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                <title>stronghold - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>मिडिल ईस्ट में बढ़ा युद्ध का खतरा: अमेरिका पर ईरान का बड़ा पलटवार, कुवैत और बहरीन में मिसाइल-ड्रोन हमला</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी एयरस्ट्राइक के जवाब में ईरान की आईआरजीसी (IRGC) ने कुवैत और बहरीन में स्थित अमेरिकी सैन्य व नौसैनिक ठिकानों पर भीषण मिसाइल और ड्रोन हमले शुरू कर दिए हैं। ईरानी कमांडर ने अमेरिकी ठिकानों को "नरक" बनाने की चेतावनी दी है, जिसके बाद बहरीन में रेड अलर्ट और सायरन बजाए गए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/danger-of-war-increases-in-the-middle-east-irans-big/article-158267"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/middel-east.png" alt=""></a><br /><p>मॉस्को। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की नौसेना और एयरोस्पेस फोर्स ने अमेरिका के हमलों के जवाब में कुवैत और बहरीन में मिसाइल और ड्रोन ऑपरेशन शुरू किए। आईआरजीसी ने यह भी कहा कि अमेरिका ने ईरान की पांच तटीय चौकियों पर हमला किया था। आईआरजीसी की नौसेना के कमांडर ने कहा कि आने वाले दिनों में मध्य पूर्व में मौजूद अमेरिका के ठिकानों का हाल "नरक" जैसा होगा। आईआरजीसी नौसेना के कमांडर के हवाले से कहा, "इस क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों का हिसाब-किताब एक अलग मुद्दा है। आने वाले दिनों में उन्हें नरक जैसी स्थिति का सामना करना पड़ेगा।" कमांडर ने यह भी कहा कि घुसपैठियों पर गोलीबारी से होर्मुज जलडमरूमध्य में मौजूद दूसरे जहाजों को यह याद दिलाया जा सकेगा कि वहां से गुजरने का रास्ता बिना किसी रुकावट के खुला है।</p>
<p>आईआरजीसी ने कहा कि युद्धविराम का उल्लंघन ईरान-अमेरिका समझौते के खिलाफ है और इससे विवाद को सुलझाने की कूटनीतिक प्रक्रिया पूरी तरह से रुक जाएगी। आईआरजीसी के हवाले से बताया जा रहा है, "युद्धविराम का उल्लंघन इस्लामाबाद में हुए समझौते की पहली शर्त के खिलाफ है और इससे सभी कूटनीतिक प्रक्रियाएं पूरी तरह से बंद हो जाएंगी।" प्रसारक के अनुसार,आईआरजीसी ने बताया कि उसके जवाबी हमलों का निशाना कुवैत में अमेरिकी एयरबेस और बहरीन में अमेरिकी नौसैनिक अड्डा था। कुवैती सेना ने कहा कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली मिसाइल और ड्रोन हमलों को नाकाम कर रही हैं। इससे पहले, बहरीन में चेतावनी वाले सायरन बजे और लोगों से सुरक्षित जगहों पर शरण लेने को कहा गया। देश के गृह मंत्रालय ने 'एक्स' पर कहा, "संभावित खतरे के कारण चेतावनी सायरन बजाया गया है। नागरिकों और निवासियों से शांत रहने, नजदीकी सुरक्षित जगह पर जाने और बहुत जरूरी न होने पर मुख्य सड़कों का इस्तेमाल न करने की अपील की जाती है।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 28 Jun 2026 14:54:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>यूक्रेन के आखिरी गढ़ में रूस ने मचाई तबाही, यूक्रेन के लिसिचांस्क पर रूस का नियंत्रण</title>
