेनेई के निधन के बाद ईरान का तीसरा सर्वोच्च नेता नियुक्त किया गया है। वर्तमान में क्षेत्र में जारी युद्ध के कारण उनकी सुरक्षा को लेकर कड़े प्रबंध किए गए हैं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Mar 2026 14:30:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ईरान में नए युग की शुरुआत: दिवंगत अली खामेनेई के बेटे मोजतबा ने संभाली कमान, नया सर्वोच्च नेता बनते ही ईरान ने इजरायल पर बोला हमला</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान की असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने सोमवार को मोजतबा खामेनेई को आधिकारिक तौर पर नया सर्वोच्च नेता चुन लिया। युद्ध के तनाव और बाहरी धमकियों के बीच 88 सदस्यीय परिषद ने यह ऐतिहासिक फैसला लिया। दिवंगत नेता के पुत्र मोजतबा को लंबे समय से सुरक्षा तंत्र का शक्तिशाली चेहरा माना जाता रहा है, जो अब देश की कमान संभालेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/beginning-of-a-new-era-in-iran-mojtaba-son-of/article-145779"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/mojtaba-khamenei-iran-new-supreme-leader.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई के पुत्र मोजतबा खामेनेई को सोमवार को देश का नया सर्वोच्च नेता चुन लिया गया। ईरान के सरकारी मीडिया ने आधिकारिक तौर पर इस फैसले की जानकारी साझा की है। ईरान में नेतृत्व के चयन के लिए उत्तरदायी संस्था असेंबली ऑफ़ एक्सपर्ट्स ने उनके नाम पर मुहर लगाई। गौरतलब है कि यह परिषद 88 सदस्यीय एक शक्तिशाली धार्मिक संस्था है, जो पिछले कुछ समय से नए नेता के चयन की प्रक्रिया में जुटी थी।</p>
<p>परिषद के एक आधिकारिक बयान में कहा गया, युद्ध के अत्यंत गंभीर हालातों और हमारी संस्था के विरुद्ध शत्रुओं की सीधी धमकियों के बावजूद, इस्लामी व्यवस्था के नेतृत्व के चयन और उसकी घोषणा की प्रक्रिया एक पल के लिए भी नहीं रुकी। मोजतबा का जन्म आठ सितंबर 1969 को ईरान के मशहद शहर में हुआ था। वह अपने छह भाई-बहनों में दूसरे स्थान पर हैं। उन्हें लंबे समय से अपने पिता के उत्तराधिकारी और ईरानी सुरक्षा तंत्र के प्रभावशाली चेहरे के रूप में देखा जाता रहा है।</p>
<p>एमएनए के अनुसार, ईरानी सेना, अधिकारियों और जनता ने खामेनेई के प्रति अपनी निष्ठा की शपथ ली है। सोमवार तड़के जारी बयानों में, ईरान के अधिकारियों और संगठनों ने नए चुने गए नेता के प्रति अपनी वफादारी की घोषणा की। ईरान के सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ ने खामेनेई के प्रति निष्ठा जताते हुए एक बयान में पुष्टि की कि वे दुश्मनों की साजिशों के खिलाफ खड़े रहेंगे और देश की रक्षा में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।</p>
<p>शिया धर्मगुरु खामेनेई ईरानी सत्ता के गलियारों में सबसे प्रभावशाली हस्तियों में से एक हैं और उन्हें शक्तिशाली इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉप्र्स का करीबी माना जाता है। ईरान की असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने ईरानी लोगों से नए चुने गए नेता के पीछे खड़े होने और एकता बनाए रखने का आग्रह किया है। </p>
<p>वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि खामेनेई का बेटा उन्हें अस्वीकार्य होगा। उन्होंने कहा था कि यदि नियुक्ति उनकी इच्छा के अनुसार नहीं हुई, तो ईरान का नया नेता ज्यादा समय तक नहीं टिक पाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Mon, 09 Mar 2026 12:00:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>ईरान के सर्वोच्च नेता के नाम पर बनी सहमति: इजरायल ने दी जान से मारने की धमकी, जानें कौन संभालेगा देश की कमान ?</title>
