<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/resignation/tag-260" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>Resignation - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/260/rss</link>
                <description>Resignation RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>केंद्र सरकार में बड़ा बदलाव: राष्ट्रपति मुर्मु ने स्वीकार किया जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा, मंत्री पद से तत्काल विदाई</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने प्रधानमंत्री की सलाह पर केंद्रीय राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है। वह मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री थे। मध्य प्रदेश से राज्यसभा का कार्यकाल 21 जून को समाप्त होने और दोबारा टिकट न मिलने के बाद उन्होंने यह कदम उठाया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/big-change-in-the-central-government-president-murmu-accepted-george/article-157817"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/025.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने केंद्रीय राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। राष्ट्रपति सचिवालय ने मंगलवार को बताया कि प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति ने संविधान के अनुच्छेद 75 के खंड (2) के अंतर्गत श्री कुरियन का केंद्रीय मंत्रिपरिषद से त्यागपत्र तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है। कुरियन केंद्र सरकार के तीसरे कार्यकाल में अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री थे। उनका राज्यसभा का कार्यकाल समाप्त होने के बाद उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।</p>
<p>केंद्र सरकार ने उन्हें हाल ही में हुए राज्यसभा के चुनाव में दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाया था। वह राज्यसभा में मध्य प्रदेश से चुनकर आए थे और 21 जून को उनका कार्यकाल समाप्त हो गया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/big-change-in-the-central-government-president-murmu-accepted-george/article-157817</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/big-change-in-the-central-government-president-murmu-accepted-george/article-157817</guid>
                <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 13:22:29 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-06/025.png"                         length="874643"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अल्बानिया: स्केनबेर्ग चौक आंदोलन बना व्यापक सत्ता-विरोधी प्रदर्शन, पीएम एदी रामा के इस्तीफे की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[अल्बानिया की राजधानी तिराना में जैरेड कुशनर की पर्यटन परियोजना के खिलाफ शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन अब बड़े राजनीतिक आंदोलन में बदल गया है। लगातार 10वें दिन सड़कों पर उतरे हजारों प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री एदी रामा के इस्तीफे की मांग की और सत्तापक्ष व विपक्ष दोनों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/albania-sch%C3%B6nberg-square-movement-becomes-massive-anti-establishment-protest-demanding-pm/article-156696"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/अलबनिया.png" alt=""></a><br /><p>तिराना। यूरोपीय देश अल्बानिया में एक संरक्षित तटीय क्षेत्र में प्रस्तावित पर्यटन विकास परियोजना के विरोध से शुरू हुआ आंदोलन अब एक व्यापक सत्ता-विरोधी आंदोलन में बदल चुका है। बुधवार रात राजधानी तिराना में लगातार 10वें दिन हजारों लोग सड़कों पर उतरे और प्रधानमंत्री एदी रामा के इस्तीफे की मांग की। रिपोर्ट के अनुसार प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकार और मुख्य विपक्षी दल दोनों ही देश की राजनीतिक और आर्थिक चुनौतियों का समाधान करने में पूरी तरह विफल रहे हैं।</p>
<p>राजधानी तिराना के स्केनबेर्ग चौक पर भारी संख्या में प्रदर्शनकारी एकत्र हुए और वहां से संसद भवन की ओर मार्च किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने ‘रामा जेल में, बेरीशा जेल में’ के नारे लगाये। यहां ‘बेरीशा’ का संदर्भ पूर्व प्रधानमंत्री और वर्तमान में ‘डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ अल्बानिया’ के अध्यक्ष सालि बेरीशा से है, जिससे साफ है कि जनता सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों से नाराज है। यह विरोध प्रदर्शन मूल रूप से पीशे पोरो क्षेत्र और साज़ान द्वीप पर एक प्रस्तावित पर्यटन विकास परियोजना के खिलाफ शुरू हुआ था। यह परियोजना अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जैरेड कुशनर से जुड़े एक उद्यम द्वारा एक संरक्षित तटीय क्षेत्र में निवेश से संबंधित है। </p>
