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                <title>Resignation - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Resignation RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>निकाय चुनाव से ठीक पहले अजमेर भाजपा में सियासी भूचाल! पूर्व मेयर धर्मेंद्र गहलोत ने छोड़ी पार्टी, विधानसभा अध्यक्ष देवनानी पर लगाए गंभीर आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान निकाय चुनाव से ठीक पहले अजमेर भाजपा में अंदरूनी खींचतान तेज हो गई है। पूर्व महापौर धर्मेंद्र गहलोत ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और नागौर जिला चुनाव प्रभारी पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने सीधे विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के खिलाफ मोर्चा खोला है, जिससे अजमेर से जयपुर तक हड़कंप मच गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/just-before-the-civic-elections-political-turmoil-in-ajmer-bjp/article-163456"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/111200-x-600-px)-(10)1.png" alt=""></a><br /><p>अजमेर। आगामी निकाय चुनाव को लेकर बिछ रही राजनीतिक बिसात के बीच राजस्थान में अजमेर भाजपा की अंदरूनी खींचतान एक बार फिर सार्वजनिक रूप से भड़क उठी है। पार्टी के पूर्व महापौर धर्मेंद्र गहलोत ने भारतीय जनता पार्टी की प्राथमिक सदस्यता के साथ-साथ हाल ही में मिले नागौर जिला चुनाव प्रभारी के पद से इस्तीफे का ऐलान कर दिया है।</p>
<p>धर्मेंद्र गहलोत ने अपने इस्तीफे और तीखे बयानों के जरिए सीधे तौर पर विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है, जिससे अजमेर से लेकर जयपुर तक प्रदेश की राजनीति में हड़कंप मच गया है। यह राजनीतिक धमाका निकाय चुनाव के ठीक मुहाने पर हुआ है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>अजमेर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 21 Aug 2026 09:22:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को झटका, प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट छोड़ेंगी पद</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट महीने के अंत में इस्तीफा देंगी। लेविट ने बताया कि वह अपने छोटे बच्चों और परिवार को समय देने के लिए यह पद छोड़ रही हैं। अब वह ट्रंप की प्रमुख बाहरी सलाहकार के रूप में कार्य करेंगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/shock-to-trump-press-secretary-caroline-levitt-will-step-down/article-162861"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/trump.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को घोषणा की कि व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट महीने के अंत में अपने पद से इस्तीफा देंगी। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में लेविट को अपने ‘सबसे भरोसेमंद सहयोगियों’ में से एक बताया और कहा कि वह अपने छोटे बच्चों और परिवार के साथ समय बिताने के लिए पद छोड़ रही हैं। उन्होंने कहा कि वह उनके फैसले को पूरी तरह समझते और उसका सम्मान करते हैं।</p>
<p>ट्रंप ने कहा कि लेविट अब उनकी प्रमुख बाहरी सलाहकारों में शामिल रहेंगी और रिपब्लिकन पार्टी में प्रभावशाली भूमिका निभाएंगी। लेविट ने पिछले वर्ष व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव का पद संभाला था और वह इस पद पर नियुक्त होने वाली सबसे कम उम्र की थीं। उनके स्थान पर किसे नियुक्त किया जाएगा, इसकी अभी घोषणा नहीं की गयी है। लेविट ने के पति निकोलस रिसियो है। उन्होंने मई में अपनी दूसरी संतान एक बेटी को जन्म दिया था। उनका दो वर्ष का एक बेटा भी है। वह पिछले महीने मातृत्व अवकाश के बाद काम पर लौटी थीं।</p>
<p>राष्ट्रपति की घोषणा के बाद लेविट ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव के रूप में काम करना उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान और रोमांच रहा है। उन्होंने कहा कि दुनिया की सबसे कठिन नौकरियों में से एक को निभाते हुए मां बनना और एक बच्चे को जन्म देना उनके जीवन का सबसे चुनौतीपूर्ण और संतोषजनक दौर रहा है। लेविट ने कहा कि बेटी के जन्म के बाद व्हाइट हाउस लौटने पर उन्हें महसूस हुआ कि वह अपने दो छोटे बच्चों की मां के रूप में उन्हें वह समय और ध्यान नहीं दे पाएंगी, जिसके वे हकदार हैं, जबकि प्रेस सचिव के पद के लिए लगातार समय, ऊर्जा और ध्यान की आवश्यकता होती है। इसी कारण उन्होंने व्हाइट हाउस छोड़ने और जीवन के एक नये अध्याय की शुरुआत करने का फैसला किया।</p>
