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                <title>broken swings - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>टूटे झूलें और फिसल पट्टी बच्चों को पहुंचा रहे जख्म</title>
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                        <![CDATA[ट्रैफिक गार्डन के निर्माण के समय बच्चों के खेलने-कूदने के लिए जो झूले चकरी और फिसल पट्टी और अन्य मनोरंजन के संसाधन लगाए वो अब नकारा हो चुके है और बच्चों को चोटिल कर रहे है। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/broken-swings-and-slide-are-hurting-children/article-48569"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-06/tute-jhule-or-fisal-patti-bachho-ko-pohcha-rhe-jakhm...kota-news-12-06-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। जंग खाया हवाई जहाज, टूटे झूलें और चोट देने की क्षमता रखने वाली फिसल पट्टी ऐसा ही कुछ नजारा दिखाई देता है आजकल चंबल किनारे बनाए हुए ट्रैफिक पार्क की। कहने को तो ये यातायात पार्क है लेकिन मजेदार बात ये है कि इस गार्डन में यातायात के नियमों की जानकारी देने के लिए जो बोर्ड लगाया हुआ है उस बोर्ड से यातायात के संकेत देने के लिए बने कई चिन्हों को मिटे ही जमाना बीत चुका है। लेकिन ना संबंधित अधिकारियों का और ना ही जनप्रतिनिधियों का ध्यान इस ओर जा रहा हैं।</p>
<p><strong>स्थानीय ही नहीं बाहरी लोग भी आते हैं घूमने</strong><br />यहां पर सुबह-शाम घूमने आने वालों का कहना हैं कि करोड़ों रूपए खर्च करके शहर में आॅक्सीजोन बनाया गया है लेकिन जो स्थान सालों से शहर की पहचान बने हुए हैं उनकी सुध तक नहीं ली जा रही है। उनमें से एक चंबल गार्डन के पास ही बनाया गया ट्रैफिक पार्क भी है। जहां सुबह-शाम शहर के लोग ही नहीं बल्कि कई बाहरी पर्यटक भी घूमने, सैर करने तथा व्यायाम करने के उद्ेश्य से आते हैं। </p>
<p><strong>सुन्दरता बढ़ाने वाले फव्वारें हो गए नकारा</strong><br />ट्रैफिक गार्डन में इसके निर्माण के समय बच्चों के खेलने-कूदने के लिए जो झूले चकरी और फिसल पट्टी और अन्य मनोरंजन के संसाधन लगाए वो अब नकारा हो चुके है और बच्चों को चोटिल कर रहे है। अधिकांश उपकरण जंग खा चुके हैं। इन खेल उपकरणों में से कुछ महीनों से क्षतिग्रस्त हुए पड़े है जो कभी भी बच्चों या अन्य आयु वर्ग के लोगों को चोटिल कर सकते हैं लेकिन उनकी ओर किसी का ध्यान नहीं जाता है। बच्चों को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए गार्डन में एक हवाई जहाज का निर्माण करवाया गया था। आज उस हवाई जहाज पर इतना जंग लग चुका है कि उसे दूर से देखने से ही उसके पास तक जाने का मन नहीं करता है। गार्डन की सुन्दरता बढ़ाने के लिए लगाए गए फव्वारें बंद पड़े हैं। </p>
<p><strong>जुगाड़ करने बना दी बैंच</strong><br />गार्डन में लोगों को पीने के पानी उपलब्ध करवाने के लिए जो संसाधन लगाए गए थे वो तो कभी के गायब हो चुके हैं। अब तो वहां टूटे नल हैं जो शौपीस बनकर लगे हुए हैं। जबकि लिख हुआ जल मंदिर है। इसी प्रकार गार्डन में आने वाले लोेगों को बैठने के लिए जो बैंच लगाई गई थी उनमें से कुछ टूट चुकी हैं और जुगाड़ के रूप में उन पिल्लरों पर पत्थरनुमा कुछ बैंच लगाई गई है। वहीं गार्डन की कुछ क्यारियों में लगाए पौधें उचित देखरेख के अभाव में सूखी झाड़ियों के रूप में तब्दील हो चुके हैं। कुछ स्थानों पर सूखी पत्तियों के ढ़ेर भी लगा रहे हैं जो गार्डन में बनी अव्यवस्थाओं की ओर इशारा कर रहे हैं। </p>