<p>पर्यावरण और स्थानीय हितों को लेकर शुरू हुआ यह विरोध अब एक बड़े आंदोलन का रूप ले चुका है, जो सरकार की विभिन्न नीतियों और कानूनों को चुनौती दे रहा है। आंदोलन के दसवें दिन आयोजकों ने इसे एक राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन का रूप दिया। प्रदर्शनकारी नेताओं ने देश और विदेशों में रहने वाले सभी अल्बानियाई लोगों से इस रैली में शामिल होने का आह्वान किया था। इस रैली को जानबूझकर ‘लीग ऑफ प्रिजरेन’ की स्थापना की वर्षगांठ के दिन आयोजित किया गया था, जो 19वीं सदी की एक ऐतिहासिक घटना है और अल्बानियाई राष्ट्रीय एकता का एक बड़ा प्रतीक मानी जाती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/albania-sch%C3%B6nberg-square-movement-becomes-massive-anti-establishment-protest-demanding-pm/article-156696</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/albania-sch%C3%B6nberg-square-movement-becomes-massive-anti-establishment-protest-demanding-pm/article-156696</guid>
                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 18:30:53 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-06/%E0%A4%85%E0%A4%B2%E0%A4%AC%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE.png"                         length="1485488"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>टीएमसी को बड़ा झटका: अभिनेत्री कोयल मल्लिक ने राज्यसभा से दिया इस्तीफा, उच्च सदन में तृणमूल के बचे सिर्फ 9 सांसद</title>
                                    <description><![CDATA[तृणमूल कांग्रेस में जारी उथल-पुथल के बीच प्रसिद्ध अभिनेत्री कोयल मल्लिक ने राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। सुखेंदु शेखर रॉय, सुस्मिता देव और प्रकाश चिक बड़ाइक के बाद यह चौथा बड़ा इस्तीफा है। इस सियासी संकट से उच्च सदन में टीएमसी की संख्या घटकर महज 9 रह गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/big-blow-to-tmc-actress-koel-mallik-resigns-from-rajya/article-156704"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/koel-mullick.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस के भीतर जारी राजनीतिक अनिश्चितता और उथल-पुथल के बीच मशहूर अभिनेत्री और नेता कोयल मल्लिक ने गुरुवार को राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। मल्लिक के इस कदम से पहले राज्यसभा सदस्य सुखेंदु शेखर रॉय और सुस्मिता देव भी उच्च सदन से इस्तीफा दे चुके हैं। वहीं, आज ही सुबह एक और टीएमसी सांसद प्रकाश चिक बड़ाइक ने उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन को अपना औपचारिक इस्तीफा सौंपा था। बड़ाइक के इस्तीफे के बाद उच्च सदन में टीएमसी की सदस्य संख्या घटकर 10 रह गई थी, जो दोपहर बाद कोयल मल्लिक के इस्तीफे के साथ ही अब गिरकर महज 9 पर आ गई है।</p>
<p>बंगाली फिल्म इंडस्ट्री की बेहद लोकप्रिय अभिनेत्री कोयल मल्लिक को टीएमसी नेतृत्व द्वारा विधानसभा चुनावों से ठीक पहले राज्यसभा के लिए नामित किया गया था। इसे पार्टी की एक बड़ी रणनीतिक चाल के रूप में देखा गया था। सांसद बनने के बाद कोयल अपने पिता व दिग्गज अभिनेता रंजित मल्लिक और परिवार के साथ नई दिल्ली में नए संसद भवन भी गई थीं और उन्होंने कई मौकों पर पार्टी के चुनाव प्रचार में सक्रिय भूमिका निभाई थी।</p>
<p>राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कोयल मल्लिक का इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब टीएमसी चौतरफा राजनीतिक चुनौतियों और लगातार लग रहे झटकों का सामना कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, अभिनेत्री पिछले कुछ समय से चल रहे राजनीतिक विवादों से खुद को दूर रखना चाहती थीं और उन्होंने इस बढ़ती सियासी हलचल में उलझने के बजाय गरिमापूर्ण तरीके से पद छोड़ना बेहतर समझा। विधानसभा चुनाव के नतीजों की घोषणा के बाद से ही टीएमसी के भीतर असंतोष के सुर उभरने लगे थे। कयास लगाए जा रहे हैं कि इस्तीफों का यह सिलसिला यहीं नहीं रुकने वाला है और आने वाले दिनों में कुछ और सांसद भी इसी राह पर चल सकते हैं। </p>
<p>हालांकि, पार्टी ने अभी तक इन सामूहिक इस्तीफों पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। पद छोड़ने वाले अधिकांश नेताओं ने भी अभी तक अपने भविष्य के राजनीतिक पत्तों को नहीं खोला है। सांसद पद की शपथ लेते समय देश सेवा का संकल्प दोहराने वाली कोयल मल्लिक का महज कुछ महीनों के भीतर ही इस्तीफा दे देना, राष्ट्रीय राजनीति में टीएमसी के घटते प्रभाव और पार्टी के भीतर चल रहे गहरे आंतरिक संकट की ओर साफ इशारा कर रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/big-blow-to-tmc-actress-koel-mallik-resigns-from-rajya/article-156704</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/big-blow-to-tmc-actress-koel-mallik-resigns-from-rajya/article-156704</guid>
                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 18:18:21 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-06/koel-mullick.png"                         length="1547570"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सुस्मिता देव के राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफे से तृणमूल संकट गहराया, सामूहिक दलबदल की अटकलों से बढ़ा गतिरोध</title>