<p>व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव बनने से पहले भी लेविट लंबे समय तक ट्रंप के साथ काम कर चुकी थीं। उनके पहले कार्यकाल में उन्होंने सहायक प्रेस सचिव और भाषण लेखिका के रूप में काम किया था। इसके बाद वह न्यूयॉर्क की रिपब्लिकन सांसद एलिस स्टेफनिक की संचार निदेशक बनीं और उनके शीर्ष सहयोगियों में शामिल रहीं। वर्ष 2022 में लेविट ने न्यू हैम्पशायर से अमेरिकी कांग्रेस का चुनाव लड़ा था। उन्होंने रिपब्लिकन पार्टी के विवादित प्राथमिक चुनाव में जीत हासिल की, लेकिन बाद में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार क्रिस पप्पास से चुनाव हार गयीं। इसके बाद वह ट्रंप समर्थक धन जुटाने वाले संगठन 'मागा इंक' की प्रवक्ता बनीं और 2024 के राष्ट्रपति चुनाव अभियान में ट्रंप की राष्ट्रीय प्रेस सचिव के रूप में काम किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 13 Aug 2026 15:38:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>टाटा संस के चेयरमैन N. Chandrasekaran ने दिया इस्तीफा, मौजूदा कार्यकाल करेंगे पूरा</title>
                                    <description><![CDATA[टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने पद से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि, वह तत्काल प्रभाव से पद नहीं छोड़ेंगे और फरवरी 2027 तक अपना मौजूदा कार्यकाल पूरा करेंगे। 18 अगस्त को प्रस्तावित एजीएम और पुनर्नियुक्ति को लेकर बोर्ड व टाटा ट्रस्ट्स के बीच मतभेदों के कारण यह फैसला हुआ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/tata-sons-chairman-n-chandrasekaran-resigns-will-complete-current-term/article-162719"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/111200-x-600-px)-(1)47.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने 12 अगस्त 2026 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि, वह तत्काल पद नहीं छोड़ेंगे और फरवरी 2027 तक अपना मौजूदा कार्यकाल पूरा करेंगे। चंद्रशेखरन 2017 से टाटा संस की कमान संभाल रहे हैं। इससे पहले वह टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के CEO और MD रह चुके हैं। उनका इस्तीफा ऐसे समय हुआ है, जब 18 अगस्त को टाटा संस की AGM प्रस्तावित है।</p>
<p>दरअसल, फरवरी में चंद्रशेखरन के कार्यकाल के विस्तार पर बोर्ड ने फैसला टाल दिया था। इसके बाद टाटा ट्रस्ट्स और टाटा संस के बीच उनकी पुनर्नियुक्ति को लेकर मतभेद की खबरें सामने आई थीं। 18 अगस्त की बैठक में चंद्रशेखरन के निदेशक पद पर दोबारा नियुक्ति को लेकर वोटिंग होनी थी। उनके निदेशक पद पर नहीं रहने की स्थिति में चेयरमैन पद पर बने रहना भी मुश्किल हो सकता था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 12 Aug 2026 12:24:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिल्ली में छाए 'धन्यवाद राहुल गांधी' के होर्डिंग, युवा कांग्रेस बोली- छात्रों के संघर्ष और नेतृत्व की ऐतिहासिक जीत</title>
                                    <description><![CDATA[केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के पद छोड़ने के बाद राष्ट्रीय राजधानी में सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। विपक्षी दलों और छात्र संगठनों ने इसे युवाओं की एकजुटता की बड़ी सफलता करार दिया है। वहीं, सरकार ने पारदर्शिता और शिक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने के लिए नए सुधारों पर तेजी से काम करना शुरू कर दिया है ताकि छात्रों का भविष्य सुरक्षित रह सके।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/hoardings-thanks-to-rahul-gandhi-were-seen-in-delhi-youth/article-161032"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/aksh-lakda.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद दिल्ली प्रदेश युवा कांग्रेस ने राजधानी के विभिन्न इलाकों में "धन्यवाद राहुल गांधी" के होर्डिंग लगाये हैं। युवा कांग्रेस ने इसे देश भर के छात्रों के संघर्ष और राहुल गांधी के नेतृत्व की जीत बताया। दिल्ली प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष अक्षय लाकड़ा ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा देश के छात्रों की ऐतिहासिक जीत है, क्योंकि छात्र ही देश का भविष्य हैं। उन्होंने कहा कि जिस इस्तीफे को केंद्र सरकार में असंभव बताया जा रहा था, उसे छात्रों के संघर्ष और राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने संभव कर दिखाया है।</p>
