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                <title>plaster - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>पुलिस चौकी : कही प्लास्टर उखड़ा तो कही गिरेगा छज्जा</title>
                                    <description><![CDATA[पुलिस चौकी से आसपास सटे हुए मकानों में रहने वाले कस्बेवासियों को हादसे का भय बना रहता है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/police-post--plaster-is-peeling-off-somewhere-and-balcony-will-fall-somewhere/article-122200"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/1ne1ws-(7)1.png" alt=""></a><br /><p>खानपुर। खानपुर कस्बे के अंदर पुराने भवन में स्थित पुलिस चौकी जर्जर हालत में है। यह अभी इतनी जर्जर अवस्था में है कि कभी गिर सकती है। यहां पर आसपास कस्बेवासी व छोटे बच्चे पुलिस चौकी के सामने से निकलते है और कभी कभी सड़क पर साइकिल चलाते है और खेलते है । इन बच्चों के साथ कभी भी दुर्घटना हो सकती है। यह जर्जर इमारत कभी भी गिर सकती है। बिल्डिंग के ऊपर की मंजिल का छज्जा तो बिल्कुल झुक गया है जो आज और कल में कभी भी गिर सकता है, जब से यह पुलिस चौकी बनी है तब से इसकी कोई मरम्मत नहीं हुई है। पुलिस चौकी के अंदर एक छोटा सा गणेश मंदिर भी है जिसमें कभी-कभी कोई पूजा करने आते हैं तो उनके साथ भी दुर्घटना हो सकती है। पुलिस चौकी से आसपास सटे हुए मकानों में रहने वाले कस्बेवासियों को हादसे का भय सताता रहता है। अभी झालावाड़ जिले में खानपुर क्षेत्र में लगातार मूसलाधार बारिश के कारण बड़े-बड़े पक्के मकान गिर गए तो यह पुरानी पुलिस चौकी क्या है, यह जर्जर इमारत कभी भी गिर सकती है और बड़ा हादसा हो सकता है। इस हादसे से बचने के कस्बेवासियों ने मांग की है कि जल्द से जल्द इस जर्जर पुलिस चौकी इमारत की मरम्मत करवाई जाए। </p>
<p> यह पुलिस चौकी काफी सालों पुरानी है। यह इतनी जर्जर अवस्था में पहुंच चुकी है कि इस मूसलाधार बारिश में कभी भी गिरने का खतरा बना हुआ है, अत: कृपया इस पर ध्यान दे। <br /><strong> -बंटी गौतम, कस्बेवासी </strong></p>
<p>इस पुलिस चौकी को बने हुए तो काफी समय हो गया है। इसकी कोई पुताई होती है ना ही कोई मरम्मत । जिस कारण कस्बेवासियों में भय का माहौल है। यह बिल्डिंग कभी गिर सकती है । <br /><strong>-हेमेंद्र बना, कस्बेवासी</strong></p>
<p>पुरानी पुलिस चौकी वास्तव में काफी जर्जर हालत में है। अभी बारिश के मौसम में जर्जर इमारतों में हादसों को भय बना रहता है। <br /><strong>- मुकेश मालव, कस्बेवासी</strong></p>
<p>पुलिस चौकी के सामने से कस्बेवासी निकलते है तो जर्जर इमरात गिरने का भय बना रहता हैजल्द जल्द समस्या का समाधान करें <br /><strong>- राधे, कस्बेवासी</strong></p>
<p>मेरा मकान भी पुलिस चौकी के नजदीक है और मेरे एक छोटी सी किराने की दुकान है, यहां पर ग्राहक सामान लेने आते हैं वह जाते हैं कभी कबार उनको परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ग्राहकों को भी दुर्घटना का भय बना रहता है। इस जर्जर इमारत की मरम्मत की जाए।<br /><strong>-गिरधर लक्षकार, कस्बेवासी </strong></p>
<p>आसपास के मोहल्ले वासियों में डर बना हुआ है कि यह जर्जर पुलिस चौकी इमारत से कोई हादसा न हो जाए। इसकी मरम्मत करवाई जाए। <br /><strong>-केशव लक्षकार, कस्बेवासी  </strong></p>
<p>इस इमारत को लेकर अभी बजट पास नहीं हुआ है जैसे ही बजट पास होगा, तुरंत कार्य करवा दिया जाएगा। <br /><strong>- रजत विजयवर्गीय, उपखंड अधिकारी खानपुर</strong></p>
<p>पुलिस चौकी की जर्जर हालत को देखते हुए कार्यवाही की जाएगी और इसकी मरम्मत की जाएगी। <br /><strong>-पुखराज मीणा नगर पालिका आयुक्त खानपुर</strong></p>
<p>पुलिस चौकी पर हमने कस्बे की कानून व्यवस्था के लिए ड्यूटी तैनात कर रखी है अभी इसी में काम चल रहा है, जैसे ही नई बनेगी, वहां पर स्टाफ बढ़ा दिया जाएगा। <br /><strong>-रविंद्र सिंह थाना अधिकारी खानपुर</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 31 Jul 2025 17:47:01 +0530</pubDate>