                                    <description><![CDATA[तृणमूल कांग्रेस का आंतरिक संकट गहरा गया है। सुखेंदु शेखर रॉय के बाद सांसद सुस्मिता देव ने भी राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया है। दिल्ली में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से उनकी मुलाकात के बाद सियासी अटकलें तेज हैं। चर्चा है कि टीएमसी के करीब 20 सांसद पाला बदलने की तैयारी में हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/trinamool-crisis-deepens-due-to-susmita-devs-resignation-from-rajya/article-156583"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/susmita.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस के भीतर चल रहा संकट बुधवार को उस समय और गहरा गया, जब पार्टी की वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सांसद सुस्मिता देव ने उच्च सदन से इस्तीफा दे दिया। वह दिग्गज नेता सुखेंदु शेखर रॉय के बाद एक हफ्ते के भीतर इस्तीफा देने वाली तृणमूल की दूसरी सांसद बन गयी हैं। इस घटनाक्रम ने हाल ही में मिले चुनावी झटके के बाद सुश्री बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी के भीतर बढ़ते विद्रोह की अटकलों को तेज कर दिया है, जिससे संसद में बड़े राजनीतिक समीकरण बदलने की संभावना बढ़ गयी है।</p>
<p>जानकारी के अनुसार देव ने उप राष्ट्रपति एवं राज्य सभा के सभापति सी पी राधाकृष्णन से मुलाकात की और सदन की सदस्यता से अपना औपचारिक इस्तीफा सौंप दिया। उनका यह इस्तीफा सुखेंदु शेखर रॉय की पार्टी और राज्य सभा दोनों से इस्तीफा देने के कुछ दिनों बाद आया है, जिसमें उन्होंने तृणमूल के भीतर 'बेलगाम भ्रष्टाचार' और 'अराजक शासन' का हवाला दिया था। पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता के रूप में काम कर रहीं देव के इस्तीफे को तृणमूल नेतृत्व के लिए बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है, जो पहले से ही आंतरिक असंतोषों से जूझ रहा है।</p>
<p>महिला कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष रहीं देव साल 2021 में कांग्रेस छोड़कर तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुई थीं। उन्होंने सिलचर से 2019 का लोकसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन भाजपा उम्मीदवार राजदीप रॉय से हार गयी थीं। तृणमूल कांग्रेस में शामिल होने के बाद उन्हें राज्य सभा के लिए नामित किया गया और वह राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी के प्रमुख चेहरों में से एक बनकर उभरीं। उनके इस्तीफे से जुड़े राजनीतिक संशय को बढ़ाते हुए बुधवार को कुछ तस्वीरें सामने आयीं, जिनमें देव नयी दिल्ली में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से मुलाकात करती दिख रही हैं। इसने उनके भविष्य की राजनीतिक योजनाओं को लेकर अटकलों को हवा दे दी है।</p>
<p>इस मुलाकात के राजनीतिक मायनों पर न तो देव और न ही भाजपा की ओर से तुरंत कोई टिप्पणी की गयी है। ये घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आये हैं, जब तृणमूल के संसदीय दल के भीतर बड़ा विद्रोह पनपने की सूचनाएं आ रही हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, तृणमूल के करीब 20 सांसद संसद में भाजपा नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल होने की इच्छा जताते हुए लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखने पर विचार कर रहे हैं। अभी तक ऐसा कोई औपचारिक पत्र सार्वजनिक नहीं हुआ है, लेकिन इन रिपोर्टों ने दिल्ली-कोलकाता दोनों जगह राजनीतिक सरगर्मियां तेज कर दी हैं।</p>
<p>इस सामूहिक दलबदल की संभावना ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी की एकजुटता पर नये सवाल खड़े कर दिये हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि एक के बाद एक दो वरिष्ठ सांसदों का इस्तीफा और सांसदों के एक धड़े में असंतोष की सूचनाएं, पार्टी के भीतर गहरे संगठनात्मक संकट की ओर इशारा करती हैं। इस हफ्ते की शुरुआत में सुखेंदु शेखर रॉय के इस्तीफे से तृणमूल को पहले ही बड़ा झटका लग चुका है। अपने इस्तीफे में और उसके बाद दिये सार्वजनिक बयानों में इस दिग्गज सांसद ने पार्टी नेतृत्व की तीखी आलोचना की थी और आरोप लगाया था कि संगठन के भीतर भ्रष्टाचार और मनमाना कामकाज पूरी तरह हावी हो चुका है। हालिया चुनावी झटकों के बाद उनके जाने को व्यापक स्तर पर होने वाले विद्रोह के पहले प्रत्यक्ष संकेत के रूप में देखा गया था।</p>
<p>तृणमूल ने अब तक इन इस्तीफों के महत्व को कम कर आंकने की कोशिश की है और उसका दावा है कि बनर्जी के नेतृत्व में पार्टी पूरी तरह एकजुट है। लगातार हुए इन इस्तीफों ने हालांकि भाजपा को एक नया हथियार दे दिया है, जो पश्चिम बंगाल में अपना प्रभाव बढ़ाने और अपनी पार्टियों से असंतुष्ट विपक्षी नेताओं को अपने पाले में लाने की कोशिशों में जुटी है। इस बदलते घटनाक्रम ने संसद में विपक्षी खेमे के भविष्य के स्वरूप पर भी सवाल खड़े कर दिये हैं। यदि तृणमूल सांसदों के एक धड़े के दलबदल की ये सूचनाएं अगर हकीकत में बदलती हैं, तो इससे विपक्ष के संख्या बल पर बड़ा असर पड़ सकता है और संसद के दोनों सदनों में राजग की स्थिति और मजबूत हो सकती है।</p>
<p>राष्ट्रीय स्तर पर खुद को भाजपा के मुख्य चुनौती देने वालों में से एक के रूप में पेश करने वाली तृणमूल कांग्रेस के लिए ये इस्तीफे हाल के वर्षों में सबसे गंभीर आंतरिक चुनौतियों में से एक हैं। आगे और दलबदल होने की अटकलों के बीच, अब पूरा ध्यान इस बात पर है कि क्या तृणमूल नेतृत्व इस संकट को थामने में सफल रहता है या फिर यह मौजूदा गतिरोध आने वाले हफ्तों में एक बड़े राजनीतिक उलटफेर का सबब बनेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/trinamool-crisis-deepens-due-to-susmita-devs-resignation-from-rajya/article-156583</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/trinamool-crisis-deepens-due-to-susmita-devs-resignation-from-rajya/article-156583</guid>