<p>लाकड़ा ने कहा कि आंदोलन अभी समाप्त नहीं हुआ है और छात्रों की दो प्रमुख मांगें अब भी बाकी हैं। उन्होंने मांग की कि प्रदर्शनकारियों छात्रों पर बर्बरता करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि देश का युवा राहुल गांधी के नेतृत्व पर विश्वास जता रहा है और इसी भावना को व्यक्त करने के लिए दिल्ली के कई स्थानों पर "धन्यवाद राहुल गांधी" के होर्डिंग लगाये गये हैं। युवा कांग्रेस ने कहा कि छात्रों के अधिकारों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर उसका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Sun, 26 Jul 2026 17:19:15 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>राम मंदिर चंदा विवाद: चंपत राय और अनिल मिश्रा ने दिया इस्तीफा, रामजन्मभूमि ट्रस्ट के थे महासचिव </title>
                                    <description><![CDATA[राम मंदिर चढ़ावा चोरी और चंदा विवाद के बीच श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से बड़ी खबर आ रही है। सूत्रों के अनुसार, विवादों और विपक्ष के बढ़ते दबाव के चलते ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। विहिप (VHP) के हस्तक्षेप के बाद यह कदम उठाया गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/ram-mandir-donation-controversy-champat-rai-and-anil-mishra-resigned/article-158140"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/chapat-rai.png" alt=""></a><br /><p>अयोध्या। राम मंदिर चंदा विवाद में बड़ी खबर सामने आ रही है। जानकारी के अनुसार राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और अनिल मिश्रा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। बताया जा रहा है कि वीएचपी के कहने पर चंपत राय ने अपना इस्तीफा दिया है।</p>
<p>चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद चंतप राय पर लगातार दबाव था और वह विपक्ष के निशाने पर थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 26 Jun 2026 13:31:47 +0530</pubDate>
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                <title>बेनकाब हुई मान के वीडियो को छिपाने की कोशिश : अब इस्तीफ़ा ही एकमात्र विकल्प, आरपी सिंह ने की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[अडानी समूह के चेयरमैन गौतम अडानी ने एजीएम में कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 अभूतपूर्व जांच और आलोचनाओं के बावजूद समूह मजबूती से आगे बढ़ता रहा। कंपनी ने 1.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया, जो देश के निजी पूंजीगत व्यय का 30% से ज्यादा है। समूह का राजस्व 2.92 लाख करोड़ और शुद्ध लाभ 46,376 करोड़ रुपये रहा।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/attempt-to-hide-manns-video-exposed-now-resignation-is-the/article-157915"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/1200-x-600-px)-(8).png" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आर.पी. सिंह ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े विवादित वीडियो मामले में हरियाणा के गुरुग्राम में प्राथमिकी दर्ज किये जाने पर उनसे इस्तीफे की मांग की है। सिंह ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि मान के वीडियो को छिपाने की कोशिश बेनकाब हो गयी है। गुरुग्राम पुलिस की अपराध शाखा ने इस संबंध में आपराधिक मामला दर्ज किया है। इससे पंजाब के मुख्यमंत्री को राजनीतिक और धार्मिक बर्बादी से बचाने के लिए फॉरेंसिक सबूतों में हेरफेर करने की सरकारी साजिश का पर्दाफाश हुआ है। भाजपा प्रवक्ता ने लिखा, प्राथमिकी संख्या 0263 (डीएलएफ सेक्टर-29) का सामने आना एक बड़े धमाके जैसा है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">उन्होंने कहा कि यह सिफऱ् एक राजनीतिक विवाद नहीं है। यह एक गंभीर आपराधिक जांच का मामला है। प्राथमिकी में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की सख्त धाराओं का इस्तेमाल किया गया है, जिसमें संगठित अपराध के लिए धारा 111(2)(ए), धोखाधड़ी की के लिए धारा 318(2), और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड में हेरफेर के लिए धारा 336/340 शामिल हैं। साथ ही सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कानून भी लागू किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी तंत्र को असलियत बदलने के लिए कानूनी डेटा को सुनियोजित तरीके से गढऩे की कोशिश करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">सिंह ने कहा कि प्राथमिकी के मुताबिक व्हिसलब्लोअर जसप्रीत को 15-16 जून को गुरुग्राम के क्राउन प्लाजा <span> </span>होटल में कुछ लोगों ने घेरा, जो खुद को