                                    <description><![CDATA[अयातुल्ला खामेनेई की हत्या के बाद ईरान की एक्सपर्ट्स असेंबली ने नए सर्वोच्च नेता के नाम पर सहमति बना ली है। मोजतबा खामेनेई और मीरबागेरी रेस में सबसे आगे हैं। इस बीच, इजरायल ने चेतावनी दी है कि वह नए उत्तराधिकारी को भी निशाना बनाने से नहीं हिचकिचाएगा। युद्ध के माहौल में सैन्य मनोबल बनाए रखने हेतु जल्द आधिकारिक घोषणा संभव है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/who-will-become-the-strongman-of-iran-consensus-reached-on/article-145725"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/iran-flag.png" alt=""></a><br /><p>तेल अवीव। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद खाली हुए पद को भरने के लिए असेंबली ऑफ एक्सपटर्स ने नए उत्तराधिकारी के नाम पर लगभग सहमति बना ली है। रिपोर्ट के अनुसार, परिषद के सदस्य अयातुल्ला मोहम्मद मेहदी मीरबागेरी ने पुष्टि की है कि नेतृत्व निर्धारित करने के लिए बड़े प्रयास किए गए हैं और एक निर्णायक और सर्वसम्मत राय बन चुकी है।</p>
<p>हालांकि, सुरक्षा कारणों और कठिन परिस्थितियों का हवाला देते हुए अभी तक नए नेता के नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। परिषद के एक अन्य सदस्य हुज्जतुल इस्लाम जाफरी ने कहा कि तीसरे सर्वोच्च नेता के चयन में देरी सभी के लिए अनपेक्षित है, लेकिन जल्द ही परिणाम सामने आएंगे। गौरतलब है कि 88 सदस्यीय यह परिषद ही ईरान के सर्वोच्च नेता को चुनने के लिए संवैधानिक रूप से अधिकृत है। </p>
<p>ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह खामेनेई, ने 37 वर्षों तक शासन किया था और वह 28 फरवरी को तेहरान में एक अमेरिकी-इजरायली हमले में मारे गए थे। उनके निधन के एक सप्ताह के बाद भी ईरान उनकी जगह किसी को नेता चुन नहीं सका और इसके बजाए देश की कमान एक तीन सदस्यीय समिति को सौंप दी गयी थी। इस देरी के कारण ईरान के कुछ समूहों में असंतोष भी उपज रहा था। इन लोगों का मानना है कि नेतृत्व के नाम पर एक चेहरा अवश्य होना चाहिए। विशेषकर युद्ध के हालात में फौज का मनोबल बनाए रखने के लिए ऐसा करना जरूरी है। </p>
<p>दूसरी ओर, इजरायल ने ईरान के संभावित नए सर्वोच्च नेता और उनके चयन में शामिल लोगों को सीधी सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी है। इजरायल रक्षा बल ने रविवार को जारी एक बयान में कहा कि इजरायल का लंबा हाथ खामेनेई के उत्तराधिकारी और उसे नियुक्त करने वाले किसी भी व्यक्ति का पीछा करना जारी रखेगा। आईडीएफ ने चेतावनी देते हुए कहा, हम आपको निशाना बनाने में संकोच नहीं करेंगे। इसे अपने लिए चेतावनी समझें।</p>
<p>आधिकारिक नाम की घोषणा अभी भले न हुयी हो, लेकिन विशेषज्ञों और अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों के अनुसार इस शक्तिशाली पद के लिए कई नाम सामने आए हैं। इनमें पहला नाम अयातुल्ला मोहम्मद-मेहदी मीरबागेरी है। वह असेंबली ऑफ एक्सपट्र्स के प्रभावशाली सदस्य और देश के प्रमुख नेता हैं। हाल के वीडियो संदेशों में उनके सक्रिय रुख और सर्वसम्मत राय की उनकी घोषणा ने उन्हें इस दौड़ में सबसे मजबूत उम्मीदवार के रूप में स्थापित किया है। उन्हें खामेनेई की विचारधारा का कड़ा समर्थक माना जाता है। </p>
<p>इस सूची में दूसरा नाम मोजतबा खामेनेई का है। वह दिवंगत सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के दूसरे पुत्र हैं। हालांकि, ईरान में नेतृत्व वंशानुगत नहीं है, लेकिन धार्मिक और सैन्य हलकों विशेषकर रिवोल्यूशनरी गाड्र्स में उनका गहरा प्रभाव है। पर्दे के पीछे से सत्ता के संचालन में उनकी भूमिका लंबे समय से महत्वपूर्ण रही है। तीसरा नाम अलीरेजा अराफी का है। वह ईरान के मदरसों के प्रमुख और असेंबली ऑफ एक्सपट्र्स के सदस्य हैं। उनकी छवि एक गंभीर विद्वान और प्रशासनिक अनुभव रखने वाले नेता की है, जो विभिन्न गुटों के बीच संतुलन बनाने की क्षमता रखते हैं। </p>