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                <title>पछाड़ में सरकारी जनजातीय छात्रावास की हालत दयनीय, खतरे में 40 छात्राओं का जीवन </title>
                                    <description><![CDATA[दैनिक नवज्योति की टीम जब मौके पर पहुंची, तो देखा कि छात्रावास की छतें बुरी तरह से चटक चुकी थीं। दीवारें झुक चुकी थीं और प्लास्टर जगह-जगह से झड़ रहा था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/the-condition-of-the-government-tribal-hostel-in-pachhad-is-pathetic/article-114655"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/rtrer-(3)35.png" alt=""></a><br /><p>छीपाबड़ौद।  राजकीय जनजातीय बालिका छात्रावास पछाड़ का भवन सरकारी रिकॉर्ड में तो दर्ज है, लेकिन जमीनी हकीकत में यह भवन किसी मौत के फंदे से कम नहीं है।  दैनिक नवज्योति की टीम जब मौके पर पहुंची, तो देखा कि छात्रावास की छतें बुरी तरह से चटक चुकी थीं। दीवारें झुक चुकी थीं और प्लास्टर जगह-जगह से झड़ रहा था। बारिश में यह इमारत टपकती नहीं, बहने लगती है। इस इमारत में करीब 40 आदिवासी छात्राएं रह रही हैं। जिनके माता-पिता ने अपने बच्चों का भविष्य संवारने के लिए उन्हें यहां भेजा, लेकिन वे यह नहीं जानते कि यह छात्रावास अब बच्चियों के लिए खतरे की जगह से कम नहीं है। </p>
<p><strong> सरकारी संवेदनहीनता का नमूना</strong><br /> यह भवन वर्ष 2017 में बना था, लेकिन मात्र 8 वर्षों में इसकी हालत कबाड़ से भी बदतर हो गई है। सवाल यह उठता है कि क्या सरकार और प्रशासन को दिखाई नहीं दे रहा? या फिर जान-बूझकर नजरें फेर ली गई हैं? 5 वर्षों से भवन की हालत बद से बदतर होती जा रही है, लेकिन न तो मरम्मत हुई, न निरीक्षण, और न ही कोई कार्यवाही। सरकार के नारे  'बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ इस इमारत के नीचे दम तोड़ रही है। सीलन भरे कमरों में फर्श उखड़ा पड़ा है, छतों से चूने का पानी टपक रहा है और दीवारों में दरारें ऐसी कि आंखों के सामने मौत खड़ी दिखे।</p>
<p><strong> माता-पिता ने बच्चों के नाम हटवाए </strong><br />स्थिति इतनी भयावह है कि कई अभिभावकों ने अपनी बच्चियों को छात्रावास से निकाल लिया है। माता-पिता का कहना है कि हम बच्चों को पढ़ाने भेजते हैं, लेकिन वहां तो जान पर बन आती है। अगर कोई हादसा हो गया तो कौन जिम्मेदार होगा?"</p>
<p><strong>सरकारी दावों की खुली पोल, नारों से नहीं बदलती जमीनी सच्चाई</strong><br />छात्रावास की ये हालत दिखाती है कि ग्रामीण बालिकाओं की शिक्षा सरकार की प्राथमिकता में कहीं नहीं है। हर वर्ष करोड़ों के बजट पास होते हैं, लेकिन जब धरातल पर देखा जाए तो हालात ऐसे हैं कि बच्चियों की जान सांसत में है।</p>
<p>छात्रावास की हालत भयावह है। उच्चाधिकारियों को लिखित व मौखिक रूप से सूचित किया जा चुका है।<br /><strong>- ममता गौतम, वार्डन </strong><br />   <br />यह बालिकाओं के जीवन से सीधा खिलवाड़ है। सरकार ने आंखें मूंद रखी हैं। अगर किसी बच्ची की जान गई तो इसका पूरा दोष प्रशासन पर होगा।<br /><strong>- मूलचंद शर्मा, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष </strong></p>
<p>मेरे कार्यकाल में छात्रावास की स्थिति ठीक थी, हमने समय-समय पर निरीक्षण कर सुझाव भी दिए थे। अब जो हालत दिख रही है, वह बेहद चिंताजनक है। यदि समय रहते रखरखाव में लापरवाही न बरती जाती, तो ये स्थिति नहीं बनती। मैं मांग करता हूं कि इसकी निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। बच्चियों की सुरक्षा से समझौता नहीं होना चाहिए। <br /><strong> - प्रेमसिंह मीणा, पूर्व ब्लॉक शिक्षा अधिकारी।    </strong></p>
<p> हमने सोचा था कि बच्ची छात्रावास में रहकर पढ़ाई करेगी और भविष्य संवार पाएगी, लेकिन अब तो रोज उसकी चिंता लगी रहती है। दीवारें गिरने जैसी हालत हैं, छत टपकती है, और रात को बच्चियां डर के साए में सोती हैं। <br /><strong>  - रामकिशन, अभिभावक </strong><br />    <br />समस्या के समाधान को लेकर पत्र भेज चुके हैं। जल्द टेंडर प्रक्रिया करवा दी जाएगी।<br /><strong>- जब्बर सिंह, एडीएम</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 19 May 2025 18:22:05 +0530</pubDate>