पंजाब के वरिष्ठ अधिकारी और एक को बड़े अधिकारी (बड़े साहब) बता रहे थे। उन्होंने कहा कि जब जसप्रीत ने उन्हें चेतावनी दी कि वीडियो इतना खराब है कि वैज्ञानिक रूप से यह साबित नहीं किया जा सकता कि यह डीपफेक है, तो मामला गंभीर हो गया। उनके परिवार को गंभीर धमकियां दी गईं और एक मनमुताबिक'कृत्रिम बुद्धिमता (एआई) से तैयार वीडियो क्लीन चिट (पाक साफ) खरीदने के लिए उनकी गाड़ी में जबरन 10 लाख रुपये नगद रख दिया। भाजपा प्रवक्ता ने लिखा कि जब विशेषज्ञ अपनी बात से नहीं डिगे, तो साजिश रचने वालों ने उन्हें दरकिनार कर दिया। पंजाब के अज्ञात अधिकारियों ने पंचकूला और दिल्ली में दो ठेके पर काम करने वाले अरुण महेंद्रू और अंकित शर्मा को पेन ड्राइव पहुंचाईं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">अधिकारियों की तरफ से लगातार व्हाट््एस पर मिल रहे निर्देशों के तहत उन्होंने साइफर सेंटिनल लैब और साइबर यान लैब के नाम से देखने में असली लगने वाले अनापत्ति प्रमाणपत्र बनाए। उन्होंने कहा कि जांचकर्ताओं ने पाया कि ये लैब असल में कहीं मौजूद ही नहीं हैं और न ही इनके पास कोई कानूनी मान्यता है। अब दोनों लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। भाजपा प्रवक्ता ने कहा, कुछ ही दिन पहले आम आदमी पार्टी (आप) के नेतृत्व ने बड़े गर्व से स्वतंत्र लैब रिपोर्ट दिखाई थी, ताकि मान को बेदाग़ साबित किया जा सके और अकाल तख्त साहिब के उस आधिकारिक बयान को खुलेआम चुनौती दी जा सके जिसमें कहा गया था कि वीडियो असली है। उन्होंने आज, वे स्वतंत्र लैब असल में धोखाधड़ी करने वाले नकली सेटअप निकले, जिन्हें ठेके पर रखे गए लोग चला रहे थे और जो एक आपराधिक गिरोह का हिस्सा थे। सिंह ने कहा, नकली विज्ञान और सरकार के समर्थन से डरा-धमकाकर पंथ और जनता को गुमराह करना मान सरकार के लिए एक घातक चोट है। अब इस्तीफ़ा ही एकमात्र विकल्प बचा है। </span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">उल्लेखनीय है कि जनवरी 2026 की शुरुआत में अकाल तख्त साहिब ने मान को सिख आचार संहिता, अकाल तख्त की सर्वोच्चता और गुरु की गोलक को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के आरोप में तलब किया था। अकाल तख्त की ओर से जारी पत्र में मान से जुड़े कुछ आपत्तिजनक वीडियो का भी जिक्र किया गया था, जिनमें उन पर सिख गुरुओं और जरनैल सिंह भिंडरावाले की तस्वीरों के साथ अनुचित गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया गया था। <span> </span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 24 Jun 2026 12:31:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>केंद्र सरकार में बड़ा बदलाव: राष्ट्रपति मुर्मु ने स्वीकार किया जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा, मंत्री पद से तत्काल विदाई</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने प्रधानमंत्री की सलाह पर केंद्रीय राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है। वह मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री थे। मध्य प्रदेश से राज्यसभा का कार्यकाल 21 जून को समाप्त होने और दोबारा टिकट न मिलने के बाद उन्होंने यह कदम उठाया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/big-change-in-the-central-government-president-murmu-accepted-george/article-157817"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/025.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने केंद्रीय राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। राष्ट्रपति सचिवालय ने मंगलवार को बताया कि प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति ने संविधान के अनुच्छेद 75 के खंड (2) के अंतर्गत श्री कुरियन का केंद्रीय मंत्रिपरिषद से त्यागपत्र तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है। कुरियन केंद्र सरकार के तीसरे कार्यकाल में अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री थे। उनका राज्यसभा का कार्यकाल समाप्त होने के बाद उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।</p>