                <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 18:32:45 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-06/susmita.png"                         length="1149917"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>TMC को बड़ा झटका : सुखेंदु शेखर रॉय ने छोड़ा साथ, राज्यसभा से भी दिया इस्तीफा</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की करारी हार के बाद वरिष्ठ नेता सुखेंदु शेखर रॉय ने पार्टी और राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया है। रॉय ने टीएमसी सरकार को भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और कानून व्यवस्था में पूरी तरह नाकाम बताते हुए जनता के ऐतिहासिक फैसले का स्वागत किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/sukhendu-shekhar-roy-left-tmc-and-also-resigned-from-rajya/article-156358"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/33.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुखेंदु शेखर रॉय ने सोमवार को पार्टी छोड़ने के साथ-साथ राज्यसभा से भी इस्तीफा दे दिया। राय ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि उन्होंने तृणमूल कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने के साथ साथ राज्यसभा की सदस्यता से भी त्यागपत्र दे दिया है। राज्यसभा सचिवालय के सूत्रों ने बताया कि राय ने सचिवालय में अपना इस्तीफा सौंप दिया है। राय ने कहा है कि पश्चिम बंगाल के मतदाताओं ने 15 वर्ष से सत्ता में रही तृणमूल कांग्रेस को भ्रष्टाचार, महिलाओं के खिलाफ हिंसा , शिक्षा, स्वास्थ्य , उद्योग, रोजगार और कानून व्यवस्था सहित सभी क्षेत्रों में बुरी तरह नाकाम रहने पर सत्ता से बाहर कर दिया है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल के इतिहास में पहली बार भारतीय जनता पार्टी ने बड़ी संख्या में सीटें जीतीं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि इस बीच नई चुनी हुई भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने अपने चुनाव घोषणा पत्र के अनुसार पश्चिम बंगाल के चहुमुखी विकास और पुनर्निमाण के लिए कई कार्यक्रम लागू करने के लिए काम करना शुरू कर दिया है। रॉय ने कहा ,"मैं लोगों के इस ऐतिहासिक फैसले को विनम्रता से स्वीकार करता हूं और तृणमूल कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और राज्यसभा की सदस्यता से भी इस्तीफा देता हूं।" उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की करारी हार के बाद से बड़ी संख्या में नेताओं ने पार्टी से किनारा करना शुरू कर दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/sukhendu-shekhar-roy-left-tmc-and-also-resigned-from-rajya/article-156358</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/sukhendu-shekhar-roy-left-tmc-and-also-resigned-from-rajya/article-156358</guid>
                <pubDate>Mon, 08 Jun 2026 17:19:16 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-06/33.png"                         length="1114873"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>किरोड़ी लाल मीणा का पलटवार, बोले- डोटासरा बहकावे में आकर लगा रहे हैं मनगढंत आरोप, भगवान दें सद्बुद्धि</title>
                                    <description><![CDATA[कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा के कमीशनखोरी के आरोपों को पूरी तरह तथ्यहीन बताया है। उन्होंने कहा कि नकली बीज माफिया के खिलाफ पूरी निष्ठा से कार्रवाई की गई है। डोटासरा अगर भ्रष्टाचार का एक भी आरोप सिद्ध कर दें तो वह तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे देंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/kirori-lal-meena-countered-by-saying-that-dotasara-is-making/article-156244"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/kirodi-lal-meena.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान के कृषि मंत्री डॉ किरोड़ी लाल मीणा ने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के आरोप पर पलटवार करते हुए शनिवार को कहा कि वह दुर्भावना के कारण किसी के बहकावे में आकर मनगढंत एवं तथ्यहीन आरोप लगा रहे हैं। डॉ मीणा ने अपने बयान में कहा, "नकली माफिया के खिलाफ हमारी टीम ने पूरी निष्ठा और ईमानदारी से कार्रवाई की। झूठे आरोप लगाकर किसानों की लड़ाई को कमजोर नहीं किया जा सकता। यदि भ्रष्टाचार का एक भी आरोप सिद्ध हो जाये तो वह पद छोड़ देंगे लेकिन किसानों के हितों से कभी समझौता नहीं होगा।" उन्होंने कहा कि उनके द्वारा ऑपरेशन डिकाॅय के तहत गत 26 मई को सीकर एवं गोविंदगढ़ के रीको क्षेत्र अनतपुरा में बालाजी एग्रो इंडस्ट्रीज पर औचक निरीक्षण किया गया जहां पर भारी मात्रा में फंगस लगे मूंगफली का नकली बीज जब्त किया गया। </p>
<p>कार्रवाई के बाद भी नकली बीज बिकने की सूचना पर डिकॉय टीम (संदीप एवं रजनीश) किसान बनकर अन्य जानकारी जुटाने में लग गई। बीज व्यापारी को शक होने पर उसने साजिश के तहत टीम को एक लोकेशन बुलाकर पैसे मांगने का झूठा आरोप लगाकर 20-25 लोगों के साथ मिलकर डिकॉय टीम के साथ मारपीट की। उसके बाद जांच में बीज व्यापारी के सभी आरोप पूरी तरह झूठे और तथ्यहीन पाए गए। एक टीम के साथ षड़यंत्रपूर्वक मारपीट की जिसकी प्राथमिकी दर्ज कराई गई हैं।</p>