<p><strong>यातायात नियमों का बोर्ड भी खा रहा जंग</strong><br />याातायात नियमों की धज्जियां तो आए दिन उड़ती रहती है लेकिन चम्बल गार्डन के ट्रैफिक गार्डन में नगर निगम की और से बच्चों के लिए लगाए यातायात नियमों की जानकारी बोर्ड भी जंग खा रहे है। यातायात नियम बोर्ड से गायब है तो कई के नामों निशान मिट चुके है। सुबह की सैर और शाम को घूमने आने वाले लोगो को अब यह जंग खाते यातायात नियम बोर्ड मुंह चिढ़ाते नजर आते है।</p>
<p><strong>ये है ट्रेफिक गार्डन का इतिहास</strong><br />ट्रैफिक पार्क, प्रसिद्ध चंबल गार्डन के बगल में स्थित एक और शानदार पार्क  है जो कोटा और बाहरी लोगों को उनके पिकनिक समारोह के लिए आकर्षित करता है। पार्क मुख्य रूप से बच्चों के लिए मनोरंजन के साथ सीखने के उद्देश्य को पूरा करने के लिए बनाया गया था। लक्ष्मण झूला नामक एक फुट ओवर ब्रिज चंबल गार्डन और ट्रैफिक पार्क के दो उद्यानों को जोड़ता है। यह गार्डन 1990 में बनाया गया था और यह लगभग 16 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। </p>
<p><strong>इनका कहना हैं...</strong><br />पार्क में विकास के कुछ कार्य होने हैं जिनके बारे में संबंधित उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया  दिया गया हैं। <br /><strong>- रामलाल, उद्यान अधीक्षक। </strong></p>
<p>मैं लगभग 4 साल के बाद ट्रैफिक पार्क में आया हंू। उद्यान में कई चीजे टूटी हुई हैं। हालात पहले जैसे नहीं हैं। कोटा शहर में इतने कार्य हो रहे हैं लेकिन जनप्रतिनिधियों की नजर इस गार्डन की ओर नहीं जा रही है। <br /><strong>- विकास जैन। </strong></p>
<p>पूरे पार्क की हालात बिगाड़ कर रखी हुई है। सालों पहले जो चमक इस गार्डन की थी वो सब खत्म हो चुकी हैं। बच्चे इस बाग में आकर काफी खुश होते थे लेकिन अब उनको यहां लाकर क्या ये जंग खाए हवाई जहाज दिखाए। <br /><strong>- कौशल कुमार शर्मा। </strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 12 Jun 2023 15:16:16 +0530</pubDate>
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                <title>टूटे झूले व कचरे का ढेर, कैसे करें पार्क में सैर</title>
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                        <![CDATA[ पार्क में गंदगी के ढेर व टूटे झूलों को देखकर लोगों को निराश होना पड़ रहा है। पार्क में जिस तरह की दुर्दशा है उसे देखकर लोगों का कहना है कि यहां आने का मन ही नहीं है।  ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/broken-swing-and-pile-of-garbage--how-to-take-a-walk-in-the-park/article-33120"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-12/tute-jhoole-kachre-ka-dher,-kaise-kare-par-mei-sair...kota-news..23.12.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । शहर के पॉश इलाके का पार्क। उस पार्क में गिनती के झूले। उनमें भी अधिकतर झूले टूटे हुए। गंदगी के ढेर से उठती दुर्गंध और उससे बीमारी का खतरा। यह हालत है स्टेशन रोड स्थित नेहरु  पार्क की।  देश के पहले प्रधानमंत्री और बच्चों के प्रिय चाचा पंडित जवाहर लाल नेहरु के नाम से बने नेहरु पार्क में जहां सिविल लाइंस समेत आस-पास के लोग परिवार समेत बच्चों को घुमाने आते हैं। पार्क में बच्चों को सबसे अधिक पसंद झूले होते हैं और लोग वहां शुद्ध हवा का आनंद लेते हैं। लेकिन हालत यह है कि उस महान व्यक्ति के नाम पर बने इस पार्क की हालत इतनी अधिक खराब हो रही है कि यहां लोग आ तो जाते हैं। लेकिन एक बार आने के बाद दोबारा आने की सोचते भी नहीं हैं। इसका कारण यह पार्क अनदेखी का शिकार हो रहा है। जिससे पार्क में हर तरफ दुर्दशा दिखाई दे रही है। </p>