<p>केंद्र सरकार ने उन्हें हाल ही में हुए राज्यसभा के चुनाव में दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाया था। वह राज्यसभा में मध्य प्रदेश से चुनकर आए थे और 21 जून को उनका कार्यकाल समाप्त हो गया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 13:22:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अल्बानिया: स्केनबेर्ग चौक आंदोलन बना व्यापक सत्ता-विरोधी प्रदर्शन, पीएम एदी रामा के इस्तीफे की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[अल्बानिया की राजधानी तिराना में जैरेड कुशनर की पर्यटन परियोजना के खिलाफ शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन अब बड़े राजनीतिक आंदोलन में बदल गया है। लगातार 10वें दिन सड़कों पर उतरे हजारों प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री एदी रामा के इस्तीफे की मांग की और सत्तापक्ष व विपक्ष दोनों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/albania-sch%C3%B6nberg-square-movement-becomes-massive-anti-establishment-protest-demanding-pm/article-156696"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/अलबनिया.png" alt=""></a><br /><p>तिराना। यूरोपीय देश अल्बानिया में एक संरक्षित तटीय क्षेत्र में प्रस्तावित पर्यटन विकास परियोजना के विरोध से शुरू हुआ आंदोलन अब एक व्यापक सत्ता-विरोधी आंदोलन में बदल चुका है। बुधवार रात राजधानी तिराना में लगातार 10वें दिन हजारों लोग सड़कों पर उतरे और प्रधानमंत्री एदी रामा के इस्तीफे की मांग की। रिपोर्ट के अनुसार प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकार और मुख्य विपक्षी दल दोनों ही देश की राजनीतिक और आर्थिक चुनौतियों का समाधान करने में पूरी तरह विफल रहे हैं।</p>
<p>राजधानी तिराना के स्केनबेर्ग चौक पर भारी संख्या में प्रदर्शनकारी एकत्र हुए और वहां से संसद भवन की ओर मार्च किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने ‘रामा जेल में, बेरीशा जेल में’ के नारे लगाये। यहां ‘बेरीशा’ का संदर्भ पूर्व प्रधानमंत्री और वर्तमान में ‘डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ अल्बानिया’ के अध्यक्ष सालि बेरीशा से है, जिससे साफ है कि जनता सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों से नाराज है। यह विरोध प्रदर्शन मूल रूप से पीशे पोरो क्षेत्र और साज़ान द्वीप पर एक प्रस्तावित पर्यटन विकास परियोजना के खिलाफ शुरू हुआ था। यह परियोजना अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जैरेड कुशनर से जुड़े एक उद्यम द्वारा एक संरक्षित तटीय क्षेत्र में निवेश से संबंधित है। </p>
<p>पर्यावरण और स्थानीय हितों को लेकर शुरू हुआ यह विरोध अब एक बड़े आंदोलन का रूप ले चुका है, जो सरकार की विभिन्न नीतियों और कानूनों को चुनौती दे रहा है। आंदोलन के दसवें दिन आयोजकों ने इसे एक राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन का रूप दिया। प्रदर्शनकारी नेताओं ने देश और विदेशों में रहने वाले सभी अल्बानियाई लोगों से इस रैली में शामिल होने का आह्वान किया था। इस रैली को जानबूझकर ‘लीग ऑफ प्रिजरेन’ की स्थापना की वर्षगांठ के दिन आयोजित किया गया था, जो 19वीं सदी की एक ऐतिहासिक घटना है और अल्बानियाई राष्ट्रीय एकता का एक बड़ा प्रतीक मानी जाती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 18:30:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>टीएमसी को बड़ा झटका: अभिनेत्री कोयल मल्लिक ने राज्यसभा से दिया इस्तीफा, उच्च सदन में तृणमूल के बचे सिर्फ 9 सांसद</title>
                                    <description><![CDATA[तृणमूल कांग्रेस में जारी उथल-पुथल के बीच प्रसिद्ध अभिनेत्री कोयल मल्लिक ने राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। सुखेंदु शेखर रॉय, सुस्मिता देव और प्रकाश चिक बड़ाइक के बाद यह चौथा बड़ा इस्तीफा है। इस सियासी संकट से उच्च सदन में टीएमसी की संख्या घटकर महज 9 रह गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/big-blow-to-tmc-actress-koel-mallik-resigns-from-rajya/article-156704"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/koel-mullick.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस के भीतर जारी राजनीतिक अनिश्चितता और उथल-पुथल के बीच मशहूर अभिनेत्री और नेता कोयल मल्लिक ने गुरुवार को राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। मल्लिक के इस कदम से पहले राज्यसभा सदस्य सुखेंदु शेखर रॉय और सुस्मिता देव भी उच्च सदन से इस्तीफा दे चुके हैं। वहीं, आज ही सुबह एक और टीएमसी सांसद प्रकाश चिक बड़ाइक ने उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन को अपना औपचारिक इस्तीफा सौंपा था। बड़ाइक के इस्तीफे के बाद उच्च सदन में टीएमसी की सदस्य संख्या घटकर 10 रह गई थी, जो दोपहर बाद कोयल मल्लिक के इस्तीफे के साथ ही अब गिरकर महज 9 पर आ गई है।</p>