                                    <description><![CDATA[यूक्रेन की सेना ने पुष्टि की है कि देश के पूर्वी शहर लिसिचांस्क पर रूस की सेना ने अपना नियंत्रण कर लिया। यूक्रेनी सेना के जनरल स्टाफ ने कहा, ''लिसीचांस्क में भारी संघर्ष हमारे रक्षा बलों को अपने कब्जे वाले स्थानों से हटने के लिए मजबूर होना पड़ा। यह कदम यूक्रेनी रक्षकों के जीवन को संरक्षित करने के लिए उठाना पड़ा।'' ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/%E0%A4%AF%E0%A5%82%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%A8-%E0%A4%B0%E0%A5%82%E0%A4%B8-%E0%A4%AF%E0%A5%81%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%A7/russia-wreaks-havoc-in-ukraine-s-last-stronghold--russia-controls-ukraine-s-lisichansk/article-13564"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/v-2.jpg" alt=""></a><br /><p>कीव। रूस के सैन्य बलों ने पूर्वी लुहांस्क प्रांत में यूक्रेन के बचे आखिरी गढ़ लिसिचांस्क शहर और उसके आसपास के इलाकों पर कब्जा करने के लिए गोलाबारी तेज कर दी है। लुहांस्क प्रांत के गवर्नर ने शनिवार को यह जानकारी दी। यूक्रेन के लड़ाके हफ्तों से इस शहर को रूसी कब्जे में जाने से बचाने की कोशिश कर रहे हैं, क्योंकि पड़ोसी सिविएरोदोनेत्स्क क्षेत्र लगभग एक हफ्ते पहले ही रूस के कब्जे में जा चुका है। रूस के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उसके सैन्य बलों ने हाल के दिनों में लिसिचांस्क के बाहरी इलाके स्थित तेलशोधन कारखाने पर कब्जा कर लिया है। हालांकि, लुहांस्क के गवर्नर सेरही हैदई ने शुक्रवार को दावा किया कि लड़ाई जारी है। पिछले दिन से हमलावर सेना चारों ओर से और उपलब्ध सभी हथियारों से गोलाबारी कर रही है। अलगाववादियों का लुहांस्क और दोनेत्स्क के बड़े हिस्से पर वर्ष 2014 से ही कब्जा है और मॉस्को ने दोनों क्षेत्र को संप्रभु गणराज्यों के तौर पर मान्यता दी है। सीरिया की सरकार ने भी बुधवार को कहा था कि वह इन दो इलाकों को स्वतंत्र और संप्रभु क्षेत्र के तौर पर मान्यता देगी और राजनयिक संबंध स्थापित करने के लिए कार्य करेगी। इस बीच, रूस के सहयोगी देश बेलारूस के नेता ने दावा किया है कि यूक्रेन ने कुछ दिन पहले उसके सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर मिसाइल दागे थे लेकिन वायु रक्षा प्रणाली से उन्हें नष्ट कर दिया। बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको ने इसे उकसावे की घटना करार दिया और कहा कि बेलारूस का कोई भी सैनिक यूक्रेन में जंग में हिस्सा नहीं ले रहा। </p>
<p>यूक्रेन के लिसिचांस्क पर रूस का नियंत्रण<br />यूक्रेन की सेना ने पुष्टि की है कि देश के पूर्वी शहर लिसिचांस्क पर रूस की सेना ने अपना नियंत्रण कर लिया। यूक्रेनी सेना के जनरल स्टाफ ने कहा, ''लिसीचांस्क में भारी संघर्ष हमारे रक्षा बलों को अपने कब्जे वाले स्थानों से हटने के लिए मजबूर होना पड़ा। यह कदम यूक्रेनी रक्षकों के जीवन को संरक्षित करने के लिए उठाना पड़ा।'' <br /><br />इससे पहले रूस के रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु ने कहा था कि उनकी सेना ने लिसिचांस्क पर कब्जा कर लिया है और लुहांस्क क्षेत्र पर पूर्ण नियंत्रण कर लिया है। इस बीच यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने कहा कि उनकी सेना अपनी रणनीति और आधुनिक हथियारों की आपूर्ति में वृद्धि के साथ लिसिचांस्क को फिर से अपने कब्जे में ले लेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>यूक्रेन-रूस युद्ध</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 04 Jul 2022 13:04:00 +0530</pubDate>
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