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                <title>शॉपिग सेंटर पीएचसी छत से गिर रहा प्लास्टर, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा</title>
                                    <description><![CDATA[शहर के शॉपिंग सेंटर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की बरसों से भवन की मरम्मत नहीं होने से छतों से प्लास्टर गिर रहा है। वहीं बारिश शुरू होने के साथ छत से जगह जगह पानी टपक रहा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/plaster-falling-from-shopping-center-phc-ceiling--there-can-be-a-big-accident-anytime/article-13595"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/shopping-center-phc-plaster-gir-raha.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । शहर में लोगों बेहतर स्वास्थ्य सेवाए देने के लिए शहर के विभिन्न स्थानों पर प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खोल रखे हैं जिससे मरीजों को बडे अस्पताल तक जाने की दौड़ बच जाए लेकिन शहर के अधिकांश पीएचसी पर प्राथमिक उपचार की ही सुविधा है। अस्पतालों के भवनों की खस्ताहाल हालत पर विभाग का ध्यान नहीं है जिससे मरीजों की जान जोखिम में पड़ी हुई है। शहर के शॉपिंग सेंटर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की बरसों से भवन की मरम्मत नहीं होने से छतों से प्लास्टर गिर रहा है। वहीं बारिश शुरू होने के साथ छत से जगह जगह पानी टपक रहा है। गंदे पानी की निकासी के चेंबर नहीं होने से सारा पानी अस्पताल परिसर में जमा हो रहा जिससे मरीजों को अस्पताल में पहुंचने में भी परेशानी होरही है। अस्पताल की मरम्मत से लेकर सुविधा बढ़ाने के लिए कई बार सीएमएचओं से लेकर जनप्रतिनिधियों तक अस्पताल प्रभारी ने गुहार लगा दी लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। हर बार आश्वासन का झुनझुना देकर इतिश्री कर ली जाती है। <br /><br /><strong>टीकाकरण केंद्र कक्ष में गिर रहा प्लास्टर</strong><br />शॉपिंग सेंटर अस्पताल के टीकाकरण केंद्र कक्ष छत का जगह-जगह से प्लास्टर गिर रहा है। ऐसे में कभी बड़ा हादसा होने का अंदेशा सदैव बना रहता है। इस कक्ष में गर्भवती महिलाओं, बच्चों व कोविड वैक्सीन लगाई जाती है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज यहां आते है। बारिश के चलते इन दिनों छत आए दिन प्लास्टर गिर रहा है। ये तो गनिमत रहती है अभी तक प्लास्टर किसी मरीज के सिर पर नहीं गिरा नहीं हो बड़ी दुर्घटना हो जाती। <br /><br /><strong>जहां जांच होती वहीं फैल रहा फंगस</strong> <br />शॉपिग सेंटर अस्पताल के लेब में चहुंओर दीवारों पर सीलन आ रही है। छत से पानी टपक रहा है। दीवारों पर ब्लैक फंगस लगी हुई है। ऐसे में लेब जांच से ज्यादा संक्रमण दे रही है। चहुंओर सीलन की बदबू से यहां काम करने वाले लेब टेक्नीशियन परेशान रहते है। इसके अलावा अस्पताल के इंग्जेक्शन रूम में भी सीलन और पानी टपक रहा है। नि:शुल्क दवा केंद्र की छत से प्लास्टर गिर रहा है। <br /><br /><strong> निकासी नहीं होने से अस्पताल में भरा पानी</strong> <br />अस्पताल परिसर में पानी बारिश की पानी निकासी के लिए चेंबर नहीं बना रखा जिससे पानी अस्पताल परिसर में ही फैलता है। अस्पताल के मुख्य गेट पर चेंबर नहीं होने से यहां लोहे की सीढ़ी लगा रखी उस पर चढ़कर मरीज अस्पताल में पहुंच रहे है। <br /><br />अस्पताल की मरम्मत कराने के लिए सीएमएचओ को कई बार पत्र लिखा और मौखिक भी अवगत कराया। उन्होंने विज्ञान नगर सीएचसी के बजट से अस्पताल की मरम्मत कराने का आश्वासन दिया लेकिन आज तक मरम्मत नहीं हो सकी। जन सहयोग से अस्ताल में पुताई कराई लेकिन बारिश से छत टपक रही है। प्लास्टर गिर रहा है। अस्पताल में पानी की निकासी के लिए कोई चेंबर नहीं होने से सारा पानी अस्पताल परिसर में जमा हो रहा है। <br /><strong>-डॉ. निधी सक्सेना, अस्पताल प्रभारी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 04 Jul 2022 16:16:46 +0530</pubDate>
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