<p>बंगाली फिल्म इंडस्ट्री की बेहद लोकप्रिय अभिनेत्री कोयल मल्लिक को टीएमसी नेतृत्व द्वारा विधानसभा चुनावों से ठीक पहले राज्यसभा के लिए नामित किया गया था। इसे पार्टी की एक बड़ी रणनीतिक चाल के रूप में देखा गया था। सांसद बनने के बाद कोयल अपने पिता व दिग्गज अभिनेता रंजित मल्लिक और परिवार के साथ नई दिल्ली में नए संसद भवन भी गई थीं और उन्होंने कई मौकों पर पार्टी के चुनाव प्रचार में सक्रिय भूमिका निभाई थी।</p>
<p>राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कोयल मल्लिक का इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब टीएमसी चौतरफा राजनीतिक चुनौतियों और लगातार लग रहे झटकों का सामना कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, अभिनेत्री पिछले कुछ समय से चल रहे राजनीतिक विवादों से खुद को दूर रखना चाहती थीं और उन्होंने इस बढ़ती सियासी हलचल में उलझने के बजाय गरिमापूर्ण तरीके से पद छोड़ना बेहतर समझा। विधानसभा चुनाव के नतीजों की घोषणा के बाद से ही टीएमसी के भीतर असंतोष के सुर उभरने लगे थे। कयास लगाए जा रहे हैं कि इस्तीफों का यह सिलसिला यहीं नहीं रुकने वाला है और आने वाले दिनों में कुछ और सांसद भी इसी राह पर चल सकते हैं। </p>
<p>हालांकि, पार्टी ने अभी तक इन सामूहिक इस्तीफों पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। पद छोड़ने वाले अधिकांश नेताओं ने भी अभी तक अपने भविष्य के राजनीतिक पत्तों को नहीं खोला है। सांसद पद की शपथ लेते समय देश सेवा का संकल्प दोहराने वाली कोयल मल्लिक का महज कुछ महीनों के भीतर ही इस्तीफा दे देना, राष्ट्रीय राजनीति में टीएमसी के घटते प्रभाव और पार्टी के भीतर चल रहे गहरे आंतरिक संकट की ओर साफ इशारा कर रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/big-blow-to-tmc-actress-koel-mallik-resigns-from-rajya/article-156704</link>
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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 18:18:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>सुस्मिता देव के राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफे से तृणमूल संकट गहराया, सामूहिक दलबदल की अटकलों से बढ़ा गतिरोध</title>
                                    <description><![CDATA[तृणमूल कांग्रेस का आंतरिक संकट गहरा गया है। सुखेंदु शेखर रॉय के बाद सांसद सुस्मिता देव ने भी राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया है। दिल्ली में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से उनकी मुलाकात के बाद सियासी अटकलें तेज हैं। चर्चा है कि टीएमसी के करीब 20 सांसद पाला बदलने की तैयारी में हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/trinamool-crisis-deepens-due-to-susmita-devs-resignation-from-rajya/article-156583"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/susmita.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस के भीतर चल रहा संकट बुधवार को उस समय और गहरा गया, जब पार्टी की वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सांसद सुस्मिता देव ने उच्च सदन से इस्तीफा दे दिया। वह दिग्गज नेता सुखेंदु शेखर रॉय के बाद एक हफ्ते के भीतर इस्तीफा देने वाली तृणमूल की दूसरी सांसद बन गयी हैं। इस घटनाक्रम ने हाल ही में मिले चुनावी झटके के बाद सुश्री बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी के भीतर बढ़ते विद्रोह की अटकलों को तेज कर दिया है, जिससे संसद में बड़े राजनीतिक समीकरण बदलने की संभावना बढ़ गयी है।</p>
<p>जानकारी के अनुसार देव ने उप राष्ट्रपति एवं राज्य सभा के सभापति सी पी राधाकृष्णन से मुलाकात की और सदन की सदस्यता से अपना औपचारिक इस्तीफा सौंप दिया। उनका यह इस्तीफा सुखेंदु शेखर रॉय की पार्टी और राज्य सभा दोनों से इस्तीफा देने के कुछ दिनों बाद आया है, जिसमें उन्होंने तृणमूल के भीतर 'बेलगाम भ्रष्टाचार' और 'अराजक शासन' का हवाला दिया था। पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता के रूप में काम कर रहीं देव के इस्तीफे को तृणमूल नेतृत्व के लिए बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है, जो पहले से ही आंतरिक असंतोषों से जूझ रहा है।</p>
<p>महिला कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष रहीं देव साल 2021 में कांग्रेस छोड़कर तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुई थीं। उन्होंने सिलचर से 2019 का लोकसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन भाजपा उम्मीदवार राजदीप रॉय से हार गयी थीं। तृणमूल कांग्रेस में शामिल होने के बाद उन्हें राज्य सभा के लिए नामित किया गया और वह राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी के प्रमुख चेहरों में से एक बनकर उभरीं। उनके इस्तीफे से जुड़े राजनीतिक संशय को बढ़ाते हुए बुधवार को कुछ तस्वीरें सामने आयीं, जिनमें देव नयी दिल्ली में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से मुलाकात करती दिख रही हैं। इसने उनके भविष्य की राजनीतिक योजनाओं को लेकर अटकलों को हवा दे दी है।</p>