<p>डाॅ मीणा ने कहा "डोटासरा सीकर की इस घटना के भ्रष्टाचार के आरोप मेरे पर सिद्ध कर दे तो मैं मंत्री पद से इस्तीफा दे दूंगा। मैं भ्रष्टाचार के सख्त खिलाफ हूं और उसके लिए जीवन भर लड़ता रहूंगा।" उन्होंने कहा कि यह हमला डिकॉय टीम पर नहीं बल्कि सरकार पर हुआ है।<br />उल्लेखनीय है कि डोटासरा ने सोशल मीडिया पर छापेमारी की आड़ में कमीशनखोरी का आरोप लगाते हुए कहा है कि जो कृषि मंत्री के साथ कार्रवाई का चेहरा बनकर घूमें, बाद में वह ही उगाही करे। अगर कृषि विभाग की छापेमारी टीम के सदस्य ही कमीशनखोरी का खेल खेलेंगे तो फिर कार्रवाई का मतलब क्या रह जायेगा।</p>
<p>उन्होंने कहा कि पहले छापा और फिर सेटिंग आखिर ये कैसी व्यवस्था है जहां कार्रवाई के नाम पर डर दिखाओं और फिर सौदेबाजी कर मोटी रकम वसूलने निकल पड़ो। कृषि मंत्री जनता जवाब चाहती है। इस भ्रष्टाचार पर न आपका बयान आया हैं और नहीं ब्लैकमेंलिंग एवं उगाही करने वाले इस अधिकारी पर कोई कार्रवाई हुई। भ्रष्टाचार के इस खेल में कौन कौन शामिल हैं, क्या सरकार इसकी जांच करायेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/kirori-lal-meena-countered-by-saying-that-dotasara-is-making/article-156244</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/kirori-lal-meena-countered-by-saying-that-dotasara-is-making/article-156244</guid>
                <pubDate>Sun, 07 Jun 2026 11:31:55 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-09/kirodi-lal-meena.png"                         length="325158"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कर्नाटक में नए युग की शुरुआत: डीके शिवकुमार ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ, जी. परमेश्वर बने डिप्टी सीएम</title>
                                    <description><![CDATA[सिद्दारमैया के इस्तीफे के बाद डीके शिवकुमार ने कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस भव्य समारोह में राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे सहित कई दिग्गज नेता मौजूद रहे, जबकि डॉ. जी. परमेश्वर ने डिप्टी सीएम पद की कमान संभाली।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/new-era-begins-in-karnataka-dk-shivakumar-takes-oath-as/article-155869"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/dk.png" alt=""></a><br /><p>बेंगलुरू। कर्नाटक में श्री डीके शिवकुमार ने बुधवार को मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली और औपचारिक रूप से राज्य में कांग्रेस के नेतृत्व वाली नयी सरकार की कमान संभाली। शिवकुमार कर्नाटक के 25वें मुख्यमंत्री हैं। उन्होंने यहां स्थित लोक भवन में आयोजित एक भव्य समारोह में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। इसी के साथ ही श्री शिवकुमार वोक्कालिगा समुदाय से आने वाले आठवें मुख्यमंत्री भी बन गये हैं।उन्होंने राष्ट्रीय और राज्य स्तर के नेताओं, धार्मिक गुरुओं और जानी-मानी हस्तियों की विशाल मौजूदगी के बीच पदभार ग्रहण किया। उनके साथ 13 मंत्रियों ने भी शपथ ली, जिससे कैबिनेट गठन का पहला चरण पूरा हो गया। इस कार्यक्रम के साथ ही नयी मंत्रिपरिषद को कार्यकारी जिम्मेदारियों का औपचारिक हस्तांतरण हो गया।</p>
<p>इस समारोह में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल, कर्नाटक के पार्टी प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया मौजूद थे। इसके साथ ही कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी इस समारोह में हिस्सा लिया, जिससे इस अवसर का राजनीतिक महत्व और भी बढ़ गया। समारोह में धार्मिक गुरु, फिल्म जगत की हस्तियां, खिलाड़ी और उद्योगपति भी मौजूद थे। चालीस से अधिक धर्मगुरु समारोह में उपस्थित थे। इसके अलावा अभिनेता रविचंद्रन, अभिनेत्री जयमाला, अभिनेता किच्चा सुदीप, अभिनेत्री रम्या, पूर्व क्रिकेटर वेंकटेश प्रसाद और उद्योगपति अनिल कुंबले जैसी जानी-मानी हस्तियां भी मौजूद थीं।</p>
<p>शिवकुमार के परिवार के सदस्य भी इस समारोह में उपस्थित थे, जिनमें उनकी मां गौरम्मा, पत्नी उषा और उनके बच्चे शामिल थे। परंपरा से हटकर शपथ ग्रहण समारोह पश्चिम दिशा के बजाय पूर्व दिशा की ओर मुख करके आयोजित किया गया। यह निर्णय आध्यात्मिक और ज्योतिषीय सलाहकारों की सलाह पर लिया गया था। लोक भवन परिसर में स्थित 'ग्लास हाउस' में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे, जहां निर्धारित स्थानों पर लगभग 3,500 मेहमानों के बैठने की व्यवस्था की गई थी। धर्मगुरुओं के लिए अलग से व्यवस्था की गई थी, जबकि समारोह की कार्रवाई को सभी तक पहुंचाने के लिए छह एलईडी स्क्रीन लगाई गई थीं। इस कार्यक्रम के लिए 2,000 से अधिक वीआईपी पास जारी किए गए थे। नये शपथ लेने वाले मंत्रियों में श्री जी. परमेश्वर, के.एच. मुनियप्पा, के.जे. जॉर्ज, एम.बी. पाटिल, रामलिंगा रेड्डी, सतीश जारकीहोली, कृष्णा बायर गौड़ा, प्रियांक खरगे, यू.टी. खादर, ईश्वर खंड्रे, यतींद्र सिद्दारमैया, बैरथी सुरेश और शरण प्रकाश पाटिल शामिल हैं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/new-era-begins-in-karnataka-dk-shivakumar-takes-oath-as/article-155869</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/new-era-begins-in-karnataka-dk-shivakumar-takes-oath-as/article-155869</guid>