<p>इसके अलावा हुज्जतुल इस्लाम जाफरी का भी सामने आ रहा है। वह इस परिषद के सदस्य हैं और उन्होंने हाल ही में जनता से धैर्य रखने की अपील की है। उनका नाम एक सर्वसम्मत उम्मीदवार के रूप में चर्चा में है, जो वर्तमान कठिन समय में देश को स्थिरता दे सकें। उल्लेखनीय है कि इजरायल की हालिया धमकियों के बाद सुरक्षा कारणों से चयन प्रक्रिया को अत्यंत गोपनीय रखा गया है। नए सर्वोच्च नेता की नियुक्ति न केवल ईरान की आंतरिक राजनीति, बल्कि इजरायल और अमेरिका के साथ जारी संघर्ष की दिशा भी तय करेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
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                <pubDate>Sun, 08 Mar 2026 18:45:34 +0530</pubDate>
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                <title>शरिया से कोई समझौता नहीं करेगा तालिबान, सामने आया सुप्रीम लीडर अखुंदजादा, बोला- हमें ऑर्डर न दें!</title>
                                    <description><![CDATA[काबुल। तालिबान का सुप्रीम लीडर मुल्ला हैबतुल्लाह अखुंदजादा शुक्रवार को काबुल में धार्मिक नेताओं के एक विशाल जलसे में शामिल हुआ। अनुमान है कि इस तीन दिवसीय जलसे में 3000 लोग शामिल हो सकते हैं जिसकी शुरूआत गुरुवार को काबुल की पॉलिटेक्निक यूनिवर्सिटी में हुई है। पिछले साल अगस्त में तालिबान के सत्ता में आने के बाद से अखुंदजादा पहली बार सार्वजनिक रूप से सामने आया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/taliban-will-not-compromise-with-sharia--supreme-leader-akhundzada-came-forward--said--do-not-order-us/article-13442"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/d-3.jpg" alt=""></a><br /><p>काबुल। तालिबान का सुप्रीम लीडर मुल्ला हैबतुल्लाह अखुंदजादा शुक्रवार को काबुल में धार्मिक नेताओं के एक विशाल जलसे में शामिल हुआ। अनुमान है कि इस तीन दिवसीय जलसे में 3000 लोग शामिल हो सकते हैं जिसकी शुरूआत गुरुवार को काबुल की पॉलिटेक्निक यूनिवर्सिटी में हुई है। पिछले साल अगस्त में तालिबान के सत्ता में आने के बाद से अखुंदजादा पहली बार सार्वजनिक रूप से सामने आया है। अफगानिस्तान के सरकारी रेडियो पर शुक्रवार को इस जलसे का प्रसारण किया गया। अल जजीरा की खबर के अनुसार जलसे में अफगानिस्तान इस्लामिक अमीरात जिंदाबाद जैसे नारे सुने गए। सरकारी न्यूज एजेंसी बख्तार के मुताबिक अखुंदजादा ने अपने भाषण में तालिबानी नेताओं को अफगानिस्तान पर कब्जे के लिए मुबारकबाद देते हुए कहा कि अफगान जिहाद की जीत सिर्फ अफगानों के लिए गर्व की बात नहीं है बल्कि दुनियाभर के मुसलमानों के लिए है। खबरों की मानें तो अखुंदजादा ने कहा कि दुनिया को तालिबान को यह नहीं बताना चाहिए कि देश कैसे चलाना है।</p>
<p><br /><strong>हमारे मामलों में क्यों दखल दे रहा विश्व</strong><br />तालिबानी सुप्रीम लीडर ने कहा कि दुनिया हमारे मामलों में दखल क्यों दे रही है? वे कहते हैं-आपने यह क्यों नहीं किया? आपने वह क्यों नहीं किया?- विश्व हमारे काम में इतना दखल क्यों देता है? इस दौरान अखुंदजादा ने पिछले महीने देश में आए भयानक भूकंप के पीड़ितों के लिए नमाज भी अदा की, जिसमें 1000 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी। पिछले कई दिनों से अखुंदजादा की मौजूदगी की अफवाहें उड़ रही थीं। मीडिया को इस इवेंट को कवर करने से रोक दिया गया है। इस जलसे में अखुंदजादा ने साफ कर दिया कि तालिबान राज शरिया कानून से कोई समझौता नहीं करेगा। अपने भाषण में तालिबानी नेता ने कहा कि शरिया में बताए गए नियमों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। तालिबान किसी के भी आदेशों को स्वीकार नहीं करेगा। अखुंदजादा तालिबान की जन्मस्थली कंधार में रहता और बेहद कम ही शहर से बाहर आता है। कुछ ऑडियो रिकॉर्डिंग और एक-दो तस्वीरों के अलावा अखुंदजादा के बारे में बेहद सीमित जानकारियां ही सार्वजनिक मंचों पर उपलब्ध है।  और वह एक रहस्यमय जीवन जीने के लिए जाना जाता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 02 Jul 2022 13:18:27 +0530</pubDate>
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