<p>इस मुलाकात के राजनीतिक मायनों पर न तो देव और न ही भाजपा की ओर से तुरंत कोई टिप्पणी की गयी है। ये घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आये हैं, जब तृणमूल के संसदीय दल के भीतर बड़ा विद्रोह पनपने की सूचनाएं आ रही हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, तृणमूल के करीब 20 सांसद संसद में भाजपा नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल होने की इच्छा जताते हुए लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखने पर विचार कर रहे हैं। अभी तक ऐसा कोई औपचारिक पत्र सार्वजनिक नहीं हुआ है, लेकिन इन रिपोर्टों ने दिल्ली-कोलकाता दोनों जगह राजनीतिक सरगर्मियां तेज कर दी हैं।</p>
<p>इस सामूहिक दलबदल की संभावना ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी की एकजुटता पर नये सवाल खड़े कर दिये हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि एक के बाद एक दो वरिष्ठ सांसदों का इस्तीफा और सांसदों के एक धड़े में असंतोष की सूचनाएं, पार्टी के भीतर गहरे संगठनात्मक संकट की ओर इशारा करती हैं। इस हफ्ते की शुरुआत में सुखेंदु शेखर रॉय के इस्तीफे से तृणमूल को पहले ही बड़ा झटका लग चुका है। अपने इस्तीफे में और उसके बाद दिये सार्वजनिक बयानों में इस दिग्गज सांसद ने पार्टी नेतृत्व की तीखी आलोचना की थी और आरोप लगाया था कि संगठन के भीतर भ्रष्टाचार और मनमाना कामकाज पूरी तरह हावी हो चुका है। हालिया चुनावी झटकों के बाद उनके जाने को व्यापक स्तर पर होने वाले विद्रोह के पहले प्रत्यक्ष संकेत के रूप में देखा गया था।</p>
<p>तृणमूल ने अब तक इन इस्तीफों के महत्व को कम कर आंकने की कोशिश की है और उसका दावा है कि बनर्जी के नेतृत्व में पार्टी पूरी तरह एकजुट है। लगातार हुए इन इस्तीफों ने हालांकि भाजपा को एक नया हथियार दे दिया है, जो पश्चिम बंगाल में अपना प्रभाव बढ़ाने और अपनी पार्टियों से असंतुष्ट विपक्षी नेताओं को अपने पाले में लाने की कोशिशों में जुटी है। इस बदलते घटनाक्रम ने संसद में विपक्षी खेमे के भविष्य के स्वरूप पर भी सवाल खड़े कर दिये हैं। यदि तृणमूल सांसदों के एक धड़े के दलबदल की ये सूचनाएं अगर हकीकत में बदलती हैं, तो इससे विपक्ष के संख्या बल पर बड़ा असर पड़ सकता है और संसद के दोनों सदनों में राजग की स्थिति और मजबूत हो सकती है।</p>
<p>राष्ट्रीय स्तर पर खुद को भाजपा के मुख्य चुनौती देने वालों में से एक के रूप में पेश करने वाली तृणमूल कांग्रेस के लिए ये इस्तीफे हाल के वर्षों में सबसे गंभीर आंतरिक चुनौतियों में से एक हैं। आगे और दलबदल होने की अटकलों के बीच, अब पूरा ध्यान इस बात पर है कि क्या तृणमूल नेतृत्व इस संकट को थामने में सफल रहता है या फिर यह मौजूदा गतिरोध आने वाले हफ्तों में एक बड़े राजनीतिक उलटफेर का सबब बनेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 18:32:45 +0530</pubDate>
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                <title>TMC को बड़ा झटका : सुखेंदु शेखर रॉय ने छोड़ा साथ, राज्यसभा से भी दिया इस्तीफा</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की करारी हार के बाद वरिष्ठ नेता सुखेंदु शेखर रॉय ने पार्टी और राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया है। रॉय ने टीएमसी सरकार को भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और कानून व्यवस्था में पूरी तरह नाकाम बताते हुए जनता के ऐतिहासिक फैसले का स्वागत किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/sukhendu-shekhar-roy-left-tmc-and-also-resigned-from-rajya/article-156358"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/33.