                <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 16:36:00 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-06/dk.png"                         length="1864773"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कर्नाटक राज्यपाल ने स्वीकार किया सिद्दारमैया का इस्तीफा: मंत्रिपरिषद भंग, जानें कब शपथ लेंगे डीके शिवकुमार ?</title>
                                    <description><![CDATA[कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने मुख्यमंत्री सिद्दारमैया का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। राजभवन के आदेशानुसार वर्तमान मंत्रिपरिषद को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया गया है। नई वैकल्पिक व्यवस्था होने तक सिद्दारमैया ही राज्य के कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभालेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/karnataka-governor-accepts-siddaramaiahs-resignation-council-of-ministers-dissolved-know/article-155347"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)-(6)27.png" alt=""></a><br /><p>बेंगलुरु। कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री सिद्दारमैया का इस्तीफा स्वीकार कर लिया। सिद्दारमैया के अपना इस्तीफा सौंपे जाने के एक दिन बाद राज्यपाल ने यह कदम उठाया। यहां लोक भवन से जारी एक आधिकारिक पुष्टि के अनुसार, राज्यपाल ने सिद्धारमैया के नेतृत्व वाली मंत्रिपरिषद को भी तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। जब तक वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हो जाती, तब तक सिद्दारमैया मुख्यमंत्री के रूप में कार्य करते रहेंगे।</p>
<p>सिद्दारमैया ने गुरूवार को कांग्रेस आलाकमान के निर्देशों के बाद मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। अभी यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि उनकी जगह किसे मुख्यमंत्री पद सौंपा जायेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/karnataka-governor-accepts-siddaramaiahs-resignation-council-of-ministers-dissolved-know/article-155347</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/karnataka-governor-accepts-siddaramaiahs-resignation-council-of-ministers-dissolved-know/article-155347</guid>
                <pubDate>Fri, 29 May 2026 12:24:13 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/1111200-x-600-px%29-%286%2927.png"                         length="1205284"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कर्नाटक में बड़ा सियासी उलटफेर: डी.के. शिवकुमार के हाथों में होगी राज्य की कमान, सिद्धारमैया ने राज्यपाल के सचिव को सौंपा इस्तीफा</title>
                                    <description><![CDATA[कर्नाटक की राजनीतिक रार खत्म हो गई है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने राज्यपाल के सचिव को अपना इस्तीफा सौंप दिया है, जिसके बाद डी.के. शिवकुमार का सीएम बनना तय माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, सिद्धारमैया ने इस्तीफे के बदले अपने बेटे को कैबिनेट मंत्री बनाने की शर्त रखी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/the-command-of-karnataka-will-be-in-the-hands-of/article-155280"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/siddaramaiah.png" alt=""></a><br /><p>कर्नाटक। कर्नाटक की राजनीतिक रार​ अब खत्म होती नजर आ रही है क्योकि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने राज्यपाल के सचिव को अपना इस्तीफा सौंप दिया है और अब इसके साथ ही डी.के. शिवकुमार का सीएम बनना लगभग तय हो चुका है। कनार्टक गृह मंत्री ने मीडिया से रूबरू होते हुए कहा कि सीएम सिद्धारमैया ने आज सुबह सभी मंत्रियों को धन्यवाद देने के लिए नाश्ते पर बुलाया था। सूत्रों के अनुसार, इस्तीफे के साथ ही सिद्दारमैया ने कांग्रेस आलाकमान से अपने बेटे को कैबिनेट मंत्री बनाए जाने की शर्त रखी है। </p>
<p>उन्होंने बताया कि कांग्रेस हाईकमान ने उनसे पद छोड़ने को कहा था जिसके अनुरूप उन्होंने इस्तीफा दिया है। उन्होंने उम्मीद जतायी कि राज्यपाल उनके इस्तीफे को स्वीकार करके अगले मुख्यमंत्री के लिए मार्ग प्रशस्त करेंगे, जो उनका संवैधानिक दायित्व भी है। सिद्दारमैया ने कहा कि कांग्रेस के पास सदन में पूरा बहुमत है। उन्होंने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी के मौजूदा अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का आभार जताया।</p>
<p>उन्होंने कहा कि दो बार मुख्यमंत्री के रूप में उन्हें कर्नाटक के सात करोड़ लोगों की सेवा करने का मौका मिला और दो बार विपक्ष के नेता के तौर पर भी काम किया। इस दौरान पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं और नेताओं से जो सहयोग मिला, उसके लिए वह उन्हें धन्यवाद देते हैं। संवादादाता सम्मेलन में उपमुख्यमंत्री और नए मुख्यमंत्री पद के दावेदार डीके शिवकुमार भी उपस्थित थे। काफी समय से राज्य में यह नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें लगायी जा रहीं थीं और माना जा रहा था कि श्री शिवकुमार अगले मुख्यमंत्री होंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/the-command-of-karnataka-will-be-in-the-hands-of/article-155280</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/the-command-of-karnataka-will-be-in-the-hands-of/article-155280</guid>