<p><strong>लोगों की पीड़ा</strong><br />पार्क में बच्चों को घुमाने आई आशा शर्मा ने बताया कि पार्क में बच्चों को झूला झुलाने के लिए लाई थी। लेकिन यहां अधिकतर झूले टूटे हुए हैं। फिसल पट्टी पर इतना बड़ा गड्ढ़ा हो रहा है कि उसमें बच्चे झूल नहीं सकते। यदि कोई गलती से प्रयास भी करेगा तो उसके गिरने व चोटिल होने का खतरा है। इसी तरह से छोटे बच्चों के अन्य झृले भी टूटे हुए हैं।  पार्क में आए राधेश्याम महावर ने बताया कि पार्क में जगह-जगह पर कचरे के ढेर लगे हुए हैं।  फव्वारे तो बंद हैं ही। साथ ही उस पानी में गंदगी जमा है। जिसमें मच्धर पनप रहे हैं। ऐसे में उस महापुरुष के नाम के पार्क की दुर्दशा तो हो ही रही है। साथ ही लोगों के लिए दुर्गंध व बीमारी का कारण बन रहे हैं।  पार्क में आए करण सिंह ने बताया कि पार्क का  ट्रैेक ही जगह-जगह से टूटा हुआ है। जिससे उस पर आरास से सैर करने के लिए चलना तक मुश्किल हो रहा है। उसकी इंटर लोकिंग उखड़ी होने से हादसे का खतरा बना हुआ है।  सभी का कहना है कि पार्क में लोग सैर करने व बच्चों को झूले झुलाने के लिए आते हैं। लेकिन इस पार्क में गंदगी के ढेर व टूटे झूलों को देखकर लोगों को निराश होना पड़ रहा है। इधर नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि पार्क में रोजाना सफाई तो होती है। फिर भी यदि कचरे का ढेर लगा हुआ है तो उसे साफ करवा दिया जाएगा। टूटे झूलों को सही करवाया जाएगा। यदि कहीं ट्रैक टूटा हुआ है तो उसे भी जल्दी ही ठीक करवा दिया जाएगा। </p>
<p><strong>अवकाश में अधिक लोग आएंगे घूमने</strong><br />शीतकालीन अवकाश लगने वाले हैं। ऐसे में बच्चे अपने परिवार के साथ आस-पास के पार्को में घूमने जाएंगे। स्टेशन मेन रोट पर होने से इस पार्क में भी बड़ी संख्या में लोग घूमने आएंगे। इतना ही नहीं सिविल लाइंस क्षेत्र में होने से इस पार्क में आस-पास रहने वाले सरकारी अधिकारी और उनके परिजन भी घूमने जाते हैं। शीत कालीन अवकाश में यहां अधिक लोग आएंगे। लेकिन उस पार्क में जिस तरह की दुर्दशा है उसे देखकर लोगों का कहना है कि यहां आने का मन ही नहीं है।  </p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 23 Dec 2022 16:15:18 +0530</pubDate>
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                <title>टूटे झूले, बंद फव्वारे बिगाड़ रहे चंबल गार्डन का सौन्दर्य</title>
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                        <![CDATA[कोटा शहर के फेमस चंबल नदी के किनारे बने चंबल गार्डन में अवस्थाओं का आलम है। गार्डन में काफी लंबे समय से फव्वारे बंद है। झूले टूटे हुए लटक रहे हैं और लाइट भी बंद है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/broken-swings--closed-fountains-spoiling-the-beauty-of-chambal-garden/article-13593"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/tute-jhule-bandh-fountain-chambal-garden.