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुखेंदु शेखर रॉय ने सोमवार को पार्टी छोड़ने के साथ-साथ राज्यसभा से भी इस्तीफा दे दिया। राय ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि उन्होंने तृणमूल कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने के साथ साथ राज्यसभा की सदस्यता से भी त्यागपत्र दे दिया है। राज्यसभा सचिवालय के सूत्रों ने बताया कि राय ने सचिवालय में अपना इस्तीफा सौंप दिया है। राय ने कहा है कि पश्चिम बंगाल के मतदाताओं ने 15 वर्ष से सत्ता में रही तृणमूल कांग्रेस को भ्रष्टाचार, महिलाओं के खिलाफ हिंसा , शिक्षा, स्वास्थ्य , उद्योग, रोजगार और कानून व्यवस्था सहित सभी क्षेत्रों में बुरी तरह नाकाम रहने पर सत्ता से बाहर कर दिया है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल के इतिहास में पहली बार भारतीय जनता पार्टी ने बड़ी संख्या में सीटें जीतीं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि इस बीच नई चुनी हुई भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने अपने चुनाव घोषणा पत्र के अनुसार पश्चिम बंगाल के चहुमुखी विकास और पुनर्निमाण के लिए कई कार्यक्रम लागू करने के लिए काम करना शुरू कर दिया है। रॉय ने कहा ,"मैं लोगों के इस ऐतिहासिक फैसले को विनम्रता से स्वीकार करता हूं और तृणमूल कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और राज्यसभा की सदस्यता से भी इस्तीफा देता हूं।" उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की करारी हार के बाद से बड़ी संख्या में नेताओं ने पार्टी से किनारा करना शुरू कर दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 08 Jun 2026 17:19:16 +0530</pubDate>
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                <title>किरोड़ी लाल मीणा का पलटवार, बोले- डोटासरा बहकावे में आकर लगा रहे हैं मनगढंत आरोप, भगवान दें सद्बुद्धि</title>
                                    <description><![CDATA[कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा के कमीशनखोरी के आरोपों को पूरी तरह तथ्यहीन बताया है। उन्होंने कहा कि नकली बीज माफिया के खिलाफ पूरी निष्ठा से कार्रवाई की गई है। डोटासरा अगर भ्रष्टाचार का एक भी आरोप सिद्ध कर दें तो वह तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे देंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/kirori-lal-meena-countered-by-saying-that-dotasara-is-making/article-156244"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/kirodi-lal-meena.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान के कृषि मंत्री डॉ किरोड़ी लाल मीणा ने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के आरोप पर पलटवार करते हुए शनिवार को कहा कि वह दुर्भावना के कारण किसी के बहकावे में आकर मनगढंत एवं तथ्यहीन आरोप लगा रहे हैं। डॉ मीणा ने अपने बयान में कहा, "नकली माफिया के खिलाफ हमारी टीम ने पूरी निष्ठा और ईमानदारी से कार्रवाई की। झूठे आरोप लगाकर किसानों की लड़ाई को कमजोर नहीं किया जा सकता। यदि भ्रष्टाचार का एक भी आरोप सिद्ध हो जाये तो वह पद छोड़ देंगे लेकिन किसानों के हितों से कभी समझौता नहीं होगा।" उन्होंने कहा कि उनके द्वारा ऑपरेशन डिकाॅय के तहत गत 26 मई को सीकर एवं गोविंदगढ़ के रीको क्षेत्र अनतपुरा में बालाजी एग्रो इंडस्ट्रीज पर औचक निरीक्षण किया गया जहां पर भारी मात्रा में फंगस लगे मूंगफली का नकली बीज जब्त किया गया। </p>
<p>कार्रवाई के बाद भी नकली बीज बिकने की सूचना पर डिकॉय टीम (संदीप एवं रजनीश) किसान बनकर अन्य जानकारी जुटाने में लग गई। बीज व्यापारी को शक होने पर उसने साजिश के तहत टीम को एक लोकेशन बुलाकर पैसे मांगने का झूठा आरोप लगाकर 20-25 लोगों के साथ मिलकर डिकॉय टीम के साथ मारपीट की। उसके बाद जांच में बीज व्यापारी के सभी आरोप पूरी तरह झूठे और तथ्यहीन पाए गए। एक टीम के साथ षड़यंत्रपूर्वक मारपीट की जिसकी प्राथमिकी दर्ज कराई गई हैं।</p>
<p>डाॅ मीणा ने कहा "डोटासरा सीकर की इस घटना के भ्रष्टाचार के आरोप मेरे पर सिद्ध कर दे तो मैं मंत्री पद से इस्तीफा दे दूंगा। मैं भ्रष्टाचार के सख्त खिलाफ हूं और उसके लिए जीवन भर लड़ता रहूंगा।" उन्होंने कहा कि यह हमला डिकॉय टीम पर नहीं बल्कि सरकार पर हुआ है।<br />उल्लेखनीय है कि डोटासरा ने सोशल मीडिया पर छापेमारी की आड़ में कमीशनखोरी का आरोप लगाते हुए कहा है कि जो कृषि मंत्री के साथ कार्रवाई का चेहरा बनकर घूमें, बाद में वह ही उगाही करे। अगर कृषि विभाग की छापेमारी टीम के सदस्य ही कमीशनखोरी का खेल खेलेंगे तो फिर कार्रवाई का मतलब क्या रह जायेगा।</p>
<p>उन्होंने कहा कि पहले छापा और फिर सेटिंग आखिर ये कैसी व्यवस्था है जहां कार्रवाई के नाम पर डर दिखाओं और फिर सौदेबाजी कर मोटी रकम वसूलने निकल पड़ो। कृषि मंत्री जनता जवाब चाहती है। इस भ्रष्टाचार पर न आपका बयान आया हैं और नहीं ब्लैकमेंलिंग एवं उगाही करने वाले इस अधिकारी पर कोई कार्रवाई हुई। भ्रष्टाचार के इस खेल में कौन कौन शामिल हैं, क्या सरकार इसकी जांच करायेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 07 Jun 2026 11:31:55 +0530</pubDate>
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