                <pubDate>Thu, 28 May 2026 15:22:26 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-09/siddaramaiah.png"                         length="338251"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>असम सीएम सरमा ने राज्यपाल को सौंपा इस्तीफा: कार्यवाहक के रूप में करेंगे काम ; शपथ ग्रहण की तारीख पर सस्पेंस खत्म, जानें कब होगा शपथ ग्रहण ?</title>
                                    <description><![CDATA[असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने नई विधानसभा चुनाव के बाद राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। राज्यपाल ने उन्हें नई सरकार के गठन तक कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभालने का निर्देश दिया है। राज्य में जल्द ही नई मंत्रिपरिषद के गठन की प्रक्रिया शुरू होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/assam-cm-sarma-submits-resignation-to-governor-will-work-as/article-152871"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/assam-cm.png" alt=""></a><br /><p>गुवाहाटी। असम में नई विधानसभा के लिए चुनाव संपन्न होने के बाद के बाद मुख्यमंत्री हेमंत बिस्व सरमा ने असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य को बुधवार को अपने मंत्रिपरिषद का इस्तीफा सौंपा। राज्यपाल ने उन्हें नयी सरकार के गठन तक कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में शासन का दायित्व संभाले रहने को कहा है। मुख्यमंत्री सरमा ने राज्यपाल से मुलाकात से निकलने के बाद संवाददाताओं से कहा," मैंने असम के मुख्यमंत्री पद से अपना इस्तीफा असम के राज्यपाल को सौंप दिया है और साथ ही उनसे मौजूदा विधानसभा को भंग करने का अनुरोध किया है।</p>
<p>असम के राज्यपाल ने मेरा इस्तीफा और मौजूदा विधानसभा को भंग करने का सुझाव स्वीकार कर लिया है ।" राज्यपाल ने कहा," उन्होंने असम में नयी सरकार सरकार के गठन तक कार्यवाहक मंत्रिपरिषद के रूप में मंत्रालय को काम जारी रखने का निर्देश दिया है।" मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि नयी सरकार जल्द ही बन जाएगी। इस दौरान वह कार्यवाहक सरकार का संचालन करेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/assam-cm-sarma-submits-resignation-to-governor-will-work-as/article-152871</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/assam-cm-sarma-submits-resignation-to-governor-will-work-as/article-152871</guid>
                <pubDate>Wed, 06 May 2026 14:27:29 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/assam-cm.png"                         length="1207460"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>'मेरे इस्तीफे का सवाल ही नहीं, हम हारे नहीं हराया गया है...',ममता ने चुनाव आयोग को बताया विलेन, बोलीं- मैं नहीं दूंगी इस्तीफा </title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल की निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनावी नतीजों को 'वोटों की चोरी' करार देते हुए इस्तीफा देने से इनकार कर दिया है। उन्होंने चुनाव आयोग और केंद्र पर धांधली के गंभीर आरोप लगाए। ममता ने स्पष्ट किया कि वह INDIA गठबंधन के साथ मजबूती से खड़ी रहेंगी और इस हार के खिलाफ अपना लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रखेंगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/there-is-no-question-of-my-resignation-we-have-not/article-152805"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/mamta.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। पश्चिम बंगाल की निवर्तमान मुख्यमंत्री एवं तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने कहा है कि विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी को जबरन हराया गया है और वह लोकभवन जाकर इस्तीफा नहीं देंगी। ममता बनर्जी ने विधानसभा चुनाव के परिणाम आने के एक दिन बाद मंगलवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि चुनाव आयोग और केंद्र सरकार ने तृणमूल कांग्रेस को जबरन हराया है। उन्होंने कहा, "हम हारे नहीं हैं, हमें हराया गया है।"</p>
<p>उन्होंने कहा, "इस चुनाव में चुनाव आयोग ने एक 'विलेन' के रूप में काम किया। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने गलत तरीके से चुनाव जीता है। नैतिक रूप से हमारी जीत हुई है।" ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि उन्हें और उनके चुनाव एजेंटों को मतदान केंद्रों से जबरन बाहर निकाला गया। उन्होंने अपने साथ धक्का-मुक्की होने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि वह लोकभवन जाकर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं देंगी।</p>
<p>तृणमूल प्रमुख ने कहा कि वह इंडिया गठबंधन के साथ बनी रहेंगी। उन्होंने बताया कि कांग्रेस नेता सोनिया गांधी एवं राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव तथा कई अन्य दलों के नेताओं ने उनसे फोन पर बात की है और कहा है कि वे तृणमूल कांग्रेस के साथ हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/there-is-no-question-of-my-resignation-we-have-not/article-152805</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/there-is-no-question-of-my-resignation-we-have-not/article-152805</guid>