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। प्री मानसून की बरसात होते ही शहर के ग्रीन पार्क, गार्डन व पिकनिक स्पॉट लोगों की भीड़ से लबालब होने लगे हैं। लेकिन कोटा शहर के फेमस चंबल नदी के किनारे बने चंबल गार्डन में अवस्थाओं का आलम है। गार्डन में काफी लंबे समय से फव्वारे बंद है। झूले टूटे हुए लटक रहे हैं और लाइट भी बंद है। गार्डन की डिग्गी में पानी तक सूख चुका है। पार्क में लगे लाइट बॉक्स से बिजली के नंगे तार निकल चुके हंै और लावारिस पशुओं की भरमार है। ये सब पार्क की दुर्दशा को बयां करते हैं। पार्क में सुबह-शाम सैकड़ों की संख्या में लोग सैर करने आते हैं, लेकिन उसकी बदहाली देखकर उदास हो जाते हैं। सुविधाएं न होने से बच्चों को निराशा ही हाथ लगती है।<br /><br /><strong>लटक रहे हैं टूटे झूले</strong><br />चम्बल गार्डन के मनोरंजन जोन में लगे आधा दर्जन झूले टूट चुके है। प्रशासन ने झूलों को दुरुस्त करवाने की बजाए समेटकर बांध दिया गया है। इससे भी अहम यह है कि कई जगह तो झूले इस तरह से टूटे हैं कि इनकी वजह से गंभीर हादसे हो सकते हैं। झूलों में नुकीले लोहे की वस्तुएं लगी हुई है । बार-बार शिकायत करने के बाद विभाग इन्हें ठीक नहीं करवा रहा। ऐसे में पैरंट्स ने इन पार्कों में बच्चों को ले जाना ही लगभग बंद कर दिया है।<br /><br /><strong>डिग्गी की हालत खस्ताहाल</strong><br />गार्डन में बनाई गई पानी की बड़ी डिग्गी की हालत भी दयनिय हो चुकी है। इस डिग्गी के बाहर सुरक्षा के लिए लगाई गई लोहे की जाली उखड़कर टूट चुकी है। साथ ही लोहे के पोल भी डिग्गी के बाहर उखडकर गिरे हुए है। ऐसे में डिग्गी के पास जाने वाले लोगों व छोटे बच्चों का डिग्गी में गिरने का भी खतरा बना रहता है। इस डिग्गी की हालत अंदर से खस्ताहाल हो चुकी है और जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है। डिग्गी में कचरा व गंदगी जमा हो गई है, जिसकी वजह से यहां से बदबू आने लगी है। डिग्गी का पानी पूरी तरह से सूख चुका है।<br /><br /><strong>फव्वारे व लाइट बंद</strong><br />इसी गार्डन में घूमने आने वाले लोगों को लुभाने के लिए आकर्षक सुंदर प्रतिमा लगाकर सर्किल बनाया गया है। जिसमें कलर फुल लाइट व फव्वारे लगाए हुए हैं। ये फव्वारे व लाइट भी काफी लंबे समय से बंद है। सेल्फी लेने के लिए भी पार्क का यह मुख्य पॉइंट है, लेकिन उसकी मरम्मत तक नहीं हो पा रही। गार्डन में आने वाले लोगों को यह विहंगम दृश्य अपनी और आकर्षित तो करता है, लेकिन फव्वारे व लाइट बंद होने से चेहरे पर मायूसी छा जाती है। <br /><br /><strong>लाइट सप्लाई बॉक्स खुला</strong><br />झूलों के नजदीक लाइट बॉक्स भी खुला हुआ है। जिसकी तार भी बाहर निकल रहे है। बारिश का पानी भी इस लाइट बॉक्स में जाने से स्पार्किंग का खतरा बना रहता है। साथ ही छोटे बच्चे इस लाइट  बॉक्स के पास ही खेलते रहते है। बिजली के इस खुले बॉक्स से बड़ी घटना होने का अंदेशा बना रहता है। इससे बिजली के पोल में करंट आने आने की संभावना रहती है। <br /><br /><strong>इनका कहना है</strong><br /> चंबल गार्डन में अभी झूले ठीक करवाए गए थे। जो भी खराब या टूटे हुए झूले है उनको  जल्द ठीक करवा दिया जाएगा। पार्क में फव्वारे व लाइट बंद होने की सूचना अभी मिली है इनको भी ठीक करवा दिया जाएगा। <br /><strong>- ए क्यू कुरैशी, उद्यान प्रभारी नगर निगम कोटा दक्षिण</strong></p>]]>
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                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 04 Jul 2022 16:20:56 +0530</pubDate>
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