                <pubDate>Tue, 05 May 2026 18:31:47 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/mamta.png"                         length="541969"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तमिलनाडु विधानसभा चुनाव:  स्टालिन ने दिया मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा ; अभिनेता विजय ने पेश किया सरकार बनाने का दावा, राज्यपाल से मुलाकात कर 15 दिन का मांगा समय </title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के इस्तीफे के साथ तमिलनाडु में एक युग का अंत हो गया है। अभिनेता से राजनेता बने विजय (TVK) ने 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी के रूप में सरकार बनाने का दावा पेश किया है। बहुमत के लिए 10 सीटों की कमी को पूरा करने हेतु वे अन्य दलों के संपर्क में हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/tamil-nadu-assembly-elections-stalin-resigns-from-the-post-of/article-152739"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/actor-vijay.png" alt=""></a><br /><p>चेन्नई। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव हारने के एक दिन बाद, मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने मंगलवार को अपना इस्तीफा दे दिया। इस बीच, राजनीति में नवागंतुक और तमिलगा वेट्री कषगम (टीवीके) के संस्थापक और अभिनेता-राजनेता विजय ने आज राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से अगली सरकार बनाने के लिए औपचारिक रूप से अपना दावा पेश करने के लिए मुलाकात का समय मांगा है। स्टालिन ने राज्यपाल को अपना त्यागपत्र भेज दिया है और इसे लोक भवन में सौंप दिया गया है। इसी बीच विजय ने सरकार बनाने का दावा पेश किया और राज्यपाल को पत्र लिखकर मिलने का समय मांगा है।</p>
<p>रिपोर्टों के अनुसार, लोक भवन को भेजे गए एक ईमेल में विजय ने कहा कि उनकी पार्टी ने 108 विधायकों के साथ सबसे बड़ी पार्टी के रूप में जनादेश प्राप्त कर लिया है और सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किए जाने की हकदार है। उन्होंने विधानसभा में अपना बहुमत साबित करने के लिए समय सीमा भी मांगी। उन्होंने कहा "हम 108 विधायकों के साथ सबसे बड़ी पार्टी हैं और सरकार बनाने का अधिकार रखते हैं। हम अपना बहुमत साबित करने का अवसर चाहते हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि वह 15 दिनों के भीतर बहुमत साबित कर देंगे।</p>
<p>सूत्रों ने संकेत दिया है कि राज्यपाल द्वारा विजय को जल्द ही आमंत्रित किए जाने और उन्हें अपना बहुमत साबित करने के लिए सात से 15 दिनों का समय दिए जाने की उम्मीद है क्योंकि टीवीके को 118 विधायकों के साधारण बहुमत के आंकड़े से 10 सीटें कम मिली हैं। इस बीच, विजय को आज बाद में पनयूर स्थित पार्टी मुख्यालय में नव निर्वाचित विधायकों की बैठक में टीवीके के विधायक दल के नेता के रूप में चुना जाना तय है। इसके बाद वह राज्यपाल से मुलाकात करेंगे और खुद को विधायक दल के नेता के रूप में चुने जाने का पत्र सौंपेंगे और सरकार बनाने का अपना दावा पेश करेंगे।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि सोमवार सुबह तक जब वोटों की गिनती शुरू हुई थी, तब तक सत्तारूढ़ द्रमुक अध्यक्ष श्री स्टालिन के सत्ता में बने रहने और द्रविड़ मॉडल 2.0 सरकार बनाने की प्रबल संभावना थी, क्योंकि चुनाव के बाद के पूर्वानुमानों में द्रमुक के नेतृत्व वाले मोर्चे की आरामदायक जीत की भविष्यवाणी की गई थी। द्रमुक को इन चुनावों में करारी शिकस्त मिली है और मुख्यमंत्री स्टालिन स्वयं अपनी पारंपरिक कोलाथुर सीट से हार गए, जहां उन्होंने लगातार तीन बार जीत दर्ज की थी। वह कांग्रेस के दिग्गज नेता एम. बख्तावत्सलम (1967 में) और अन्नाद्रमुक की सुप्रीमो जे. जयललिता (1996 में) के बाद तीसरे मौजूदा मुख्यमंत्री बन गए जो मुख्यमंत्री रहते हुए निर्वाचित होने में असफल रहे।</p>
<p>विजय की टीवीके पार्टी ने कुल 234 सीटों में से 108 सीटें जीती हैं और साधारण बहुमत के 118 के आंकड़े से 10 सीटें कम हैं और अगली सरकार बनाने का दावा करने के लिए तैयार है। विजय ने चेन्नई के पेरम्बूर और त्रिची पूर्व दोनों सीटों से जीत दर्ज की है। रिपोर्टों के अनुसार कांग्रेस समेत कुछ पार्टियों ने विजय की पार्टी से संपर्क साधा है और टीवीके आवश्यक संख्या जुटाने के लिए सभी विकल्पों पर विचार कर रही है। चूंकि कांग्रेस ने केवल पांच सीटों पर जीत हासिल की है इसलिए उसका समर्थन अकेले पर्याप्त नहीं होगा और टीवीके को और अधिक समर्थन की आवश्यकता होगी। इस तरह की रिपोर्टें भी है कि अन्नाद्रमुक, जिसने अपने नेतृत्व वाले गठबंधन द्वारा जीती गई कुल 53 सीटों में से 47 सीटें जीती हैं, भी विजय की पार्टी के संपर्क में है और समर्थन देने के लिए तैयार है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/tamil-nadu-assembly-elections-stalin-resigns-from-the-post-of/article-152739</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/tamil-nadu-assembly-elections-stalin-resigns-from-the-post-of/article-152739</guid>
                <pubDate>Tue, 05 May 2026 18:27:43 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/actor-vijay.png"                         length="602727"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        